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अफरीदी का बड़ा बयान: बांग्लादेश के समर्थन में उतरे, भारत का नाम लेकर ICC पर साधा निशाना

नई दिल्ली बांग्लादेश के टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होने का सबसे ज्यादा दुख पाकिस्तान को हो रहा है। बांग्लादेश सुरक्षा कारणों की हवाला देते हुए भारत में आगामी टी20 वर्ल्ड कप के मैच नहीं खेलाना चाहता था, उन्होंने आईसीसी से अपने मैच श्रीलंका शिफ्ट करने की मांग की थी। पाकिस्तान इस मामले में पूरी तरह बांग्लादेश के सपोर्ट में था। पाकिस्तान की ओर से आईसीसी को धमकी भी गई थी कि अगर बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर किया जाता है तो वह भी अपना नाम टी20 वर्ल्ड कप से वापस ले सकते हैं। अब आईसीसी ने तो अपना फैसला सुना दिया है, जिससे पाकिस्तान के कई पूर्व खिलाड़ी आग बबूला हो गए हैं। इनमें से एक पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी भी हैं, जिन्होंने भारत का नाम लेते हुए आईसीसी पर हमला बोला है।   शाहिद अफरीदी का कहना है कि 2025 चैंपियंस ट्रॉफी में जब भारत ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए जब पाकिस्तान जाने से इनकार कर दिया था तो आईसीसी ने भारत के मैच न्यूट्रल वेन्यू पर आयोजित करवाए थे, मगर बांग्लादेश के मामले में आईसीसी वही समझ दिखाने के लिए तैयार नहीं है। शाहिद अफरीदी ने X पर लिखा, "एक पूर्व इंटरनेशनल क्रिकेटर के तौर पर, जिसने बांग्लादेश और ICC इवेंट्स में खेला है, मैं ICC की इस गैर-बराबरी से बहुत निराश हूं। उसने 2025 में पाकिस्तान का दौरा न करने के लिए भारत की सुरक्षा चिंताओं को मान लिया, लेकिन ऐसा लगता है कि वह बांग्लादेश के मामले में वही समझ दिखाने को तैयार नहीं है।" अफरीदी ने इस बात पर जोर दिया कि ICC को टीमों की परवाह किए बिना, अपने नियमों को एक जैसा लागू करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, "एक जैसा व्यवहार और निष्पक्षता ग्लोबल क्रिकेट गवर्नेंस की नींव हैं। बांग्लादेश के खिलाड़ियों और उसके लाखों फैंस सम्मान के हकदार हैं – न कि दोहरे मापदंड के। ICC को रिश्ते बनाने चाहिए, न कि उन्हें खराब करना चाहिए।"  

यूपी का मॉडल समझने के लिए आधा दर्जन से अधिक दूसरे राज्यों के आबकारी आयुक्तों ने किया उत्तर प्रदेश का दौरा

