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पंजाब के पूर्व सीएम अमरिंदर सिंह की मुश्किलें बढ़ीं, बेटे रनिंदर से ED करेगी सवाल-जवाब

चंडीगढ़  प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके बेटे रनिंदर सिंह को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) से जुड़े एक मामले में पूछताछ के लिए तलब किया है। अधिकारियों के अनुसार, यह मामला कथित तौर पर विदेशी संपत्तियों के मालिकाना हक और अवैध लेनदेन से जुड़ा है। पिता-पुत्र पर आरोप है कि वे स्विट्जरलैंड के बैंक खाते सहित कुछ विदेशी संपत्तियों के लाभार्थी हैं। आपको बता दें कि यह जांच 2016 में आयकर विभाग द्वारा की गई खोजों से शुरू हुई थी, जिसमें विदेशी संस्थाओं के माध्यम से संचालित संपत्तियों का पता चला था। सूत्रों के मुताबिक, ED ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को गुरुवार (12 फरवरी 2026) को जालंधर कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा था, जबकि उनके बेटे रनिंदर सिंह को अगले दिन शुक्रवार (13 फरवरी 2026) को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। सूत्रों ने बताया कि अमरिंदर सिंह 12 फरवरी को पेश नहीं हो पाएंगे क्योंकि उन्हें हाल ही में मोहाली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ईडी अमरिंदर सिंह को पेश होने और अपना बयान दर्ज कराने के लिए एक नयी तारीख दे सकता है। यह कदम पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के सितंबर 2025 के आदेश से संबंधित है। उच्च न्यायालय ने तब अमरिंदर सिंह और उनके बेटे द्वारा दायर उन याचिकाओं को खारिज कर दिया था, जिनमें उन्होंने आयकर विभाग द्वारा उनके खिलाफ दाखिल आरोप पत्र की जांच करने से ईडी को रोकने का अनुरोध किया था। दोनों पर आरोप है कि वे स्विस बैंक खाते सहित कुछ विदेशी संपत्तियों के लाभार्थी हैं। यह मामला 2011 में फ्रांस सरकार से भारत को प्राप्त विश्वसनीय सूचनाओं से संबंधित है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि अमरिंदर सिंह का परिवार विदेशी व्यापारिक संस्थाओं के माध्यम से रखरखाव और नियंत्रण की जाने वाली विदेशी संपत्तियों का लाभार्थी है।

नई दुल्हन ने किया परिवार को हैरान, शादी के बाद प्रेमी संग भागी, ससुर की मौत

मुरैना  मध्य प्रदेश के मुरैना में एक नई नवेली दुल्हन शादी के अलगे दिन अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई। आरोप है कि, ससुराल वालों ने उसे तलाशने के लिए जब पुलिस के सामने गुहार लगाई तो यहां भी कार्रवाई के बजाए उन्हें बेइज्जती ही मिली। पुलिस के रवैय्ये से आहत होकर और सामाजिक शर्मिंदगी के चलते ससुर ने आत्महत्या करने के लिए जहरीला पदार्थ खा लिया। दरअसल, एक शख्स की हाल ही में शादी हुई थी। समारोह में सबकुछ ठीक था। धूमधाम से विवाद हुआ और एक सामान्य ढंग से एक परिवार अपे बहु की विदा कराकर घर ले आया। लेकिन, अगली सुबह दूल्हा समेत पूरे परिवार के पैरों तले उस समय जमीन खिसक गई, जब उन्हें पता चला कि, जिस लड़की को बीती रात राजी खुशी विदा कराकर घर लाए हैं, वो अपने प्रेमी संग फरार हो गई। दूल्हें के घर वालों का आरोप दूल्हें के घर वालों ने आरोप लगाया कि, उन्होंने इसकी शिकायत थाने में की, लेकिन पुलिस ने उनकी पीड़ा को गंभीरता से नहीं लिया। लड़की को ढूंढने के बजाए पुलिस द्वारा उनकी ही बेइज्जती की गई। लम ये है कि, बहू की तलाश के लिए वे बीते दो माह से थाने के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी बहु का पुलिस को कहीं पता नहीं चला। थाना प्रभारी पर आरोप ससुराल वालों ने ये भी आरोप लगाया कि, कड़ी मशक्कत के बाद जब उन्हीं लोगों ने बहू को ढूंढा तो उसने उनके साथ जाने से इंकार कर दिया। पोरसा थाना प्रभारी पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि थाने में न्याय मांगने जाने पर उन्हें बेइज्जत किया जाता था। ससुर गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती पुलिस के रवैय्ये और सामाजिक शर्म के चलते दूल्हा के पिता ने जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की है। फिलहाल, उन्हें गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करा दिया गया है। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

