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आस्था, संस्कृति और रामकथा से आलोकित हुआ राजिम कुंभ

रायपुर. छत्तीसगढ़ के प्रयाग राजिम की पावन धरा पर आयोजित राजिम कुंभ कल्प 2026 में आस्था, संस्कृति और अध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिला। त्रिवेणी संगम के पावन तट पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में  सुप्रसिद्ध कलाकार एवं भगवान श्रीराम की भूमिका से जनमानस में विशेष पहचान रखने वाले अरुण गोविल ने “सुनो श्री राम कहानी” की भावपूर्ण प्रस्तुति दी, जिससे संपूर्ण परिसर भक्ति और श्रद्धा के दिव्य वातावरण से ओतप्रोत हो उठा। इस अवसर पर अरुण गोविल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आत्मीय भेंट की तथा राजिम कुंभ कल्प के भव्य आयोजन और उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की सराहना की। मुख्यमंत्री साय ने उन्हें स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। श्री गोविल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, जनआस्था और लोगों का आत्मीय स्नेह उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव रहा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी सनातन परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक चेतना का जीवंत उत्सव है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आस्था, संस्कृति और पर्यटन के संरक्षण-संवर्धन के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है तथा ऐसे आयोजनों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और सशक्त हो रही है। कार्यक्रम में खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी, राजिम विधायक रोहित साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति थी। उल्लेखनीय है कि राजिम कुंभ कल्प 2026 के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान, धार्मिक पर्यटन और आध्यात्मिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल रही है। राज्य सरकार द्वारा आयोजित यह महोत्सव आस्था, संस्कृति और पर्यटन संवर्धन का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है।

42 स्व-सहायता समूह करेंगे रेडी-टू-ईट निर्माण एवं वितरण कार्य

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में कुपोषण दूर करने और महिला सशक्तिकरण के लिए रेडी-टू-ईट फूड निर्माण का काम महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपते हुए 6 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस पहल के तहत रायगढ़, बस्तर, दंतेवाड़ा, बलौदाबाजार, कोरबा, और सूरजपुर जिलों में आंगनबाड़ियों के लिए पौष्टिक आहार निर्माण का कार्य महिला समूहों को मिला है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पूरक पोषण आहार (रेडी टू ईट) के निर्माण और वितरण का कार्य महिला स्वसहायता समूहों को सौंपने का फैसला किया। राज्य के 6 जिले के 42 महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी टू ईट के निर्माण और वितरण का कार्य सौंपा गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण और कुपोषण मुक्ति के इस मिशन को प्रथम चरण में प्रदेश के 6 जिलों – बस्तर, दंतेवाड़ा, बलौदाबाजार, कोरबा, रायगढ़ एवं सूरजपुर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जा रहा है। वहीं रायगढ़ प्रदेश का पहला जिला बन गया है, जहां महिला समूहों ने ‘रेडी-टू-ईट’ उत्पादन प्रारंभ किया है। यह पहल महिलाओं की आर्थिक समृद्धि और बच्चों के स्वास्थ्यकृदोनों को नई दिशा प्रदान करेगी। महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोरबा-10 स्व-सहायता समूह को रेडी-टू-ईट निमाण का कार्य सौंपा जा चुका है। इसी प्रकार  रायगढ़-10 स्व-सहायता समूह, सूरजपुर और बलौदाबाजार-भाठापारा जिला में 7-7 स्व- सहायता समूह को, बस्तर जिले में 6 स्व-सहायता समूह और दंतेवाड़ा में 2 महिला स्व-सहायता समूह को रेडी-टू-ईट निमाण का कार्य सौंपा जा चुका है। इन स्व-सहायता समूहों के द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पूरक पोषण आहार (रेडी टू ईट) का निर्माण और वितरण का कार्य किया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि इन समूहों की बहनें अब आंगनबाड़ी के बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के साथ-साथ इस कार्य से अपनी आमदनी भी बढ़ाएंगी, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगी। यह योजना महिलाओं को स्व-रोजगार के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण और परिणामोन्मुखी पहल है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से बच्चों को पोषण युक्त आहार प्रदान कर राज्य के पोषण स्तर में सुधार लाने में भी यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी।

