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मध्यप्रदेश पुलिस की पिछले तीन दिनों की प्रमुख कार्यवाहियाँ

भोपाल. मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने, अपराध नियंत्रण एवं जनसुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में सतत प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में विगत तीन दिनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस ने डकैती, नकबजनी एवं लूट जैसे संगीन अपराधों का सफल खुलासा कर  79 लाख रूपए से अधिक का चोरी व लूट की संपत्ति जब्‍त की है। विदिशा: अरिहंत ज्वैलर्स डकैती कांड में बड़ी सफलता, 15 लाख रूपए की चांदी बरामद थाना कोतवाली, जिला विदिशा क्षेत्रांतर्गत अरिहंत ज्वैलर्स, खरीफाटक रोड पर घटित डकैती के प्रकरण में पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। प्रकरण में फरार चल रहे आरोपी को थाना बजरंगगढ़ जिला गुना क्षेत्रांतर्गत ग्राम गड़ला गिर्द के जंगल से गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से चोरी गया लगभग सवा 5 किलो चांदी का सामान बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 15 लाख रूपए है, साथ ही घटना में प्रयुक्त औजार भी जप्त किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि दिनांक 03.01.2026 को फरियादी द्वारा इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिस पर पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देशन में गठित 08 विशेष टीमों द्वारा तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज एवं सतत पतारसी के आधार पर अब तक कुल 03 आरोपी एवं 02 विधि विरुद्ध बालकों की गिरफ्तारी कर लगभग 13 लाख रूपए की संपत्ति बरामद किया था। अलीराजपुर: नकबजनी का खुलासा 10 लाख के सोने के हार एवं औजार जप्त, आरोपी गिरफ्तार थाना जोबट, जिला अलीराजपुर क्षेत्र में घटित नकबजनी की वारदात का सफल पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी के दो सोने के हार, अनुमानित कीमत लगभग 10 लाख रुपए तथा घटना में प्रयुक्त लोहा काटने का कटर जप्त किया है। मुरैना: अम्बाह डकैती कांड का खुलासा, 05 इनामी आरोपी गिरफ्तार, 16 लाख 77 हजार रुपए की संपत्ति जब्त थाना अम्बाह क्षेत्रांतर्गत हुई सनसनीखेज डकैती की घटना का सफल खुलासा करते हुए पुलिस ने 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज विश्लेषण एवं तकनीकी जांच के आधार पर 10-10 हजार रुपए के इनामी 05 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लूटी गई नगदी, सोने-चांदी के आभूषण, मोबाइल फोन एवं घटना में प्रयुक्त कार सहित कुल 16 लाख 77 हजार की संपत्ति जब्त की है। सतना: चित्रकूट पुलिस की बड़ी सफलता, 14 लाख रूपये की चोरी का पर्दाफाश थाना चित्रकूट, जिला सतना पुलिस द्वारा घर में घुसकर चोरी करने वाले 03 आरोपियों को गिरफ्तार कर 10 लाख 26 हजार रुपए नगद एवं लगभग 4 लाख रुपए के सोने के आभूषण सहित कुल 14 लाख 26 हजार की सामग्री जब्त की  है। दतिया: 12 घंटे में चोरी का खुलासा थाना कोतवाली पुलिस ने मात्र 12 घंटे के भीतर चोरी की घटना का खुलासा करते हुए फरियादी के घर कार्यरत महिला आरोपिया को गिरफ्तार किया। आरोपिया के कब्जे से लगभग 17 लाख रुपए मूल्य के सोने के जेवरात जब्त किए हैं। उज्जैन: लूट गिरोह का भंडाफोड़, 6 लाख रुपए की सामग्री जब्त थाना बिरलाग्राम, नागदा क्षेत्रांतर्गत उज्जैन पुलिस ने चाकू एवं लोहे के पाइप से लूट की वारदात को अंजाम देने वाले 03 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से लगभग 6 लाख रुपए के सोने-चांदी के आभूषण, मोबाइल फोन, हथियार एवं मोटरसाइकिल जप्त की है। मध्यप्रदेश पुलिस अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाते हुए नागरिकों में सुरक्षा एवं विश्वास का वातावरण सुदृढ़ कर रही है। पुलिस की यह प्रतिबद्धता आने वाले समय में भी प्रदेश को सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं अपराधमुक्त बनाए रखने की दिशा में निरंतर जारी रहेगी।

