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वन्यजीव सुरक्षा का बड़ा कदम: रातापानी में 4 ओवरपास, मिडघाट ट्रैक पर जानवरों की मौत पर लगाई रोक

नर्मदापुरम वन्य प्राणियों के जीवन की सुरक्षा के लिए पश्चिम मध्य रेलवे रातापानी के जंगल में पहाड़ियों के बीच से निकली रेल लाइन के ऊपर 4 एनीमल ओवरपास बना रहा है। बुदनी से बरखेड़ा के बीच 26 किमी के रेलवे ट्रैक पर 4 ऐसे  स्थान हैं जहां से वन्य प्राणियों की टेरेटरी है।  जंगली जानवर शिकार और पहाड़ी नाले में पानी की तलाश के लिए रेलवे ट्रैक पार करते हैं। लेकिन इसी बीच ट्रेन आ जाने पर तेज आवाज के कारण दो पहाडों के बीच में फंस जाते हैं। घबराहट में वे ट्रैक पर दौड़ने लगते हैं और ट्रेन की चपेट में आकर मर जाते हैं। जिन स्थानों पर एनीमल ओवरपास बना रहे हैं वे स्थान वन विभाग ने रेलवे को चिन्हित करके दिए हैं, क्योंकि जंगली जानवर उन्हीं रास्ते अक्सर निकलते हैं। अभी चौका रेलवे स्टेशन (केविन) के पास 2 एनीमल ओवरपास बनकर तैयार हो चुके हैं। वहीं 2 पर काम चल रहा है। जानकारी के अनुसार पिछले 10 वर्षों में पहाडों के बीच फंसकर 10 तेंदुआ और 9 बाघों की मौत ट्रेन की चपेट आकर हो चुकी है। आवीएनएल के सीपीएम राघवेंद्र सारस्वत ने बताया कि 2 लगभग कंप्लीट हो चुके हैं, 2 पर काम चल रहा है। हमारा लक्ष्य मानसून आने से पूर्व कम्पलीट करने का है। ईको फ्रेंडली ओवरपास बन रहे एक ओवरपास का निर्माण लगभग 2 करोड़ रुपए से हो रहा है। 4 एनीमल ओवरपास बुदनी से मिडघाट के बीच 1, चौका- मिडघाट के बीच 2, चौका बरखेड़ा के बीच 1 एनीमल ओवरपास का निर्माण हो रहा है। इसकी चौड़ाई 32 मीटर है जबकि पहाड़ी के बीच गेप 18 मीटर का है। एनीमल ओवरपास जिन स्थानों पर बनाए गए हैं वहां रेलवे ट्रैक के दोनों और 100-100 मीटर की 3.5 मीटर ऊंची चैनलिंग फेंसिंग लगाई जाएगी ताकि वे एनीमल ओवरपास से होकर रेल लाइन का क्रॉस करें। यह ईको फ्रेंडली रहेंगे ताकि जंगली जानवर आसानी से इस पार से उस पास आ जा सकें। ट्रैक और पहाड़ के बीच 3-5 फीट की दूरी मिडघाट सेक्शन में चौका के पास रेलवे ट्रैक और पहाड़ी के बीच में 3-5 फीट का गेप बचता है। जब ट्रेन गुजरती है तो दोनो ओर ड्रेन बनी होने के कारण वन्य प्राणी दोनों पहाड़ के बीच स्थित ट्रैक भागने लगते हैं और निकल नहीं पाता।

झुमका को मिली नई सौगात: 27 लाख से बने ओपन थिएटर का उद्घाटन, CM साय बोले—पर्यटन हमारी प्राथमिकता

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोरिया प्रवास के दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बैकुंठपुर स्थित प्रसिद्ध झुमका पर्यटन स्थल में निर्मित ओपन थिएटर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने झुमका जलाशय में बोटिंग करते हुए क्षेत्र के मनोहारी प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया तथा यहां विकसित की गई पर्यटन सुविधाओं का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री साय ने झुमका जलाशय में शिकारा पर सवार होकर नौका विहार किया। चारों ओर हरियाली, शांत जलराशि और कमल के फूलों से सजा यह रमणीय स्थल अब एक आकर्षक पिकनिक स्पॉट के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री ने यहां बोटिंग, वाटर स्पोर्ट्स सहित विकसित पर्यटन गतिविधियों की जानकारी ली और व्यवस्थाओं की सराहना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने लगभग 27 लाख रुपए की लागत से निर्मित ओपन थिएटर का लोकार्पण किया।500 दर्शकों की बैठक क्षमता वाला यह ओपन थिएटर सांस्कृतिक आयोजनों के लिए नया केंद्र बनेगा।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि झुमका जलाशय केवल कोरिया जिले की पहचान ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन स्थलों के विकास, सौंदर्यीकरण और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में स्थापित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पर्यटकों की सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए तथा स्थानीय युवाओं को पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएँ। इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक भैयालाल राजवाड़े, संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक झा, कलेक्टर चंदन त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के चलते बारिश के साथ गिरेंगे ओले

