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राशिफल 2 फरवरी 2026: किस राशि को मिलेगा भाग्य का साथ, किसे रहना होगा सतर्क?

मेष – आज मेष राशि वालों के लिए दिन थोड़ा अस्थिर रह सकता है। काम की जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, जिससे मन और शरीर दोनों थके हुए महसूस कर सकते हैं। किसी भी बात पर तुरंत प्रतिक्रिया देने से बचें, वरना मामला उलझ सकता है। आर्थिक स्थिति संतुलित रहेगी, लेकिन फालतू खर्च जेब पर असर डाल सकता है। घर-परिवार का साथ मिलेगा और किसी अपने से खुलकर बात करने से राहत मिलेगी। सेहत ठीक रहेगी, बस आराम को नजरअंदाज न करें। वृषभ – वृषभ राशि वालों के लिए आज संयम और समझदारी से आगे बढ़ने का दिन है। दफ्तर में आपकी मेहनत रंग ला सकती है और अधिकारियों का भरोसा मजबूत होगा। रिश्तों में खुलकर बातचीत करने से नजदीकियां बढ़ेंगी। पैसों से जुड़ा कोई सही फैसला ले सकते हैं, खासकर भविष्य की योजना को लेकर। पारिवारिक माहौल सुकून भरा रहेगा। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन खाने-पीने में लापरवाही न करें। मिथुन – मिथुन राशि वालों को आज हर कदम सोच-समझकर रखने की जरूरत है। काम को लेकर दबाव बना रह सकता है और किसी निर्णय को लेकर उलझन रहेगी। रिश्तों में छोटी बातों पर तनाव हो सकता है, लेकिन बातचीत से सब संभल जाएगा। खर्च बढ़ने के संकेत हैं, इसलिए बजट पर नजर रखें। सेहत ठीक रहेगी, पर मानसिक थकान महसूस हो सकती है। कर्क – कर्क राशि वालों का दिन भावनाओं से भरा रह सकता है। परिवार या निजी रिश्तों से जुड़ी बातें मन को प्रभावित करेंगी। कार्यस्थल पर जिम्मेदारी बढ़ेगी, लेकिन आप अपनी समझदारी से स्थिति संभाल लेंगे। पैसों को लेकर स्थिरता बनी रहेगी। सेहत सामान्य रहेगी, हालांकि नींद पूरी न होने से थकावट महसूस हो सकती है। सिंह – सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला है। कामकाज में आपकी राय को महत्व मिलेगा और सराहना भी हो सकती है। प्रेम संबंधों में मिठास बनी रहेगी और पार्टनर का साथ मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और कोई अटका हुआ काम आगे बढ़ सकता है। सेहत अच्छी रहेगी, बस खानपान पर ध्यान रखें। कन्या – कन्या राशि वालों के लिए आज दिन भागदौड़ भरा हो सकता है। काम में छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देना जरूरी होगा, वरना गलती की संभावना है। रिश्तों में जरूरत से ज्यादा सोचने से बचें और बातों को सरल रखें। खर्च बढ़ सकता है, इसलिए गैर-जरूरी खरीदारी टालें। सेहत को लेकर सतर्क रहें, खासतौर पर पेट से जुड़ी परेशानी हो सकती है। तुला – तुला राशि वालों के लिए आज संतुलन बनाए रखना सबसे जरूरी रहेगा। काम और निजी जीवन दोनों में समझदारी से फैसले लेने होंगे। दफ्तर में किसी अहम निर्णय को कुछ समय के लिए टालना सही रहेगा। पैसों से जुड़ा बड़ा कदम उठाने से पहले सोच-विचार करें। मानसिक दबाव महसूस हो सकता है, इसलिए खुद को थोड़ा समय दें। सेहत सामान्य रहेगी। वृश्चिक – वृश्चिक राशि वालों का दिन थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है। काम में धैर्य रखें और किसी से बहस में पड़ने से बचें। रिश्तों में साफगोई और भरोसा जरूरी रहेगा। खर्च करते समय सावधानी बरतें। सेहत ठीक रहेगी, लेकिन तनाव से दूरी बनाना आपके लिए फायदेमंद होगा। धनु – धनु राशि वालों के लिए दिन उम्मीदों से भरा रहेगा। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं या कोई अच्छी खबर सुनने को मिल सकती है। प्रेम जीवन में खुशी और अपनापन महसूस होगा। आर्थिक रूप से दिन मजबूत है और पुराने प्रयासों का सकारात्मक नतीजा मिल सकता है। सेहत अच्छी रहेगी और मन उत्साह से भरा रहेगा। मकर – मकर राशि वालों को मेहनत कुछ ज्यादा करनी पड़ सकती है। काम का दबाव रहेगा, लेकिन उसका परिणाम संतोषजनक मिलेगा। रिश्तों में दूरी न आए, इसके लिए समय निकालकर बात करें। खर्च बढ़ सकता है, इसलिए पैसों पर नियंत्रण जरूरी होगा। सेहत को लेकर थोड़ी सावधानी बरतें। कुंभ – कुंभ राशि वालों के लिए नए आइडिया और योजनाओं का दिन है। काम में कुछ अलग करने का मौका मिल सकता है। रिश्तों में सहयोग और आपसी समझ बनी रहेगी। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। सेहत सामान्य रहेगी और मन हल्का महसूस होगा। मीन – मीन राशि वालों को अपनी भावनाओं पर काबू रखने की जरूरत है। कामकाज में खुद को साबित करने का अवसर मिलेगा। पैसों के मामले में लाभ के योग हैं, लेकिन खर्च पर नजर रखना जरूरी होगा। रिश्तों में संवेदनशीलता बनाए रखें। सेहत ठीक रहेगी, बस लापरवाही से बचें।  

