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पर्यटन नगरी बनी मुसीबत नगरी: मनाली में 15 KM ट्रैफिक जाम, ठप हुई बिजली-पानी व्यवस्था

मनाली पिछले 48 घंटों में पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में हुई भारी बर्फबारी से हिमाचल प्रदेश में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मनाली के पास 15 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया है। बिजली और पानी सप्लाई डिस्टर्ब है। बड़ी संख्या में पर्यटक यहां फंसे हुए हैं। उन्हें गाड़ियों में ही रात बितानी पड़ी। हिमाचल प्रदेश में ताजा बर्फबारी ने लंबे समय से चले आ रहे सूखे को तो खत्म कर दिया, लेकिन इससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। खासकर शिमला और मनाली में बुरा हाल है। गणतंत्र दिवस के लंबे सप्ताहांत के दौरान फिसलन भरी सड़कों और भारी संख्या में पर्यटकों की आवाजाही के कारण भीषण ट्रैफिक जाम हो गया। 600 से अधिक पर्यटक फंसे मनाली के पास 600 से अधिक पर्यटक फंस गए। ट्रैफिक ठप होने से इनमें से कई को रात अपनी गाड़ियों में ही बितानी पड़ी। दिल्ली के एक पर्यटक अक्षय ने बताया कि हम तीन घंटे से अधिक समय तक ट्रैफिक जाम में फंसे रहे और फिर हमने पैदल चलकर मनाली जाने का फैसला किया, जो लगभग 7 किलोमीटर की दूरी थी। एक अन्य पर्यटक तृषा ने कहा कि हमें रात अपनी गाड़ी में ही बितानी पड़ी और हमने मैगी खाकर गुजारा किया क्योंकि हमारे पास अपना पोर्टेबल सिलेंडर था। 20 KM के लिए 10-15 हजार रुपए मांग रहे पब्लिक ट्रांसपोर्ट के बंद होने से पर्यटकों ने निजी टैक्सी चालकों पर अधिक किराया वसूलने का आरोप भी लगाया। दिल्ली के एक पर्यटक लक्षित ने बताया कि टैक्सी चालक मनाली और पटलीकुहाल के बीच 20 किलोमीटर की यात्रा के लिए 10000 से 15000 रुपए मांग रहे हैं। सैकड़ों सड़कें अवरुद्ध राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) के अनुसार, राज्य भर में दो राष्ट्रीय राजमार्गों- एनएच-3 (कोक्सर-दारचा) और एनएच-505 (ग्रामफू-बताल) सहित 683 सड़कें अवरुद्ध रहीं। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि बर्फ हटाने के लिए भारी मशीनरी तैनात की जा रही है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी इलाकों में सड़कों से बर्फ हटाने के लिए जेसीबी और पोक्लेन मशीनें लगातार लगी हुई हैं। ऊंचे इलाकों में 2.5 से 3 फीट तक बर्फ गिरी है, जबकि उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 4 फीट तक बर्फ दर्ज की गई है, जिससे सड़कों से बर्फ हटाने में समय लग रहा है। बिजली-पानी की आपूर्ति प्रभावित भारी बर्फबारी से बिजली और पानी की आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई। प्रभावित वितरण ट्रांसफार्मरों (डीटीआर) की संख्या बढ़कर 5775 हो गई, जबकि 126 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुईं। शिमला जिले के बड़े हिस्से में 30 घंटे से अधिक समय तक बिजली नहीं रही। कई ग्रामीण इलाकों में बिजली बहाल होने में पांच से छह दिन लग सकते हैं। 1200 से अधिक मार्गों पर बस सेवाएं निलंबित कर दी गईं। सबसे अधिक प्रभावित जिले सबसे अधिक प्रभावित जिलों में लाहौल-स्पीति, मंडी, चंबा, कुल्लू और सिरमौर शामिल हैं। अकेले लाहौल-स्पीति में ही 290 सड़कें अवरुद्ध हो गईं, जबकि कोक्सर-रोहतांग दर्रा, दरचा-सरचू और ग्रामफू-बताल जैसे महत्वपूर्ण रणनीतिक मार्ग बंद रहे। अटल सुरंग से होकर जाने वाला मनाली-लाहौल मार्ग भी बंद रहा। व्यवधानों के बावजूद पर्यटकों की संख्या में वृद्धि बाधाओं के बावजूद बर्फबारी के कारण पर्यटकों के आगमन में भारी वृद्धि हुई है। शिमला में होटलों की ऑक्यूपेंसी 70-80 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है। शिमला होटल्स एंड टूरिज्म स्टेकहोल्डर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहिंदर सेठ ने कहा कि पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, लेकिन लंबे समय तक बिजली कटौती चिंता का विषय बनी हुई है। हम पर्यटकों के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अपनी जेब से खर्च कर रहे हैं। मनाली में होटल मालिकों को उम्मीद है कि सड़कें खुलने के बाद ऑक्यूपेंसी 70 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी।

