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बड़वानी में शिक्षा की दुर्दशा:गाय-बकरियों के तबेले में ठूंसे गए 40 आदिवासी बच्चे!

बड़वानी नरेश रायक सरकार करोड़ों रुपये शिक्षा पर खर्च करने के दावे करती है, मगर हकीकत यह है कि जिले में 40 आदिवासी बच्चों का भविष्य पशुबाड़े में दम तोड़ रहा है। जिस जगह गाय-बकरियां बांधी जाती हैं, वहीं बच्चों की कक्षाएं लग रही हैं। गोबर की बदबू, गंदगी से भरी जमीन और संक्रमण का खतरा—यही है इस ‘तबेला स्कूल’ की असली तस्वीर। क्या यही है “शिक्षा का अधिकार”? बच्चे जमीन पर ठूंसे हुए बैठते हैं। बरसात में कीचड़, गर्मी में असहनीय दुर्गंध। सवाल सीधा है—  क्या आदिवासी बच्चों की शिक्षा की कीमत इतनी सस्ती है? क्या जिम्मेदार अधिकारी कभी अपने बच्चों को ऐसे माहौल में पढ़ने भेजेंगे? जिम्मेदार कौन? जर्जर/अपर्याप्त भवन की आड़ में पशुबाड़े में स्कूल चलाना किसकी अनुमति से? शिक्षा विभाग और प्रशासन की निगरानी कहां है? क्या स्वास्थ्य विभाग ने इस पर कोई आपत्ति दर्ज की? ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद सिर्फ “अस्थायी व्यवस्था” का बहाना दिया गया। मगर यह अस्थायी इंतजाम कब तक चलेगा? महीनों से बच्चे तबेले में बैठकर पढ़ रहे हैं। यह सिर्फ लापरवाही नहीं, यह भविष्य के साथ खिलवाड़ है बड़वानी जैसे आदिवासी बहुल जिले में यदि बच्चों को सम्मानजनक कक्षा कक्ष भी नसीब न हो, तो विकास के दावे खोखले साबित होते हैं। अब देखना है—  क्या प्रशासन तुरंत वैकल्पिक भवन की व्यवस्था करेगा? या फिर ‘तबेला स्कूल’ ही जिले की शिक्षा व्यवस्था का स्थायी प्रतीक बन जाएगा? बच्चों की पढ़ाई पशुबाड़े में और भाषण स्मार्ट क्लास के—यह दोहरी तस्वीर आखिर कब बदलेगी?

घर के आंगन में तुलसी कब लगाएं? खाली तिजोरी भरने का अचूक उपाय

सनातन धर्म में तुलसी का पौधा पूजनीय है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, तुलसी की पूजा-अर्चना करने से घर में मां लक्ष्मी का आगमन होता है। साथ ही सुख-शांति की प्राप्ति होती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, गलत दिन या गलत दिशा में तुलसी को लगाने से जीवन में वास्तु दोष का सामना करना पड़ सकता है और मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं। आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि तुलसी लगाने के लिए कौन-सा दिन है शुभ? किस दिन लगाएं तुलसी?     अगर आप घर में तुलसी लगाना चाहते हैं, तो इसके लिए गुरुवार का दिन शुभ माना जाता है, क्योंकि यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, गुरुवार के दिन तुलसी लगाने से परिवार के सदस्यों को जगत के पालनहार भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। साथ ही घर में सुख-शांति बनी रहती है।     इसके अलावा तुलसी लगाने के लिए शुक्रवार का दिन शुभ माना जाता है। इस दिनमां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने का विधान है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन घर में तुलसी लगाने से आर्थिक तंगी की समस्या से मुक्ति मिलती है और घर में मां लक्ष्मी का आगमन होता है।     तुलसी लगाने के लिए कार्तिक माह को बेहद शुभ माना जाता है। इस माह में तुलसी पूजा करने का विशेष महत्व है। इसलिए इस माह में तुलसी लगाने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। साथ ही घर में खुशियों का आगमन होता है। किस दिशा में लगाएं तुलसी?     घर में तुलसी का पौधा उत्तर या उत्तर-पूर्व में लगाना चाहिए। वास्तु के अनुसार, इस दिशा को देवताओं का स्थान माना जाता है। इसलिए इस दिशा में तुलसी लगाने से शुभ परिणाम मिलते हैं।     इसके अलावा पूर्व दिशा में भी तुलसी का पौधा लगा सकते हैं।     एक बात का विशेष ध्यान रखें कि तुलसी को भूलकर भी दक्षिण दिशा में न लगाएं। इस दिशा को यम की दिशा मानी जाती है। इससे घर में वास्तु दोष की समस्या बन सकती है। तुलसी के नियम     तुलसी के पास भूलकर भी जूते-चप्पल या झाड़ू नहीं रखनी चाहिए।     इसके अलावा पौधे के पास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।     रोजाना सुबह और शाम पौधे के देसी घी का दीपक जलाएं।     गंदे हाथों से तुसली को स्पर्श न करें।  

