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उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शैक्षणिक भ्रमण के लिए बस को दिखाई हरी झंडी

रायपुर. उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शैक्षणिक भ्रमण के लिए बस को दिखाई हरी झंडी उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज कवर्धा के समनापुर पुल के पास से डेयरी कोऑपरेटिव एवं अमूल डेयरी कोऑपरेटिव बनासकाठा गुजरात के शैक्षणिक भ्रमण पर जाने वाले पशुपालकों और बिहान की दीदियों की बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने बस में पहुंचकर बिहान समूह की दीदियों एवं पशुपालकों से आत्मीय संवाद किया तथा भ्रमण के उद्देश्य और अपेक्षित सीख के संबंध में चर्चा की। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे बनासकाठा जाकर वहां की उन्नत व्यवस्थाओं को गंभीरता से देखें, समझें और सीखें। यह भ्रमण केवल देखने भर का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि सीखने और उसे लागू करने का अवसर है। उन्होंने प्रतिभागियों से कहा कि वे वहां के सफल डेयरी मॉडल, प्रबंधन प्रणाली और तकनीकी नवाचारों का गहन अध्ययन कर जिले में दुग्ध उत्पादन एवं आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाने में योगदान दें।              उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि इस शैक्षणिक भ्रमण से प्रतिभागियों को उन्नत पशुपालन तकनीक, संतुलित चारा विकास, डेयरी कोऑपरेटिव की अवधारणा, दुग्ध संकलन एवं प्रसंस्करण प्रणाली, गुणवत्ता नियंत्रण, डेयरी उत्पाद निर्माण तथा विपणन व्यवस्था के संबंध में व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त होगा। साथ ही उन्हें यह भी समझने का अवसर मिलेगा कि किस प्रकार सहकारी मॉडल के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि उपमुख्यमंत्री व कवर्धा विधायक विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से कबीरधाम जिले के 17 बिहान समूह (एनआरएलएम) की दीदियां एवं 17 पशुपालक इस शैक्षणिक भ्रमण में शामिल हो रहे हैं। यह दल गुजरात के बनासकाठा डेयरी कोऑपरेटिव और अमूल डेयरी कोऑपरेटिव का अवलोकन करेगा, जो देश-विदेश में अपनी उत्कृष्ट दुग्ध उत्पादन प्रणाली और सहकारी मॉडल के लिए प्रसिद्ध हैं। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार ग्रामीण महिलाओं और पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सतत प्रयासरत है। बिहान समूहों के माध्यम से महिलाओं को संगठित कर आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है, वहीं पशुपालन विभाग द्वारा दुग्ध उत्पादन बढ़ाने एवं पशुपालकों की आय में वृद्धि के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं।       इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, नितेश अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य रामकुमार भट्ट, डॉ. बीरेन्द्र साहू, मनिराम साहू, विजय पाटिल, नगर पालिका उपाध्यक्ष पवन जायसवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष पटेल, पार्षद बिहारी धुर्वे, अजय ठाकुर, योगेश चंद्रवंशी, दीपक सिन्हा, केशरीचंद सोनी, संजीव, श्रीमती सुषमा उपाध्याय, केशरीचंद सोनी, भुनेश्वर चंद्राकर, उमंग पाण्डेय, डॉ. आनंद मिश्रा सहित जनप्रतिनिधि, बिहान समूह की दीदियां एवं पशुपालक उपस्थित थे।

