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पंजाब में कल एक और एयरपोर्ट की PM मोदी देंगे सौगात

जालंधर. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक फरवरी को श्री गुरु रविदास जी के प्रकाशोत्सव पर जालंधर स्थित डेरा सचखंड बल्लां पहुंच रहे हैं। प्रधानमंत्री करीब 40 मिनट तक डेरे में रुकेंगे। इस दौरान वह संत निरंजन दास जी से आध्यात्मिक चर्चा करेंगे और डेरे की संगत को भी संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट-कम-अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ज) अमनिंदर कौर ने 30 जनवरी से एक फरवरी तक जिला जालंधर को ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित किया है। प्रधानमंत्री इस दौरान डेरा सचखंड बल्लां की ओर से किए जा रहे जनहित कार्यों की भी जानकारी लेंगे। डेरा चिकित्सा, शिक्षा और गुरु रविदास महाराज की बाणी के प्रचार प्रसार के लिए काम कर रहा है। डेरे के गद्दीनशीन संत निरंजन दास जी फिलहाल संगत के साथ श्री गुरु रविदास जी की जन्मस्थली वाराणसी गए हैं। वे रविवार को प्रधानमंत्री के आगमन से पहले वहां से लौट आएंगे। प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) ने डेरा सचखंड बल्लां में सुरक्षा व्यवस्था संभाल ली है। एसपीजी की टीम डेरा और आसपास के इलाके को अपने सुरक्षा घेरे में ले चुकी है। डेरा सचखंड बल्लां में हेलीपैड बनाया गया है। प्रधानमंत्री आदमपुर एयरपोर्ट से डेरा बल्लां तक हेलिकॉप्टर से आएंगे। इमरजेंसी के लिए डीएवी यूनिवर्सिटी में भी एक हेलीपैड बनाया है। आदमपुर एयरपोर्ट का नाम अब गुरु रविदास महाराज सिविल एयरपोर्ट होगा। केंद्र सरकार ने घोषणा पहले ही कर दी थी। प्रधानमंत्री के आने के बाद इसकी औपचारिक शुरुआत हो जाएगी। एयरपोर्ट पर गुरु रविदास महाराज सिविल एयरपोर्ट नाम का बोर्ड लगाने की तैयारी चल रही है। प्रधानमंत्री पंजाब और जालंधर के लिए बड़ी घोषणाएं कर सकते हैं। प्रधानमंत्री जालंधर से ही लुधियाना के हलवारा एयरपोर्ट का वर्चुअल उद्घाटन भी कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने नारायणपुर में जवानों के साथ किया रात्रि भोज

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नारायणपुर प्रवास के दौरान आईटीबीटी बटालियन परिसर नारायणपुर में आईटीबीटी, सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन, बीएसएफ, डीआरजी, सीएएफ के जवानों एवं अधिकारियों से मुलाकात और बस्तर की शांति और सुरक्षा के स्थापना में उनके योगदान की सराहना करते हुए सुरक्षा बल के जवानों की हौसला अफजाई की। मुख्यमंत्री साय और मत्रीगणों ने बटालियन परिसर में जवानों के साथ रात्रि भोज किया और उनसे आत्मीय चर्चा की। मुख्यमंत्री साय ने जवानों से चर्चा करते हुए कहा कि नैसर्गिक संसाधनों से और सांस्कृतिक विरासत से परिपूर्ण बस्तर के कई इलाकें माओवाद आतंक के चलते विकास की मुख्यधारा से अलग-थलग पड़े थे। आप सबके अदम्य साहस, शौर्य, पराक्रम के कारण ही यहां शांति और सुरक्षा का वातावरण निर्मित हुआ है और विकास कार्यों को गति मिली है। उन्होंने देश की सुरक्षा में सुरक्षा बलों के जवानों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में सेवा कर रहे जवानों का मनोबल बनाए रखना हम सबकी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने जवानों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनके कल्याण और सुविधाओं के लिए निरंतर प्रयासरत है। जवानों ने भी मुख्यमंत्री के साथ अपने अनुभव साझा किए और इस आत्मीय मुलाकात को प्रेरणादायक बताया। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सुरक्षा बलों के जवानों द्वारा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संकल्प को यहां साकार करने का काम पूरी दृढ़ता से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब बम गोलियों की आवाज की जगह अब आमजन की चहल-पहल, स्कूलों में ककहरा की गंूज और गांवों में मांदर की थाप सुनाई दे रही हैं। कार्यक्रम में अतिथियों ने जवानों को उपहार भेंट किए। सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों को स्मृति चिह्न भेंट किए। ज्ञात हो कि नक्सल गतिविधि को नियंत्रण के लिए सुरक्षा कैम्प स्थापित कर केंद्रीय सुरक्षा बलों और राज्य के सुरक्षा बलों के दस्तों को तैनात किया गया है। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद बस्तर महेश कश्यप, लघु वनोपज के अध्यक्ष रूपसाय सलाम सहित क्षेत्र के अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, आईटीबीटी, सीआरपीएफ, बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी एवं कलेक्टर नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन गुरिया, केन्द्रीय सुरक्षा बलों के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। आईजी सुंदरराज पी ने कार्यक्रम की रूपरेखा और बस्तर संभाग में शांति के लिए जवानों के योगदान की सराहना की। कार्यक्रम में पुलिस बैंड ने स्वागत में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी।

