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48 नगर निकायों में चुनाव के आज से चार फरवरी तक होंगे नामांकन

रांची. राज्य के 48 नगर निकायों में चुनाव को लेकर सभी जिलों में बुधवार को अधिसूचना जारी हो गई। उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारियों ने पूर्वाह्न 11 बजे अपने-अपने जिले के निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव की अधिसूचना जारी की। अब सभी निकायों में गुरुवार से नामांकन शुरू हो जाएगा। नामांकन की अंतिम तिथि चार फरवरी निर्धारित की गई है। सभी निकायों में नामांकन पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न तीन बजे तक संपन्न होगा। उम्मीदवार निर्वाची या सहायक निर्वाची पदाधिकारी के समक्ष नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। आयोग ने नामांकन प्रक्रिया को भी लेकर पहले ही दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके तहत किसी उम्मीदवार के नामांकन के समय निर्वाची पदाधिकारी कार्यालय की 100 मीटर की परिधि में महज तीन वाहनों का ही प्रवेश होगा। वहीं, नामांकन के समय अधिकतम पांच व्यक्ति का ही इस परिधि में प्रवेश हो सकेगा। निर्वाची पदाधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि नामांकन पत्र दाखिल करने के समय ही नामांकन पत्रों की प्रारंभिक जांच कर ली जाए। जैसे उम्मीदवार और उनके प्रस्ताव के नाम मतदाता सूची में है या नहीं। सभी आवश्यक दस्तावेज नामांकन पत्र के साथ संलग्न है या नहीं। उम्मीदवार के साथ-साथ प्रस्ताव का भी मतदाता सूची में अनिवार्य रूप से होना चाहिए। नामांकन प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की जाएगी तथा प्रतिदिन की रिपोर्ट आयोग को भेजी जाएगी। बताते चलें कि पांच फरवरी को नामांकन पत्रों की जांच होगी तथा छह फरवरी तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे। सात फरवरी को उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न आवंटित किया जाएगा। आयोग ने पहले ही चुनाव चिह्न निर्धारित कर दिए हैं। 23 फरवरी को मतदान होगा तथा 27 फरवरी को सुबह आठ बजे से मतगणना होनी है।

सबालेंका का जलवा, स्वितोलिना को हराकर ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में प्रवेश

मेलबर्न  वर्ल्ड नंबर-1 एरिना सबालेंका ने ऑस्ट्रेलियन ओपन में फिर कमाल किया. बेलारूस की इस स्टार खिलाड़ी ने यूक्रेन की एलिना स्वितोलिना के खिलाफ आक्रामक खेल दिखाते हुए सीधे सेटों में जीत दर्ज की और गुरुवार, 29 जनवरी को लगातार चौथी बार ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में जगह बना ली. सबालेंका ने यह मुकाबला महज 1 घंटे 16 मिनट में खत्म कर दिया. उन्होंने रॉड लेवर एरीना में 6-2, 6-3 से जीत हासिल कर फाइनल का टिकट कटाया. हालांकि, मैच की शुरुआत बिल्कुल सहज नहीं रही. दोनों खिलाड़ियों ने मैच से पहले होने वाली सामान्य औपचारिकताओं को नजरअंदाज किया. सबालेंका जहां बॉल किड के साथ प्री-मैच फोटो के लिए आईं, वहीं स्वितोलिना ने इसमें हिस्सा नहीं लिया. इसके पीछे यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध और बेलारूस की रूस को मिल रही भूमिका को बड़ी वजह माना जा रहा है. इसी कारण यूक्रेनी और बेलारूसी खिलाड़ियों के बीच ऐसे मुकाबलों में तनाव साफ नजर आता है. सबालेंका की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही और उन्होंने दो अनफोर्स्ड एरर किए. हालांकि, उन्होंने जल्दी ही वापसी करते हुए अपने पहले सर्विस गेम में ही दो ब्रेक प्वाइंट हासिल कर लिए. पहले सेट के चौथे गेम में तनाव एक बार फिर बढ़ गया, जब चेयर अंपायर ने एक रैली के दौरान सबालेंका की आवाज को बाधा मानते हुए पहला पॉइंट स्वितोलिना को दे दिया. सबालेंका ने इस फैसले के खिलाफ वीडियो रिव्यू भी लिया, लेकिन फैसला नहीं बदला. हालांकि, इस फैसले ने सबालेंका को और आक्रामक बना दिया. उन्होंने स्वितोलिना की गलती का फायदा उठाते हुए पहला ब्रेक हासिल किया और फिर बढ़त बना ली. स्वितोलिना ने हार नहीं मानी और पहले सेट में दो सेट प्वाइंट बचाए, लेकिन अंत में सबालेंका ने पहला सेट अपने नाम कर लिया. सरे सेट में भी दिखा दबदबा दूसरे सेट की शुरुआत में सबालेंका फिर थोड़ी संघर्ष करती दिखीं. स्वितोलिना ने उनके खराब बैकहैंड का फायदा उठाते हुए मैच का पहला ब्रेक हासिल किया. लेकिन सबालेंका यहां भी नहीं रुकीं. उन्होंने अपने खेल का स्तर ऊंचा किया और तुरंत ब्रेक वापस ले लिया. इसके बाद मुकाबला पूरी तरह उनके नियंत्रण में आ गया. अपनी जबरदस्त ताकत और आक्रामकता के दम पर सबालेंका ने लगातार तीन गेम जीते. स्वितोलिना ने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन सबालेंका ने मजबूत मानसिकता दिखाते हुए एक शानदार फोरहैंड के साथ मैच खत्म कर दिया. सबालेंका ने रचा इतिहास स्वितोलिना पर जीत के साथ ही सबालेंका ओपन एरा में ऑस्ट्रेलियन ओपन के लगातार चार सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाली तीसरी खिलाड़ी बन गई हैं. इस खास सूची में उनसे पहले ऑस्ट्रेलिया की एवोन गुलागोंग शामिल हैं, जिन्होंने 1971 से 1977 के बीच लगातार सात फाइनल खेले थे, और स्विट्जरलैंड की दिग्गज मार्टिना हिंगिस, जो 1997 से 2002 तक लगातार छह फाइनल में पहुंची थीं.