नया वीडियो सामने आया: किरेन रिजिजू ने दिखाया PM मोदी और स्पीकर पर कांग्रेस सांसदों का आक्रामक रवैया

नई दिल्ली केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस सांसदों का एक और वीडियो जारी किया है. किरेन रिजिजू ने गुरुवार को आरोप लगाया कि संसद में विपक्ष और सरकार के बीच हाल ही में हुए टकराव के दौरान कांग्रेस सांसदों का एक बड़ा ग्रुप लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में घुस गया, जहां उन्होंने उन्हें गालियां दीं और पीएम मोदी को धमकाया. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस घटना का एक वीडियो भी शेयर किया है. किरेन रिजिजू ने इस वीडियो के जरिए कांग्रेस को घेरा है. इस वीडियो के बारे में उन्होंने दावा किया कि इसे गैर-कानूनी तरीके से रिकॉर्ड किया गया था, जिससे संसद में तनावपूर्ण कार्यवाही जारी रहने के बीच एक नया राजनीतिक मुद्दा बन गया है. किरिन रिजिजू ने वीडियो जारी करते हुए लिखा, ‘यह एक गैर-कानूनी वीडियो क्लिप है जिसे एक कांग्रेस सांसदों ने तब बनाया था, जब 20-25 कांग्रेस सांसद माननीय स्पीकर के चैंबर में घुसे, उन्हें गालियां दीं और माननीय प्रधानमंत्री को धमकाया. हमारी पार्टी बहस और चर्चा में विश्वास करती है और कभी भी सांसद को मारपीट करने के लिए बढ़ावा नहीं देती.’ इससे एक दिन पहले यानी बुधवार को भी केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि कांग्रेस के सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के साथ अभद्र व्यवहार किया. इसका उन्होंने एक नया वीडियो जारी किया है. उन्होंने कहा कि विपक्ष सदन के अंदर स्पीकर के निर्देशों का खुलेआम उल्लंघन करता है और फिर उन पर उनके साथ भेदभाव करने का आरोप लगाता है. केंद्रीय मंत्री ने पार्लियामेंट के नियमों को बार-बार तोड़ने के लिए विपक्ष की भी आलोचना की और उन्हें स्पीकर के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन पेश करते समय भी तय नियमों और नॉर्म्स को मानने की सलाह दी. संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए किरेन रिजिजू ने कहा, ‘लोकसभा स्पीकर के चैंबर में घुसकर अभद्रता की गई और भला-बुरा कहा गया. फिर, स्पीकर ने जो रूलिंग दिया. उसे भी नहीं माना. राहुल गांधी कहते हैं कि उन्हें सदन में बोलने के लिए किसी की परमिशन की जरूरत नहीं है. वे अपनी मर्जी से बोलेंगे. यह मेरा बोलने का अधिकार है. सब कुछ रिकॉर्ड पर है.’ उन्होंने कहा कि जब तक सदन में स्पीकर से परमिशन नहीं मिलती है, तब तक कोई नहीं बोल सकता है. सदन का कोई भी सदस्य, चाहे वह सांसद हो या प्रधानमंत्री, स्पीकर की परमिशन से ही बोलता है, लेकिन विपक्ष के नेता के लिए पार्लियामेंट के नियमों का कोई मतलब नहीं है. केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आगे बताया कि कम से कम 20-25 कांग्रेस सांसद लोकसभा स्पीकर के चैंबर में घुस गए और उनके साथ अभद्रता की। मैं भी वहीं पर मौजूद था. स्पीकर बहुत नरम इंसान हैं, नहीं तो कड़े कदम उठा सकते थे. जिस वक्त स्पीकर के साथ अभद्रता की जा रही थी, उस समय केसी वेणुगोपाल, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कांग्रेस के कई सीनियर नेता भी अंदर मौजूद थे, और वे उन्हें लड़ने के लिए उकसा रहे थे.