सरकार का बड़ा फैसला: अब नए भवनों में होंगे मंत्रालय, स्थानांतरण प्रस्ताव पास

नई दिल्ली केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शनिवार को नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक से 'सेवा तीर्थ' व 'कर्तव्य भवनों' में स्थानांतरण के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि साउथ ब्लॉक में अंतिम बार केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई। ये सिर्फ स्थान परिवर्तन का क्षण नहीं है, यह इतिहास और भविष्य के संगम के भी पल हैं। इस परिसर ने गुलामी से आजादी और फिर स्वतंत्र भारत की अनेक ऐतिहासिक घटनाओं को देखा है, गढ़ा है। मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा, "पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से नया प्रधानमंत्री कार्यालय, जिसे अब 'सेवा तीर्थ' के नाम से जाना जाएगा, राष्ट्र को समर्पित किया गया है। साउथ और नॉर्थ ब्लॉक का निर्माण अंग्रेजों ने भारत को गुलामी की बेड़ियों में जकड़े रखने के लिए किया था। 1947 में भारत को गुलामी से तो मुक्ति मिली, लेकिन इन भवनों को तत्कालीन सरकार की ओर से अपने कार्यों के निष्पादन के लिए बनाए रखा गया। स्वतंत्रता के बाद से ही प्रधानमंत्री कार्यालय साउथ ब्लॉक के इस भवन से कार्य करता रहा है।" उन्होंने कहा कि इस परिसर ने देश के 16 प्रधानमंत्रियों के नेतृत्व में बनी कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले होते देखे हैं। इसकी सीढ़ियों पर जवाहरलाल नेहरू से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक के पदचिन्ह हैं। इस भवन की सीढ़ियों पर चढ़ते कदमों ने देश को नई ऊंचाई पर पहुंचाने में अहम योगदान दिया है। उन्होंने कहा, "बीते दशकों में यहां कैबिनेट की बैठकों में, संविधान के आदर्शों, जनता से मिले जनादेश और राष्ट्र की आकांक्षाओं से प्रेरित होकर अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। यहां भारत की सफलताओं का उत्सव भी मनाया गया, असफलताओं का आंकलन भी हुआ और साथ ही संकटों और चुनौतियों से निपटने के लिए कड़े और बड़े फैसले भी लिए गए।" मीडिया को संबोधित करते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा कि साउथ ब्लॉक के इन कमरों ने विभाजन की विभीषिका भी देखी, युद्ध और आपातकाल की चुनौतियों को भी देखा और शांतिकाल की नीतियों पर भी चिंतन और मनन किया। इन्होंने टाइपराइटर से लेकर डिजिटल गवर्नेंस तक, तकनीक की लंबी छलांग को महसूस किया है। यहां बैठकर अधिकारियों की कई पीढ़ियों ने ऐसे फैसले लिए, जिन्होंने भारत को आजादी के तुरंत बाद की अनिश्चितता से निकालकर स्थिरता की राह पर आगे बढ़ाया। सबके प्रयासों का परिणाम है कि आर्थिक चुनौतियों और संकटों से निकलकर, आज भारत एक आत्मविश्वासी राष्ट्र बनकर खड़ा हुआ है। उन्होंने कहा, "बीते एक दशक में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में साउथ ब्लॉक राष्ट्र के अनेक ऐतिहासिक निर्णयों का केंद्र रहा। ये स्थान मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस की प्रेरणा स्थली बना। यहां से रिफॉर्म एक्सप्रेस को पूरे देश में प्रोत्साहन मिला है। यहीं से डीबीटी, 'स्वच्छ भारत अभियान', गरीब कल्याण से जुड़े अभियान, 'डिजिटल इंडिया' और जीएसटी जैसे व्यापक सुधारों को आकार मिला। यहां से ही आर्टिकल-370 की दीवार गिराने और तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाने जैसे सामाजिक न्याय के साहसिक और संवेदनशील निर्णय लिए गए। यहीं लिए गए 'सर्जिकल स्ट्राइक', 'एयर स्ट्राइक' और 'ऑपरेशन सिंदूर' के निर्णयों के माध्यम से भारत ने अपनी दृढ़ और आत्मविश्वासी सुरक्षा नीति का स्पष्ट संदेश विश्व को दिया।" प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री ने कहा, "आज का भारत दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। भारत आज एक सुरक्षित और सक्षम राष्ट्र के रूप में उभरकर सामने आया है और वैश्विक मंचों पर अपनी स्पष्ट और प्रभावशाली आवाज रख रहा है। आज देश विकसित भविष्य के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इसके लिए एक आधुनिक, तकनीकी और पर्यावरण के प्रति अनुकूल कार्यालय की आवश्यकता थी। एक ऐसा कार्यक्षेत्र, जो यहां काम करने वाले हर कर्मयोगी की उत्पादकता को बढ़ाए, सेवाभाव के उसके संकल्प को प्रोत्साहित करे।" अश्विनी वैष्णव ने कहा कि साउथ ब्लॉक के उ‌द्घाटन के करीब 95 साल के बाद शुक्रवार को भारत सरकार ने इन भवनों को खाली किया है और 'सेवा तीर्थ' व 'कर्तव्य भवनों' में स्थानांतरित हुई है। यह प्रतीकात्मक रूप से गुलामी के अतीत से 'विकसित भारत' के भविष्य की ओर बढ़ने की ओर देश का एक और कदम है। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में देश में 'सत्ता भाव' के बजाय 'सेवा भाव' की संस्कृति सशक्त हुई है। आज का ये स्थानांतरण, इन संस्कारों को और मजबूती देगा। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "शनिवार को कैबिनेट ने यह संकल्प भी लिया कि नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को 'युगे युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय' का हिस्सा बनाया जाए, जो हमारी हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता से पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। ये संग्रहालय, हमारी कालातीत और शाश्वत सांस्कृतिक विरासत का उत्सव मनाएगा और हमारे गौरवशाली अतीत को समृद्ध भविष्य से जोड़ेगा।"

