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अर्जेंटीना ने एफआईएच प्रो-लीग के मुकाबले में भारत को 4-2 से हराया

राउरकेला भारतीय हॉकी टीम का एफआईएच प्रो लीग निराशाजनक प्रदर्शन जारी रहा जिसे रविवार को यहां राउरकेला चरण के अंतिम मुकाबले में अर्जेंटीना ने 4-2 से हराया। इस मुकाबले में भी टीम की पुरानी कमजोरियां उभरकर सामने आईं। अर्जेंटीना की ओर से तादेओ मार्कुची (28 वां मिनट, 49 वां मिनट) ने दो गोल दागे, जबकि टोमास दोमेने (18 वां मिनट) और लूसियो मेंडेज़ (43 वां मिनट) ने भी अहम योगदान दिया। भारत के लिए बिरसा मुंडा हॉकी स्टेडियम में आदित्य लालेज (50 वां मिनट) और संजय (59 वां मिनट) ने गोल किए। टीम को कुछ दिन पहले अर्जेंटीना के हाथों 0-8 की करारी हार कर सामना करना पड़ा था।  

मादक पदार्थ चरस के साथ तस्कर गिरफ्तार, सवा 2 लाख का माल बरामद

क्राइम ब्रांच ने इंद्रानगर इलाके से आरोपी को दबोचा भोपाल। राजधानी की क्राइम ब्रांच टीम ने एक मादक पदार्थ तस्कर को गिरफ्तार कर उसके पास अवैध रूप से रखी चरस जब्त की है। जब्त हुए मादक पदार्थ की कीमत करीब सवा दो लाख रुपये बताई गई है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ पूर्व से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। जानकारी के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली कि इंद्रानगर पंप हाउस के पास बैरागढ़ में एक व्यक्ति मादक पदार्थ चरस लेकर बिक्री के लिए किसी ग्राहक का इंतजार कर रहा है। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की और बताए गए संदेही युवक को हिरासत में लिया।पूछताछ के दौरान युवक ने अपना नाम रंजीत मारन उर्फ भूरा (23) निवासी ग्राम बिसनखेड़ी थाना गांधी नगर, हाल पता बैरागढ़ बताया। आरोपी की तलाशी लेने पर पुलिस को उसके पास से 210 ग्राम चरस बरामद हुई, जिसकी कीमत करीब सवा दो लाख रुपये बताई गई है। आरोपी को गिरफ्तार करने में एसआई इरशाद अंसारी, एएसआई मोहम्मद सादिक, हेड कांस्टेबल विश्वजीत भार्गव, मुजफ्फर अली, आरक्षक नीरज यादव, आनंद पाण्डेय, मुकेश शर्मा, विवेक नामदेव, मनीष कौरव, रणधीर और महिला आरक्षक संध्या शर्मा की सराहनीय भूमिका रही है।

