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IND vs PAK मैच में शामिल होंगे मोहसिन नकवी, ICC अधिकारियों से मुलाकात तय

कोलंबो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड अध्यक्ष मोहसिन नकवी रविवार को कोलंबो में भारत और पाकिस्तान के बीच टी20 विश्व कप का मैच देखेंगे और आईसीसी अधिकारियों से बात भी कर सकते हैं। एक सूत्र ने बताया कि नकवी के साथ पाकिस्तान सुपर लीग के सीईओ सलमान नसीर और मुख्य परिचालन अधिकारी सुमैर अहमद समेत पीसीबी के सीनियर अधिकारी भी श्रीलंका जायेंगे। सूत्र ने कहा ,'' श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने दूसरे बोर्ड के अधिकारियों को न्योता दिया है लेकिन नकवी आईसीसी अध्यक्ष जय शाह और अन्य अधिकारियों से बात करने जा रहे हैं ताकि बहिष्कार प्रकरण के बाद पैदा हुई कड़वाहट कम हो।'' पाकिस्तान सरकार के इस मैच को खेलने की टीम को अनुमति नहीं देने के फैसले के बाद आईसीसी और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव आया था। सुरक्षा कारणों से भारत में खेलने के बांग्लादेश के इनकार के बाद बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर किये जाने के मद्देनजर पाकिस्तान ने उसके प्रति एकजुटता दिखाते हुए भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार का ऐलान किया था। बाद में हालांकि 'यू टर्न' लेकर यह मैच खेलने का फैसला किया। सूत्र ने बताया कि भारत और बांग्लादेश बोर्ड के शीर्ष अधिकारी भी कोलंबो में होंगे और यह संभव है कि आईसीसी अध्यक्ष और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक हो जाये। सूत्र ने बताया कि कोलंबो जाने से पहले नकवी प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ से मुलाकात करेंगे। बांग्लादेश को सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में खेलने से इनकार करने पर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद पाकिस्तान सरकार ने घोषणा की थी कि उसकी राष्ट्रीय टीम 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले टी20 विश्व कप के ग्रुप मैच में भारत के खिलाफ मैदान में नहीं उतरेगी। पीसीबी, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के बीच हुई बातचीत के बाद पाकिस्तान सरकार ने सोमवार देर रात बहिष्कार का फैसला वापस ले लिया। नकवी ने भारत के खिलाफ प्रस्तावित बहिष्कार को लेकर बने गतिरोध को सुलझाने के लिए बांग्लादेश के अपने समकक्ष अमीनुल इस्लाम और आईसीसी के उपाध्यक्ष इमरान ख्वाजा से मुलाकात की थी। पाकिस्तान सरकार ने सोमवार को जारी बयान में कहा, "बहुपक्षीय बैठकों में मिले सकारात्मक नतीजों और मित्र देशों के अनुरोध को देखते हुए पाकिस्तान सरकार निर्देश देती है कि पाकिस्तान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम 15 फरवरी 2026 को आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप के निर्धारित मैच में हिस्सा लेगी।"  

9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में महिला श्रम भागीदारी 13% से बढ़कर 36% पहुंची