योगी कैबिनेट में बड़ा फेरबदल तय? अमित शाह ने दिग्गज नेताओं संग की मंथन बैठक

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस वक्त भारी हलचल है। राज्य कैबिनेट में फेरबदल और भाजपा संगठन में बड़े बदलावों की चर्चाओं के बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को लखनऊ में प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व के साथ एक महत्वपूर्ण बंद कमरे में बैठक की। अमित शाह 'यूपी दिवस' समारोह का उद्घाटन करने के बाद एयरपोर्ट रवाना होने से पहले पार्टी मुख्यालय रुके। लगभग 30 मिनट तक चली इस बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह मौजूद रहे।   पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस बैठक के जरिए शाह ने एक स्पष्ट संदेश दिया है कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में लगातार तीसरी बार जीत दर्ज करने के लिए सरकार और संगठन को पूरी तरह तालमेल बिठाकर काम करना होगा। अगले एक साल तक चुनावी मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को देखते हुए योगी कैबिनेट में फेरबदल की प्रबल संभावना है। इस फेरबदल का मुख्य उद्देश्य जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधना है। वर्तमान में मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष दोनों ही पूर्वी यूपी (गोरखपुर) से आते हैं। भाजपा नेतृत्व पश्चिमी यूपी और अन्य क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देकर इस असंतुलन को ठीक करना चाहता है। दिसंबर में पदभार संभालने वाले पंकज चौधरी को जल्द ही अपनी नई प्रदेश, क्षेत्रीय और जिला कमेटियों का गठन करना है। कैबिनेट और संगठन में जगह पाने की होड़ में दावेदार लखनऊ से लेकर दिल्ली तक के चक्कर लगा रहे हैं। बैठक में 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) अभियान पर भी चर्चा हुई। भाजपा के लिए चिंता का विषय यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरी जिलों में मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से कटे हैं। शहरी मतदाता भाजपा का मुख्य आधार माने जाते हैं, इसलिए दिल्ली स्थित केंद्रीय नेतृत्व इस डेटा को लेकर काफी गंभीर है।  

गणतंत्र दिवस पर 982 कर्मियों को मिलेगा वीरता और सेवा मेडल, CBI अधिकारी भी सम्मानित