न कर्फ्यू है, न दंगा है बल्कि यूपी में सब चंगा हैः मुख्यमंत्री योगी

  – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल के अभिभाषण पर सोमवार को विधान परिषद में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान रखे विचार   राज्यपाल के प्रति अभद्र व्यवहार को लेकर विपक्ष पर किया करारा प्रहार सीएम बोले, आज प्रदेश कर्फ्यू कल्चर से कानून के राज और अविश्वास से आत्मविश्वास तक पहुंचा डबल इंजन सरकार की नीति से यूपी बना निवेश, नवाचार और पारदर्शिता का मॉडल – प्रयागराज में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भागीदारी सुरक्षा और सुशासन पर बढ़े विश्वास का प्रमाण लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल के अभिभाषण पर सोमवार को विधान परिषद में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए सदन में राज्यपाल के प्रति अभद्र और अशिष्ट व्यवहार करने पर विपक्ष को जमकर लताड़ लगाई। साथ ही प्रभावी कानून व्यवस्था को लेकर कहा कि न कर्फ्यू है, न दंगा है, बल्कि यूपी में सब चंगा है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल प्रदेश का संवैधानिक प्रमुख होता है। इसके बावजूद राज्यपाल पर प्रतिपक्ष द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया। यह न केवल लोकतंत्र को कमज़ोर करता है बल्कि संवैधानिक व्यवस्था से जुड़े सभी प्रमुख हस्तियों की अवमानना के भी दायरे में आता है। यह हम सबका दायित्व बनता है कि हम अपने राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करें। साथ ही संविधान की व्यवस्था के तहत संवैधानिक प्रमुखों के प्रति सम्मान और आदर का भाव रखें। उनके प्रति कोई ऐसा आचरण न करें, जो आचरण देश की भावी पीढ़ी को गलत दिशा की ओर अग्रसर करे, लेकिन प्रतिपक्ष से इसकी अपेक्षा करना व्यर्थ है। प्रदेश की जनता को पहले ही मिलना चाहिये था कानून का राज मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि राज्यपाल एक अनुभवी राजनेता होने के साथ आज प्रदेश सरकार की संवैधानिक प्रमुख के रूप में अपना मार्गदर्शन और नेतृत्व सभी को प्रदान कर रही हैं। उनके प्रति अभद्र व्यवहार समाजवादी पार्टी की वास्तविक सोच और प्रतिपक्ष की नकारात्मक दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है। पिछले नौ वर्ष में प्रदेश ने एक अपनी यात्रा तय की है। यह यात्रा अपराध और अव्यवस्था से अनुशासन, कर्फ्यू से कानून के राज, उपद्रव से उत्सव की यात्रा, समस्या से समाधान और अविश्वास से आत्मविश्वास की यात्रा है। इस यात्रा को देश और दुनिया स्वीकार करती है। वे कहते हैं कि उत्तर प्रदेश में बदलाव आया है। यह अधिकार प्रदेश की 25 करोड़ जनता को पहले ही मिलना चाहिये था लेकिन अपने संकुचित एजेंडे को लेकर चलने वाली सरकारों ने प्रदेश के भविष्य और जनता जनार्दन के साथ खिलवाड़ किया। उनके सामने पहचान का संकट खड़ा किया। प्रदेश को अराजकता, अव्यवस्था, अपराध का एक गढ़ बना दिया। इस दौरान कर्फ्यू यहां की पहचान बन गई थी। उत्तर प्रदेश को भारत के शाश्वत मूल्यों की आधारभूमि माना जाता है, उसमें किस प्रकार की अव्यवस्था थी, यह हम सबने देखा है। वहीं डबल इंजन सरकार की स्पष्ट नीति, साफ़ नीयत, सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता से आज उत्तर प्रदेश ने बॉटलनेक से देश की अर्थव्यवस्था का ब्रेकथॉट बनाने में सफलता प्राप्त की है। दुनिया के सामने टेक्नोलॉजी, भरोसे और परिवर्तन के समन्वित मॉडल के रूप में उभरा मुख्यमंत्री ने कहा कि अब यूपी रेवन्यू सरप्लस और उत्सव प्रदेश के रूप में अपनी यात्रा को लेकर मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में दुनिया के सबसे बड़े एआई इंपेक्ट समिट का उद्घाटन किया है। यह पांच दिनों तक देश और दुनिया के 18 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्षों की उपस्थिति में चलेगा। इस समय जब दुनिया तेजी से इमर्जिंग टेक्नोलॉजी की ओर बढ़ रही है, तब भारत भी इस दिशा में मजबूत और दूरदर्शी रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है। देश न केवल वर्तमान बल्कि भावी पीढ़ी के सुरक्षित और समृद्ध भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक बेहतरीन योजना के साथ कार्य कर रहा है। इसी राष्ट्रीय सोच के अनुरूप उत्तर प्रदेश ने भी पिछले साढ़े आठ से पौने नौ वर्षों में खुद को परिवर्तन की आधारभूमि के रूप में स्थापित किया है। प्रदेश में आए इस व्यापक बदलाव को “टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन” की त्रिवेणी के रूप में देखा जा रहा है। आज उत्तर प्रदेश देश और दुनिया के सामने टेक्नोलॉजी, भरोसे और परिवर्तन के समन्वित मॉडल के रूप में उभर कर सामने आया है। यह त्रिवेणी केवल एक नारा नहीं, बल्कि शासन की कार्यशैली और विकास की दिशा का प्रतीक बन चुकी है। उत्तर प्रदेश की ही धरती पर प्रयागराज स्थित है जिसकी पहचान मां गंगा, यमुना और  सरस्वती की पावन त्रिवेणी से है। उसी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रतीक को आधुनिक संदर्भ में नया रूप देते हुए उत्तर प्रदेश ने “टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन” की नई त्रिवेणी को विकास के केंद्र में स्थापित किया है। यह नई त्रिवेणी प्रदेश की प्रगति, पारदर्शिता और जनविश्वास की आधारशिला बन चुकी है। नीतिगत उदासीनता और विकास विरोधी सोच के माहौल को हमने बदला मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में नीतिगत उदासीनता, प्रशासनिक शिथिलता और विकास विरोधी सोच का जो माहौल था, उसे बीते वर्षों में पूरी तरह बदलने का प्रयास किया गया। अनुशासन, निर्णायक नेतृत्व, स्पष्ट नीति और शुद्ध नीयत के माध्यम से शासन-प्रशासन को एक नई दिशा देने का कार्य किया गया है। इसी का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। डबल इंजन सरकार के कार्यों का प्रभाव भी प्रदेश में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से लेकर रोजगार सृजन के व्यापक अभियानों तक, हर क्षेत्र में योजनाबद्ध तरीके से कार्य हुआ है। उत्तर प्रदेश को एक बेहतरीन इंवेस्टमेंट डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए गए हैं, जिससे प्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेश का वातावरण सुदृढ़ हुआ है। साथ ही सामाजिक सुरक्षा के विभिन्न माध्यमों से प्रदेश को सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम भी प्रभावी ढंग से आगे बढ़ रही है। पहले “वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया” जैसी स्थिति ने प्रदेश को झकझोर रखा था मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में सत्ता के संरक्षण में पल रहे गुंडे और माफिया समानांतर सरकार चलाते थे। गुंडा टैक्स और अवैध वसूली प्रदेश की नियति बन चुकी थी। “वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया” जैसी स्थिति ने उत्तर प्रदेश को … Read more

सुप्रीम कोर्ट में SIR पर तीखी टिप्पणी, CJI सूर्यकांत बोले- यह तय करना अदालत का काम नहीं