लखनऊ, उत्तर प्रदेश की तेज रफ्तार अर्थव्यवस्था के पीछे महिलाओं की बढ़ती भागीदारी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीते नौ वर्षों में राज्य में महिला श्रम बल भागीदारी दर 13 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत तक पहुंच गई है। जिससे उत्तर प्रदेश के विकास को नई गति मिल रही है। इसी अवधि में प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में भी उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी हुई है। वर्ष 2017 में करीब 13 लाख करोड़ रुपये तक सीमित रही  जीएसडीपी  2026-27 में बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये की ओर अग्रसर है। महिला श्रम बल भागीदारी दर में हर 1 प्रतिशत की वृद्धि से सकल राज्य घरेलू उत्पाद में 0.5 से 1 प्रतिशत तक अतिरिक्त उछाल आता है। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में  अर्थशास्त्र का यह सिद्धांत व्यवहार में साबित होता दिख रहा है। यही नहीं, महिला कार्यबल बढ़ने से उत्पादन क्षमता, श्रम उत्पादकता और राज्य के टैक्स बेस तीनों में समानांतर विस्तार हुआ है। महिलाएं बनीं ‘ग्रोथ मल्टीप्लायर’ महिलाओं की आय बढ़ने से घरेलू उपभोग में वृद्धि हुई है, जिससे एमएसएमई गतिविधियों और सेवा क्षेत्र को लगातार गति मिल रही है। ग्रामीण स्वयं सहायता समूह,  डेयरी और कृषि आधारित उद्योगों से लेकर शहरी सेवा क्षेत्र तक महिलाएं अब ‘ग्रोथ मल्टीप्लायर’ की भूमिका निभा रही हैं। ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की राह आसान करेंगी महिलाएं नीतिगत स्तर पर महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और स्वरोजगार से जुड़े कार्यक्रमों के जरिए उत्तर प्रदेश में आर्थिक भागीदारी का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। यदि यही रफ्तार बनी रही तो उत्तर प्रदेश की ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की राह में महिलाओं की भूमिका निर्णायक रहेगी।

आस्था का महासंगम: महाशिवरात्रि पर पशुपतिनाथ मंदिर में उमड़ा जनसैलाब, नेपाल-भारत में शिवभक्ति की गूंज

काठमांडू नेपाल की राजधानी काठमांडू में स्थित पशुपतिनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर हजारों हिंदू श्रद्धालु श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ पहुंचे। फल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को मनाया जाने वाला यह पर्व शिवभक्ति के सबसे पावन दिनों में गिना जाता है। शिव पुराण के अनुसार, यह वही रात्रि है जब शिव तत्व का प्रकटीकरण हुआ। इसे कालरात्रि, मोहरात्रि, सुखरात्रि और शिवरात्रि इन चार महत्त्वपूर्ण रात्रियों में शामिल किया गया है। मान्यता है कि यह दिन आध्यात्मिक जागरण देता है और दुख-संताप से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करता है। श्रद्धालु उत्सव कटुवाल ने बताया कि गौशाला से पशुपति तक दो–तीन किलोमीटर लंबी कतारें लगी थीं और लोग घंटों धैर्यपूर्वक दर्शन के लिए खड़े रहे। सुबह से ही नदी-तालाबों और मंदिरों में स्नान, पूजा, ध्यान और मंत्रोच्चार का सिलसिला जारी रहा।भक्त शांति भक्त ने कहा कि शिवरात्रि पर पूरा दिन पूजा, ध्यान और जप में बिताया जाता है। वहीं, अनीता सिंह ने बताया कि मंदिर में अनुष्ठान के बाद वे घर जाकर पूजा और उपवास रखेंगी।महाशिवरात्रि, “शिव की रात्रि”, नेपाल और भारत सहित कई देशों में व्यापक श्रद्धा से मनाई जाती है। स्कंद पुराण में भी इस पर्व के महत्व का उल्लेख है। मान्यता है कि इस अवधि में उत्तरी गोलार्ध में तारों की स्थिति आध्यात्मिक ऊर्जा को उन्नत करती है और शिव तत्व सर्वाधिक सक्रिय रहता है।