हरियाणा में 29 विभागों के कर्मचारियों का ऑनलाइन होगा ट्रांसफर

चंडीगढ़. हरियाणा के 29 विभागों और बोर्ड-निगमों में कर्मचारियों के ऑनलाइन स्थानांतरण अभियान का दूसरा चरण जल्द शुरू होगा। कुल 271 काडर पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को पसंद के स्थान पर नियुक्ति का अवसर मिलेगा। सभी कर्मचारियों को 20 फरवरी तक अपनी प्रोफाइल का सत्यापन और अपडेट सुनिश्चित करने को कहा गया है। ऑनलाइन स्थानांतरण को लेकर संबंधित विभागों ने इंट्रा हरियाणा पोर्टल पर कार्यरत नियमित कर्मचारियों के डाटा का प्रारंभिक अपडेट शुरू कर दिया है। सभी कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने यूजर आईडी से लाग-इन कर अपने प्रोफाइल में दर्ज विवरण को ध्यानपूर्वक जांच लें। यदि किसी कर्मचारी की जानकारी में कोई कमी या त्रुटि पाई जाती है, तो उसे तुरंत पोर्टल पर दर्शाए गए संबंधित प्राधिकारी/चेकर से संपर्क कर आवश्यक दस्तावेज जमा कराने होंगे, ताकि सही जानकारी दर्ज की जा सके। डाटा का सही और समय पर अपडेट होना जरूरी है, क्योंकि इसी के आधार पर सेवा अवधि, मेरिट अंक और पात्रता निर्धारित की जाएंगी। कर्मचारी इंट्रा हरियाणा पोर्टल पर Employee Login के बाद “Preliminary Updation of Data” विकल्प के माध्यम से अपनी जानकारी अपडेट कर सकते हैं। आवश्यकतानुसार कर्मचारियों को न्यायालय के आदेश, मृत्यु प्रमाण पत्र, अधिकृत मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी चिकित्सा प्रमाण पत्र, यूडीआईडी प्रमाण पत्र और अन्य सरकारी दस्तावेज संबंधित चेकर को प्रस्तुत करने होंगे। कार्यालय में प्रवेश के लिए ऑनलाइन विजिटिंग पास हरियाणा के महाधिवक्ता तथा उच्च न्यायालय कार्यालय में प्रवेश के लिए अब ऑनलाइन विजिटिंग पास लेना होगा। किसी भी आधिकारिक कार्य अथवा केस या सुनवाई के लिए आने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों एवं संबंधित व्यक्तियों को एलएमएस पोर्टल (https://lmshry.gov.in) के माध्यम से ऑनलाइन विजिटिंग पास बनवाना पड़ेगा। आवेदक के पास अपना इंप्लाई आईडी कार्ड होना चाहिए। गेट पास के प्रिंटआउट को अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता से सत्यापित करवाना होगा। पास जारी होने के उपरांत संबंधित कार्यालय से उसका सत्यापन करवाना आवश्यक रहेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा- पर्यटन स्थलों के विकास और सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोरिया प्रवास के दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बैकुंठपुर स्थित प्रसिद्ध झुमका पर्यटन स्थल में निर्मित ओपन थिएटर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने झुमका जलाशय में बोटिंग करते हुए क्षेत्र के मनोहारी प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया तथा यहां विकसित की गई पर्यटन सुविधाओं का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री साय ने झुमका जलाशय में शिकारा पर सवार होकर नौका विहार किया। चारों ओर हरियाली, शांत जलराशि और कमल के फूलों से सजा यह रमणीय स्थल अब एक आकर्षक पिकनिक स्पॉट के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री ने यहां बोटिंग, वाटर स्पोर्ट्स सहित विकसित पर्यटन गतिविधियों की जानकारी ली और व्यवस्थाओं की सराहना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने लगभग 27 लाख रुपए की लागत से निर्मित ओपन थिएटर का लोकार्पण किया।500 दर्शकों की बैठक क्षमता वाला यह ओपन थिएटर सांस्कृतिक आयोजनों के लिए नया केंद्र बनेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि झुमका जलाशय केवल कोरिया जिले की पहचान ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन स्थलों के विकास, सौंदर्यीकरण और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में स्थापित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पर्यटकों की सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए तथा स्थानीय युवाओं को पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएँ। इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक भैयालाल राजवाड़े, संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक झा, कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