एनजीटी सख्त: भोपाल के वेटलैंड पर अवैध कब्जे पर कार्रवाई न होने पर प्रशासन को चेतावनी

 भोपाल  कलियासोत जलाशय क्षेत्र में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के मामलों को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार को हुई सुनवाई में ट्रिब्यूनल ने साफ कहा कि बार-बार निर्देश देने के बावजूद जिला प्रशासन और नगर निगम द्वारा कार्रवाई नहीं की गई, जो चिंताजनक है। एनजीटी के समक्ष यह मामला कलियासोत जलाशय, केरवा जलाशय और आसपास के ग्रीन बेल्ट, बाटनिकल गार्डन व रीजनल गार्डन की जमीन पर हुए अतिक्रमण से जुड़ा है। ट्रिब्यूनल ने माना कि इन अवैध गतिविधियों से न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि घड़ियाल, मगरमच्छ और कछुओं जैसे जलीय जीवों का प्राकृतिक आवास भी खतरे में है। 97 अतिक्रमण चिह्नित किए बीते कुछ वर्षों में इन जीवों का रिहायशी इलाकों में दिखना मानव जीवन के लिए भी जोखिम बनता जा रहा है। एनजीटी ने अपने आदेश में खुलासा किया कि कलियासोत जलाशय क्षेत्र में कुल 97 अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं, जिनमें से अधिकांश सरकारी भूमि पर हैं। इसके अलावा लगभग 150 हेक्टेयर भूमि, जो बाटनिकल गार्डन के लिए आरक्षित है, उसकी न तो समुचित सीमांकन हुआ और न ही सुरक्षा। वहीं, बिना उपचारित सीवेज जलाशयों प्रवाह अब भी एक बड़ी समस्या बना हुआ है। कई एसटीपी वर्षों से अधूरे या ट्रायल रन की स्थिति में हैं। दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट पेश करने के आदेश ट्रिब्यूनल ने कलेक्टर भोपाल और नगर निगम आयुक्त को व्यक्तिगत निगरानी में अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आदेश दिया गया है कि दो सप्ताह के भीतर शपथपत्र के साथ विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट पेश की जाए। एनजीटी ने यह भी कहा कि लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए। समय सीमा बीतने के बाद भी शुरू नहीं हुए एसपीटी एनजीटी ने यह भी चिंता जताई कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्धारित समय-सीमा बीत जाने के बाद भी पूरी तरह चालू नहीं हो पाए हैं, जिसके कारण बिना उपचारित गंदा पानी जलाशयों में छोड़ा जा रहा है । अधिकरण ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक भूमि की रक्षा करना राज्य की संवैधानिक जिम्मेदारी है और अधिकारियों की निष्क्रियता किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च को याचिकाकर्ता डॉ. सुभाष सी. पांडेय और राशिद नूर खान की ओर से प्रस्तुत तर्कों पर सुनवाई के बाद एनजीटी ने राज्य सरकार के अधिवक्ता को निर्देश दिए कि यह आदेश मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव तक पहुंचाया जाए, ताकि तत्काल और ठोस कार्रवाई हो सके। अधिकरण ने स्पष्ट किया कि वह स्वामित्व विवाद तय नहीं करेगा, बल्कि उसका उद्देश्य केवल जलाशयों से अतिक्रमण हटाकर भोज वेटलैंड की रक्षा करना है। मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च 2026 को होगी।

कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा में कांग्रेस ने 73 जिला महामंत्री बनाए; 18 नए महासचिव और सागर-मऊगंज DCC घोषित

भोपाल  कांग्रेस हाईकमान के साथ हाल ही में हुई बैठक के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस (Madhya Pradesh Congress) संगठन में लंबे समय से लंबित संगठनात्मक नियुक्तियों को तेजी से आगे बढ़ाया गया है. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच लगातार उठ रही नाराजगी और संगठनात्मक ढिलाई पर असंतोष जताए जाने के बाद प्रदेश में ताबड़तोड़ नियुक्तियों का दौर शुरू हो गया है. इसी क्रम में पार्टी ने 18 जिलों में संगठन महासचिवों की नियुक्ति और 14 प्रकोष्ठों के अध्यक्षों एवं संयोजकों की घोषणा कर दी है. सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में हुई बैठक में संगठनात्मक देरी पर नाराजगी जताए जाने के बाद प्रदेश नेतृत्व ने प्राथमिकता के आधार पर जिला इकाइयों का पुनर्गठन शुरू किया. कहां किसे मिली नियुक्ति सागर, छिंदवाड़ा और मऊगंज जिलों की जिला कार्यकारिणी घोषित की गई. पार्टी के अंदरूनी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए कई असंतुष्ट नेताओं को भी संगठन में एडजस्ट किया गया है ताकि स्थानीय स्तर पर मनमुटाव कम किया जा सके. सागर जिले में पूर्व जिलाध्यक्ष राजकुमार पचौरी को जिला संगठन महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है. पचौरी पहले भी जिला अध्यक्ष रह चुके हैं और दोबारा उसी पद के लिए प्रयासरत थे. उन्हें कमलनाथ समर्थक माना जाता है. इसी तरह सिंगरौली ग्रामीण में संकठा सिंह और सिंगरौली शहर में सुरेश कुमार दुबे को संगठन महासचिव बनाया गया है. पार्टी सूत्र बताते हैं कि इन नियुक्तियों में क्षेत्रीय संतुलन, स्थानीय प्रभाव और वरिष्ठ नेताओं को साधने की रणनीति प्रमुख रही. 14 प्रकोष्ठों के प्रमुखों की नियुक्ति कांग्रेस ने 14 प्रकोष्ठों के अध्यक्ष, संयोजक और समन्वयकों की नियुक्ति की है। अलग-अलग जातियों को साधने के लिए बंगाली समाज, बंजारा समाज, तैलिक साहू राठौर समाज, सर्व विश्वकर्मा समाज, स्वर्णकला, कोली/कोरी समाज, रजक समाज के नेताओं को समन्वयक संयोजक बनाया है। छिंदवाड़ा में ज्यादा फोकस पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा की जिला कांग्रेस कमेटी में पदाधिकारियों और सदस्यों को मिलाकर 258 पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है। छिंदवाड़ा में कमलनाथ और नकुलनाथ को जिला कांग्रेस कमेटी में संरक्षक बनाया गया है। छिंदवाड़ा की जिला कार्यकारिणी में 73 महामंत्री बनाए पूर्व सीएम कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा की जिला कांग्रेस कमेटी(DCC) में पदाधिकारियों और सदस्यों को मिलाकर 258 पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है। छिंदवाड़ा में कमलनाथ और नकुलनाथ को जिला कांग्रेस कमेटी में संरक्षक बनाया गया है। छिंदवाड़ा की जिला कांग्रेस कमेटी में कुल 258 नेताओं की नियुक्ति कार्यवाहक अध्यक्ष- 2 कोषाध्यक्ष-1 कार्यालय मंत्री- 2 प्रवक्ता- 1 मीडिया प्रभारी- 1 सोशल मीडिया प्रभारी उपाध्यक्ष- 33 महामंत्री-73 सचिव- 70 सहसचिव- 3 आमंत्रित सदस्य- 62 विशेष आमंत्रित- 9 कुल पदाधिकारी – 258 छिंदवाड़ा में 258 की नियुक्ति कार्यवाहक अध्यक्ष- 2, कोषाध्यक्ष-1, कार्यालय मंत्री- 2, प्रवक्ता- 1, मीडिया प्रभारी- 1, सोशल मीडिया प्रभारी, उपाध्यक्ष- 33, महामंत्री-73, सचिव- 70, सहसचिव- 3, आमंत्रित सदस्य- 62, विशेष आमंत्रित- 9, कुल पदाधिकारी – 258 की नियुक्ति की गई है। सागर में 23 जिला महामंत्री   उपाध्यक्ष-8, महामंत्री- 23, सचिव- 21, कार्यकारिणी सदस्य- 8, संरक्षक सदस्य- 11, विशेष आमंत्रित सदस्य- 42, प्रवक्ता-2, स्थाई आमंत्रित सदस्य- 23, स्थाई कार्यालय मंत्री-1, सोशल मीडिया अध्यक्ष-1 और निर्वाचन प्रभारी -1 की नियुक्ति की गई है। सागर में 23 जिला महामंत्री बनाए उपाध्यक्ष-8 महामंत्री- 23 सचिव- 21 कार्यकारिणी सदस्य- 8 संरक्षक सदस्य- 11 विशेष आमंत्रित सदस्य- 42 प्रवक्ता-2 स्थाई आमंत्रित सदस्य- 23 स्थाई कार्यालय मंत्री-1 सोशल मीडिया अध्यक्ष-1 निर्वाचन प्रभारी -1 मऊगंज में 23 महामंत्री विंध्य की मऊंगज विधानसभा सीट में कांग्रेस ने उपाध्यक्ष-7, महामंत्री- 23, सचिव- 28 और कोषाध्यक्ष- 1 की नियुक्ति की है। हालांकि इस नियुक्ति से स्थानीय कार्यकर्ता नाराज बताए जा रहे हैं। दरअसल, जिन्हें उम्मीद थी कि पद मिलेगा उन्हें कुछ नहीं मिला। नेताओं की परिक्रमा करने वालों को प्राथमिकता दी गई है। प्रदेश कांग्रेस संगठन महासचिव संजय कामले ने कहा कि शेष जिला कार्यकारिणियों की घोषणा भी जल्द की जाएगी. उनका कहना है कि वर्तमान चरण में प्राथमिकता उन जिलों को दी गई जहां संगठनात्मक गतिविधियाँ लंबे समय से रुकी हुई थीं या स्थानीय स्तर पर असंतोष की स्थिति थी. पार्टी अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर प्रदेश में यह प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है. संगठन प्रभारी डॉ. संजय कामले के नेतृत्व में जिला इकाइयों का पुनर्गठन और नियुक्तियों की श्रृंखला जारी है. पार्टी की रणनीति आगामी चुनावी तैयारियों के लिए जिलों में अधिक सक्रिय और मजबूत संगठनात्मक ढांचा खड़ा करने पर केंद्रित बताई जा रही है.  