झज्जर में अब मशीनों से चमकेगी सीवर लाइन

झज्जर. शहर की सीवर व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब सीवर लाइनों की सफाई के लिए कर्मचारियों को जोखिम नहीं उठाना होगा, क्योंकि विभाग जल्द ही मैन्युअल सफाई की जगह आधुनिक मशीनों का उपयोग करेगा। इसके लिए विभाग ने मुख्यालय को तीन नई मशीनों की डिमांड भेजी है। वर्तमान में शहर में 96 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछी हुई है, जबकि नई कालोनियों को मिलाकर करीब 105 किलोमीटर अतिरिक्त लाइन बिछाई जानी है। पुरानी सीवर व्यवस्था दुरुस्त न होने के कारण अक्सर ओवरफ्लो की समस्या बनी रहती है। इन नई मशीनों के आने से न केवल सफाई बेहतर होगी, बल्कि समय की भी बचत होगी। इन तीन मशीनों से बदलेगी तस्वीर 1. हाइड्रोलिक जेट्टिंग कम सक्शन मशीन: यह मशीन हाई-प्रेशर पानी और शक्तिशाली वैक्यूम का उपयोग करती है। यह एक साथ सीवर से कीचड़ सोखने और रुकावटों को साफ करने में सक्षम है। 2. जेट्टिंग मशीन: यह 3,500 पीएसआइ के दबाव से पानी छोड़कर पाइपों में फंसी गाद और मलबे को काट देती है। 3. रोडिंग सीवर मशीन: इसमें स्टील केबल और कटर ब्लेड लगे होते हैं, जो पाइप के अंदर जमी जड़ों और कठोर मलबे को जड़ से खत्म कर देते हैं। इसके बाद पारंपरिक 'फट्टी' मारने की जरूरत नहीं होगी। कर्मचारियों को मिलेगी विशेष ट्रेनिंग विभागीय सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में उपलब्ध मशीनें पुरानी हो चुकी हैं। नई मशीनें मिलने के बाद इन्हें चलाने के लिए संबंधित कर्मचारियों को विशेष तकनीकी प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा। मुख्यालय स्तर पर प्रदेशभर के लिए होने वाली खरीद में झज्जर को ये तीन मशीनें मिलने की पूरी उम्मीद है। कुल मिलाकर, इनके आने से मैन्युअल लेबर पर निर्भरता कम होगी और सफाई कार्य प्रभावी ढंग से हो सकेगा।

हिसार में 20 फीट ऊंचे शिवलिंग पर हॉट एयर बैलून से पुष्प वर्षा

हिसार. आस्था, अध्यात्म और उल्लास से सराबोर वातावरण में 90वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती के अवसर पर बालसमंद रोड स्थित ब्रह्माकुमारीज पीस पैलेस में शनिवार को महाशिवरात्रि महोत्सव के अंतर्गत दो दिवसीय महादेव से महामिलन महामेले का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में उत्साह और श्रद्धा का ऐसा संगम दिखा, जिसने श्रद्धालुओं के मन को आनंद से भर दिया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज हिसार की संचालिका बीके रमेश कुमारी दीदी उपस्थित रही। इस आध्यात्मिक महोत्सव में हरियाणा सहित पंजाब, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान व अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचें। आकर्षण का केंद्र बना 20 फीट ऊंचा दिव्य महाशिवलिंग, जिसके दर्शन मात्र से वातावरण शिवमय हो उठा। कार्यक्रम में सबसे मनोहारी झलक तब देखने को मिली जब हाट एयर बैलून से महाशिवलिंग पर पुष्प वर्षा की गई। आकाश से बरसते पुष्पों के इस अलौकिक दृश्य को लोगों ने अपने मोबाइल कैमरों में संजोया। इंटरनेट मीडिया फेसबुक व इंस्टाग्राम पर साझा कर अपने प्रियजनों तक शिवभक्ति की अनुभूति पहुंचाई। महोत्सव में आध्यात्मिक ज्ञान और आत्मिक शांति से जुड़े अनेक आकर्षक आयाम भी प्रस्तुत किए गए। भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन, माइंड स्पा, एबीसीडी का आध्यात्मिक रहस्य, तीन लोक की सैर, निश्शुल्क स्ट्रेस लेवल टेस्टिंग तथा वैल्यू गेम्स जैसी गतिविधियों ने सहभागियों को रोमांचक अनुभव के साथ आत्मचिंतन की ओर प्रेरित किया। खेलों और संवादों के माध्यम से सकारात्मक-नकारात्मक विचारों की पहचान कर, स्वयं को आध्यात्मिक ज्ञान से जोड़ने का सशक्त संदेश दिया गया।

