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बौद्ध बनकर अल्पसंख्यक कोटा लेने की कोशिश, सुप्रीम कोर्ट नाराज़— CJI की तीखी टिप्पणी

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बौद्ध धर्म अपनाने वाले हिंदू अपर कास्ट युवक के अल्पसंख्यक आरक्षण की मांग करने पर कड़ी फटकार लगाई। सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने इसे नया तरीके का फ्रॉड करार दिया। अदालती सुनवाइयों को रिपोर्ट करने वाली वेबसाइट बार एंड बेंच के अनुसार, निखिल कुमार पूनिया ने याचिका दायर कर अल्पसंख्यक उम्मीदवार के आधार पर एडमिशन की मांग की। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने पूछा कि आप कौन से पूनिया हैं? आप किस अल्पसंख्यक समुदाय से हैं? सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, ''मैं आपसे सीधे-सीधे पूछता हूं, आप कौन से पूनिया हैं?'' इस पर निखिल के वकील ने जवाब दिया कि जाट पूनिया हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि तब कैसे अल्पसंख्यक हुए? सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि उसने (निखिल) बौद्ध धर्म अपना लिया है और यह उसका अधिकार है। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने फटकार लगाते हुए कहा कि वाओ, यह तो नया तरीके का फ्रॉड है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को सख्त आदेश दिया। उसने कहा कि राज्य उसे अल्पसंख्यक सर्टिफिकेट जारी करने के लिए गाइडलाइंस की जानकारी दे और बताए कि क्या ऊंची जाति के जनरल कैटेगरी के उम्मीदवार बौद्ध धर्म अपनाने के बाद अल्पसंख्यक सर्टिफिकेट हासिल कर सकते हैं। कोर्ट ने हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी से जवाब मांगा है।

किसानों के लिए सुरक्षा कवच बनी योगी सरकार, 873.58 करोड़ रुपए की सहायता जारी

लखनऊ प्रदेश के किसानों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से लागू की गई मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना एक मजबूत सुरक्षा कवच बनकर उभरी है। साल 2019 से संचालित इस योजना के तहत अब तक 1 लाख 8 हजार से अधिक किसानों को आर्थिक सहायता मिल चुकी है। मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुरूप योजना का पूरी तरह डिजिटलीकरण किया जा रहा है, जिससे योजना के क्रियान्वयन में सरलता के साथ पारदर्शिता में भी बढ़ोतरी होगी। योजना न केवल दुर्घटना की स्थिति में किसान परिवार का संबल बनती है, बल्कि प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी स्थिरता प्रदान करती है। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत दुर्घटनावश मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति में किसान परिवार को 5 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना के तहत राजस्व विभाग की ओर से 873.58 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं, जिससे प्रदेश के 18,145 किसानों या उनके परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में वर्ष 2023-24 में योजना का दायरा बढ़ाते हुए भूमिहीन किसानों व खेतिहर श्रमिकों को भी योजना में शामिल किया गया। वर्ष 2023-24 में योजना के अंतर्गत 944.72 करोड़ रुपए वितरित कर 23,821 किसानों को सहयोग प्रदान किया गया था। योजना की शुरुआत के वर्ष 2019 से अब तक 1,08,098 किसानों या उनके परिवारों को आर्थिक सहायता दी जा चुकी है, जो इन परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा कवच साबित हो रही है। योजना के सुचारू व पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश पर राजस्व परिषद योजना का पूरी तरह डिजिटलीकरण कर रहा है। इसके लिए एनआईसी की मदद से एक आधुनिक वेब पोर्टल और सॉफ्टवेयर विकसित किया जा रहा है, जो कि फरवरी 2026 तक पूरा हो जाएगा। योजना के पूरी तरह ऑनलाइन हो जाने से किसानों को बार-बार तहसील या जिला कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और भ्रष्टाचार की संभावनाएं भी समाप्त हो जाएंगी। इस पोर्टल के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया से लेकर लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे धनराशि हस्तांतरण तक संभव हो सकेगा। योजना में पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी के लिए इस पोर्टल को डैशबोर्ड से भी जोड़ा जा रहा है। योजना प्रदेश के किसानों को कठिन परिस्थितियों में आर्थिक संबल प्रदान कर योगी सरकार की किसान हितैषी सोच को मजबूती से आगे बढ़ा रही है।