ईसाई पादरियों पर ग्राम सभा के ‘प्रवेश प्रतिबंध’ बोर्ड पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर

रायपुर. सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ में ग्राम सभाओं द्वारा गांव के प्रवेश द्वारों पर लगाए गए उन होर्डिंग/नोटिस बोर्डों के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी, जिनमें ईसाई पादरियों और धर्मांतरित ईसाइयों के प्रवेश पर रोक का उल्लेख था। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने आज सुनवाई के बाद याचिका निरस्त कर दी। इसके साथ ही ग्राम सभाओं के पक्ष में फैसला बरकरार रहा। इस फैसले को ग्राम सभाओं की बड़ी कानूनी जीत माना जा रहा है। मामले में छत्तीसगढ़ पंचायत विभाग ने भी पक्ष रखा और ग्राम सभाओं की कार्रवाई का समर्थन किया। सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय को लेकर प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि ग्राम सभा को सुप्रीम कोर्ट से जीत मिली है। ग्रामीण अपनी संस्कृति को बचाने के लिए ऐसा कर सकते हैं।

‘आपातकाल और युवा’ विषय पर मथेंगे देश के प्रबुद्ध विचार

 'आपातकाल और युवा' विषय पर मथेंगे देश के प्रबुद्ध विचार  इमरजेंसी के 50 वर्ष पूर्ण होने पर: भोपाल में जुटेगा दिग्गजों का जमावड़ा, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे मुख्य अतिथि भोपाल वर्ष 1948 में स्थापित देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी द्वारा आपातकाल के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर एक गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। "इमरजेंसी के 50 साल: आपातकाल और युवा" विषय पर केंद्रित यह विचार संगोष्ठी 19 फरवरी 2026, गुरुवार को दोपहर 02:00 बजे से रायसेन रोड स्थित "सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी" परिसर भोपाल में आयोजित होगी। सत्ता और संगठन के प्रमुख चेहरों की होगी मौजूदगी***  इस कार्यक्रम में प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। वहीं, मुख्य वक्ता के तौर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य सुरेश जोशी (उपाख्य भैयाजी जोशी) अपने विचार साझा करेंगे। उनके संबोधन में आपातकाल के संघर्ष और वर्तमान युवा पीढ़ी के लिए इसके सबक पर विशेष ध्यान केंद्रित रहने की संभावना है। कार्यक्रम की रूपरेखा को साझा करते हुए हिन्दुस्थान समाचार के क्षेत्रीय संपादक डॉ. मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि आयोजन में अतिथियों का विशिष्ट पैनल शामिल है, जिसमे विशिष्ट अतिथि: राजेंद्र शुक्ला (उपमुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश शासन) एवं कैलाश सोनी (पूर्व राज्यसभा सदस्य), अध्यक्षता: अरविन्द भालचंद्र मार्डीकर (अध्यक्ष, हिन्दुस्थान समाचार समूह) एवं स्वागताध्यक्ष: डॉ. हरप्रीत सलूजा *(चेयरमैन, सैम ग्रुप, भोपाल) रहेगे।  क्यों खास है यह आयोजन* ? आपातकाल (1975-77) भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का वह कालखंड है, जिसने देश की राजनीति और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की दिशा बदल दी थी। 50 साल बाद, आज की युवा पीढ़ी को उस समय के संघर्ष, प्रेस की आजादी पर लगे अंकुश और लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनर्स्थापना की कहानी बताना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। हिन्दुस्थान समाचार, जो स्वयं भारतीय पत्रकारिता के मूल्यों का संवाहक रहा है, इस चर्चा के माध्यम से इतिहास और भविष्य के बीच एक सेतु बनाने का प्रयास कर रहा है। उक्त जानकारी बड़वानी प्रतिनिधि राजेश राठौड़ ने बताया कि  इमरजेंसी के 50 साल: आपातकाल और युवा विषय पर दिनांक  19 फरवरी 2026 (गुरुवार) दोपहर 02:00 बजे से सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी, रायसेन रोड, भोपाल मे आयोजन संपन्न होगा।

