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ब्लोटिंग से परेशान हैं? 21 दिन का चैलेंज पूरा कर नेहा धूपिया ने शेयर किया आसान घरेलू नुस्खा

मुंबई बॉलीवुड अभिनेत्री नेहा धूपिया, 21 दिनों की एंटी-इंफ्लेमेटरी चैलेंज के ज़रिए हज़ारों लोगों को हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने के लिए प्रेरित करने के बाद एक बार फिर अपने वेलनेस मंत्र के साथ वापस आई हैं। नेहा इस बार वह आधुनिक जीवन की एक आम समस्या ब्लोटिंग और खराब पाचन का आसान और पारंपरिक समाधान साझा कर रही हैं।सस्टेनेबल और बिना झंझट वाली फिटनेस में विश्वास रखने वाली नेहा ने अपना नाइट-टाइम देसी ड्रिंक बताया, जिसे वह लंबे और थकाऊ दिनों के बाद पेट को शांत करने, ब्लोटिंग कम करने और बेहतर नींद के लिए अपनाती हैं। नेहा ने इसे अपना “वार्म और फज़ी” बेडटाइम रिचुअल बताते हुए साझा किया कि यह साधारण सा नुस्खा उनकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। नेहा ने रील में कहा, “यह सच में मेरा नाइट-टाइम ड्रिंक है। यह ब्लोटिंग कम करने, पाचन सुधारने और अच्छी नींद में मदद करता है,” और इस बात पर ज़ोर दिया कि छोटी लेकिन नियमित आदतें ओवरऑल हेल्थ में बड़ा बदलाव ला सकती हैं।भारतीय पारंपरिक ज्ञान से जुड़ा यह ड्रिंक सौंफ, अजवाइन, जीरा, ताज़ा कटा हुआ अदरक और नींबू की कुछ बूंदों से तैयार किया जाता है। इन सभी चीज़ों को पानी में उबालकर लगभग पाँच मिनट तक पकाया जाता है और फिर इसे गुनगुना पिया जाता है।” नेहा ने कहा, “बस इतना ही, आपका नाइट-टाइम एंटी-ब्लोटिंग ड्रिंक तैयार है। यह मेरे लिए जादू की तरह काम करता है। दिखने और स्वाद में भी अच्छा है।” नेहा ने इस नुस्खे का श्रेय अपनी न्यूट्रिशनिस्ट ऋचा गंगानी को दिया और अपने फॉलोअर्स को यह सलाह भी दी कि किसी भी नए रेमेडी को अपनाने से पहले डाइटिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट या डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें, क्योंकि वेलनेस हर व्यक्ति के लिए अलग होती है।क्विक फिक्स की बजाय माइंडफुल फिटनेस की समर्थक रहीं नेहा धूपिया का हेल्थ के प्रति संतुलित नजरिया आज भी लोगों से जुड़ता है। योग, फंक्शनल वर्कआउट्स, एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट और अब पेट के लिए फायदेमंद घरेलू नुस्खों के ज़रिए, नेहा यह साबित करती हैं कि आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में सबसे असरदार समाधान अक्सर सबसे सरल होते हैं।  

पंजाब में एलमोंट किड कफ सिरप पर लगा बैन

जीरकपुर. पंजाब में बच्चों के इलाज में इस्तेमाल होने वाले ‘एलमोंट किड कफ सिरप’ को घटिया गुणवत्ता का करार देते हुए फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) पंजाब, ड्रग्स विंग ने इसकी बिक्री, वितरण और उपयोग पर तत्काल प्रभाव से पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश डिप्टी ड्रग्स कंट्रोलर (I), सीडीएससीओ (ईस्ट ज़ोन) से प्राप्त जानकारी और सेंट्रल ड्रग्स लेबोरेटरी, कोलकाता की जांच रिपोर्ट के आधार पर जारी किया गया है। जांच रिपोर्ट के अनुसार एलमोंट-किड (लेवोसेटिरिज़िन डाइहाइड्रोक्लोराइड और मोंटेलुकास्ट सोडियम सिरप) के बैच नंबर AL-24002, निर्माण तिथि जनवरी 2025 और समाप्ति तिथि दिसंबर 2026 में गंभीर खामियां पाई गई हैं। यह दवा ट्राइड्स रेमेडीज, हाजीपुर (बिहार) द्वारा निर्मित है। लैब जांच के दौरान इस सिरप में एथिलीन ग्लाइकोल की मौजूदगी पाई गई, जिसे स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक माना जाता है और जो दवा को असुरक्षित बनाती है। विभाग द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि लोकहित को ध्यान में रखते हुए इस उत्पाद पर पंजाब राज्य में तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाता है। एफडीए पंजाब ने सभी रिटेलर, डिस्ट्रीब्यूटर, पंजीकृत मेडिकल प्रैक्टिशनर, अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे न तो इस सिरप की खरीद-फरोख्त करें और न ही किसी मरीज को इसकी खुराक दें। इसके साथ ही राज्य के सभी जिलों को अलर्ट करते हुए कहा गया है कि यदि कहीं भी इस दवा का स्टॉक पाया जाता है तो उसकी तत्काल सूचना ड्रग्स कंट्रोल, एफडीए पंजाब को दी जाए। सभी ड्रग कंट्रोल अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जहां भी यह सिरप उपलब्ध हो, उसे तुरंत जब्त कर सैंपल भरे जाएं और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाए। विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह आदेश पंजाब की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं, दवा लाइसेंस धारकों, मेडिकल स्टोरों और अस्पतालों को अमल के लिए भेज दिया गया है, ताकि घटिया गुणवत्ता वाली दवा से किसी भी प्रकार के नुकसान को समय रहते रोका जा सके।