गांवों की तरक्की की रीढ़ हैं मजबूत सड़कें: मंत्री चौहान

भोपाल . अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री   नागर सिंह चौहान ने कहा है कि गांवों का समग्र विकास सुदृढ़ सड़क नेटवर्क से होता है।सड़क मार्ग बनने से विकास कार्य सीधे आमजन तक पहुंचते हैं और ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को गति मिलती है। मंत्री   चौहान बुधवार को आलीराजपुर जिले के सोंडवा ब्लॉक के ग्राम चिलवट मथवाड़–धनबयडी सड़क मार्ग निर्माण कार्य के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मंत्री   चौहान ने कहा कि क्षेत्र में मोबाइल टॉवर स्थापित होने से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब ऑनलाइन ग्रामीणों तक पहुंच रहा है। सड़क मार्ग सुगम होने से आसपास के क्षेत्रों से व्यापारी गांवों में बाजार-हाट लगाने आ रहे हैं, जिससे स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिल रहा है। मंत्री चौहान ने कहा कि वर्तमान समय में खर्च लगातार बढ़ रहे हैं, ऐसे में आय के वैकल्पिक स्रोत ढूँढ़ना आवश्यक है। पशुपालन से दूध उत्पादन एवं गोबर खाद से किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से खेती-किसानी के साथ-साथ वैकल्पिक व्यवसाय अपनाने का आह्वान किया। पशुपालन,मोबाइल रिपेयरिंग, टाइल्स लगाने, मोटर रिपेयर, सिलाई जैसे व्यवसायों से अतिरिक्त आय के साधन विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि छकतला क्षेत्र में हीरा घिसाई का कार्य कई युवा कर रहे हैं, जिससे उन्हें रोजगार प्राप्त हो रहा है। मंत्री   चौहान ने कहा कि सरकार किसानों को सोलर पैनल लगाने पर अनुदान प्रदान कर रही है और नर्मदा पट्टी क्षेत्र के किसान सोलर पैनल से मोटर भी चला सकते हैं। जल संग्रहण योजनाओं के प्रस्ताव भी शासन को भेजे गए हैं, जिससे स्थानीय जल का उपयोग सिंचाई में किया जा सके और सिंचित क्षेत्र का विस्तार हो। मंत्री चौहान द्वारा सोंडवा ब्लॉक के ग्राम चिलवट मथवाड़ से धनबयडी तक प्रस्तावित 7 किलोमीटर लंबे सड़क मार्ग निर्माण कार्य जिसकी लागत 785.16 लाख रुपये है का विधिवत भूमि-पूजन किया गया। कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों सहित पंचायत सदस्य एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।  

जेब में Aadhaar, लाइन से छुटकारा! नया Aadhaar App लॉन्च — घर बैठे अपडेट और वेरिफिकेशन आसान