यूपी की आबकारी नीति का अध्ययन करने के साथ डिस्टिलरी और मदिरा की दुकानों का किया निरीक्षण लखनऊ,  प्रदेश सरकार की दूरदर्शी और पारदर्शी आबकारी नीति प्रदेश के राजस्व को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के साथ-साथ देश के अन्य राज्यों के लिए एक राष्ट्रीय मॉडल के रूप में उभरकर सामने आयी है। आबकारी राजस्व में लगातार हो रही रिकॉर्ड वृद्धि के चलते यूपी की आबकारी नीति की गूंज अब प्रदेश की सीमाओं से बाहर सुनाई देने लगी है। यही वजह है कि कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, झारखंड और हिमाचल प्रदेश समेत आधा दर्जन से अधिक राज्यों के आबकारी आयुक्तों और वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रदेश का दौरा कर यहां की आबकारी नीति का गहन अध्ययन किया। प्रदेश सरकार के प्रयासों से तैयार नीति न केवल राजस्व वृद्धि पर केंद्रित है, बल्कि इसमें पारदर्शिता, तकनीकी नवाचार, अवैध शराब पर प्रभावी नियंत्रण और उपभोक्ता हितों को भी समान रूप से महत्व दिया गया है। इसी का परिणाम है कि यूपी आज देश के अग्रणी आबकारी राजस्व वाले राज्यों में शामिल हो चुका है। देश के विभिन्न राज्य यूपी की आबकारी नीति को लागू करने पर कर रहे विचार आबकारी आयुक्त आदर्श सिंह ने बताया कि पिछले दो वर्षों में विभिन्न राज्यों के आबकारी विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रदेश का भ्रमण यूपी की आबकारी नीति को समझने और उसे अपने-अपने राज्यों में लागू करने की संभावनाओं को तलाशने के उद्देश्य से किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने यूपी के आबकारी आयुक्त और विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। बैठक में यह समझने पर जोर दिया गया कि किस तरह नीति निर्धारण, ई-गवर्नेंस, लाइसेंसिंग प्रक्रिया और निगरानी तंत्र को सुदृढ़ कर राजस्व में निरंतर वृद्धि संभव बनाई गई। कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और ओडिशा जैसे राज्यों के अधिकारियों ने यूपी की नीति को व्यावहारिक और राजस्व केंद्रित बताते हुए इसकी सराहना की। कई राज्यों ने यह भी स्वीकार किया कि यूपी की आबकारी नीति से प्रेरणा लेकर वे अपने यहां भी आबकारी ढांचे में बदलाव करने पर विचार कर रहे हैं। डिस्टिलरी और शराब की दुकानों का किया निरीक्षण प्रदेश दौरे के दौरान विभिन्न राज्यों के आबकारी अधिकारियों ने प्रदेश की आसवनियों (डिस्टिलरीज) और शराब की दुकानों का निरीक्षण भी किया। इस निरीक्षण का उद्देश्य यह जानना था कि उत्पादन से लेकर बिक्री तक, किस तरह की निगरानी व्यवस्था लागू की गई है और किस प्रकार अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने यूपी में अपनाई गई डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली, ई-लॉटरी के माध्यम से दुकानों का आवंटन, बारकोडिंग और स्टॉक प्रबंधन प्रणाली की विशेष रूप से सराहना की। अधिकारियों ने माना कि इन उपायों से न केवल राजस्व में वृद्धि हुई है, बल्कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर भी प्रभावी नियंत्रण संभव हुआ है।

स्टेशन पर हत्या, 12 घंटे में गिरफ्तारी: CCTV, मोबाइल लोकेशन से ऐसे पहुंची पुलिस कातिल तक

मुंबई मुंबई की भीड़भाड़ वाली लोकल ट्रेनों में एक बार फिर हिंसा की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मालाड रेलवे स्टेशन पर 27 वर्षीय ओमकार शिंदे को एक कॉलेज प्रोफेसर की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पीड़ित आलोक सिंह विले पार्ले के एक प्रमुख कॉलेज में प्रोफेसर थे। यह वारदात शनिवार को प्लेटफॉर्म 1 और 2 पर हुई, जिसने शहर की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनों में सफर करने वाले लाखों यात्रियों को हैरान कर दिया।   पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी और पीड़ित एक ही लोकल ट्रेन में सवार थे। मालाड स्टेशन के नजदीक पहुंचते ही ट्रेन के गेट से उतरने या चढ़ने को लेकर विवाद शुरू हो गया। मुंबई में इस तरह का झगड़ा रोजमर्रा की बात है, लेकिन अबकी बार यह घातक साबित हुआ। विवाद तेजी से भड़क गया और प्लेटफॉर्म पर उतरते ही शिंदे ने आपा खो दिया। उसने जेब से तेज धार वाला चाकू निकाला और अलोक सिंह के पेट में कई बार वार कर दिया। सिंह खून से लथपथ होकर वहीं गिर पड़े, जबकि हमलावर स्टेशन की भीड़ में फौरन गायब हो गया। पुलिस ने आरोपी को कैसे पकड़ा बोरिवली जीआरपी ने तुरंत जांच शुरू की और स्टेशन के CCTV कैमरों की मदद ली। फुटेज में सफेद शर्ट और नीली जींस पहने एक व्यक्ति को हमले के तुरंत बाद फुट ओवरब्रिज से भागते हुए देखा गया। इस दृश्य और तकनीकी खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपी का पीछा किया और उसे वसई इलाके से गिरफ्तार कर लिया। घटना की वजह ट्रेन के गेट को लेकर हुआ विवाद बताई जा रही है, लेकिन हमले की क्रूरता को देखते हुए पुलिस इसे मामूली बात नहीं मान रही। इसे लेकर आगे की जांच चल रही है।  