फैंस को पसंद आई अनन्या की सेल्फी, वैनिटी वैन में नजर आई बॉलीवुड स्टार्स की यादें

मुंबई  बॉलीवुड एक्ट्रेस अनन्या पांडे ने  अपनी वैनिटी वैन से एक मिरर सेल्फी शेयर की। इस मिरर सेल्फी में फैंस को उनके पर्सनल वैनिटी स्पेस की झलक मिली और साथ ही यह भी पता चला कि वह फिलहाल एक चोट से रिकवर हो रही हैं। अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की गई तस्वीर में, एक्ट्रेस ग्रे ओवरसाइज्ड हुडी पहने और हाथ में स्लिंग लगाए दिखीं, जिससे पता चला कि उन्हें चोट लगी है। उन्होंने तस्वीर पर एक स्टिकर लगाया था जिस पर लिखा था, '2026 में नजर लग गई।' जिस चीज ने ध्यान खींचा, वह था अनन्या का वैनिटी मिरर, जो बॉलीवुड स्टार करिश्मा कपूर और सलमान खान के पोस्टर्स और कट-आउट से सजा था। 80 ​​और 90 के दशक के कई बच्चों की तरह, जो इंटरनेट और सोशल मीडिया के आने से पहले अपने पसंदीदा सितारों के पोस्टर लगाते थे, अनन्या के मिरर पर भी करिश्मा कपूर और सलमान खान की तस्वीरें लगी थीं। मजे की बात यह है कि अनन्या के वैनिटी मिरर पर एक स्टिकर भी था, जिस पर लिखा था, ''मैं अपनी फेवरेट हूं'', यह करीना कपूर खान की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'जब वी मेट' में उनके आइकॉनिक किरदार गीत का एक पॉपुलर डायलॉग है। अनन्या के हालिया प्रोजेक्ट की बात करें तो, वे आखिरी बार कार्तिक आर्यन के साथ फिल्म 'तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी' में नजर आई थीं। यह फिल्म, जो 25 दिसंबर, 2025 को रिलीज हुई थी, बॉक्स ऑफिस पर इसे बहुत ठंडा रिस्पॉन्स मिला। अनन्या के बारे में और बात करें तो, एक्ट्रेस ने 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2' से बॉलीवुड में डेब्यू किया और बाद में 'खाली पीली', 'गहराइयां' और दूसरी फिल्मों में काम किया, जहां उनकी एक्टिंग को बहुत अच्छे रिव्यू मिले। उनकी ओटीटी फिल्म 'सीटीआरएल' में उनके परफॉर्मेंस की फैंस और क्रिटिक्स दोनों ने तारीफ की।