कोलकाता पश्चिम बंगाल SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण का मुद्दा एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। इस बार याचिका दाखिल कर SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। इस पर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने जमकर नाराजगी जताई है। खास बात है कि SIR के मुद्दे को लेकर पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार और ECI यानी भारत निर्वाचन आयोग में तकरार जारी है। बार एंड बेंच के अनुसार, मोहम्मद जिमफरहाद नोवाज ने याचिका दाखिल की थी। उन्होंने पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया में लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी लिस्ट के इस्तेमाल को चुनौती दी है। इसपर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, 'आर्टिकल 32 में आप चाहते हैं कि हम यह तय करें कि आपके पिता, माता और आदि कौन हैं। यह आर्टिकल 32 याचिका का मजाक है।' 28 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची होगी प्रकाशित पीटीआई भाषा के अनुसार, शनिवार को एक अधिकारी ने जानकारी दी है कि 28 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। अधिकारी ने बताया कि नामों की वर्तनी में हुई गलती और विसंगतियों से संबंधित सुनवाई 27 दिसंबर को शुरू हुई और पूरे राज्य में विद्यालयों, क्लब कक्षों और प्रशासनिक भवनों में स्थापित शिविरों में जारी रही। उन्होंने बताया, 'चुनाव अधिकारी अब 21 फरवरी तक दस्तावेजों की जांच करेंगे। अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को प्रकाशित की जानी है।' अधिकारी ने बताया कि सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओ) के पास लंबित कोई भी दस्तावेज सोमवार तक अपलोड किए जाने चाहिए। एसआईआर प्रक्रिया के दौरान करीब 58 लाख नाम (मृत/दोहराव /स्थानांतरित मतदाता) ऐसे पाए गए, जिन्हें सूची से हटाना उचित समझा गया और दिसंबर में प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची से बाहर रखा गया। अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की अंतिम तिथि 14 फरवरी थी, जिसे बाद में निर्वाचन आयोग ने बढ़ाकर 28 फरवरी कर दिया था। ECI का 7 अधिकारियों पर ऐक्शन निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में सात अधिकारियों को गंभीर कदाचार, कर्तव्य में लापरवाही और एसआईआर से जुड़े अधिकारी के के दुरुपयोग के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। ये सभी अधिकारी निर्वाचन आयोग के लिए सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी के रूप में कार्यरत थे। आदेशों का हवाला देते हुए चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को निर्देश दिया है कि संबंधित अधिकारी अपने-अपने विभाग के जरिए इन अधिकारियों के खिलाफ तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करें और इसकी जानकारी आयोग को दें। मंगलवार तक का समय निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल की मुख्य सचिव को 17 फरवरी तक उसके निर्देशों का पालन करने को कहा है, जिसमें बीएलओ को बढ़ा हुआ मानदेय देना और जारी एसआईआर के दौरान जानबूझकर नियमों का उल्लंघन करने वाले दोषी अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करना शामिल है।  

राशिद खान का धमाका, T20 में 700 विकेट का ऐतिहासिक आंकड़ा किया पार

अफगानिस्तान अफगानिस्तान के कप्तान राशिद खान टी-20 क्रिकेट में 700 विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज बन गए हैं। राशिद ने सोमवार को संयुक्त अरब अमीरात के खिलाफ टी-20 विश्व कप मैच में मोहम्मद अरफ़ान को आउट कर यह उपलब्धि हासिल की। मैच से पहले राशिद के नाम 699 विकेट थे। उन्होंने यूएई की पारी के 16वें ओवर में अरफान को हिट विकेट कराकर अपना ऐतिहासिक 700वां विकेट लिया। अफगानिस्तान ने टी20 विश्व कप के 28वें मुकाबले में यूएई की टीम को 5 विकेट से हराया। अफगानिस्तान की टूर्नामेंट में ये पहली जीत है। टीम ने अपने शुरुआती दोनों मुकाबले गंवाए हैं। अफगानिस्तान के कप्तान को इस मील के पत्थर तक पहुंचने के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ा। पिछले सप्ताह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने 698वां और 699वां विकेट लिया था, लेकिन इस मैच में शुरुआती 3.2 ओवर उनके बिना सफलता के गए। उन्होंने पहले 20 गेंदों में 17 रन दिए। फिर अरफान रिवर्स स्वीप खेलने के लिए घूमे, लेकिन शॉट को मिस किया और फिर बैलेंस होने के चक्कर में स्टंप को टच कर बैठे। इस मामले में संन्यास ले चुके ड्वेन ब्रावो 631 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर हैं। सक्रिय खिलाड़ियों में सुनील नारायण 613 विकेट के साथ राशिद से पीछे और ब्रावो के बाद तीसरे स्थान पर हैं। अफगानिस्तान ने आईसीसी टी20 विश्व कप के ग्रुप डी मैच में सोमवार को यूएई को पांच विकेट से हराकर सुपर आठ में जगह बनाने की अपनी धुंधली उम्मीदों को जीवंत रखा। यूएई के 161 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए अफगानिस्तान ने जादरान (53 रन, 41 गेंद, छह चौके, एक छक्का), दारविश रसूली (23 गेंद में 33 रन) और अजमतुल्लाह (21 गेंद में नाबाद 40 रन, तीन छक्के, दो चौके) की पारियों से 19.2 ओवर में पांच विकेट पर 162 रन बनाकर जीत दर्ज की। पहले दो मैच में शिकस्त झेलने वाले अफगानिस्तान के ग्रुप में अब दो अंक हैं। यूएई के भी दो अंक हैं। दक्षिण अफ्रीका छह अंक के साथ सुपर आठ के लिए क्वालीफाई कर चुका है जबकि न्यूजीलैंड के चार अंक हैं। इन सभी टीम ने तीन-तीन मैच खेले हैं।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विधान परिषद में गिनाईं उपलब्धियां