नितिन नबीन में दिखती है नई पीढ़ी की ऊर्जा: मुख्यमंत्री योगी

मथुरा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन संग प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ सुनी। वृंदावन के अक्षयपात्र में आयोजित कार्यक्रम में दोनों नेता सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री ने पहली बार यूपी के दौरे पर पहुंचे भाजपा अध्यक्ष का ब्रज की धरा पर स्वागत-अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने राधे-राधे, वृंदावन बिहारी लाल, राधा रानी, यमुना मैया, हर-हर महादेव, जय श्रीराम, भारत माता की जय, और वंदे मातरम की गूंज के साथ आध्यात्मिक व राष्ट्रवादी चेतना का संचार करते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की। सीएम योगी ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन युवा ऊर्जा के प्रतीक हैं। बिहार विधानसभा में पांचवीं बार विधायक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। संगठन के विभिन्न पदों का निर्वहन करने के उपरांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भाजपा ने नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नया दायित्व दिया है। इस दायित्व के पश्चात योगेश्वर श्रीकृष्ण की पावन धरा पर उनका प्रथम आगमन आह्लादकारी क्षण है। सीएम योगी ने कहा कि ब्रज प्राचीन काल से तीर्थ भूमि रही है। मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोकुल, गोवर्धन, नंदगांव, बलदेव तीर्थ हजारों वर्षों से सनातन धर्मावलंबियों के लिए प्रेरणा हैं। यहां के रज-रज, कण-कण में श्रीकृष्ण, राधा रानी और हजारों वर्षों की विरासत का अंश श्रद्धालु आज भी ढूंढते हैं। उसके साथ तारतम्य स्थापित करने का प्रयास करते हैं। अंत्योदय के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय की पावन जन्मभूमि भी मथुरा में पड़ती है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से ब्रज भूमि भारत की आध्यात्मिक व सांस्कृतिक विरासत के साथ ही विकास के नित नए प्रतिमान स्थापित करते हुए बढ़ रही है। सीएम योगी ने कहा कि यूपी अब ‘बीमारू’ नहीं, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था का ब्रेकथ्रू बनकर संबल बन रहा है। पांच साल से अधिक समय से यूपी रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में है। डबल इंजन सरकार डबल स्पीड के साथ बड़े-बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर के कार्यों को धरातल पर उतारती है। हर नागरिक को सुरक्षा का अहसास कराती है। गरीब कल्याणकारी योजनाओं के साथ बिना भेदभाव वंचित, नौजवान, किसान, महिलाओं समेत हर तबके को वरीयता के आधार पर शासन की योजना का लाभ दे रही है। डबल इंजन सरकार के माध्यम से यूपी में विकास की योजनाओं को बिना भेदभाव गांव से शहर तक, प्रत्येक जगह प्रभावी ढंग से लागू करने का कार्य देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी का नौजवान अब पहचान के लिए मोहताज नहीं है। देश में अब वह कहीं भी जाकर गर्व से कह सकता है कि मैं यूपी का नागरिक हूं। एक समय था, जब यूपी के सामने पहचान का संकट खड़ा किया गया था, लोग यहां की विरासत को कोसते थे, हमें अपमानित करते थे, बीमारू राज्य होने के कारण हमारे बारे में लोगों का दृष्टिकोण भिन्न था, लेकिन यूपी अब बीमारू नहीं है। देश के विकास के अभियान में जुड़कर यहां के युवा, किसान व आधी आबादी भी कार्य कर रही है। यह भाजपा के प्रति आमजन के विश्वास का प्रतीक है। सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन, प्रेरणा व नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने पिछले 9 वर्ष में विकास के नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। सीएम योगी ने विश्वास जताया कि इस गति को और तेजी से बढ़ाने के लिए यूपी का एक-एक कार्यकर्ता प्राणप्रण से जुटकर वर्तमान व भावी भविष्य के निर्माण में योगदान देगा।

मुख्यमंत्री योगी ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संग वृंदावन में सुनी ‘मन की बात’