CM साय ने बोर्ड परीक्षा के लिए विद्यार्थियों का बढ़ाया आत्मविश्वास

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (CM Vishnu Deo Sai) ने प्रदेश के छात्र-छात्राओं को परीक्षाओं के अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए उन्हें आत्मविश्वास और हौसले के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया है. उन्होंने विद्यार्थियों के नाम अपने आत्मीय संदेश में कहा कि परीक्षाओं का समय जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव होता है, जिसमें उत्साह के साथ थोड़ा तनाव भी स्वाभाविक है, लेकिन घबराने की आवश्यकता नहीं है. मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा कि परीक्षाओं का समय आ गया है. मैं जानता हूं कि इन दिनों आपके मन में उत्साह भी है और थोड़ा सा तनाव भी. लेकिन सबसे पहले यह जान लीजिए — आप अकेले नहीं हैं, हम सब आपके साथ हैं. उन्होंने कहा कि परीक्षाओं का समय कभी-कभी मन में घबराहट भी लेकर आता है. यह स्वाभाविक है. यदि आपको डर लग रहा है तो इसका अर्थ है कि आप अपनी पढ़ाई और अपने भविष्य को गंभीरता से लेते हैं.     मेरे प्यारे बच्चों,     परीक्षाओं का समय आ गया है। मैं जानता हूँ कि इन दिनों आपके मन में उत्साह भी है और थोड़ा सा तनाव भी। लेकिन सबसे पहले यह जान लीजिए-आप अकेले नहीं हैं। हम सब आपके साथ हैं।     परीक्षाओं का समय कभी-कभी मन में घबराहट भी लेकर आता है। यह स्वाभाविक है। यदि आपको डर लग रहा…     — Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) February 17, 2026 उन्होंने कहा कि सबसे पहले यह समझ लीजिए — डर कमजोरी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का संकेत है. लेकिन इस डर को अपने आत्मविश्वास पर हावी न होने दें. आपने पूरे वर्ष मेहनत की है. हर दिन का प्रयास, हर अभ्यास, हर दोहराव — सब आपकी ताकत बनकर आपके साथ खड़े हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी नियमित पढ़ाई करें, कठिन विषयों को दोहराएं, समय का संतुलन बनाए रखें. पर्याप्त नींद लें, पौष्टिक भोजन करें और कुछ समय के लिए मोबाइल से दूरी बनाकर अपने लक्ष्य पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करें. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ के सभी विद्यार्थी इस बार भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे और अपने परिवार तथा प्रदेश का नाम रोशन करेंगे.

पोड़ी में मुख्यमंत्री विष्णु देव ने ₹126 करोड़ के कार्यों का किया लोकार्पण

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर जिले के पोड़ी में आयोजित विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात देते हुए ₹88 करोड़ से अधिक की लागत के 59 विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा ₹38 करोड़ से अधिक की लागत के 82 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन विकास परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में अधोसंरचना सुदृढ़ होगी और जनसुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। उन्होंने कहा कि सड़क, भवन, सामुदायिक सुविधाओं और अन्य आवश्यक अधोसंरचना से जुड़े ये कार्य क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएँ बनाना नहीं, बल्कि उन्हें तेज गति, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ धरातल पर उतारना है। हमारी सरकार  परिणामोन्मुखी कार्य संस्कृति के साथ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में संतुलित और समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के दूरस्थ अंचलों तक विकास की पहुँच सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी सोच के साथ अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क और जनसुविधाओं के क्षेत्र में लगातार कार्य किए जा रहे हैं, ताकि आम नागरिकों को सीधे लाभ मिल सके।

शहीद निरीक्षक आशीष शर्मा के भाई अंकित को मिली एसआई पद पर नियुक्ति

शहीद निरीक्षक आशीष शर्मा के भाई अंकित को मिली एसआई पद पर नियुक्ति  भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस ने शहादत का सम्मान करते हुए बालाघाट में नक्कल आपरेशन के दौरान पिछले दिनों शहीद हुए है हॉक फोर्स के इंस्पेक्टर स्वर्गीय आशीष शर्मा के भाई अंकित शर्मा को उपनिरीक्षक पद पर नियुक्ति प्रदान की है। अंकित शर्मा ने जिला नरसिंहपुर में उपनिरीक्षक पद का पदभार ग्रहण कर लिया है। अमर शहीद स्वर्गीय आशीष शर्मा पुलिस-नक्सल मुठभेड़ के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए थे। मध्यप्रदेश शासन के आदेशानुसार अमर शहीद के भाई अंकित को उपनिरीक्षक पद पर विशेष अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की गई है।