एमसीबी में बिजली उपभोक्ता करीब 3 गुना, सिंचाई पंप 9 गुना बढ़े

रायपुर  एमसीबी में बिजली उपभोक्ता करीब 3 गुना, सिंचाई पंप 9 गुना बढ़े मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में पिछले 25 वर्षों में बिजली व्यवस्था की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। वर्ष 2000 में अविभाजित कोरिया जिले का हिस्सा रहे इस क्षेत्र में अब विद्युत उपभोक्ताओं, उपकेंद्रों, ट्रांसफार्मरों और लाइनों के नेटवर्क में कई गुना वृद्धि दर्ज की गई है। इसका सीधा लाभ कृषि, उद्योग और घरेलू उपभोक्ताओं को मिला है। वर्ष 2000 में जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 6,228 वर्ग किमी था, जो 2022 में पृथक जिला बनने के बाद 4,227 वर्ग किमी रह गया। क्षेत्रफल कम होने के बावजूद बिजली सुविधाओं का विस्तार तेजी से हुआ है। उपभोक्ता संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी जिले में कुल विद्युत उपभोक्ता वर्ष 2000 में 21,209 थे, जो बढ़कर 57,549 हो गए हैं। उच्च दाब (एचटी) उपभोक्ता 15 से बढ़कर 37 और निम्न दाब (एलटी) उपभोक्ता 9,505 से बढ़कर 57,549 तक पहुंच गए हैं। बीपीएल कनेक्शन 3,562 से बढ़कर 22,679 हो गए हैं, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या 7,999 से बढ़कर 27,213 हो गई है। कृषि क्षेत्र को मिली बड़ी राहत सिंचाई पंप उपभोक्ताओं की संख्या 128 से बढ़कर 1,159 हो गई है, जो लगभग 9 गुना वृद्धि है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए नियमित बिजली उपलब्ध हो रही है और कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिला है। उपकेंद्र और ट्रांसफार्मर बढ़े 132/33 केवी उपकेंद्र 1 से बढ़कर 2 (चैनपुर और बहरासी) हो गए हैं। 33/11 केवी उपकेंद्र 4 से बढ़कर 13 हो गए। पावर ट्रांसफार्मर 5 से बढ़कर 17 और वितरण ट्रांसफार्मर 276 से बढ़कर 3,018 हो गए हैं। लाइन नेटवर्क में भी बड़ा विस्तार उच्च दाब लाइनें 734 किमी से बढ़कर 3,718 किमी और निम्न दाब लाइनें 368 किमी से बढ़कर 3,429 किमी तक पहुंच गई हैं। डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा एक जोन और 8 वितरण केंद्रों के माध्यम से जिले के सभी गांवों का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण सुनिश्चित किया गया है। वर्तमान में 57 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को नियमित बिजली आपूर्ति दी जा रही है। बिजली अधोसंरचना के इस विस्तार ने जिले में विकास की रफ्तार को तेज किया है। कृषि, लघु उद्योग और घरेलू सुविधाओं में सुधार के साथ एमसीबी जिले में बिजली अब विकास की मजबूत धुरी बन गई है।