पैसा आता है लेकिन टिकता नहीं? चाणक्य नीति के ये 5 सूत्र सिखाएँगे धन की बचत

नौकरीपेशा लोगों की अकसर खुद से यह शिकायत रहती है कि महीना खत्म होने से पहले ही उनकी जेब के पैसे खत्म हो जाते हैं। पूरे महीने मेहनत करके कमाया हुआ धन, खर्चों की कटौती करने के भी नहीं बच पाता है। अगर आपका हाल भी कुछ ऐसा ही है तो चाणक्य नीति में आपकी परेशानी का हल मौजूद है। चाणक्य नीति में धन के प्रबंधन और बचत के लिए कई उपयोगी सिद्धांत बताए गए हैं, जो आज के समय में भी बेहद असरदार हैं। धन की बचत से जुड़े चाणक्य के ये 5 सिद्धांत व्यक्ति को को आर्थिक सुरक्षा देकर सम्मानित जीवन जीने में भी मदद करते हैं। धन की बचत से जुड़े चाणक्य नीति के 5 सिद्धांत आय का एक हिस्सा अवश्य बचाएं चाणक्य के अनुसार, जिस तरह बूंद-बूंद से घड़ा भरता है, वैसे ही छोटी-छोटी बचत से धन संचय होता है। व्यक्ति को चाहिए कि अपनी आय का एक निश्चित हिस्सा, चाहे वह कितना भी कम क्यों ना हो, नियमित रूप से बचत के लिए अलग निकालकर रखें। यह धन भविष्य में आपातकाल या बड़े लक्ष्यों को पूरा करने के काम आता है। अनावश्यक खर्चों से बचें चाणक्य के अनुसार, जो व्यक्ति अपनी आय से अधिक खर्च करता है, वह शीघ्र ही दरिद्र हो जाता है। चाणक्य नीति के अनुसार, दिखावे के लिए अनावश्यक खर्च करने से बचना चाहिए। केवल जरूरी और उपयोगी चीजों पर ही धन खर्च करें। उदाहरण के लिए ब्रांडेड कपड़ों या लग्जरी वस्तुओं पर खर्च करने के बजाय, गुणवत्तापूर्ण और किफायती विकल्प चुनें। धन का विवेकपूर्ण निवेश करें धन को केवल वहां उपयोग करें, जहां सुरक्षित रहते हुए वह अधिक बढ़ सके। चाणक्य की इस सलाह का मतलब है कि धन को बेकार एक जगह न पड़ा रहने दें, बल्कि जोखिम का आकलन करते हुए उसे ऐसी जगह निवेश करें जहां वह समय के साथ बढ़े, जैसे व्यापार, संपत्ति, या सुरक्षित निवेश योजनाएं। म्यूचुअल फंड, या सोने में निवेश धन को बढ़ाने का सुरक्षित तरीका हो सकता है। भविष्य के लिए योजना बनाएं जो व्यक्ति भविष्य की चिंता नहीं करता, वह एक दिन संकट में पड़ जाता है। चाणक्य के अनुसार, भविष्य की जरूरतों, जैसे शिक्षा, विवाह, या आपातकाल के लिए धन संचय करना चाहिए। इसके लिए नियमित बचत और दीर्घकालिक योजना बनाना जरूरी है। लालच और जोखिम से बचें लालच में आकर धन का दुरुपयोग करने वाला व्यक्ति अपना सर्वनाश कर लेता है। चाणक्य सलाह देते हैं कि जल्दी अमीर बनने की चाह में जोखिम भरे निवेश या जुआ जैसी गतिविधियों से बचें। धन को सुरक्षित और समझदारी से प्रबंधित करें।