केंद्र के बजट से J&K को बूस्ट, LG मनोज सिन्हा ने बताया ‘विकासोन्मुख और दूरदर्शी’

जम्मू डेस्क जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने बजट 2026-27 की सराहना करते हुए इसे व्यावहारिक और विकासोन्मुख बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट आर्थिक विकास की रफ्तार को बनाए रखते हुए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। इससे युवाओं, महिलाओं और किसानों को सशक्त बनाया जाएगा तथा पर्यटन उद्योग में नई जान आएगी। उप-राज्यपाल ने जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बजट 2026-27 में आर्थिक विस्तार को प्रोत्साहित करने, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और सात प्रमुख सेक्टरों में मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। इससे उभरते उद्योगों को बड़ा लाभ मिलेगा। एल.जी. सिन्हा ने कहा कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0 से सेमीकंडक्टर सेक्टर को नई गति मिलेगी। साथ ही, विशेष रेयर अर्थ ज़ोन के माध्यम से भारत की दूसरे देशों पर निर्भरता कम होगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोजगार सृजन और सेवा क्षेत्र पर ध्यान देने से देश की प्रतिस्पर्धी ताकत और मजबूत होगी। उन्होंने आगे कहा कि बजट 2026-27 भारत को कुछ ही वर्षों में 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में आगे बढ़ाता है और आने वाले दो दशकों से भी कम समय में विकसित देश बनने के विजन को दर्शाता है। मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, एमएसएमई, स्वास्थ्य, शहरी विकास, इलेक्ट्रॉनिक्स और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्र देश की आर्थिक मजबूती का आधार बनेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि इससे घरेलू उत्पादन बढ़ेगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

फॉर्म-7 पर सियासत गरमाई: सपा ने भाजपा पर लगाया वोटर लिस्ट से नाम हटाने का आरोप

चंदौली जिले में मतदाता सूची से नाम कटवाने की कथित साजिश को लेकर सियासत गरमा गई है. समाजवादी पार्टी ने भाजपा नेताओं पर फॉर्म-7 के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है. सपा का दावा है कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में वैध मतदाताओं के सैकड़ों नाम हटाने की कोशिश की जा रही है, जिसमें खासतौर पर मुस्लिम मतदाताओं को निशाना बनाया गया है. सपा नेताओं का आरोप है कि कई बूथों पर अन्य स्थानों पर भरे गए फॉर्म-7 को बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) पर दबाव बनाकर स्वीकार कराया गया. वहीं, भाजपा के कुछ बूथ लेवल एजेंट (BLA) द्वारा फॉर्म-7 देने से इनकार किए जाने का भी दावा किया गया है, जिसके ऑडियो साक्ष्य होने की बात कही जा रही है. इतना ही नहीं, सपा का यह भी आरोप है कि कुछ लोग गांव-गांव घूमकर मतदाताओं को नाम कटवाने की धमकी दे रहे हैं, जिससे आम जनता में भय का माहौल है. निष्पक्ष जांच की मांग इन सभी आरोपों को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात कर लिखित शिकायत सौंपी और निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की. जिलाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि मतदाता सूची से एक भी वैध नाम नहीं कटेगा. पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी. सत्यनारायण राजभर, जिलाध्यक्ष समाजवादी पार्टी ने कहा, यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है. भाजपा सुनियोजित तरीके से मतदाता सूची में हेरफेर कर चुनाव प्रभावित करना चाहती है. समाजवादी पार्टी इसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देगी.