दस हजार की मदद से मिली सिलाई मशीन और गाय ने बदली महिलाओं की किस्मत

छपरा. सारण में इन दिनों गांव-गांव एक नई तस्वीर उभर रही है। जिस घर में कल तक मजदूरी की अनिश्चित कमाई थी, आज वहां छोटा कारोबार चल रहा है। जिन महिलाओं को लंबे समय तक घर तक सीमित माना गया, वही महिलाएं अब कमाई की कमान संभाल रही हैं। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत खाते में आए 10 हजार रुपये सारण की हजारों महिलाओं के लिए केवल रकम नहीं बने यह उनके लिए आत्मनिर्भरता का पहला कदम बन गया। दिघवारा प्रखंड की नीतू देवी,जानकी देवी और लालती देवी जैसी महिलाएं अब पूरे जिले में चर्चा का विषय हैं। इनकी कहानी बताती है कि अगर अवसर मिले, तो ग्रामीण महिलाएं भी परिवार की आर्थिक रीढ़ बन सकती हैं। आंकड़ों ने भी कहा- बदल रहा है समय सारण में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का असर अब कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव की गलियों और बाजारों तक पहुंच चुका है। नवंबर 2025 तक 4,93,621 महिलाएं योजना से जुड़ीं थी, जिनमें से 17,608 महिलाओं के खाते में राशि भेजी गई।अब तक कुल 5,11,229 महिलाएं योजना के दायरे में आ चुकी हैं। यानी सारण अब इस योजना में अग्रणी जिलों में गिना जाने लगा है। रामपुर आमी की नीतू देवी टोटो बना परिवार की कमाई का सहारा दिघवारा प्रखंड के रामपुर आमी पंचायत में रहने वाली नीतू देवी कौसर जीविका महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं।नीतू देवी के घर की हालत पहले वैसी थी, जैसी गांव के कई मजदूर परिवारों की होती है कमाई का कोई भरोसा नहीं। उनके पति मजदूरी करते थे, लेकिन काम मिला तो ठीक, नहीं मिला तो घर में चिंता। इसी बीच मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से नीतू देवी को 10 हजार रुपये की सहायता मिली। नीतू देवी ने इसे खर्च नहीं किया, बल्कि इसे पूंजी बनाया। उन्होंने कुछ अतिरिक्त राशि जोड़कर किस्त पर बैटरी चालित टोटो खरीद ली। टोटो चलाने की जिम्मेदारी उनके पति ने संभाली और कुछ ही समय में उनकी रोज की कमाई 700 से 1000 रुपये तक पहुंच गई। घर बैठे काम जानकी देवी ने सिलाई से बना ली पहचान दिघवारा की जानकी देवी जय गणेश स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं। उनके पास छह महीने का छोटा बच्चा था। ऐसे में घर से बाहर जाकर काम करना संभव नहीं था। पति दिल्ली में मजदूरी करते थे, लेकिन पिछले छह महीनों से पत्नी-बच्चे की देखभाल के लिए गांव में ही रुक गए थे। इससे कमाई घट गई और घर पर आर्थिक दबाव बढ़ गया। इसी कठिन समय में योजना से मिले 10 हजार रुपये उनके लिए उम्मीद की तरह आए। जानकी देवी ने पहले से सिलाई का प्रशिक्षण ले रखा था। उन्होंने दिघवारा प्रखंड स्थित संस्कार जीविका महिला संकुल स्तरीय संघ के सिलाई प्रशिक्षण केंद्र से यह हुनर सीखा था। अब जानकी देवी घर में रहकर बच्चे की देखभाल भी कर रही हैं और साथ ही अपनी आमदनी भी बना रही हैं। गांव की महिलाओं के कपड़े सिलने से उन्हें धीरे-धीरे पहचान और काम दोनों मिल रहे हैं। मजदूरी से दूध का कारोबार, लालती देवी की मेहनत रंग लाई दिघवारा प्रखंड की लालती देवी जय गणेश जीविका महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं। पहले वे खेती से जुड़ी मजदूरी पर निर्भर थीं।गांव में काम मिला तो दिन चलता, नहीं मिला तो घर में तंगी।मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत मिले 10 हजार रुपये से लालती देवी ने एक गाय खरीदी। यह गाय प्रतिदिन करीब 10 लीटर दूध देती है। लालती देवी अब चाहती हैं कि अगर आगे और मदद मिले, तो वे 10–12 गायें खरीदकर अपना पशुपालन बढ़ाएं। सारण में इस योजना का सबसे बड़ा असर यह दिख रहा है कि महिलाएं अब केवल सहयोगी नहीं, बल्कि कमाने वाली मुख्य ताकत बन रही हैं। कहीं टोटो की चाबी महिलाओं के हाथ में है, कहीं सिलाई मशीन की रफ्तार से घर चल रहा है, तो कहीं दूध के डिब्बे के साथ आर्थिक आजादी की नई सुबह आ रही है।

‘सुर्खियों में रहने की कोशिश’— भूपेश बघेल के बयान पर मंत्री केदार कश्यप का पलटवार