दुनिया में अद्वितीय खिलाड़ी हार्दिक पांड्या, बिना उनके टीम अधूरी: आकाश चोपड़ा

नई दिल्ली पूर्व सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने हार्दिक पांड्या की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि इस ऑलराउंडर के बिना भारतीय टीम अधूरी है। भारत टी20 विश्व कप से पहले क्रिकेट के इस सबसे छोटे प्रारूप में न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैच की श्रृंखला खेलेगा। विश्व कप में भारत के खिताब बचाने के अभियान में हार्दिक की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। चोपड़ा ने जियो हॉटस्टार के एक कार्यक्रम में कहा कि भारतीय टीम में हार्दिक का कोई सानी नहीं है। उन्होंने कहा, ‘हार्दिक पांड्या के बिना भारतीय टीम अधूरी है। पूरी दुनिया में हार्दिक जैसा कोई दूसरा खिलाड़ी नहीं है। बल्ले और गेंद से वह जो कर दिखाते हैं, वैसा भारत में कोई और नहीं कर सकता।’ चोपड़ा ने कहा, ‘भारत भले ही अंतिम एकादश में वरुण चक्रवर्ती या कुलदीप यादव जैसे स्पिनर को शामिल करना चाहें, लेकिन फिर भी आपको नंबर आठ पर एक बल्लेबाज की भी जरूरत होगी। आप सब कुछ हासिल नहीं कर सकते। आप 12 खिलाड़ी मैदान पर नहीं उतार सकते।’ आकाश ने कहा, ‘केवल हार्दिक ही ऐसा कर सकते हैं। वह नई गेंद से गेंदबाजी करके प्रभाव डाल सकते हैं और डेथ ओवरों में भी शानदार गेंदबाजी करते हैं। उन्होंने 2024 टी20 विश्व कप का आखिरी ओवर भी फेंका था जिसे भारत ने जीता था। इस तरह के कारनामे सिर्फ हार्दिक ही कर सकते हैं। उनके जैसा दूसरा कोई नहीं मिलेगा।’ चोपड़ा ने कहा कि चोट और खराब फॉर्म की चिंताओं के बीच भारत के लिए न्यूजीलैंड के खिलाफ श्रृंखला महत्वपूर्ण होगी ताकि टीम संयोजन को सही स्वरूप दिया जा सके। उन्होंने कहा, ‘न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की यह टी20 श्रृंखला सूर्यकुमार यादव और उनकी टीम के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। न्यूजीलैंड भी पूरी तैयारी के साथ आया है। वनडे श्रृंखला में उन्होंने कुछ खिलाड़ियों को विश्राम दिया था, लेकिन यहां उनकी टी20 विश्व कप के लिए चुनी गई टीम खेल रही है।'  

बच्ची से रेप के आरोपी का घर बुलडोजर से किया जमींदोज

रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बुधवार सुबह नाबालिग से रेप के आरोपी अब्दुल सज्जाद अंसारी के घर पर नगर निगम का बुलडोजर चला है. नगर निगम ने आरोपी के घर पर नोटिस चस्पा करते हुए सात दिनों के भीतर मकान से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे. जिसके बाद आज सुबह राजा तालाब के झंडा चौक स्थित घर पर बुलडोजर से आरोपी के घर को जमींदोज कर दिया गया है. इस कार्रवाई के दौरान पुलिस बल, प्रशासन की टीम और पार्षद मौजूद रहे. पार्षद कैलाश बेहरा ने कहा कि इन लोगों पर ऐसे ही कार्रवाई की जानी चाहिए. लोगों में भारी आक्रोश है. उन्होंने कहा कि अगर उनके वार्ड में कोई भी ऐसा कृत्य होता है तो उस पर ऐसे ही कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. रायपुर की महापौर मीनल चौबे कुछ दिन पहले आई थी. उन्होंने आरोपी की दुकान और घर को तोड़ने के साफ निर्देश दिए थे. बता दें कि जानकारी के अनुसार, सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मोहल्ले में आरोपी अब्दुल सज्जाद अंसारी की दुकान है, जहां वह चूड़ियां बेचता है. साथ ही वह चॉकलेट, नड्डा और मुर्रा भी बेचता था. आरोपी इन्हीं चीजों का लालच देकर 9 साल की बच्ची को अपने साथ रोज घर ले जाता था और पूरे कपड़े उतारकर गंदा काम करता था. आरोपी ने 7 जनवरी से 11 जनवरी के बीच मासूम के साथ कई बार दरिंदगी की.