  विकास की गति को बढ़ाने के लिए प्राणप्रण से जुटकर योगदान देगा हर कार्यकर्ताः सीएम योगी   मथुरा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन संग प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ सुनी। वृंदावन के अक्षयपात्र में आयोजित कार्यक्रम में दोनों नेता सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री ने पहली बार यूपी के दौरे पर पहुंचे भाजपा अध्यक्ष का ब्रज की धरा पर स्वागत-अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने राधे-राधे, वृंदावन बिहारी लाल, राधा रानी, यमुना मैया, हर-हर महादेव, जय श्रीराम, भारत माता की जय तथा वंदे मातरम की गूंज के साथ आध्यात्मिक  व राष्ट्रवादी चेतना का संचार करते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की। सीएम योगी ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन युवा ऊर्जा के प्रतीक हैं। बिहार विधानसभा में पांचवीं बार विधायक के रूप में सेवाए दे रहे हैं। संगठन के विभिन्न पदों का निर्वहन करने के उपरांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भाजपा ने नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नया दायित्व दिया है। इस दायित्व के पश्चात योगेश्वर श्रीकृष्ण की पावन धरा पर उनका प्रथम आगमन आह्लादकारी क्षण है। तीर्थ भूमि है ब्रज, आज भी विरासत का अंश ढूंढते हैं श्रद्धालु सीएम योगी ने कहा कि ब्रज प्राचीन काल से तीर्थ भूमि रही है। मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोकुल, गोवर्धन, नंदगांव, बलदेव तीर्थ हजारों वर्षों से सनातन धर्मावलंबियों के लिए प्रेरणा हैं। यहां के रज-रज, कण-कण में श्रीकृष्ण, राधा रानी और हजारों वर्षों की विरासत का अंश श्रद्धालु आज भी ढूंढते हैं। उसके साथ तारतम्य स्थापित करने का प्रयास करते हैं। अंत्योदय के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय की पावन जन्मभूमि भी मथुरा में पड़ती है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से ब्रज भूमि भारत की आध्यात्मिक व सांस्कृतिक विरासत के साथ ही विकास के नित नए प्रतिमान स्थापित करते हुए बढ़ रही है। यूपी अब ‘बीमारू’ नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था का संबल बन रहा सीएम योगी ने कहा कि यूपी अब ‘बीमारू’ नहीं, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था का ब्रेकथ्रू बनकर संबल बन रहा है। पांच साल से अधिक समय से यूपी रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में है। डबल इंजन सरकार डबल स्पीड के साथ बड़े-बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर के कार्यों को धरातल पर उतारती है। हर नागरिक को सुरक्षा का अहसास कराती है। गरीब कल्याणकारी योजनाओं के साथ बिना भेदभाव वंचित, नौजवान, किसान, महिलाओं समेत हर तबके को वरीयता के आधार पर शासन की योजना का लाभ दे रही है। डबल इंजन सरकार के माध्यम से यूपी में विकास की योजनाओं को बिना भेदभाव गांव से शहर तक, प्रत्येक जगह प्रभावी ढंग से लागू करने का कार्य देखने को मिल रहा है। अब पहचान के लिए मोहताज नहीं है यूपी का नौजवान मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी का नौजवान अब पहचान के लिए मोहताज नहीं है। देश में अब वह कहीं भी जाकर गर्व से कह सकता है कि मैं यूपी का नागरिक हूं। एक समय था, जब यूपी के सामने पहचान का संकट खड़ा किया गया था, लोग यहां की विरासत को कोसते थे, हमें अपमानित करते थे, बीमारू राज्य होने के कारण हमारे बारे में लोगों का दृष्टिकोण भिन्न था, लेकिन यूपी अब बीमारू नहीं है। देश के विकास के अभियान में जुड़कर यहां के युवा, किसान व आधी आबादी भी कार्य कर रही है। यह भाजपा के प्रति आमजन के विश्वास का प्रतीक है। विकास की गति को बढ़ाने के लिए प्राणप्रण से जुटकर योगदान देगा हर कार्यकर्ता सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन, प्रेरणा व नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने पिछले 9 वर्ष में विकास के नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। सीएम योगी ने विश्वास जताया कि इस गति को और तेजी से बढ़ाने के लिए यूपी का एक-एक कार्यकर्ता प्राणप्रण से जुटकर वर्तमान व भावी भविष्य के निर्माण में योगदान देगा। इस दौरान केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम, कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, महापौर विनोद अग्रवाल, राज्यसभा सांसद तेजवीर सिंह, विधायक श्रीकांत शर्मा, मेघश्याम सिंह, राजेश चौधरी, पूरन प्रकाश, जिला पंचायत अध्यक्ष चौधरी किशन सिंह, विधान परिषद सदस्य संतोष सिंह, अशोक कटारिया, ओमप्रकाश सिंह, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य, जिलाध्यक्ष निर्मल पांडेय, महानगर अध्यक्ष हरिशंकर राजू यादव आदि मौजूद रहे।