तेज रफ्तार पिकअप ने मॉर्निंग वॉक कर रहे 3 लाेगाें को रौंदा

जशपुर. सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर गम्हरिया में गुरुवार सुबह लगभग 6 बजे एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना ने क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। मॉर्निंग वॉक पर निकले स्थानीय नागरिकों को एक तेज रफ्तार पिकअप ने निर्ममता से कुचल दिया। इस भीषण हादसे में दो लाेगों की घटना स्थल पर ही माैत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया है। मृतकों की शिनाख्त गम्हरिया निवासी लकड़ा मिस्त्री एवं हिरा मिस्त्री के रूप में की गई है। दोनों पेशे से वाहन मिस्त्री बताए जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पिकअप वाहन की रफ्तार बहुत तेज थी। चालक ने नियंत्रण खोते हुए पैदल चल रहे लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद आरोपी चालक वाहन सहित घटना स्थल से फरार हो गया, जिससे क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है। हादसे की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस दल मौके पर पहुंचा और पंचनामा कार्रवाई उपरांत शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने अज्ञात पिकअप चालक के विरुद्ध मामला पंजीबद्ध कर लिया है। आरोपी की धरपकड़ के लिए विशेष टीम गठित की गई है। साथ ही घटना की तह तक पहुंचने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शीघ्र ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

कांम्बिंग गश्त में 126 वारंटी और 11 फरार आरोपी पकड़े

बिलासपुर. जिले में अपराध नियंत्रण और फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए बिलासपुर पुलिस ने रात में व्यापक कांबिंग गश्त अभियान चलाया। पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जिले के सभी थाना क्षेत्रों में एक साथ की गई इस कार्रवाई में लगभग 300 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। अभियान के दौरान पुलिस ने 126 वारंटियों को गिरफ्तार किया, जिनमें 50 स्थायी वारंटी और 76 गिरफ्तारी वारंट शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न गंभीर अपराधों में लंबे समय से फरार चल रहे 11 आरोपियों को भी दबोच लिया गया। सभी आरोपियों को न्यायालयीन प्रक्रिया के लिए अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस टीमों ने संभावित ठिकानों, संदिग्ध स्थानों, होटल-ढाबों और सार्वजनिक स्थलों पर सघन जांच की। निगरानी सूची में दर्ज 41 गुंडा/बदमाशों की विधिवत चेकिंग कर उनकी गतिविधियों का सत्यापन किया गया और आवश्यक वैधानिक चेतावनी दी गई। वहीं संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाए गए 10 व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। एक मामले में आरोपी के कब्जे से धारदार हथियार बरामद होने पर आर्म्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया। साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर भी कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत पिछले एक सप्ताह में 105 शराबी वाहन चालकों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किए गए हैं। पूरे अभियान में थाना प्रभारियों, विवेचना अधिकारियों, पेट्रोलिंग स्टाफ और विशेष टीमों ने समन्वित एवं योजनाबद्ध ढंग से कार्रवाई की।

