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भारतीय हॉकी टीम का होबार्ट मिशन, हार्दिक की कमान में 24 खिलाड़ी होंगे मैदान में

नई दिल्ली  हॉकी इंडिया ने एफआईएच मेंस प्रो लीग 2025–26 के होबार्ट राउंड के लिए 24 सदस्यीय वाली टीम घोषित कर दी है। ये राउंड 20 से 25 फरवरी तक होबार्ट के तस्मानिया हॉकी सेंटर में आयोजित होगा। टूर्नामेंट के इस स्टेज में भारत के साथ स्पेन और होस्ट देश ऑस्ट्रेलिया शामिल होगा। टूर्नामेंट के राउरकेला लेग में भारतीय टीम का सामना बेल्जियम और अर्जेंटीना से हुआ था, लेकिन अब फैंस का ध्यान होबार्ट लेग पर है। 24 सदस्यीय भारतीय टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ होनहार युवा प्रतिभाशाली खिलाड़ी भी शामिल हैं। टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 में दो बार के ओलंपिक मेडलिस्ट हार्दिक सिंह को टीम का कप्तान चुना गया है। इस टीम में अमनदीप लाकड़ा और मनमीत सिंह जैसे होनहार युवा खिलाड़ी भी शामिल हैं, जिन्होंने राउरकेला लेग के दौरान सीनियर टीम के लिए डेब्यू किया था। हालांकि, हरमनप्रीत सिंह निजी कारणों की वजह से टीम का हिस्सा नहीं हैं। भारतीय टीम में सूरज करकेरा और मोहित होनेनहल्ली शशिकुमार बतौर गोलकीपर नजर आएंगे। वहीं, अमित रोहिदास, जरमनप्रीत सिंह, जुगराज सिंह, संजय और सुमित डिफेंस को मजबूती देंगे।कप्तान हार्दिक सिंह, संजय, विवेक सागर प्रसाद और राज कुमार पाल मिडफील्ड को लीड करेंगे। यहां उनका साथ राजिंदर सिंह, मनमीत सिंह, मोइरंगथेम रबीचंद्र सिंह और विष्णु कांत सिंह देंगे। फॉरवर्ड लाइन की कमान मंदीप सिंह, अभिषेक और शिलानंद लाकड़ा जैसे जाने-माने स्टार संभालेंगे। अंगद बीर सिंह, जिन्होंने पिछले साल सीनियर टीम के लिए डेब्यू किया था, अपने पहले इंटरनेशनल टूर के लिए भी वापस आ गए हैं। इसके अलावा, उभरते हुए टैलेंट अरायजीत सिंह हुंडल और आदित्य अर्जुन लालागे अटैकिंग लाइनअप को पूरा करते हैं। एफआईएच मेंस प्रो लीग 2025–26 (होबार्ट लेग) के लिए 24 सदस्यीय भारतीय टीम: गोलकीपर: सूरज करकेरा और मोहित होनेनहल्ली शशिकुमार। डिफेंडर: अमित रोहिदास, जरमनप्रीत सिंह, जुगराज सिंह, संजय, सुमित, अमनदीप लाकड़ा, यशदीप सिवाच और पूवन्ना चंदुरा बॉबी। मिडफील्डर: राजिंदर सिंह, मनमीत सिंह, विवेक सागर प्रसाद, हार्दिक सिंह, मोइरंगथेम रबीचंद्र सिंह, विष्णु कांत सिंह और राज कुमार पाल। फॉरवर्ड: अभिषेक, शिलानंद लाकड़ा, मंदीप सिंह, अरजीत सिंह हुंदल, आदित्य अर्जुन लालगे, अंगद बीर सिंह और मनिंदर सिंह।