RJD में अभी ‘लालू युग’ जारी, तेजस्वी बन सकते हैं कार्यकारी अध्यक्ष — सियासी संकेत तेज

पटना राष्ट्रीय जनता दल(आरजेडी) की कमान अब तेजस्वी यादव के हाथों में आ गई है। लेकिन उनकी फुल फ्लेज्ड ताजपोशी में अभी कुछ वक्त लगेगा। रविवार को पटना के एक होटल में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को सहयोग देने के लिए कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। इसके साथ ही तेजस्वी यादव का पावर औपचारिक तौर पर बढ़ गया है। लालू यादव पहले ही उन्हें पार्टी की नीतिगत फैसलों के लिए अधिकृत कर चुके हैं।   जानकार बताते हैं कि लालू यादव राष्ट्रीय अध्यक्ष का वर्तमान कार्यकाल पूरा करेंगे। वे 2028 तक राजद का राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहेंगे। इस दौरान तेजस्वी यादव कार्यकारी के तौर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष का काम काज देखेंगे। लालू यादव का टर्म पूरा होने के बाद तेजस्वी यादव की फुल ताजपोशी हो सकती है। हालांकि, एक मैसेज पहले से फैल चुका है कि राजद में सभी फैसले तेजस्वी यादव ही लेते हैं। कुछ औपचारिकताएं हैं जिन्हें पूरा किया जाना शेष था। बिहार विधानसभा चुनाव में टिकट का बंटवारा तेजस्वी यादव ने फाइनल किया था। पार्टी करारी हार के बाद बहन रोहिणी आचार्या की नाराजगी प्रकरण से अंदरखाने चल रहा बहुत कुछ स्पष्ट हो चुका था। विदेश यात्रा से लौटते ही तेजस्वी यादव पार्टी की रणनीति को लेकर ऐक्टिव हो गए। पटना में तेजस्वी के आवास पर कोर कमेटी की बैठक बुलाई गई और कई निर्णय लिए गए। इसी बीच 14 जनवरी को लालू प्रसाद यादव अपने बड़े बेटे तेजप्रताप यादव(राजद से निष्कासित) के दही चूड़ा भोज में शामिल हुए। जनशक्ति जनता दल नाम से पार्टी चला रहे तेज प्रताप यादव ने पिता और माता के साथ भाई तेजस्वी यादव को भी न्योता दिया था पर वह नहीं पहुंचे। उसके दो एक दो दिनों के बाद यह चर्चा शुरू हो गयी कि तेजस्वी यादव राजद के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष की कमान अपने हाथ में लेने वाले हैं। चर्चा यह भी है कि नितिन नवीन की तर्ज पर तेजस्वी कार्यकारी से फुल फ्लेज्ड राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर पहुंच जाएंगे। लेकिन, इसमें अभी वक्त लगेगा।  

अमेरिका–ईरान टेंशन चरम पर: ट्रंप की चेतावनी के बाद सुरक्षित ठिकाने पर खामेनेई, भारत का नाम क्यों लिया?