WTT स्टार कंटेंडर में स्नेहित का दम, ओइकावा को हराकर मेंस सिंगल्स के अंतिम-16 में एंट्री

चेन्नई स्नेहित सुरवज्जुला ने शुक्रवार को जापान की 13वीं सीड मिजुकी ओइकावा के खिलाफ जीत दर्ज करते हुए मेंस सिंगल्स के प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। राउंड ऑफ 16 में उनका सामना टॉप सीड ओह जुनसुंग से होगा। शुक्रवार को तमिलनाडु फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में हुए मुकाबले में स्नेहित ने 0-2 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए मैच अपने नाम किया। इसके बाद हिम्मत दिखाते हुए अपना तीसरा मैच प्वाइंट 3-2 (9-11, 15-17, 11-4, 11-6, 18-16) से जीतकर राउंड ऑफ 16 में टॉप सीड ओह जुनसुंग के खिलाफ मैच तय किया। यह बताते हुए कि पांचवें गेम के आखिर में उनके दिमाग में क्या चल रहा था, स्नेहित ने कहा, “मैं बस खुद से कह रहा था कि एक बार में एक प्वाइंट पर फोकस करूं और स्कोर के बारे में न सोचूं, क्योंकि मैंने शुरुआती दो मैच प्वाइंट्स पर गलतियां की थीं।” 25 वर्षीय स्नेहित ने कहा कि वह बिना किसी उम्मीद के मैच में उतरे थे, लेकिन पहले दो गेम हारने से उन्हें असल में यह आत्मविश्वास मिला कि वह मुकाबला कर सकते हैं। उन्होंने कहा, “मैं पहला गेम 9-11 से हार गया था। मुझे यकीन नहीं हो रहा था कि मैं उनके स्तर की बराबरी कर पाऊंगा। फिर मैं दूसरा गेम हार गया, लेकिन इससे मुझे अगला गेम जीतने का आत्मविश्वास मिला।” इससे पहले, साथियान जी. और हरमीत देसाई की अनुभवी मेंस डबल्स जोड़ी ने फ्लोरियन बौरासॉड और एस्टेबन डोर की तीसरी सीडेड फ्रेंच जोड़ी को 3-0 (11-7, 11-9, 11-7) से शिकस्त देकर सेमीफाइनल में जगह बनाई, जहां उनका सामना कोरिया की दूसरी सीडेड जोड़ी लिम जोंगहून और ओह जुनसुंग से होगा। इस बीच, वाइल्ड कार्ड एंट्री पायस जैन और सिंड्रेला दास ने टॉप सीड मानुष शाह और दीया चितले को 3-1 (12-10, 13-11, 10-12, 11-9) से शिकस्त देकर मिक्स्ड डबल्स सेमीफाइनल में जगह बनाई।  

भारत-पाक मुकाबले से पहले कोलंबो में टीम इंडिया की परफॉर्मेंस, प्रेमदासा स्टेडियम से जुड़े तथ्य

