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ऋचा चड्ढा नॉन-फिक्शन ट्रैवल और कल्चर सीरीज़ को करेंगी प्रोड्यूस

  मुंबई, बॉलीवुड अभिनेत्री और निर्माता ऋचा चड्ढा एक नए और रोमांचक प्रोजेक्ट के साथ अपनी क्रिएटिव दुनिया को आगे बढ़ा रही हैं। ऋचा चड्ढा एक नॉन-फिक्शन सीरीज़ को प्रोड्यूस करने जा रही हैं, जो यात्रा, संस्कृति और लोगों एवं जगहों से जुड़ी कहानियों पर आधारित होगी। अपने बेबाक और अर्थपूर्ण कहानी चयन के लिए जानी जाने वाली ऋचा इस सीरीज़ के ज़रिए एक नए क्षेत्र में कदम रख रही हैं, जहां असली अनुभवों और सांस्कृतिक खोज का मेल होगा। यह सीरीज़ बतौर क्रिएटर नॉन-फिक्शन स्पेस में ऋचा चड्ढा की एंट्री को दर्शाती है और एक अभिनेत्री से आगे बढ़कर एक मल्टी-टैलेंटेड फिल्म पर्सनैलिटी के रूप में उनके सफर को और मज़बूत करती है। यह शो भारत की समृद्ध संस्कृति, अलग-अलग समुदायों, परंपराओं और लोगों के जीवन अनुभवों की एक दिलचस्प झलक पेश करेगा, जिसमें ऋचा की गहरी समझ और संवेदनशील नज़र साफ दिखाई देगी। ऋचा हमेशा से मज़बूत और असरदार कहानियों का समर्थन करती रही हैं और वह फिक्शन के साथ-साथ नॉन-फिक्शन में भी नए प्रयोग करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनकी पहली प्रोडक्शन फिल्म गर्ल्स विल बी गर्ल्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी सराहना और पहचान मिली थी, जो उनके ईमानदार और बेबाक स्टोरीटेलिंग के विज़न को दर्शाती है। इस नई सीरीज़ के साथ वह अपने क्रिएटिव दायरे को और आगे बढ़ाना चाहती हैं। ऋचा चड्ढा ने इस नए क्रिएटिव चैप्टर पर बात करते हुए कहा, “मेरा हमेशा से मानना रहा है कि कहानियां हर जगह होती हैं-लोगों में, जगहों में और उन संस्कृतियों में, जिन्हें हम अक्सर समझने के लिए रुकते ही नहीं। इस नॉन-फिक्शन सीरीज़ के ज़रिए मैं उस दुनिया को जिज्ञासा और संवेदना के साथ देखना चाहती हूं। एक कलाकार के रूप में खुद को लगातार परखना, आगे बढ़ना और नए प्रयोग करना बहुत ज़रूरी है। गर्ल्स विल बी गर्ल्स बतौर निर्माता मेरा पहला कदम था और यह नई सीरीज़ उसी दिशा में एक और रोमांचक छलांग है। मैं यात्रा, विरासत और मानवीय जुड़ाव से जुड़ी सच्ची कहानियों को सामने लाने के लिए उत्साहित हूं। कोविड की दूसरी लहर के दौरान कईंद्री के साथ मैंने इस तरह के कॉन्टेंट का एक छोटा सा अनुभव भी किया था, इसलिए मुझे पूरा विश्वास है कि यह सीरीज़ दुनियाभर के भारतीयों के दिलों को छुएगी।” ऋचा का यह आगामी प्रोजेक्ट अलग-अलग जगहों, इतिहास और अनसुनी कहानियों को सामने लाएगा, जिससे दर्शकों को दुनिया को एक नए नज़रिए से देखने की प्रेरणा मिलेगी। इस सीरीज़ से जुड़ी बाकी जानकारियां, जैसे इसका फॉर्मेट और प्लेटफॉर्म, जल्द ही साझा की जाएंगी।  