भारत-पाक सीमा पर मिला पाकिस्तानी गुब्बारा

जालंधर. शहर में ब्राडबैंड व अन्य सेवाएं दे रहीं टेलीकॉम कंपनियों ने नगर निगम को पिछले 10 साल से फीस नहीं चुकाई है। निगम ने पिछले वर्षों में कंपनियों को 100 से ज्यादा मंजूरी दी हैं। इन सभी मंजूरियों के लिए कंपनियों ने निगम को फीस देनी होती है। निगम की अब तक की रिपोर्ट के मुताबिक इन कंपनियों से आठ करोड़ वसूल करने हैं। मेयर वनीत धीर ने इस पूरे मामले में बीएंडआर ब्रांच से रिपोर्ट लेने के बाद डिफाल्टर कंपनियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। टेलीकाम कंपनियों ने पिछले दस साल से खंभे लगाने और अपने मैनहोल तैयार करने की मंजूरी ली थी। सड़कों को इसके लिए इस्तेमाल करने से होने वाले नुकसान के लिए निगम फीस लेता है। मेयर ने टेलीकाम कंपनियों की परमिशन की पुरानी फाइलें निकलवा कर लिस्ट बनाने के निर्देश दिए थे। कंपनियों को हुआ काफी नुकसान मेयर ने बीएंआर डिपार्टमेंट के एसई रजनीश डोगरा को बुलाकर निर्देश दिया कि इन कंपनियों से फीस वसूल करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। जो कंपनियां फीस नहीं देती हैं, उन्हें नोटिस जारी किया जाए। इन कंपनियों का तार बिछाने का काम भी रोक दिया जाए। इन कंपनियों के कारण निगम को काफी नुकसान हुआ है। कंपनियों ने कई जगह सड़क तोड़ी है, लेकिन इनको रिपेयर करने का काम निगम को करना पड़ा। कई जगह अंडरग्राउंड तारें डालते समय निगम के सीवरेज व पानी के अंडरग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा है। दैनिक जागरण ने प्राइवेट टेलीकाम कंपनियों के कारण शहर में जगह-जगह लटक रही तारें, बेतरतीब लगे खंभे और सड़क की खोदाई से लोगों की परेशानी और शहर की इमेज बिगड़ने का मुद्दा उठाया था। तब डीसी ने इन कंपनियों को चेतावनी दी थी।

देश में मुद्रा सर्कुलेशन 40 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचा, यूपीआई बढ़ने के बावजूद नकदी का चलन बना तेज