मुख्यमंत्री ने 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन समारोह को किया संबोधित

लोकतंत्र की आत्मा हैं न्याय, समता व बंधुता: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री ने 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन समारोह को किया संबोधित “सीखो और सिखाओ” के मंच हैं ऐसे सम्मेलनः सीएम योगी ज्वलंत मुद्दों पर लगातार चर्चा-परिचर्चा चलाती है यूपी विधानसभा-परिषदः मुख्यमंत्री लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ में बुधवार को तीन दिवसीय 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश आए सभी अतिथियों का स्वागत किया और कहा कि विधायिका लोकतंत्र की आधारभूत इकाई है। संविधान संरक्षक के रूप में यह अपनी भूमिका का निर्वहन करते हुए देश में न केवल विधायी कार्यों के लिए रूपरेखा तैयार करती है, बल्कि यह समग्र विकास की कार्ययोजना का मंच भी होती है। संविधान के तीन शब्द (न्याय, समता और बंधुता) भारत के लोकतंत्र की आत्मा के रूप में काम करते हैं। न्याय कैसे प्राप्त होना है, इसका कानून विधायिका के मंच पर तैयार होता है। समतामूलक समाज की स्थापना में सरकार की योजनाएं योगदान दे सकें, उसकी कार्ययोजना का स्थल भी विधायिका का मंच बनता है। विधायिका बंधुता का उदाहरण प्रस्तुत करती है, जहां सहमति व असहमति के बीच भी संवाद के माध्यम से समन्वय होता है।  लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था देश में अत्यंत मजबूत  सीएम योगी ने कहा कि देश में लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था अत्यंत मजबूत है और यह दुनिया के लिए प्रेरणा है। सदन में जनप्रतिनिधि के माध्यम से अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति की आवाज मजबूती से सुनी जा सकती है और संसद इसकी प्रेरणा का केंद्रबिंदु है। उसके माध्यम से देश में योजनाएं बनती हैं। पांच बार लोकसभा सदस्य रहे योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संसद में रहकर सीखा कि सामान्य जीवन में सरकार की गतिविधियों, आपसी व्यवहार और नियम के अंतर्गत इन कार्यक्रमों को कैसे आगे बढ़ाया जा सकता है। विधान सभा-विधान परिषद केवल संसद के नियमों-परिनियमों का अवलोकन-प्रशिक्षण ले ले तो उसे अपने सदन संचालन में काफी आसानी होगी।  संसद के प्रति श्रद्धा का भाव हर भारतवासी का दायित्व  सीएम ने कहा कि सतीश महाना ने 2022 में विधानसभा अध्यक्ष का दायित्व संभाला तो मैंने उनसे कहा कि प्रश्नकाल में 20 तारांकित प्रश्न सूचीबद्ध होते हैं, लेकिन सवा घंटे के प्रश्नकाल में केवल दो-तीन सदस्य ही बोल पाते हैं। क्या हम भी इसे संसद की तर्ज पर आगे बढ़ा सकते हैं। इस पर उन्होंने तत्काल नियमावली में परिवर्तन किया। अब सवा घंटे में 20 तारांकित प्रश्न और हर प्रश्न के साथ दो-तीन अनुपूरक प्रश्न भी पूछ लिए जाते हैं। प्रश्न करने वाले और उत्तर देने वाले मंत्रीगण, दोनों पूरी तैयारी के साथ आते हैं। सदन में अधिक से अधिक जनप्रतिनिधियों की सहभागिता दिखती है। संसद हमारे लिए प्रेरणा बनी। हमारे पास सबसे बड़ी लोकतांत्रिक संस्था के रूप में संसद है। यदि हम कुछ कर रहे हैं तो संसद ही उसका आधार बनती है, उसके प्रति श्रद्धा हर भारतवासी का दायित्व है।  एक भाव-एक भंगिमा के साथ बोलता और सोचता है भारत सीएम योगी ने प्रधानमंत्री के वक्तव्य ‘भारत लोकतंत्र की जननी है’ का जिक्र किया, फिर कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी कहते थे कि ग्राम स्वराज की परिकल्पना को गांवों ने साकार किया। देश में रूपरंग, खानपान, वेशभूषा अलग हो सकते हैं, लेकिन पूरा भारत एक भाव-एक भंगिमा के साथ बोलता और सोचता है। उसकी आस्था एक होती है। संसद उस आस्था को जोड़ने का सबसे सशक्त माध्यम है। संसद को आदर्श के रूप में बढ़ाएंगे तो विधायिका और मजबूत-सशक्त होगी।  ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ पर 24 घंटे चली चर्चा के सहभागी बने 300 सदस्य सीएम योगी ने सम्मेलन में पारित हुए छह महत्वपूर्ण प्रस्तावों को अभिनंदनीय बताया और कहा कि प्रधानमंत्री ने आजादी के अमृत महोत्सव में आगामी 25 वर्ष की कार्ययोजना बनाने को कहा। ‘विजन 2047- विकसित भारत’ की परिकल्पना को साकार करने के संकल्प के साथ हम आगे बढ़े हैं। सीएम ने कहा कि ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश, आत्मनिर्भर भारत-आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ पर सत्तापक्ष व विपक्ष के 300 से अधिक सदस्य 24 घंटे तक चलने वाली चर्चा के सहभागी बने। चर्चा का शुभारंभ करने के बाद मैं कुछ देर बैठा रहा, फिर अन्य प्रशासकीय कार्यों व बैठकों के लिए जाना पड़ा। रात 11 बजे मैं फिर सदन में आया तो भी यहां बोलने की होड़ दिखी। बहुत अच्छे सुझाव आए। हर व्यक्ति के अनुभव का लाभ अत्यंत प्रभावी होता है। विधानसभा-परिषद में लोगों ने विकास के बारे में मुद्दों को रखा और विकसित भारत के लिए अपनी जिम्मेदारी का भी जिक्र किया। विकसित भारत केवल भारत सरकार, प्रधानमंत्री का ही कार्य नहीं है,  हम भी कैसे इस अभियान के सारथी-सिपाही बन सकते हैं, इस पर भी चर्चा हुई। पीठासीन अधिकारियों के इस सम्मेलन में भी इस प्रस्ताव को पारित करते हुए, प्रभावी ढंग से इसको आगे बढ़ाने के लक्ष्य के साथ विकसित भारत की परिकल्पना को साकार बनाने की दिशा में किए गए प्रयासों को सार्थक गति प्रदान की है।  सीएम ने 30 बैठकों के प्रस्ताव का किया स्वागत सीएम ने कहा कि यूपी में सदन की कार्यवाही की प्रशंसा की। कहा, यहां कार्यवाही अत्यंत सुगमता से चलती है। सीएम ने वर्ष में कम से कम 30 बैठकों का प्रस्ताव पारित किए जाने को भी सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि यह संसद और विधानसभा के लिए ही नहीं, बल्कि नगर निकायों, ग्राम पंचायतों, जिला पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों के लिए भी प्रेरणा है। जनता के द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधि विकास की धुरी बनते हैं। तकनीक के इस युग में हम खुद को पीछे नहीं छोड़ सकते। जब सरकार के सामने यह बात आई कि ई-विधान होना है तो हमने कहा कि तत्काल इसे लागू कीजिए। आज यूपी की विधानसभा-परिषद, कैबिनेट और बजट भी पेपरलेस है। सीएम ने कहा कि जनप्रतिनिधि भी तकनीक से अपडेट हों, उनके उचित प्रशिक्षण समेत सभी प्रस्ताव अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।  ज्वलंत मुद्दों पर लगातार चर्चा-परिचर्चा चलाती है यूपी विधानसभा-परिषद सीएम ने कहा कि यूपी विधानसभा ज्वलंत मुद्दों पर लगातार चर्चा-परिचर्चा चलाती है। स्थायी विकास लक्ष्यों (सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स) पर भी यहां लगातार 37-38 घंटे चर्चा हुई। उसके लक्ष्य निर्धारित हुए। मंत्रिमंडल, एडिशनल चीफ सेक्रेटरी के स्तर पर कमेटी गठित हुई, जो इन लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में कार्य कर रही है। 26 नवंबर, … Read more