कभी मां के साथ बासी खाना खाने वाली भारती सिंह आज नैनी को देती हैं महंगे तोहफे

मुंबई भारती सिंह का एक प्यारा सा वीडियो इस वक्त इंटरनेट पर खूब सुर्खियों में है। इस वीडियो में वो अपने बच्चों की नैनी रूपा दी को उनके बर्थडे पर कुछ महंगे तोहफे देती दिख रही हैं। हालांकि, इन गिफ्ट्स को देखकर नैनी परेशान भी दिख रही हैं और मायूस भी। भारती सिंह के इस जेश्चर को देखकर सोशल मीडिया पर इसकी खूब तारीफ हो रही है। सोशल मीडिया पर दिख रहे इस वीडियो में भारती सिंह अपने दोनों बच्चों की नैनी के बर्थडे पर उन्हें कुछ कपड़े और जूलरी देती दिख रही हैं। इतने महंगे गिफ्ट्स को देखकर नैनी रिएक्ट भी करती दिख रही हैं। भारती ने कहा- रूपा दी की फैमिली हम ही हैं वीडियो में भारती सिंह कहती दिख रही हैं, 'हैपी बर्थडे रूपा दी। खुश हो गई यार, बच्चों के पास नहीं जा सकती, सेलिब्रेशन नहीं कर सकती तो अब तो रूपा दी की फैमिली हम ही हैं। तो हमें ध्यान रखना चाहिए।' भारती उनसे पूछती हैं कि क्या गिफ्ट्स उन्हें पसंद आया? इसपर वो कहती हैं- हां, बहुत पसंद आया लेकिन सिर्फ कपड़े ठीक थे, जूलरी की क्या जरूरत थी। लोगों ने की भारती की तारीफ लोगों ने भारती के इस अंदाज की तारीफ करते हुए कहा है, 'भारती जैसा कोई नहीं।' एक और ने कहा, 'बहुत प्यारी भारती जी, इसलिए भगवान आपको इतनी सारी खुशियां देते हैं। वहीं एक ने छानबीन करते हुए कहा है, 'क्या कोई मुझे बताएगा कि ये गोल्ड या कुछ और है?' लोगों ने भारती की तारीफ की है जो अपने नैनी की इज्जत भी करती हैं और उन्हें प्यार भी करती हैं। मां ने घर-घर में काम करके कमाना शुरू किया बता दें कि इससे पहले एक इंटरव्यू में भारती ने बताया था कि उनका बचपन पिता के बिना अकेली मां के सहारे कटा है और उन्होंने काफी तंगी देखी है। पिता के निधन के बाद मां और तीन बच्चों से रिश्तेदारों ने भी मुंह मोड़ लिए थे। भारती ने कहा था कि मां चाहतीं तो दूसरी शादी या रिलेशनशिप में रह सकती थीं लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने अपने बच्चों को पालने के लिए घर-घर में काम करके कमाना शुरू किया। बचपन में घरों से मिलता था बचा हुआ खाना भारती ने एक पॉडकास्ट पर कहा था कि वो भी मां के साथ त्योहारों पर उन घरों में चली जाती थीं और उनके गेट पर बैठी रहती थी। उन्होंने बताया कि जब मां काम कर जाने लगती थीं तो उन्हें वो लोग बचा-खुचा खाना देते थे और उतने से भी सभी बच्चे खुश हो जाते थे। उन्होंने कहा था, 'उनके दिए परसों के कोफ्ते हमारे लिए फ्रेश होते थे।' भारती सिंह ने ये भी कहा था कि वो अपने घर ताम करने वालों के साथ परिवार जैसा व्यवहार करती हैं। उन्हें अपने साथ ही खाने की टेबल पर बैठाती हैं। 'मुझे लगता है कि मेरी मम्मी है वो, मेरी बहन है' भारती ने कहा था कि वो अपने यहां कम करने वालों से परिवार जैसा व्यवहार रखती हैं। उन्होंने कहा था, 'जितनी मेरी हाउस हेल्प हैं न…मैं जहां रहती हूं वो वहां रहती हैं। मैं जहां फ्लाई करती हूं वो वैसे ही फ्लाई करती हैं। हम जहां खाते हैं, वो भी हमारे साथ वहीं खाती है…ऐसा नहीं कि उस टेबल पर बैठो बेटा, इधर मैं और सर बैठे हैं…नहीं इधर ही।' भारती ने कहा कि की बार वो भी उनकी प्लेट से खा लेती हैं। उन्होंने कहा था, 'मुझे लगता है कि मेरी मम्मी है वो, मेरी बहन है।

सिलाई मशीन के पीछे छिपा खतरनाक मंसूबा — फैजान चाहता था कश्मीर को भारत से अलग, गुजरात में गिरफ्तारी