जयपुर. राजस्थान में अगले 48 घंटों के दौरान मौसम बड़ा बदलाव दिखा सकता है। 17 और 18 फरवरी को राज्य में सक्रिय हो रहे नए पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान कई जिलों में मेघगर्जन, बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। आज इन संभागों में बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने बताया है कि आज जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में दोपहर बाद मौसम करवट ले सकता है। आसमान में बादल छाने और मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश होने के आसार हैं। सुबह और दोपहर तक मौसम सामान्य रह सकता है, लेकिन बाद में अचानक बदलाव से लोगों को राहत भी मिल सकती है। कल का मौसम: ओलावृष्टि की चेतावनी विक्षोभ का सबसे ज्यादा प्रभाव 18 फरवरी को रहने की संभावना है। इस दिन बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर, कोटा संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ इलाकों में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही कहीं-कहीं ओले गिरने की भी संभावना है। ओलावृष्टि होने पर खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। तापमान में गिरावट के संकेत फिलहाल राज्य के अधिकांश स्थानों पर न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 6 डिग्री ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। लेकिन मावठ के असर से अगले 2 से 3 दिनों में तापमान 2 से 4 डिग्री तक गिर सकता है। इसके बाद फिर से तापमान बढ़ने की संभावना जताई गई है।

महिला नसबंदी का कैंप चर्चा में: धार में 180 महिलाओं को ऑपरेशन के बाद जमीन पर लिटाया गया