ट्रंप की टैरिफ रणनीति के बीच भारत का मास्टरस्ट्रोक, मेगा डील होने के संकेत

 नई दिल्ली भारत की अर्थव्यवस्था (Indian Economy) ने अमेरिका की ओर से लगाए गए हाई टैरिफ के बावजूद अपना दमखम दिखाया है और आईएमएफ से लेकर वर्ल्ड बैंक तक दुनियाभर ने इसका लोहा माना है. देश दुनिया में सबसे तेजी से आगे बढ़ती हुई इकोनॉमी में बना हुआ है. भले ही डोनाल्ड ट्रंप अपने टैरिफ गेम (Trump Tariff Game) में उलझे हुए हैं और ताबड़तोड़ धमकियां दे रहे हैं, लेकिन दूसरी ओर भारत लगातार खेल करता जा रहा है.  बीते कुछ दिनों में ओमान से लेकर न्यूजीलैंड समेत अन्य कई ट्रेड डील करने के बाद अब भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच एफटीए (India-EU FTA) होने वाला है, जिसके सिग्नल खुद EU Chairman उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने दिए हैं और इसे सबसे बड़ी डील करार दिया है. उन्होंने अपने संबोधन में कहा है कि दावोस के बाद वे भारत का दौरा कर सकती हैं. 'ग्लोबल GDP का एक चौथाई हिस्सा कवर' दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मंच पर बोलते हुए यूरोपीय यूनियन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन (Ursula von der Leyen) ने संकेत दिया कि EU-India लंबे समय से रुके हुई फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी एफटीए को अंतिम रूप देने के करीब पहुंच रहे हैं. उर्सुला वॉन डेर ने इसे लेकर पॉजिटिव संकेत दिया कि ये डील दुनिया के दो सबसे बड़े बाजारों के बीच आर्थिक संबंधों को नया आकार दे सकती है. वॉन डेर लेयेन ने कहा, 'अभी बहुत काम करना बाकी है, लेकिन हम एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते की कगार पर हैं, कुछ लोग इसे अब तक की सबसे बड़ी Trade Deal कहते हैं. यह एक ऐसा समझौता होगा जो 2 अरब लोगों का बाजार बनाएगा, जो वैश्विक जीडीपी (Global GDP) का लगभग एक चौथाई हिस्सा होगा.' उन्होंने इसे यूरोपीय संघ के व्यापार संबंधों में विविधता लाने और जोखिम कम करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा बताया है.  भारत को मिलेगा 27 देशों का बाजार भारत के लिए यूरोपीय यूनियन के साथ ये व्यापार समझौता इसलिए भी अहम है, क्योंकि इसका संभावित दायरा बहुत व्यापक है. ब्रसेल्स के लिए, भारत उसकी चीन पर निर्भरता कम करने और रणनीतिक रूप से सहयोगी माने जाने वाले देशों के साथ संबंध मजबूत करने में एक बड़े पार्टनर के रूप में उभरा है. इस डील से भारत के लिए यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों वाले बाजार तक अधिक पहुंच बनेगा और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा. 2007 में शुरू हुई बातचीत अंतिम पड़ाव पर भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत साल 2007 से चल रही थी और ये लगातार एक दशक तक ठप पड़ी रही. हालांकि, तमाम राजनीतिक गतिविधियों में नए सिरे से सक्रियता आने के बाद 2022 में इसे फिर से शुरू किया गया था. तब से, India-EU Trade Deal को लेकर बात लगातार आगे बढ़ी है. जो महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों, डिजिटल शासन और आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती में सहयोग पर केंद्रित है. ट्रंप टैरिफ से दुनिया को डराने में लगे गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बीते साल 2025 की तरह से ही इस साल भी लगातार दुनिया को अपने टैरिफ से डराने में लगे हैं. उनके हालिया Tariff Attacks की बात करें, तो पहले उन्होंने ईरान के साथ व्यापारिक रिश्ते रखने वाले देशों पर 25% Tariff लगाने की धमकी दी, फिर ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के अपने प्लान में रोड़ा बन रहे 8 यूरोपीय देशों पर 10% टैरिफ की वॉर्निंग दे डाली, जो 1 फरवरी से लागू होने वाला है और इसे 1 जून से बढ़ाकर 25% किए जाने की बात भी कही है.  वहीं डोनाल्ड ट्रंप की सबसे ताजा धमकी की बात करें, तो उन्होंने फ्रांस की वाइन और शैम्पेन पर 200% टैरिफ (Trump 200% Tariff Warning) लगाने की नई धमकी दे डाली है. इसके बाद से दुनियाभर के शेयर बाजारों में हाहाकार मचा हुआ है. जापान से लेकर कोरिया तक के शेयर मार्केट क्रैश (Stock Market Crash) नजर आ रहे हैं. 