सीएम योगी के निशाने पर रही कांग्रेस व समाजवादी पार्टी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल के अभिभाषण पर सोमवार को विधान परिषद में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस व सपा को निशाने पर रखा। उन्होंने पुलिस व कानून व्यवस्था पर भी अपनी बातें रखीं। सीएम योगी ने कहा कि देश व प्रदेश विरासत पर गौरव की अनुभूति करता है। विरासत से युक्त विकास ही उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला होती है। जिन्होंने भारत की आत्मा पर प्रहार किया और आस्था को रौंदा, उन आक्रांताओं का महिमामंडन कोई राजनीतिक स्वार्थ के लिए करे, नए भारत का नया उत्तर प्रदेश यह स्वीकार नहीं करेगा। देशद्रोही तत्वों के समर्थन में बयानबाजी या राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करना राष्ट्रद्रोह से कम नहीं है। सीएम योगी ने कहा कि वंदे मातरम का 150वां वर्ष चल रहा है। पीएम मोदी ने राष्ट्रगीत को देश में अनिवार्य रूप से लागू करने के लिए नोटिफिकेशन जारी कराया। राष्ट्रगीत भारत की आन, बान व शान का प्रतीक है। इन प्रतीकों व राष्ट्रनायकों का सम्मान भारतीयों का दायित्व बनता है। आक्रांताओं का महिमा मंडन और राष्ट्र प्रतीकों (तिरंगा, राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत व महापुरुषों) का अपमान करने वाले संविधान की अवहेलना कर रहे हैं। जनता की आंखों में धूल झोक रही कांग्रेस व सपा सीएम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस व सपा एक तरफ संविधान के नाम पर जनता की आंखों में धूल झोक रही है तो दूसरी तरफ राष्ट्रगीत वंदे मातरम का विरोध कराया जा रहा है। इनके सदस्य कह रहे हैं कि हम वंदे मातरम नहीं गाएंगे। हिंदुस्तान में रहकर राष्ट्रगीत न गाना नहीं चलेगा। यह संविधान निर्माताओं और बाबा साहेब भीम राव आंबेडकर का अपमान है। वंदे मातरम को 24 जनवरी 1950 को राष्ट्रगीत के रूप में मान्यता मिली थी। हर भारतीय का दायित्व है कि इन प्रतीकों को सम्मान दे। सीएम ने कहा कि गाजी भारत की परंपरा और संस्कृति को रौंदने आया था, सपा के लोग इस गाजी के मेले का समर्थन करते हैं। श्रावस्ती के तत्कालीन नरेश महाराज सुहेलदेव के नेतृत्व में हिंदु राजाओं ने उसे रौंद डाला। डबल इंजन सरकार ने महाराज सुहेलदेव को सम्मान दिया। बहराइच के चित्तौड़ा में उनका भव्य स्मारक और उनके नाम पर विश्वविद्यालय भी बनाया। धर्मस्थल केवल आस्था नहीं, बल्कि राष्ट्रचेतना के भी केंद्र सीएम योगी ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर को सम्मान दिया। पीएम मोदी ने लोकमाता की भव्य प्रतिमा काशी विश्वनाथ धाम में स्थापित कराई। समाजवादी पार्टी लोकमाता के नाम पर गुमराह कर रही है। यह लोग राम मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर का विरोध और ऐसे तत्वों को प्रश्रय देते हैं। उनकी यह प्रवृत्ति दिखाती है कि आस्था के प्रति इनके मन में सम्मान नहीं है। सपा सरकार ने कांवड़ यात्रा, जन्माष्टमी, अयोध्या की 84 कोसी परिक्रमा को रोक दिया था। प्रतिपक्ष के दलों ने अपने समय में दीपोत्सव, रंगोत्सव कार्यक्रम को रोका था। कांग्रेस ने उच्चतम न्यायालय में कहा था कि श्रीराम-श्रीकृष्ण मिथक थे। सपा ने रामभक्तों पर गोलियां चलाई थीं। मंदिर निर्माण के मार्ग में बाधा पैदा करने के लिए अधिवक्ता तैयार किए थे, लेकिन हम लोग कहते हैं कि हिंदुस्तान में भारत की आस्था को कोई कैद नहीं कर सकता है। आज अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बन गया है। देश-प्रदेश से हर दिन लाखों श्रद्धालु आ रहे हैं। धर्मस्थल केवल आस्था नहीं, बल्कि राष्ट्रचेतना के भी केंद्र हैं। सशक्त भारत की अटल आधारशिला बनाने के लिए हमारी सरकार ने आस्था को बढ़ाया सीएम योगी ने कहा कि भारत की आत्मा के प्रति सम्मान का भाव रखना और कार्य करना गौरव की बात है। डबल इंजन सरकार ने विरासत पर गौरव की अनुभूति के साथ ही प्रेरणा, सम्मान व बेहतर भविष्य की ठोस कार्ययोजना के साथ कार्य किया है। प्रधानमंत्री ने आजादी के अमृत महोत्सव के समय विकसित भारत के लिए पंच प्रण की बात की थी, उसी से प्रेरणा लेकर हम लोगों ने सशक्त भारत की अटल आधारशिला बनाने के लिए आस्था को बढ़ाया है। प्रयागराज, अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, विंध्याचल, चित्रकूट, शुकतीर्थ, संभल, बरेली, नैमिषारण्य समेत बौद्ध, जैन, सिख व पौराणिक-ऐतिहासिक महत्व से जुड़े तीर्थस्थलों का समग्र विकास किया है। यूपी की पहचान अब दीपोत्सव, देव दीपावली व रंगोत्सव से सीएम योगी ने कहा कि यूपी की पहचान अब दीपोत्सव, देव दीपावली, रंगोत्सव से होती है। यह केवल आयोजन नहीं, बल्कि इसने भारत के आध्यात्मिक गौरव के वैश्विक उत्सव के रूप में पहचान बनाई है। आज हर भारतीय अयोध्या के दीपोत्सव, काशी के देव दीपावली और मथुरा-वृंदावन के रंगोत्सव से आत्मिक भाव से जुड़ा है। कर्फ्यू न दंगा, यूपी में सब चंगा मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से उत्तर प्रदेश में कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ। यूपी में न कर्फ्यू है, न दंगा है, यहां सब चंगा है। महिलाओं को सुरक्षा व व्यापारियों को भयमुक्त वातावरण दिया गया। 8-9 वर्ष में 2.19 लाख पुलिसकर्मियों की भर्ती हुई, इसमें 20 फीसदी महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित किया गया। जब हम लोग आए थे, तब यूपी पुलिस में 10 हजार महिला कार्मिक थीं, आज यह संख्या 44 हजार से अधिक हो गई है। पुलिस की ट्रेनिंग क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। 2017 में हमें पुलिस भर्ती करनी थी, लेकिन राज्य के पास ट्रेनिंग क्षमता नहीं थी। मिलिट्री, पैरा मिलिट्री व अन्य राज्यों के ट्रेनिंग सेंटर हायर किए थे। इस बार 60,200 पुलिस कार्मिकों की भर्ती हुई और इनका प्रशिक्षण यूपी के ट्रेनिंग सेंटर में ही हो रहा है। पुलिस की अवस्थापना सुविधा में अभूतपूर्व परिवर्तन हुआ है। खपरैल के बैरक की जगह पुलिस कार्मिकों के लिए हाईराइज बिल्डिंग में बनाई गईँ हैं। सीएम ने गिनाई स्मार्ट पुलिसिंग की विशेषताएं सीएम योगी ने कहा कि 7 पुलिस कमिश्नरेट मॉडर्न पुलिसिंग का नया मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। साइबर थाना व साइबर सेल इनकी पहचान को और तेजी से बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक साइंस ईकोसिस्टम आधुनिक पुलिसिंग औऱ वैज्ञानिकों साक्ष्यों के लिए अनिवार्य है। तीन नए कानून लागू होने के बाद पूरे देश के अंदर सात वर्ष से अधिक की सजा के लिए फॉरेंसिक एविडेंस अनिवार्य किया गया है। प्रदेश में पहले केवल दो फॉरेंसिक लैब थीं। आज ए ग्रेड के 12 लैब प्रारंभ हो चुके हैं, जबकि … Read more