धार मध्य प्रदेश के आदिवासी क्षेत्र धार जिले में महिला नसबंदी कैंप की शर्मनाक तस्वीर आई सामने आई है। यहां करीब 180 महिलाओं का बुनियादी सुविधाओं के बिना नसबंदी ऑपरेशन कर दिया गया। ऐसा बताया जा रहा है कि यहां डॉक्टर द्वारा हर 2 मिनट में एक महिला की नसबंदी कर दी गई। लापरवाही सामने आने के बाद 7 अधिकारियों को सस्पेंड कर जांच शुरू कर दी गई है। ऑपरेशन के बाद कैंप में जमीन पर लेटी महिलाओं के वीडियो भी सामने आए हैं। धार जिले के आदिवासी क्षेत्र बाग में नसबंदी कैंप में महिलाओं के साथ हुई लापरवाही ने पूरे स्वास्थ्य तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां 180 आदिवासी महिलाएं अपने छोटे-छोटे बच्चों और परिजनों के साथ बाग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नसबंदी कैंप में पहुंची थीं। महिलाओं को उम्मीद थी कि सरकारी शिविर में उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक चिकित्सा सुविधा मिलेगी, लेकिन यहां का नजारा बेहद शर्मनाक और चिंताजनक नजर आया। कैंप में न पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था थी और ना ही बैठने की उचित इंतजाम। कैंप में जिन महिलाओं की नसबंदी की गई, उन्हें भी ऑपरेशन के बाद खुले आसमान के नीचे धूप में जमीन पर ही लिटा दिया गया। इस दौरान ऑपरेशन कराने वाली महिलाएं गर्मी और दर्द से बेचैन और परेशान नजर आईं, जबकि उनके परिजन कपड़ों से हवा कर उन्हें राहत देने की कोशिश करते दिखाई दिए। वीडियो में साफ तौर पर दिख रहा है कि नसबंदी केंद्र के बाहर कुछ महिलाएं और पुरुष छोटे-छोटे बच्चों को कपड़े की झोली लगाकर झूला झूल रहे थे, जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी तक नसबंदी नहीं हो पाई। लिहाजा भूखे-प्यासे परेशान होकर बाहर बैठे रहे। उन्होंने सरकार की ओर से दी जा रही सुविधाओं में सुधार किए जाने की मांग की। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी डॉ. वीर बहादुर सिंह मुवेल कैंप के दौरान मौके पर मौजूद नहीं थे। स्टाफ द्वारा जानकारी देने के बाद वह मौके पर पहुंचे और बैठक में होने की बात कही, जबकि उनके ही क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 180 से अधिक महिलाओं की नसबंदी की जा रही थी। अब इस मामले में 7 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है और जांच जा जारी है। जानकारी के अनुसार, पता चला है कि स्वास्थ्य केंद्र पर एक ही प्राइवेट डॉक्टर है, जिसके जिम्मे करीब 180 ऑपरेशन सौंप दिए गए थे। प्राइवेट डॉक्टर डॉ. राकेश डावर द्वारा तेजी से ऑपरेशन किए जा रहे थे। वहीं अस्पताल के मैनेजर बसंत अजनार ने दावा किया कि वे मात्र 2 मिनट में एक नसबंदी कर देते हैं। सभी ऑपरेशन इतनी तेजी से किए गए कि अब सुरक्षा और मेडिकल प्रोटोकॉल पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। अस्पताल में सिर्फ एक परमानेंट डॉक्टर बता दें कि, बाग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक ही परमानेंट डॉक्टर डॉ. हरिसिंह के भरोसे संचालित हो रहा है। यहां दो डॉक्टर कॉन्ट्रैक्ट बॉन्ड पर हैं और दो डॉक्टर संविदा पर नियुक्त किए गए। एक ही डॉक्टर के भरोसे इतना बड़ा स्वास्थ्य केंद्र संचालित होने से अब इस पर सवाल उठना लाजिमी है। सीएमओ डॉ. वीरभद्र सिंह मुवेल का कहना है डॉक्टर्स की कमी की बात जिला मुख्यालय के अधिकारियों को बता दी गई है। स्वास्थ्य केंद्र के स्टोर-कीपर बसंत अजनार ने बताया कि कैंप 180 से अधिक मरीज पहुंचे हैं और बेड्स की कमी के कारण ऑपरेशन के बाद महिलाओं को जमीन पर ही लिटाना पड़ा। उनका कहना था कि डॉक्टर विशेषज्ञ हैं और समय की कोई समस्या नहीं है, लेकिन व्यवस्थाओं की यह कमी खुद स्वास्थ्य तंत्र की तैयारियों पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।

लारा और भूपति की जोड़ी पर खुलासा: रिश्ता है ‘आग और हवा’ जैसा

मुंबई   अभिनेत्री लारा दत्ता पूर्व टेनिस प्लेयर महेश भूपति के साथ खुशहाल वैवाहिक जीवन जी रही हैं।  कपल ने शादी के 15 साल पूरे कर लिए हैं। इस खास मौके पर लारा ने इंस्टाग्राम के जरिए पति महेश को शुभकामनाएं दीं। लारा ने महेश के साथ कुछ तस्वीरें पोस्ट कीं। इन तस्वीरों में दोनों एक दूसरे के साथ बहुत खुश और रोमांटिक नजर आ रहे हैं। लारा ने लिखा, "15 साल, मैं आग और वो हवा। मैं चिंगारी लगाती हूं, तो वे उसे और भड़का देते हैं, और हैरानी की बात ये है कि अब तक हमने घर नहीं जलाया।" अभिनेत्री ने आगे लिखा कि इतने सालों में दोनों ने एक-दूसरे को प्रोफेशनल तरीके से परेशान करना, ऐसे लड़ना जैसे कोई खेल हो, यह दिखाना कि हम बिल्कुल भी प्रतिस्पर्धी नहीं हैं, और फिर भी हर दिन एक-दूसरे को ही चुनना सीखा है। अभिनेत्री की पोस्ट फैंस और उनके दोस्तों को काफी पसंद आ रही है। कई यूजर्स उनके मजाकिया अंदाज को काफी पसंद कर रहे हैं। अभिनेता गजराव ने हार्ट इमोजी के साथ शानदार प्रतिक्रिया दी। अभिनेत्री लारा दत्ता और महेश भूपति की पहली मुलाकात एंटरटेन्मेंट और स्पोर्ट्स को लेकर एक बिजनेस मीटिंग के दौरान हुई थी। काम के सिलसिले में दोनों के बीच दोस्ती हुई थी और धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदल गई। 9 साल तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद दोनों ने पहले 16 फरवरी 2011 को सिविल मैरिज की और उसके बाद गोवा में क्रिश्चियन रस्मों के साथ शादी की। इस जोड़े की एक बेटी सायरा भूपति है। अभिनेत्री लारा जल्द ही फिल्म 'वेलकम' के तीसरे पार्ट 'वेलकम टू द जंगल' में नजर आएंगी। फिल्म में उनके साथ अक्षय कुमार, दिशा पटानी, रवीना टंडन, फरदीन खान समेत अन्य स्टार्स प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे।