नई दिल्ली गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर केंद्र सरकार ने गैलेंट्री अवॉर्ड और सेवा मेडल की घोषणा की है। इस बार पुलिस, फायर ब्रिगेड, होमगार्ड, सिविल डिफेंस और करेक्शनल सर्विस से जुड़े कुल 982 कर्मियों को उनके बेहतरीन काम के लिए सम्मानित किया जाएगा। इनमें 125 वीरता पदक शामिल हैं। सबसे ज्यादा 45 वीरता पदक जम्मू-कश्मीर में तैनात जवानों को मिले हैं। इसके बाद नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात 35 और पूर्वोत्तर भारत में तैनात 5 कर्मियों को वीरता पदक दिया गया है। फायर ब्रिगेड के 4 जवानों को भी जान जोखिम में डालकर किए गए काम के लिए यह सम्मान मिला है। आरजी कर केस की जांच करने वाले CBI अधिकारी को सम्मान इन 982 पुरस्कारों में 101 प्रेसिडेंट मेडल और 756 मेरिटोरियस सर्विस मेडल भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा 33 वीरता पदक जम्मू-कश्मीर पुलिस को मिले हैं। इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस को 31, उत्तर प्रदेश पुलिस को 18 और दिल्ली पुलिस को 14 मेडल दिए गए हैं। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में केवल CRPF को 12 वीरता पदक मिले हैं। वहीं CBI के 31 अधिकारियों को प्रेसिडेंट और मेरिटोरियस मेडल से सम्मानित किया गया है। इनमें आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप-मर्डर केस की जांच करने वाले CBI के जॉइंट डायरेक्टर वी. चंद्रशेखर भी शामिल हैं। उन्होंने इस हाई-प्रोफाइल केस की जांच में अहम भूमिका निभाई थी। किसे कितने मेडल मिले     125 वीरता पदक: 121 पुलिस कर्मी और 4 फायर ब्रिगेड कर्मी     101 प्रेसिडेंट मेडल: 89 पुलिस, 5 फायर ब्रिगेड, 3 सिविल डिफेंस/होमगार्ड और 4 करेक्शनल सर्विस     756 मेरिटोरियस सर्विस मेडल: 664 पुलिस, 34 फायर ब्रिगेड, 33 सिविल डिफेंस/होमगार्ड और 25 करेक्शनल सर्विस जानिए इन अवॉर्ड्स का मतलब वीरता पदक उन कर्मियों को दिया जाता है, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की जान-माल बचाई हो या अपराध रोकने में असाधारण साहस दिखाया हो। प्रेसिडेंट सेवा मेडल लंबे समय तक बेहतरीन और अनुकरणीय सेवा के लिए दिया जाता है। मेरिटोरियस सर्विस मेडल ईमानदारी और निष्ठा के साथ की गई उत्कृष्ट सेवा के लिए दिया जाता है।  

भागलपुर में सरस्वती विसर्जन के दौरान बमबाजी में 4 घायल

भागलपुर. लोदीपुर थानाक्षेत्र के गोहारियों गांव के वार्ड संख्या 14 में सरस्वती पूजा की मूर्ति विसर्जन शोभा के दौरान बमबाजी में चार लोग जख्मी हो गए। घटना शनिवार की देर रात तब घटी जब मंडल टोला के दो गुटों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। विवाद के दौरान जमकर मारपीट हुई। इसके बाद विवाद बढ़ा तो बमबाजी की घटना सामने आई। बमबाजी में चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। घायलों में नीरज कुमार उम्र 22 वर्ष, गौतम कुमार उम्र 25 वर्ष, मेघु मंडल उम्र 55 वर्ष और छोटू कुमार उम्र 18 वर्ष शामिल हैं। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई है। पुलिस गांव में कैंप कर रही है। डीजे बजाने को लेकर हुआ था विवाद जख्मी युवकों ने पुलिस को जानकारी दी है कि सरस्वती पूजा की मूर्ति विसर्जन के दौरान डीजे बजाया जा रहा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर दो गुटों के बीच विवाद हो गया, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। मारपीट होते देख डीजे चालक ने गाड़ी को पास में ही खड़ा कर दिया। इसके बाद चालक अपने भाई और चाचा के साथ घर जाने लगा। इसी क्रम में अचानक दो बार बम फेंका गया। बमबाजी की घटना में वह स्वयं, उसका भाई और उसके चाचा घायल हो गए। अचानक हुए दो धमाके से आसपास के लोग इधर-उधर भागने लगे। अफरातफरी जैसी स्थिति बन गई। भारी पुलिस बल तैनात घायलों में नीरज कुमार के एक पैर में बम के स्प्लिंटर लगने से गहरा जख्म हो गया है। गौतम कुमार के कमर में गंभीर चोट आई है। मेघु मंडल की कमर और पैर बुरी तरह झुलस गये हैं, जबकि छोटू कुमार का मुंह में जख्म लगा है। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां डॉक्टरों की निगरानी में इलाज चल रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव मायागंज अस्पताल पहुंचे और घायलों से मुलाकात कर उनका हालचाल लिया। उन्होंने चिकित्सकों से घायलों के इलाज की जानकारी ली और बेहतर इलाज करने का अनुरोध किया। घटना के बाद सिटी एसपी शैलेन्द्र सिंह, डीएसपी और लोदीपुर थानाध्यक्ष समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल गांव में कैंप कर हालात नियंत्रित कर लिया है। बमबाजी करने के आरोपितों का सत्यापन कर लिया गया है। उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की बात एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने कही है।