 रायपुर भूपेश बघेल के बीजेपी में शामिल होने के ऑफर पर कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने पलटवार करते हुए कहा कि उनकी जरूरत न छत्तीसगढ़ को है, और न ही भाजपा को है. वो सुर्खियों में बने रहने के लिए ऐसे बयान देते हैं. कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने आज अपने विभाग का लेखा-जोखा मीडिया के सामने पेश किया. इस दौरान पत्रकारों के सवालों का दवाब देते हुए कांग्रेस नेताओं के बयानों का जवाब भी दिया. उन्होंने पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के पीडीएस दुकान के खाली होने के आरोप पर कहा कि जिन लोगों ने पूरे प्रदेश को लूटने का काम किया, जिनके ऊपर केस चल रहा हैं, वो बता रहे हैं कि हमारी पीडीएस की दुकानें खाली हो गई हैं. जिन लोगों ने खाली किया आज वे विपक्ष में हैं. वहीं अमरजीत भगत के नक्सली कमांडर हिडमा को सपोर्ट वाले बयान पर कहा मंत्री कश्यप ने कहा कि कांग्रेस हमेशा नक्सलियों के साथ में रही है. झीरम घाटी के नाम पर ये घड़ियाली आंसू बहाते हैं. इस बात को साबित करता है कि मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह हो या यहाँ के लोग हों. ये कहते हैं कि झीरम के सबूत इनके पास है. जब सबूत है तो स्वाभाविक है, आपसी गुटबाजी के कारण झीरम कांड हुआ है. दरअसल, कांग्रेस पार्टी को इस बात का दुख है कि नक्सलवाद खत्म हो रहा है, और कांग्रेस के समर्थक खत्म हो रहे हैं. कांग्रेस के बड़े-बड़े नेताओं ने हमेशा मंचों से कहा है कि वे नक्सलियों के साथ खड़े हैं. वहीं बीजापुर विधायक के सुरक्षा वाले मामले में केदार कश्यप ने कहा कि कहीं किसी को जाने के लिए नहीं रोका जा रहा है. वो बिना सुरक्षा के अंदरूनी क्षेत्र में चले जाते थे. उनको सुरक्षा की क्या आवश्यकता है. वो बिना सुरक्षा और बिना पुलिसकर्मी के नक्सल क्षेत्र में घूमते थे, उन्हें क्या सुरक्षा की आवश्यकता है. अब बस्तर नक्सल मुक्त हो रहा है. असम में कांग्रेस नेता चुनाव में गए हैं, क्या बीजेपी नेता भी जाएंगे? इस पर केदार कश्यप ने स्पष्ट किया कि असम में हमारे नेता प्रचार करने जा रहे है. फिर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस में लोग किसलिए जा रहे, ये बाद में पता चलेगा. पिछले बार तो यहां लाकर बकरा और सूअर खिलाए थे. इस बात क्या खिलाएंगे ये देखना होगा. वहीं बस्तर में स्वास्थ्य की स्थिति पर मंत्री कश्यप ने कहा कि हमारी सरकार में 3 मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई. स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐसी स्थिति निर्मित ना हो, इसे लेकर हमारी सरकार काम कर रही है. चिकित्सा के क्षेत्र में और भी विस्तार हो रहा है. अंदुरूनी क्षेत्र में भी चिकित्सा का जाल बिछ रहा है. वहीं युवा कांग्रेस की महापंचायत का केदार कश्यप ने स्वागत करते हुए कहा कि उम्मीद है कि वो वास्तविक लोगों को लेकर आएंगे, मरे हुए लोगों को न लाए. 2 सालों में परिवहन विभाग के कार्यों को लेकर कहा कि सीएम ग्रामीण बस योजना से लोगों को लाभ मिला. 425 नए गांव तक पहली बार बस पहुंचे. सड़क दुर्घटना में रायपुर जिले को सड़क दुर्घटना में शून्य मृत्यु जिले के रूप में शामिल किया जा रहा है. इलेक्ट्रिक वाहन नीति में वाहन मूल्य का 10% या अधिकतम 1 लाख रुपए छूट दी जा रही है. आटो एक्सपो के माध्यम से 133.4 करोड़ के RTO टैक्स का छूट मिला. बस संगवारी एप की सुविधा लोगों को दी गई है. वाहन 4.0 और सारथी 4.0 ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सभी कार्य ऑनलाइन माध्यम से हो रहे है. आरसी/डीएल की घर पहुंच सेवा के माध्यम से ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीयन प्रमाण पत्र को डाक के माध्यम से भेजा जा रहा है. ई-चालान के माध्यम से अनफिट वाहनों पर कार्रवाई हो रही है. वर्तमान में 20 टोल नाकों से गुजरने वाले बिना फिटनेस और टैक्स के वाहनों पर ई-चालान की कार्रवाई की जा रही है. सड़क दुर्घटना में घायलों को कैशलेश उपचार की व्यवस्था की जा रही है. वन विभाग की दो साल की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि 355 हाथियों का विचरण हो रहा है. हाथी-मानव द्वंद कम हो, इस पर काम हो रहा है. प्रभावित इलाकों में एलिफेंट ट्रेकिंग मेसेज के माध्यम से जानकारी दी जाती है. दो सालों में छत्तीसगढ़ ने नया कीर्तिमान रचा है. सघन वनों में 70% घनत्व बढ़ा है. 7 करोड़ से अधिक वृक्षारोपण का कार्य हुआ है. भूमि स्वामी को वृक्षारोपण के लिए योजना बनाकर प्रेरित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि वन क्षेत्रों में रहने वाले देवगुड़ियों का निर्माण कराया गया. 463 पदों में भर्ती की गई, 1500 में और भी करना है. वर्तमान में बाघों की संख्या 35 है. बाघों के संरक्षण में काम किया जा रहा है. वन भैंसा, पहाड़ी मैना के संरक्षण में काम किया जा रहा है. वहीं सहकारिता विभाग में किए गए कार्यों का जिक्र करते हुए मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री के संकल्प से विभाग लोगों के हित में काम कर रहा है. 515 नई पैक्स समितियों का गठन किया गया है. 2739 उपार्जन केंद्रों में 25.49 किसानों से 139 मिट्रिक टन धान खरीदी हुई है, 1.45 लाख किसानों को क्रेडिट कार्ड दिया गया. उच्च शक्कर कारखाने लगाए गए है.

