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कर्मचारियों के हित में बड़ा फैसला, 8वें वेतन आयोग की दिशा में अहम कदम

जयपुर राजस्थान सरकार ने बजट 2026 में सरकारी कर्मचारियों और ग्रामदानी किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बताया कि आठवें वेतन आयोग के गठन के लिए एक हाई पावर कमेटी बनाई जाएगी। इसके साथ ही 8 नए जिलों और नई पंचायत समितियों में सरकारी दफ्तर बनाए जाएंगे। नई ग्राम पंचायतों को मिला बड़ा तोहफा राज्य के 3467 नई ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए 3000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ग्रामदानी गांवों के किसानों को अब खातेदारी अधिकार दिए जाएंगे, जो अब तक उन्हें प्राप्त नहीं थे। मुख्य सचिव कार्यालय में डिरेगुलेशन सेल बनाई जाएगी और डिजिटल अरेस्ट की बढ़ती घटनाओं पर नियंत्रण के लिए राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर खोला जाएगा। होमगार्ड की संख्या में हुई बढ़ोत्तरी शहरों में होमगार्ड की संख्या बढ़ाकर 5000 की जाएगी, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। वहीं, उपनिवेशन विभाग को समाप्त कर उसका राजस्व विभाग में विलय किया जाएगा। गृह विभाग का रिवॉल्विंग फंड बढ़ाकर 7 करोड़ रुपये कर दिया गया है। सरकार ने बेहतरीन काम करने वाली पंचायतों के लिए राष्ट्रीय पंचायती पुरस्कार की तर्ज पर राज्य स्तरीय ‘स्टेट पंचायत अवॉर्ड’ की घोषणा भी की है। इसके अलावा, शेखावाटी तक हथनीकुंड से यमुना जल लाने के लिए 32,000 करोड़ रुपये की विशाल परियोजना का काम जल्द ही शुरू होगा। राजस्थान सरकार ने कर्मचारियों, किसानों और पंचायतों के लिए इन घोषणाओं के माध्यम से प्रशासनिक क्षमता, सुरक्षा और विकास को मजबूत बनाने का संदेश दिया है।  

अब 23 को नहीं होगी इंटर परीक्षा, निकाय चुनाव के कारण JAC ने बदली डेट

रांची राज्य में होने वाले नगर निकाय चुनाव को ध्यान में रखते हुए झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने फरवरी में होने वाली कई परीक्षाओं की तारीखों में बदलाव कर दिया है। चुनाव के कारण इंटरमीडिएट, 11वीं, 8वीं और 9वीं कक्षा की परीक्षाएं अब नई तिथियों पर आयोजित होंगी। इस संबंध में जैक ने सभी स्कूलों और कॉलेजों को आधिकारिक सूचना जारी कर दी है। 24 फरवरी को होगी परीक्षा निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 23 फरवरी को नगर निकाय चुनाव के लिए मतदान और 27 फरवरी को मतगणना होगी। इसी वजह से 23 फरवरी को होने वाली इंटरमीडिएट की हिंदी विषय की परीक्षा को एक दिन आगे बढ़ाकर 24 फरवरी कर दिया गया है। यह परीक्षा दूसरी पाली में दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगी। मैट्रिक परीक्षा 17 फरवरी को समाप्त 11वीं कक्षा की परीक्षा अब 25, 26 और 28 फरवरी को आयोजित की जाएगी। विज्ञान और वाणिज्य संकाय की परीक्षाएं सुबह की पाली में होंगी, जबकि कला संकाय की परीक्षा दूसरी पाली में ली जाएगी। वहीं, 8वीं कक्षा की परीक्षा 2 मार्च को दो पालियों में होगी। 9वीं कक्षा की परीक्षा 6 और 7 मार्च को आयोजित की जाएगी। जैक ने साफ किया है कि मैट्रिक परीक्षा 17 फरवरी को ही समाप्त हो रही है, इसलिए नगर निकाय चुनाव का मैट्रिक परीक्षा पर कोई असर नहीं पड़ेगा और इसके कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। बता दें कि चुनाव और परीक्षा एक साथ होने को लेकर पहले छात्रों और अभिभावकों ने चिंता जताई थी। उनका कहना था कि मतदान और मतगणना के दौरान स्कूल भवन और शिक्षक चुनाव कार्य में व्यस्त रहेंगे, जिससे परीक्षा प्रभावित हो सकती है। अब परीक्षा तिथियों में बदलाव होने से छात्रों और अभिभावकों को राहत मिली है।  