टीम इंडिया के बल्लेबाजों का कमाल, 40 T20 में केवल 4 बार ऑलआउट हुई टीम

नई दिल्ली T20I इंटरनेशनल क्रिकेट में भारतीय दबदबा कितना है, इसकी अगर एक झलक आपको देखनी है तो आप इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड तीसरे टी20 मैच का स्कोरकार्ड उठाकर देख लीजिए। अगर आंकड़ों पर जाएं तो आपको हैरानी होगी कि T20 World Cup 2024 के बाद से भारतीय टीम ने 29 जनवरी 2026 तक 40 टी20 इंटरनेशनल मैच खेल लिए हैं, लेकिन सिर्फ 4 बार ही भारतीय टीम को कोई सामने वाली टीम ऑलआउट कर पाई है। तीन बार सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में और एक बार शुभमन गिल की कप्तानी में ऐसा हुआ है। टी20 वर्ल्ड कप 2024 तक भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा थे। रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत ने उस विश्व कप को जीता था, लेकिन वह इस फॉर्मेट में रोहित शर्मा का आखिरी मैच था। इसके बाद नया पर्मानेंट कैप्टन हमें सूर्यकुमार यादव के रूप में देखने को मिला। हालांकि, जिम्बाब्वे के दौरे पर कप्तान के तौर पर शुभमन गिल गए थे, जहां उनको एक मैच में हार मिली थी और पूरी टीम उस मैच में ऑलआउट हो गई थी। भारतीय टीम उस मैच में 102 रनों पर ढेर हो गई थी। इसके बाद 2025 में दो बार भारतीय टीम टी20 इंटरनेशनल मैच में ऑलआउट हुई, जहां ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें एमसीजी में 125 रन पर समेट दिया था और मुल्लानपुर में 162 रन पर साउथ अफ्रीका ने भारतीय टीम के सभी बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया था। अब 2026 में टीम इंडिया ने एक मैच में सभी विकेट खोए। इस बार न्यूजीलैंड भारत के सामने थी। वाइजैग में 165 रन पर भारतीय टीम ने सभी विकेट खोए। भारत ने पिछले 40 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 30 मुकाबले जीते हैं। 2 टाई रहे हैं और 2 बेनतीजा रहे हैं। सिर्फ 6 मैच टीम इंडिया इस अवधि में हारी है। जीत प्रतिशत भारत का बाकी टीमों के मुकाबले बेहतरीन है, जिसने 30 या इससे ज्यादा मैच खेले हैं।

बाजार में जोरदार रैली, सेंसेक्स 950 अंक चढ़ा, HDFC बैंक और ट्रेड डील ने बढ़ाया उत्साह

मुंबई  शेयर बाजार में आज का दिन ‘डर से जीत’ की कहानी जैसा रहा. सुबह के सत्र में भारी बिकवाली के दबाव के बाद दोपहर में बाजार ने जोरदार यू-टर्न लिया. सेंसेक्स जो करीब 81,700 के स्तर तक फिसल गया था, वह तेजी से रिकवर होकर 82,689 के पास पहुंच गया. इसी तरह निफ्टी ने भी 25,159 के अपने निचले स्तर से शानदार बाउंस बैक किया और दिन के कारोबार में 25,458 के हाई तक पहुंचा. बाजार के इस टर्नअराउंड ने ट्रेडर्स के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी है. इस रिकवरी के पीछे HDFC बैंक की मजबूत खरीदारी और भारत-यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुई ट्रेड डील का बड़ा हाथ माना जा रहा है. इसके साथ ही बाजार में तकनीकी स्तर पर आई शॉर्ट कवरिंग ने भी सूचकांकों को ऊपर धकेलने में ईंधन का काम किया, जिससे शॉर्ट-टर्म सेंटिमेंट में बड़ा सुधार आया है. बाजार के इस यू-टर्न के पीछे 3 बड़े और ठोस कारण रहे हैं 1. HDFC बैंक: इंडेक्स का ‘संकटमोचक’ बाजार की इस रिकवरी का सबसे बड़ा क्रेडिट HDFC बैंक को जाता है. इंडेक्स के इस सबसे बड़े दिग्गज शेयर में दूसरे हाफ में जबरदस्त खरीदारी देखी गई. HDFC बैंक अकेले दम पर निफ्टी और सेंसेक्स को ऊपर खींचने वाला सबसे बड़ा योगदानकर्ता (Single Biggest Contributor) बनकर उभरा. जबरदस्त ‘शॉर्ट कवरिंग’ तकनीकी मोर्चे पर देखें तो बाजार में ‘शॉर्ट कवरिंग’ का सहारा मिला. जो ट्रेडर्स सुबह मंदी की पोजीशन बनाकर बैठे थे, वे बाजार की मजबूती देखकर फंस गए और उन्हें अपनी पोजीशन कवर करने के लिए मजबूर होना पड़ा. यह शॉर्ट कवरिंग बैंकिंग सेक्टर और बड़े मार्केट कैप वाले शेयरों में सबसे ज्यादा आक्रामक रही, जिससे इंडेक्स को रफ्तार मिली. भारत-ईयू ट्रेड डील और FIIs की वापसी बाजार के सेंटिमेंट को सबसे ज्यादा मजबूती भारत-ईयू एफटीए (FTA) के बाद मिले विदेशी निवेश से मिली. 28 जनवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने कई हफ्तों की लगातार बिकवाली के बाद ₹480 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की. इस ट्रेड डील को भारत के लिए एक बड़े ‘स्ट्रक्चरल पॉजिटिव’ के रूप में देखा जा रहा है, जिससे ग्लोबल इन्वेस्टर्स का भरोसा एक बार फिर भारतीय बाजार पर लौटता दिख रहा है.