बजट पर अखिलेश का हमला: न जनता का जिक्र, न महंगाई की फिक्र

लखनऊ केंद्रीय बजट पेश होने के बाद शेयर माकेर्ट में आई गिरावट को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि 'हमने पहले ही कहा था, सवाल यह नहीं है कि बाज़ार कब खुलेगा, सवाल यह है कि और कितना गिरेगा।' 'भाजपाई भ्रष्टाचार की अद्दश्य खाता-बहीः अखिलेश अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव ने बयान जारी कर कहा कि जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार से जनता को कोई उम्मीद नहीं है, तो उसके बजट से भी क्या अपेक्षा की जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का हर बजट '1/20 का बजट' होता है, क्योंकि यह केवल 5 प्रतिशत लोगों के हित में तैयार किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह बजट अपने कमीशन और अपने लोगों को सेट करने का दस्तावेज़ है तथा इसे 'भाजपाई भ्रष्टाचार की अद्दश्य खाता-बही' बताया। 'बजट में न आम जनता का जिक्र है और न ही उनकी फिक्र' सपा अध्यक्ष का कहना है कि इस बजट में न आम जनता का जिक्र है और न ही उनकी फिक्र। महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि बेतहाशा बढ़ती कीमतों के बावजूद आम लोगों को टैक्स में कोई राहत नहीं दी गई, जो सीधे तौर पर 'टैक्स-शोषण' है। वहीं दूसरी ओर अमीरों के कारोबार और घूमने-फिरने पर कई तरह की छूटें दी गईं, जबकि बेकारी और बेरोज़गारी से जूझ रहे युवाओं व आम नागरिकों की उम्मीदों की थाली खाली रह गई। उन्होंने बजट को 'निराशाजनक और निंदनीय' बताते हुए कहा कि यह आम आदमी की ज़रूरतों से पूरी तरह कटा हुआ है।

पुण्य यात्रा बनी काल यात्रा: नेशनल हाईवे हादसे में 3 श्रद्धालुओं की जान गई, चीख-पुकार से दहला इलाका

पटना बिहार में पटना जिले के घोसवरी थाना क्षेत्र में रविवार तड़के भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें माघ पूर्णिमा के अवसर पर गंगा स्नान करने जा रहे तीन लोगों की मौत हो गई जबकि, दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शेखपुरा जिले के मेहुस थाना क्षेत्र के लोदीपुर गांव के निवासी शनिवार देर रात मोकामा गंगा स्नान के लिए जुगाड़ गाड़ी से रवाना हुए थे। इसी दौरान रविवार तड़के राष्ट्रीय उच्चपथ संख्य- 33 पर तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी जुगाड़ गाड़ी में जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में लोदीपुर गांव निवासी महेश मांझी (35), मुन्नी मांझी (35) और संजय मांझी (40) की मौत हो गई। वहीं, अशोक मांझी (पिता लच्चो मांझी) और घनश्याम मांझी (पिता बच्चू मांझी) गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है।  

ईरान का सख्त संदेश अमेरिका को: हमला हुआ तो नतीजे होंगे खतरनाक, क्षेत्रीय युद्ध की चेतावनी