अहमदाबाद गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वॉवड (ATS) ने नवसारी पुलिस के साथ मिलकर एक बड़े आतंकी साजिश का पर्दाफाश किया है। सोमवार को पुलिस ने 22 साल के एक शख्स को गिरफ्तार किया जो आतंकी संगठनों से प्रेरित होकर जिहाद की राह पर निकल चुका था। वह ना सिर्फ कई लोगों की हत्याओं की साजिश रच चुका था, बल्कि भारत के खिलाफ जंग छोड़ने और जम्मू-कश्मीर को अलग कर देने तक का इरादा रखता था।   आरोपी की पहचान फैजान सलमानी के रूप में हुई है, जो नवसारी के जाराकवाड इलाके में अक्सा मस्जिद के पास रहता था। मूलरूप से उत्तर प्रदेश के रामपुर का रहने वाला वाला है। वह नवसारी में रहकर दर्जी का काम करता था। डिप्टी एसपी हर्ष उपाध्याय को सूचना मिली थी कि फैजान आतंक फैलाने के लिए उत्तर प्रदेश में कुछ लोगों की हत्या की साजिश रच रहा था। गोपनीय सूचना के बाद एटीएस के अधिकारियों ने आरोपी को दबोच लिया। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी आतंकियों की विचारधारा से बहुत प्रेरित था और सशस्त्र संघर्ष के जरिए जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग करने का सपना पाल रहा था। जिहादी साजिशों से भरा फोन जांच के दौरान फैजान का फोन भी जिहादी सामग्रियों से भरा हुआ मिली। वह जैश-ए-मोहम्मद और अलकायदा के समर्थन वाले वीडियो और अन्य दस्तावेज मिले हैं। उसके फोन में भारत के कई अहम ठिकानों, प्रतीक चिह्नों और नक्शों से छेड़छाड़ वाली तस्वीरें मिली हैं। वह कई ऐसे लोगों को धमकियां दे चुका था जिन पर पैगंबर के अपमान का आरोप है। वह 'मोहम्मद अबु बकर' नाम के एक शख्स के साथ भी चैट कर रहा था। वह अभी फरार बताया जा रहा है। इस चैट में जैश के प्रोपेगेंडा वीडियो, भड़काऊ भाषण और वीडियो मिले हैं। फैजान बकर के साथ कई महीनों से संपर्क में था। क्या-क्या इरादे रखता था फैजान पूछताछ के दौरान फैजान ने कबूल किया कि उसने छह महीने पहले यूपी से एक पिस्टल और छह कारतूस खरीदे थे। उसने कहा यह हथियार उसने उन लोगों की हत्याओं के लिए खरीदा था जिनकी तस्वीरें और फोटोग्राफ जिहादी ग्रुपों में शेयर किए गए थे। एटीएस अधिकारियं ने बताया कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक फैजान अपने हैडलर्स के साथ मिलकर भारत के खिलाफ जंग छेड़ने, हिंसा भड़काने और युवाओं को जिहाद के लिए उकसाने में शामिल था। फैजान के खिलाफ यूएपीए, बीएनएस और आर्म्स ऐक्ट के तहत केस दर्ज किए गए हैं।

अजित पवार की मौत पर सियासत तेज: ममता बोलीं– सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच, भरोसा खत्म

कोलकाता महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजित पवार का बुधवार सुबह एक दुखद विमान दुर्घटना में निधन हो गया। यह हादसा पुणे जिले के बारामती में हुआ, जब उनका विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस घटना ने पूरे देश के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ दी है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस विमान हादसे को लेकर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की है। उन्होंने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए संभावित साजिश की आशंका जताई और देश में राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए।   मीडिया से बातचीत में ममता बनर्जी ने कहा कि वह इस खबर से स्तब्ध हैं और इसे राष्ट्र के लिए बड़ी क्षति बताया। उन्होंने दावा किया कि राजनीतिक नेतृत्व के लिए भी कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं बची है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर प्रसारित उन बयानों का भी जिक्र किया जिनमें कहा जा रहा था कि अजित पवार भाजपा छोड़ने पर विचार कर रहे थे। ममता ने संकेत दिया कि अजित पवार महायुति गठबंधन से दूरी बनाने की कोशिश कर रहे थे, इसलिए इस हादसे के पीछे कोई साजिश हो सकती है। उन्होंने कहा- 'आज जो हुआ, वह गंभीर सवाल खड़े करता है। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच ही विश्वसनीय होगी। हमें सिर्फ सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा है, किसी अन्य एजेंसी पर नहीं।' उन्होंने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों की स्वतंत्रता प्रभावित हुई है। इससे पहले उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और हादसे की उचित जांच की मांग की। बनर्जी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा- अजित पवार के अकास्मिक निधन से स्तब्ध हूं। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री तथा उनके साथ सवार अन्य लोगों की आज सुबह बारामती में हुए भीषण विमान हादसे में मृत्यु हो गई। इस घटना से गहरे शोक में हूं। उनके परिवार, उनके चाचा शरद पवार जी सहित, तथा दिवंगत अजित के सभी मित्रों और समर्थकों के प्रति मेरी संवेदनाएं। हादसे की गहन जांच की मांग अन्य दलों के नेताओं ने भी की है। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई, राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव और वंचित बहुजन आघाड़ी के नेता प्रकाश आंबेडकर ने भी स्वतंत्र और पारदर्शी जांच पर जोर दिया। अजित पवार मुंबई से बारामती के लिए जिला परिषद चुनावों से पहले चार जनसभाओं को संबोधित करने जा रहे थे। सुबह 8:10 बजे मुंबई से उड़ान भरने वाला 16 वर्षीय बॉम्बार्डियर लियरजेट 45 (पंजीकरण VT-SSK) सुबह करीब 8:50 बजे बारामती में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस ट्विन-इंजन हल्के जेट विमान को वीआईपी और कॉरपोरेट यात्राओं में आमतौर पर इस्तेमाल किया जाता है। यह VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित था। टक्कर के बाद विमान पूरी तरह नष्ट हो गया, मलबा दूर-दूर तक फैल गया और घटनास्थल से धुएं के गुबार उठते देखे गए। किसी के बचने की सूचना नहीं है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, विमान को लैंडिंग के दौरान कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उड़ान ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, विमान ने सुबह 8:30 बजे पहली लैंडिंग का प्रयास किया, जो खराब दृश्यता के कारण विफल रहा। इसके बाद 8:42 बजे दूसरी अप्रोच की गई, लेकिन 8:45 बजे के आसपास रडार से संपर्क टूट गया और रनवे 11 के थ्रेशोल्ड के पास विमान क्रैश हो गया। बारामती में दृश्यता कम थी और हवाईअड्डे पर नाइट-लैंडिंग सुविधा भी उपलब्ध नहीं है, जिससे ऐसे हालात में सुरक्षित लैंडिंग सीमित हो जाती है। हादसे के बाद शवों की पहचान कठिन थी; अजित पवार की पहचान उनकी कलाई घड़ी से की गई।  