CM साय देंगे सिरपुर महोत्सव में 200 करोड़ के विकास कार्यों की देंगे सौगात

रायपुर. ऐतिहासिक और सांस्कृतिक नगरी सिरपुर में आयोजित होने वाले सिरपुर महोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय जिले को विकास की बड़ी सौगात देंगे. वे जिले में कुल 199 करोड़ 28 लाख 59 हजार रुपए की लागत की 99 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे. इनमें 40 करोड़ 88 लाख 2 हजार रुपए की लागत के 64 विकास कार्यों का लोकार्पण और 158 करोड़ 40 लाख 57 हजार रुपए की लागत के 35 विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल है. कार्यक्रम अंतर्गत लोकार्पण किए जाने वाले कार्यों में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के 98 लाख 80 हजार रुपए की लागत के 4 विकास कार्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 6 करोड़ 64 लाख 20 हजार रुपए की लागत के 19 विकास कार्य, आदिवासी विकास विभाग के 1 करोड़ 52 लाख 97 हजार रुपए की लागत का 1 विकास कार्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 17 करोड़ 95 लाख 86 हजार रुपए की लागत के 26 विकास कार्य और विद्युत विभाग के 13 करोड़ 76 लाख 19 हजार रुपए की लागत के 14 विकास कार्य शामिल हैं. इसी प्रकार भूमिपूजन के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग द्वारा 141 करोड़ 19 लाख 19 हजार रुपए की लागत से 22 विकास कार्य, जल संसाधन विभाग के 10 करोड़ 32 लाख 72 हजार रुपए की लागत से 3 विकास कार्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 2 करोड़ 18 लाख 93 हजार रुपए की लागत से 8 विकास कार्य और परिवहन विभाग के 4 करोड़ 69 लाख 73 हजार रुपए की लागत से 2 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया जाएगा.