ड्यूटी के दौरान हादसा: बस से उतरते समय प्रधान आरक्षक की गिरकर मौत

दुर्ग जिले के महिला थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक की मौत की खबर सामने आई है. यह घटना दुर्ग बस स्टैंड में हुई. 15 दिन की छुट्टी से वापस लौटे प्रधान आरक्षक बस से उतरते समय फिसल कर नीचे गिर गए. जिससे उन्हें चोंट आई. उन्हें इलाज के लिए तत्काल अस्पताल ले गया, लेकिन उनकी मौत हो गई. मिली जानकारी के अनुसार, दुर्ग जिले के महिला थाना भिलाई में पदस्थ प्रधान आरक्षक त्रिलोक सिंह (आरक्षक क्रमांक 33) मूलतः मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के निवासी थे. वह 15 दिनों की छुट्टी लेकर अपने पैतृक गांव गए हुए थे. छुट्टी समाप्त होने के बाद वह अपनी बेटी के साथ बस से दुर्ग वापस लौटे. यहां दुर्ग लौटकर उन्हें ड्यूटी ज्वाइन करना था. दुर्ग बस स्टैंड में बस पहुंचने के बाद वह बस से उतर रहे थे. इस दौरान उनका पैर फिसल गया और अचानक वे असंतुलित होकर जमीन पर गिर पड़े. जमीन पर गिरने से उनकी आंख के नीचे गंभीर चोटें आई. साथ में मौजूद उनकी बेटी और अन्य लोगों ने उन्हें जिला अस्पताल दुर्ग पहुंचाया. जहां परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. गिरने से लगी गंभीर चोट के बाद मौत डॉक्टरों ने मौत की प्रारंभिक वजह बस से उतरने के दौरान गिरने से लगी चोट बताई है. हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा. पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है.

8वें वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों को ₹9 लाख तक एरियर, जानिए फॉर्मूला

नई दिल्ली केंद्रीय कर्मचारी आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार कर रहे हैं। वैसे तो वेतन आयोग की सिफारिशें आने में एक साल से भी ज्यादा लगेंगे लेकिन लोग अपनी सैलरी का कैल्कुलेशन अभी से करने लगे हैं। दरअसल, वेतन आयोग की सिफारिशें फिटमेंट फॉर्मूले के तहत लागू होने की उम्मीद है। वहीं, सिफारिशें एक जनवरी 2026 से लागू होंगी तो ऐसे में कर्मचारियों को उम्मीद है कि उन्हें एरियर भी मिलेगा। एरियर की अवधि 18 से 24 महीनों तक की हो सकती है। अब सवाल है कि आखिर कितना तक एरियर मिल सकता है। आइए फिटमेंट फॉर्मूले के अलग-अलग आंकड़ों के हिसाब से समझ लेते हैं। लाखों रुपये का एरियर लेवल 1 से लेवल 5 तक के कर्मचारियों के लिए यह एरियर लाखों रुपये में मिल सकता है। अगर 1 जनवरी 2026 को प्रभावी तिथि मानते हुए 20 महीनों का एरियर लिया जाए और फिटमेंट फैक्टर 2.0, 2.15, 2.28 या 2.57 के आधार पर गणना की जाए, तो लेवल 1 से 5 तक के कर्मचारियों को एकमुश्त बड़ी रकम मिलने की संभावना बनती है। 9 लाख रुपये से ज्यादा एरियर मान लीजिए कि सातवें वेतन आयोग के तहत लेवल 1 कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है। वहीं,लेवल 5 कर्मचारियों की सैलरी 29,200 रुपये है। अब आठवें वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों का 20 महीने का एरियर 3.60 लाख रुपये से 9.17 लाख रुपये तक बन जाता है। यह कैल्कुलेशन फिटमेंट फैक्टर 2.0, 2.15, 2.28 और 2.57 के आधार पर किया गया है। बता दें कि एरियर की गणना का तरीका सीधा होता है। इसमें 7वें वेतन आयोग के तहत मौजूदा बेसिक पे पर स्वीकृत फिटमेंट फैक्टर लागू कर नई बेसिक सैलरी तय की जाती है। इसके बाद पुरानी और नई सैलरी के बीच का मासिक अंतर निकाला जाता है और उसे देरी के महीनों की संख्या से गुणा किया जाता है। आमतौर पर एरियर में बेसिक पे का अंतर और संशोधित वेतन के अनुसार महंगाई भत्ते (DA) का अंतर शामिल होता है। मांगे गए हैं सुझाव हाल ही में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च कर दी है। आयोग ने MyGov पोर्टल पर एक संरचित प्रश्नावली के जरिए मंत्रालयों, विभागों, केंद्रीय कर्मचारियों और अन्य हितधारकों से सुझाव भी मांगे हैं। मतलब ये कि आप वेतन आयोग को किसी भी तरह के सुझाव दे सकते हैं। अगर सुझाव सही होंगे तो उस पर अमल भी किया जा सकता है। बता दें कि केंद्र सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें वेतन आयोग की घोषणा की थी, जबकि वित्त मंत्रालय ने 3 नवंबर को इसकी अधिसूचना जारी की।