बंगाल राजनीति में ट्विस्ट: हुमायूं कबीर का बड़ा फैसला, अब नजर AIMIM के जवाब पर

कलकत्ता पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए JUP यानी जनता उन्नयन पार्टी नेता हुमायूं कबीर साथी तलाश रहे हैं। खबर है कि उन्होंने कांग्रेस समेत कई दलों के साथ गठबंधन से इनकार कर दिया है। बंगाल में बाबरी मस्जिद निर्माण के ऐलान के बाद कबीर चर्चा में आ गए थे। इसके बाद उन्हें तृणमूल कांग्रेस ने निलंबित कर दिया था। उन्होंने राज्य में टीएमसी को हराने की बात कही है। कांग्रेस नहीं अधीर रंजन का साथ देंगे मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कबीर ने इंडियन सेक्युलर फ्रंट और सीपीएम के साथ गठबंधन से इनकार कर दिया है। साथ ही भरोसा जताया है कि वह सांसद असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन से गठबंधन कर सकते हैं। वहीं, उन्होंने कांग्रेस से दूरी बनाने की बात भी कही है। जबकि, दावा किया है कि चुनाव में उनकी पार्टी अधीर रंजन चौधरी को समर्थन दे सकती है। कबीर ने कहा, 'ISF सीट शेयरिंग पर फैसला लेने में देरी कर रही है। वो मुझे कम आंकने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में हम आईएसएफ और इसी वजह से सीपीआई (एम) के साथ सीटें साझा नहीं कर सकते।' उन्होंने कांग्रेस से भी गठबंधन नहीं करने की बात कही है। उन्होंने कहा, 'अगर अधीर रंजन चौधरी बेहरमपुर से चुनाव लड़ते हैं, तो हम उनका समर्थन करेंगे। वह अच्छे व्यक्ति हैं। समर्थन सिर्फ उनके लिए होगा और कांग्रेस पार्टी के लिए नहीं।' AIMIM से कर सकते हैं गठबंधन उन्होंने कहा, 'मुझे भरोसा है कि AIMIM मेरे साथ होगी। कुछ और पार्टीयां भी मेरे साथ आएंगी। यह तय है। आने वाले दिनों में हम उनके साथ बैठकें करने वाले हैं।' बीते साल AIMIM ने पश्चिम बंगाल की सभी सीटों पर लड़ने की बात कही थी। बाबरी मस्जिद का निर्माण शुरू कबीर ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में अयोध्या की बाबरी मस्जिद की तर्ज पर बहुचर्चित मस्जिद का निर्माण कार्य शुरू किया। कबीर ने घोषणा की कि बेलडांगा के रेजिनगर में इस मस्जिद का निर्माण दो साल के भीतर पूरा हो जाएगा और इसकी लागत लगभग 50-55 करोड़ रुपये आएगी। यह मस्जिद 11 एकड़ जमीन पर बनाई जा रही है और इसमें लगभग 12,000 लोग एकसाथ नमाज अदा कर सकेंगे। सभी सीटों पर लड़ने का प्लान कबीर ने यह भी घोषणा की कि उनकी पार्टी राज्य के 294 निर्वाचन क्षेत्रों में से 135 पर प्रत्याशी खड़ा कर आगामी विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा दोनों को टक्कर देगी। इस बीच, कबीर एक नए विवाद में फंस गए हैं, क्योंकि पश्चिम बंगाल पुलिस ने मंगलवार को मादक पदार्थों की तस्करी के एक मामले में उनके कुछ रिश्तेदारों से संबंधित लगभग 11 करोड़ रुपये की संपत्तियों को कुर्क कर लिया है।