कांग्रेस के संगठन में फेरबदल की तैयारी, AICC महासचिव बनने की है दावेदारी

रायपुर: कांग्रेस जाति जनगणना के मुद्दे को लेकर देशभर में बड़ा अभियान छेड़ने जा रही है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Mallikarjun Kharge और पूर्व अध्यक्ष Rahul Gandhi 20 अगस्त से सभी राज्यों का दौरा करेंगे। इसी क्रम में उनका छत्तीसगढ़ दौरा भी प्रस्तावित है। केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी को निर्देश दिया है कि 20 से 31 अगस्त के बीच का विस्तृत कार्यक्रम तैयार कर भेजा जाए। इसके आधार पर छत्तीसगढ़ में राहुल गांधी और खरगे के दौरे की तिथि तय की जाएगी। संगठन में बदलाव की अटकलें तेज दिल्ली से लौटे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने संगठन में बड़े बदलाव की चर्चाओं को खारिज किया है। उनका कहना है कि बैठक में बदलाव को लेकर कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel और पूर्व डिप्टी सीएम T. S. Singh Deo को बड़ी जिम्मेदारी मिलने की चर्चा जोरों पर है। सूत्रों के अनुसार, बघेल को ओबीसी चेहरे के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर महासचिव की भूमिका दी जा सकती है, जबकि सिंहदेव को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की अटकलें हैं। हालांकि, सिंहदेव ने इन अटकलों पर कहा कि दिल्ली में केवल चुनावी हार के कारणों पर चर्चा हुई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता धनेन्द्र साहू ने भी स्पष्ट किया कि संगठनात्मक बदलाव पर कोई निर्णय नहीं हुआ है। अभियान की तैयारी शुरू दिल्ली में सभी प्रभारियों और प्रदेश अध्यक्षों को जाति जनगणना अभियान की तैयारियों के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश अध्यक्ष दिल्ली से लौटने के बाद बैठक लेकर जिलों का दौरा करेंगे। पार्टी कार्यकर्ताओं को जागरूक करने और प्रशिक्षण देने की योजना बनाई जा रही है, ताकि वे जनता के बीच जाति जनगणना को लेकर फैली गलतफहमियों को दूर कर सकें। ओडिशा में हाल ही में पूरी प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भंग किए जाने के बाद छत्तीसगढ़ में भी संभावित बदलाव की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। अब सभी की नजर हाईकमान के फैसले पर टिकी है। 

‘सिफारिश नहीं, बस योग्यता’: MP कांग्रेस में प्रवक्ता खोजने के लिए टैलेंट हंट अभियान

भोपाल मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने प्रवक्ता, शोध कोऑर्डिनेटर और प्रचार-प्रसार कोऑर्डिनेटर के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने बताया कि इस चयन प्रक्रिया के लिए 28 फरवरी तक आवेदन किए जा सकेंगे। कांग्रेस 'टैलेंट हंट प्रोग्राम' के माध्यम से युवाओं को मौके देगी। जीतू पटवारी ने औपचारिक घोषणा करते हुए कहा कि बदलते राजनीतिक परिदृश्य में पार्टी को ऐसे ऊर्जावान, वैचारिक रूप से प्रतिबद्ध और शोधपरक सोच रखने वाले साथियों की आवश्यकता है, जो कांग्रेस की विचारधारा को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचा सकें। जीतू पटवारी ने कहा कि ऐसे लोगों का चयन किया जाएगा जो कांग्रेस की विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धता एवं स्पष्ट वैचारिक समझ, समसामयिक मुद्दों पर गहन अध्ययन एवं शोध क्षमता, प्रभावशाली संवाद कौशल एवं वाक्पटुता, साथ ही मीडिया प्रबंधन की समझ, तथ्यात्मक एवं प्रमाणिक प्रस्तुति की क्षमता के अलावा संगठनात्मक अनुशासन एवं जनसरोकारों के प्रति संवेदनशीलता रखते हों। बताया गया है कि पार्टी में प्रवक्ता, 'शोध कोऑर्डिनेटर’ और 'प्रचार-प्रसार कोऑर्डिनेटर' का चयन किया जाना है। युवाओं को मौका देगी कांग्रेस यह टैलेंट हंट कार्यक्रम जिला, संभाग, प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर तक होगा और प्रतिभाशाली युवाओं को पार्टी मौका देगी। यह आवेदन 28 फरवरी तक जमा होंगे। इसके तहत संभाग स्तर पर इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे। इन इंटरव्यू में एआईसीसी द्वारा नामित कोऑर्डिनेटर, टैलेंट हंट कमेटी के सदस्य, वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं संबंधित जिला अध्यक्ष संयुक्त रूप से प्रतिभागियों का मूल्यांकन करेंगे। अंतिम निर्णय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (एआईसीसी) द्वारा लिया जाएगा। योग्यता को मिलेगा मौका जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि विचारों का आंदोलन है। यह टैलेंट हंट कार्यक्रम उसी परिवर्तन की शुरुआत है, जहां अवसर सिफारिश से नहीं, योग्यता से मिलेगा। प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों से सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि यह पहल प्रदेश की राजनीति में वैचारिक मजबूती और तथ्याधारित विपक्ष की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कांग्रेस ऐसे युवाओं को मंच दे रही है जो पढ़ें, शोध करें और तथ्यों के साथ जनता की आवाज बनें। यह कार्यक्रम लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करेगा और सरकार के दावों की तथ्य प्रदान समीक्षा सुनिश्चित करेगा। 20 प्रदेश प्रवक्ताओं का चयन होगा मीडिया विभाग अध्यक्ष मुकेश नायक ने बताया कि इस टैलेंट हंट प्रक्रिया के माध्यम से सीमित एवं गुणवत्ता-आधारित चयन किया जाएगा। इस प्रक्रिया से केवल 20 प्रदेश प्रवक्ताओं का चयन किया जाएगा और कुछ मीडिया पैनलिस्ट, संभाग एवं जिला स्तर पर दो-दो अधिकृत प्रवक्ता, राष्ट्रीय स्तर पर दो पैनलिस्ट तथा एक विशेष अंग्रेजी मीडिया पैनलिस्ट का चयन किया जाएगा।