वेडिंग अपडेट: रश्मिका मंदाना-विजय देवरकोंडा की शादी का कार्ड हुआ वायरल, जानें सभी डिटेल्स

मुंबई   रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा एक बार फिर अपनी शादी को लेकर सुर्खियों में हैं. यह जोड़ी जल्द ही शादी करने वाले हैं. हालांकि, उनके फैंस यह जानने का इंतजार कर रहे हैं कि कपल कब शादी कर रहा है. अब, सोशल मीडिया पर एक वेडिंग कार्ड वायरल हो गया है जिसमें विजय और रश्मिका की शादी का इनविटेशन होने का दावा किया गया है. रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा की शादी की तारीख की अफवाह ने एक बार फिर इंटरनेट पर धूम मचा दी है. इस महीने की शुरुआत में सोशल मीडिया पर शादी की चर्चा चरम पर थी, जब उदयपुर के सिटी पैलेस के वीडियो वायरल हुए, जिसमें शानदार सजावट दिख रही थी. एक सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया कि पैलेस एक स्टार वेडिंग के लिए तैयार हो रहा है. उस यूजर ने बताया था कि विजय और रश्मिका 2 फरवरी को शादी करने वाले हैं. हालांकि, यह खबर झूठी निकली. लेकिन एक बार फिर विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना अपनी शादी के कयासों को लेकर चर्चा में आए है. उनका शादी का कार्ड सोशल मीडिया पर सामने आया. इंटरनेट पर चल रहे वेडिंग कार्ड के मुताबिक, कपल 26 फरवरी को एक छोटे से वेडिंग सेरेमनी में शादी करेंगे, और वेडिंग रिसेप्शन 4 मार्च को हैदराबाद में होगा. रश्मिका और विजय के इस अटकल वाले वेडिंग कार्ड पर लिखा है, 'मैं कुछ खास खबरें शेयर करने और आपको हमारी ज़िंदगी के एक बड़े पल का हिस्सा बनने के लिए इनवाइट करने के लिए लिख रहा हूं. हमारे परिवारों के प्यार और आशीर्वाद से, रश्मिका और मैं 26.02.26 को एक छोटी और छोटी सी सेरेमनी में शादी करेंगे.' इसमें आगे लिखा है, 'जैसा कि हम इस नए चैप्टर की शुरुआत कर रहे हैं और अपने इस मिलन का जश्न मना रहे हैं. साथ ही खूबसूरत यादें बना रहे हैं. हमारे लिए उन लोगों के साथ जश्न मनाना सच में बहुत मायने रखेगा जो हमारी यात्रा का हिस्सा रहे हैं. आपकी मौजूदगी और आशीर्वाद इस मौके को हमारे लिए और भी खास बना देंगे.' कुछ समय से अफवाहें चल रही हैं कि विजय और रश्मिका उदयपुर में एक शानदार सेरेमनी में शादी करेंगे. माना जा रहा है कि यह जोड़ी पिछले कई सालों से रिलेशनशिप में हैं, लेकिन दोनों में से किसी ने भी अपने रिलेशनशिप स्टेटस के बारे में खुलकर बात नहीं की है. शादी की उड़ती अफवाहों के बीच, रश्मिका और विजय को रविवार रात मुंबई आते हुए देखा गया. हालांकि एक्टर्स की अलग-अलग तस्वीरें ली गईं, लेकिन बाद में उन्हें एक ही कार में बैठते हुए देखा गया था.