कोलंबो ऑफ-फील्ड ड्रामा और राजनीतिक शोर-शराबे के बाद आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप का सबसे बहुप्रतीक्षित मैच आखिरकार तय कार्यक्रम के अनुसार होने जा रहा है. भारत और पाकिस्तान रविवार को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में आमने-सामने होंगे. क्रिकेटीय कारणों से इस प्रतिद्वंद्विता को लेकर उत्साह अब भी बरकरार है. इस मुकाबले में कई लोग भारत को प्रबल दावेदार मान रहे हैं, क्योंकि इस भिड़ंत में उनका दबदबा रहा है. मौजूदा टी20 विश्व कप में उनका प्रदर्शन भी इस दलील को मजबूत करता है. भारत ने अपने अभियान की शुरुआत संयुक्त राज्य अमेरिका पर जीत के साथ की. सूर्यकुमार यादव ने कठिन परिस्थिति में अहम पारी खेलकर टीम को संभाला और जीत दिलाई. इसके बाद भारत ने नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में नामीबिया को 93 रन से हराया. यह टी20 विश्व कप इतिहास में रन के अंतर से भारत की सबसे बड़ी जीत भी रही.  पाकिस्तान का ऐसा रहा है प्रदर्शन दूसरी ओर, पाकिस्तान को नीदरलैंड्स के खिलाफ कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा, जहां फहीम अशरफ की उपयोगी कैमियो पारी ने उन्हें रोमांचक मुकाबले में जीत दिलाई. इसके बाद उन्होंने अमेरिका के खिलाफ अधिक पेशेवर प्रदर्शन करते हुए टूर्नामेंट में लगातार दूसरी जीत दर्ज की. रविवार का मुकाबला हाई-वोल्टेज थ्रिलर होने की उम्मीद है. लगातार जीत के साथ भारत लय में है और मानसिक बढ़त भी रखता है. पिछले दशक में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पाकिस्तान पर उनका दबदबा उन्हें मनोवैज्ञानिक बढ़त देता है. हालांकि, इस बड़े मुकाबले से पहले यह समझना जरूरी है कि भारत को जीत के लिए क्या करना होगा. प्रेमदासा स्टेडियम भारत के लिए अनजाना नहीं है. यहां की परिस्थितियां उन्हें भली-भांति मालूम हैं. कोलंबो में भारत का प्रदर्शन कैसा रहा है? भारत ने कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में शानदार सफलता हासिल की है. 2009 से अब तक यहां खेले गए 15 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत ने 11 जीते और सिर्फ 4 हारे हैं. आईसीसी टी20 विश्व कप 2012 में भारत ने इस मैदान पर पांच में से चार मैच जीते थे, जबकि एकमात्र हार ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आई थी. मेजबान श्रीलंका के अलावा केवल ऑस्ट्रेलिया ही इस मैदान पर भारत को हरा सका है. भारत का टी20I रिकॉर्ड (आरपीएस, कोलंबो): मैच – 15 जीत – 11 हार – 4 कोलंबो में कितना स्कोर चाहिए? आर प्रेमदासा स्टेडियम में अक्सर लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों को फायदा मिला है. यहां खेले गए 51 टी20I मैचों में औसत स्कोर 152 रहा है, जबकि 28 बार लक्ष्य का सफल पीछा किया गया है. हालांकि मौजूदा टूर्नामेंट में पीछा करना कठिन साबित हुआ है. वर्तमान टूर्नामेंट में औसत स्कोर 158 रहा है. भारत ने जब-जब यहां पहले बल्लेबाजी करते हुए 150 से अधिक रन बनाए हैं, तब छह में से पांच मैच जीते हैं. ऐसे में 165 या उससे थोड़ा अधिक का स्कोर रविवार को जीत के लिए पर्याप्त हो सकता है. **कोलंबो में भारत का सर्वोच्च स्कोर:** 176/3 बनाम बांग्लादेश (मार्च 2018) **न्यूनतम स्कोर:** 81/8 बनाम श्रीलंका (जुलाई 2021) **औसत स्कोर:** 157 (15 मैचों में) स्पिन से मिलेगी जीत? कोलंबो में टी20I में तेज और स्पिन गेंदबाजों दोनों को सफलता मिली है. पेसरों ने 323 विकेट लिए हैं, जबकि स्पिनरों के नाम 282 विकेट हैं. हाल ही में वनींदु हसरंगा और माहेश थीक्षाना ने आयरलैंड के बल्लेबाजों को रोका, जबकि एडम जाम्पा ने शानदार चार विकेट लिए. तेज गेंदबाजों में जसप्रीत बुमराह की वापसी भारत के लिए बड़ी मजबूती है. वहीं पाकिस्तान के मिस्ट्री स्पिनर उस्मान तारिक को भी भारत के खिलाफ बड़ा हथियार माना जा रहा है. रविवार को मुकाबले का फैसला केवल स्पिन से नहीं होगा. तेज गेंदबाज भी नतीजे में अहम भूमिका निभा सकते हैं.  