हिमंता का मास्टरस्ट्रोक: चुनाव से पहले महिलाओं को मिलेगा सीधे लाभ, आरक्षण की घोषणा भी

गुवाहाटी  असम में विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही सियासत गर्मा गई है. मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने राज्य की जनता के लिए बड़ी घोषणाओं की झड़ी लगा दी है.  असम कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जिन्हें चुनाव से पहले सरकार का सबसे बड़ा कार्ड माना जा रहा है. सरकार ने ‘मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता योजना’ का दायरा बढ़ाते हुए इसमें 1 लाख से ज्यादा नए लाभार्थियों को जोड़ने का फैसला किया है. इसके अलावा आदिवासी और चाय बागान समुदाय के लोगों के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण का रास्ता भी साफ कर दिया गया है. महिलाओं के खाते में सीधे पहुंचेगा पैसा, क्या है सरकार की स्कीम? असम सरकार की ‘मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता योजना’ राज्य में काफी लोकप्रिय हो रही है. इस योजना के तहत राज्य की 32 लाख महिलाओं को पहले ही 10,000 रुपये की पहली किस्त मिल चुकी है. मुख्यमंत्री ने बताया कि कुछ पात्र महिलाएं इस फंड से वंचित रह गई थीं. इसी को देखते हुए कैबिनेट ने आज 1,03,500 नई लाभार्थियों को जोड़ने की मंजूरी दी है. बिहार, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की कैश ट्रांसफर योजनाओं की तर्ज पर असम की यह स्कीम भी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई है. जानकारों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं को कैश देना वोट बैंक को साधने की एक बड़ी कोशिश है. नौकरियों में 3 प्रतिशत आरक्षण और नए सैनिक स्कूल की सौगात हिमंता कैबिनेट ने केवल महिलाओं के लिए ही नहीं, बल्कि आदिवासी और चाय बागान समुदायों के लिए भी बड़ा फैसला लिया है. अब राज्य की सरकारी नौकरियों (ग्रेड 1 और ग्रेड 2) में इन समुदायों के लिए 3 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है. चाय बागान समुदाय असम की राजनीति में एक निर्णायक भूमिका निभाता है. ऐसे में यह आरक्षण चुनावी गणित को बदलने की ताकत रखता है. साथ ही कैबिनेट ने कार्बी आंगलोंग के लांगवोकु क्षेत्र में राज्य का दूसरा सैनिक स्कूल बनाने के लिए 335 करोड़ रुपये के फंड को भी हरी झंडी दिखा दी है. असम बना देश का सबसे तेजी से बढ़ने वाला राज्य असम की वित्त मंत्री अजंता नियोग ने विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 62,294.78 करोड़ रुपये का अंतरिम बजट (लेखानुदान) पेश किया. बजट भाषण के दौरान उन्होंने आरबीआई के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि असम इस समय देश का सबसे तेजी से बढ़ने वाला राज्य है. उन्होंने दावा किया कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय पिछले पांच वर्षों में दोगुनी से भी अधिक हो गई है. साल 2020-21 में यह 86,947 रुपये थी, जो 2025-26 में बढ़कर 1,85,429 रुपये पहुंच गई है. यह 113 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी है. सरकार का लक्ष्य असम को 2028 तक 10 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था बनाना है. चुनाव आयोग की तैयारी और राजनीतिक दलों की मांग एक तरफ सरकार घोषणाएं कर रही है, तो दूसरी तरफ चुनाव आयोग ने भी कमर कस ली है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अगुवाई में आयोग की टीम असम के दौरे पर है. मंगलवार को सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग से मुलाकात की. कांग्रेस, बीजेपी और आम आदमी पार्टी समेत कई दलों ने मांग की है कि असम में चुनाव एक या अधिकतम दो चरणों में कराए जाएं. इसके साथ ही दलों ने सुझाव दिया है कि चुनाव की तारीखें तय करते समय बिहू त्योहार का खास ख्याल रखा जाए. वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 20 मई को समाप्त हो रहा है, ऐसे में मार्च या अप्रैल में चुनाव होने की पूरी संभावना है.

