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पहले गोल्ड-सिल्वर फिसले, फिर शेयर बाजार टूटा—बजट के दौरान जबरदस्त उतार-चढ़ाव

नई दिल्ली केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को भारत का आम बजट (Aam Budget 2026) की घोषणा कर दी है। इस दौरान सरकार का मुख्य रूप से ग्रामीण महिलाओं, गरीब छात्रों, उद्योगों, चिकित्सा पर खास फोकस रहा। उन्होंने बताया है कि 1 अप्रैल से भारत में नया इनकम टैक्स एक्ट लागू होने जा रहा है। इसके साथ ही वह 9वीं बार बजट पेश करने का नया रिकॉर्ड भी अपने नाम कर चुकी हैं, जिसमें एक अंतरिम बजट भी शामिल है। पिछले चार वर्षों की तरह इस साल का बजट भी कागज रहित रूप में पेश किया गया। खास बात है कि साल 2019 में जब सीतारमण ने पहला बजट पेश किया था, तब वह चमड़े के ब्रीफकेस की जगह लाल कपड़े में लिपटा पारंपरिक बही खाता लेकर पहुंचीं थीं। साल 2017 से बजट एक फरवरी को ही पेश किया जाता है। बजट 2026 स्पीच टाइम लोकसभा में सीतारमण की तरफ से पूरा बजट भाषण पढ़ने के कुछ देर बाद बजट को राज्यसभा के पटल पर रखा गया। संसद का मौजूदा बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू हुआ है। इसका पहला चरण 13 फरवरी तक चलेगा। उसके बाद नौ मार्च से दूसरे चरण की बैठक शुरू होगी। तय कार्यक्रम के अनुसार बजट सत्र दो अप्रैल को समाप्त होगा। बजट 2026 की बड़ी घोषणाएं     1 अप्रैल से नया इनकम टैक्स एक्ट, 2025 लागू होने जा रहा है     संशोधित आयकर रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा को बढ़ाकर 31 दिसंबर से 31 मार्च करने का प्रस्ताव किया     किसानों की आय बढ़ाने के लिए बहु भाषीय एआई टूल 'भारत विस्तार' बनाने का प्रस्ताव     देश में दूसरा 'राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं न्यूरोसाइंसेज संस्थान' (निमहैन्स-2) खोला जाएगा   बजट पर क्या बोले भाजपा सांसद केंद्रीय बजट 2026 पर भाजपा सासंद कमलजीत सहरावत ने कहा, "आज का बजट विकसित भारत और भारत की संस्कृति दोनों को मिलाकर बनाया गया है। भारत को बायोफार्मा हब के रूप में विकसित किया जाए… पर्यटन को बढ़ाने के लिए कॉरिडोर की घोषणा की गई है। इंफ्रास्ट्रक्चर की बात की गई है। टैक्स प्रक्रिया को आसान करने की बात की गई है। 2047 के विकसित भारत को जिस तरह से आगे बढ़ना चाहिए उसका रोडमैप इसमें रखा गया है।" दवाओं पर छूट केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'मरीजों, खासकर कैंसर से पीड़ित लोगों को राहत देने के लिए, मैं 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट देने का प्रस्ताव करती हूं। मैं दवाओं, मेडिसिन और खास मेडिकल मकसद के लिए इस्तेमाल होने वाले खाने के पर्सनल इंपोर्ट पर इंपोर्ट ड्यूटी से छूट देने के मकसद से 7 और दुर्लभ बीमारियों को जोड़ने का भी प्रस्ताव करती हूं।' बजट उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता, फीका और निराशाजनक है: कांग्रेस कांग्रेस ने वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट को फीका और निराशाजनक करार देते हुए रविवार को कहा कि यह उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट भाषण भी पारदर्शी नहीं रहा और इसमें प्रमुख कार्यक्रमों एवं योजनाओं के लिए बजटीय आवंटन की जानकारी नहीं दी गई। नए इनकम टैक्स एक्ट पर क्या बोलीं निर्मला सीतारमण केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में अपने बजट भाषण में कहा, ''इसे (प्रत्यक्ष कर संहिता) रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया और आयकर अधिनियम, 2025 पहली अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा (What is New Income Tax Act 2025)। सरलीकृत आयकर नियमों और फॉर्म को जल्द ही अधिसूचित किया जाएगा, जिससे करदाताओं को इसकी आवश्यकताओं से परिचित होने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।'' उन्होंने आगे कहा कि फॉर्म को इस तरह से तैयार किया गया है कि सामान्य नागरिक बिना किसी कठिनाई के इनका पालन कर सकें। वर्ष 2025 का आयकर कानून राजस्व तटस्थ है और इसमें कर दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसने केवल प्रत्यक्ष कर कानूनों को समझने में सरल बनाया है, अस्पष्टताओं को दूर किया है, जिससे मुकदमों की गुंजाइश कम हुई है।