बालाघाट हॉस्टल मामला: नाबालिग छात्रा ने जन्म दिया, लापरवाही बरतने वाली अधीक्षिका सस्पेंड, आरोपी पकड़ा गया

बालाघाट  जिला अस्पताल के प्रसूति वार्ड में छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही आठवीं कक्षा की साढ़े 13 वर्षीय नाबालिग के मां बनने की खबर ने छात्रावास में बच्चियों के स्वास्थ्य परीक्षण की पोल खोलकर रख दी है। अस्पताल चौकी से जानकारी मिलने के बाद महिला थाना ने मामले में कार्यवाही करते हुए अग्रिम कार्यवाही के लिए गढ़ी थाना को जानकारी भिजवा दी है। नाबालिग आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया जानकारी के अनुसार, नाबालिग को मां बनाने वाले नाबालिग आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जिसे शनिवार को किशोर न्यायालय में पेश किया जाएगा। वहीं इस मामले में सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग शकुंतला डामोर ने बैहर विकासखंड अंतर्गत कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास परसामऊ की छात्रावास अधीक्षिका प्राथमिक शिक्षक चैनबती सैयाम को अपने कार्यों में लापरवाही बरतने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दरअसल, गढ़ी थाना क्षेत्र के परसामऊ आवासीय छात्रावास में रहकर नाबालिग पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान उसके गर्भवती होने और एक बच्ची को जन्म देने का मामला सामने आया है। जिला शिक्षा केंद्र के अधीन संचालित यह आवासीय छात्रावास जिला शिक्षा केंद्र के अधीन संचालित होता है। जिला शिक्षा केंद्र के डीपीसी जीपी बर्मन ने इस मामले में हॉस्टल वार्डन और एएनएम की लापरवाही स्वीकार करते हुए बताया कि आठवीं कक्षा में पढ़ रही पीड़ित छात्रा की तबीयत ठीक नहीं रहती थी तथा वह ज्यादातर समय अपने घर पर ही रहती थी। पुलिस में दिए बयान के अनुसार पीड़ित छात्रा के उसी गांव के किसी व्यक्ति से शारीरिक संबंध थे। महिला थाना प्रभारी किरण वरकड़े ने बताया कि अस्पताल चौकी से जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर प्रारंभिक कार्यवाही की गई और आगे की कार्यवाही गढ़ी थाना पुलिस द्वारा की जाएगी। उन्होंने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और शनिवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। अधिकारियों का क्या कहना है इधर मामले के सामने आने के बाद सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग शकुंतला डामोर ने बताया कि कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास परसामऊ की कक्षा आठवीं की बच्ची के गर्भवती होने और बच्ची को जन्म देने के मामले में प्रथम दृष्टया पाया गया कि छात्रावास अधीक्षिका द्वारा पीड़ित छात्रा के स्वास्थ्य में परिवर्तन होने पर कोई संवेदना नहीं दिखाई गई और न ही छात्रा का पृथक से स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। अधीक्षिका द्वारा छात्रा के बार-बार छात्रावास से अनुपस्थित रहने तथा उसके स्वास्थ्य को लेकर पालकों से संपर्क भी नहीं किया गया। अपने पदीय कर्तव्यों के प्रति बरती गई इस लापरवाही के चलते अधीक्षिका चैनबती सैयाम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ आज से आंधी-तूफान के साथ करवाएगी वर्षा