वास्तु टिप्स: दीवारों पर सही तस्वीरें लगाकर घर में लाएं सुख-समृद्धि

अक्सर हम घर को सजाने के लिए दीवारों पर सुंदर पेंटिंग्स या तस्वीरें लगा देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि वे केवल सजावट की वस्तु नहीं हैं? वास्तु शास्त्र के अनुसार, हर तस्वीर एक विशिष्ट ऊर्जा पैदा करती है, जो आपके मानसिक स्वास्थ्य, रिश्तों और आर्थिक स्थिति पर गहरा असर डालती है। एक घर सिर्फ ईंट, पेंट और फर्नीचर से नहीं बनता। यह एक जीवंत स्थान है जो हमारी भावनाओं, यादों और प्राण-ऊर्जा से जुड़ा होता है। इस ऊर्जा को सबसे खामोश, लेकिन सबसे प्रभावशाली तरीके से प्रभावित करती हैं हमारी दीवारों पर लगी तस्वीरें और पेंटिंग्स। अक्सर हम सजावट अनजाने में करते हैं। किसी गैलरी से पसंद आई पेंटिंग ले आए, सीढ़ियों के बगल वाली दीवार को एस्थेटिक लुक देने के लिए परिवार-दोस्तों के साथ बिताए खुशनुमा पलों का कोलाज बना दिया या पूर्वजों की तस्वीरों को सहेज दिया। ये फ्रेम घर के खालीपन को तो भर देते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये तस्वीरें आपके घर की ऊर्जा और आपके जीवन को किस दिशा में मोड़ रही हैं! मूक संवाद हैं तस्वीरें वास्तु शास्त्र के अनुसार, दृश्य कभी भी निष्पक्ष नहीं होते। हमारा मस्तिष्क उन प्रतीकों और मानसिक संदेशों को लगातार ग्रहण करता रहता है।तस्वीरें मूक संवाद होती हैं। जब हम उन्हें सचेत रूप से देखना बंद भी कर देते हैं, तब भी वे हमारे अवचेतन मन से बातें करती रहती हैं। उदाहरण के लिए, डूबते हुए सूरज की पेंटिंग को लें। कलात्मक रूप से यह कितनी भी सुंदर और रंगों से भरपूर क्यों न हो, लेकिन यह अंत, ठहराव और अवसान का प्रतीक है। यदि इसे लिविंग रूम जैसे सक्रिय स्थान पर लगाया जाए, तो यह आलस्य या भावनात्मक भारीपन पैदा कर सकती है। इसके विपरीत, उगता हुआ सूरज साहस, नवीनीकरण और प्रगति का प्रतीक है ऐसी ऊर्जा जो संवाद और विकास को बढ़ावा देती है। मनोविज्ञान और दृश्यों का प्रभाव मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी इसे समझना आसान है। मानव मस्तिष्क लगातार दृश्यों को प्रोसेस करता है। किसी तरह की तस्वीर के सामने बार-बार रहने से हमारे विचार और भावनाएं वैसी ही होने लगती हैं। संघर्ष, दुख या अकेलेपन को दर्शाने वाली तस्वीर अनजाने में मन को उन्हीं भावनाओं से बांध देती है। समय के साथ इसका असर हमारे आत्मविश्वास, प्रेरणा और निर्णय लेने की क्षमता पर पड़ने लगता है। पूर्वजों की तस्वीरें और सही दिशा पूर्वजों की तस्वीरें भावनात्मक