मुंबई में दहशत: रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग, लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने दी खुली धमकी

मुंबई बॉलीवुड डायरेक्टर-प्रोड्यूसर रोहित शेट्टी के मुंबई के जुहू में स्थित घर के बाहर फायरिंग की घटना ने एक बार फिर हड़कंप मचा दिया है। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने 5 राउंड फायरिंग की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए यह केस मुंबई क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया गया है और रोहित शेट्टी का बयान भी दर्ज कर लिया गया है। इस बीच मामले में बड़ा अपडेट आया है। इस गोलीबारी की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली है। सोशल मीडिया पोस्ट में ये भी कहा है कि अब सीधे बेडरूम में गोली चलेगी और छाती पर लगेगी। मालूम हो कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने सलमान खान के घर 'गैलेक्सी अपार्टमेंट' के बाहर भी फायरिंग की थी। जानकारी के अनुसार, बीती देर रात करीब 12 बजकर 45 मिनट पर रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग की घटना हुई। इस घटना के बाद भारी पुलिस सुरक्षा तैनात कर दी गई। पुलिस सूत्र का कहना है कि हमलावर बाइक पर जुहू पहुंचा। कुछ दूरी पर बाइक खड़ी की और शेट्टी टावर के पहले फ्लोर पर गोलियां चलाईं। ये रोहित का घर है और जहां गोली चली, वो उनका जिम एरिया है। हमला करने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली जिम्मेदारी 'इंडिया टुडे' के पोस्ट के स्क्रीनशॉट के अनुसार, इसमें लिखा है, 'सभी भाइयों को आज जो ये मुंबई में (शेट्टी टावर) फिल्म डायरेक्टर रोहित शेट्टी के घर पर जो ये फायरिंग हुई है, उसकी जिम्मेदारी शुभम लोनकर, आरजू बिश्नोई, हरि बॉक्सर, हरमन संधू हम लेते हैं। हमने इसको बहुत बार मैसेज लगाया कि हमारे काम में दखल ना दे, लेकिन इसको समझ में नहीं आया। इसको ये छोटा सा ट्रेलर दिया है। इसको अगर आगे फिर हमारी बात नहीं समझी और हमारी बात नहीं मानी तो अब घर के बाहर नहीं, अंदर इसके बेडरूम में गोली चलेगी, इसकी छाती पर।' बॉलीवुड को दी चेतावनी इसी पोस्ट में आगे लिखा है, 'और आगे बॉलीवुड को चेतावनी है कि टाइम रहते सुधर जाओ नहीं तो बहुत बुरा हाल होगा तुम्हारा बाबा सिद्दीकी से भी बुरा हाल करेंगे तुम्हारा और हमने जिन जिन लोगों को फोन कर रखा है या तो टाइम रहते लाइन पर आ जाओ वरना छिपने के लिए जगह कम पड़ जाएगी तुम्हें और जितने भी हमारे दुश्मन हैं तैयार रहो जल्दी ही मुलाकात होगी तुमसे। नोट- एक ही था एक ही है और एक ही रहेगा लॉरेंस बिश्नोई गैंग। सलमान खान के घर के बाहर हुई थी फायरिंग साल 2024 में सलमान खान के बांद्रा स्थित 'गैलेक्सी अपार्टमेंट' के बाहर कुछ राउंड फायरिंग हुई थी। यह घटना लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ी बताई गई थी। कुछ दिनों पहले दिशा पाटनी के घर के बाहर भी फायरिंग हुई थी। इस हमले की जिम्मेदारी गोल्डी बराड़ ने ली थी। कौन है लॉरेंस बिश्नोई? लॉरेंस बिश्नोई की कुख्यात गैंगस्टर है। उसकी गैंग हत्या, जालसाजी और हिंसा जैसी गतिविधियों में शामिल रही है। सलमान खान का नाम इस गैंग की हिट लिस्ट में काफी समय से है। 1998 में काला हिरण शिकार मामला हुआ। इसमें सलमान को राजस्थान में दो ब्लैकबक मारने के लिए सजा दी थी, लेकिन बाद में हाईकोर्ट में फैसला बदला था। बिश्नोई समाज काले हिरण को पूजता है। ऐसे में शिकार के बाद गैंग सलमान के विरोध में आ गया। 14 अप्रैल 2024 को सलमान के घर के बाहर फायरिंग करवाई गई। इसके बाद मुंबई पुलिस ने सलमान को Y-प्लस कैटेगरी की सुरक्षा दी। साथ ही बालकनी में बुलेटप्रूफ ग्लास लगी और वो बुलेटप्रूफ कार में सफर करने लगे। 'सिंघम अगेन' का किया था निर्देशन रोहित शेट्टी ने साल 2024 में 'सिंघम अगेन' फिल्म का निर्देशन किया था। टीवी की बात करें तो इसी साल 'इंडियन पुलिस फोर्स' का निर्देशन किया था और इसे प्रोड्यूस भी किया था। उन्होंने अभी तक अपने अपकमिंग प्रोजेक्ट का ऐलान नहीं किया है।