AUS vs PAK क्लैश: विश्व कप वार्म-अप में कौन दिखाएगा असली दम?

नई दिल्ली टी20 विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच 3 मैच की सीरीज गुरुवार से शुरू हो रही है। इसके जरिए पाकिस्तानी टीम को विश्व कप की तैयारियों को पुख्ता करने और ऑस्ट्रेलियाई टीम को उपमहाद्वीप की स्थितियों के मुताबिक खुद को ढालने का मौका होगा। सीरीज का पहला मुकाबला गुरुवार को लाहौर में भारतीय समयानुसार शाम साढ़े 4 बजे से शुरू होगा। पाकिस्तान का मजबूत पक्ष पाकिस्तानी टीम टी20 की खतरनाक टीमों में गिनी जाती है। घर में उसे हराना किसी भी टीम के लिए काफी मुश्किल रहा है। तेज गेंदबाजी उसकी मजबूती रही है। उसके पेसर नई गेंद से जल्द विकेट चटकाने की क्षमता रखते हैं। वहीं बल्लेबाजी में उसके पास बाबर आजम के रूप में शानदार बल्लेबाज है जिनका टी20 में शानदार रिकॉर्ड है। हालांकि वह काफी समय से अपनी ख्याति के अनुरूप प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं। बिग बैश लीग में वह कोई खास छाप नहीं छोड़ पाए थे फिर भी टी20 इंटरनेशनल में उन्हें हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। ऑस्ट्रेलिया का मजबूत पक्ष दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया की बात करें तो वो बेशक दुनिया की सबसे खतरनाक टीमों में से एक है। वह खेल के हर डिपार्टमेंट में खतरनाक है। उसके पास एक बहुत ही मजबूत बैटिंग लाइन अप है जो किसी भी गेंदबाजी की धज्जियां उड़ाने में सक्षम है। इसके अलावा उसके पास जानदार तेज गेंदबाजी है जो किसी भी तरह की सतह पर विकेट चटकाने में सक्षम है। उसका स्पिन डिपार्टमेंट भी मजबूत है। हालांकि भारतीय उपमहाद्वीप की स्थितियों में उसके खिलाड़ियों की कड़ी परीक्षा होगी। ट्रेविस हेड, कैमरन ग्रीन, एडम जैम्पा जैसे खिलाड़ी सीरीज में अपनी छाप छोड़ने को बेकरार होंगे। दोनों टीमों का हालिया प्रदर्शन पाकिस्तान पाकिस्तान ने पिछले साल श्रीलंका और जिम्बाब्वे के साथ हुए ट्राई सीरीज में जीत हासिल की थी। फाइनल में उसने श्रीलंका को शिकस्त दी थी। हालांकि उसके बाद श्रीलंका के साथ हुई टी20 सीरीज 1-1 से बराबरी पर रही थी। सीरीज के पहले मुकाबले में पाकिस्तान ने श्रीलंका को 20 गेंद बाकी रहते 6 विकेट से हराया था। दूसरा मैच बारिश की वजह से रद्द हो गया था और एक भी गेंद नहीं फेंकी गई थी। 11 जनवरी 2026 को हुए तीसरे टी20 में श्रीलंका ने पाकिस्तान को 14 रन से शिकस्त दी थी। ऑस्ट्रेलिया दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया की बात करें तो उसे अपनी पिछली टी20 सीरीज में 2-1 से हार का सामना करना पड़ा था और वह भी अपने घर में। अक्टूबर-नवंबर में ऑस्ट्रेलिया ने भारत के साथ 5 टी20 मैच की सीरीज खेली थी। पहला मुकाबला बारिश की वजह से रद्द हो गया था। दूसरे में ऑस्ट्रेलिया ने 4 विकेट से जीत हासिल कर 1-0 की बढ़त बनाई थी लेकिन उसके बाद उसे तीसरे और चौथे मैच में भारत के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। पांचवां मैच भी बारिश की वजह से रद्द हो गया था। दोनों टीमें इस प्रकार हैं ऑस्ट्रेलिया का स्क्वाड: ट्रेविस हेड, जोश इंग्लिस, मिचेल ओवेन, जोश फिलिप (विकेटकीपर), मैट रेनशॉ, मैथ्यू शॉर्ट, मिचेल मार्श (कप्तान), सीन एबॉट, कूपर कोनोली, जैक एडवर्ड्स, कैमरन ग्रीन, मार्कस स्टोइनिस, जेवियर बार्टलेट, माहली बर्डमैन, बेन ड्वारशुइस, मैथ्यू कुहनमैन, एडम जैम्पा। पाकिस्तान का स्क्वाड: बाबर आजम, फखर जमां, ख्वाजा नैफे, साहिबजादा फरहान, सैम अयूब, उस्मान खान (विकेटकीपर), सलमान आगा (कप्तान), फहीम अशरफ, मोहम्मद नवाज, शादाब खान, अबरार अहमद, मोहम्मद वसीम, नसीम शाह, सलमान मिर्जा, शाहीन शाह अफरीदी, उस्मान तारिक।  