धीरेंद्र शास्त्री बोले- ‘हिंदुओं को चादर चढ़ाते देख पीड़ा होती है’

कोटा. कोटा में आयोजित श्रीराम कथा के दूसरे दिन बागेश्वर धाम के महंथ पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने बयानों से हलचल मचा दी। उन्होंने कहा कि मैं जब हिन्दू भाइयों को सिर पर रुमाल बांधने वालों के पास जाता देखता हूं तो बुरा लगता है। चमत्कारों के नाम पर धर्मांतरण नहीं होना चाहिए। बालाजी ने हमें सिद्धि दी है ताकि धर्म विरोधियों की ठठरी और गठरी बांधी जाए। इस भव्य कार्यक्रम में राजस्थान और मध्य प्रदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। शनिवार को करीब तीन लाख लोग मौजूद रहे। चमत्कार के नाम पर धर्मांतरण कराना गलत धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि चमत्कार के नाम पर धर्मांतरण कराना गलत है। हम जब हिंदुओं को चादर चढ़ाते देखते हैं तो बहुत बुरा लगता है। हम जब हिंदुओं को रुमाल वालों के पास जाते हुए देखते हैं तो बहुत बुरा लगता है। तब हमें लगता है कि बाला जी ने हमें इसीलिए सिद्धि दी है ताकि धर्म विरोधियों की ठठरी और गठरी बांधी जाए। चमत्कारों के नाम पर धर्मांतरण नहीं होना चाहिए। अपने बजरंग बली किसी से कम नहीं हैं। दूसरे मजहब के संतों को चुनौती धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हम हिंदुओं से प्रार्थना करते हैं कि अपने बजरंगबली किसी से कम नहीं हैं। ऐसी कोई गली नहीं, जहां बजरंगबली की चली नहीं… मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि सनातनियों को छोड़कर किसी भी मजहब के संतों में इतनी हिम्मत नहीं है कि वे बागेश्वर धाम सरकार का सामना कर लें। पैंट गीला कर दिया जाएगा। यह बात मैं अभिमान में नहीं बोल रहा हूं। मैं यह बात केवल हनुमान जी के भरोसे पर कह रहा हूं। पर्ची कार्यक्रम भी रखा शनिवार को कथा के दौरान पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने पर्ची कार्यक्रम भी रखा। इस दौरान उन्होंने चुनिंदा भक्तों की पर्ची खोली और उनके बारे में बताया। पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कथा सुनने के लिए रोजाना लाखों की संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। कोटा संभाग के कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ के अलावा राजस्थान के दूसरे जिलों के साथ ही मध्य प्रदेश के कई जिलों से भी लोग कथा सुनने पहुंच रहे हैं। रविवार को कई साधु संतों के आने की संभावना है।