संतों की वाणी आज भी समाज को सकारात्मक दिशा देने का कर रही है कार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में संत रविदास जयंती के कार्यक्रम में हुए शामिल स्वच्छता दीदीयों का किया सम्मान भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संतों की वाणी आज भी समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर प्रवास के दौरान संत रविदास जयंती के अवसर पर नगर निगम के झोन कार्यालय क्रमांक-1 में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संत रविदास महाराज के चित्र पर माल्यार्पण कर विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती की। इस अवसर पर उन्होंने संत रविदास जी के सामाजिक समरसता, समानता और मानवता के संदेश को स्मरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता अभियान से जुड़ी ‘स्वच्छता दीदियों’ का पुष्पहार से स्वागत किया और उनके योगदान की सराहना करते हुए अभिवादन स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि इंदौर की स्वच्छता पहचान पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है और इसमें स्वच्छता कर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी नागरिकों से संत रविदास के विचारों को आत्मसात करते हुए स्वच्छ, समरस और जागरूक समाज के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री गोलू शुक्ला, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री क्षितिज सिंघल, श्री सुमित मिश्रा आदि भी विशेष रूप से मौजूद थे।  

‘विकसित भारत’ का ब्लूप्रिंट उत्तराखंड से! सीएम धामी बोले—यह बजट दिखाएगा नई दिशा

देहरादून उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय बजट 2026-27 की सराहना की है। उन्‍होंने कहा, यह बजट देश और राज्यों के विकास को नई दिशा देने के साथ ही सभी वर्गों के लिए अवसरों को बढ़ाने वाला है। उन्होंने कहा कि बजट में आर्थिक विकास तेज करने, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने और सबका साथ सबका विकास सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। सीएम धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को विकासोन्मुखी और समावेशी बजट के लिए बधाई देते हुए कहा कि किसानों, महिलाओं, वंचितों, युवाओं, छोटे उद्यमियों और पिछड़े वर्ग पर विशेष ध्यान दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, उद्योग और अवसंरचना के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। ये पूरे देश के साथ उत्तराखंड के लिए भी लाभकारी साबित होंगे और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाएंगे। बजट में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के लिए पर्यावरण-अनुकूल माउंटेन ट्रेल्स विकसित करने की योजना है। उत्तराखंड के परिपेक्ष में बजट ने पर्यटन और बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित किया है, जो विकास के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसानों, पशुपालन, उच्च मूल्य कृषि, पर्यटन और एमएसएमई के लिए किए गए बजट प्रावधान राज्य की ग्रामीण और पर्वतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में पर्यावरण और ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल टेक्नोलॉजी और बायोफार्मा क्षेत्र में किए गए निवेश से राज्य और देश दोनों का दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह बजट सबका साथ, सबका विकास और आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार बजट में घोषित योजनाओं और प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए केंद्र सरकार के साथ पूरी तरह सहयोग करेगी। यह बजट न केवल देश की आर्थिक ताकत को बढ़ाएगा, बल्कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों को भी समान रूप से विकास के अवसर देगा।