मुंबई   देश में करेंसी सर्कुलेशन जनवरी 2026 के अंत तक बढ़कर रिकॉर्ड 40 लाख करोड़ रुपए के करीब पहुंच गया है। इसमें सालाना आधार पर 11.1 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है, जो कि पिछले साल समान अवधि में 5.3 प्रतिशत थी। यह जानकारी सोमवार को जारी हुई एक रिपोर्ट में दी गई।  एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट में बताया गया कि जनता के पास करेंसी (सीडब्ल्यूपी) की हिस्सेदारी कुल करेंसी सर्कुलेशन में 97.6 प्रतिशत (करीब 39 लाख करोड़ रुपए ) हो गई है। रिपोर्ट में बताया गया कि देश में यूपीआई के कारण डिजिटल लेनदेन तेजी से बढ़ा है और इससे कैश-टू-जीडीपी रेश्यो में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। रिपोर्ट के मुताबिक,"देश में एक महीने में होने वाले यूपीआई लेनदेन की वैल्यू करीब 28 लाख करोड़ रुपए है, जो कि देश के कुल करेंसी स्टॉक का करीब 70 प्रतिशत है, जो कि दिखाता है कि देश में बड़ी संख्या में लोग डिजिटल पेमेंट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं।" वहीं, देश का कैश-टू-जीडीपी रेश्यो वित्त वर्ष 26 में कम होकर 11 प्रतिशत हो गया है, जो कि वित्त वर्ष 21 में 14.4 प्रतिशत पर था। रिपोर्ट में कहा गया है, "करेंसी और जीडीपी में परिवर्तन की दिशा भले ही एक जैसी हो, लेकिन जीडीपी की वृद्धि को अब नकदी के बजाय यूपीआई के माध्यम से अधिक हो रही है।" सीआरआर में कटौती के कारण चालू वित्त वर्ष में 'आरबीआई के पास बैंकर्स डिपॉजिट' में 1.86 लाख करोड़ रुपए की कमी आई, जिसके परिणामस्वरूप रिजर्व मनी की वृद्धि घटकर 5.8 प्रतिशत रह गई। एसबीआई रिसर्च की एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2015 से वित्त वर्ष 2025 के बीच बैंकों में जमा और ऋण लगभग तीन गुना बढ़ गए, जो बैंकिंग प्रणाली के सुदृढ़ीकरण और ऋण मध्यस्थता में सुधार का संकेत है। वित्त वर्ष 2015 से वित्त वर्ष 2025 के दौरान जमा राशि 85.3 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 241.5 लाख करोड़ रुपए हो गई और ऋण 67.4 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 191.2 लाख करोड़ रुपए हो गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बैंकों की परिसंपत्ति वृद्धि दर वित्त वर्ष 2025 तक जीडीपी के 77 प्रतिशत से बढ़कर 94 प्रतिशत हो गई, जो वित्तीय सुदृढ़ीकरण में सुधार को दर्शाती है।

‘हर हिन्दू को जागना होगा’: टी.राजा ने राष्ट्र निर्माण पर जोर, छिंदवाड़ा में दिए विवादित बयान