गेस्ट टीचर्स के लिए निराशाजनक खबर, 900 शिक्षकों को आरक्षण से वंचित किया गया

भोपाल  मध्यप्रदेश के सरकारी आइटीआई संस्थानों में लंबे समय से कार्यरत लगभग 900 अतिथि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर परेशान हैं। विभाग ने 1120 प्रशिक्षण अधिकारी (टीओ) पदों पर भर्ती निकली है, इस सीधी नियमित भर्ती में उन्हें न आरक्षण मिला, न अनुभव का लाभ और न ही आयु सीमा में छूट दी गई है। इन शिक्षकों में कई ऐसे हैं जो 10 से 15 वर्षों से न्यूनतम मानदेय पर सेवाएं दे रहे हैं। उनका कहना है कि जब विभाग में नियमित स्टाफ की कमी थी, तब उन्होंने संस्थानों को संभाला। अब जब स्थायी नियुक्ति का अवसर आया, तो उन्हें सामान्य अभ्यर्थियों की तरह प्रतिस्पर्धा में खड़ा कर दिया गया है। अलग नीति अपना रही सरकार कई शिक्षक आयु सीमा पार करने की स्थिति में हैं, जिससे उनकी नौकरी की उम्मीद लगभग खत्म हो गई है। अतिथि शिक्षकों का आरोप है कि सरकार अन्य विभागों में अलग नीति अपना रही है। स्कूल शिक्षा विभाग में अतिथि शिक्षकों को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है, जबकि उच्च शिक्षा में 25 प्रतिशत आरक्षण और अनुभव के अंक का प्रावधान है। लेकिन आईटीआई अतिथि शिक्षकों को ऐसा कोई लाभ नहीं मिला। तत्कालीन मंत्री यशोधरा राजे ङ्क्षसधिया के समय प्रस्तावित 'संविदा नीति' आज तक लागू नहीं हो सकी। वर्तमान मंत्री गौतम टेटवाल से भी संगठन कई बार मिल चुका है। उच्च शिक्षा विभाग में भी यही हाल इधर उच्च शिक्षा विभाग के कॉलेज में कार्यरत अतिथि विद्वानों की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है। जिन कॉलेजों में सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति हो रही है उनसे अतिथि विद्वानों को बाहर कर दिया गया है। जबकि उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने किसी भी अतिथि विद्वान को बाहर न करने की घोषणा की थी हरियाणा मॉडल पर नियम तैयार कर इनको नियमित करने की बात भी कही गई थी। स्थिति यह है कि अब तक 100 से अधिक अतिथि विद्वान सेवा से बाहर हो चुके हैं लेकिन अन्य कॉलेजों में नियुक्ति नहीं दी गई।

भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों में YouTube ठप, लाखों यूज़र्स प्रभावित

 नई दिल्ली YouTube की सर्विस अचानक से कई देशों में ठप हो गई है. डाउनडिटेक्टर ने भी इसकी जानकारी दी है और लाखों लोगों ने इसकी रिपोर्ट भी की है. जब लोगों ने Youtube पर विजिट किया तो वह उसकी सर्विस को एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं, जिसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर भी इसकी जानकारी शेयर की है. अमेरिका में 3 लाख से ज्यादा लोगों ने डाउन डिटेक्टर पर इसकी रिपोर्ट की है.  यूट्यूब होमपेज डाउनलोड नहीं हो रहा है और उनको ये मैसेज दिखा रहा है, जिसका स्क्रीनशॉट हमने नीचे शेयर किया है. भारत, ब्रिटेन और अमेरिका समेत कई देशों में Youtube प्रभावित हुआ है.  Youtube ने किया पोस्ट  Youtube की सर्विस ठप होने के बाद कंपनी ने इसको लेकर X प्लेटफॉर्म (पुराना नाम Twitter) पर पोस्ट किया है. कंपनी ने बताया है अगरआपको अभी भी यूट्यूब की सर्विस एक्सेस करने में परेशानी हो रही है तो आप अकेले नहीं है. कंपनी जल्द ही इस प्रॉब्लम को सॉल्व करेगी, उनकी टीम इसपर काम कर रही है.   दुनियाभर के पोर्टल की सर्विस और आउटेज को ट्रैक करने वाली वेबसाइट डाउनडिटेक्टर ने भी Youtube Down होने की जानकारी दी है. यह प्रॉब्लम पोर्टल और ऐप दोनों पर सामने आई है. इसकी वजह से वीडियो स्ट्रीमिंग को लेकर बड़ी समस्या हो रही है. गूगल का Youtube दुनियाभर में पॉपलर है. इसका इस्तेमाल एंटरटेनमेंट से लेकर भजन आदि सुनने में भी किया जाता है. बहुत से स्टूडेंट Youtube की मदद से पढ़ाई भी करते हैं. ऐसे में सर्विस ठप होने की वजह से उन लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है.  सोशल मीडिया पर छाया ट्रेंड Youtube की सर्विस ठप होने के बाद X प्लेटफॉर्म पर बहुत से यूजर्स ने पोस्ट किया. इसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर #YouTubeDOWN ट्रेंड करने लगा. कई यूजर्स ने स्क्रीनशॉट्स शेयर किया. किसी ने कहा कि आज सुबह Youtube भी देर से सुबह है तो किसी ने इस जल्द ठीक करने का रिक्वेस्ट की. 