मीना बनीं महिला सशक्तिकरण की मिसाल बलरामपुर

बलरामपुर  जिले के रामचन्द्रपुर जनपद पंचायत के ग्राम मरमा की मीना रवि स्व-सहायता समूह से जुड़ कर अपने व परिवार के भविष्य को नई दिशा दी है। कभी दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष करने वाली मीना आज आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की सशक्त मिसाल बन चुकी हैं। कुछ वर्ष पूर्व तक मीना रवि का जीवन अभावों से घिरा हुआ था। परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर थी। घर का खर्च चलाने के लिए उन्हें मजदूरी करनी पड़ती थी, तब कहीं जाकर घर में खाने की पूर्ति हो पाती थी। सीमित आय के कारण बच्चों के पढ़ाई-लिखाई और बेहतर भविष्य की कल्पना भी मुश्किल लगती थी। हर दिन उनके लिए एक नई चुनौती लेकर आता था। इस दौरान महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ने का फैसला मीना के जीवन में बदलाव लेकर आया। इससे उन्हें नियमित आय का साधन मिला। साथ ही उन्होंने गांव में कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) का कार्य भी संभाला। धीरे-धीरे उनकी मासिक आय 1,500 से बढ़कर 2000 तक पहुंच गई। समूह से मिले सहयोग के साथ मीना ने स्व-सहायता समूह से चार किश्तों में कुल 60,000 का ऋण लिया और अपने पति के साथ मिलकर एक राशन दुकान शुरू किया। और आज उनकी दुकान से सालाना लगभग 1,50,000 की आय हो रही है। उन्होंने अपनी मेहनत और समूह से मिले ऋण की सहायता से 5 डिसमिल जमीन खरीदा और उसी जमीन पर अपना दुकान स्थापित किया। जो आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुई। अब मीना रवि आत्मनिर्भर बन लाखों रुपए आय अर्जित कर लखपति दीदी के रूप में जानी जा रही है। वे बच्चों की शिक्षा , परिवार संबंधित सभी आवश्यकताओं को पूरा कर पा रही हैं। वे कहती है कि यदि महिलाओं को सही अवसर, मार्गदर्शन और आर्थिक सहयोग मिले तो वे स्वयं सशक्त बन पूरे परिवार और समाज की दिशा बदल सकती हैं।    

पुलिस कांस्टेबल भर्ती के फिजिकल टेस्ट का फेक नोटिस वायरल

चंडीगढ़. हरियाणा पुलिस कांस्टेबल के 5500 पदों पर भर्ती को लेकर जरूरी खबर है। भर्ती के पीएमटी और पीएसटी की डेट को लेकर हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन का एक नोटिस वायरल हो रहा है। इस नोटिस में डेट का उल्लेख किया गया है। हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने इस नोटिस को फेक बताया है। उन्होंने इसका खुलासा अपने एक्स हैंडल अकाउंट पर किया है। उन्होंने लिखा है आयोग जल्द ही जारी पीएमटी और पीएसटी की तारीख जारी करेगा। सोशल मीडिया पर पुलिस कांस्टेबल भर्ती के पीएमटी और पीएसटी के तिथि को लेकर एक गलत नोटिस प्रसारित की जा रही है। ध्यान दें कि आयोग द्वारा आधिकारिक रूप से पीएमटी और पीएसटी को लेकर किसी भी तरह की कोई तिथि की घोषणा नहीं की गई है। 