जाखड़ ने बताया समावेशी और विकासोन्मुखी केंद्रीय बजट

अमृतसर. भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए आम बजट को हर वर्ग के लिए लाभकारी और संतुलित बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट महिलाओं, किसानों, बुजुर्गों, व्यापारियों, उद्योग और युवाओं सभी की अपेक्षाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। जाखड़ ने कहा कि केंद्र सरकार बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए लगातार काम कर रही है और जिन आर्थिक सुधारों की शुरुआत पहले की गई थी, उन्हें मजबूती से आगे बढ़ाया जा रहा है। सुनील जाखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए जो रोडमैप तय किया गया है, यह बजट उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विशेष रूप से आदमपुर सिविल एयरपोर्ट का नाम श्री गुरु रविदास महाराज के नाम पर रखने की घोषणा को ऐतिहासिक बताया। जाखड़ ने कहा कि यह फैसला केवल एक नामकरण नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने वाला कदम है, जिससे गुरु रविदास महाराज के विचारों को सम्मान मिला है। छोटे-मध्यम उद्योंगों को सीधा लाभ मिलेगा बजट चर्चा के दौरान लघु उद्योग भारती के प्रदेश महासचिव विवेक राठौर, जालंधर इकाई के प्रधान अनिरुद्ध धीर और मीडिया सचिव अनुज कपूर ने भी बजट की सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का एसएमई ग्रोथ फंड रखा गया है, जिससे छोटे और मध्यम उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा। छोटी इंडस्ट्री को विकसित होने के अवसर मिलेंगे उन्होंने बताया कि इस फंड के माध्यम से छोटी इंडस्ट्री को नई तकनीक अपनाने, आधुनिक मशीनरी लगाने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने का अवसर मिलेगा। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय उद्योगों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने में मदद मिलेगी। भाजपा नेताओं ने कहा कि यह बजट केवल वर्तमान जरूरतों को नहीं, बल्कि भविष्य की आर्थिक मजबूती को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है और आने वाले वर्षों में इसका सकारात्मक असर देश और पंजाब दोनों में देखने को मिलेगा।

झारखंड में 70 हजार करोड़ रुपए निवेश करेगा जिंदल ग्रुप

रांची. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में दावोस व यूके दौरे पर झारखंड के प्रतिनिधिमंडल के द्वारा किए गए प्रयास का सकारात्मक परिणाम दिखने लगा है। जिंदल ग्रुप ने झारखंड में स्टील, परमाणु ऊर्जा और सौर ऊर्जा के क्षेत्रों में 70,000 करोड़ के चरणबद्ध निवेश का प्रस्ताव दिया है। गौरतलब हो कि यूके में बैठकों के दौरान हुए समझौते के तहत जिंदल समूह के प्रतिनिधियों ने निवेशों से संबंधित लेटर ऑफ इंटेंट राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को औपचारिक तौर पर सौंपा है। इस निवेश प्रस्ताव का प्रमुख केंद्र पतरातू में छह मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) क्षमता वाले एकीकृत स्टील संयंत्र की स्थापना है, जिसे जिंदल स्टील द्वारा उन्नत और कम उत्सर्जन प्रौद्योगिकियों के माध्यम से विकसित किए जाने का प्रस्ताव है। यह संयंत्र संरचना, परिवहन, रक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले स्टील के उत्पादन पर केंद्रित होगा, जिससे भारत की विनिर्माण मूल्य शृंखला में झारखंड की भूमिका अधिक सुदृढ़ होगी। निवेश देश की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक डी-कार्बनकरण व स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण के राष्ट्रीय लक्ष्यों को सशक्त समर्थन प्रदान करेगा। साथ ही यह औद्योगिक एवं क्षेत्रीय आवश्यकताओं के लिए स्थिर एवं कम-कार्बन आधारभूत विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में सहायक होगी। इसके अतिरिक्त, समूह द्वारा 140 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजना में निवेश का प्रस्ताव भी दिया गया है। यह पहल भारत के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों के अनुरूप औद्योगिक ऊर्जा सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करेगी। केंद्र सरकार द्वारा परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में स्वच्छ, सुरक्षित एवं उद्योग-समर्थ आधारभूत विद्युत आपूर्ति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आगे बढ़ाई जा रही शांति (भारत के लिए लघु मॉड्यूलर रिएक्टर एवं उन्नत परमाणु प्रौद्योगिकी) एक्ट के व्यापक नीति-संदर्भ में, झारखण्ड में 1,400 मेगावाट क्षमता की प्रस्तावित परमाणु विद्युत परियोजना हेतु निवेश का प्रस्ताव दिया गया है। यह परियोजना मूर्त रूप लेने की स्थिति में सभी वैधानिक, सुरक्षा एवं नियामक अनुमोदनों के अधीन होगी। युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर जिंदल समूह की ओर से दिए गए निवेश का प्रस्ताव केवल आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह झारखंड के युवाओं के सशक्तीकरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था के विस्तार का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। प्रस्तावित परियोजनाओं से लगभग 11,000 प्रत्यक्ष व 50,000 से अधिक अप्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर मिलेंगे। साथ ही इससे एमएसएमई, सेवा क्षेत्रों तथा स्थानीय उद्यमिता को व्यापक लाभ मिलेगा और राज्य में समावेशी एवं सतत औद्योगिक विकास को बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- सनातन व्यवस्था के संस्कार जीवन को संतुलित, स्वस्थ और मूल्यवान बनाने की है वैज्ञानिक पद्धति