ईरान ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि वाशिंगटन ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की, तो यह संघर्ष सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया को अपनी चपेट में लेने वाला क्षेत्रीय युद्ध बन जाएगा। ईरान के सरकारी टेलीविजन के अनुसार, खामेनेई ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “अमेरिकियों को यह जान लेना चाहिए कि अगर वे युद्ध शुरू करते हैं, तो इस बार यह एक क्षेत्रीय युद्ध होगा।” खामेनेई की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को सैन्य कार्रवाई की धमकी दे चुके हैं। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि अमेरिका वास्तव में हमला करेगा या नहीं, लेकिन खामेनेई के बयान को सीधी और गंभीर चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है। खामेनेई ने कहा कि ईरान किसी भी देश पर हमला करने की पहल नहीं करता और न ही वह युद्ध चाहता है। उन्होंने जोड़ा, “हम उकसाने वाले लोग नहीं हैं, लेकिन ईरानी राष्ट्र किसी भी हमले या उत्पीड़न का करारा जवाब देगा।” इस बयान से संकेत मिलता है कि ईरान अमेरिका या उसके सहयोगियों की किसी भी कार्रवाई का जवाब केवल सीधे तौर पर नहीं, बल्कि अपने क्षेत्रीय प्रभाव और सहयोगी गुटों के जरिए भी दे सकता है।  विश्लेषकों के अनुसार, ईरान की चेतावनी का मतलब है कि संघर्ष केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा। इराक, सीरिया, लेबनान, यमन और खाड़ी क्षेत्र, ईरान समर्थित सशस्त्र गुट, इजराइल और अमेरिकी सैन्य ठिकाने, इन सभी के युद्ध में घसीटे जाने की आशंका है। यही वजह है कि खामेनेई “क्षेत्रीय युद्ध” शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं। ईरान-अमेरिका टकराव की आशंका ने पहले से अस्थिर पश्चिम एशिया में चिंता बढ़ा दी है। कूटनीतिक हल की संभावनाओं के बीच यह बयान संकेत देता है कि अगर हालात बिगड़े, तो इसका असर तेल बाजार, वैश्विक सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय राजनीति तक पड़ेगा।  

सरकार का सुरक्षा पर फोकस तेज, रक्षा बजट में उछाल—7.8 लाख करोड़ रुपए खर्च करेगी केंद्र

नई दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026-27 में देश के रक्षा क्षेत्र के लिए 7.8 लाख करोड़ रुपए का आवंटन किया है। यह राशि पिछले वित्त वर्ष के 6.81 लाख करोड़ रुपए की तुलना में करीब 15 प्रतिशत ज्यादा है। बजट में रक्षा बलों के लिए सैन्य उपकरणों की खरीद के लिए 2.19 लाख करोड़ रुपए रखे गए हैं। यह रकम पूंजीगत खर्च का हिस्सा है और यह वित्त वर्ष 2025-26 में दिए गए 1.80 लाख करोड़ रुपए से लगभग 21.8 प्रतिशत अधिक है। रक्षा बजट में ये बढ़ोतरी ऐसे समय में की गई है, जब हाल ही में भारत ने कश्मीर में हुए आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर चलाया और दुनिया भर में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहे हैं। यह कदम सरकार की 'आत्मनिर्भर भारत' नीति के अनुरूप है, जिसमें देश में ही रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। वित्त मंत्री ने यह भी प्रस्ताव रखा कि विमानों के रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल के लिए इस्तेमाल होने वाले पुर्जों को बनाने में लगने वाले कच्चे माल के आयात पर बेसिक कस्टम ड्यूटी माफ की जाएगी। इससे रक्षा क्षेत्र की कंपनियों को फायदा मिलेगा। बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक सफलता के बाद यह बजट देश की रक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के संकल्प को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह बजट सुरक्षा, विकास और आत्मनिर्भरता के बीच संतुलन बनाता है। इस बजट का रुख पहले से चल रही उस रणनीति को आगे बढ़ाता है, जिसमें सेना के आधुनिकीकरण, एयर डिफेंस सिस्टम और नई पीढ़ी के प्लेटफॉर्म पर ज्यादा खर्च किया जा रहा है। कैपेक्स में बढ़ोतरी का कारण फाइटर जेट, युद्धपोत, मिसाइल, तोप और अन्य आधुनिक रक्षा उपकरणों के लिए ज्यादा बजट दिया जाना है। रक्षा उपकरणों की खरीद के लिए ज्यादा बजट मिलने से सरकारी रक्षा कंपनियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र की सप्लायर कंपनियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है, क्योंकि पूरे सेक्टर में ऑर्डर तेजी से बढ़े हैं। सरकारी क्षेत्र की जिन कंपनियों को फायदा होने की संभावना है, उनमें हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल), मजगांव डॉक शिपबिल्डर्स और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) शामिल हैं, जो सेना, नौसेना और वायुसेना के लिए उपकरण बनाती हैं। इसके अलावा मिधानी, बीईएमएल, भारत डायनामिक्स जैसी छोटी निजी कंपनियों और ड्रोन सेक्टर से जुड़े स्टार्टअप्स को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। यह सब भारत में ही रक्षा उपकरणों की खरीद को बढ़ावा देने की सरकार की नीति का हिस्सा है।