‘वंदे मातरम्’ विवाद: उज्जैन के इमाम की मुस्लिम अभिभावकों से स्कूल बदलने की अपील

उज्जैन वंदे मातरम् वाले स्कूलों से निकाल ले बच्चे; मुसलमानों से उज्जैन ईमाम की अपील केंद्र सरकार ने सभी सरकारी कार्यक्रमों और स्कूलों में वंदे मातरम के सभी 6 छंदों का गायन अनिवार्य करने का निर्णय किया है। इसको लेकर गृह मंत्रालय ने दिशानिर्देश जारी किए हैं। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों को खड़ा होना जरूरी होगा। इस फैसले का उज्जैन के इमाम मुफ्ती सैय्यद नासिर अली नदवी ने कड़ा विरोध किया है। उनकी दलील है कि वंदे मातरम् इस्लाम के सिद्धांतों के खिलाफ है क्योंकि इसमें मातृभूमि की पूजा की बात की गई है। उन्होंने मुस्लिमों से अपने बच्चों को उन स्कूलों से निकालने की अपील की है जहां वंदे मातरम् को अनिवार्य किया जा रहा है। इस्लाम नहीं देता इजाजत उज्जैन के इमाम मुफ्ती सैय्यद नासिर अली नदवी ने कहा कि भारत में हर धर्म और मजहब के लोग रहते हैं। हम किसी को यह नहीं कह सकते हैं कि आप किसी एक खुदा को मानें… हम यह भी किसी से नहीं कह सकते हैं कि आप कई खुदा को मानें। हिन्दुस्तान एक ऐसा चमन है जहां हर तरह के फूल को रखा गया है। यही इसकी ब्यूटी है। वंदे मातरम् में साफ लिखा गया है कि हम इस धरती की पूजा करते हैं। इस्लाम इसकी इजाजत नहीं देता है। इस्लाम का आधार ही एकेश्वरवाद है। हम तो पैगम्बर मोहम्मद साहब को भी नहीं पूजते मुफ्ती सैय्यद नासिर अली नदवी ने आगे कहा कि हम खुदा के साथ किसी को शामिल नहीं कर सकते हैं। हम ना तो हिन्दुस्तान की जमीन को पूज सकते हैं ना ही मक्का और मदीना की जमीन को पूज सकते हैं। हम पैगम्बर मोहम्मद साहब को भी पूजते नहीं हैं। हम उनकी तालीम पर चलते हैं। इस्लाम एक ही ईश्वर पर आधारित है। हम इसे छोड़ नहीं सकते हैं। हम हुकूमत से यह गुजारिश करते हैं कि आगे से इस तरह का कोई प्रोग्राम ना चलाए जो किसी धर्म को चोट पहुंचाते हों। जिन स्कूलों में वंदे मातरम् वहां से बच्चों को निकाल लें मुफ्ती सैय्यद नासिर अली नदवी ने कहा कि हम चाहते हैं कि सरकार इस फैसले को वापस ले। हम अपने बच्चों को ऐसी किसी भी संस्था में नहीं भेज सकते जहां उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ होता हो। हमारे यहां हिन्दुस्तान की पूजा का कोई जिक्र नहीं है। इस्लाम तो इसकी बिल्कुल इजाजत नहीं देता है। हम कहेंगे कि जिन स्कूलों में वंदे मातरम् को अनिवार्य किया जा रहा है, मुसलमान वहां से सभी अपने बच्चों को निकाल लें। कानून नहीं मानने वालों को देश में रहने की कोई जरूरत नहीं मुफ्ती सैय्यद नासिर अली नदवी के बयान पर सियासी माहौल गरमाता जा रहा है। हिन्दू संगठनों ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। संतों ने भी इस मुद्दे पर मोर्चा खोल दिया है। महामंडलेश्वर अतुलेशनन्द ने कहा कि भारत में रहना है तो वंदे मातरम गाना होगा। यह भारत भूमि है और कानून सबके लिए एक है। इस कानून को जो नहीं मानता या नहीं स्वीकार करता है उसको इस देश में रहने की कोई जरूरत नहीं है। इस देश में रहने वाले कुछ लोग हमारे संविधान को मानते नहीं हैं। ऐसे लोगों के लिए बांग्लादेश या पाकिस्तान के रास्ते खोल देने चाहिए।

म्यूनिख मंच से रुबियो का बड़ा हमला: अमेरिका-यूरोप रिश्तों पर तीखी टिप्पणी, पश्चिम के ‘भ्रम’ की खोली पोल