रूप से बहुत गहराई से जुड़ी होती हैं। वास्तु के अनुसार, इन्हें लगाने के लिए दक्षिण-पश्चिम दिशा सबसे उपयुक्त है। यह दिशा स्थिरता और मार्गदर्शन से जुड़ी है। यहां गरिमा के साथ लगाई गई तस्वीरें आशीर्वाद और शक्ति प्रदान करती हैं। एक बात का विशेष ध्यान रखें कि पूर्वजों की तस्वीरें बेडरूम या पूजा घर में लगाने से बचना चाहिए, क्योंकि ये शांति के बजाय भावनात्मक बेचैनी पैदा कर सकती हैं। दीवारें सिर्फ फ्रेम थामने के लिए नहीं होतीं, वे आपके इरादों को बुलंद करती हैं। हम हर दिन जिन तस्वीरों के साथ रहते हैं, वे हमारे आंतरिक संसार पर एक गहरी छाप छोड़ती हैं। कला का चुनाव केवल दिखावे के लिए नहीं, बल्कि जागरूकता के साथ होना चाहिए। जब घर की दीवारें सही ऊर्जा से सजी होती हैं, तो वहां रहने वाले लोग भी स्पष्टता, स्थिरता और शांति के साथ जीवन में आगे बढ़ते हैं। हर कमरे की अपनी जरूरत बैठक: उगते हुए सूरज की तस्वीर, दौड़ते हुए सात सफेद घोड़ों की तस्वीर (तरक्की के लिए), या हरे-भरे जंगल के दृश्य लगाएं। यहां युद्ध, जंगली जानवरों, या उदासी वाली पेंटिंग्स न लगाएं। स्टडी रूम: मां सरस्वती, भगवान गणेश, या महान विद्वानों/प्रेरणादायक महापुरुषों की तस्वीरें। उगते सूरज या उड़ते हुए पक्षी भी सकारात्मकता देते हैं। शयनकक्ष: यहां शांति और प्रेम की आवश्यकता होती है। सुखद परिदृश्य, कोमल रंग या जोड़े (जैसे हंसों का जोड़ा) की तस्वीरें आपसी तालमेल बढ़ाती हैं। कार्यक्षेत्र : अगर आप घर से ही काम करते हैं या कोई ऐसा कोना है जहां आप काम करते हैं तो यहां के लिए आपको एकाग्रता और प्रेरणा चाहिए। इस स्थान पर दौड़ते हुए घोड़े, ऊंचे पर्वत या उगते सूरज की तस्वीरें फोकस और कार्यक्षमता बढ़ाती हैं। बिना तोड़-फोड़ के वास्तु उपाय आजकल के फ्लैट्स और अपार्टमेंट्स में तोड़-फोड़ करना संभव नहीं होता, ऐसे में पेंटिंग्स एक ‘रेमेडी’ की तरह भी काम कर सकती हैं: उत्तर दिशा: करियर में प्रगति के लिए जल तत्व वाली पेंटिंग। दक्षिण-पश्चिम: स्थिरता के लिए पहाड़ों के चित्र। पूर्व दिशा: स्वास्थ्य और सामाजिक संबंधों के लिए उगता सूरज। वास्तु के अनुसार क्या न लगाएं? वास्तु शास्त्र में कुछ विषयों को घर के भीतर रखने की सख्त मनाही है, चाहे उनका कलात्मक मूल्य कितना भी अधिक क्यों न हो, मगर ये दृश्य असंतोष, अनिश्चितता और जड़ता को आमंत्रित करते हैं: हिंसक दृश्य: युद्ध के दृश्य, शिकारी जानवर या अशांत समुद्र। नकारात्मक प्रतीक: डूबती हुई नाव, खंडहर, बिना पत्तियों वाले सूखे पेड़ या दुख से भरे चेहरे।  