वाशिंगटन ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। इस बीच खबर आ रही है कि ईरानी सुरक्षा अधिकारियों द्वारा अमेरिका के संभावित हमले के खतरे को ध्यान में रखते हुए सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई तेहरान में अंडरग्राउंड हो गए हैं। वह किसी बंकर में छिप गए हैं। ईरान इंटरनेशनल के अनुसार, खामेनेई को एक ऐसी सुरक्षित जगह पर ले जाया गया है जिसमें कई आपस में जुड़ी सुरंगें और आधुनिक सुरक्षा उपकरण हैं।   उनके भूमिगत होने के दौरान उनके तीसरे बेटे मसूद खामेनेई कार्यालय का दैनिक कामकाज संभाल रहे हैं और सरकार के साथ संचार के मुख्य माध्यम बने हुए हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने चेतावनी दी है कि सर्वोच्च नेता पर किसी भी तरह का हमला पूरे देश के खिलाफ पूर्ण युद्ध माना जाएगा। इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि एक अमेरिकी 'अर्माडा' (जंगी बेड़ा) ईरान की ओर बढ़ रहा है। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने पुष्टि की है कि विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन और कई विध्वंसक पोत वर्तमान में हिंद महासागर में तैनात हैं। ट्रंप ने एयर फोर्स वन पर संवाददाताओं से कहा, "हम ईरान की ओर फोर्स भेज रहे हैं। बस जरूरत पड़ने पर कार्रवाई की जाएगी।" उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके सख्त रुख की वजह से ईरान ने लगभग 840 लोगों को फांसी देने का फैसला टाल दिया है। भारत को ईरान का धन्यवाद तनाव के बीच, ईरान के राजदूत मोहम्मद फताली ने भारत सरकार को धन्यवाद दिया है। दरअसल, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में ईरान के खिलाफ लाए गए एक राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रस्ताव के विरोध में भारत ने मतदान किया। भारत ने चीन और पाकिस्तान के साथ मिलकर इस प्रस्ताव के खिलाफ वोट दिया, जो ईरान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई हिंसा की अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग कर रहा था। भारत का यह वोट प्रस्तावों के खिलाफ उसकी पुरानी नीति का हिस्सा माना जा रहा है। ईरान में दिसंबर के अंत से शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों में भारी हिंसा हुई है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और UN विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस दौरान 5,000 से 20,000 के बीच लोग मारे गए हो सकते हैं। 8 जनवरी 2026 को ईरान ने अपने इतिहास का सबसे लंबा और व्यापक इंटरनेट ब्लैकआउट लागू किया, जिससे देश का बाहरी दुनिया से संपर्क लगभग कट गया था।  