म्यूनिख (जर्मनी) यूएस के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अमेरिका को यूरोप का 'चाइल्ड' यानी 'संतान' बताया है। उन्होंने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के मंच से उस इतिहास की बात की जिसे यूएस और यूरोप साझा करते हैं। दावा किया कि उनका देश यूरोप के साथ मिलकर खुशहाली का नया रास्ता तय करना चाहता है। उनके भाषण का सभागार में मौजूद विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने खड़े होकर और तालियां बजाकर स्वागत किया। बेहद सौम्य और साधारण अंदाज में उन्होंने ट्रांस-अटलांटिक युग के अंत का लक्ष्य न रखने की बात कही। रुबियो ने कहा, “ट्रांसअटलांटिक युग का अंत न तो हमारा लक्ष्य है और न ही हमारी इच्छा है। हम अमेरिकियों का घर भले ही वेस्टर्न हेमिस्फेयर में हो, लेकिन हम हमेशा यूरोप की संतान ही रहेंगे।” इसके बाद उन्होंने यूरोप-यूएस के बॉन्ड की बात की। साझा इतिहास का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे यूएस की कहानी एक इतालवी एक्सप्लोरर से शुरू हुई और पहली कॉलोनियां अंग्रेजों ने बनाईं। फिर स्कॉटिश, आयरिश और जर्मन किसानों ने उन्हें आकार दिया। रुबियो के मुताबिक, "हमारा इतिहास और हमारी किस्मत दोनों हमेशा एक-दूसरे से जुड़े रहेंगे। अमेरिका खुशहाली की एक नई सदी के लिए रास्ता बना रहा है, लेकिन वह ऐसा यूरोप के साथ करना चाहता है। हम नहीं चाहते कि हमारे सहयोगी और साथी शर्म की जंजीरों में जकड़े हों।" अमेरिकी विदेश मंत्री की मानें तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अगुआई में संयुक्त राज्य अमेरिका ग्लोबल “रिन्यूअल और रेस्टोरेशन” को लीड करना चाहता है। उन्होंने म्यूकहा कि यूनाइटेड स्टेट्स “एक ऐसे भविष्य के विजन से आगे बढ़ेगा जो उतना ही गौरवान्वित करने वाला होगा, उतना ही स्वायत्त और जरूरी होगा जितना हमारी सभ्यता का अतीत रहा है।” उन्होंने कहा, “और अगर जरूरत पड़ी, तो हम इसे अकेले करने के लिए तैयार हैं, लेकिन यह हमारी पसंद और उम्मीद है कि हम इसे  आपके साथ, यूरोप में हमारे दोस्तों के साथ मिलकर करेंगे।” रुबियो ने कहा, “हम चाहते हैं कि यूरोप मजबूत हो। हमारा मानना ​​है कि यूरोप को जिंदा रहना चाहिए।” रुबियो ने डीइंडस्ट्रियलाइजेशन (उद्योग धंधों को बंद करना) और बड़े पैमाने पर माइग्रेशन को यूरोप के लिए खतरनाक बताया। उनके मुताबिक डीइंडस्ट्रियलाइजेशन "आवश्यक नहीं था," और यह युद्ध के बाद के "भ्रम" का एक "बेवकूफी भरा" नतीजा था। उन्होंने माइग्रेशन को हल्के में न लेने की सलाह भी दी। बोले, “बड़े पैमाने पर माइग्रेशन कोई मामूली चिंता नहीं है, था भी नहीं,” क्योंकि वह चेतावनी देते हैं कि यह “पूरे पश्चिम में समाजों को बदल रहा है और अस्थिर कर रहा है। यह हमारे समाज के ताने-बाने और हमारी सभ्यता के बने रहने के लिए एक बड़ा खतरा है।” म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन हर साल फरवरी में जर्मनी के म्यूनिख शहर में आयोजित किया जाता है। इसमें दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्ष, रक्षा मंत्री और सैन्य विशेषज्ञ जुटते हैं और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों, युद्ध और कूटनीति पर खुलकर चर्चा करते हैं।

क्या फिर दोहराएगा इतिहास? भारत बनाम पाकिस्तान के 8 मैचों का पूरा हिसाब

नई दिल्ली T20 World Cup 2026 का फाइनल से भी बड़ा मैच रविवार 15 फरवरी को कोलंबो में खेला जाना है, जो कि इंडिया वर्सेस पाकिस्तान मैच है। हर कोई यही बात कह रहा है कि ये क्रिकेट की सबसे बड़ी राइवलरी है, लेकिन आंकड़ों पर गौर करेंगे तो आप पाएंगे कि इसमें राइवलरी नाम का कुछ है ही नहीं। टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास के आंकड़ों को उठाया जाए तो आप देखेंगे कि पाकिस्तान भारत के आगे टिकता ही नहीं है। टीम इंडिया और पाकिस्तान के बीच टी20 विश्व कप के इतिहास में अब तक 8 मुकाबले खेले गए हैं। इन 8 मैचों में से सिर्फ एक बार पाकिस्तान को जीत मिली है। 7 बार भारतीय टीम ने मुकाबला जीता है। इसके अलावा 8 में से 3 मैचों में प्लेयर ऑफ द मैच एक ही खिलाड़ी रहा है, जो इस बार टीम का हिस्सा नहीं है, लेकिन उसके आगे पाकिस्तान के गेंदबाजों को एक नहीं चलती थी। ये थे क्रिकेट के किंग विराट कोहली। हालांकि, एक बार ऐसा भी हुआ है, जब पाकिस्तान का एक खिलाड़ी प्लेयर ऑफ द मैच रहा, लेकिन उनकी टीम को भारत से हार का सामना करना पड़ा। ऐसा हुआ था साल 2007 के टी20 विश्व कप के ग्रुप फेज के मैच में, जब मोहम्मद आसिफ को 4 विकेट लेने के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया था। ये मैच टाई रहा था और बॉल आउट के जरिए मैच का नतीजा निकला था, जिसमें भारत को जीत मिली थी। पाकिस्तान का एक और खिलाड़ी इंडिया वर्सेस पाकिस्तान टी20 विश्व कप मैच में प्लेयर ऑफ द मैच रहा है, जो कि शाहीन शाह अफरीदी हैं। 2021 के टी20 विश्व कप के लीग फेज के मैच में शाहीन ने 4 ओवर में 31 रन देकर 3 विकेट निकाले थे। इसमें केएल राहुल, रोहित शर्मा और विराट कोहली का विकेट शामिल था। इसके अलावा 6 मैचों में भारतीय खिलाड़ी प्लेयर ऑफ द मैच रहे हैं। उनमें भी 3 बार विराट कोहली ने ये खिताब जीता है। विराट कोहली ने 2012, 2016 और 2022 के टी20 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीता है। 2007 के टी20 विश्व कप फाइनल में इरफान पठान प्लेयर ऑफ द मैच थे। 2014 में अमित मिश्रा ने ये अवॉर्ड अपने नाम किया था। 2024 में जसप्रीत बुमराह ने प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड हासिल किया था। एशिया कप 2025 में भारत ने लगातार तीन मैचों में पाकिस्तान को हराया था। ऐसे में पाकिस्तान का मनोबल गिरा हुआ होगा।