मध्य प्रदेश में आबादी की हाईटेक गिनती, जनगणना 2027 दो चरणों में संपन्न होगी

इंदौर  देश में 2011 के बाद से पूरे 15 साल बाद एक बार फिर जनगणना हो रही है. मध्य प्रदेश में 16वीं जनगणना के लिए फिलहाल दो चरणों में कार्य प्रारंभ होगा, जो 2 साल तक चलेगा. देश में रहने वाले नागरिकों की संख्या और जनसंख्या के अनुपात में विकास योजनाओं तथा अन्य सांख्यिकी महत्व के लिए जनगणना की जा रही है. इधर, इंदौर में जनगणना का पहला चरण अप्रैल 2026 में शुरू होगा, जो अगले साल फरवरी तक चलेगा. 15 साल बाद शुरू होने जा रही जनगणना इसी प्रकार फरवरी 2027 में जनगणना का दूसरा चरण शुरू होगा, जिसके तहत देशभर में जनगणना पूरी की जाएगी. लंबे समय बाद हो रही जनगणना उन युवाओं के लिए भी कुतूहल का विषय है, जिन्होंने कभी भी जनगणना जैसी प्रक्रिया में भागीदारी नहीं की है. हालांकि, इस बार जनगणना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें देश के प्रत्येक नागरिक की लगभग पूरी जानकारी सांख्यिकी आंकड़ों में दर्ज की जाएगी. घर-घर जाकर पूछे जाएंगे ये सवाल सांख्यिकी विभाग के मुताबिक इस बार की जनगणना में कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिसमें नागरिक का मकान और भूमि स्वामी की स्थिति, पक्का अथवा कच्चा मकान, पीने के पानी का उपलब्ध साधन, खाना पकाने का ईंधन और इंटरनेट के अलावा फोन, टीवी, वाहन आदि जानकारी भी ली जाएगी. इसके अलावा आहार एवं जीवन शैली से जुड़े अन्य सवाल और परिवार के मुखिया का मोबाइल नंबर भी पूछा जाएगा जो पहली बार रिकॉर्ड में दर्ज होंगे. मोबाइल ऐप से दर्ज होगी जानकारी जनगणना को लेकर इंदौर में तैयारी शुरू हो गई है. इसे लेकर कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया, "जनगणना में गुणवत्ता और उच्च स्तर से प्राप्त नियमों और निर्देशों का विशेष ध्यान रखा जाएगा." उन्होंने बताया, "जनगणना का पहला चरण अप्रैल 2026 से प्रारंभ होगा. इस चरण में 1 से 30 मई 2026 तक घर-घर जाकर मकानों को सूचीबद्ध कर गणना की जाएगी. इसके पूर्व 15 दिन की समयावधि में ऐप के माध्यम से स्व गणना का विकल्प भी मौजूद रहेगा." प्रशिक्षण के लिए मास्टर ट्रेनर नियुक्त दूसरा चरण फरवरी 2027 में प्रस्तावित है. इस दूसरे चरण में डिजिटल माध्यम से घर-घर जाकर जनसंख्या गणना की जाएगी. इसके लिए इंदौर में बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारियों की सेवाएं ली जाएंगी. इन्हें विभिन्न स्तरों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा. प्रशिक्षण के लिए मास्टर ट्रेनर्स की नियुक्ति की जा रही है." 