राजस्थान में आबकारी नीति 2025-29 में बड़े बदलाव की तैयारी

जयपुर. राजस्थान में शराब को लेकर सरकार ने चुपचाप ऐसा फैसला कर दिया है, जो प्रदेश की कानून-व्यवस्था, सामाजिक ताने-बाने और अपराध नियंत्रण की नीति पर सीधा असर डाल सकता है। आबकारी एवं मद्य-संयम नीति 2025–29 में संशोधन करते हुए सरकार ने शराब दुकानों के खुलने और बंद होने का समय तय करने का अधिकार सीधे आबकारी आयुक्त को सौंप दिया गया है। यह बदलाव सोची-समझी रणनीति के तहत देर रात तक शराब बिक्री का रास्ता खोलने की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। यह नया प्रावधान 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। आबकारी महकमा लंबे समय से शराब दुकानों का समय रात 8 बजे से बढ़ाकर रात 10 या 11 बजे तक बढ़ाने की पैरवी करता रहा है। अब जब समय निर्धारण का पूरा अधिकार उनके हाथ में है, तो सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार भविष्य में राजनीतिक जवाबदेही से बचते हुए अफसरों के जरिए शराब बिक्री का समय बढ़वाना चाहती है? जबकि पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार ने बढ़ते अपराध, महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को देखते हुए शराब दुकानों का समय रात 11 बजे से घटाकर रात 8 बजे कर दिया था। तब पुलिस और प्रशासन का तर्क था कि देर रात शराब बिक्री अपराधों को बढ़ावा देती है। अब उसी फैसले को अप्रत्यक्ष रूप से पलटने की जमीन तैयार की जा रही है। कुंभलगढ़-रणकपुर में बार लाइसेंस शुल्क तीन गुना कुंभलगढ़ और रणकपुर जैसे सीमित पर्यटक आवागमन वाले क्षेत्रों में बार लाइसेंस शुल्क तीन गुना बढ़ा दिया गया है। स्थानीय होटल व्यवसायियों का कहना है कि यहां पर्यटन साप्ताहिक और सीजनल है, ऐसे में इतनी अधिक फीस अव्यावहारिक है और इससे व्यवसाय प्रभावित होगा। पार्टी के लिए देना होगा ज्यादा शुल्क नीति में किया गया एक और बदलाव सीधे तौर पर आम परिवारों पर प्रहार माना जा रहा है। विभाग से रजिस्टर्ड स्थानों पर शादी, रिसेप्शन या अन्य सामाजिक आयोजनों में शराब परोसने के लिए लिए जाने वाले एक दिवसीय लाइसेंस की फीस को 12 हजार रुपए से बढ़ाकर 20 हजार रुपए प्रतिदिन कर दिया गया है। वहीं घर पर पार्टी के लिए भी अब लाइसेंस लेने पर ज्यादा शुल्क देना होगी। वार्षिक गारंटी राशि में 12.5 प्रतिशत वृद्धि नीति संशोधन का दूसरा बड़ा फैसला शराब दुकानों के नवीनीकरण से जुड़ा है। वर्ष 2025–26 की वार्षिक गारंटी राशि को 12.5 प्रतिशत बढ़ाकर वर्ष 2026–27 के लिए तय किया गया है। दुकान पूरे वर्ष चली हो या आंशिक अवधि के लिए, हर स्थिति में बढ़ी हुई गारंटी राशि लागू होगी। क्लस्टर सिस्टम में भी यही व्यवस्था रहेगी। सरकार भले ही इसे राजस्व बढ़ाने का कदम बता रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि इसका बोझ अंततः आम उपभोक्ता पर पड़ेगा, क्योंकि कारोबारी बढ़ी हुई लागत की भरपाई शराब के दामों से करेंगे। अन्य प्रमुख प्रावधान देशी मदिरा और राजस्थान निर्मित मदिरा की न्यूनतम 3 प्रतिशत आपूर्ति एसेप्टिक ब्रिक पैक में अनिवार्य की गई है, जिसे भविष्य में 5 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकेगा। होटल, रेस्टोरेंट, क्लब बार में सूक्ष्म मदिरा निर्माण इकाई पर पहले दो माह 50 प्रतिशत आबकारी शुल्क में छूट। हेरिटेज व अन्य होटलों के लाइसेंस शुल्क का पुनर्निर्धारण क्षेत्रफल, कमरों की संख्या के आधार पर किया गया। अवसर विशेष लाइसेंस के दुरुपयोग पर लाइसेंस निरस्तीकरण और 50 हजार रुपए तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने सरगुजा ओलंपिक के लोगो और शुभंकर “गजरु” का किया अनावरण