एडेन मार्करम का धमाका, कप्तान के तौर पर रिकॉर्डतोड़ अर्धशतक; रोहित शर्मा की लिस्ट में शामिल

नई दिल्ली एडेन मार्करम ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में न्यूजीलैंड के खिलाफ शानदार अंदाज में साउथ अफ्रीका की जीत की नैया पार लगाई। साउथ अफ्रीका के कप्तान मार्करन ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 44 गेंदों में नाबाद 88 रनों की पारी खेली और न्यूजीलैंड को सात विकेट से रौंदा। बतौर ओपनर उतरे मार्करम ने आठ चौके और चार छक्के जड़े। साउथ अफ्रीका ने ग्रुप डी मैच में 176 रनों का लक्ष्य 17 गेंद बाकी रहते हासिल किया। मार्करम ने टी20 वर्ल्ड कप में बतौर कप्तान संयुक्त रूप से सबसे तेज फिफ्टी जड़ने कारानामा अंजाम दिया है। उन्होंने न्यूजीलैंड बनाम साउथ अफ्रीका मैच में महज 19 गेंदों में फिफ्टी कंप्लीट कर ली थी। यह टी20 वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका के लिए सबसे तेज अर्धशतक है। उन्होंने रोहित शर्मा के धाकड़ क्लब में एंट्री मारी है। रोहित ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप में बतौर कप्तान ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध 19 गेंदों में अर्धशतक जमाया था। 'हिटमैन' के नाम से मशहूर रोहित ने ऑस्ट्रेलिया के सामने 41 गेंदों में 92 रनों की पारी खेली, जिसमें सात चौके और आठ छक्के शामिल हैं। भारत ने 205/5 का स्कोर खड़ा करने के बाद ऑस्ट्रेलिया को 24 रनों से शिकस्त दी थी। रोहित ने पिछले संस्करण में भारत को ट्रॉफी जिताने के बाद टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। श्रीलंकाई कप्तान दासुन शनाका मौजूदा टू्र्नामेंट में 19 गेंदों में फिफ्टी मार चुके हैं। टी20 वर्ल्ड कप में सबसे तेज फिफ्टी ठोकने वाले कप्तान 19 गेंद – रोहित शर्मा (बनाम ऑस्ट्रेलिया, 2024) 19 गेंद – दासुन शनाका (बनाम ओमान, 2026) 19 गेंद – एडेन मार्करम (बनाम न्यूजीलैंड, 2026) 20 गेंद – मोहम्मद अशरफुल (बनाम वेस्टइंडीज, 2007) 21 गेंद – महेला जयवर्धने (बनाम केन्या, 2007) साउथ अफ्रीका के कप्तान मार्क्रम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ बड़ी जीत के बाद कहा कि उनकी टीम टी20 वर्ल्ड कप में अपनी पूरी क्षमता के साथ खेलने के काफी करीब पहुंच गई है। उन्होंने मैच के बाद कहा, ''हम अपनी पूरी क्षमता के काफी करीब पहुंच गए। मुझे लगता है कि हमने सभी क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन किया। इस पिच पर माना जा रहा था कि 200 रन से अधिक का स्कोर बनेगा। ऐसे में उन्हें कम स्कोर पर रोकना बहुत अच्छा प्रयास था। पिच वास्तव में बहुत अच्छी थी और खेल आगे बढ़ने के साथ-साथ बेहतर होती गई।''

पंजाब में 17-18 फरवरी को होगी झमाझम बारिश

लुधियाना. पंजाब में मौसम लगातार साफ चल रहा है। शनिवार को भी अधिकांश जिलों में दिनभर तेज धूप खिली रही। दिन व रात के तापमान लगभग सभी जिलों में सामान्य से अधिक रहे। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार बठिंडा में दिन का तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस व रात का 11.5 डिग्री, रूपनगर में दिन का 26.4 और रात का 9.6, फिरोजपुर में दिन का 26.0 व रात का 10.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तीनों जिलों में दिन का तापमान सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस अधिक रहा, जबकि रात का 1.3 से 1.7 डिग्री सेल्सियस अधिक था। वहीं लुधियाना व पटियाला में दिन का तापमान 25.8 डिग्री व रात का लुधियाना में 9.6 डिग्री व पटियाला में 10.5 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर में दिन का तापमान 24.0 डिग्री व रात का तापमान 8.5 डिग्री सेल्सियस रहा। यहां दिन का तापमान 2.9 डिग्री व रात का तापमान 2.2 डिग्री सेल्सियस अधिक था। दूसरे जिलों में भी दिन का तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पंजाब मतें 17 व 18 फरवरी को बादल छाएं रहने, बूंदाबांदी व हल्की वर्षा की संभावना बन रही है।