CM हिमंता भड़के: 12,000 बीघा जमीन कब्जा करने के आरोप पर भूपेश समेत कांग्रेसियों को चुनौती, सबूत पेश करें

रायपुर   असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस के प्रमुख नेताओं पर 500 करोड़ रुपये मानहानि का मुकदमा दायर कर राजनीतिक हलचल मचा दी है. सीएम सरमा ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, एआईसीसी महासचिव जितेंद्र सिंह और असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई समेत अन्य नेताओं पर झूठे और दुर्भावनापूर्ण आरोप लगाने का आरोप लगाया है. यह मुकदमा गुवाहाटी की अदालत में दाखिल किया गया. इस बात से शुरू हुआ विवाद विवाद की जड़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस है. उसमें असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने दावा किया था कि पार्टी को पता चला कि राज्य भर में मुख्यमंत्री और उनके परिवार की ओर से लगभग 12,000 बीघा जमीन पर कब्जा किया गया है. इसके अलावा, AI जनित वीडियो को लेकर भी तनाव बढ़ा है, जिसमें कथित तौर पर सीएम सरमा के खिलाफ गलत सामग्री प्रसारित की गई. वहीं, कांग्रेस नेताओं ने पलटवार करते हुए सरमा के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्हें भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति अर्जन के आरोप में घेरा गया. 9 फरवरी को शुरू हुई कानूनी कार्रवाई हिमंता बिस्वा सरमा के अनुसार, 9 फरवरी 2026 को भूपेश बघेल सहित कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। उन्होंने कहा कि, राजनीतिक असहमति अलग बात है, लेकिन सार्वजनिक मंच से निराधार आरोप लगाना कानून के दायरे में आता है। सीएम सरमा का आरोप है कि, कांग्रेस नेताओं, खासकर भूपेश बघेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए उनके खिलाफ ऐसे बयान दिए जो पूरी तरह झूठे और तथ्यहीन हैं। इसी को लेकर उन्होंने सीधे कोर्ट का रुख किया। सरमा ने कांग्रेस नेताओं दावों को पूरी तरह से "झूठा, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक" करार दिया है। सीएम ने एक्स पर किया पोस्ट सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा, “आरोप लगाकर भागने वाली राजनीति का दौर खत्म हो चुका है. गांधी परिवार की इस साजिश को अदालत में देखूंगा.” उन्होंने 9 फरवरी को सिविल और क्रिमिनल मानहानि की कार्यवाही शुरू करने की घोषणा की थी, जो अब अमल में आ गई. भूपेश बघेल ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया और कहा कि वे कानूनी लड़ाई लड़ेंगे. गांधी परिवार पर भी हमला मुकदमे के पहले सीएम कह चुके थे कि वह कांग्रेस नेताओं के आरोपों को लेकर लीगल एक्शन लेंगे. मुख्यमंत्री ने कांग्रेस लीडरशिप पर मिलकर बदनामी करने और पॉलिटिकल ड्रामा करने का भी आरोप लगाया था. उन्होंने कहा कि यह हमला गांधी परिवार के कहने पर किया गया था. उन्होंने कहा कि विपक्ष को पर्सनल बुराई के बजाय मुद्दों और गवर्नेंस पर फोकस करना चाहिए. प्रेस कॉन्फ्रेंस के बयान बने विवाद की वजह बता दें कि, मामला 4 फरवरी को गुवाहाटी में आयोजित एक संयुक्त प्रेस वार्ता से शुरू हुई। असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने दावा किया था कि पार्टी की आंतरिक जांच में यह सामने आया है कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार ने राज्य भर में लगभग 12,000 बीघा जमीन पर कब्जा कर रखा है। सरमा ने इन दावों को पूरी तरह से "झूठा, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक" करार दिया है। इससे पहले सरमा ने कहा था कि वे गांधी परिवार के गुलामों की ओर से किए जा रहे प्रचार, बदनाम करने की कोशिश या राजनीतिक नाटक से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हिट एंड रन राजनीति का दौर खत्म हो चुका है। अगर उनके पास जरा भी साहस या सबूत है तो अदालत में पेश करें। इसी बीच असम की राजनीति में हिमंता सरमा और गौरव गोगोई के बीच टकराव और तेज हो गया है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में आरोप लगाया था कि गौरव गोगोई और उनकी ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न के पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख से गहरे संबंध हैं और इससे संवेदनशील सूचनाएं पाकिस्तान तक पहुंचने की आशंका जताई थी। हालांकि, कांग्रेस ने इन आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के पास अपने दावों के समर्थन में कोई दस्तावेजी सबूत नहीं है और उन्होंने मानसिक संतुलन खो दिया है।