रांची में गणतंत्र दिवस पर कल सुबह छह से रात 10 बजे तक रहेगी नो एंट्री

रांची. रांची में गणतंत्र दिवस के अवसर पर सोमवार को मोरहाबादी मैदान में भव्य तरीके से झंडोत्तोलन कार्यक्रम का आयोजन होगा। मोरहाबादी मैदान में होने जा रहे कार्यक्रम में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार झंडा फहराएंगे। आयोजन में आने वाले नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए प्रशासन ने पुख्ता व्यवस्था कर ली है। सड़कों पर जाम की स्थिति उत्पन्न नहीं हो, इसके लिए यातायात रूट में बदलाव कर दिया गया है। इसी के मद्देनजर सोमवार सुबह छह से रात 10 बजे तक शहर में बड़े वाहनों का प्रवेश नहीं हो सकेगा। वहीं, जो वाहन शहर में इंट्री करेंगे, उनका भी मार्ग निर्धारित कर दिया गया है। इसके अलावा मोरहाबादी मैदान में समारोह में शामिल होने वाले वीवीआईपी समेत अन्य लोगों के वाहनों की पार्किंग का स्थल भी प्रशासन ने निर्धारित कर दिया है। ऐसे पहुंचेंगे वीवीआईपी के वाहन समारोह स्थल ● राज्यपाल का कारकेड एटीआई मोड़ से सिदो-कान्हू पार्क मोड़, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि मोड़, राजकीय गेस्ट हाउस से बायें होकर वीवीआईपी प्रवेश द्वार से मंच तक आएगा। ● हाईकोर्ट से न्यायाधीश का वाहन एटीआई मोड़ से सिदो-कान्हू पार्क मोड़, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि मोड़, राजकीय गेस्ट हाउस से बायें मोड़कर वीवीआईपी प्रवेश द्वार तक आएगा। ● हाईकोर्ट से न्यायाधीश का वाहन एटीआई मोड़ से सिदो-कान्हू पार्क मोड़, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि मोड़, राजकीय गेस्ट हाउस से बायें मोड़कर वीवीआईपी प्रवेश द्वार तक आएगा। ● केंद्र और राज्य सरकार के पदाधिकारियों की गाड़ियां हॉटलिप्स चौक, एटीआई मोड़, रणधीर वर्मा चौक, उपायुक्त आवाज होते हुए कार्यक्रम स्थल तक जा सकेंगे। इन ड्रॉप गेट का रखें ध्यान ● डीसी आवास से मोरहाबादी मैदान के पास, मोरहाबादी सब्जी बाजार मोड़ के समीप ● स्टेट गेस्ट हाउस मोड़, आर्मी मैदान के पास, सिदो-कान्हू पार्क मोड़, हॉकी स्टेडियम के पास ● रजिस्ट्री ऑफिस के सामने मोरहाबादी मैदान मार्ग में ● बिजली ऑफिस के पास ट्रांसफार्मर मोड़ के समीप बड़े वाहन से शहर में आने वाले ध्यान दें ● कांके से रांची आने वाले वाहनों को बोड़ेया तक आने दिया जाएगा ● चाईपासा-खूंटी से आने वाली गाड़ियां बिरसा चौक तक आ सकेंगी ● गुमला-चाईबासा से आ रहे वाहन कटहल मोड़ तक ही इंट्री करेंगे ● जमशेदपुर से आने वाली गाड़ियां सदाबाहर चौक तक आ सकेंगी ● कांके होकर पतरातू से आने वाले वाहन लॉ यूनिवर्सिटी तक आएंगे ● बूटी मोड़ से कोकर जाने वाले वाहनों को बूटी मोड़ तक प्रवेश मिलेगा ● तिलता चौक से पिस्का मोड़ आ रहे वाहन पंडरा बाजार तक आ सकेंगे यहां पर होगी पार्किंग की व्यवस्था ● राज्यपाल और वीवीआईपी के वाहनों की पार्किंग मुख्य मंच के पीछे होगी ● अफसरों के वाहन मंच के पश्चिम नीलांबर-पितांबर पार्क के बगल में लगेंगे ● नारंगी पासयुक्त वाहनों की पार्किंग के लिए मुख्य मंच से पश्चिम में व्यवस्था ● हरा पासयुक्त वाहनों की पार्किंग बापू वाटिका के सामने बने पार्किंग स्थल में होगी ● सामान्य वाहनों के लिए टीआरआई के सामने मैदान में पार्किंग की व्यवस्था रहेगी।