हरियाणा दहला: रोहतक में ताबड़तोड़ गोलियां, IG ऑफिस के नजदीक मर्डर से सनसनी

  रोहतक हरियाणा के रोहतक में शुक्रवार को हुई ताबड़तोड़ फायरिंग ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. आईजी ऑफिस से कुछ ही दूरी पर दिल्ली बाईपास के पास अज्ञात हमलावरों ने दिनेश उर्फ गोगा पर 22 गोलियां दाग दीं. मौके पर ही उसकी मौत हो गई. बिजी रोड पर हुई इस वारदात से आसपास अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों में दहशत फैल गई. मृतक दिनेश गोगा का भी आपराधिक रिकार्ड बताया जा रहा है. मौके से मिले 28 से 30 राउंड गोलियां के खोल प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर तेज रफ्तार वाहन में आए और एकाएक गोलियां बरसानी शुरू कर दीं. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए. सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें पहुंचीं और इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी गई. आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. पुलिस को मौके से करीब 28 से 30 राउंड हुए गोलियां के खोल मिले है. '2-4 कीड़े मकोड़े हैं इनका टाइम आ लिया है' घटना के कुछ समय बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसने मामले को और सनसनीखेज बना दिया. पोस्ट में 'जय भोले की' लिखते हुए दावा किया गया कि दिनेश गोगा की हत्या अमेरिका में बैठे कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और मोस्ट वांटेड नीरज फरीदपुरिया के इशारे पर कराई गई है. पोस्ट में आगे धमकी भरे लहजे में अन्य लोगों को भी निशाना बनाने की बात कही गई है. लिखा है – बाकी ये और 2-4 कीड़े मकोड़े हैं इनका टाइम आ लिया है. साथ ही इसमें कुछ पुलिसकर्मियों पर करप्ट होने का आरोप भी लगाया गया है. पोस्ट में लिखा है- हम देश के कानून और ईमानदार खाकी का सम्मान करते हैं लेकिन कुछ करप्ट पुलिसवालों के कारण आज ये दिन देखना पड़ रहा है.  

भोजशाला विवाद: 18 फरवरी को होगी अगली सुनवाई, अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण स्थगित

 इंदौर मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला के धार्मिक स्वरूप को लेकर आज मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में होने वाली सुनवाई आगे बढ़ गई है।कल  अधिवक्ता संघ द्वारा की गई हड़ताल की वजह से इसे आगे बढ़ा दिया गया है। इसके लिए न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला एवं न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की डिवीजन बेंच में यह प्रकरण क्रम संख्या- 62 पर सूचीबद्ध किया गया था। यह सुनवाई गत 22 जनवरी को दिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्रारंभ की जानी है। सुनवाई में भोजशाला को लेकर किए गए 98 दिनों के एएसआई सर्वे की रिपोर्ट खुली अदालत में खोली जाएगी और उसकी कॉपी दोनों पक्षों को उपलब्ध कराई जाएगी। इस बारे में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था। बता दें कि हाई कोर्ट की डिविजन बेंच के समक्ष सुनवाई में याचिकाकर्ता हिंदू फ्रंट फार जस्टिस एएसआई सर्वे को आधार बनाकर भोजशाला के वाग्देवी (देवी सरस्वती) मंदिर होने के पक्ष में अपने तर्क रखने हैं। इसके लिए हिंदू फ्रंट फार जस्टिस की ओर से याचिकाकर्ता आशीष गोयल उपस्थित रहेंगे, जबकि वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन (नई दिल्ली) तथा अधिवक्ता विनय जोशी (इंदौर) पैरवी करेंगे। निर्णय होने तक 2003 का आदेश प्रभावशील सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निर्णय तक भोजशाला की संरचना एवं स्वरूप में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया जाएगा। इसका सात अप्रैल 2003 को एएसआई महानिदेशक द्वारा जारी आदेश यथावत प्रभावी रहेगा। एएसआई सर्वे के प्रमुख निष्कर्ष 17000 अवशेष मिले थे। 96 मूर्तियां प्राप्त हुईं। 25 फीट से अधिक खुदाई में दीवार का ढांचा मिला। पीछे के खेत क्षेत्र से भी मूर्तियां बरामद की गईं। चारों दिशाओं में 106 स्तंभ पाए गए। 82 भित्ति चित्रयुक्त स्तंभ मिले। 33 प्राचीन सिक्के मिले। ये सिक्के 10वीं–11वीं शताब्दी एवं परमार युग के बताए गए हैं।