चांदी के बढ़ते दामों से व्यापार ठप होने की आशंका, कारोबारी और ग्राहक दोनों चिंतित

इंदौर   देश में चांदी और सोने के भाव में रिकॉर्डतोड़ वृद्धि हो रही है. बुधवार को चांदी 3 लाख 25 हजार किलो के भाव को पार कर गई. वहीं प्रति तोला सोना भी डेढ़ लाख के करीब पहुंच गया है. इन हालातों में अब बाजार में चांदी मिलना मुश्किल हो रही है. बड़े व्यवसायियों ने भी चांदी की खरीदी बिक्री से हाथ खींच लिए हैं. ग्राहक समझ नहीं पा रहे कि चांदी में इतनी ज्यादा चमक क्यों बढ़ गई है. इंदौर सराफा मार्केट की चमक फीकी दुनिया भर में चांदी की खरीदी में आ रही तेजी के चलते मध्य प्रदेश के सबसे बड़े इंदौर सराफा बाजार में भी चांदी 325000 के आंकड़े को पार कर गई. इंदौर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष हुकुम सोनी और मंत्री बसंत सोनी ने बताया "बढ़ती कीमतों के कारण कई शहरों में चांदी के व्यापार को लेकर विवाद हो रहे हैं, जो व्यापारी बड़े व्यापारियों से माल खरीद कर बेचने के लिए ले जा रहा है, बढ़ती कीमत के कारण उसे खरीदी की रकम चुकाना मुश्किल हो रहा है." कारीगर, ढलाई, पालिश करने वाले, डिजाइनर, पैकिंग मजदूरों की आजीविका पर असर चांदी के बढ़ते दामों ने सराफा बाजार में ऐसा भूचाल ला दिया है, जिसने 40 वर्षों का इतिहास तोड़ दिया। डेढ़ महीने के भीतर चांदी की कीमत दोगुणी होकर ऐसे स्तर पर पहुंच गई है, जिसकी कल्पना भी कारोबारियों ने नहीं की थी। 21 नवंबर को जहां चांदी का भाव एक लाख 52 हजार रुपये प्रति किलोग्राम था, 20 जनवरी तक तीन लाख 22 हजार रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंचा। यह उछाल सराफा उद्योग के लिए झटका है। अब बाजार में न खरीदार हैं, न विक्रेता। एक महीने से ठंडी पड़ी भट्ठियां, उम्मीद व आशंका के बीच फंसा सराफा उद्योग हालात ऐसे हो गए हैं कि दुकानें खुली तो हैं, लेकिन लेनदेन ठप है। इसी उथल-पुथल के बीच सराफा कारोबार को बड़ा झटका उस वक्त लगा, जब चार दर्जन व्यापारियों की करीब 2500 किलो चांदी लेकर 10 कारोबारी फरार हो गए। करोड़ों की चांदी डूबने की आशंका ने छोटे और मझोले व्यापारियों की नींद उड़ा दी है। लगातार बढ़ती कीमतों ने सराफा कारोबार से जुड़े एक लाख मजदूरों के रोजगार पर भी संकट ला दिया है। कारीगर, ढलाई करने वाले, पालिश करने वाले, डिजाइनर, पैकिंग मजदूरों के लेकर अन्य की आजीविका इसी पर निर्भर है। स्थिति यह है कि एक पायल बनाने में ही करीब 10 से 12 मजदूरों को रोजगार मिलता है। लेकिन जब पायल ही नहीं बनेगी, तो ये मजदूर क्या करेंगे। चांदी न मिलने पर गिलट की पायल का काम अर्जुनपुरा के रहने वाले कारीगर अजय बताते हैं कि चांदी की माल नहीं मिलने पर अब उन्होंने गिलट की पायल बनाने का काम शुरू किया है, लेकिन इसमें भी मजदूरी कम हो गई है। फिर भी परिवार के भरण पोषण को देखते हुए गिलट का काम ले लिया है।  मध्यम वर्ग से भी दूर हुई चांदी सराफा कारोबारी हुकुम सोनी का कहना है "बाजार में ग्राहकों पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है, क्योंकि अब मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए चांदी खरीदना भी मुश्किल हो गया है. क्योंकि सबसे छोटा चांदी का आइटम भी अब ₹2000 तक पहुंच गया है, जो आम आदमी की पहुंच से बाहर है. गुजरात के सूरत में इन्हीं हालातों के कारण कई व्यापारियों ने चांदी का धंधा बंद कर दिया. ऐसी स्थिति अब इंदौर सराफा बाजार में आ रही है कई व्यापारियों में व्यापार के दौरान टकराव हो रहे हैं." शादी के सीजन में भी खरीदने की हिम्मत नहीं शादी का सीजन होने के बाद भी लोग चांदी नहीं खरीद पा रहे हैं. ग्राहक आते हैं और रेट पूछकर वापस चले जाते हैं. उन्हें उम्मीद रहती है कि हो सकता है आगे चलकर चांदी के रेट कम हो जाएं. लेकिन जब वही ग्राहक फिर वापस खरीदारी करने आता है तो कम से कम वजन के आइटम्स के बारे में जानकारी लेता है. दूसरी तरफ, चांदी को गिरवी रखने वाले अब उसे उठाने के लिए आ रहे हैं. इसको लेकर भी विवाद सामने आ रहे हैं. चांदी के भाव कम होने की उम्मीद नहीं सोना-चांदी के जानकार बता रहे हैं कि चांदी का फंड एवं कोष विकसित करने के कारण भी दाम बढ़ रहे हैं, क्योंकि युद्ध के हालातो में चांदी और सोना निवेशकों के लिए भी सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है. चांदी उत्पादक देश पेरू में 23% चांदी का फंड है, जिसकी मात्रा 149000 टन है. इसी प्रकार चीन में 99000 टन और रूस में 70000 टन का चांदी कोष तैयार किया गया है. ऐसी स्थिति में चांदी के दाम कम होने की संभावना कम है.