नई दिल्ली आज आधार कार्ड धारकों के लिए एक बड़ा बदलाव आया है। UIDAI ने नया Aadhaar App लॉन्च कर दिया है, जो पुराने mAadhaar ऐप से कहीं अधिक उपयोगी है। यह ऐप 28 जनवरी 2026 से पूरे देश में उपलब्ध हो गया है। स्क्रीन पर सिर्फ फिजिकल कार्ड देखने के बजाय, अब आप अपने मोबाइल फोन में पूरा डिजिटल Aadhaar ID रख सकते हैं। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब आप मोबाइल नंबर और पता जैसे डिटेल्स को भी घर बैठे अपडेट कर सकेंगे, बिना Enrollment Center का चक्कर लगाए।   New Aadhaar App के 5 मुख्य फीचर्स और फायदे 1. अब फिजिकल Aadhaar कार्ड रखने की जरूरत खत्म नए Aadhaar App की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब आपको आधार कार्ड की फोटो कॉपी, PVC कार्ड या प्रिंटआउट साथ रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस ऐप में आपका पूरा Aadhaar डिजिटल फॉर्म में सुरक्षित तरीके से मौजूद रहेगा। जहां भी पहचान दिखाने की जरूरत हो बैंक, होटल, एयरपोर्ट, सरकारी दफ्तर वहां आप सीधे मोबाइल से Aadhaar दिखा सकते हैं। इससे आधार खोने, फटने या गलत इस्तेमाल का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। 2. Face Authentication से होगी पहचान, OTP की झंझट खत्म नया Aadhaar App Face Authentication सपोर्ट करता है। यानी अब सिर्फ मोबाइल नंबर पर आने वाले OTP पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी। आप अपने चेहरे से ही पहचान वेरिफिकेशन कर सकते हैं। यह फीचर खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिनके पास हमेशा OTP लेने के लिए फोन उपलब्ध नहीं रहता। 3. QR कोड से तुरंत वेरिफिकेशन नए ऐप में QR-code आधारित वेरिफिकेशन की सुविधा दी गई है। इसका मतलब यह है कि: किसी को Aadhaar की फोटो कॉपी देने की जरूरत नहीं, सामने वाला सिर्फ QR स्कैन करके आपकी पहचान जांच सकता है, डेटा में छेड़छाड़ की संभावना लगभग खत्म हो जाती है। यह फीचर होटल चेक-इन, इवेंट एंट्री, ऑफिस वेरिफिकेशन और किराए के मकान जैसे मामलों में बहुत काम आएगा। 4. एक ऐप में परिवार के कई Aadhaar (Multi-Profile Support) नया Aadhaar App Multi-Profile फीचर के साथ आता है। यानी: माता-पिता, बच्चे, परिवार के बुजुर्ग सदस्य। सबका Aadhaar एक ही ऐप में सुरक्षित रखा जा सकता है। इससे अलग-अलग फोन या डॉक्यूमेंट संभालने की परेशानी खत्म हो जाती है। बच्चों और बुजुर्गों के आधार मैनेज करना अब बेहद आसान होगा। 5. घर बैठे Aadhaar डिटेल अपडेट करने की सुविधा नए Aadhaar App में कई जरूरी अपडेट्स अब घर बैठे किए जा सकेंगे, जैसे: मोबाइल नंबर, पता (Address)। इससे अब Aadhaar Center के चक्कर, लंबी लाइनें और समय की बर्बादी काफी हद तक खत्म हो जाएगी। यह फीचर खासतौर पर कामकाजी लोगों और ग्रामीण इलाकों के लिए राहत लेकर आया है। Aadhaar फ्रॉड पर लगेगा ब्रेक QR वेरिफिकेशन, फेस ऑथेंटिकेशन और सिलेक्टिव शेयरिंग जैसे फीचर्स की वजह से: फर्जी Aadhaar इस्तेमाल करना मुश्किल होगा, फोटो कॉपी के दुरुपयोग पर रोक लगेगी, पहचान चोरी के मामलों में कमी आएगी, यानी नया Aadhaar App सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा कवच भी है।

राष्ट्रपति मुर्मू का अभिभाषण: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और 4 करोड़ घर गरीबों के लिए — देश के सपनों की दिशा