गाँधी टॉक्स का दमदार ट्रेलर रिलीज़, दर्शकों में उत्सुकता

मुंबई,  ज़ी स्टूडियोज द्वारा प्रस्तुत और क्यूरियस डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड, पिंक्मून मेटा स्टूडियोज तथा मूवी मिल एंटरटेनमेंट के सहयोग से बनी फिल्म गांधी टॉक्स का ट्रेलर रिलीज हो गया है। जहां आज का अधिकांश सिनेमा शोर और तमाशे से भरा हुआ है, वहीं गाँधी टॉक्स संयम और आत्मविश्वास के साथ सामने आती है। यह ट्रेलर बिना संवाद बोले बहुत कुछ कह जाता है।विजय सेतुपति, अरविंद स्वामी, अदिति राव हैदरी और सिद्धार्थ जाधव जैसे दमदार कलाकारों से सजे इस फिल्म के ट्रेलर में आंतरिक संघर्ष और बिना शब्दों की अभिव्यक्ति की झलक मिलती है। यहाँ संवादों की जगह अभिव्यक्ति और उपस्थिति कहानी का केंद्र बनती है। विजय सेतुपति ने कहा, "गाँधी टॉक्स ने मुझे बिना शब्दों के भाव व्यक्त करने की चुनौती दी। यह एक दुर्लभ फिल्म है, जहाँ मौन ही सबसे ताकतवर संवाद बन जाता है।" अरविंद स्वामी ने कहा, "एक ऐसी दुनिया में जो शोर से भरी है, गाँधी टॉक्स हमें याद दिलाती है कि खामोशी अब भी आत्मा को झकझोर सकती है। इस फिल्म में शब्द पीछे हट जाते हैं और सच चुपचाप सामने आ जाता है। रहमान का संगीत इसकी भाषा बन जाता है।" अदिति राव हैदरी ने कहा, "इस फिल्म में मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया कि भावनाओं को बोला नहीं, महसूस किया जाता है। यह फिल्म संवेदनशीलता और खामोशी को एक साथ बहुत खूबसूरती से जीने देती है।" किशोर पांडुरंग बेलेकर द्वारा निर्देशित गाँधी टॉक्स को ए.आर. रहमान के प्रभावशाली संगीत और बैकग्राउंड स्कोर का सशक्त सहारा मिला है।  

भविष्य के निर्माण की झलक: लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने IIT Madras में 3D प्रिंटिंग तकनीक देखी