होली में घर जाना होगा आसान: दुर्ग से मधुबनी के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन, समय-सारिणी जारी

रायपुर मार्च महीने में होली के महापर्व पर घर जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने एक बड़ी राहत दी है। रेलवे प्रशासन ने दुर्ग से बिहार के मधुबनी के बीच ‘होली स्पेशल ट्रेन’ चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन छत्तीसगढ़ के प्रमुख स्टेशनों जैसे रायपुर, बिलासपुर, चांपा और रायगढ़ से होते हुए झारखंड और बंगाल के रास्ते बिहार पहुंचेगी। होली के दौरान भीड़ नियंत्रण के लिए रेलवे विशेष पहल बता दें कि अक्सर होली के दौरान नियमित ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट लंबी हो जाती है, जिससे यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को सुलझाने और यात्रियों को सुगम सफर प्रदान करने के लिए रेलवे द्वारा गाड़ी संख्या 08753/08754 का परिचालन किया जा रहा है। ट्रेन की समय-सारणी और रूट 1. दुर्ग-मधुबनी होली स्पेशल (08753): यह ट्रेन 1 मार्च 2026 को दुर्ग से रवाना होगी।     प्रस्थान: दुर्ग से रात 00:30 बजे।     प्रमुख स्टॉपेज: रायपुर (01:20), बिलासपुर (03:30), रायगढ़ (05:28), झारसुगुड़ा (07:15), हटिया (12:10), रांची (12:30), धनबाद (17:00), जसीडीह (20:25), बरौनी (00:40) और दरभंगा (03:15)।     आगमन: मधुबनी स्टेशन पर 2 मार्च को सुबह 04:45 बजे। 2. मधुबनी-दुर्ग होली स्पेशल (08754): वापसी में यह ट्रेन 2 मार्च 2026 को मधुबनी से प्रस्थान करेगी।     प्रस्थान: मधुबनी से सुबह 06:15 बजे।     वापसी का मार्ग: समस्तीपुर (08:40), क्यूल (12:00), चितरंजन (16:05), बोकारो स्टील सिटी (21:35), राउरकेला (03:18) और बिलासपुर (09:50)।     आगमन: रायपुर (11:40) और दुर्ग दोपहर 12:45 बजे (3 मार्च)। कोच संरचना यात्रियों की सुविधा के लिए इस स्पेशल ट्रेन में कुल 18 कोच लगाए गए हैं, जिसका विवरण निम्नानुसार है:     एसी थ्री टायर: 02 कोच     स्लीपर क्लास: 09 कोच     जनरल (सामान्य): 05 कोच     एसटीआरडी (गार्ड एवं दिव्यांग): 02 कोच     यात्रियों के लिए सलाह: रेलवे ने अपील की है कि यात्री अपनी टिकट रेलवे काउंटर या आधिकारिक वेबसाइट www.indianrail.gov.in के माध्यम से समय रहते बुक करा लें ताकि अंतिम समय की अफरा-तफरी से बचा जा सके।

थाईलैंड के डे-केयर सेंटर में गोलीबारी, 22 बच्चों समेत 34 की हत्या

बैंकाक थाईलैंड से दहशतगर्दी की बड़ी घटनाएं सामने आई हैं. यहां दो अलग-अलग घटनाओं में 34 लोगों की हत्या कर दी गई है, जिसमें 22 बच्चे शामिल हैं. इन घटनाओं ने पूरे देश को झकझोर दिया है. सामने आया है कि एक पूर्व पुलिस अधिकारी ने डे-केयर सेंटर में घुसकर 34 लोगों की हत्या कर दी. इसके अलावा साउथ थाईलैंड के हाट याई में मौजूद एक स्कूल में 18 साल के युवक ने फायरिंग कर दो लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया और एक महिला कर्मचारी को बंधक बना लिया. इसे थाईलैंड के इतिहास की सबसे भयावह घटना के तौर पर देखा जा रहा है. एक पूर्व पुलिस अफसर ने एक डे-केयर सेंटर में अंधाधुंध फायरिंग कर दी. इस हमले में कम से कम 22 बच्चों और 12 वयस्कों की मौत हो गई. स्थानीय प्रशासन के अनुसार, यह देश के इतिहास की सबसे घातक मास शूटिंग है. घटना के बाद पूरे इलाके में शोक पसर गया और लोगों में गुस्सा भी है.  पुलिस मामले की जांच कर रही है और हमले के पीछे की मंशा का पता लगाने की कोशिश कर रही है.