शासकीय चिकित्सालयों में बनाए जाएंगे गर्भ संस्कार कक्ष चिकित्सा विश्वविद्यालयों में की जाएगी गर्भ संस्कार के अध्ययन- अध्यापन की व्यवस्था पुस्तक "गर्भ संस्कार" का किया विमोचन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में परंपरा और विज्ञान कभी अलग-अलग नहीं रहे। सनातन व्यवस्था के संस्कार केवल धार्मिक व्यवस्था नहीं बल्कि जीवन को संतुलित, स्वस्थ और मूल्यवान बनाने की वैज्ञानिक पद्धति है। गर्भ में पल रहे शिशु को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से संस्कारित करना ही गर्भ संस्कार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में बनने वाले शासकीय चिकित्सालयों के भवनों में गर्भ संस्कार कक्ष बनाए जाएंगे। प्रदेश के चिकित्सा विश्वविद्यालयों और उनसे जुड़े महाविद्यालयों में गर्भ संस्कार के अध्ययन अध्यापन की व्यवस्था की जाएगी, शीघ्र ही इससे संबंधित गजट नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर के डेली कॉलेज में गर्भ संस्कार पुस्तक विमोचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित और भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अंग वस्त्रम तथा श्रीफल भेंट कर उनका अभिवादन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुस्तक "गर्भ संस्कार" का विमोचन किया। पुस्तक के लेखक डॉ. अनिल गर्ग और डॉ. सीमा गर्ग हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित जन समुदाय को गर्भ संस्कार का प्रचार- प्रसार करने के लिए सकारात्मक प्रयास करने का संकल्प भी दिलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पद्मश्री डॉ. नारायण व्यास का सम्मान भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मातृत्व केवल जैविक प्रक्रिया नहीं है, गर्भ शरीर निर्माण के साथ संस्कार की पहली पाठशाला भी है। आधुनिक विज्ञान ने सिद्ध किया है कि 5-6 महीने से ही बच्चे पर माँ की भावनाओं और बाह्य वातावरण का प्रभाव पढ़ने लगता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाभारत में अभिमन्यु तथा अन्य पौराणिक संदर्भ देते हुए कहा कि हमारे पूर्वज मानसिक और भावनात्मक विकास की गहरी समझ रखते थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आयुर्वेद की सामर्थ्य सर्वविदित है। कोविड काल में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और कोविड से बचाव के लिए सभी चिकित्सा पद्धतियों ने आयुर्वेद की प्रक्रियाओं अपनाया। आयुर्वेद में गर्भ संस्कार के महत्व को स्वीकारा गया है। वर्तमान में आधुनिक चिकित्सा विज्ञान भी गर्भ संस्कार के महत्व को स्वीकार कर रहा है। अखिल भारतीय कार्यकारणी सदस्य श्री भय्याजी जोशी ने कहा कि भारत का चिंतन विश्व को संचालित करने का नहीं, बल्कि मार्गदर्शन करने का है। भारत “सुपर राष्ट्र” बनेगा, जो जीवन के विविध क्षेत्रों में दुनिया को सही दिशा दिखाएगा। उन्होंने कहा कि सृष्टि के चक्र में भारत ने उत्थान और पतन दोनों देखे हैं, लेकिन उसकी आत्मिक शक्ति और बीज रूप में सामर्थ्य इतनी मजबूत है कि वह फिर उठ खड़ा होने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि श्रेष्ठ मनुष्य का निर्माण केवल शिक्षा या भौतिक संपदा से नहीं, बल्कि सुशिक्षा और सुसंस्कार से ही संभव है। मानव संपदा के बिना राष्ट्र का उत्थान संभव नहीं। श्री जोशी ने कहा कि पश्चिमी दृष्टि मनुष्य को मशीन मानती है, जबकि भारतीय चिंतन मनुष्य को पूर्ण विकसित मनुष्य बनाने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि जब शस्त्र अयोग्य हाथों में चले जाते हैं तो दुष्परिणाम होते हैं, इसलिए शक्ति के साथ संस्कार अनिवार्य हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर पुण्य सलिला देवी अहिल्याबाई की श्रेष्ठ परंपरा वाली नगरी है। इंदौर से इस आयोजन का होना प्रतीकात्मक है, क्योंकि विचारों का प्रस्फुटन प्रायः मध्य से होता है। श्री जोशी ने युवाओं और दंपत्तियों से आग्रह किया कि शास्त्रों में निहित मूल्यों को केवल प्रस्तुति तक सीमित न रखें, बल्कि आचरण में उतारें। इसके लिए जनजागरण और व्यापक आंदोलन आवश्यक है, ताकि प्रतिकूल परिस्थितियों में भी व्यक्ति सही मार्ग पर चल सके और राष्ट्र निर्माण में सहभागी बने। उन्होंने कार्यक्रम के शोधकर्ताओं, प्रयोगकर्ताओं और आयोजकों से कहा कि इस पहल की सार्थकता तभी है जब समाज इसे गंभीरता से अपनाए और अनुभवों को साझा कर आगे बढ़े। कार्यक्रम को डॉ. अनिल कुमार गर्ग और डॉ. हितेश भाई जानी ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री महेन्द्र हार्डिया और श्री गोलू शुक्ला, जनप्रतिनिधि, आरोग्य भारती के श्री अशोक वार्ष्णेय, श्री योगेंद्र महंत, श्री गुणवंत कोठारी, श्री विनोद अग्रवाल, श्री विक्रम सिंह पवार, डॉ. हितेश भाई जानी, श्री राधेश्याम शर्मा गुरु जी और डॉ. अनिल कुमार गर्ग सहित आध्यात्मिक-धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