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह ने बुधवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास में 3D प्रिंटिंग आधारित भवन निर्माण तकनीक का अवलोकन किया। लोक निर्माण मंत्री  सिंह ने कहा कि 3D प्रिंटिंग तकनीक से भवन निर्माण में न सिर्फ तेजी आएगी बल्कि गुणवत्ता भी बेहतर होगी। वर्ष 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले जैसे विशाल आयोजनों में जहां परिस्थितियों के अनुरूप तीव्र गति से भवन निर्माण की जरूरत होती है वहां 3D प्रिंटिंग आधारित निर्माण तकनीक बहुत कारगर सिद्ध हो सकती है। मंत्री  सिंह ने यह भी बताया कि लोक निर्माण विभाग नवीन तकनीकों, नवाचारों और बेस्ट प्रैक्टिसेज को प्रदेश में लागू करने के लिए हर स्तर पर प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में आईआईटी मद्रास की यह अध्ययन यात्रा आयोजित की गई है। उन्होंने जानकारी दी कि इससे पूर्व लोक निर्माण विभाग के प्रतिनिधिमंडल द्वारा गुजरात, तेलंगाना और महाराष्ट्र में भी नवीन निर्माण तकनीकों और आधुनिक कार्य प्रणालियों का अध्ययन किया जा चुका है। गुजरात अध्ययन यात्रा का नेतृत्व स्वयं मंत्री   सिंह ने किया था। मंत्री   सिंह ने बताया कि 3D प्रिंटिंग, जिसे एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग भी कहा जाता है, पारंपरिक निर्माण पद्धतियों से भिन्न है। इसमें पहले कंप्यूटर पर भवन का डिजिटल डिज़ाइन तैयार किया जाता है और फिर विशेष मशीनों द्वारा कंक्रीट अथवा अन्य निर्माण सामग्री को परत-दर-परत प्रिंट कर संरचना का निर्माण किया जाता है। इस प्रक्रिया में ईंट, शटरिंग और पारंपरिक ढलाई की आवश्यकता अत्यंत कम हो जाती है, जिससे निर्माण अधिक तेज़, सटीक और नियंत्रित बनता है। मंत्री  सिंह कहा कि जहां पारंपरिक निर्माण में महीनों का समय लगता है, वहीं 3D प्रिंटिंग तकनीक से कई संरचनाएं कुछ ही दिनों में तैयार की जा सकती हैं। मौसम, श्रमिक उपलब्धता और शटरिंग जैसी बाधाओं का इस तकनीक पर सीमित प्रभाव पड़ता है। आपदा-प्रभावित क्षेत्रों, आपातकालीन आवास, स्कूल तथा स्वास्थ्य अवसंरचना जैसे कार्यों में यह तकनीक विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध हो सकती है। डिजिटल डिज़ाइन आधारित निर्माण से यूनिफॉर्म क्वालिटी, उच्च सटीकता और बेहतर स्ट्रक्चरल स्ट्रेंथ सुनिश्चित होती है, साथ ही मानवीय त्रुटियों की संभावना भी कम होती है। हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया कि वर्तमान में यह तकनीक हर प्रकार के निर्माण का पूर्ण विकल्प नहीं है। इसे अपनाने के लिए पायलट प्रोजेक्ट, इंजीनियरों की विशेष ट्रेनिंग तथा तकनीकी संस्थानों और स्टार्ट-अप्स के साथ समन्वय आवश्यक होगा। मंत्री  सिंह ने यह भी कहा कि आने वाले समय में देश के अन्य तकनीकी संस्थानों और राज्यों में भी इस प्रकार की अध्ययन यात्राएं आयोजित की जाएंगी, ताकि नई तकनीकों को समझकर उन्हें प्रदेश की आवश्यकताओं के अनुरूप चरणबद्ध और सुरक्षित तरीके से लागू किया जा सके। अध्ययन यात्रा के दौरान मंत्री ने सड़क सुरक्षा से जुड़ी नवीन तकनीकों तथा डेटा ड्रिवन हाइपरलोकल आधारित कार्य प्रणालियों का भी अवलोकन किया। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, ब्लैक स्पॉट विश्लेषण और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली पर विशेषज्ञों के साथ विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर आईआईटी मद्रास के सड़क सुरक्षा प्रभाग के प्रमुख प्रोफेसर वेंकटेश बालासुब्रह्मण्यम एवं इंजीनियरिंग डिज़ाइन प्रभाग के प्रमुख प्रोफेसर जयकांथन के साथ उभरती तकनीकों, इंजीनियरिंग नवाचार और सड़क सुरक्षा पर सार्थक संवाद हुआ। चर्चा में प्रबंध संचालक भवन विकास निगम एम सिबी चक्रवर्ती, प्रमुख अभियंता (भवन) लोक निर्माण विभाग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।  

‘अयोध्या से कटियार ही लड़ें’— बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान, सियासत में साजिश का आरोप

गोंडा कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा है कि अयोध्या लोकसभा सीट पर पहला हक विनय कटियार का है और उन्हें ही चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने यह बात एक चैनल से बातचीत के दौरान कही। पूर्व सांसद ने कहा कि उनके साथ 2023-24 में षड्यंत्र हुआ, इसलिए उन्होंने कहा था कि वह लोकसभा जाएंगे।   भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह ने सोमवार को संकेत दिया था कि वह 2029 का लोकसभा चुनाव अयोध्या सीट से लड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला सही समय पर लिया जाएगा। लेकिन वह किसी भी तरह लोकसभा जरूर जाएंगे। उनका ये बयान सुर्खियों में आने के बाद एक बार फिर सियासी हलचल बढ़ गई। इसे ही लेकर उन्होंने एक मीडिया चैनल से बात की और कहा, ‘आज फिर बोल रहा हूं कि मैं लोकसभा का चुनाव 2029 में लड़ूंगा। सीट पार्टी तय करेगी कि मुझे कहां से लड़ना है। मुझे एक बार लोकसभा जाना है, चाहे जैसे जाऊं।’ पूर्व सांसद ने एक बार फिर अलग-अलग वर्ग के विधायकों व सांसदों की बैठक का समर्थन किया और कहा कि मुझे इसमें कुछ गलत नहीं दिखता। उन्होंने कहा कि पंकज चौधरी से मेरे पुराने संबंध हैं। 1991 में वह दोनों एक साथ चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे थे। प्रदेश अध्यक्ष बनने से पार्टी को फायदा होगा। बृजभूषण शरण ने राष्ट्रकथा कार्यक्रम का भी जिक्र किया, जिसे सबको जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित किया गया और जिसमें सभी का सहयोग लिया गया। उन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों पर भी टिप्पणी की और कहा कि जब तक पूरी जानकारी नहीं मिलती, तब तक इस पर बोलना उचित नहीं है। इसके अलावा, उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ अपने संबंधों को बेहतर बताया। पहले भी चुनाव लड़ने का कर चुके हैं जिक्र इससे पहले भी बृजभूषण शरण सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि वह 2029 का चुनाव जरूर लड़ेंगे। दुनिया की कोई भी ताकत उन्हें चुनाव लड़ने से नहीं रोक सकती है। उन्होंने कहा था, ‘भाजपा से मेरा बेटा विधायक है, एक बेटा सांसद है, भतीजा ब्लॉक प्रमुख है। पत्नी जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी है। हमारी विचारधारा भारतीय जनता पार्टी की है।’  