वन मंत्री केदार कश्यप की पत्रकार वार्ता : दिनांक 12 फरवरी 2026 वन मंत्री केदार कश्यप

रायपुर. वन, सहकारिता एवं परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने आज छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि राज्य में वन संरक्षण, हरित आवरण विस्तार, वन्यजीव संवर्धन, इको-टूरिज्म विकास तथा वनवासियों की आजीविका सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की गई हैं। उन्होंने विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी दी। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार वन संरक्षण के साथ-साथ सतत विकास, जैव विविधता संरक्षण और वनवासियों की आजीविका सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वन आवरण में वृद्धि           प्रेस वार्ता में मंत्री कश्यप ने बताया कि भारतीय वन सर्वेक्षण संस्थान द्वारा दिसंबर 2024 में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ के वन एवं वृक्ष आवरण में लगभग 683 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 44 प्रतिशत भाग वन क्षेत्र है। अत्यंत सघन वनों (Very Dense Forest) में 348 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि दर्ज होना वनों की गुणवत्ता और पारिस्थितिक संतुलन में सुधार का प्रमाण है। हरित छत्तीसगढ़ अभियान       कश्यप ने बताया कि राज्य में “एक पेड़ माँ के नाम 2.0” अभियान के तहत वर्ष 2024 में 4 करोड़ 20 लाख से अधिक तथा वर्ष 2025 में 2 करोड़ 79 लाख से अधिक पौधों का रोपण एवं वितरण किया गया है। किसान वृक्ष मित्र योजना           उन्होंने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित किसान वृक्ष मित्र योजना के अंतर्गत निजी भूमि पर वाणिज्यिक वृक्षारोपण को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। पात्र हितग्राहियों को पांच एकड़ तक 100 प्रतिशत तथा उससे अधिक क्षेत्र में 50 प्रतिशत वित्तीय अनुदान दिया जाता है। विगत दो वर्षों में 36 हजार 896 हितग्राहियों की 62 हजार 441 एकड़ भूमि में 3 करोड़ 67 लाख से अधिक पौधे लगाए गए। देव स्थलों का संरक्षण         प्रेस वार्ता में मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के अनुरूप आदिवासी देव स्थलों के संरक्षण के लिए “मोदी की गारंटी” के तहत पिछले दो वर्षों में 435 देवगुड़ियों का निर्माण किया गया, जिस पर लगभग 16.17 करोड़ रुपये व्यय किए गए। वन विभाग में भर्ती         उन्होंने बताया कि वन विभाग में पिछले दो वर्षों में तृतीय श्रेणी के 313 पदों पर भर्ती की गई है। इसके अलावा 150 आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की गई है। वनरक्षक के 1484 पदों की शारीरिक परीक्षा पूर्ण हो चुकी है तथा आगे की प्रक्रिया जारी है। बाघ संरक्षण में सफलता           कश्यप ने बताया कि राज्य में बाघ संरक्षण के लिए गुरू घासी दास- तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व का गठन किया गया है। वर्ष 2022 में प्रदेश में 17 बाघ थे, जो अब बढ़कर 35 हो गए हैं। बाघों की संख्या बढ़ाने के लिए अन्य टाइगर रिजर्व से बाघों के स्थानांतरण की अनुमति भी प्राप्त हुई है। वनभैंसा और पहाड़ी मैना संरक्षण           प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए वन मंत्री कश्यप ने कहा कि राजकीय पशु वनभैंसा के संरक्षण के लिए विशेष योजना तैयार की जा रही है। इन्द्रावती टाइगर रिजर्व में 14 से 17 वनभैंसे देखे गए हैं। राज्य पक्षी पहाड़ी मैना के संरक्षण के लिए स्थानीय युवाओं को ‘मैना मित्र’ के रूप में जोड़ा गया है, जिसके परिणामस्वरूप अब लगभग 600 से 700 पहाड़ी मैना देखे जा रहे हैं। बर्ड सफारी और रामसर साइट             उन्होंने बताया कि गिधवा- परसदा में बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर और बर्ड सफारी का शुभारंभ किया गया है, जहां 270 से अधिक पक्षी प्रजातियां पाई जाती हैं। बिलासपुर का कोपरा जलाशय राज्य का पहला और देश का 96 वां रामसर स्थल घोषित हुआ है, जिससे इको- टूरिज्म और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। इको-टूरिज्म और अधोसंरचना विकास     मंत्री कश्यप ने बताया कि प्रदेश में 240 नैसर्गिक पर्यटन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 50 से अधिक स्वावलंबी बन चुके हैं। वनवासियों की सुविधा के लिए 96 रपटा-पुलिया का निर्माण किया गया है। मानव-हाथी द्वंद नियंत्रण       प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि हाथी प्रभावित क्षेत्रों में ‘गज संकेत’ ऐप के माध्यम से हाथियों की निगरानी कर ग्रामीणों को समय पर सूचना दी जा रही है। राज्य में 90 हाथी मित्र दल गठित किए गए हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल 355 हाथी दर्ज किए गए हैं। औषधीय पौध रोपण और महिला सशक्तिकरण            उन्होंने कहा कि औषधि पादप बोर्ड के माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ाने हेतु विभिन्न जिलों में औषधीय पौधों का रोपण कराया गया है। हजारों महिलाओं को इससे रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं तथा पारंपरिक वैद्यों को प्रशिक्षण भी दिया गया है। वन विकास निगम की उपलब्धियां वन मंत्री केदार कश्यप ने प्रेस वार्ता में राज्य वन विकास निगम की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य वन विकास निगम द्वारा सतत वानिकी सिद्धांतों के तहत काष्ठ उत्पादन, वृक्षारोपण, अवैध अतिक्रमण हटाने तथा ई-ऑफिस व्यवस्था लागू करने जैसे कार्य किए गए हैं। काष्ठिय वनोपज की बिक्री ई-ऑक्शन के माध्यम से प्रारंभ की गई है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। इसके अतिरिक्त वन संरक्षण के साथ साथ विकास कार्य भी लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत आदिवासी क्षेत्रों में सड़क, विद्यालय, स्वास्थ्य सुविधा, पेयजल एवं अन्य आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए 1165 प्रकरणों में वनभूमि उपयोग की स्वीकृति प्रदान की गई है। सबसे बड़ा समुद्रीय जीवाश्म पार्क वन मंत्री कश्यप ने बताया कि मनेन्द्रगढ-चिरमिरी- भरतपुर जिला का मरीन फ़ासिल पार्क एशिया महाद्वीप का सबसे बड़ा समुद्रीय जीवाश्म पार्क है l यह जीवाश्म हसदेव नदी के किनारे लगभग एक किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है l यहां 29 करोड़ वर्ष पूर्व के जीवाश्म मिले हैं l देश में ऐसे 4 जगह समुद्रीय जीवाश्म मिले हैं l