अब शौक नहीं, बनेगा प्रोफेशन! बजट में क्रिएटर्स के लिए मेगा प्लान, देशभर में खुलेंगी डिजिटल लैब्स

नई दिल्ली Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज य़ानि 1 फरवरी को बजट पेश कर रही हैं। इस बजट में वित्त मंत्री ने अपना रिकॉर्ड बजट पेश करते हुए टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को 'विकसित भारत' का सबसे शक्तिशाली इंजन बताया। उन्होंने साफ किया कि भारत अब केवल टेक्नोलॉजी का उपभोक्ता नहीं रहेगा, बल्कि दुनिया को लीड करेगा। इस विजन को साकार करने के लिए सरकार ने देश की तेजी से बढ़ती 'क्रिएटर इकोनॉमी' और गेमिंग सेक्टर के लिए खजाना खोल दिया है। स्कूलों और कॉलेजों में होगा 'क्रिएटर' बनने का कोर्स सरकार ने एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (ABGC) सेक्टर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए बड़े कदम उठाए हैं:     कंटेंट क्रिएटर लैब्स: देश के 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में अत्याधुनिक 'कंटेंट क्रिएटर लैब्स' स्थापित की जाएंगी। यहाँ छात्रों को रील मेकिंग, वीडियो एडिटिंग और डिजिटल कंटेंट बनाना सिखाया जाएगा।     गेमिंग में 10 लाख नौकरियां: गेमिंग सेक्टर में 10 लाख से ज्यादा पेशेवरों की भर्ती का लक्ष्य रखा गया है।     स्टार्टअप फंड: गेमिंग और क्रिएटिव स्टार्टअप्स की मदद के लिए ₹10,000 करोड़ का विशेष फंड तैयार किया गया है। डिजिटल बुनियादी ढांचे और AI पर बड़ा दांव     AI और स्किलिंग: AI को भारतीय अर्थव्यवस्था की नई ताकत बताते हुए वित्त मंत्री ने युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम पर जोर दिया।     सस्ता होगा हार्डवेयर: सेमीकंडक्टर निर्माण और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए ₹12.2 लाख करोड़ का निवेश होगा, जिससे कैमरा, मोबाइल और गेमिंग गियर जैसे उपकरण सस्ते होंगे।     डिजिटल टाउनशिप: क्रिएटिव स्किल्स और डिजिटल पढ़ाई के लिए 5 नई टाउनशिप विकसित की जाएंगी, जहां पढ़ाई के साथ-साथ सीधे कंपनियों में काम करने (Apprenticeship) का मौका मिलेगा। डिजाइन और इंफ्रास्ट्रक्चर का नया दौर डिजाइनिंग के क्षेत्र में भारत को विश्व स्तरीय बनाने के लिए नए नेशनल डिजाइन स्कूल खोले जाएंगे। साथ ही बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर बजट में भारी बढ़ोतरी की गई है, जिससे ग्रामीण इलाकों के क्रिएटर्स को भी सुपरफास्ट इंटरनेट मिल सकेगा।

संगम में माघी पूर्णिमा का महास्नान, 2 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने किया पुण्य स्नान, सीएम योगी ने दी शुभकामनाएं