नदियों की धारा, एक्सप्रेसवे की गति और हवाई उड़ानों के विस्तार से उत्तर प्रदेश बना मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी का नया मॉडल

यूपी दिवस विशेष जल-थल-गगन, उत्तर प्रदेश लिख रहा विकास की नई गाथा नदियों की धारा, एक्सप्रेसवे की गति और हवाई उड़ानों के विस्तार से उत्तर प्रदेश बना मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी का नया मॉडल पिछड़ेपन और सीमित संसाधनों वाले राज्य से उबरकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी बना देश के लिए मॉडल स्टेट विगत वर्षों में सड़क, रेल, जल और नभ, चारों साधन मिलकर बने यूपी की आर्थिक प्रगति की धुरी लखनऊ उत्तर प्रदेश का नाम आते ही कभी विशाल जनसंख्या, पिछड़ेपन और सीमित संसाधनों की चर्चा होती थी। लेकिन, आज वही उत्तर प्रदेश विश्व-स्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर, तेज कनेक्टिविटी और मजबूत लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम के दम पर भारत के विकास मानचित्र पर एक नई, सशक्त पहचान बना चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने पौने नौ वर्षों में केवल योजनाएं नहीं बनाईं, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारकर विकास का नया मॉडल प्रस्तुत किया, जहां सड़क, रेल, जल और नभ, चारों साधन मिलकर आर्थिक प्रगति की धुरी बन रहे हैं। उत्तर प्रदेश अब केवल जनसंख्या में बड़ा राज्य नहीं, बल्कि विकास, निवेश और कनेक्टिविटी में भी अग्रणी राज्य बन चुका है। विश्व-स्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर के सहारे उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में निर्णायक भूमिका निभा रहा है, जहां सड़कें गति देती हैं,  नदियां दिशा दिखाती हैं और हवाई मार्ग प्रदेश को विश्व से जोड़ते हैं। गंगा की धारा पर विकास की नई परिभाषा भारत में जलमार्ग परिवहन को नई दिशा देते हुए उत्तर प्रदेश ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। गंगा-भागीरथी-हुगली नदी प्रणाली पर विकसित राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (NW-1) देश की पहली अंतर्देशीय जलमार्ग परियोजना के रूप में सामने आया है। प्रयागराज से हल्दिया तक फैला यह जलमार्ग लगभग 1,620 किलोमीटर लंबा है, जिसमें से करीब 1,100 किलोमीटर का खंड उत्तर प्रदेश में पहले से ही क्रियाशील है। यह केवल एक परिवहन मार्ग नहीं, बल्कि उत्तर भारत के लिए जीवन-रेखा समान लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर बन चुका है। NW-1 के माध्यम से वाराणसी और प्रयागराज जैसे पारंपरिक व्यापारिक व निर्यात केंद्र अब सीधे कोलकाता और हल्दिया बंदरगाह से जुड़ गए हैं। इससे न केवल परिवहन लागत में कमी आई है, बल्कि समयबद्ध और पर्यावरण-अनुकूल लॉजिस्टिक्स को भी बढ़ावा मिला है। वाराणसी के अस्सी घाट व राजघाट जैसे टर्मिनल तथा प्रयागराज व गाजीपुर के फ्लोटिंग टर्मिनल यह दर्शाते हैं कि उत्तर प्रदेश अब जलमार्ग आधारित अर्थव्यवस्था में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स से उद्योगों को मिला बल उत्तर प्रदेश की औद्योगिक रणनीति का केंद्रबिंदु अब मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी बन चुका है। दादरी में विकसित किया जा रहा मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स हब और बोड़ाकी में प्रस्तावित मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब प्रदेश के औद्योगिक भविष्य की मजबूत नींव रख रहे हैं। इन हब्स के माध्यम से सड़क, रेल और जलमार्ग के बीच निर्बाध परिवहन संभव होगा, जिससे उद्योगों को कच्चे माल की आसान उपलब्धता और तैयार उत्पादों के त्वरित निर्यात की सुविधा मिलेगी। यह व्यवस्था उत्तर प्रदेश को मैन्युफैक्चरिंग और वेयरहाउसिंग का प्रमुख केंद्र बनाने में निर्णायक साबित हो रही है। एक्सप्रेसवे बने