छिंदवाड़ा छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर  शहर में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। बजरंग दल द्वारा ‘हिंदू गर्जना रैली’ निकाली गई, जिसके बाद एक धर्मसभा का आयोजन हुआ। सभा में तेलंगाना के गोशामहल से विधायक टी. राजा सिंह मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। शिवाजी-संभाजी के पराक्रम का किया उल्लेख अपने संबोधन में टी. राजा सिंह ने छत्रपति शिवाजी महाराज और संभाजी के शौर्य और बलिदान का उल्लेख करते हुए युवाओं से उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करना समय की आवश्यकता है। उनके संबोधन के दौरान उपस्थित युवाओं ने उत्साहपूर्वक समर्थन जताया।  टी. राजा ने कहा- कई नेता अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग तरह की भाषा और प्रतीकों का इस्तेमाल करते हैं। अपने ऊपर हुए हमलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा- अगर कोई मेरी जान लेना चाहता है तो पूरी तरह ले, लेकिन बच गया तो सख्त जवाब देंगे। उन्होंने “नो केस, नो FIR” की मांग भी रखी और कहा कि अगर सरकार उनकी मांगें मानती है तो उनके बजरंगी 10-10 बांग्लादेशियों का सिर काटेंगे भाजपा विधायक ने कहा- कि उनका कभी राज आया तो वह एक आतंकी का सिर काटने वाले को 50 हजार रुपए का इनाम देंगे। सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता की अपील विधायक ने गौ संरक्षण, महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव जैसे विषयों पर जागरूकता की आवश्यकता बताई। उन्होंने परिवारों से सतर्क रहने और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना प्रशासन को देने की बात कही। अपने संबोधन में उन्होंने कुछ समकालीन राजनीतिक मुद्दों और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को लेकर अपनी राय भी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इतिहास को संतुलित और तथ्यों के आधार पर समझने की आवश्यकता है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजा आयोजन कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। मंच पर विश्व हिंदू परिषद के अरविंद प्रताप सिंह और जिला संयोजक नरेंद्र पटेल सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभा से पूर्व विभिन्न शिक्षण संस्थानों की छात्राओं ने देशभक्ति और वीरता पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें उपस्थित लोगों ने सराहा। अपने संबोधन के अंतिम भाग में विधायक ने जनसंख्या संतुलन और भविष्य की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए समाज से एकजुट होकर सकारात्मक दिशा में कार्य करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई। टी. राजा बोले- राजनीति कीचड़, मैं खुद फंस चुका धर्मसभा को संबोधित करते हुए टी. राजा सिंह ने कहा कि राजनीति कीचड़ की तरह है, जिसमें मैं खुद फंस चुका हूं। अपने बच्चों को इसमें नहीं फंसाना चाहता। उन्होंने कहा कि वे अपने बच्चों को धर्म के लिए समर्पित करने की शिक्षा देंगे। इस दौरान उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज और संभाजी महाराज का जिक्र करते हुए धार्मिक समर्पण की बात कही। ओवैसी बंधुओं पर बोले- वे हमेशा मेरी चिंता करते हैं सभा के दौरान टी. राजा सिंह ने AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी और उनके भाई अकबरुद्दीन ओवैसी पर भी टिप्पणी की। उन्होंने खुद को उनका “जीजा” बताते हुए कहा कि ओवैसी बंधु हमेशा उनकी चिंता करते हैं। टीपू सुल्तान को नायक बताने वाले बयान पर राजा ने कहा कि टीपू सुल्तान ने सिर्फ अपनी सल्तनत बचाने के लिए युद्ध लड़े। वह टीपू सुल्तान नहीं टीपू शैतान है। सीएम मोहन यादव को हिंदुओं का समर्थन है राजा सिंह ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को लेकर कहा कि उन्हें “दूसरों के वोट” की चिंता करने की जरूरत नहीं है। हिंदुओं का समर्थन उनके साथ है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के टुकड़े करने की सोच रखने वालों को सुविधाएं देना बंद किया जाना चाहिए। मंदिर से शुरू होकर दशहरा मैदान तक पहुंची रैली इससे पहले रैली दादा धूनी वाले दादा मंदिर से शुरू हुई। बड़ी संख्या में लोग भगवा ध्वज और पट्टियां लिए शामिल हुए। शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए रैली दशहरा मैदान पहुंची, जहां धर्मसभा आयोजित की गई। अंत में लोगों को देश रक्षा की शपथ दिलाई गई। हिंदुओं के हित में काम करने वाले नेताओं को चुनने की अपील भी की गई। ओवैसी बंधुओं पर साधा निशाना ओवैसी बंधुओं और टीपू सुल्तान पर बयान अपने भाषण के दौरान टी. राजा सिंह ने असदुद्दीन ओवैसी और अकबरुद्दीन ओवैसी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। टीपू सुल्तान को लेकर दिए गए बयानों पर उन्होंने असहमति जताई और उन्हें हिन्दू विरोधी बताया। इसके साथ ही उन्होंने हिन्दुओं को सतर्क और जागने की सलाह दी। 