नई दिल्ली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि सरकार ने पिछले एक दशक में गरीबों के लिए चार करोड़ पक्के मकान बनाए हैं और बीते एक वर्ष में गरीबों को 32 लाख नए घर मिले हैं। मुर्मू ने बजट सत्र के पहले दिन अपने अभिभाषण में कहा कि जल जीवन मिशन के तहत पांच वर्षों में साढ़े 12 करोड़ नए परिवारों तक पाइप से पानी पहुंचाया गया और बीते एक वर्ष में करीब एक करोड़ नए परिवारों तक नल से जल की सुविधा पहुंची है। उन्होंने कहा कि उज्‍ज्‍वला योजना के माध्यम से अब तक 10 करोड़ से ज्यादा परिवारों को एलपीजी कनेक्शन मिले हैं और पिछले वर्ष भी यह अभियान तेजी से आगे बढ़ा है।   उन्होंने कहा, ‘पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत देश के 20 लाख से अधिक कारीगरों को प्रशिक्षण और बैंक से मदद दी जा रही है। पीएम स्वनिधि योजना के तहत भी रेहड़ी-फुटपाथ पर काम करने वाले 72 लाख लोगों को 16 हज़ार करोड़ रुपए की मदद मिल चुकी है।’ इसके अलावा उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का भी अपने अभिभाषण में जिक्र किया। राष्ट्रपति ने इस दौरान ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान विश्व ने भारतीय सेना का शौर्य और पराक्रम देखा जब देश ने अपने संसाधनों के बल पर आतंकियों के अड्डों को ध्‍वस्‍त कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने इसके साथ ही कड़ा संदेश दिया कि भारत पर किसी भी आतंकी हमले का जवाब दृढ़ और निर्णायक होगा। संसद के बजट सत्र की शुरुआत में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए मुर्मू ने कहा, ‘भारत ने सिद्ध किया है कि शक्ति का प्रयोग उत्तरदायित्व और विवेक के साथ किया जा सकता है। ऑपरेशन सिंदूर से विश्व ने भारतीय सेना का शौर्य और पराक्रम देखा है। हमारे देश ने अपने संसाधनों के बल पर आतंकियों के अड्डों को ध्‍वस्‍त कर दिया।’ उन्होंने कहा, ‘सरकार ने कड़ा संदेश दिया कि भारत पर किसी भी आतंकी हमले का जवाब दृढ़ और निर्णायक होगा। सिंधु जल समझौते को स्थगित किया जाना भी आतंकवाद के विरुद्ध हमारी लड़ाई का हिस्सा है। देश की रक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र पर भी काम हो रहा है।’ पहले 25 करोड़ को मिला था सामाजिक सुरक्षा कवच, अब 95 लाख उन्होंने संसद की संयुक्त बैठक में अपने चौथे अभिभाषण में कहा कि पारदर्शिता और ईमानदारी व्यवस्थाओं को मजबूत बना रही है तथा पौने सात लाख करोड़ रुपये प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से लोगों तक पहुंचाये गये हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के तीसरे कार्यकाल में गरीबों को सशक्त बनाने का अभियान तेज हुआ है। राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार सच्चे सामाजिक न्याय के लिए समर्पित है और इसी का नतीजा है कि एक दशक में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है। मुर्मू ने इस बात का उल्लेख किया कि 2014 तक सिर्फ 25 करोड़ लोगों को ही सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलता था, लेकिन आज 95 करोड़ लोगों को सामाजिक सुरक्षा का कवच मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार और घोटाला से मुक्त प्रशासन देने में सफल रही है जिससे एक-एक पाई भारत के विकास में खर्च हो रही है। हंगामे पर बरसी भाजपा, संसद में तार-तार हुई मर्यादा मुर्मू के अभिभाषण के दौरान कांग्रेस समेत विपक्ष के सांसदों की ओर से हंगामा जारी रहा। इसे लेकर भाजपा ने कहा कि आज फिर कांग्रेस पार्टी के नेताओं और विपक्ष ने संसदीय मर्यादा को तार-तार किया, उसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। नड्डा ने कहा, 'राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू संसद के दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में अभिभाषण में जब वंदे मातरम के 150वां साल मनाये जाने का जिक्र करते हुये बंगाल की धरती से स्वतंत्रता के उद्घोष और अमर मनीषी बंकिम बाबू के कृतित्व को याद कर नमन कर रहीं थीं, तभी अराजकतावादी कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने हंगामा कर दिया और नारे लगाना शुरू कर दिया। ऐसा कर के उन्होंने राष्ट्रगीत वंदेमातरम् और बंकिम चंद्र का भी अपमान किया। इस दृश्य को पूरे देश ने देखा है।' आखिर कांग्रेस और विपक्ष को वंदे मातरम से इतनी नफरत क्यों? नड्डा ने कहा कि मुझे समझ में नहीं आता कि वंदे मातरम्, बंकिम बाबू और पश्चिम बंगाल की धरती से कांग्रेस और इंडिया गठबंधन को इतनी नफरत क्यों है, आश्चर्य की बात यह है कि तृणमूल कांग्रेस भी विपक्षी हंगामे में साझेदार बन रही थी। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने संसद की गरिमा को जिस तरह ठेस पहुंचाया है। वह अति निंदनीय है। इसकी जितनी भी भर्त्सना की जाए वो कम है। इन लोगो को संसद और देश से माफ़ी मांगनी चाहिए।  