जाति विवाद के बीच भाजपा सांसद का बड़ा कदम, दलित महिला के सम्मान में किया ऐसा काम कि लोग कर रहे तारीफ

भुवनेश्वर भाजपा सांसद बैजयंत पांडा ने महिला और उसके परिवार से मुलाकात की। उनका हालचाल लिया और साथ में फोटो खिंचवाई। इस मामले की तारीफ हो रही है और कहा जा रहा है कि शांति से किसी विवाद को निपटाने का इससे बेहतर तरीका कोई दूसरा नहीं हो सकता। देश में अकसर ऐसे मामले सामने आते हैं, जब समाज में भेदभाव की शिकायत होती है। इस तरह की घटनाओं में आमतौर पर विवाद को बयानबाजी करके और बढ़ा दिया जाता है। लेकिन ओडिशा के भाजपा सांसद बैजयंत पांडा की तारीफ की जा रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्होंने एक दलित महिला के हाथ का बना खाना खुद जाकर खाया। ऐसा कदम उन्होंने तब उठाया, जब दलित महिला के हाथ का बना खाने को लेकर विवाद था और कुछ लोग खाने में ऐतराज कर रहे थे। ऐसे में विवाद ना बढ़े और समाज में वैमनस्य को रोका जा सके। इस इरादे से पांडा उस आंगनवाड़ी केंद्र पहुंच गए, जहां महिला काम करती है। उनके साथ तमाम समर्थक और गांव के लोग भी थे। उन्होंने महिला और उसकी बहन के हाथों का बना खाना खाया। पांडा ने महिला और उसके परिवार से मुलाकात की। उनका हालचाल लिया और साथ में फोटो खिंचवाई। इस मामले की तारीफ हो रही है और कहा जा रहा है कि शांति से किसी विवाद को निपटाने का इससे बेहतर तरीका कोई दूसरा नहीं हो सकता। यह मामला राजनगर के गड़ियामल ग्राम पंचायत के नुआगांव आंगनवाड़ी केंद्र का है। यहां आंगनवाड़ी में काम करने वाली दलित महिला के हाथों का खाना बच्चों को दिए जाने पर कुछ ग्रामीणों ने ऐतराज जताया था। इसे लेकर विवाद बढ़ रहा था। ऐसी स्थिति में बैजयंत पांडा खुद ही आंगनवाड़ी पहुंचे और खाना खाया। भाजपा सांसद अपने साथ कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को लेकर पहुंचे थे। इस मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी जुट गए थे। उनके इस कदम को एकता और सौहार्द्र के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। यही नहीं उनके इस कदम के बाद गांव के लोगों के व्यवहार में भी सुधार आया है। सोमवार को बच्चे आंगनवाड़ी पहुंचे तो उसी दलित महिला के हाथ का बना खान खाया, जिसे लेकर विवाद था। इसकी तस्वीरें भी बैजयंत पांडा ने सोशल मीडिया पर शेयर की हैं। आंगनवाड़ी वर्कर शर्मिष्ठा सेठी ने कहा कि सांसद ने चावल, दाल, खट्टा और सब्जियां खाईं। इस खाने को मैंने और मेरी बहन ने ही तैयार किया था। सांसद ने खाने की तारीफ भी की। बैजयंत पांडा ओडिशा की केंद्रपाड़ा सीट से लोकसभा के सांसद हैं। वह जब आंगनवाड़ी केंद्र में खाने के लिए बैठे तो उनके साथ शशांक सेठी, संजय राठ, किशोर पांडा जैसे नेता भी खाने के लिए पहुंचे। सांसद के इस व्यवहार की आसपास के लोग तारीफ कर रहे हैं कि कैसे उन्होंने एक विवाद को टाल दिया और समाज में भी एकता का संदेश दिया।  

योगी सरकार की ‘उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति-2026’

25 वर्ष से ज्यादा पुराने प्रोजेक्ट्स को मिलेगी नई जिंदगी स्ट्रक्चरल ऑडिट अनिवार्य, सोसायटी अथवा अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन के दो-तिहाई सदस्यों की सहमति के बाद ही लागू होगी पुनर्विकास प्रक्रिया पीपीपी मॉडल के तहत निजी डेवलपर की भागीदारी, त्रिपक्षीय समझौते से तय होंगी जिम्मेदारियां डीपीआर, ट्रांजिट आवास और 3 वर्ष की समयसीमा, योगी सरकार का टाइम-बाउंड रीडेवलपमेंट ब्लूप्रिंट नियोजन मानकों में व्यावहारिक लचीलापन, बोर्ड