प्रयागराज माघी पूर्णिमा के पावन मौके पर आज प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। माघ मेला के छठे प्रमुख स्नान पर्व पर करीब 2 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में पवित्र स्नान किया। यह संख्या अनुमान से कहीं ज्यादा है, जिसके चलते प्रशासन ने सभी घाटों पर मजिस्ट्रेट तैनात कर दिए हैं। सुबह से ही श्रद्धालु संगम नोज, रामघाट और अन्य घाटों पर पहुंचकर आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। कल्पवास पूरा करने वाले कल्पवासी भी आज संगम से विदा होकर घर लौट रहे हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के पक्के इंतजाम किए हैं। मेला क्षेत्र में पुलिस, पीएसी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जल पुलिस के जवान तैनात हैं। मोटरबोट से गश्त चल रही है। प्रवेश द्वारों पर बैरिकेडिंग की गई है और नो-व्हीकल जोन घोषित है। शहर में कई रूट डायवर्ट किए गए हैं। अपर पुलिस आयुक्त डॉ. अजयपाल शर्मा ने बताया कि कल्पवासियों की सुरक्षित वापसी के लिए अलग रूट बनाए गए हैं, ताकि भीड़ व्यवस्थित रहे। मेलाधिकारी ऋषिराज ने कहा कि अनुमान से ज्यादा भीड़ को देखते हुए हर घाट पर मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई गई है। डीएम ने संगम क्षेत्र का पैदल दौरा किया और कंट्रोल रूम से स्थिति मॉनिटर की। इस बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर श्रद्धालुओं को माघी पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आस्था, भक्ति और संगम की महिमा का जिक्र करते हुए कहा कि माघ मेला आस्था का महापर्व है और सरकार श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। माघी पूर्णिमा माघ मेला का एक महत्वपूर्ण स्नान पर्व है, जहां आस्था, तप और अध्यात्म का अनोखा संगम होता है। मेला 15 फरवरी को महाशिवरात्रि स्नान के साथ समाप्त होगा।

भीड़ बनी जल्लाद! बांग्लादेश में एक महीने में 21 मौतें, सैकड़ों महिलाओं और बच्चों पर अत्याचार

ढाका बांग्लादेश में जनवरी महीने के दौरान भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या और जेल हिरासत में मौतों की घटनाओं में खतरनाक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मानवाधिकार संगठन मानबाधिकार शोंग्स्कृति फाउंडेशन (MSF) की मासिक रिपोर्ट ने देश की कानून-व्यवस्था और मानवाधिकार हालात को “खतरनाक और जटिल” करार दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी में भीड़ हिंसा में कम से कम 21 लोगों की मौत हुई, जबकि दिसंबर 2025 में यह संख्या 10 थी। एमएसएफ ने कहा कि भीड़ हिंसा पर राज्य की ओर से ठोस और सख्त कार्रवाई न होने से दंडहीनता की संस्कृति को बढ़ावा मिला है, जिससे आम जनता का न्याय व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हुआ है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि अज्ञात शवों की बरामदगी में इजाफा हुआ है। जनवरी में 57 अज्ञात शव मिले, जबकि दिसंबर में यह संख्या 48 थी।जेल हिरासत में मौतें भी गंभीर चिंता का विषय बनी हुई हैं। जनवरी में 15 कैदियों की जेल में मौत हुई, जबकि दिसंबर में यह आंकड़ा 9 था। इसके अलावा, कानून प्रवर्तन एजेंसियों की हिरासत में दो लोगों की मौत की भी रिपोर्ट सामने आई। एमएसएफ ने इन मौतों के लिए चिकित्सकीय लापरवाही, अमानवीय हालात और जेल प्रशासन की खामियों को जिम्मेदार ठहराया। आगामी 13वें राष्ट्रीय चुनाव से पहले राजनीतिक हिंसा में भी तेजी देखी गई। जनवरी में चुनावी झड़पों में चार लोगों की मौत और 509 लोग घायल हुए, जबकि दिसंबर में सिर्फ एक मौत दर्ज की गई थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि राजनीतिक मामलों में अज्ञात व्यक्तियों को आरोपी बनाए जाने की प्रवृत्ति खतरनाक रूप से बढ़ी है। दिसंबर में जहां 110 अज्ञात आरोपी दर्ज किए गए थे, वहीं जनवरी में यह संख्या बढ़कर 320 हो गई। इसके साथ ही महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा की स्थिति भी बेहद चिंताजनक रही। जनवरी में 257 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 34 बलात्कार और 11 सामूहिक बलात्कार के मामले शामिल हैं। अल्पसंख्यक समुदायों पर हमले भी बढ़े हैं। मंदिरों और मूर्तियों में चोरी, तोड़फोड़ और नुकसान की 21 घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि दिसंबर में यह संख्या सिर्फ छह थी। एमएसएफ ने सरकार से सभी मानवाधिकार उल्लंघनों की तत्काल और निष्पक्ष जांच कराने तथा नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि न्याय व्यवस्था पर भरोसा बहाल हो सके।