अन्याय के खिलाफ हमेशा मुखर रहे स्व. रामानंद सिंह: डिप्टी सीएम शुक्ल

भोपाल. उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि स्व. रामानंद सिंह निडर और स्वाभिमानी व्यक्ति थे उन्होंने गरीब, शोषित तथा पीड़ित मानवता की सेवा में अपना बलिदान दिया। वे हमेशा दूसरों के लिये जिए। उप मुख्यमंत्री   शुक्ल स्व. रामानंद सिंह की 46वीं पुण्य तिथि पर रीवा शहर के बरा बगीचे में आयोजित पुण्य तिथि समारोह में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि स्व. रामानंद सिंह ईमानदारी से कार्य करने के लिये याद रखे जायेंगे। उन्होंने कम उम्र में गरीबों की आवाज बनकर समाज में अपना स्थान बनाया था। उनकी असमय मृत्यु ने सभी को झकझोर कर रख दिया था। उनकी स्मृति में यह आयोजन समाज को जागरूक करने के लिये है जिसमें सभी को यह संकल्प लेना होगा कि चाहे वह किसी भी समुदाय, दल या वर्ग से हो सुचिता की राजनीति कर देश हित में कार्य करें। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को ध्यान में रखकर ही विकास हो रहा है। आने वाली पीढ़ी को भी देश हित में अपना योगदान देना चाहिए क्योंकि ईमानदारी से कार्य करने पर ही समाज हमें याद रखता है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने क्रांतिकारी युवा परिषद द्वारा आयोजित कार्यक्रम की प्रशंसा की तथा स्व. रामानंद जी को श्रृद्धासुमन अर्पित करते हुए अपेक्षा की कि यह आयोजन प्रतिवर्ष होगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि सिरमौर चौराहा में जन-भावनाओं के अनुकूल स्व. रामानंद जी की चिर स्मृति को सहेजने का कार्य होगा। कार्यक्रम में पूर्व सांसद बुद्धसेन पटेल, पूर्व विधायक रामलखन सिंह, सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों गणमान्य नागरिकों ने स्व. रामानंद सिंह का पुण्य स्मरण किया।  

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई। इस त्रासदी ने न केवल एक लोकप्रिय जननेता को छीन लिया, बल्कि उन दर्दनाक हादसों की कड़वी यादें भी ताजा कर दीं, जिनमें पहले भी देश ने अपने कई राजनीतिक दिग्गजों और प्रमुख हस्तियों को असमय खोया है। अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता पवार (66) और अन्य लोगों को ले जा रहा विमान पुणे के बारामती में उस समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया जब वह उतर रहा था।   होमी भाभा- 1966 भारत के अग्रणी परमाणु भौतिकी वैज्ञानिक होमी जहांगीर भाभा की मृत्यु 24 जनवरी 1966 को ‘एयर इंडिया’ की उड़ान 101 के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण हुई। जिनेवा एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) के साथ हुए गलत संचार की वजह से विमान ‘स्विस आल्प्स’ पहाड़ के मोंट ब्लांक में गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।   संजय गांधी- 1980 कांग्रेस नेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी की 23 जून 1980 को एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। वह सफदरजंग हवाई अड्डे के पास ‘दिल्ली फ्लाइंग क्लब’ के विमान में हवाई करतब दिखा रहे थे, तभी विमान अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।   माधवराव सिंधिया-2001 कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व नागर विमानन मंत्री माधवराव सिंधिया की मृत्यु 30 सितंबर 2001 को कानपुर में राजनीतिक रैली के लिए जा रहे विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण हुई। उत्तर प्रदेश में खराब मौसम के कारण 10 लोगों की बैठने की क्षमता वाला निजी विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।   जी एम सी बालयोगी-2002 लोकसभा अध्यक्ष रहे एवं तेलुगु देशम पार्टी के नेता जी एम सी बालयोगी की मृत्यु तीन मार्च 2002 को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुई। वह पश्चिम गोदावरी जिले के भीमवरम से आ रहे थे, जब उनका निजी हेलीकॉप्टर आंध प्रदेश के कृष्णा जिले के कैकलुरु के पास एक तालाब में गिर गया। सिप्रियन सांगा-2004 मेघालय के ग्रामीण विकास मंत्री किप्रियन सांगा और 9 अन्य लोग 22 सितंबर 2004 को गुवाहाटी से शिलॉन्ग जा रहे पवन हंस हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त के कारण मारे गए थे। यह हेलीकॉप्टर राज्य की राजधानी से केवल 20 किमी दूर बारापानी झील के पास दुर्घटना का शिकार हुआ। के एस सौम्या- 2004 दक्षिण भारत की लोकप्रिय अभिनेत्री सौंदर्या (के एस सौम्या) की मृत्यु 17 अप्रैल 2004 को विमान दुर्घटना में हुई जब वह अपने भाई के साथ बेंगलुरु से करीमनगर जा रही थीं। ओ पी जिंदल और सुरेंद्र सिंह-2005 उद्योगपति और हरियाणा के पूर्व मंत्री ओम प्रकाश जिंदल और कृषि मंत्री सुरेंद्र सिंह की 2005 में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई जब उनका हेलीकॉप्टर दिल्ली से चंडीगढ़ जाते समय उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में दुर्घटना का शिकार हो गया। वाई एस रेड्डी-2009 दो सितंबर 2009 को आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई एस राजसेखर रेड्डी (वाईएसआर) का हेलीकॉप्टर ‘बेल 430’ खराब मौसम के कारण नल्लमाला जंगल में दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिससे उनकी मृत्यु हो गई। दोरजी खांडू-2011 अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दोरजी खांडू और चार अन्य लोगों को 30 अप्रैल 2011 को तवांग से ईटानगर जा रहे हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण जान गंवानी पड़ी। सीडीएस जनरल बिपिन रावत-2021 भारत के पहले प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत की मृत्यु आठ दिसंबर 2021 को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुई। यह दुर्घटना तमिलनाडु के कूनूर के पास हुई, जब वह सुलूर से वेलिंगटन जा रहे थे। विजय रुपाणी-2025 गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की मृत्यु 12 जून 2025 को अहमदाबाद विमान दुर्घटना में हुई। इस हादसे में बोइंग ‘787-8 ड्रीमलाइनर’ (एआई171) में सवार 242 यात्री और चालक दल में से एक को छोड़कर सभी की मौत हो गई, जबकि जमीन पर भी कई एमबीबीएस छात्रों समेत 20 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।  