न्यायधानी में UGC नियमों के विरोध का बंद फ्लॉप, सवर्ण संगठनों ने जताई नाराज़गी

बिलासपुर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों के विरोध में आज देशभर में सवर्ण समाज ने बंद का आह्वान किया है. हालांकि, छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में बंद बेअसर नजर आया और मुख्य बाजार सामान्य दिनों की तरह खुले रहे. लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ रहा है, विभिन्न संगठनों ने सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया है. सामान्य वर्ग के समाज प्रतिनिधियों, शिक्षकों, छात्रों और विभिन्न संगठनों ने UGC के नए नियमों पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि ये शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के हितों के खिलाफ है. सामान्य वर्ग के छात्रों के हितों की अनदेखी की जा रही है. यूजीसी कानून विरोध आंदोलन के संयोजक डॉ प्रदीप शुक्ला ने कहा कि जब तक इन नियमों को रद्द नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. आज शहर में बड़ी रैली निकालने और प्रशासन को ज्ञापन सौंपने की तैयारी है. फिलहाल, पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे. जानिए क्यों हो रहा UGC के नियमों का विरोध बता दें, UGC ने यह नियम रोहित वेमुला और पायल तड़वी की कथित जातिगत भेदभाव के कारण हुए हत्या मामलों के बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर तैयार किए थे, ताकि कैंपस में जातिगत और अन्य आधारों पर होने वाले भेदभाव को जड़ से खत्म किया जा सके. लेकिन नियम लागू होते ही देशभर में सवर्ण समाज ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया. विवाद की मुख्य वजहें और विरोधियों के तर्क सामान्य वर्ग (S-4 जैसे संगठन) और कई शिक्षक समूहों द्वारा विरोध के पीछे निम्नलिखित तीन बड़े कारण बताए जा रहे हैं:     OBC को शामिल करना: विरोधियों का तर्क है कि SC-ST के साथ अब OBC को भी इन कड़े सुरक्षा प्रावधानों में शामिल करना नियमों के दुरुपयोग की संभावना को बढ़ाता है.     झूठे आरोपों का डर: सवर्ण संगठनों का मानना है कि ‘इक्विटी स्क्वाड’ और ‘समता दूत’ जैसी व्यवस्थाओं से निर्दोष छात्रों और शिक्षकों को आपसी रंजिश के चलते झूठे मामलों में फंसाया जा सकता है.     असमान सुरक्षा: तर्क दिया जा रहा है कि नियम केवल आरक्षित वर्गों की सुरक्षा की बात करते हैं, जबकि सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए भेदभाव से सुरक्षा का कोई स्पष्ट ढांचा इसमें नहीं दिखता. सुप्रीम कोर्ट ने नए नियम पर लगाई रोक चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने इन नियमों पर रोक लगाते हुए कहा कि ‘भेदभाव’ की परिभाषा वर्तमान रेगुलेशन में बहुत धुंधली है.नियमों को और अधिक समावेशी बनाने की जरूरत है ताकि यह देखा जा सके कि ये ‘समानता के अधिकार’ का उल्लंघन तो नहीं कर रहे. कोर्ट ने कहा कि जब तक इस पर अंतिम फैसला नहीं आता, 2012 के पुराने यूजीसी नियम ही प्रभावी रहेंगे.

बाबा ग्रुप और सहयोगियों के ठिकानों से 4.50 करोड़ जब्त