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित एक गरिमामयी समारोह में बस्तर ओलम्पिक की तर्ज पर आयोजित होने वाले सरगुजा ओलंपिक के प्रतीक चिन्ह (लोगो) एवं शुभंकर “गजरु” का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने सरगुजा अंचल के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अब बस्तर की भांति सरगुजा की खेल प्रतिभाओं को भी अपनी क्षमता दिखाने का सशक्त मंच मिलेगा।  मुख्यमंत्री ने 12 खेल विधाओं में लगभग 3 लाख 50 हजार खिलाड़ियों के पंजीयन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह संख्या सरगुजा अंचल के युवाओं के उत्साह, ऊर्जा और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलम्पिक में जनभागीदारी ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर खास पहचान दिलाई है और अब वही उत्साह सरगुजा ओलंपिक को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। पंजीयन से यह स्पष्ट है कि सरगुजा पूरे मनोयोग और उमंग के साथ इस आयोजन के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने आयोजन की तैयारियों की विस्तृत जानकारी लेते हुए सफल आयोजन की अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं।   उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव ने सरगुजा ओलंपिक के शुभंकर और लोगो के अनावरण कार्यक्रम में कहा कि इस आयोजन से सरगुजा के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा और कौशल दिखाने का अच्छा मंच मिलेगा। इसके विजेता खिलाड़ियों को राज्य की प्रशिक्षण अकादमियों में सीधे प्रवेश दिया जाएगा। उन्हें यूथ आइकॉन घोषित कर युवाओं व बच्चों को खेलों से जुड़ने और खेलने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि सरगुजा ओलंपिक 2026 का लोगो इस अंचल की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और खेल भावना का जीवंत प्रतीक है। लोगो के केंद्र में मैनपाट स्थित प्रसिद्ध टाइगर पॉइंट जलप्रपात को दर्शाया गया है, जो हरियाली, ऊर्जा और निरंतर प्रवाह का प्रतीक है। मध्य भाग में अंकित “सरगुजा ओलंपिक 2026” आयोजन की स्पष्ट पहचान के साथ स्थानीय गौरव और अस्मिता को अभिव्यक्त करता है।   चारों ओर 12 खेलों के प्रतीक चिन्ह समावेशिता और समान अवसर का संदेश देते हैं। रंगों का संयोजन आयोजन की जीवंतता, उत्साह और एकता को प्रकट करता है। लाल रंग का विशेष सांस्कृतिक महत्व पहाड़ी कोरवा जनजाति की परंपराओं से भी जुड़ा है, जहाँ यह शक्ति, साहस और जीवन-ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। यह रंग सकारात्मकता और संरक्षण का भाव लिए हुए दैवीय शक्ति और मानव जीवन के गहरे संबंध को दर्शाता है।     इसी प्रकार सरगुजा ओलम्पिक 2026 का शुभंकर गजरु को रखा गया है, जो सरगुजा अंचल की प्राकृतिक व सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। आदिवासी समाज में हाथी को बल, धैर्य, बुद्धिमत्ता और एकता का प्रतीक माना जाता है। इसकी विशेषताएँ—शक्ति, अनुशासन, संतुलन और निरंतर प्रयास—खेल भावना से जुड़ी हैं तथा झुंड में चलने की प्रवृत्ति टीम वर्क और सामूहिक सहभागिता का संदेश देती है।  विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर आयोजित होगी खेल प्रतिभाएं सरगुजा ओलंपिक के लिए 28 दिसंबर 2025 से 25 जनवरी 2026 तक पंजीयन किया गया है, जिसमें 06 जिलों से लगभग 03 लाख 50 हजार लोगों ने पंजीयन कराया है। इसमें 1 लाख 59 हजार पुरुष और 01 लाख 89 हजार महिलाओं ने आयोजन में अपना पंजीयन कराया है। कबड्डी, खो-खो, तीरंदाजी, फुटबॉल, वॉलीबॉल, हॉकी, कुश्ती, रस्साकसी समेत 12 विधाओं में विकासखंड, जिला तथा संभाग स्तरीय प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी।    समारोह में उप मुख्यमंत्री  अरुण साव, मुख्य सचिव  विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, सचिव  राहुल भगत, सचिव खेल  यशवंत कुमार, संचालक खेल मती तनुजा सलाम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