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर प्राप्त हुई, जिसकी सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन तत्काल हरकत में आ गया। सुरक्षा व्यवस्था की गई कड़ी सूचना मिलते ही सरगुजा एसपी, एएसपी सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ जिला न्यायालय परिसर पहुंचे। सुरक्षा की दृष्टि से बम स्क्वायड और डॉग स्क्वायड की टीमों द्वारा पूरे न्यायालय परिसर की गहन तलाशी ली गई। इस दौरान न्यायालय में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की मेटल डिटेक्टर से जांच की गई। साथ ही, आने-जाने वाले वाहनों की भी सघन तलाशी ली गई। जांच जारी, एहतियात बरता जा रहा पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब तक की जांच में कोई भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति सामने नहीं आया है। इसके बावजूद, एहतियातन न्यायालय परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। सरगुजा एसएसपी राजेश अग्रवाल ने बताया कि न्यायालय को लेकर एक सिक्योरिटी थ्रेट से संबंधित ई-मेल प्राप्त हुआ था। उन्होंने यह भी बताया कि धमकी भरा ई-मेल आउटलुक प्लेटफॉर्म से भेजा गया है, जिसकी तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ई-मेल कहां से भेजा गया और इसके पीछे किसका उद्देश्य है। फिलहाल, जिला न्यायालय परिसर में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं और पुलिस लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है। सभी की जांच कर ही न्यायालय के अंदर जाने दिया जा रहा है।