पोर्न स्टार बनाने की सनक में पति ने किया अश्लील वीडियो वायरल, रीवा पुलिस ने किया गिरफ्तार

रीवा   मध्यप्रदेश के रीवा जिले में पत्नी का निजी वीडियो वायरल करने वाले आरोपी पति शिवम साहू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर अपनी पत्नी का अश्लील वीडियो बनाकर उसे पोर्न साइट्स और सोशल मीडिया पर अपलोड करने का गंभीर आरोप है। मंगलवार को पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसका विवाह 10 मई 2025 को झूला निवासी शिवम साहू से हुआ था। शादी के बाद से ही आरोपी दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करता था। आर्थिक तंगी के कारण जब पीड़िता ने मांग पूरी करने से इनकार किया, तो आरोपी ने उसे बदनाम करने की धमकी दी। आरोप है कि दहेज न मिलने की खुन्नस में शिवम ने पत्नी का 13 मिनट 14 सेकंड का निजी वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स व रिश्तेदारों को भेज दिया।  पीड़िता ने बताया कि उसका विवाह 10 मई 2025 को झूला निवासी शिवम साहू से हुआ था। शादी के बाद से ही आरोपी दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगा। जब पीड़िता ने आर्थिक तंगी के चलते मांग पूरी करने से इनकार किया, तो आरोपी ने उसे बदनाम करने की धमकी दी। उसने दहेज न मिलने की खुन्नस में पत्नी का 13 मिनट 14 सेकंड का निजी वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे सोशल मीडिया व रिश्तेदारों को भेज दिया। पोर्न स्टार बनने की सनक में की करतूत पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी शिवम लंबे समय से पोर्न साइट्स देखने का आदी था और खुद को 'स्टार' बनाना चाहता था। जब पत्नी ने वीडियो का विरोध किया, तो उसने बिना किसी पछतावे के कहा कि उसने यह पॉपुलर होने के लिए किया है ताकि लोग उसे पहचानें। पीड़िता के भाई ने बताया कि शादी के समय 3 लाख रुपए मांगे गए थे, जिसमें से 2 लाख दे दिए थे। बाकी पैसों के लिए वह लगातार बहन को परेशान कर रहा था। हथियार लेकर ससुराल पहुंचा, पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा वीडियो वायरल करने के बाद आरोपी मुंबई भाग गया था। 12 फरवरी को वह अपनी पल्सर बाइक (MP 17 ZH 8856) से मऊगंज जिले के तिलैया गांव स्थित अपनी ससुराल पहुंचा। वहां वह धारदार हथियार लेकर परिवार को जान से मारने की धमकी देने लगा। परिजनों की सूचना पर पुलिस ने सर्चिंग ऑपरेशन चलाया और मंगलवार को उसे गिरफ्तार कर लिया। पोर्न स्टार बनने की सनक पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. आरोपी शिवम लंबे समय से पोर्न साइट्स देखने का आदी था और खुद को स्टार बनाना चाहता था. जब पत्नी ने वीडियो का विरोध किया, तो उसने बिना किसी पछतावे के कहा कि उसने यह पॉपुलर होने के लिए किया है, ताकि लोग उसे पहचानें. पीडि़ता के भाई ने बताया कि शादी के समय 3 लाख रुपए मांगे गए थे, जिसमें से 2 लाख दे दिए थे. बाकी पैसों के लिए वह लगातार बहन को परेशान कर रहा था. पुलिस ने दबोचा वीडियो वायरल करने के बाद आरोपी मुंबई भाग गया था. 12 फरवरी को वह अपनी पल्सर बाइक से मऊगंज जिले के तिलैया गांव स्थित अपनी ससुराल पहुंचा. वहां वह धारदार हथियार लेकर परिवार को जान से मारने की धमकी देने लगा. परिजनों की सूचना पर पुलिस ने सर्चिंग ऑपरेशन चलाया और मंगलवार को उसे गिरफ्तार कर लिया. सीएसपी बोले- परिवार को डरने की जरूरत नहीं सीएसपी राजीव पाठक ने बताया, “आरोपी गिरफ्तार है और उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। परिवार को डरने की जरूरत नहीं है, पुलिस पूरी सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।”

बिहार के 20 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में होगी अब सिजेरियन डिलेवरी