हिल स्टेशनों पर मौसम का यू-टर्न, जल्द होगी बारिश और बर्फबारी

शिमला  हिमाचल प्रदेश में मौसम बदलने वाला है. प्रदेश में जहां दोपहर तक बादल छाए रहे. लेकिन दोपहर बाद धूप निकल आई. मौसम विभाग ने 17 और18 फरवरी को प्रदेश में बारिश और बर्फबारी के आसार जताए हैं. हालांकि,कोई अलर्ट जारी नहीं किया है. मौसम विज्ञान के शिमला केंद्र ने दोपहर को जारी बुलेटिन में बताया कि पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो रहा है और इसका असर पंजाब और आसपास के इलाकों में देखने को मिलेगा. विभाग ने बताता किया पश्चिमी विक्षोभ के चलते दक्षिण-पूर्व पाकिस्तान और आसपास के इलाकों में भी मौसम बदलने के आसार हैं और ऐसे में हिमाचल प्रदेश के ऊँचे पहाड़ी क्षेत्रों में 17 और 18 फरवरी को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है. हालांकि, अगले सात दिन तक राज्य में मौसम शुष्क रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने बताया कि अगले 3–4 दिनों के दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है. चढ़ने लगा है पारा हिमाचल प्रदेश में अब दिन के समय तेज धूप खिल रही है. ऐसे में प्रदेश में पारा भी चढ़ने लगा है. उधऱ ज्यादातर स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से 4 से 7 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है. सुबह और शाम को हल्की ठंड महसूस हो रही है. लेकिन वैसे मौसम सुहावना बना हुआ है. इस बार कम बारिश हुई हिमाचल प्रदेश में विंटर सीजन में इस बार कम बारिश और बर्फबारी हुई. प्रदेश में चुनिंदा ही स्पेल देखने को मिले. अक्तूबर 2025 के बाद सीधे नए साल पर ही बारिश और बर्फबारी देखने को मिली. हालांकि, बीच में जोरदार बारिश और बर्फबारी एक स्पेल में हुई थी. मौसम विभाग ने बताया कि विंटर सीजन में इस बार सामान्य से 27 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है. चंबा में सामान्य से 45 फीसदी कम बादल बरसे हैं. इसी तरह, कांगड़ा में 24 फीसदी, किन्नौर में 59, कुल्लू में 10, लाहौल-स्पीति में 26, मंडी में 2, शिमला में 30 और सिरमौर में 6 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई. ऊना में 51 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है.

वन्यजीव सुरक्षा में बड़ा कदम: बांधवगढ़ के 4100 कुओं पर बनेगी मुंडेर, प्रशासन-रिजर्व ने मिलाया हाथ

उमरिया उमरिया स्थित विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। जिला प्रशासन और टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने रिजर्व क्षेत्र के नौ परिक्षेत्रों में लगभग 4,100 खुले कुओं पर मुंडेर (सुरक्षा दीवार) बनाने का काम की शुरुआत हो गई है।  वन क्षेत्र और उससे सटे ग्रामीण इलाकों में स्थित इन खुले कुओं में अक्सर जंगली जानवर और कभी-कभी ग्रामीण भी गिर जाते हैं। धमोखर परिक्षेत्र सहित कई इलाकों से ऐसी घटनाएं सामने आती रही हैं। हाल ही में जनवरी माह में धमोखर के रायपुर क्षेत्र में एक बाघ के कुएं में गिरने से मौत हो गई थी, जिसके बाद इस अभियान को और तेज किया गया। टाइगर रिजर्व के कोर और बफर दोनों क्षेत्रों में चिन्हित कुओं पर मुंडेर निर्माण का काम शुरू हो चुका है। अधिकारियों और कर्मचारियों की टीमें गांव-गांव जाकर बिना मुंडेर वाले कुओं का सर्वे कर रही हैं और प्राथमिकता के आधार पर निर्माण कार्य करा रही हैं। वन्यजीव फोटोग्राफर चेतन घारपुरे ने इस पहल को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि बिना मुंडेर वाले कुओं में वन्य प्राणियों के साथ-साथ ग्रामीणों के गिरने का भी खतरा बना रहता है। कुओं पर मजबूत मुंडेर बनने से वन्यजीव और मानव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। जिला प्रशासन और टाइगर रिजर्व प्रबंधन का लक्ष्य है कि चिन्हित सभी कुओं पर चरणबद्ध तरीके से मुंडेर निर्माण पूरा कर पूरे क्षेत्र को वन्यजीवों और स्थानीय निवासियों के लिए सुरक्षित बनाया जाए।