अब WhatsApp पर मिलेगा पंचायत सेवा का पूरा अनुभव, सरकार ने लॉन्च किया PANCHAM

नई दिल्ली  डिजिटल इंडिया की मुहिम अब शहर की तंग गलियों से होते हुए गांव-गांव तक तेजी से पहुंच रही है. पंचायत के चक्कर, फाइलों की देरी और जानकारी की कमी के कारण ग्रामीणों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता था, इसी समस्या को दूर करते हुए सरकार ने ग्रामीणों को बड़ा तोहफा दे दिया है. अब ग्राम पंचायत से जुड़े कई काम घर बैठे ही WhatsApp के माध्यम से हो सकेंगे. इसके लिए सरकार ने PANCHAM नाम का खास चैटबॉट लॉन्च कर दिया है जो ग्रामीणों को पंचायत सर्विस, नई योजनाओं और जरूरी जानकारियों से सीधे जोड़ने का काम करेगा. आइए जानते हैं कि क्या है PANCHAM और कैसे काम करता है, साथ ही यह भी जानेंगे कि इससे गांव वालों को क्या-क्या फायदे मिलने वाले हैं? भारत सरकार की केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए जानकारी दी कि पंचम नाम का चैटबॉट लॉन्च कर दिया गया है. इस चैटबॉट के पीछे का मकसद देश की पंचायत व्यवस्था को डिजिटल रूप से मजबूत बनाना है. पंचम को पंचायतों के लिए एक भरोसेमंद डिजिटल सहयोगी के रूप में देखा जा रहा है जो प्रशासनिक कार्यों में मदद देने के साथ साथ जरूरी दिशा-निर्देश और सूचनाएं सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाएगा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह चैटबॉट पहली बार केंद्र सरकार को देशभर के 30 लाख से ज्यादा निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और पंचायत अधिकारियों से सीधे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ने का भी काम करेगा. इससे पंचायत स्तर पर जानकारी का आदान-प्रदान तेज और ज्यादा प्रभावी होने की उम्मीद है.     PANCHAM एक WhatsApp-आधारित डिजिटल टूल, जो पंचायत से जुड़ी जानकारी सीधे और तुरंत उपलब्ध कराने समर्थ होगा। इसके माध्यम से योजनाओं के अपडेट, प्रशिक्षण सामग्री, सर्वे और पंचायत सेवाओं से जुड़ी जानकारी अब कुछ ही पलों में आसानी से प्राप्त की जा सकेगी। WhatsApp पर इसलिए हुआ लॉन्च PANCHAM चैटबॉट को अभी WhatsApp प्लेटफॉर्म पर शुरू किया गया है, जिससे पंचायत से जुड़े प्रतिनिधि और अधिकारी इसे आसानी से यूज कर सकें. भारत में ज्यादा यूजर्स WhatsApp का इस्तेमाल करते हैं इसलिए इस चैटबॉट को चलाने में किसी तरह की समस्या नहीं होगी. इसका इंटरफेस बहुत ही नार्मल है जिससे यूजर को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होगी और चैटिंग जैसा एक्सपीरियंस मिलेगा. सबसे बड़ी बात यह है कि पंचम के लिए किसी नए ऐप को डाउनलोड या सीखने की जरूरत नहीं है. WhatsApp के जरिए ही पंचायत से जुड़े काम, जानकारी और सहायता पहले से कहीं ज्यादा सरल हो जाएगी. इस काम में करेगा मदद सरकार ने पंचम चैटबॉट को ई-ग्राम स्वराज प्लेटफॉर्म से कनेक्ट किया है और यह पंचायत अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के आधार पर काम करता है. इसके जरिए ई-ग्राम स्वराज, एलजीडी, जीपीडीपी और पंचायती राज मंत्रालय की बड़ी योजनाओं और पहलों से जुड़ी जानकारी आसानी से मिल सकेगी. फिलहाल यह चैटबॉट एआई चैटबॉट्स की तरह जवाब खुद से नहीं बनाएगा बल्कि इसमें पहले से मौजूद और प्रमाणित जानकारी ही दी जाएगी. हालांकि इसमें मौजूद डेटा को समय-समय पर अपडेट किया जाता रहेगा. जिससे आम लोग भी पंचम के जरिए पंचायत सेवाओं, प्रमाण पत्र, सरकारी योजनाओं और जरूरी प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जानकारी सरल तरीके से हासिल कर सकेंगे. 