अनुमोदन से तेज होगा अमल लखनऊ, तेजी से बढ़ते शहरीकरण और पुराने हो चुके ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स की जर्जर स्थिति को देखते हुए योगी सरकार ने ‘उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति-2026’ लागू कर दी है। इस नीति का मकसद 25 वर्ष या उससे अधिक पुराने भवनों को सुरक्षित, आधुनिक और सुविधायुक्त रूप में पुनर्विकसित करना है, ताकि लोगों को बेहतर और सुरक्षित आवास मिल सके। कैबिनेट की मंजूरी के बाद शहरी एवं नियोजन विभाग द्वारा अब इस संबंध में शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। योगी सरकार की यह नीति न सिर्फ पुराने और असुरक्षित भवनों को नया जीवन देगी, बल्कि निर्माण, रियल एस्टेट और संबंधित क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। बेहतर नियोजन और आधुनिक डिजाइन के जरिए यह पहल उत्तर प्रदेश के शहरों को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और भविष्य के अनुरूप बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। एकल आवास नीति में शामिल नहीं प्रदेश के कई शहरों में पुराने अपार्टमेंट और ग्रुप हाउसिंग परियोजनाएं अब संरचनात्मक रूप से कमजोर हो चुकी हैं। ऐसे भवनों में रहना जोखिम भरा हो गया है और महंगी शहरी जमीन का पूरा उपयोग भी नहीं हो पा रहा। नई नीति के जरिए सरकार इन पुराने और कम उपयोग किए जा रहे परिसरों को नए सिरे से विकसित कर शहरों के स्वरूप को बेहतर बनाना चाहती है। नीति के तहत वे सभी सार्वजनिक और निजी प्रोजेक्ट्स पुनर्विकास के लिए पात्र होंगे, जो कम से कम 25 वर्ष पुराने हैं या जिन्हें स्ट्रक्चरल ऑडिट में असुरक्षित पाया गया हो। हाउसिंग सोसायटी या अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन के मामलों में प्रक्रिया शुरू करने के लिए दो-तिहाई सदस्यों की सहमति जरूरी होगी। 1500 वर्गमीटर से कम क्षेत्रफल की भूमि और एकल मकान इस नीति में शामिल नहीं किए गए हैं। इसके अलावा नजूल की भूमि, लीज पर आवंटित भूमि तथा इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की भूमि भी इस पुनर्विकास नीति में शामिल नहीं होगी। तीन मॉडल्स से तय होगा पुनर्विकास सरकार ने पुनर्विकास के लिए तीन मॉडल तय किए हैं। पहला, शासकीय एजेंसी द्वारा सीधे काम कराना, दूसरा पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत निजी डेवलपर की भागीदारी और तीसरा सोसायटी या एसोसिएशन द्वारा स्वयं पुनर्विकास। पीपीपी मॉडल में शासकीय अभिकरण, डेवलपर और सोसायटी के बीच त्रिपक्षीय समझौता होगा, जिसमें सभी की जिम्मेदारियां स्पष्ट होंगी। हर परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करना अनिवार्य होगा। इसमें नए फ्लैट्स का कारपेट एरिया, पार्किंग, कॉमन एरिया, ट्रांजिट आवास या किराये की व्यवस्था, वित्तीय प्रबंधन और तय समयसीमा जैसी सभी जानकारियां शामिल होंगी। पुनर्विकास के दौरान जिन निवासियों को अस्थायी रूप से स्थानांतरित करना होगा, उन्हें वैकल्पिक आवास या किराया दिया जाएगा। तीन वर्ष में पूरी होगी परियोजना परियोजना को सामान्यतः तीन वर्ष में पूरा करना होगा, जबकि विशेष परिस्थितियों में अधिकतम दो वर्ष का अतिरिक्त समय दिया जा सकता है। नियोजन मानकों में भी व्यावहारिक लचीलापन रखा गया है। बोर्ड की मंजूरी से केस-टू-केस आधार पर कुछ शर्तों में ढील दी जा सकेगी, ताकि परियोजनाएं समय पर पूरी हों। साथ ही, आपस में जुड़े एक से अधिक भूखंडों को मिलाकर पुनर्विकास की अनुमति दी गई है, जिससे बेहतर और समेकित विकास संभव होगा।