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के लिए नियुक्त रोल ऑब्जर्वर   अभिनव गुप्ता, अतिरिक्त महानिदेशक, विदेश व्यापार महानिदेशालय, नई दिल्ली ने  27 जनवरी  को बेमेतरा एवं कबीरधाम जिलों का दौरा कर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से संबंधित कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान  गुप्ता ने बेमेतरा जिले के तहसील कार्यालय में तार्किक त्रुटियों (लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी) वाले प्रकरणों की क्लस्टर स्तर पर सुनवाई, दस्तावेज परीक्षण तथा फॉर्म-6 एवं फॉर्म-7 के ऑनलाइन निराकरण की प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 68–साजा के मतदान केंद्र क्रमांक 01, ग्राम अगरी में आयोजित सुनवाई का निरीक्षण कर आयोग के निर्देशों के अनुरूप कार्य संपादित करने के निर्देश दिए।   गुप्ता ने बेमेतरा नगरपालिका क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की बैठक लेकर उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की तथा बीएलओ एप के माध्यम से संचालित गतिविधियों की जानकारी ली। इसी क्रम में रोल ऑब्जर्वर  गुप्ता द्वारा कबीरधाम जिले में भी विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का निरीक्षण किया गया। जिले के ग्राम पंचायत छिरहा में आयोजित शिविर में सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी   विकास जैन द्वारा की जा रही सुनवाई प्रक्रिया का अवलोकन किया । उन्होंने शिविर में उपस्थित विभिन्न मतदान केन्द्रों के बीएलओ एवं मतदाताओं से चर्चा कर आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। उन्होंने तहसील कार्यालय कवर्धा में नो मैपिंग एवं तार्किक त्रुटियों से संबंधित मतदाताओं की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत दस्तावेजों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर तहसीलदार एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  मनोज केसरिया एवं  जयशंकर उरांव, उप जिला निर्वाचन अधिकारी बेमेतरा डॉ. दीप्ति वर्मा, उप जिला निर्वाचन अधिकारी कवर्धा, संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सुपरवाइजर एवं बूथ लेवल अधिकारी उपस्थित रहे।

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस याचिका को सूचीबद्ध करने की मंजूरी दे दी है। याचिकाकर्ता का कहना है कि नए नियमों के तहत सामान्य वर्ग से आने वाले छात्रों को शिकायत निवारण जैसी सुरक्षा नहीं मिलेगी। साथ ही इन्हें लागू होने से रोकने के निर्देश देने की मांग की। बुधवार को तत्काल सुनवाई के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के सामने याचिका पेश की गई। इस पर उन्होंने कहा, 'हमें पता है क्या हो रहा है। यह पक्का करें कि सारी कमियां दूर हो जाएं। हम इसे सूचीबद्ध करेंगे।' खास बात है कि इन नए नियमों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में कई याचिका दाखिल की जा चुकी हैं। 13 जनवरी को University Grants Commission (Promotion of Equity in Higher Education Institutions) Regulations, 2026 जारी किए गए थे। साथ ही सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में इसे लागू करने के निर्देश दिए गए थे। नियमों की अनदेखी पर संस्थान के खिलाफ कार्रवाई की बात भी कही गई थी। नियम जारी होने के बाद से ही छात्रों का प्रदर्शन जारी है। याचिका में क्या मांग याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की है कि इन नियमों को मौजूदा स्थिति में लागू करने से रोका जाए। साथ ही यह भी घोषित करने का अनुरोध किया गया है कि जाति के आधार पर निवारण व्यवस्था बनाना भेदभाव है। इसमें कहा गया है कि इस फ्रेमवर्क से गैर आरक्षित वर्गों के खिलाफ दुश्मनी को बढ़ावा मिलेगा। न्यायालय से आग्रह किया है कि 'जाति-आधारित भेदभाव' की जाति-निरपेक्ष और संवैधानिक रूप से अनुकूल परिभाषा अनिवार्य की जानी चाहिए, जो जातिगत पहचान की परवाह किए बिना उन सभी व्यक्तियों को सुरक्षा प्रदान करे जिनके साथ जाति के आधार पर भेदभाव किया जाता है। यूजीसी के नए नियम यूजीसी ने 2026 के ये नियम राधिका वेमुला और आबेदा सलीम तड़वी (रोहित वेमुला और पायल तड़वी की माताएं) द्वारा 2019 में दायर एक जनहित याचिका के बाद बनाए थे। इस याचिका में उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति-आधारित भेदभाव को दूर करने के लिए एक मजबूत तंत्र स्थापित करने की मांग की गई थी। मार्च 2025 में, केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय को सूचित किया था कि यूजीसी ने जनहित याचिका में उठाए गए मुद्दों के समाधान के लिए नियमों का मसौदा तैयार कर लिया है। उस समय न्यायालय ने टिप्पणी की थी कि उसका इरादा परिसरों में जाति-आधारित भेदभाव से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एक 'बहुत मजबूत और पुख्ता तंत्र' सुनिश्चित करना है।