हरियाणा सरकार का बड़ा ऐलान: 56 लाख लोगों के खाते में पेंशन, हर महीने एक तय तारीख को मिलेगी राशि

पंचकूला  हरियाणा में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत प्रोत्साहन राशि, सब्सिडी और किसी भी तरह की पेंशन प्राप्त करने वाले लाभार्थियों को भविष्य में कोई परेशानी नहीं होने वाली है।प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समस्त राशि को अब हर माह एक ही तारीख को लाभार्थियों के खातों में डाला जाएगा। महीने की यह तारीख कौन सी होगी, इस बारे में अभी निर्णय लिया जाना बाकी है। प्रदेश सरकार के इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि लोगों को अपनी पेंशन, प्रोत्साहन भत्ते और सब्सिडी हासिल करने के लिए कई-कई माह तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। 56 लाख 34 हजार लाभार्थियो के खातों में पहुंचे 1431 करोड़ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को 18 जन कल्याणकारी योजनाओं के तहत 56 लाख 34 हजार लाभार्थियों के खातों में 1431 करोड़ रुपये की राशि स्थानांतरित की। प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, पशुपालन मंत्री श्याम सिंह राणा और सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा भी इस मौके के गवाह बने। मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय लाडो लक्ष्मी योजना की चौथी किस्त के तहत 9 लाख 22 हजार 452 महिलाओं के खातों में 193 करोड़ रुपये की राशि डाली। अभी तक चारों किस्तों में यह राशि 634 करोड़ रुपये हो चुकी है। राज्य सरकार द्वारा एक लाख रुपये से कम आय वाली महिलाओं को 2100 रुपये मासिक देने की योजना आरंभ की गई है। इस योजना के अंतर्गत फरवरी माह से 1100 रुपये की राशि खातों में भेजी जाती है और 1000 रुपये की राशि की एफडी कराई जाती है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुढ़ापा, विधवा और दिव्यांग समेत प्रत्येक तरह की सामाजिक सुरक्षा पेंशन के अंतर्गत 34.14 लाख लाभार्थियों के खातों में 1098 करोड़ रुपये की राशि जारी की। लाडो लक्ष्मी योजना और पेंशन योजना के अंतर्गत 43 लाख 36 हजार 452 लोगों को 1240 करोड़ रुपये की लाभ राशि प्रदान की गई है। हर घर हर गृहिणी गैस सिलेंडर रिफिल योजना के अंतर्गत 12 लाख 62 हजार महिलाओं के खातों में नवंबर व दिसंबर माह के लिए 38 करोड़ 97 लाख रुपये की सब्सिडी राशि भेजी गई है। इस योजना के अंतर्गत महिलाओं को 500 रुपये में गैस सिलेंडर मिलता है। पात्रता से जुड़ी शिकायतें आई हैं मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 36 हजार लाभार्थियों के खातों में 101 करोड़ रुपये की सब्सिडी राशि प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि राज्य भर में पेंशन से संबंधित समस्याएं व आय आधारित पात्रता से जुड़ी शिकायतें उनके संज्ञान में आई हैं। इन शिकायतों व अपीलों के समाधान तथा पात्रता के निष्पक्ष निपटान के लिए सभी जिलों के अतिरिक्त उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं। इसके अंतर्गत सभी एडीसी सप्ताह में सोमवार व बृहस्पतिवार को समाधान शिविर लगाकर समस्या का समाधान सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने दोहराया कि किसी भी पात्र व्यक्ति की पेंशन नहीं कटने दी जाएगी। कार्यक्रम का संचालन सीएम के मीडिया सचिव प्रवीण अत्रेय ने किया। दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का दायरा बढ़ाया गया मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के अंतर्गत अब एक लाख 80 हजार रुपये वार्षिक आय वाले परिवारों की महिलाएं भी 2100 रुपये प्राप्त करने की पात्रता में शामिल हो गई हैं। इनमें ऐसी महिलाएं शामिल हैं, जिनके बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं और जिन्होंने कक्षा 10 या 12 की बोर्ड परीक्षाओं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। कक्षा एक से चार में ‘निपुण भारत मिशन’ के अंतर्गत कक्षा स्तर की दक्षता हासिल करने वाले बच्चों की माताओं और बच्चों को कुपोषण से सफलतापूर्वक पुनर्वासित करने वाली महिलाओं को भी यह राशि मिलेगी। विपक्षी दलों के आंदोलन से पहले भाजपा ने छीना मुद्दा हरियाणा में विपक्षी राजनीतिक दलों ने पेंशन कटने को बड़ा मुद्दा बनाया हुआ है। इनेलो की ओर से 20 फरवरी को पंचकूला में प्रदर्शन किया जाएगा। कांग्रेस और जननायक जनता पार्टी के साथ आम आदमी पार्टी भी लगातार बुजुर्गों की पेंशन काटे जाने, परिवार पहचान पत्रों में आय की जांच के नाम पर लोगों को परेशान करने के आरोप लगा रहे हैं। इससे पहले कि राज्य में विपक्षी दल कोई बड़ा आंदोलन खड़ा कर पाएं अथवा विधानसभा के बजट सत्र में इस मुद्दे को उठाएं, भाजपा सरकार ने करीब 56 लाख लोगों के खातों में लगभग डेढ़ हजार करोड़ रुपये की राशि डालकर इस मुद्दे की हवा निकाल दी है।  