सुदूर अंचलों के श्रद्धालुओं को मिला अयोध्या धाम का सौभाग्य, मुख्यमंत्री ने कहा — यही जनसेवा की प्रेरणा

रायपुर ख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कोरिया प्रवास के दौरान झुमका जलाशय परिसर में ‘रामलला दर्शन योजना’ के तहत अयोध्या धाम की पावन यात्रा कर लौटे श्रद्धालुओं से आत्मीय भेंट की। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं का हाल-चाल जाना और उनके आध्यात्मिक एवं भक्तिमय अनुभवों को बड़े ध्यानपूर्वक सुना। श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से उन्हें निःशुल्क अयोध्या धाम के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा सम्मानपूर्वक यात्रा की समुचित व्यवस्था किए जाने से यह यात्रा उनके लिए अत्यंत सहज और अविस्मरणीय बन गई। श्रद्धालुओं ने बताया कि अपने सुदूर गांवों से अयोध्या तक पहुँचना उनके लिए पहले कठिन था, किंतु सरकार की पहल ने इसे संभव कर दिया। श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री साय को ‘हमारे राम’  तैलचित्र भेंट कर आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने श्रद्धालुओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम छत्तीसगढ़ के भांचा हैं और प्रदेशवासियों को उनके दर्शन कराना शासन के लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि सुदूर अंचलों में रहने वाले लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना ही जनसेवा की वास्तविक संतुष्टि है, और सरकार इसी भावना के साथ कार्य कर रही है।

महापौर पुष्यमित्र भार्गव की मांग पर कार्रवाई: इंदौर में स्पीकर और डीजे पर रोक, शहर में शांति कायम

इंदौर  परीक्षा के दिनों में तेज लाउडस्पीकर बजाना इंदौर में पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है. इसके चलते कई स्थानों पर डीजे और लाउडस्पीकर जब्त भी किए गए हैं. इस बीच इंदौर महापौर ने धार्मिक स्थलों की मीनारों पर लगे लाउडस्पीकर हटाने की भी मांग की है. दरअसल, विगत कई दिनों से इस तरह की शिकायतें महापौर पुष्यमित्र भार्गव के पास पहुंच रही थीं कि शादी समारोह और अन्य कार्यक्रमों में तेज लाउडस्पीकर बजाने पर डीजे और लाउडस्पीकर जब्त किए गए हैं लेकिन मस्जिदों की मीनरों पर लगे लाउडस्पीकर से अभी अलग-अलग समय पर व्यापक ध्वनि प्रदूषण हो रहा है. इन इलाकों की मीनारों से ध्वनि प्रदूषण बढ़ रहा वहीं, अत्यधिक ऊंचाई पर लगे स्पीकरों से आसपास के क्षेत्र में ध्वनि प्रदूषण बढ़ रहा है. महापौर ने बताया कि उन्हें वार्ड 72 (लोकमान्य नगर), वार्ड 41 और वार्ड 48 के निवासियों से ध्वनि प्रदूषण को लेकर अधिक शिकायतें मिली हैं. लोगों का कहना है कि मीनारों पर लगे ऊंचे लाउडस्पीकरों की आवाज पूरे क्षेत्र में फैलती है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित होता है. ध्वनि प्रदूषण से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती है महापौर ने बताया कि पूरे वर्ष शहर में प्रतियोगी परीक्षाएं और स्कूल की परीक्षाएं चलती रहती हैं. ऐसे में ध्वनि प्रदूषण के कारण छात्रों की तैयारी प्रभावित होती है. बुजुर्गों और बीमार लोगों को भी परेशानी होती है. उन्होंने कहा कि यदि डीजे और अन्य ध्वनि उपकरणों पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है, तो धार्मिक स्थलों पर लगे ऊंचे लाउडस्पीकरों के संदर्भ में भी उसी तर्ज पर कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा मैंने इस मुद्दे पर कलेक्टर को अवगत कराया है और जल्द कार्रवाई की अपेक्षा की है. राज्य सरकार ने पहले भी दिए थे निर्देश महापौर ने याद दिलाया कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश पर राज्य स्तर पर इस विषय में पहले भी निर्देश जारी हो चुके हैं और कार्रवाई भी की गई थी. उन्होंने कहा कि यदि ऐसे लाउडस्पीकर दोबारा लगाए गए हैं, तो प्रशासन को एक बार फिर विस्तृत जांच करनी चाहिए. इंदौर में ध्वनि प्रदूषण पर सख्ती, दो डीजे जब्त, एफआईआर दर्ज इंदौर में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के अनियंत्रित उपयोग पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए तेजाजी नगर थाना क्षेत्र के श्री कुंज गार्डन में तेज आवाज में डीजे साउंड बजाए जाने की शिकायत पर प्रशासनिक दल ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की. साउंड संचालक विकास दाने के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए डीजे उपकरण जब्त कर लिए गए. इसी प्रकार हीरानगर थाना क्षेत्र के चन्द्रगुप्त चौराहे पर भी निर्धारित ध्वनि सीमा का उल्लंघन पाए जाने पर मल्हारगंज एसडीएम के दल ने डीजे जब्त किया तथा संचालक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया प्रारंभ की. जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विवाह समारोह, सामाजिक कार्यक्रम अथवा अन्य आयोजनों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग निर्धारित समय-सीमा एवं ध्वनि मानकों के अनुरूप ही किया जाए. आदेशों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध जब्ती, दंडात्मक कार्रवाई एवं एफआईआर दर्ज की जाएगी.