रूस-अमेरिका टकराव: पुतिन का जुकरबर्ग को सबक, चीन पर भी नजर

मॉस्को  मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp ने आरोप लगाया है कि रूस ने देश में उसकी सेवाओं को पूरी तरह ब्लॉक करने की कोशिश की है, ताकि यूजर्स को स्‍टेट सपोर्टेड डोमेस्टिक ऐप की ओर मोड़ा जा सके. Meta Platforms के स्वामित्व वाले इस ऐप के प्रवक्ता ने बताया कि रूस का यह कदम इंटरनेट स्पेस पर नियंत्रण बढ़ाने और विदेशी टेक कंपनियों की भूमिका सीमित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है. तो क्‍या रूस भी चीन की राह पर चलने की तैयारी कर रहा है. दिलचस्‍प है कि चीन ने मैसेजिंग एप से लेकर सोशल साइट्स तक खुद की डेवलप की है. बीजिंग का उद्देश्‍य है कि इसके जरिये देश में पश्चिमी देशों के प्रभाव को रोका जा सकेगा और अमेरिका-यूरोप के टेक्‍नोलॉजी मोनोपोली पर लगाम लगाया जाएगा. अब रूस के कदम ने एक तरफ जहां मेटा चीफ मार्क जुकरबर्ग को उनकी औकात दिखा दी तो दूसरी तरफ अमेरिकी दादागिरी को भी ठोस चुनौती दी है. यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद मॉस्को और वेस्‍टर्न टेक्‍नोलॉजिकल कंपनियों के बीच तनाव लगातार बढ़ा है. रूसी अधिकारी घरेलू स्तर पर विकसित ऐप ‘MAX’ को बढ़ावा दे रहे हैं, जिसे सरकार समर्थित बताया जा रहा है. हालांकि, आलोचकों का कहना है कि इस ऐप का इस्तेमाल यूजर्स की निगरानी और डेटा ट्रैकिंग के लिए किया जा सकता है, लेकिन सरकारी मीडिया ने इन आरोपों को निराधार करार दिया है. WhatsApp ने कहा कि रूस द्वारा उठाए गए कदम यूजर्स को एक सरकारी-स्वामित्व वाले सर्विलांस ऐप की ओर धकेलने की कोशिश है. कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘हम उपयोगकर्ताओं को जुड़े रखने के लिए हर संभव प्रयास जारी रखेंगे.’ हालांकि, कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि रूस में सेवा बहाली को लेकर आगे की रणनीति क्या होगी. WhatsApp पर सख्‍ती इस बीच, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने सरकारी समाचार एजेंसी TASS को दिए वीडियो बयान में कहा कि WhatsApp की वापसी रूसी कानूनों के पालन पर निर्भर करेगी. उन्होंने कहा, ‘अगर Meta कॉरपोरेशन कानून का पालन करती है और रूसी अधिकारियों के साथ संवाद करती है, तो समझौते की संभावना बन सकती है. लेकिन यदि कंपनी अडिग रुख अपनाती है और कानून के अनुरूप ढलने के लिए तैयार नहीं होती, तो कोई संभावना नहीं है.’ फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रूस के संचार नियामक रोसकोमनादज़ोर ने WhatsApp को अपने ऑनलाइन डायरेक्टरी से हटा दिया है. बताया जाता है कि रूस में इस ऐप के करीब 10 करोड़ यूजर्स हैं, जो इसे देश के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स में से एक बनाता है. इस कदम को रूस की डिजिटल नीति में एक और सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है. Apple पर भी गाज रूस ने पिछले साल WhatsApp और टेलीग्राम जैसी विदेशी मैसेजिंग सेवाओं पर कुछ कॉल सुविधाओं को सीमित करना शुरू कर दिया था. अधिकारियों का आरोप है कि ये प्लेटफॉर्म धोखाधड़ी और आतंकवाद से जुड़े मामलों में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ जानकारी साझा करने से इनकार करते हैं. इसके अलावा दिसंबर में Apple के वीडियो-कॉलिंग ऐप FaceTime को भी ब्लॉक कर दिया गया था. टेलीग्राम के रूसी मूल के संस्थापक पावेल ड्यूरोव पहले ही कह चुके हैं कि उनकी कंपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और यूजर्स की गोपनीयता की रक्षा के प्रति प्रतिबद्ध रहेगी. वहीं, मानवाधिकार संगठनों और डिजिटल राइट ग्रुप्‍स का कहना है कि रूस द्वारा घरेलू प्लेटफॉर्म्स को बढ़ावा देना और विदेशी सेवाओं को सीमित करना इंटरनेट स्वतंत्रता पर गंभीर असर डाल सकता है. डिजिटल संप्रभुता विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद केवल तकनीकी कंपनियों और सरकारों के बीच नियामक संघर्ष तक सीमित नहीं है, बल्कि यह डिजिटल संप्रभुता, डेटा नियंत्रण और नागरिकों की ऑनलाइन स्वतंत्रता जैसे व्यापक मुद्दों से भी जुड़ा हुआ है. WhatsApp जैसे प्लेटफॉर्म के संभावित पूर्ण प्रतिबंध से रूस में लाखों यूजर्स की रोजमर्रा की संचार व्यवस्था प्रभावित हो सकती है. संकेत साफ है कि रूस और वेस्‍टर्न टेक कंपनियों के बीच टकराव आने वाले समय में और गहरा सकता है, जिसका असर वैश्विक डिजिटल इकोसिस्टम पर भी पड़ सकता है.

सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के भत्तों में बदलाव, राज्य सरकार ने नई दरें तय की

भोपाल मध्यप्रदेश के कर्मचारियों को लेकर एक बडी खबर आई है। जो प्रदेश के लाखो कर्मचारियो के लिए अहम हो सकता है। दरअसल निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों के भत्तों पर बड़ा फैसला आया है। यह फैसला यात्रा भत्ता की नई दरों को लेकर है। दरअसल मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम MPLUN ने यात्रा भत्ता की नई दरें लागू करने का निर्णय लिया है। निगम यात्रा भत्तों की नई दरों को किया गया लागू निगम की संचालक मंडल बैठक में यह बड़ा फैसला लिया गया है। दरअसल लघु उद्योग निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए संचालक मंडल की बैठक बड़ा कुछ लेकर आई है। बैठक में यात्रा भत्तों के संबंध में बहुत अहम निर्णय लिया गया है । संचालक मंडल ने निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों के यात्रा भत्तों की नई दरें लागू करने का निर्णय लिया। इसमें खास बात यह है कि अब कर्मचारियों और अधिकारियों को मध्यप्रदेश शासन के समान ही यात्रा भत्ता देय होगा। आपको बता दें कि  लघु उद्योग निगम के संचालक मंडल की यह 294 वीं बैठक थी। बैठक में एमएसएमई प्रमुख सचिव और निगम प्रबंध संचालक दिलीप कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद थे।इस दौरान आडिट रिपोर्ट की समीक्षा भी गई। वहीं संचालक मंडल की बैठक में ये भी फैसला लिया है कि निगम आय बढ़ाने के लिए आगामी वित्त वर्ष में बड़ी मात्रा में कार्य आदेश जारी करेगा। लिहाजा निगम कर्मचारियों के लिए यात्रा भत्ता की नई दरें लागू होने का फैसला काफी बड़ा है। ‍मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम MPLUN के संचालक मंडल की बैठक राज्य के एमएसएमई मंत्री व निगम के अध्यक्ष चैतन्य कुमार काश्यप की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में कई अहम मुद्दों पर जहां चर्चा हुई वहीं विचार विमर्श भी किया गया।

भोपाल में ईरानी डेरा पर छापा, पुलिस ने अपराधियों को धर-दबोचा, 1 करोड़ का गोल्ड जब्त