झारखंड के जंगल में नक्सली IED विस्फोट, दो ग्रामीणों की गई जान

सिंहभूम झारखंड में पश्चिम सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में एक आईईडी विस्फोट में 2 लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट में मंगलवार रात दो लोग घायल हो गए और जब सुरक्षाबल बुधवार शाम उनके पास पहुंचे तो वे मृत मिले। जेराइकेला थाना प्रभारी अमित कुमार पासवान ने कहा, ''मंगलवार रात अंधेरा होने और जंगल में अन्य आईईडी होने की संभावना के कारण पुलिस तलाशी अभियान नहीं चला सकी। हमने बुधवार सुबह तलाशी शुरू की और शाम तक हमें दोनों शव मिल गए।'' उन्होंने कहा कि मृतकों की पहचान सलाई चेरुवा और उनके चचेरे भाई जय सिंह चेरुवा के रूप में हुई है, जो जेराइकेला थाना क्षेत्र के तिरिलपोसी गांव के निवासी थे। पश्चिम सिंहभूम पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने कहा कि मृतकों के परिजनों को नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा, ''हमने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिए हैं।'' पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दोनों व्यक्ति मंगलवार शाम जलाऊ लकड़ी इकट्ठा करने के लिए जंगल के अंदर गए थे और गलती से माओवादियों द्वारा लगाए गए आईईडी पर पैर रख दिया।  