विकास की धमनियां उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे केवल सड़कें नहीं, बल्कि विकास की धमनियां बन चुके हैं। यमुना एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गोरखपुर लिंक, नोएडा-ग्रेटर नोएडा और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे ने प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों को राजधानी और औद्योगिक केंद्रों से जोड़ दिया है। देश का सबसे लंबा गंगा एक्सप्रेसवे भी जल्द शुरू होने वाला है। आज देश के 55 फीसदी एक्सप्रेसवे यूपी में हैं। इन एक्सप्रेसवेज के कारण जहां यात्रा समय में ऐतिहासिक कमी आई है, वहीं इनके किनारे नए औद्योगिक क्लस्टर, लॉजिस्टिक्स पार्क, मेडिकल हब और एजुकेशनल कॉरिडोर भी विकसित हो रहे हैं। वर्तमान में सात प्रमुख एक्सप्रेसवे संचालित हैं और पांच नए एक्सप्रेसवे निर्माणाधीन हैं, जबकि 10 एक्सप्रेसवे पर सर्वे जारी है। इनके पूर्ण होने के बाद उत्तर प्रदेश सर्वाधिक 22 एक्सप्रेसवे वाला देश का अग्रणी राज्य बन जाएगा, जो निवेशकों के लिए एक मजबूत संकेत है। हवाई कनेक्टिविटी: प्रदेश से विश्व तक उत्तर प्रदेश सरकार ने हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार को विकास का महत्वपूर्ण आधार बनाया है। आज प्रदेश में 16 घरेलू हवाई अड्डे संचालित हैं, जो छोटे और मध्यम शहरों को भी राष्ट्रीय हवाई नेटवर्क से जोड़ रहे हैं। लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या, कुशीनगर जैसे शहरों में संचालित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्रों को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित कर रहे हैं। गौतम बुद्ध नगर स्थित जेवर में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जो अपने निर्माण के अंतिम चरण में है, भविष्य में न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत का प्रमुख एविएशन हब बनने जा रहा है। लगभग 5,000 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित यह एयरपोर्ट प्रदेश की आर्थिक क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।   रेल, रैपिड और मेट्रो में नेतृत्व कर रहा प्रदेश लगभग 16 हजार किलोमीटर के विशाल रेल नेटवर्क के साथ उत्तर प्रदेश आज देश का सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क वाला राज्य बन चुका है, जो यात्रियों और माल परिवहन, दोनों के लिए मजबूत रीढ़ का काम कर रहा है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में भी प्रदेश ने उल्लेखनीय बढ़त हासिल की है। देश में सर्वाधिक शहरों में मेट्रो संचालन का गौरव आज उत्तर प्रदेश के पास है। लखनऊ, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, कानपुर व आगरा, पांच शहरों में मेट्रो सेवाएं उपलब्ध हैं। इसके साथ ही दिल्ली–मेरठ कॉरिडोर पर देश की पहली रैपिड रेल का संचालन शुरू हो चुका है और शीघ्र ही मेरठ में मेट्रो सेवा भी प्रारंभ होने जा रही है। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी और बरेली जैसे शहरों में मेट्रो परियोजनाओं का ग्राउंड-वर्क जारी है, जिन्हें चरणबद्ध रूप से शुरू करने की योजना है। इसके अतिरिक्त वाराणसी में देश की पहली शहरी रोप-वे सेवा का कार्य भी प्रगति पर है।  औद्योगिक ढांचे में नई ऊर्जा 2017 से पहले यूपी निवेश के नक्शे से बाहर था। लॉजिस्टिक्स हब और वेयरहाउसिंग की कोई स्पष्ट नीति नहीं थी। आज नोएडा एयरपोर्ट, फिल्म सिटी, डिफेंस कॉरिडोर, मेडिकल डिवाइस पार्क और डेटा सेंटर पार्क जैसे प्रोजेक्ट्स से यूपी निवेश और रोजगार का हब बनता जा रहा है। इसके अतिरिक्त लखनऊ में पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क, बरेली में मेगा फूड पार्क, उन्नाव में ट्रांस गंगा सिटी, गोरखपुर में प्लास्टिक पार्क, वाराणसी में पहला फ्रेट विलेज समेत कई परियोजनाएं यूपी के विकास को … Read more