बिहार में आपदा से निपटने 20 जिलों में बनेंगे इमरजेंसी रिस्पॉन्स व ट्रेनिंग सेंटर

पटना. बिहार में आपदा प्रबंधन को और सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। आपदा प्रबंधन विभाग ने दूसरे चरण में प्रदेश के 20 जिलों में “डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी रिस्पॉन्स फैसिलिटी-कम-ट्रेनिंग सेंटर” की स्थापना का ऐलान किया है। इससे आपदा के समय त्वरित राहत, बेहतर समन्वय और स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण की व्यवस्था मजबूत होगी। 38 जिलों में चरणबद्ध तरीके से बनेगा आपदा केंद्र आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त सचिव नदीमुल गफ्फार सिद्दीकी ने बताया कि राज्य के सभी 38 जिलों में चरणबद्ध तरीके से यह केंद्र स्थापित किए जाने की योजना है। फिलहाल पहले चरण में 18 जिलों का चयन किया गया था, जिनमें से 17 जिलों में केंद्र पूरी तरह चालू हो चुके हैं, जबकि पटना जिले में निर्माण कार्य प्रगति पर है। दूसरे चरण में 20 जिलों में निर्माण कार्य संयुक्त सचिव ने बताया कि दूसरे चरण में भूमि की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए 20 जिलों में केंद्रों का निर्माण कराया जा रहा है। इन केंद्रों में अत्याधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर होगा, जहां एसडीआरएफ टीमों की तैनाती, प्रशिक्षण, उपकरणों का भंडारण और आपातकालीन समन्वय की व्यवस्था रहेगी। आपदा राहत में बड़ा फैसला: अनुग्रह राशि बढ़ी राज्य सरकार ने आपदा प्रभावित परिवारों को मिलने वाली ग्रैच्युटस रिलीफ राशि 6000 रुपये से बढ़ाकर 7000 रुपये कर दी है। सिद्दीकी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में बाढ़ प्रभावित जिलों के 9,71,678 परिवारों को कुल 680.17 करोड़ रुपये की राहत राशि दी जा चुकी है। बाढ़ आश्रय स्थलों का तेजी से निर्माण आपदा प्रबंधन को और मजबूत करने के लिए राज्य के 10 बाढ़ प्रभावित जिलों में 100 “बाढ़ आश्रय स्थल” बनाए जा रहे हैं। इनमें से 96 आश्रय स्थल पूरे हो चुके हैं, जबकि शेष चार का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इन जिलों में कटिहार, सीतामढ़ी, पूर्वी-पश्चिमी चंपारण, पूर्णिया, किशनगंज, दरभंगा, शिवहर, अररिया और मधुबनी शामिल हैं। 312 करोड़ का अत्याधुनिक SDRF मुख्यालय संयुक्त सचिव ने बताया कि 19 सितंबर 2025 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहटा में बने नए एसडीआरएफ मुख्यालय भवन का उद्घाटन किया था। यह भवन 312.30 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है, जिसमें प्रशासनिक भवन, प्रशिक्षण केंद्र और आवासीय परिसर शामिल हैं। इससे राज्य की आपदा प्रतिक्रिया क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