मौसम बदलने वाला है मध्यप्रदेश में, 18 तारीख को अधिक प्रभाव, 15 जिलों में अलर्ट

भोपाल  मध्यप्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। सक्रिय हुए नए सिस्टम के चलते प्रदेश के 15 जिलों में बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मंगलवार को ग्वालियर-चंबल अंचल में बादलों की आवाजाही शुरू होगी, जबकि 18 फरवरी को इसका व्यापक असर दिखेगा। 19 फरवरी को भी मौसम बदला रहेगा, हालांकि बारिश हल्की रहने की संभावना है।  इन जिलों में अलर्ट ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में आंधी-पानी के साथ बिजली गिरने का खतरा है। सबसे ज्यादा गतिविधि 18 फरवरी को रहने का अनुमान है। फरवरी में तीसरी बार बदलेगा मिजाज महीने की शुरुआत में ही दो दौर ओलावृष्टि और बारिश से फसलें प्रभावित हो चुकी हैं। सरकार ने नुकसान का सर्वे भी कराया था। अब 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश के कई हिस्से भीगेंगे। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इसके बाद सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर पड़ेगा। तापमान में उतार-चढ़ाव पश्चिमी विक्षोभ के असर से ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के कुछ जिलों में बादल छा सकते हैं। इससे दिन के तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट संभव है। अगले दो दिन का पूर्वानुमान 17 फरवरी: कुछ जिलों में बादल रहेंगे, भोपाल और इंदौर में दिन में हल्की गर्मी महसूस होगी। 18 फरवरी: 15 जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना, गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। रातें ठंडी, दिन हल्के गर्म प्रदेश में दिन में हल्की गर्माहट है, लेकिन रात का तापमान अब भी नीचे बना हुआ है। कटनी के करौंदी में न्यूनतम तापमान 6.7 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि पचमढ़ी के कल्याणपुर में 7.6 डिग्री और राजगढ़ में 9 डिग्री रहा। पांच बड़े शहरों में भोपाल 12.6 डिग्री के साथ सबसे ठंडा रहा। इंदौर और जबलपुर में 13 डिग्री, ग्वालियर में 13.1 डिग्री और उज्जैन में 13.4 डिग्री दर्ज किया गया।