India AI Impact Summit 2026 में पेश हुआ Sarvam, ऑफलाइन AI की बड़ी झलक

 नई दिल्ली  India AI Impact Summit के दौरान Sarvam AI का नाम तेजी से सामने आया है. वजह है कंपनी का नया प्लेटफॉर्म Sarvam Edge. इसे ऑन-डिवाइस AI के तौर पर पेश किया गया है. आसान शब्दों में कहें तो यह AI आपके मोबाइल और लैपटॉप पर बिना इंटरनेट के भी चल सकता है. मतलब हर सवाल या कमांड के लिए डेटा क्लाउड पर भेजने की जरूरत नहीं होगी. प्रोसेसिंग डिवाइस के अंदर ही होगी. यह आइडिया नया नहीं है, लेकिन भारत जैसे देश में यह काफी प्रैक्टिकल हो सकता है. यहां हर जगह तेज और स्टेबल इंटरनेट नहीं मिलता. ऐसे में ऑफलाइन या लो-इंटरनेट पर चलने वाला AI ज्यादा काम का साबित हो सकता है. Sarvam Edge क्या करता है और किसके लिए बना है Sarvam Edge का फोकस रोजमर्रा के बेसिक AI कामों पर है. जैसे वॉइस को टेक्स्ट में बदलना. टेक्स्ट को दूसरी भाषा में ट्रांसलेट करना. और कुछ लिमिटेड AI असिस्टेंट टास्क. कंपनी भारतीय भाषाओं पर ज्यादा काम कर रही है. इसलिए इसका इस्तेमाल उन यूजर्स के लिए ज्यादा फायदेमंद हो सकता है जो हिंदी या दूसरी लोकल लैंग्वेज में काम करते हैं. ऑन-डिवाइस होने का एक फायदा प्राइवेसी से जुड़ा है. यूजर का डेटा बाहर सर्वर पर नहीं जाता. सब कुछ फोन या लैपटॉप में ही प्रोसेस होता है. हालांकि इसका दूसरा पहलू भी है. अगर डिवाइस पुराना है या कमजोर हार्डवेयर है तो परफॉर्मेंस और बैटरी पर असर पड़ सकता है. ChatGPT से तुलना, दोनों का अप्रोच अलग है ChatGPT क्लाउड पर चलने वाला बड़ा AI मॉडल है. यह इंटरनेट के जरिए काम करता है. इसकी ताकत यह है कि यह काफी जटिल सवालों को हैंडल कर सकता है. लॉन्ग कन्वर्सेशन कर सकता है. और कई टॉपिक्स पर डीप जवाब देता है. Sarvam Edge का अप्रोच अलग है. यह छोटे और हल्के मॉडल पर काम करता है. इसका मकसद हर तरह का जनरल AI बनना नहीं है. बल्कि कुछ खास टास्क को लोकल लेवल पर आसान बनाना है. जहां इंटरनेट नहीं है या स्लो है, वहां यह ज्यादा काम का हो सकता है. सीधी भाषा में कहें तो ChatGPT ज्यादा पावरफुल है, लेकिन Sarvam Edge ज्यादा प्रैक्टिकल कंडीशन को टारगेट करता है. दोनों का यूज-केस अलग है. Google Gemini से तुलना, स्केल और टारगेट में फर्क Google Gemini भी क्लाउड बेस्ड AI सिस्टम है. यह बड़े डेटा सेंटर पर चलता है. Gemini का फोकस मल्टीमॉडल AI पर है. यानी टेक्स्ट, इमेज और दूसरी चीजों को एक साथ समझना. यह हाई-एंड यूजर्स और कंपनियों के लिए ज्यादा डिजाइन किया गया है. Sarvam Edge यहां भी अलग रास्ता लेता है. इसका स्केल छोटा है. लेकिन टारगेट ज्यादा ग्राउंड लेवल यूजर हैं. खासकर वे लोग जो लोकल लैंग्वेज में काम करते हैं. और जिनके पास हर समय तेज इंटरनेट नहीं होता. इसलिए Gemini और Sarvam Edge को सीधा कंपटीटर कहना सही नहीं होगा. दोनों अलग जरूरतों को पूरा करते हैं. भारत के AI इकोसिस्टम में Sarvam की जगह भारत सरकार IndiaAI Mission के जरिए लोकल AI को बढ़ावा देने की बात कर रही है. Sarvam AI जैसे स्टार्टअप इसी इकोसिस्टम का हिस्सा हैं. इनका फोकस भारत के यूज-केस पर है. खासकर भाषा और एक्सेस से जुड़े मुद्दों पर. फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि Sarvam Edge भारत का ChatGPT बन गया है. अभी यह एक शुरुआती स्टेज का प्रोडक्ट है. असली तस्वीर तब साफ होगी जब ज्यादा लोग इसे अपने फोन और लैपटॉप पर इस्तेमाल करेंगे. और देखा जाएगा कि रियल लाइफ में यह कितना स्टेबल और काम का है. Sarvam AI का दावा, Gemini और ChatGPT से बेहतर कहां और क्यों Sarvam AI की टीम यह कह रही है कि उनके कुछ मॉडल भारत से जुड़े टास्क में Gemini और ChatGPT से बेहतर रिजल्ट दे रहे हैं. यह दावा जनरल AI पर नहीं है. कंपनी खास टास्क की बात कर रही है. जैसे इंडियन लैंग्वेज टेक्स्ट पढ़ना. पुराने डॉक्युमेंट समझना. और OCR जैसे काम. Sarvam का कहना है कि इन केस में उनके मॉडल ज्यादा सही आउटपुट दे रहे हैं. खासकर तब जब इनपुट में हिंदी, दूसरी लोकल भाषाएं या हिंग्लिश हो. यह दावा कहां तक सही है और इसकी लिमिट क्या है यह समझना जरूरी है कि यह तुलना हर तरह के AI काम पर लागू नहीं होती. Sarvam के दावे कुछ लिमिटेड बेंचमार्क और उनके अपने टेस्ट पर बेस्ड हैं. यह नहीं कहा जा सकता कि Sarvam हर मामले में Gemini या ChatGPT से बेहतर है. जनरल सवाल-जवाब, लॉन्ग चैट या बड़े नॉलेज टास्क में ग्लोबल मॉडल अब भी ज्यादा आगे हैं. Sarvam का स्ट्रॉन्ग पॉइंट लोकल यूज-केस है. खासकर इंडियन लैंग्वेज और लोकल कंटेंट से जुड़े काम.