नीट स्टूडेंट केस में सनसनी, 18-21 साल के युवक की पहचान पर सवाल

पटना  बिहार की राजधानी पटना में NEET स्टूडेंट संग रेप और मर्डर मामले में नया मोड़ आया है. नीट छात्रा के अंडरगारमेंट्स पर मिले स्पर्म को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. जी हां, एफएसएल यानी फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) रिपोर्ट ने सनसनी फैला दी है. FSL के आधिकारिक सूत्र का कहना है कि पटना में नीट की तैयारी करने वाली छात्रा के अंडरगारमेंट पर मिला स्पर्म 18 से 21 साल के किसी लड़के का है. अब तक इस केस में शक की सुई शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन की तरफ घुमी हुई थी. मगर इस खुलासे ने मामले को और उलझा दिया है. दरअसल, नीट छात्रा संग रेप और मर्डर मामले में एफएसएल के आधिकारिक सूत्र ने नया खुलासा किया है. इसके मुताबिक, पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी करने वाली मृतक छात्रा के अंडरगारमेंट पर जो स्पर्म पाया गया था, वो 18 से 21 वर्ष के लड़के का है. अब सवाल है कि आखिर वो लड़का कौन है? क्या वही है नीट छात्रा का कातिल? क्यों अब तक उसका कुछ पता नहीं चल पाया? इन सभी सवालों का जवाब तलाशने में पुलिस जुट गई है. सूत्रों का कहना है कि एफएसल की रिपोर्ट आने के बाद अब एसआईआट ने इस उम्र के उस लड़के की तलाश तेज कर दी है. सूत्रों का कहना है कि 18 से 21 साल का यह लड़का, मृतक छात्रा का करीबी या हॉस्टल से जुड़ा है. खुलासा से नया मोड़ बता दें कि यह खुलासा ने पूरे केस को नया मोड़ दे दिया है, जहां शुरू में इसे सुसाइड बताया जा रहा था. परिवार और आम लोग न्याय की मांग कर रहे हैं, और पटना की सड़कों पर प्रदर्शन हो रहे हैं. 18 साल की यह छात्रा जहानाबाद जिले की रहने वाली थी. वह पटना के चित्रगुप्त नगर इलाके में शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET एग्जाम की तैयारी कर रही थी. 6 जनवरी 2026 को शाम को वह अपने कमरे में बेहोश मिली थी. हॉस्टल के कर्मचारी उसे NMCH हॉस्पिटल ले गए, जहां वह कोमा में चली गई. इलाज के दौरान 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई. कैसे-कैसे उलझता गया केस सूत्रों की मानें तो शुरू में पुलिस ने इसे सुसाइड का मामला बताया. कहा गया कि छात्रा ने ज्यादा नींद की गोलियां खा लीं और वह टाइफाइड से भी पीड़ित थी. लेकिन परिवार ने आरोप लगाया कि यह सुसाइड नहीं, बल्कि रेप और हत्या है. उन्होंने हॉस्टल मालिक मनीष रंजन और अन्य पर शक जताया. परिवार का कहना था कि पुलिस ने तीन दिन तक हॉस्टल सील नहीं किया, जिससे सबूत मिटाने का मौका मिल गया. मगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सच्चाई सामने ला दी. पोस्टमॉर्मट रिपोर्ट से खुला राज पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में छात्रा के शरीर पर कई चोटें मिलीं, जैसे गर्दन और प्राइवेट पार्ट्स पर निशान. यह साफ हो गया कि मौत से पहले उसके साथ यौन हिंसा हुई थी. एफएसली की टीम ने छात्रा के कपड़े और अंडरगारमेंट जांचे, जहां मेल स्पर्म के निशान मिले. इस स्पर्म के सैंपल को जांच के लिए भेजा गया. इसके बाद उम्र का पता चला है. सूत्रों का कहना है कि जिसका सैंपल मिला है, वह छात्रा का दोस्त, रिश्तेदार या हॉस्टल से जुड़ा कोई हो सकता है.