उदयपुर में सवारियों से भरी जीप पलटने से 3 लोगों की मौत

उदयपुर. उदयपुर जिले के कोटड़ा थाना क्षेत्र के जोगीवड़ गांव में बुधवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां तेज रफ्तार जीप अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 17 जने गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। सूचना पर कोटड़ा पुलिस व 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायलों को कोटड़ा अस्पताल पहुंचाया गया। जानकारी के अनुसार, जीप बिलवन से सवारियां लेकर कोटड़ा आ रही थी। इसी दौरान जीप जोगीवड़ गांव से गुजर रही थी कि चालक का संतुलन बिगड़ गया और जीप पलट गई। हादसे की सूचना पर कोटड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को एंबुलेंस की मदद से कोटड़ा अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि 17 घायलों का उपचार जारी है। हादसे में घायल हुए लोगों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। मृतकों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने जीप को जब्त कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

AIADMK के पूर्व मंत्री का बड़ा कदम, MLA पद से इस्तीफा देकर DMK में शामिल

चेन्नई ओराथानाडु विधानसभा क्षेत्र के विधायक वैथिलिंगम ने आज सुबह अपने पद से इस्तीफा दे दिया और बाद में मुख्यमंत्री स्टालिन की मौजूदगी में डीएमके में शामिल हो गए. ओराथानाडु के विधायक वैथिलिंगम एआईएडीएमके (AIADMK) के ओ. पन्नीरसेल्वम (OPS) के समर्थक थे. उन्होंने आज अपने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने खुद अपना इस्तीफा विधानसभा स्पीकर अप्पावु को सौंपा. एआईएडीएमके के जनरल सेक्रेटरी एडप्पादी पलानीस्वामी ने साफ कहा था कि ओ. पन्नीरसेल्वम और उनके समर्थकों को पार्टी में दोबारा शामिल करने का कोई सवाल ही नहीं है. ओ. पन्नीरसेल्वम के समर्थक दूसरी पार्टियों में शामिल होते जा रहे हैं. इसी तरह कुछ हफ्ते पहले, ओ. पन्नीरसेल्वम के समर्थक विधायक मनोज पांडियन ने अपने विधायर पद से इस्तीफा दे दिया था और डीएमके में शामिल हो गए थे. कुछ दिन पहले, ओ. पन्नीरसेल्वम के पक्के समर्थक वकील सुब्बुराथिनम डीएमके में शामिल हो गए थे, और अब वैथिलिंगम ने अपने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया है. वह सीधे सेक्रेटेरिएट से अन्ना अरिवालयम यानी डीएमके हेडक्वार्टर गए और चीफ मिनिस्टर स्टालिन की मौजूदगी में डीएमके में शामिल हो गए. इस दौरान करूर डिस्ट्रिक डीएमके सेक्रेटरी सेंथिल बालाजी समेत डीएमके हेडक्वार्टर के ऑफिस के लोग मौजूद थे. तंजावुर, थिरुवरूर, नागपट्टिनम और त्रिची जैसे जिलों में वैथिलिंगम के असर को देखते हुए, उनका डीएमके में शामिल होना आने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए फायदेमंद माना जा रहा है. पिछले विधानसभा चुनाव में डीएमके ने तंजावुर समेत डेल्टा जिलों में पहले ही काफी सीटें जीती हैं, ऐसे में वैथिलिंगम के आने से डीएमके को और मजबूती मिलने की उम्मीद है. इस बीच, उम्मीद है कि वैथिलिंगम आने वाले असेंबली इलेक्शन में डीएमके के टिकट पर ओराथनडू सीट से फिर से चुनाव लड़ेंगे. वैथिलिंगम कौन हैं? तंजावुर जिले के रहने वाले है और उनका डेल्टा इलाके में एआईएडीएमके का एक जाना-माना चेहरा थे. उन्होंने 2001 में एआईएडीएमके सरकार के दौरान इंडस्ट्री मिनिस्टर के तौर पर काम किया. वह 2011 में भी एआईएडीएमके सरकार में मिनिस्टर बने रहे. 2016 के असेंबली इलेक्शन में हारने के बाद, वह उसी साल एआईएडीएमके पार्टी के कैंडिडेट के तौर पर राज्यसभा के लिए चुने गए. इसके बाद, 2021 के इलेक्शन में ओराथनडू सीट जीतने के बाद, उन्होंने अपनी राज्यसभा मेंबरशिप से इस्तीफा दे दिया.