पंजाब में बारिश के साथ गिर सकते हैं ओले

अमृतसर. पंजाब में मौसम बदला रहा है। दोपहर के समय तेज धूप निकलने के कारण हल्की गर्माहट महसूस हो रही है, जबकि सुबह और शाम ठंड अब भी बनी हुई है। विभाग के अनुसार 15 फरवरी तक मौसम में कोई बदलाव नहीं होगा। वहीं इसके बाद 16 और 17 फरवरी को पंजाब के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 16 फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, मुक्तसर, फरीदकोट और मोगा समेत कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। यह सिस्टम आगे बढ़ते हुए 18 फरवरी तक जालंधर, कपूरथला, होशियारपुर, शहीद भगत सिंह नगर, बरनाला, मानसा, पटियाला और लुधियाना तक असर दिखा सकता है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह लंबी अवधि की लगातार बारिश नहीं होगी, बल्कि रुक-रुक कर होने वाली बौछारें होंगी। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चलने और सीमित इलाकों में ओले गिरने की भी संभावना है। मौसम में यह बदलाव दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों के कारण बताया जा रहा है, जिनका असर पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है।

घर में नकारात्मकता? चावल के डिब्बे का यह उपाय करेगा वास्तु दोष खत्म

वास्तु शास्त्र की मानें तो कई बार हमारे घर में मौजूद छोटे-छोटे वास्तु दोष जीवन की बड़ी बाधाओं का कारण बन जाते हैं। इन दोषों को दूर करने के लिए हमेशा तोड़-फोड़ की जरूरत नहीं होती, बल्कि रसोई में रखे मसालों और अनाज के सही रख-रखाव से भी सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं। रसोई का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है चावल का डिब्बा। शास्त्रों में चावल को संपन्नता और अखंडता का प्रतीक माना गया है। वास्तु जानकारों के अनुसार, यदि चावल के पात्र में कुछ खास शुभ वस्तुएं सही विधि से छिपाकर रखी जाएं, तो न केवल घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है, बल्कि धन की देवी लक्ष्मी और अन्नपूर्णा का आशीर्वाद भी सदैव बना रहता है। तो आइए जानते हैं आपके भंडार को खुशियों से भर के लिए चावल के डिब्बे में क्या रखना चाहिए। चांदी का सिक्का चावल का संबंध चंद्रमा और शुक्र ग्रह से है। शुक्र धन और वैभव का कारक है। चावल के डिब्बे के अंदर एक साफ चांदी का सिक्का नीचे की ओर छिपा कर रख दें। ऐसा करने से घर में शुक्र ग्रह मजबूत होता है और धन के नए स्रोत खुलते हैं। यदि चांदी का सिक्का न हो, तो आप साधारण सिक्का भी रख सकते हैं, लेकिन चांदी सर्वोत्तम है। साबुत हल्दी की गांठ हल्दी को शुभता और शुद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसका संबंध बृहस्पति ग्रह से है। चावल के डिब्बे में हल्दी की एक साबुत गांठ रख दें। यह उपाय घर से वास्तु दोष और नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है। यह परिवार के सदस्यों के बीच सामंजस्य बढ़ाता है और कार्यों में आने वाली बाधाओं को दूर करता है। लाल रेशमी कपड़े में पांच इलायची हरी इलायची बुध ग्रह और शुक्र दोनों को प्रभावित करती है। पांच छोटी इलायची को एक छोटे से लाल रेशमी कपड़े में बांधकर चावल के ढेर के बीच में दबा दें। यह बरकत का टोटका माना जाता है। इससे घर में फिजूलखर्ची रुकती है और अन्नपूर्णा माता का आशीर्वाद सदैव बना रहता है। चावल से जुड़े कुछ खास वास्तु नियम चावल का डिब्बा कभी भी पूरी तरह खाली नहीं होना चाहिए। इसे खत्म होने से पहले ही दोबारा भर दें। खाली डिब्बा दुर्भाग्य का संकेत माना जाता है। चावल के डिब्बे को हमेशा उत्तर-पूर्व या दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखना शुभ होता है। डिब्बे के आसपास गंदगी न रहने दें। पूजा में हमेशा साबुत चावल (अक्षत) का ही प्रयोग करें, टूटे हुए चावल वास्तु दोष बढ़ाते हैं।