मुख्यमंत्री सुभाष स्कूल में प्रदेश स्तरीय शैक्षिक गुणवत्ता शिक्षक सम्मेलन में हुए शामिल

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युग बदले, सदियां बदलीं पर शिक्षकों का सम्मान कभी कम नहीं हुआ। शिक्षक उस दीपक के समान होते हैं, जो खुद जलकर दूसरों के जीवन को आलोकित करते हैं। शिक्षकगण सदैव सम्मानित थे, हैं और आगे भी रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि इनके सद्प्रयासों से ही प्रदेश के शासकीय स्कूलों का परीक्षा परिणाम ऐतिहासिक रूप से बेहतर से और बेहतर हुए हैं। बच्चों के प्रवेश, शाला नामांकन दर में भी रिकार्ड वृद्धि हुई है। साथ ही प्रदेश में बच्चों की ड्राप-आउट दर भी शून्य हो गई है। इसमें शिक्षकों का योगदान अतुलनीय है, वंदनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय के प्रांगण में मध्यप्रदेश शिक्षक संघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश स्तरीय शैक्षिक गुणवत्ता शिक्षक सम्मेलन में कहा कि हमारे सांदीपनि विद्यालय और पीएम  विद्यालय शिक्षा की गुणवत्ता के नए-नए मानक स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों की सफलता से हम सब अभिभूत हैं। इसलिए प्रदेश में इसी सत्र से 200 नए सांदीपनि विद्यालय खोले जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 को लागू करने में मध्यप्रदेश देश के पहले राज्यों में हैं। हम अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए ए.आई., कोडिंग और कौशल आधारित शिक्षा की दिशा में भी तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। इसमें शिक्षकों का बहुमूल्य योगदान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों के हित में सरकार ने कोई कमी नहीं रखी है। आगे भी जो कुछ हित लाभ बचा है, वह भी जल्द ही देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित करने के साथ सरस्वती पूजन कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय की छात्राओं ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में अनेक शिक्षक हितैषी निर्णयों के लिए संघ द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय अभिनंदन किया गया। सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान कर लिया आशीर्वाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवानिवृत्त व्याख्याता  मती कोकिला सेन,   बद्री प्रसाद तिवारी,   बृजमोहन आचार्य,   देवकृष्ण व्यास,   किशनलाल नाकड़ा को सम्मानित किया।  मती कोकिला सेन ने उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भौतिक शास्त्र की शिक्षा दी थी। मुख्यमंत्री ने अपनी गुरु का सम्मान कर उनके चरण छूकर उनका आशीर्वाद लिया। इसी तरह   बद्री प्रसाद तिवारी ने नरसिंहपुर में स्कूल शिक्षा मंत्री   उदय प्रताप सिंह को स्कूल में पढ़ाया था। कैलेंडर, डायरी और पुस्तिका का किया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को सुभाष स्कूल में मध्यप्रदेश शिक्षक संघ की विकास यात्रा पर केन्द्रित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के वार्षिक कैलेंडर, 'हमारा विद्यालय-हमारा तीर्थ' नामक पुस्तिका, टेबल कैलेंडर एवं डायरी का भी विमोचन किया। हर काल में शिक्षकों के मार्गदर्शन में युवा बने महान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे मन के भावों से शिक्षा पद्धति और शिक्षकों से जुड़े हुए हैं। यह सम्मेलन भाव विभोर कर देने वाला है। एक शिक्षक हमारे अंदर विद्मान प्रतिभाओं को निखारने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री   नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व में अपनी एक नई पहचान बना रहा है। हर युग में गुरु और शिक्षकों ने अपने शिष्यों के माध्यम से ही समाज को उसके सभी प्रश्नों/समस्याओं के उत्तर दिलवाए हैं। उन्होंने कहा कि हर काल में मध्यप्रदेश की धरती सौभाग्यशाली रही है। हमारा संबंध भगवान  राम,  कृष्ण से भी जुड़ता है। झाबुआ से निकलकर एक बालक चंद्रशेखर आजाद बनता है। मध्यप्रदेश की धरती पर सम्राट विक्रमादित्य और राजा भोज ने शासन किया। हर काल में युवाओं ने अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन में बड़ी-बड़ी भूमिकाएं अदा की हैं। विकसित भारत का लक्ष्य पाने में प्रदेश की भूमिका महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का एक अर्थ 'सहकार' भी होता है। यह परस्पर सामंजस्य से ही संभव है। सरकार के लक्ष्य उच्चतम होने चाहिए। उसके समाज के सभी प्रश्नों और समस्याओं के समाधान की मंशा और ऐसा सामर्थ्य भी होना चाहिए। चुनी हुई सरकार हर वर्ग के कल्याण का ध्यान रखती है। विकसित भारत का लक्ष्य पाने में मध्यप्रदेश अपनी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। देश के प्रधानमंत्री, राज्य के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री भी शासकीय विद्यालयों से ही पढ़कर यहां तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के 22 हजार से अधिक शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण बड़ी सरलता से हुआ है। कुलपति को कुलगुरू का दिया नाम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति को सफलतापूर्वक लागू करने में मध्यप्रदेश देश के पांच राज्यों में से एक है। मध्यप्रदेश भारत के सबसे कम बेरोजगारी दर वाले तीन राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भव्य सांदीपनि विद्यालय बन रहे हैं। हमारी सरकार ने शिक्षकों को महंगाई भत्ते का भी लाभ दिया है। करीब डेढ़ लाख शिक्षक इससे लाभान्वित हुए हैं। प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति को हमने कुलगुरु का नया नाम दिया है। हमारी सरकार गुरूजनों के सम्मान में कोई कसर नहीं छोड़ रही। विद्यार्थियों को मिल रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा : शिक्षा मंत्री  सिंह स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग ने नए आयाम स्थापित किए हैं। राज्य सरकार शिक्षकों को अनेक सौगातें दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के गांवों के साथ शहरों के विकास को गति प्रदान की है। वे प्रदेश के गरीब और किसानों की चिंता करते हैं। स्कूल के भवनों के नव निर्माण के साथ बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। प्रदेश के शासकीय स्कूलों में ड्राप-आउट दर शून्य हो गई है। नए विद्यार्थियों की नामांकन दर में भी वृद्धि हो रही है। प्रदेश में सरकार के कामों को मान्यता मिल रही है, तो उसमें सबसे बड़ा योगदान शिक्षकों का ही है। स्कूल शिक्षा मंत्री   सिंह ने बताया कि प्रदेश में पहली बार सभी पात्र शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ देने के लिए 322 करोड़ रुपए की एकमुश्त राशि मंजूर की गई। यह एक इतिहास है। हमने स्कूल शिक्षा में वर्षों से आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए समय-सीमा तय की है। स्कूलों में सभी जरूरी सुविधाओं के लिए हमने एकमुश्त राशि आवंटित की है। पिछली … Read more