रांची. झारखंड में बाबा ग्रुप के ठिकानों पर आयकर विभाग की कार्रवाई शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रही. झारखंड और बिहार में फैले बाबा ग्रुप और उनके सहयोगी आढ़त व्यापारियों के ठिकानों पर लगातार तलाशी ली जा रही है. यह छापेमारी 29 जनवरी से शुरू हुई थी, जो अब व्यापक जांच का रूप ले चुकी है. विभाग की कई टीमें एक साथ अलग-अलग स्थानों पर दस्तावेजों और संपत्तियों की पड़ताल कर रही हैं. 45 ठिकानों पर छापेमारी, 4.50 करोड़ नकद जब्त आयकर विभाग की इस बड़ी कार्रवाई के दौरान अब तक कुल 4.50 करोड़ रुपये नकद बरामद किए जा चुके हैं. अधिकारियों के मुताबिक झारखंड और बिहार के करीब 45 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई. इनमें राइस मिल, आढ़त गोदाम, कार्यालय और निजी आवास शामिल हैं. तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी मिलने से विभाग को कर चोरी के नेटवर्क के और पुख्ता सबूत मिलने की उम्मीद है. बाबा एग्रो फूड और फूड प्रोसेसिंग पर फोकस जांच के दौरान बाबा ग्रुप से जुड़ी कंपनियों बाबा एग्रो फूड और बाबा फूड प्रोसेसिंग के ठिकानों पर विशेष ध्यान दिया गया. इन दोनों इकाइयों से करीब 2.5 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए हैं. विभागीय सूत्रों के अनुसार, इनमें से 1.5 करोड़ रुपये बाबा एग्रो फूड से जुड़े योगेश साहू के ठिकाने से बरामद हुए. नकदी की इतनी बड़ी बरामदगी ने आयकर विभाग की शंकाओं को और मजबूत किया है. आढ़त व्यापारियों से भी दो करोड़ रुपये बरामद बाबा ग्रुप के अलावा उनके सहयोगी चावल आढ़त व्यापारियों के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई. इन स्थानों से लगभग 2 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए हैं. आयकर विभाग का मानना है कि इन आढ़त व्यापारियों के माध्यम से बड़े पैमाने पर लेन-देन को छुपाया गया था. नकद लेन-देन, फर्जी बिलिंग और आय छिपाने के संकेत जांच में सामने आए हैं. कीमती जेवर और अचल संपत्ति का मूल्यांकन जारी छापेमारी के दौरान नकदी के अलावा कीमती जेवरात भी बरामद किए गए हैं. इन आभूषणों का फिलहाल मूल्यांकन किया जा रहा है. इसके साथ ही आयकर विभाग की टीमें बाबा ग्रुप से जुड़ी भूमि, कारखानों और अन्य अचल संपत्तियों का भी आकलन कर रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि संपत्तियों का सही मूल्यांकन होने के बाद कुल अघोषित संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ सकता है. कर चोरी, बेनामी लेन-देन और फर्जी बिलिंग का शक आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार बाबा ग्रुप और उनके सहयोगी कारोबारियों के खिलाफ कर चोरी, बेनामी लेन-देन और फर्जी बिलिंग की कई शिकायतें मिली थीं. जांच के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और लेन-देन से जुड़े डेटा भी जब्त किए गए हैं. पीडीएस और सरकारी खरीद में गड़बड़ी की आशंका सूत्रों का दावा है कि कुछ राइस मिलर्स और ट्रेडर्स ने सरकारी खरीद, पीडीएस और निजी सप्लाई से जुड़े कारोबार में बड़ी मात्रा में आय छिपाई है. आयकर विभाग का कहना है कि दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद अघोषित आय का वास्तविक आंकड़ा सामने आएगा. फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में कार्रवाई और तेज हो सकती है.