हिसार. मौसम में परिवर्तन के साथ ही शनिवार रात से उसमें बदलाव होगा। नए पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने के साथ ही चार जिलों में वर्षा की चेतावनी दी गई है। एक फरवरी को पूरे प्रदेश में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ ही तेज वर्षा होने की संभावना है। छह फरवरी के बाद फिर से नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होगा। इस दौरान रात के तापमान में भी गिरावट आ सकती है। वहीं राजस्थान के कुछ क्षेत्र में ओलावृष्टि की चेतावनी के चलते हरियाणा के किसान भी चिंतित है। भारत मौसम विज्ञान विभाग की तरफ से शनिवार रात से पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, मेवात और पलवल में वर्षा की संभावना है। इसमें सामान्य रूप से वर्षा हो सकती है। रविवार को पूरे प्रदेश में वर्षा होगी। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलेगी। एक फरवरी को सिरसा, फतेहाबाद, जींद और भिवानी में हल्की वर्षा की संभावना है। बाकी प्रदेश के जिलों में तेज वर्षा की संभावना बनी हुई है। मौसम विज्ञानियों की मानें तो तीन फरवरी तक वर्षा की संभावना है। उसके बाद दो दिन तक मौसम साफ रहेगा और छह फरवरी से फिर से पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होगा। वहीं, शुक्रवार को रात के तापमान में उछाल आया है। सुबह के समय काफी जगह पर कोहरा छाया रहा। महेंद्रगढ़ का तापमान सबसे कम रहा। न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री तक पहुंच गया। इसके अलावा अन्य सभी जिलों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे ही हैं। हरियाणा में वर्षा के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी हवा छह फरवरी तक एक्टिव रहेगा पश्चिमी विक्षोभ, तीन तक वर्षा की संभावना, फिर दो दिन मौसम साफ

PM मोदी के जालंधर दौरे से पहले तीन स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी

जालंधर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे से ठीक एक दिन पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हड़कंप मच गया। शनिवार को शहर के तीन स्कूलों पुलिस डीएवी स्कूल, कैंब्रिज इंटरनेशनल स्कूल और एमजीएम स्कूल को ई-मेल के जरिए बम धमाके की धमकी मिली। मेल में प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान डेरा बल्लां क्षेत्र में धमाके की चेतावनी दी गई है। धमकी भरे मेल में लिखा गया कि खालिस्तानियों का डेरे से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन प्रधानमंत्री उनके दुश्मन हैं। जैसे ही स्कूल प्रशासन को मेल की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत पुलिस विभागों को सूचित किया। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं और हालात पर नजर रखी जा रही है। हालांकि, इस मामले में पुलिस के किसी पुलिस अधिकारी ने आधिकारिक तौर पर कोई बयान नहीं दिया है। प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए शहर में पहले से ही कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं और पुलिस हर गतिविधि पर नजर रख रही है।