भोपाल   कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए भोपाल पुलिस ने ईरानी डेरे पर बड़ा प्रहार किया है। मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात पुलिस की बड़ी टीम ने ईरानी डेरे पर प्रहार किया है। इस दौरान सैकड़ों पेंडिंग वारंट तामील करवाए गए हैं। साथ ही दर्जनों संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया है। भोपाल पुलिस ने पूरे ऑपरेशन को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया है। ईरानी डेरा अमन कॉलोनी के पास है। अलग-अलग राज्यों के अपराधी छुपे यहां भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के अनुसार यहां अलग-अलग जिलों और राज्यों के अपराधी छिपे हुए थे। ये उन जगहों के वांटेड क्रिमिनल थे। पुलिस ने इस ऑपरेशन के लिए डीसीपी जोन-4 मयूर खंडेलवाल के नेतृत्व में एक टीम बनाई थी। इसके बाद बेहद गोपनीय तरीके से पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया गया है। 400 जवान हुए शामिल वहीं, स्पेशल टीम में 9 असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर, 16 इंस्पेक्टर और 400 पुलिस बल के जवान थे। निशातपुरा थाना क्षेत्र के अमन कॉलोनी की घेराबंदी की गई। इसे ही ईरानी डेरा भी कहा जाता है। घेराबंदी के बाद कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान कुछ स्थानीय लोग और महिलाओं ने इसका विरोध शुरू कर दिया। लेकिन पुलिस टीम ने सख्ती बरती और उन्हें रोक दिया गया। साथ ही कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। यूपी का मोस्टवांटेड शहादत भी गिरफ्तार इस कार्रवाई के दौरान भोपाल पुलिस ने 31 आदमी और 8 औरतों को गिरफ्तार किया है। इसमें शहादत भी शामिल है जो यूपी पुलिस का वांटेड क्रिमिनिल है। साथ ही उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपए से ज्यादा का इनाम है। गिरफ्तार आरोपियों कई लोग भोपाल ही नहीं, दूसरे राज्यों में भी वॉन्टेड थे। इनके पास से पुलिस ने चोरी के 17 टू-व्हीलर, 644 ग्राम सोना, 240 ग्राम चांदी, 39 मोबाइल फोन, 1.34 लाख रुपए कैश और 1.7 केजी गांजा बरामद किया है। गौरतलब है कि भोपाल पुलिस ने वारंटियों को गिरफ्तार करने के लिए पूरे शहर में अभियान चलाया था। पुलिस ने 238 परमानेंट वारंट, 125 अरेस्ट वारंट और 121 बेलेबल वारंट तामील करवाए हैं। इसके अलावे 21 दूसरे आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें फरार, गाड़ी चोर और जिले के बाहर के क्रिमिनल शामिल हैं। साथ ही गंभीर क्राइम के पेंडिंग केस में आठ लोगों को हिरासत में लिया गया है।

NIA की जांच में बड़ा खुलासा: रांची में पल रहे ISIS के संभावित सदस्य

रांची  भारत में कट्टरपंथ के जरिए आईएसआईएस आतंकी संगठन की विचाराधार फैलाने से जुड़े केस में एनआईए को महत्वपूर्ण तथ्य मिले हैं। रांची एनआईए ने आईएसआईएस मॉडयूल से जुड़े केस की जांच में पाया है कि मध्यप्रदेश का रतलाम निवासी राहुल सेन उर्फ उमर बहादुर ने धर्म परिवर्तन के बाद सनातन समेत कई नामों से भी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाई थी। इसका एडमिन वह खुद था। इस प्रोफाइल्स पर आईएसआईएस का प्रोपगेंडा वीडियो डालकर भ्रम फैलाता था। ISIS के वीडियो से युवाओं को बनाना था कट्टरपंथी एनआईए को मिले तथ्यों के अनुसार, राहुल उर्फ उमर आईएसआईएस के वीडियो को एडिट कर अपलोड करता था। उसका उद्देश्य इन वीडियो के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर भारत के अलग-अलग हिस्सों में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देना था। एनआईए को राहुल के मोबाइल फोन से कई चैट मिले हैं। जिसमें वह युवाओं को आईएसआईएस से जुड़ने की सलाह दे रहा है। एनआईए ने पाया है कि राहुल ने महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, यूपी, पंजाब और बिहार में नेटवर्क बनाए थे। 14 सितंबर 2023 से उमर राहुल उर्फ उमर जेल में है। सिरिया के अबू उमर से जुड़ा था उमर उर्फ राहुल एनआईए ने जांच में पाया है कि राहुल सेन उर्फ उमर सिरिया के आईएस आतंकी अबू उमर से जुड़ा हुआ था। दोनों इंस्टाग्राम में एक-दूसरे से मुसाफिर नाम की आईडी से जुड़े थे। पूछताछ में उमर ने खुलासा किया है कि उसकी इच्छा सिरिया जाकर आईएस से जुड़ने की थी। इससे पूर्व राहुल सेन के सहयोगी फैजान अंसारी के पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में होने की पुष्टि एनआईए की जांच में हुई थी। राहुल ने सनातनी, मुसाफिर, राहुल ओ, राहुल सेन नाम से इंस्टाग्राम, जबकि उमर बहादुर, खालिद, दाईसी, ओसाम बिन लादेन, बकिया, दवाला जैसे नामों से टेलीग्राम चैनल बनाए थे। सनातनी आरएस नाम के एक चैनल पर उसने हथियार व मैगजीन बेल्ट के साथ तस्वीर भी लगाई थी। जन्नत, जिहाद और पैसा- कट्टरपंथियों की कहानी राहुल सेन उर्फ उमर लोहरदगा निवासी फैजान अंसारी से जुड़े नेटवर्क में अहम कड़ी था। जिन युवाओं को कट्टरपंथी संगठन से जोड़ने की कोशिश हुई थी, उसमें से 38 की गवाही एनआईए ने ली है। एनआईए ने जांच में पाया है कि आईएसआईएस संगठन सीधी लड़ाई के बजाय प्रोपगेंडा के प्रसार में जुटा है। इसके लिए ऑडियो, वीडियो, पीडीएफ माध्यमों का इस्तेमाल किया जा रहा है। तल्हा जरनैल नाम के डिजिटल मार्केटिंग कर्मी ने एनआईए को बताया है कि फैजान अंसारी ने उसे आईआईएस से जुड़ने को कहा था, इसके लिए उसे जन्नत मिलने की बात कही थी। फैजान ने तल्हा को राहुल सेन के द्वारा धर्मांतरण करने और जेहाद में शामिल होने का उदाहरण भी दिया था। बम बनाकर पैसे कमाने की बात भी फैजान ने कही थी।