पंजाब बना निवेश का नया हॉटस्पॉट! महिंद्रा का 400 करोड़ का प्राइवेट इन्वेस्टमेंट

चंडीगढ़ कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि महिंद्रा एंड महिंद्रा भारत के अग्रणी बहुराष्ट्रीय समूहों में से एक है, जिसने ऑटोमोटिव, कृषि उपकरण, वित्तीय सेवाओं, निर्माण और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में अपनी सशक्त पहचान स्थापित की है। इस समूह को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी औद्योगिक प्लेटफॉर्म विकसित करने का व्यापक अनुभव और प्रतिष्ठा प्राप्त है तथा यह भारत के सबसे बड़े मोबिलिटी सॉल्यूशन निर्माताओं में से एक है, जिसका संचालन घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में फैला हुआ है।  उन्होंने आगे कहा कि महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड ने जापान आधारित सुमितोमो कॉरपोरेशन और इसुज़ु मोटर्स से शेयरों की खरीद के माध्यम से लगभग 555 करोड़ रुपये में एसएमएल इसुज़ु लिमिटेड में 58.96 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की है। अगस्त 2025 में लेन-देन पूर्ण होने के बाद कंपनी के बोर्ड का पुनर्गठन किया गया और फर्म का नाम एसएमएल महिंद्रा लिमिटेड रखा जा रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एसएमएल महिंद्रा लिमिटेड भारत में लाइट और मीडियम कमर्शियल व्हीकल्स (एल सी वी /एम सी वी) का एक अग्रणी निर्माता है, जिसकी लॉजिस्टिक्स, यात्री परिवहन और संस्थागत मोबिलिटी सेगमेंट की आवश्यकताओं को पूरा करने वाले ट्रकों, बसों और विशेष-उद्देश्य वाहनों के निर्माण में मजबूत स्थिति है। कंपनी पहले ही शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर), पंजाब स्थित अपनी विनिर्माण इकाई में लगभग 500 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश कर चुकी है। यह यूनिट एक पूर्णतः एकीकृत ऑटोमोबाइल निर्माण परिसर है, जिसमें वाहन असेंबली लाइनें, बॉडी शॉप, पेंट शॉप, प्रेस और मशीन शॉप, एफआरपी शॉप तथा एक समर्पित बस बॉडी प्लांट शामिल हैं। पंजाब में विस्तार योजनाओं के संबंध में एसएमएल महिंद्रा लिमिटेड के कार्यकारी चेयरमैन विनोद सहाय के हवाले से बताया गया कि कंपनी ने पंजाब में अपने संचालन के विस्तार के लिए एक महत्वपूर्ण रोडमैप तैयार किया है। इसमें मौजूदा विनिर्माण सुविधा के आधुनिकीकरण और उन्नयन हेतु 100 करोड़ रुपये का निवेश तथा किसी अन्य राज्य से पंजाब में एक विनिर्माण इकाई स्थानांतरित कर 400 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश को शामिल किया गया है। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि पंजाब देश के सर्वश्रेष्ठ निवेश गंतव्यों में से एक के रूप में उभर रहा है। उन्होंने पंजाब की विकास यात्रा पर विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय संयोजक श्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के गतिशील नेतृत्व में राज्य तेजी से देश में निवेश के लिए सबसे पसंदीदा स्थान बन रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पंजाब का निवेशक-अनुकूल शासन, पारदर्शी नीतियां, समयबद्ध स्वीकृतियां, सुदृढ़ औद्योगिक आधारभूत ढांचा और कुशल कार्यबल प्रमुख औद्योगिक घरानों में नया विश्वास पैदा कर रहे हैं। कैबिनेट मंत्री ने गर्व के साथ यह भी कहा कि महिंद्रा समूह के चेयरमैन श्री आनंद महिंद्रा की जड़ें लुधियाना, पंजाब से गहराई से जुड़ी हुई हैं, जो देश के सबसे प्रतिष्ठित औद्योगिक परिवारों में से एक महिंद्रा समूह और राज्य के बीच गहरे ऐतिहासिक एवं उद्यमशील संबंधों को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह पुराना रिश्ता नवाचार, उद्यमिता और औद्योगिक उत्कृष्टता के साथ पंजाब के संबंधों को और सुदृढ़ करता है। कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने आगे कहा कि पंजाब में एसएमएल–महिंद्रा की बढ़ती उपस्थिति राज्य के उद्योग-समर्थक ईकोसिस्टम के मजबूत समर्थन का प्रमाण है। उन्होंने महिंद्रा समूह के भविष्य के प्रत्येक विस्तार और निवेश के लिए पंजाब सरकार की सक्रिय सहायता तथा सिंगल-विंडो प्रणाली के माध्यम से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

मसूरी: स्कूल परिसर में बनी मजार पर हमला, नारेबाजी का वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा तनाव

मसूरी मसूरी के बाला हिसार क्षेत्र में स्थित बाबा बुल्ले शाह की मजार को नुकसान पहुंचाए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ युवक मजार को तोड़ते हुए और धार्मिक नारे लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वायरल वीडियो के सामने आने के बाद शहर में एक बार फिर माहौल गरमा गया है। कुछ दिन पहले भी मजार को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ था। उस दौरान कुछ संगठनों ने मजार के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया था, जिसके बाद प्रशासन ने हस्तक्षेप करते हुए स्थिति को संभाल लिया था और मामले की जांच शुरू की गई थी। उस समय हालात शांत हो गए थे, लेकिन अब वायरल वीडियो ने एक बार फिर तनाव की स्थिति पैदा कर दी है। हालांकि हिन्दुस्तान इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। पुलिस प्रशासन भी वीडियो की सत्यता और इसमें शामिल लोगों की पहचान की जांच कर रहा है। मजार को नुकसान पहुंचा बाबा बुल्ले शाह समिति के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने बताया कि मजार को नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि मजार की सभी लाइटें तोड़ दी गई हैं और यह घटना बेहद निंदनीय है। अग्रवाल ने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर शहर का माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों पर कार्रवाई की मांग उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और इसके लिए कोतवाली में तहरीर दी जा रही है। रजत अग्रवाल ने पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रशासनिक निष्क्रियता के चलते इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने इसे पुलिस और प्रशासन के लिए चेतावनी बताया। समिति अध्यक्ष का यह भी कहना है कि वीडियो में जिस तरह से धार्मिक नारे लगाए जा रहे हैं, उससे यह स्पष्ट होता है कि किसी संगठित समूह के युवा इसमें शामिल हो सकते हैं। आरोपियों की धरपकड़ जारी वहीं, मसूरी के क्षेत्राधिकारी (सीओ) मनोज असवाल ने बताया कि मजार को नुकसान पहुंचाए जाने की सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी भी आरोपी की पहचान नहीं हो पाई है और मामले की जांच की जा रही है। वीडियो की सत्यता की भी जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन का कहना है कि शांति व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