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने करनपठार थाने में सौंपा ज्ञापन

शराब ठेकेदार के कर्मचारियों पर आदिवासी युवतियों से छेड़छाड़ और मारपीट का आरोप अनूपपुर /राजेन्द्रग्राम थाना करनपठार क्षेत्र अंतर्गत लीला टोला में संचालित शराब दुकान को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी युवा मोर्चा जिला अनूपपुर (म.प्र.) के जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह टेकाम ने थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर शराब ठेकेदार वीरेंद्र राय के कर्मचारियों पर आदिवासी युवतियों के साथ अभद्र तरीके से छेड़छाड़ और उनके परिजनों के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। शिकायत पत्र के अनुसार घटना दिनांक 13 फरवरी 2026 की दरमियानी रात लगभग 1:30 बजे की बताई गई है। पत्र में उल्लेख है कि खेमली देवी मरावी (पिता बलम सिंह) एवं नीलम देवी मरावी (पिता कैलाश सिंह) शहडोल से बस द्वारा लीला पहुंची थीं। बस से उतरने के बाद दोनों युवतियां अपने परिजनों का इंतजार कर रही थीं, इसी दौरान शराब ठेकेदार वीरेंद्र राय के कर्मचारी वहां पहुंचे और कथित रूप से दोनों के साथ गलत तरीके से छेड़छाड़ करने लगे। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विरोध करने पर दोनों युवतियों को पकड़कर खेत की ओर झाड़ियों में ले जाने का प्रयास किया गया तथा उन्हें जबरदस्ती बोलेरो वाहन में बैठाने की कोशिश की गई। इसी समय युवतियों के चाचा और भाई मौके पर पहुंचे और जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उनके साथ बेरहमी से लाठी-डंडों से मारपीट की गई। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के अनुसार इस मारपीट में प्रेम शंकर सिंह एवं पोषन कुमार को गंभीर चोटें आई हैं। जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह टेकाम ने पुलिस से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। शिकायत पत्र में लीला टोला में संचालित शराब दुकान की विधिवत जांच कराने की भी मांग की गई है। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया है कि शराब ठेकेदार वीरेंद्र राय द्वारा पूरे पुष्पराजगढ़ क्षेत्र में अवैध रूप से पैकारी के माध्यम से शराब बिक्री कराई जा रही है, जिस पर तत्काल रोक लगाई जाए। पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि जनहित की मांगों पर त्वरित कार्रवाई नहीं की गई, तो गोंडवाना गणतंत्र पार्टी आंदोलन के लिए बाध्य होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने में ऐ रहे मौजूद प्रदेश उपाध्यक्ष गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, जिला अध्यक्ष दुर्गा सिंह कोर्राम,युवा जिला अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह टेकाम,चंद्रिका सिंह मरकाम,महेश कुशराम,मान  सिंह मरकाम,सहित संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे l