पंजाब में सख्त एक्शन, ‘प्रहार 2.0’ के तहत हजारों संदिग्धों पर शिकंजा

चंडीगढ़   पंजाब में अपराध और नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब पुलिस ने 'ऑपरेशन प्रहार 2.0' के तहत राज्यभर में एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इस ऑपरेशन के तहत अब तक 1,600 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के मुताबिक, यह अभियान पूरी तरह इंटेलिजेंस इनपुट पर आधारित है और इसे सभी जिलों में एक साथ, वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में अंजाम दिया जा रहा है। करीब 12 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को मैदान में उतारा गया है, जिन्होंने अलग-अलग इलाकों में एक साथ दबिश दी। जानकारी के अनुसार, अब तक 2,706 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की गई है, जिनका संबंध वांछित अपराधियों, गैंगस्टरों या ड्रग नेटवर्क से बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि इस अभियान का मकसद सिर्फ गिरफ्तारी करना नहीं, बल्कि अपराध की जड़ों तक पहुंचकर पूरे नेटवर्क को तोड़ना है। खासतौर पर गैंगस्टर गतिविधियों और नशे के कारोबार पर सख्त नजर रखी जा रही है। ‘गैंगस्टरों पर वार’ थीम के तहत चल रहे इस अभियान को लेकर पुलिस का दावा है कि इससे अपराधियों में हड़कंप मचा है और कई सक्रिय गिरोहों की गतिविधियां ठप हुई हैं। अधिकारियों ने यह भी साफ किया है कि पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर की जा रही है और आम, शांतिप्रिय नागरिकों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। पुलिस ने जनता से सहयोग की अपील भी की है। अगर किसी को गैंगस्टर या आपराधिक गतिविधि से जुड़ी कोई जानकारी मिलती है, तो वह एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन 93946-93946 पर गुमनाम तरीके से सूचना दे सकता है। पंजाब पुलिस का कहना है कि राज्य को ड्रग-फ्री और क्राइम-फ्री बनाना उनकी प्राथमिकता है और इसके लिए इस तरह के सख्त और सुनियोजित अभियान आगे भी जारी रहेंगे। फिलहाल ऑपरेशन प्रहार 2.0 जारी है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।