नक्सलियों को बड़ा झटका: सुरक्षा बलों ने हथियार और IED का डंप किया जब्त

कांकेर कांकेर जिले में सुरक्षा बल के जवानों को बड़ी सफलता हाथ लगी है. सर्चिंग में निकले जवानों को कांकेर नारायण सीमावर्ती क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा डंप किया गया बड़ी मात्रा में हथियार और आईईडी बरामद हुआ है. सुरक्षा बलों की कार्यवाही से नक्सलियों द्वारा भविष्य में घटित की जा सकने वाली बड़ी नक्सली घटना टल गई है. बस्तर रेंज में नक्सलियों को समाप्त करने के लिए सुरक्षाबलों का अभियान लगातार जारी है. आईजी पी सुन्दराज के निर्देशन और एसपी कांकेर निखिल राखेचा के मार्गदर्शन में पुलिस बल के द्वारा नक्सल उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है. अभियान में बीएसएफ डीआईजी ओम प्रकाश प्रभारी राघवेंद्र सिंह सेनानी 94 वीं वाहिनीं बीएसएफ का भी सहयोग मिल रहा है. नक्सल विरोधी अभियान के तहत डीआरजी/ बीएसएफ की संयुक्त टीम सर्चिंग में निकली थी. 13 फरवरी को कांकेर– नारायणपुर सीमावर्ती क्षेत्र में थाना छोटेबेठिया क्षेत्रांतर्गत ग्राम बीनागुंडा के पास नक्सलियों के द्वारा डंप किया गया हथियार, विस्फोटक,नक्सल साहित्य और अन्य सामग्री मिली. सामग्रियों को जब्त करने के साथ थाना छोटेबेठिया में वैधानिक कार्यवाही की जा रही है. जब्त सामग्री बीजीएल लांचर-2, 12 बोर- 2, एयरगन- 1, डायरेक्शन आईईडी-3, टिफिन आईईडी लगभग 5 किग्रा-1, बीजीएल बम-30, 12 बोर राउण्ड -26, बारुद प्लास्टिक पैकेट मे लगभग 2 किग्रा, मल्टी मीटर-1, पटाखा-12 पैकेट, बिजली वायर-2 बंडल, पोच-2, स्पिलंटर – 1 पैकेट

होली पर कोलकाता और नई दिल्ली तक चलेंगी स्पेशल ट्रेनें

मुजफ्फरपुर. होली पर्व को लेकर ट्रेनों में नो रूम और रीग्रेट की स्थिति से जूझ रहे यात्रियों के लिए राहत की खबर है। त्योहार के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने कोलकाता (हावड़ा) और नई दिल्ली के लिए कई होली स्पेशल ट्रेनों के परिचालन का फैसला किया है। इससे घर लौटने की तैयारी कर रहे यात्रियों को काफी हद तक सहूलियत मिलने की उम्मीद है। रेलवे के अनुसार, हावड़ा–कोलकाता और नई दिल्ली–आनंद विहार रूट पर पहले से ही टिकटों की भारी मारामारी है। नियमित ट्रेनों में सीटें फुल हो चुकी हैं और अधिकांश ट्रेनों में नो रूम या रीग्रेट की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में स्पेशल ट्रेनों के संचालन से यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी। मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, दरभंगा, समस्तीपुर, बरौनी समेत उत्तर बिहार के यात्रियों को इन ट्रेनों का सीधा लाभ मिलेगा।                            हावड़ा/कोलकाता के लिए होली स्पेशल ट्रेनें – 03043/03044 हावड़ा–रक्सौल–हावड़ा स्पेशल (सीतामढ़ी–दरभंगा–समस्तीपुर–बरौनी–झाझा के रास्ते) यह ट्रेन 28 फरवरी, 7 व 14 मार्च (शुक्रवार) को हावड़ा से रात 23.05 बजे खुलेगी। वहीं 1, 8 व 15 मार्च (शनिवार) को रक्सौल से शाम 17.45 बजे प्रस्थान करेगी। 03045/03046 हावड़ा–रक्सौल–हावड़ा स्पेशल यह ट्रेन 1 व 2 मार्च (रविवार एवं सोमवार) को हावड़ा से 23.05 बजे खुलेगी। वापसी में 2 व 3 मार्च (सोमवार एवं मंगलवार) को रक्सौल से 17.45 बजे खुलेगी। 03185 कोलकाता–मधुबनी–कोलकाता स्पेशल (दरभंगा–समस्तीपुर–बरौनी–झाझा के रास्ते) 27 फरवरी को कोलकाता से रात 23.50 बजे खुलेगी। 03186 मधुबनी–कोलकाता स्पेशल 28 फरवरी (शनिवार) को मधुबनी से दोपहर 15.30 बजे प्रस्थान करेगी। नई दिल्ली के लिए होली स्पेशल ट्रेनें – 04054/04053 नई दिल्ली–बरौनी–नई दिल्ली स्पेशल (गोरखपुर–छपरा–हाजीपुर के रास्ते) 04060/04059 नई दिल्ली–सुपौल–नई दिल्ली स्पेशल (गोरखपुर–छपरा–हाजीपुर–बरौनी–मानसी–सहरसा के रास्ते) 04010/04009 दिल्ली–सीतामढ़ी–दिल्ली स्पेशल (गोरखपुर–नरकटियागंज–रक्सौल के रास्ते)     रेलवे अधिकारियों ने बताया कि होली के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को नियंत्रित करने और नो रूम–रीग्रेट की समस्या से राहत देने के उद्देश्य से इन विशेष ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले ट्रेन की समय-सारिणी की जानकारी जरूर ले लें और आरक्षित टिकट के साथ ही सफर करें, ताकि किसी तरह की असुविधा न हो।