बाबर-शाहीन-शादाब पर गिरी गाज! पाकिस्तानी पूर्व खिलाड़ी बोले- अब टीम से करो बाहर

नई दिल्ली टी20 विश्व कप में भारत के हाथों एकतरफा मुकाबले में मिली करारी हार के बाद पाकिस्तान के कई पूर्व दिग्गज जैसे सदमे में हैं। शोएब अख्तर जैसे कुछ पूर्व खिलाड़ी जहां पीसीबी चीफ मोहसिन नकवी की लानत-मलानत कर रहे, वहीं मोहम्मद यूसुफ तो हार से इतने भड़के हैं कि कुछ सीनियर खिलाड़ियों की टी20 इंटरनेशनल से छुट्टी की ही मांग कर दी है। यूसुफ इस कदर गुस्से में हैं कि ये तक कह गए कि पाकिस्तान की टीम कमजोर टीमों के खिलाफ खोखली जीत हासिल कर रही है। सिर्फ नाम के किंग और प्रीमियम फास्ट बोलर! टी20 विश्व कप में भारत से हार के बाद मोहम्मद यूसुफ ने 'किंग बाबर आजम' और 'प्रीमियम फास्ट बोलर' शाहीन शाह अफरीदी पर भड़ास निकाली है। उन्होंने शादाब खान को भी नहीं बख्शा और तीनों की पाकिस्तान के टी20 स्क्वाड से छुट्टी की मांग की। भारत से हार के बाद यूसुफ ने एक्स पर पोस्ट किया, 'शाहीन, बाबर और शादाब का समय पूरा हुआ। पाकिस्तान के टी20 स्क्वाड को नए परफॉर्मर्स की जरूरत है न कि कमजोर टीमों के खिलाफ खोखली जीत की।' ‘प्रीमियम फास्ट बोलर’ ने 4 ओवर का कोटा तक पूरा नहीं किया! टी20 विश्व कप में रविवार को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में चिर-प्रतिद्वंद्वियों भारत और पाकिस्तान के बीच ग्रुप ए का महामुकाबला हुआ। इस एकतरफा मैच में टीम इंडिया ने पाकिस्तान को 61 रनों से हराया। इसके साथ ही भारतीय टीम ने सुपर-8 में अपनी जगह पक्की कर ली। सलमान आगा की अगुआई वाली टीम को बाबर आजम और शाहीन शाह अफरीदी से इस मैच में काफी उम्मीदें थीं लेकिन दोनों सुपर फ्लॉप रहे। आर प्रेमदासा स्टेडियम की पिच स्पिनरों के लिए मददगार मानी जाती है। यही वजह है कि टॉस जीतकर पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा ने पहले गेंदबाजी चुनी और भारत के खिलाफ स्पिनरों की फौज उतार दी। आगा ने ही पहला ओवर डाला और विस्फोटक बल्लेबाज अभिषेक शर्मा को शून्य पर आउट भी कर दिया। हालांकि जबरदस्त फॉर्म में चल रहे ईशान किशन ने पाकिस्तानी गेंदबाजों की जमकर खबर ली। उनकी 77 रनों की जबरदस्त पारी की बदौलत भारत ने 175 रनों का फाइटिंग टोटल खड़ा किया। पाकिस्तान ने इस मैच में सिर्फ एक तेज गेंदबाजी से गेंदबाजी कराई और उससे भी 4 ओवर का कोटा पूरा नहीं कराया। वह इकलौते तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी ही थे। वह बिल्कुल भी असर नहीं छोड़ पाए और 2 ओवर में 31 रन लुटाए। बाबर आजम का एक और फ्लॉप शो बाबर आजम की बाद करें तो वह भी बल्लेबाजी में बुरी तरह फेल रहे। पाकिस्तानी अक्सर उनकी किंग कोहली यानी विराट कोहली से तुलना करते रहे हैं लेकिन बाबर बिल्कुल भी छाप नहीं छोड़ पाए। किंग कोहली तो मुश्किल हालात में लक्ष्य का पीछा करते हुए कई बार भारत को असंभव सी दिखने वाली जीत दिलाई है। वह चेज मास्टर कहे जाते हैं। पाकिस्तान के खिलाफ भी टी20 में वह ऐसा कर चुके हैं। बाबर आजम के पास रविवार को कोहली जैसा करिश्मा करने का मौका था लेकिन वह फ्लॉप रहे। बाबर आजम की पारी सिर्फ 7 गेंदों तक चली। वह 5 रन बनाकर अक्षर पटेल की गेंद पर चलते बने। शादाब गेंद और बल्ले दोनों से नाकाम शादाब खान गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में सुपर फ्लॉप रहे। उन्होंने 1 ओवर फेंका और उसमें बिना कोई विकेट लिए 17 रन लुटाए। वहीं बल्लेबाजी में वह 15 गेंदों में सिर्फ 14 रन बना पाए। पार्ट टाइम गेंदबाज तिलक वर्मा ने उन्हें चलता किया। पाकिस्तान पर सुपर-8 की रेस से बाहर होने का खतरा भारत से करारी हार के बाद पाकिस्तान ग्रुप ए के पॉइंट टेबल में पहले नंबर से सीधे तीसरे नंबर पर खिसक गया है। अब तो उसके पास सुपर-8 की रेस से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है। अगर पाकिस्तान अपने आखिरी लीग मैच में नामीबिया से हार गया तो इस टी20 वर्ल्ड कप में उसका सफर वहीं पर खत्म हो जाएगा।