गुजरात में इनोवा के ऊपर ट्रक पलटने से 7 राजस्थानियों की मौत

जयपुर. गुजरात के बनासकांठा जिले में भीषण सड़क हादसे में राजस्थान के 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 3 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भयावह था कि इनोवा कार के परखच्चे उड़ गए और शव गाड़ी के अंदर ही फंस गए। दुर्घटना के बाद पालनपुर–आबू हाईवे पर करीब 5 किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। यह हादसा अमीरगढ़ तालुका के इकबालगढ़ गांव के पास हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तेज रफ्तार आइसर ट्रक रॉन्ग साइड से आ रहा था। ट्रक अचानक डिवाइडर तोड़ते हुए सामने से आ रही इनोवा कार से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि इनोवा पूरी तरह चकनाचूर हो गई और उसमें सवार यात्रियों को बाहर निकालने में पुलिस और स्थानीय लोगों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। रॉन्ग साइड से आ रहे ट्रक ने मारी टक्कर पुलिस के अनुसार, दुर्घटना में शामिल आइसर ट्रक का रजिस्ट्रेशन नंबर GJ-19-AX-8823 है, जबकि इनोवा कार का नंबर RJ-22-TA-3107 बताया गया है। इनोवा में कुल 10 लोग सवार थे, जो राजस्थान से गुजरात की ओर जा रहे थे। हादसे में 7 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 3 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रक तेज रफ्तार में था और अचानक डिवाइडर पार कर गया। इससे इनोवा चालक को संभलने का मौका ही नहीं मिला। टक्कर के बाद ट्रक भी पलट गया और सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। हाईवे पर लगा लंबा जाम हादसे के बाद पालनपुर–आबू हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब 5 किलोमीटर तक जाम की स्थिति बन गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को नियंत्रित किया और क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाया, तब जाकर आवागमन धीरे-धीरे शुरू हो सका। पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा सूचना मिलते ही अमीरगढ़ पुलिस का काफिला पीआई बी.डी. गोहिल के नेतृत्व में घटनास्थल पर पहुंचा। इसके साथ ही बनासकांठा एसपी प्रशांत सुम्बे भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से इनोवा में फंसे शवों और घायलों को बाहर निकाला। घायलों को तुरंत 108 एम्बुलेंस सेवा के जरिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, तीनों घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। शवों को सरकारी अस्पताल में रखवाया हादसे में जान गंवाने वाले सभी 7 लोगों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए नजदीकी सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है। बताया जा रहा है कि सभी मृतक और घायल राजस्थान के निवासी हैं। ट्रक चालक पर मामला दर्ज अमीरगढ़ पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। प्रारंभिक जांच में हादसे का मुख्य कारण ट्रक चालक की लापरवाही और रॉन्ग साइड ड्राइविंग को माना जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि ट्रक की रफ्तार कितनी थी और चालक ने ट्रैफिक नियमों का पालन क्यों नहीं किया। एसपी का बयान बनासकांठा एसपी प्रशांत सुम्बे ने बताया अमीरगढ़ के इकबालगढ़ गांव के पास राजस्थान की ओर से आ रहा आइसर ट्रक डिवाइडर पार कर इनोवा कार से टकरा गया। कार में सवार 10 लोगों में से 7 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 3 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। सभी पीड़ित राजस्थान के निवासी हैं। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।”

घर में अन्न की कमी दूर करेगी ये एक चीज़, बस चावल के डिब्बे में रखें

भारतीय संस्कृति और वास्तु शास्त्र में रसोई घर को घर का सबसे पवित्र स्थान माना गया है। रसोई केवल भोजन पकाने की जगह नहीं है, बल्कि यह वह ऊर्जा केंद्र है जो पूरे परिवार के स्वास्थ्य और भाग्य को नियंत्रित करता है। वास्तु के अनुसार, रसोई में रखी हर वस्तु और अनाज का अपना एक विशेष महत्व होता है। विशेष रूप से चावल, जिसे अक्षत कहा जाता है, हिंदू धर्म में पूर्णता और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। चावल का संबंध चंद्रमा और माता लक्ष्मी से है। वास्तु शास्त्र में कुछ ऐसे विशेष उपाय बताए गए हैं जिन्हें यदि चावल के डिब्बे के साथ किया जाए, तो घर में कभी भी अन्न और धन की कमी नहीं होती। आइए जानते हैं कि चावल के डिब्बे में वह कौन सी गुप्त चीज है जिसे रखने से आपके घर में सुख-समृद्धि का वास होता है और इसके पीछे के ज्योतिषीय व वास्तु कारण क्या हैं। चावल के डिब्बे में क्या रखें ? वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि आप चाहते हैं कि आपके घर का भंडार हमेशा भरा रहे, तो अपने चावल रखने वाले कंटेनर या डिब्बे में 'लाल कपड़े में बंधे हुए 5 या 11 साबुत हल्दी की गांठें या चांदी का एक सिक्का रखना अत्यंत शुभ माना जाता है। डिब्बे को कभी पूरी तरह खाली न होने दें वास्तु शास्त्र में माना जाता है कि रसोई में चावल का डिब्बा कभी भी पूरी तरह खाली नहीं होना चाहिए। जैसे ही चावल खत्म होने वाले हों, उससे पहले ही नया स्टॉक भर दें। पूरी तरह खाली डिब्बा घर में कंगाली और अभाव का संकेत माना जाता है। यह परिवार की आर्थिक प्रगति में बाधा उत्पन्न करता है। सही दिशा का चुनाव रसोई में चावल और अन्य अनाज रखने की सबसे उत्तम दिशा वायव्य कोण मानी गई है। यदि आप उत्तर-पश्चिम दिशा में अनाज रखते हैं, तो घर में अन्न की आवक बनी रहती है और बरकत होती है। सफाई और स्वच्छता चावल के डिब्बे को हमेशा साफ-सुथरा रखें। डिब्बे के आसपास गंदगी या जाले नहीं होने चाहिए। गंदे डिब्बे में रखा अनाज राहु के दुष्प्रभाव को बढ़ाता है, जिससे घर में कलह और बीमारियां आती हैं। बरकत बढ़ाने के अन्य प्रभावी उपाय यदि संभव हो, तो चावल के डिब्बे में एक चांदी का सिक्का रखें। चांदी चंद्रमा को मजबूत करती है, जिससे धन का संचय बढ़ता है। 5 साबुत हल्दी की गांठों को पीले कपड़े में बांधकर चावल के डिब्बे में रखने से गुरु ग्रह मजबूत होता है, जिससे सौभाग्य और समृद्धि आती है। यदि चांदी उपलब्ध न हो, तो तांबे का एक साफ सिक्का भी रखा जा सकता है। यह सूर्य की ऊर्जा प्रदान करता है।