अर्जुनराम मेघवाल का संदेश: भीतर की ऊर्जा को पहचानें और सही दिशा में लगाएं

भीतर की ऊर्जा को पहचानें और सही दिशा में लगाएं- अर्जुनराम मेघवाल   लाडनूं के जैविभा विश्वविद्यालय में भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल व अन्य विभिन्न उद्घाटन व लोकार्पण करते हुए। लाडनूं  भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्री तथा जैविभा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाएं। हर एक के अंदर ऊर्जा होती है, बस उस ऊर्जा के सही उपयोग की जरूरत है। वे यहां जैन विश्वभारती संस्थान मान्य विश्वविद्यालय में आयोजित उद्घाटन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने विद्यार्थियों से सीखने पर जोर देते हुए विभिन्न आयुवर्ग में सीखने की स्थिति की जानकारी दी। मेघवाल ने बताया कि अपने घर से शुरू करके विश्वविद्यालय तक सीखते हुए ही पहुंचता है। उन्होंने मल्टी डिसीप्लेन विकसित करने और किसी भी खेल को अपना कर शरीर को स्वस्थ रखने, संगीत को अपना कर तनाव को कम करने तथा गणित को अपना कर दिमाग की एक्सराईज किए जाने की आवश्यकताएं बताईं। साथ ही केन्द्रीय मंत्री ने संस्कारों की जरूरत पर भी बल दिया और कहा कि किशोरावस्था की 12 से 17 साल की आयु में जो भी सीखा जाता है, वे सारे अच्छे या बुरे संस्कार उस पर जीवन भर हावी रहेते हैं। अगर अच्छे संस्कार ग्रहण किए गए तो जीवन भी वह अच्छा बना रहेगा और बुराई सीखने पर वह जीवन में बुराई की तरफ ही आकर्षित होता रहेगा। विश्वविद्यालय परिसर में आचार्य तुलसी की ऊर्जा का अनुभव केन्द्रीय मंत्री मेघवाल ने जैन विश्वभारती संस्थान की सराहना करते हुए कहा कि यहां नैतिकता का पाठ पढाया जाता है। उन्होंने यहां पढने वाले हर विद्यार्थी को भाग्यशाली बताया ओर कहा कि आचार्य तुलसी की कल्पना शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण थी। इस परिसर में आज भी उनकी ऊर्जा महसूस की जा सकती है। इस अवसर पर उन्होंने विकसित भारत बनाने में युवाओं के योगदान को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि इस दिशा में आप सभी का श्रम ही काम आएगा। उन्होंने 21वीं शताब्दी को एशिया की और विशेष रूप से भारत के नेतृत्व की शताब्दी बताया ओर देश की विशेषताओं को उल्लेखित किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विकसित भारत पर लिखी गई अपनी एक कविता ‘हम हैं भारत के लोग’ का गान भी करके सुनाया। विभिन्न उद्घाटन व लोकार्पण किए जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय में कुलाधिपति केन्द्रीय विधि एवं न्याय मंत्री मेघवाल एवं कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ ने विभिन्न नवनिर्मित भवनों, नवीन अवसंरचनाओं एवं डिजीटल एप्लीकेशंस का उद्घाटन किया। विश्वविद्यालय के अन्तर्गत आचार्य महाप्रज्ञ प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र मेंनवनिर्मित डीलक्स ब्लाॅक के प्रथम तल, आवासीय क्वार्टर व व्यायामशाला, आचार्य महाश्रमण काॅलोनी में नवनिर्मित आवासीय क्वार्टर तथा सत्कार अतिथि गृह एवं केंटीन की नवीन अवसंरचना एवं लिफ्ट स्थापना का उद्घाटन किया। साथ ही डिजीटल प्लेटफार्म में मोबाईल कनेक्ट एप्लिकेशन, एल्यूम्नी नेटवर्क  पोर्टल एवं लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर उप कुलसचिव अभिनव सक्सेना ने केन्द्रीय मंत्री को सभी डिजीटल एप्लीकेशंस की विशेषताएं बताई। इस अवसर पर जैन विश्व भारती के उपखंड अधिकारी मीनू वर्मा, अध्यक्ष अमरचंद लूंकड़, आचार्यश्री महाश्रमण योगक्षेम वर्ष प्रवास व्यवस्था समिति के अध्यक्ष प्रमोद बैद, प्रकाश बैद, टीकमचंद सेठिया, विश्वविद्यालय का समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में कुलसचिव देबाशीष गोस्वामी ने आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. युवराज सिंह खंगारोत ने किया।