लुधियाना में बिके टिकट से 21 लाख का मिला पहला ईनाम

लुधियाना. गोवा सरकार द्वारा संचालित राजश्री-50 वीकली लॉटरी ने लोगों का विश्वास जीतते हुए अपने 1000 से भी ज्यादा दिन पूरे कर लिए हैं व 14 लाख से भी ज्यादा विजेता अभी तक 35 करोड़ से ज्यादा की रकम जीत चुके हैं। किस्मत ऑन सैलिब्रेशन ऑन के अंतर्गत अपने ईनामों का सिलसिला बरकरार रखते हुए 8 फरवरी 2026 के ड्रॉ में 21 लाख का 49वां पहला ईनाम खन्ना के स्टॉकिस्ट रामा लॉटरी के रिटेलर न्यू भाटिया लॉटरी द्वारा बेची गई टिकट नं. 72- 7328 से लगने पर कंपनी के अधिकारी राजकुमार वर्मा व भगत सिंह पंवार ने रामा लॉटरी के मालिक सुशील मग्गू व न्यू भाटिया लॉटरी के मालिक संदीप भाटिया, जतिंद्र भाटिया को फूलमाला पहना, गुलदस्ता, ट्रॉफी व इंसैंटिव का चैक देकर समानित करते हुए हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दीं। राजश्री-50 वीकली लॉटरी में अभी तक 21-21 लाख के 49 पहले ईनाम ईनाम लग चुके हैं जिनमें से 34 पहले ईनाम पंजाब मे व 15 महाराष्ट्र में लगे है। 

पंजाब में महाशिवरात्रि पर मंदिरों में सुबह से उमड़ा आस्था का सैलाब

फाजिल्का. महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रविवार सुबह से ही फाजिल्का शहर के प्रमुख मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सिद्ध श्री हनुमान मंदिर, शिव भवन, श्री राम संकीर्तन मंदिर और श्री बालाजी धाम समेत दर्जनों मंदिरों में श्रद्धालु पहली पूजा के लिए तड़के ही पहुंचने लगे। चारों पहर की विशेष पूजा को लेकर शहर में धार्मिक माहौल चरम पर है, वहीं हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रही कांवड़ यात्रा का भी दोपहर बाद शहर में पहुंचने का कार्यक्रम है। महाशिवरात्रि पर फाजिल्का शहर पूरी तरह शिवभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। तड़के चार बजे से ही विभिन्न मंदिरों में भक्तों का आना शुरू हो गया और सूर्योदय तक मंदिरों के बाहर लंबी कतारें लग गईं। सिद्ध श्री हनुमान मंदिर, शिव भवन, श्री राम संकीर्तन मंदिर और श्री बालाजी धाम में सुबह की विशेष आरती के दौरान ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। श्री राम संकीर्तन मंदिर के पंडित चिमनलाल शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि पहला पहर सुबह 4 बजे से 7 बजे तक, दूसरा पहर सुबह 7 बजे से 10 बजे तक, तीसरा पहर दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक व चौथा पहर शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक होगा। उन्होंने बताया कि शिवलिंग का अभिषेक, पंचामृत स्नान, रुद्राभिषेक और बिल्वपत्र अर्पित करने का क्रम पूरे दिन जारी रहेगा। शहर में जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा सेवा स्टॉल लगाए गए हैं, जहां पानी, जूस, फलाहार और प्रसाद की व्यवस्था की गई है। महिलाओं की संख्या भी उल्लेखनीय रही, जो व्रत रखकर पहले पहर की पूजा के लिए सुबह ही मंदिरों में पहुंच गईं। दोपहर बाद हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ संघ के विभिन्न दलों के फाजिल्का पहुंचने की उम्मीद है। कांवड़िए गंगा से लाया गया पवित्र जल शहर के प्रमुख शिवालयों में स्थापित शिवलिंगों पर अभिषेक करेंगे। मंदिर समितियों ने सुरक्षा, सफाई और भीड़ प्रबंधन के लिए स्वयंसेवकों की विशेष तैनाती की है, जबकि प्रशासन ने भी शहर में आवश्यक मार्ग व्यवस्थाओं और वाहनों के नियंत्रण के लिए टीमों को सक्रिय रखा है।