समस्तीपुर. बिहार में अब 20 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में सिजेरियन प्रसव की सुविधा मिलेगी। इसमें समस्तीपुर के चार सीएचसी शामिल हैं। राज्य स्वास्थ्य समिति के अपर कार्यपालक निदेशक कुमार गौरव ने इस संबंध में पत्र जारी किया है। अभी तक ऑपरेशन केवल सदर अस्पताल एवं चिह्नित रेफरल अस्पताल में ही होता है। इस वजह से ग्रामीण क्षेत्र की अधिकतर महिलाओं को प्राइवेट में मोटी रकम देकर सिजेरियन कराना पड़ रहा था। नई व्यवस्था लागू होने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। सिजेरियन प्रसव के लिए ऑपरेशन थिएटर, प्रसव कक्ष, जीवनरक्षक उपकरण, ब्लड स्टोरेज यूनिट तथा प्रशिक्षित चिकित्सकीय टीम की व्यवस्था की जा रही है। स्त्री रोग विशेषज्ञ, एनेस्थेटिस्ट व शिशु रोग विशेषज्ञ की तैनाती भी सुनिश्चित की गई है। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिलेगा तथा मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में भी मदद मिलेगी। विदित हो कि बिहार में कम से कम 216 एफआरयू (फर्स्ट रेफरल यूनिट) को क्रियाशील किया जाना है। अभी तक 120 एफआरयू ही क्रियाशील है। जिला योजना समन्वयक डॉ. आदित्य नाथ झा ने बताया कि चरणबद्ध तरीके से स्वास्थ्य संस्थानों में सिजेरियन प्रसव सेवा शुरू की जा रही है। इससे न केवल संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में भी महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। इन स्वास्थ्य संस्थानों का किया गया चयन समस्तीपुर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उजियारपुर, मोहिउद्दीनगर, रेफरल अस्पताल ताजपुर एवं अनुमंडलीय अस्पताल पूसा का चयन किया गया है। इसके अलावा दरभंगा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र केउटी रनवे, पश्चिम चंपारण के रेफरल अस्पताल गुनहा, पूर्वी चंपारण के अनुमंडलीय अस्पताल अरेराज का सलेक्शन हुआ है। वैशाली जिले के सीएचसी भगवानपुर व गरौल, गया के सीएचसी बेलागंज व बाराचट्टी, बांका के सीएचसी बेलहर, सारण के परसा, सिवान के मैरवा, बक्सर के अनुमंडलीय अस्पताल डुमराव, गोपालगंज के बैकुंठपुर, जहानाबाद के हुलासगंज, कटिहार के अनुमंडलीय अस्पताल मनिहारी, खगड़िया के गोगरी, सुपौल के रेफरल अस्पताल राघोपुर का चयन किया गया है। सूबे के 271 एचडब्लूसी में डीएमयू की होगी स्थापना राज्य के 271 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सह हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में भाव्या प्रणाली के तहत डेटा मैनेजमेंट यूनिट की स्थापना होगी। इससे प्रत्येक केंद्र में पर एक-एक डेटा आपरेटर की तैनाती होगी। इसके संचालन से ऑनलाइन ओपीडी रजिस्ट्रेशन, स्कैन एंड शेयर, दवा वितरण, आईपीडी इत्यादि कार्य शुरू होंगे। राज्य स्वास्थ्य समिति के विशेष कार्य पदाधिकारी प्रिय रंजन राजू ने मेसर्स उर्मिला इंटरनेशनल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड को डीएमयू की स्थापना कर संचालित करने के लिए अधिकृत किया है। समस्तीपुर जिले में 23 एचडब्लूसी का चयन किया गया है। इसमें सिंघिया के एपीएचसी अकौना, माहे व महरा, सरायरंजन के अख्तियारपुर, रोसड़ा के बैद्यनाथपुर, मोहिउद्दीनगर के कुरसाहा व बाकरपुर, दलसिंहसराय के बंघारा, पूसा के बथुआ, बिथान के पुसहो व बिथान बाजार जगमोहरा, वारिसनगर के डरसुर, पूसा के गंगापुर, मोहनपुर के जलालपुर, शिवाजीनगर के जानकी बाजार व कामेश्वरनगर, विद्यापतिनगर के कांचा, मोरवा के रघुनाथपुर, ताजपुर के मानपुरा व शादीपुर, पटोरी के शिउरा, विभूतिपुर के टेकना, हसनपुर के मंगलगढ़ शामिल है।

बड़वानी में शिक्षा की दुर्दशा:गाय-बकरियों के तबेले में ठूंसे गए 40 आदिवासी बच्चे!