रोज़गार की गारंटी पर वार! मनरेगा को कमजोर करने का आरोप, कुमारी सैलजा का हमला

सिरसा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्णयानुसार मनरेगा को कमजोर किए जाने के विरोध में आज सिरसा जिले के गाँव पतली डाबर (डिंग मोड़) में पंचायत-स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें सिरसा से कांग्रेस सांसद, राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने मुख्य रूप से भाग लिया। इस अवसर पर कालांवाली के विधायक शीशपाल केहरवाला, पूर्व विधायक प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा, राजकुमार शर्मा, वीरभान मेहता, संदीप नेहरा, कृष्णा फोगाट, जयपाल सिंह लाली, नवीन केडिया, सरपंच हनुमान बिश्नोई, लाधुराम पूनिया, लाल बहादुर खोवाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुमारी सैलजा ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के करोड़ों परिवारों के लिए जीवनरेखा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा के स्वरूप में किए जा रहे बदलाव मजदूरों के काम मांगने के कानूनी अधिकार, समय पर मजदूरी और ग्राम पंचायतों की स्वायत्तता को कमजोर कर रहे हैं। डिजिटल सत्यापन की जटिलताएँ, भुगतान में देरी, बजट में पर्याप्त वृद्धि का अभाव और प्रशासनिक केंद्रीकरण मनरेगा की मूल भावना के विपरीत है। उन्होंने कहा कि कोरोना जैसे कठिन समय में मनरेगा ने करोड़ों परिवारों को सहारा दिया, लेकिन आज उसी योजना को व्यवस्थित रूप से कमजोर किया जा रहा है। पंचायतों से निर्णय लेने का अधिकार छीना जा रहा है, जिससे स्थानीय जरूरतों की अनदेखी हो रही है। केंद्रीय जांच एजेंसियों का हो रहा है दुरुपयोग कुमारी सैलजा ने कहा कि जिस प्रकार भारत सरकार द्वारा ईडी तथा अन्य केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है, उससे यह स्पष्ट है कि ये संस्थाएँ दबाव में काम कर रही हैं। केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को प्रताड़ित करने के लिए किया जा रहा है। आने वाले समय में यह भी सामने आएगा कि किस प्रकार गलत ढंग से मामले गढ़े गए, जिनमें वर्षों तक न तो कोई निष्कर्ष निकलता है और न ही न्याय होता है, जबकि संबंधित व्यक्तियों का सार्वजनिक और व्यक्तिगत जीवन प्रभावित होता है। यह प्रवृत्ति लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता के लिए घातक है। उन्होंने यह भी बताया कि कल भट्टू, जिला फतेहाबाद में नेशनल सर्विस स्कीम (एनएसएस) के माध्यम से नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे जागरूकता अभियान में विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की। बच्चों से संवाद करते हुए उन्होंने नशा-मुक्त समाज के महत्व पर चर्चा की और उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी का यह प्रयास समाज को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कांग्रेस जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाएगी पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कुमारी सैलजा ने कहा कि कुरुक्षेत्र में राहुल गांधी के दौरे के दौरान जिला अध्यक्षों को दिया गया प्रशिक्षण बहुत जल्द जमीनी स्तर पर दिखाई देगा। कांग्रेस मजबूती से जनहित के मुद्दे उठाएगी और सरकार की जनविरोधी नीतियों का विरोध लगातार जारी रखेगी।