सीएम मोहन यादव बोले: इंडिया-यूरोपियन यूनियन डील से आम वस्तुओं की कीमतों में राहत

भोपाल  भारत ने यूरोपियन यूनियन के ट्रेड डील की है। इसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टेरिफ वार का जवाब माना जा रहा है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इस डील पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने भारत व यूरोपियन यूनियन के बीच ट्रेड डील का स्वागत किया है। सीएम मोहन यादव ने कहा है कि इसका मध्यप्रदेश सहित देश के सभी राज्यों को भी लाभ होगा, अनेक वस्तुएं सस्ती होंगी। उन्होंने कहा कि यह ट्रेड डील हमारी अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगी। सीएम मोहन यादव ने भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच हुए द्विपक्षीय व्यापार समझौते (न्यू ट्रेड डील) पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यूरोपियन यूनियन के साथ यह ट्रेड डील भारत में आयात कम करने और निर्यात बढ़ाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। राज्यों को भी भरपूर लाभ मिलेगा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस डील से देशभर में वस्तुएं सस्ती होंगी और राज्यों को भी इसका भरपूर लाभ मिलेगा। उन्होंने बुधवार को मीडिया को दिए संदेश में ये विचार व्यक्त किए। भारत आर्थिक रूप से समृद्ध और सशक्त हो रहा सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आर्थिक रूप से समृद्ध और सशक्त हो रहा है। दुनिया के कई देशों में आर्थिक और कूटनीतिक स्तर पर उथल-पुथल का वातावरण बना हुआ है। ऐसे समय में भी प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से डेढ़ अरब की आबादी के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने की ओर तेजी से आगे बढ़ रही है। यह ट्रेड डील इसी दिशा में एक बेहद कारगर कदम है।