बड़वानी नरेश रायक सरकार करोड़ों रुपये शिक्षा पर खर्च करने के दावे करती है, मगर हकीकत यह है कि जिले में 40 आदिवासी बच्चों का भविष्य पशुबाड़े में दम तोड़ रहा है। जिस जगह गाय-बकरियां बांधी जाती हैं, वहीं बच्चों की कक्षाएं लग रही हैं। गोबर की बदबू, गंदगी से भरी जमीन और संक्रमण का खतरा—यही है इस ‘तबेला स्कूल’ की असली तस्वीर। क्या यही है “शिक्षा का अधिकार”? बच्चे जमीन पर ठूंसे हुए बैठते हैं। बरसात में कीचड़, गर्मी में असहनीय दुर्गंध। सवाल सीधा है—  क्या आदिवासी बच्चों की शिक्षा की कीमत इतनी सस्ती है? क्या जिम्मेदार अधिकारी कभी अपने बच्चों को ऐसे माहौल में पढ़ने भेजेंगे? जिम्मेदार कौन? जर्जर/अपर्याप्त भवन की आड़ में पशुबाड़े में स्कूल चलाना किसकी अनुमति से? शिक्षा विभाग और प्रशासन की निगरानी कहां है? क्या स्वास्थ्य विभाग ने इस पर कोई आपत्ति दर्ज की? ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद सिर्फ “अस्थायी व्यवस्था” का बहाना दिया गया। मगर यह अस्थायी इंतजाम कब तक चलेगा? महीनों से बच्चे तबेले में बैठकर पढ़ रहे हैं। यह सिर्फ लापरवाही नहीं, यह भविष्य के साथ खिलवाड़ है बड़वानी जैसे आदिवासी बहुल जिले में यदि बच्चों को सम्मानजनक कक्षा कक्ष भी नसीब न हो, तो विकास के दावे खोखले साबित होते हैं। अब देखना है—  क्या प्रशासन तुरंत वैकल्पिक भवन की व्यवस्था करेगा? या फिर ‘तबेला स्कूल’ ही जिले की शिक्षा व्यवस्था का स्थायी प्रतीक बन जाएगा? बच्चों की पढ़ाई पशुबाड़े में और भाषण स्मार्ट क्लास के—यह दोहरी तस्वीर आखिर कब बदलेगी?

घर के आंगन में तुलसी कब लगाएं? खाली तिजोरी भरने का अचूक उपाय

सनातन धर्म में तुलसी का पौधा पूजनीय है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, तुलसी की पूजा-अर्चना करने से घर में मां लक्ष्मी का आगमन होता है। साथ ही सुख-शांति की प्राप्ति होती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, गलत दिन या गलत दिशा में तुलसी को लगाने से जीवन में वास्तु दोष का सामना करना पड़ सकता है और मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं। आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि तुलसी लगाने के लिए कौन-सा दिन है शुभ? किस दिन लगाएं तुलसी?     अगर आप घर में तुलसी लगाना चाहते हैं, तो इसके लिए गुरुवार का दिन शुभ माना जाता है, क्योंकि यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, गुरुवार के दिन तुलसी लगाने से परिवार के सदस्यों को जगत के पालनहार भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। साथ ही घर में सुख-शांति बनी रहती है।     इसके अलावा तुलसी लगाने के लिए शुक्रवार का दिन शुभ माना जाता है। इस दिनमां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने का विधान है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन घर में तुलसी लगाने से आर्थिक तंगी की समस्या से मुक्ति मिलती है और घर में मां लक्ष्मी का आगमन होता है।     तुलसी लगाने के लिए कार्तिक माह को बेहद शुभ माना जाता है। इस माह में तुलसी पूजा करने का विशेष महत्व है। इसलिए इस माह में तुलसी लगाने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। साथ ही घर में खुशियों का आगमन होता है। किस दिशा में लगाएं तुलसी?     घर में तुलसी का पौधा उत्तर या उत्तर-पूर्व में लगाना चाहिए। वास्तु के अनुसार, इस दिशा को देवताओं का स्थान माना जाता है। इसलिए इस दिशा में तुलसी लगाने से शुभ परिणाम मिलते हैं।     इसके अलावा पूर्व दिशा में भी तुलसी का पौधा लगा सकते हैं।     एक बात का विशेष ध्यान रखें कि तुलसी को भूलकर भी दक्षिण दिशा में न लगाएं। इस दिशा को यम की दिशा मानी जाती है। इससे घर में वास्तु दोष की समस्या बन सकती है। तुलसी के नियम     तुलसी के पास भूलकर भी जूते-चप्पल या झाड़ू नहीं रखनी चाहिए।     इसके अलावा पौधे के पास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।     रोजाना सुबह और शाम पौधे के देसी घी का दीपक जलाएं।     गंदे हाथों से तुसली को स्पर्श न करें।