चारधाम यात्रा अपडेट: यात्रियों से रजिस्ट्रेशन शुल्क लेने पर कमेटी की सिफारिश

देहरादून उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चार धाम यात्रा (Char Dham Yatra) से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है. राज्य सरकार चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से रजिस्ट्रेशन शुल्क लेने पर विचार कर रही है. इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसले से पहले डिटेल्‍ड अध्ययन के लिए कमेटी गठित कर दी गई है. गढ़वाल मंडल के कमिश्नर विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में बनी यह कमेटी अलग-अलग पक्षों से राय लेकर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी. कमेटी यह तय करेगी कि शुल्क लिया जाए या नहीं और अगर लिया जाए तो उसकी रकम कितनी हो. आखिरी फैसला राज्य सरकार द्वारा लिया जाएगा. स्टेकहोल्डर्स से हुई विस्तृत बातचीत दरअसल, पिछले कुछ दिनों से इस विषय पर मंथन चल रहा था. चारधाम यात्रा से जुड़े विभिन्न स्टेकहोल्डर्स जैसे होटल व्यवसायी, तीर्थ पुरोहित, स्थानीय व्यापारी और अन्य संबंधित पक्षों से अलग-अलग चरणों में बातचीत की गई. इन्हीं चर्चाओं के बाद रजिस्ट्रेशन शुल्क के प्रस्ताव को सैद्धांतिक रूप से हरी झंडी मिली है. क्या है शुल्क लगाने के पीछे तर्क? सरकार की ओर से जो तर्क सामने आया है उसके मुताबिक, यात्रा के दौरान अवांछित तत्वों पर निगरानी मजबूत की जा सके. केवल गंभीर और वास्तविक श्रद्धालु ही यात्रा के लिए पंजीकरण कराएं. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को ज्‍यादा सुव्यवस्थित और जिम्मेदार बनाया जा सके. भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी किया जा सके. इस मकसद के साथ शुल्‍क लगाने के बारे में विचार किया जा रहा है. हर वर्ष लाखों श्रद्धालु चारधाम यात्रा में शामिल होते हैं. अब ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जरूरी होने के बाद प्रशासन यात्रा प्रबंधन को और बेहतर बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है. कमेटी अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को सौंपेगी. इसके बाद ही यह तय होगा कि रजिस्ट्रेशन शुल्क लागू किया जाएगा या नहीं और उसकी दर क्या होगी?