जब अंगद बना चुनौती: रामायण के उस मुस्लिम एक्टर की कहानी, जिसने रावण की लंका हिला दी

मुंबई रामानंद सागर का पौराणिक धारावाहिक 'रामायण' जब कोविड में दोबारा टीवी पर आया तो इसने हलचल मचा दी। इसके पुनः प्रसारण के बाद से ही यह धारावाहिक कई कारणों से खबरों में आ गया। हाई टीआरपी से लेकर महिला सशक्तिकरण, शारीरिक शक्ति और कई सारी चीजें, सोशल मीडिया पर ढेर सारे मीम्स शेयर किए गए। 1980 और 1990 के दशक में दूरदर्शन सबसे बड़े टीवी चैनलों में से एक था। यह चैनल अपने पौराणिक शोज के लिए काफी प्रसिद्ध हुआ – रामानंद सागर की रामायण उनमें से एक थी, जिसे जनता ने खूब पसंद किया। उस समय, इसके लीड एक्टर्स बहुत फेमस थे। हालांकि, समय बीतने और नई पीढ़ियों के आने के साथ, वे धीरे-धीरे गुमनामी में खो गए। इन्हीं में से एक थे अंगद का किरदार निभाने वाले एक्टर बशीर खान। आज हम एक ऐसे अभिनेता की बात करेंगे, जिन्होंने रामानंद सागर की मशहूर टीवी सीरियल में अंगद का किरदार निभाया था। उनका नाम बशीर खान है। सीरियल में बाली और तारा के बेटे अंगद के दमदार किरदार से उन्हें खूब प्रसिद्धि मिली। अंगद के रूप में उनका एक सीन आज भी दर्शकों को याद है, जब वे रावण के दरबार में मजबूती से खड़े हो गए और किसी को भी उन्हें हिलाने की हिम्मत नहीं थी। पूरा सीन उनके दृढ़ संकल्प, शक्ति और व्यक्तित्व को दिखाता है। वीरेंद्र सहवाग ने की थी तारीफ कोविड के वक्त भी एक एपिसोड में अंगद का वह सीन दिखाया गया जिसमें रावण उनका पैर हिलाने की कोशिश करता है लेकिन असफल हो जाता है। इस सीन ने लोगों को इस किरदार की खूब तारीफ करने पर मजबूर कर दिया। यहां तक कि पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने भी ये फोटो शेयर करते हुए कहा था कि यहीं से उन्हें अपनी बल्लेबाजी की प्रेरणा मिली। उन्होंने लिखा, 'तो यहीं से मुझे अपनी बल्लेबाजी की प्रेरणा मिली 🙂 पैर हिलाना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन है। #अंगद जी रॉक्स' 'महाभारत' और 'श्री कृष्ण' में भी किया काम 'रामायण' के अलावा, बशीर खान ने बी.आर. चोपड़ा की 'महाभारत' (1988) और 'श्री कृष्ण' (1993) जैसे क्लासिक पौराणिक शोज में भी अभिनय किया। उनकी एक्टिंग ने भारतीय टेलीविजन पर अमिट छाप छोड़ी और दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बनाई। बशीर खान गुमनामी में खोए बशीर खान ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत रामानंद सागर के उस समय के फेमस शो 'विक्रम बेताल' से की थी। हालांकि, उन्हें असली पहचान रामायण में अंगद के किरदार को निभाने के बाद मिली, जिसे आज भी कई लोग इस क्लासिक शो में उनके योगदान के लिए याद करते हैं। लेकिन आज वो गुमनामी में खो गए हैं और अब उन्हें रोल्स ऑफर नहीं होते हैं।