राम की रिहाई: 60 करोड़ के बांड पर 6 लाख में हुए मुक्त, जनसैलाब में स्वागत

भोजपुर भोजपुर जिले के कोईलवर थाना मालखाने में पिछले तीन वर्षों से कैद 'राम दरबार' की सात अष्टधातु मूर्तियां और एक मुकुट  न्यायालय के आदेश पर रिहा कर दिए गए। सीजीएम न्यायालय में 6 लाख रुपये का बेल बांड भरने के बाद इन बेशकीमती मूर्तियों को सुरक्षित मठ के लिए रवाना किया गया। मूर्तियों की रिहाई की खबर मिलते ही श्रद्धालुओं में भारी उत्साह और आस्था का माहौल देखा गया। चोरी के बाद कोईलवर पुलिस ने की थी बरामदगी मालूम हो कि 21 जनवरी 2023 को बक्सर जिले के कृष्णब्रह्म थाना क्षेत्र स्थित रामजानकी मठ (बड़की धकाईच) से इन मूर्तियों की चोरी हुई थी। चोरी के अगले ही दिन, 22 जनवरी की सुबह कोईलवर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरा-छपरा मोड़ के पास एक कार से सभी मूर्तियां बरामद कर ली थीं। इस कार्रवाई के दौरान एक चोर को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया था, तब से ये मूर्तियां थाना मालखाने में सुरक्षित रखी गई थीं। 300 साल पुराना इतिहास और 60 करोड़ की कीमत मठ के सचिव कन्हैया दुबे के अनुसार, ये मूर्तियां लगभग 300 वर्ष पुरानी हैं और पूर्वजों की मान्यता है कि इनकी स्थापना नेपाल के महाराजा द्वारा कराई गई थी। अष्टधातु से बनी इन मूर्तियों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 60 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। रिहा की गई मूर्तियां: भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण, हनुमान, लड्डू गोपाल सहित कुल सात मूर्तियां और एक मुकुट। बांड की प्रक्रिया: बड़का धकाईच की सरपंच बिंदु देवी एवं कुसुम देवी द्वारा न्यायालय में 6 लाख रुपये का बेल बांड भरा गया। मठ के लिए रवानगी: पहले भी हुई थी चोरी थाना से रिहाई के बाद मूर्तियों का विधि-विधान से पूजा-पाठ किया गया और फिर उन्हें बक्सर स्थित रामजानकी मठ के लिए रवाना कर दिया गया। गौरतलब है कि इन मूर्तियों के साथ पहले भी अनहोनी हो चुकी है। वर्ष 2011 में भी इन्हें चोरी किया गया था, जिस दौरान पुजारी की हत्या कर दी गई थी। तब 2013 में इन्हें बरामद कर पुनः स्थापित किया गया था।