राज्यपाल पटेल ने नवीनीकृत लोकभवन मंदिर का लोकार्पण किया

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भक्तिभाव और विधि-विधान के साथ नवीनीकृत लोकभवन मंदिर का शुभ लोकार्पण किया। यह पावन समारोह रविवार को श्रद्धा, मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बीच संपन्न हुआ। श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक गरिमा के साथ हुए समारोह में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह भी मौजूद थे। राज्यपाल श्री  पटेल का मंदिर परिसर आगमन पर पारंपरिक सनातन रीति से स्वागत किया गया। उन्होंने कलश के साथ मंदिर में मंगल प्रवेश कर विधि-विधान से कलश एवं ध्वज का पूजन किया। उन्होंने भगवान के श्री चरणों में पूजा-अर्चना कर प्रदेश के विकास के लिए प्रार्थना की। वैदिक मंत्रोच्चार और भक्तिमय वातावरण के मध्य माँ सरस्वती की पावन प्रतिमा के समक्ष श्रद्धा और भक्तिभाव से दीप प्रज्ज्वलित किया और प्रदेशवासियों के मंगल की कामना की। उन्होंने प्रसाद ग्रहण कर आशीर्वाद प्राप्त किया। राज्यपाल ने मंदिर में हुए नवीनीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों का अवलोकन किया। इसे आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताया। राज्यपाल श्री पटेल को बताया गया कि समग्र विकास कार्य मंदिर परिसर को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के लक्ष्य के साथ किया गया है। नवीनीकरण की संपूर्ण परियोजना 84 लाख 13 हजार 100 रुपये की लागत से संपन्न हुई है। इस कार्य में करीब 76 लाख 96 हजार रुपये के सिविल निर्माण तथा लगभग 7 लाख 16 हजार रुपये के विद्युत संबंधी कार्य कराए गए है। मंदिर परिसर में लगभग 2,700 वर्गफुट क्षेत्रफल का विशाल हॉल, श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु 1,120 वर्गफुट क्षेत्र में भोजनशाला एवं भंडारा कक्ष और 560 वर्गफुट क्षेत्र में सुसज्जित रसोईघर भी तैयार किया गया है। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव, मुख्य अभियंता लोक निर्माण श्री संजय मस्के, अधीक्षण यंत्री लोक निर्माण श्री हरी शंकर जयसवाल, नियंत्रक हाऊसहोल्ड लोकभवन श्रीमती शिल्पी दिवाकर, लोक निर्माण विभाग की सिविल, इलेक्ट्रिकल शाखा और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि सहित लोकभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।