रीवा अपडेट: सीएम मोहन यादव आज करेंगे भैरवनाथ मंदिर का उद्घाटन

 रीवा  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 31 जनवरी को एक दिवसीय प्रवास पर रीवा आएंगे। इस दौरान वे गूढ़ विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में भैरवनाथ मंदिर का लोकार्पण करेंगे। दोपहर 1 बजे मुख्यमंत्री गुड़ के समीप ग्राम खामडीह स्थित भैरवनाथ मंदिर(Bhairavnath Temple) परिसर में आयोजित समारोह में शामिल होंगे। सहमडीह में भैरव बाबा की विशाल एवं प्राचीन प्रतिमा स्थापित है, जो दुर्लभ सयन मुद्रा में है। स्थापत्य कला की दृष्टि से यह प्रतिमा लगभग 10वीं शताब्दी के कल्पुरि काल की मानी जाती है। वर्षों तक यह प्रतिमा खुले आसमान के नीचे स्थित थी। शासन की एलएडी योजना के अंतर्गत प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार एवं अन्य निर्माण कार्य कराए गए हैं। भैरव बाबा की विशाल प्रतिमा के चारों ओर दो मंजिला मंदिर का निर्माण किया गया है, जिसकी कुल लागत 1.80 करोड़ रुपए हैं। 17 करोड़ 13 लाख रुपए की लागत मुख्यमंत्री डॉ. यादव(CM Mohan Yadav) मंदिर पहुंचकर भगवान भैरवनाथ की पूजा-अर्चना करेंगे तथा ध्वज चढ़ाएंगे। इसके बाद वे जनसभा को संबोधित करेंगे। समारोह में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, सांसद जनार्दन मिश्र, विधायक नागेंद्र सिंह, दिव्यराज सिंह, सिद्धार्थ तिवारी, नरेंद्र प्रजापति, जिला पंचायत अध्यक्ष नीता कोल, भाजपा जिला अध्यशा वीरेंद्र गुप्ता सहित अन्य उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर रुपए मुख्यमंत्री 17 करोड़ 13 लाख रुपए की लागत से पूर्ण हुए चार निर्माण कार्यों का लोकार्पण करेंगे तथा शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण भी करेंगे। देश की सबसे बड़ी प्रतिमाओं में एक है भैरवनाथ ऐतिहासिक धरोहरों से समृद्ध रहा है। विध्य क्षेत्र प्राधीन मंदिरों और किंग और बुंदेलखंड के विभिन्न अवलों में चैव कालीन, राजपूत कालीन तथा कल्चुरि चालीन स्थापत्य के उत्कृष्ट उदाहरण देखने को मिलते हैं। प्राचीन मूर्तिकला का एक अद्‌भुत और दुर्लभ उदाहरण गुढ़ विधानसभा क्षेत्र के समीप ग्राम आमडीह में स्थित भैरवनाथ बाबा की विशाल प्रतिमा है। यह प्रतिमा भगवान शिव के उग्र रूप काल भैरव की देश की सबसे बड़ी प्रतिमाओं में से एक मानी जाती है। अद्‌भुत शयन मुद्रा में निर्मित निर्मित यह यह प्रतिमा अपनी भव्यता और सौंदर्य के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है। प्रतिमा की लंबाई 8.5 मीटर तथा चौड़ाई 3.7 मीटर है। वर्षों तक यह प्रतिमा विश्य की प्रमुख कैमौर पता माला की गोद में खुले आसमान के नीधे स्थित रही। एलएडी योजना के अंतर्गत हुआ निर्माण शासन की एलएडी योजना के अंतर्गत अब इसके चारों ओर दो मंजिला मंदिर का निर्माण किया गया है। मंदिर परिसर में सामुदायिक भवन, आठ दुकानें एवं अन्य सहायक निर्माण कार्य भी कराए गए हैं। माना जाता है कि भैरवनाथ की यह विशाल प्रतिमा 10वीं से 11वीं शताब्दी के मध्य कल्पुरि काल में निर्मित कराई गई थी। शयन मुद्रा में यह प्रतिमा एक ही विशाल पत्थर से बनाई गई है। मूर्ति शिल्पकला का उत्कृष्ट उदाहरण काले रंग के बलुआ पत्थर से निर्मित यह मूर्ति शिल्पकला का उत्कृष्ट उदाहरण है। भैरवनाथ के चेहरे पर रौद्र भाव के साथ असीम शांति का भाव स्पष्ट रूप से झलकता है। चतुर्भुज रूप में अंकित इस प्रतिमा के दाहिने ऊपरी हाथ में सृष्टि के पालन और संहार का प्रतीक त्रिशूल है, जबकि नियाले दाहिने हाथ में ध्यान और भक्ति का प्रतीक रुचाउदक्ष माला सुशोभित है। ऊपरी बाएं हाथ में तीन शीषों वाला सर्प लिपटा हुआ है, जो जितावित कर प्रतीक माना जाता है। बाएं निचले हाथ में बीज और फल दर्साए गए हैं. जो जो उर्वरता और सूजन शक्ति के प्रतीक हैं।