कन्हौली में बनेगा नया स्टैंड, दूसरे राज्यों से बढ़ेगी कनेक्टिविटी

पटना. बिहार से दूसरे राज्यों में जाने के लिए अब लोगों को ज्यादा परेशानी झेलने की जरूरत नहीं पड़ेगी. कन्हौली में नया बस स्टैंड बनेगा, जिसका नाम पाटली बस टर्मिनल होगा. यह बस स्टैंड लगभग 50 एकड़ की जमीन पर बनाया जाएगा. नए बस स्टैंड के लिए जमीन कन्हौली मौजा के थाना नंबर-69 में है. यहां जमीन अधिग्रहण होने पर किसी का घर उजड़ने की भी कोई संभावना नहीं है. पटना के डीएम ने क्या दिया आदेश? डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने इस जमीन की खरीद-बिक्री करने से मना किया है. अभी वह जमीन खेती की है. फिलहाल जमीन का उपयोग रेसिडेंशियल और कॉमर्शियल तौर पर किया जा रहा है. जमीन देने वाले मालिकों के परिवारों को आवासीय सहायक सड़क इलाका वाला मुआवजा मिलेगा. जानकारी के मुताबिक, कन्हौली में बस टर्मिनल बनाने की योजना साल 2019 में ही बनाई गई थी. पाटलिपुत्र में बने बस स्टैंड से अभी क्या हो रही परेशानी? पटना का पाटलिपुत्र बस टर्मिनल बैरिया में बना है. यह बस टर्मिनल लगभग 25 एकड़ में बनाया गया है. लेकिन इसे 40 एकड़ की जमीन पर बनाने की योजना तैयार की गई थी. पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से बिहार के जिलों के साथ-साथ इंटर स्टेट बसों को चलाने में काफी परेशानी हो रही. इस बस स्टैंड पर दबाव भी बढ़ता जा रहा है. ऐसे में कन्हौली में अब बस स्टैंड के बनने से लोगों को बड़ी सहूलियत मिल सकेगी. नए बस स्टैंड से क्या होंगे फायदे? नए बस स्टैंड के बनने से लोगों को जाम का झंझट नहीं झेलना पड़ेगा. खास बात यह भी है कि नया बस स्टैंड पटना रिंग रोड पर होगा, जिससे दूसरे जिलों और राज्यों में भी आने-जाने में ज्यादा परेशानी लोगों को नहीं झेलनी पड़ेगी. संभावना जताई जा रही है कि पाटली बस टर्मिनल से 5 हजार से भी ज्यादा बसें चलाई जायेंगी. बस स्टैंड के बनने से आस-पास के इलाके का भी डेवलपमेंट हो सकेगा.