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हैमर थ्रो में ब्रॉन्ज जीतकर लौटी सुधा सिंह, पर्यटन मंत्री के हाथों हुआ भव्य सम्मान

रायपुर पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल ने हैमर थ्रो में राज्य स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा सुधा सिंह को किया सम्मानित शासकीय नवीन महाविद्यालय लखनपुर, केवरा की बीएससी की प्रतिभावान छात्रा सुधा सिंह ने एथलेटिक्स की हैमर थ्रो विधा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान तथा राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में तृतीय स्थान प्राप्त कर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। उनकी इस उपलब्धि से महाविद्यालय परिवार सहित पूरे क्षेत्र में हर्ष और उत्साह का वातावरण है। इस उल्लेखनीय सफलता पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने छात्रा सुधा सिंह को सम्मानित करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि ग्रामीण अंचलों की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। आवश्यकता केवल उन्हें उचित मंच, संसाधन और प्रोत्साहन देने की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल और शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर अवसरों का विस्तार कर रही है, ताकि प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। सुधा सिंह की उपलब्धि यह सिद्ध करती है कि लगन, परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर सीमित संसाधनों के बावजूद भी बड़ी सफलताएं प्राप्त की जा सकती हैं। मंत्री  अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि हमारा संकल्प है कि बेटियों की प्रतिभा को उचित मंच और अवसर मिले, उनके सपने साकार हों। सुधा सिंह जैसी प्रतिभाएं न केवल अपने परिवार और महाविद्यालय का, बल्कि पूरे क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन करती हैं। महाविद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों ने भी छात्रा की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने भी सुधा सिंह को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सुधा सिंह की इस सफलता ने यह संदेश दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो तो कोई भी मुकाम दूर नहीं। खेल के क्षेत्र में उनकी यह उपलब्धि आने वाले समय में नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर होने का संकेत है।

छत्रपति शिवाजी का व्यक्तित्व एवं जीवन देता है राष्ट्र प्रेम की सीख- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

रायपुर. उप मुख्यमंत्री ने छत्रपति शिवाजी के प्रतिमा का किया लोकार्पण छत्रपति शिवाजी की 396 वें जन्म जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा का लोकार्पण उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने किया। यह प्रतिमा कवर्धा शहर में छत्रपति शिवाजी चौक पर स्थापित की गई है। प्रतिमा के पार्श्व में किले की दीवार और आजू बाजू में तोपों की प्रतिकृति बनाई गई है। जो पूरे प्रतिमा को भव्यता प्रदान कर रही है।  उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा यह कवर्धा के लिए ऐतिहासिक दिन है जब अदम्य वीरता और साहस के प्रतीक छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा उनके जन्म जयंती के अवसर पर यहां स्थापित की जा रही है। छत्रपति शिवाजी का व्यक्तित्व हमारे समाज और युवाओं के लिए पथ प्रदर्शक और प्रेरणादायी रहा है कि कैसे उन्होंने मुगल आतंक को चुनौती दी और अपनी वीरता से एक विशाल साम्राज्य की नींव रखी, जो आगे चलकर विदेशी ताकतों के खिलाफ भारतीय प्रतिरोध का प्रतीक बना। यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ी को प्रेरणास्त्रोत के रूप में राष्ट्र प्रेम की सीख देगा।  प्रदेश में लाल आतंक के खात्मे पर उन्होंने कहा कि हम सशस्त्र नक्सलिज्म को खत्म करने का कार्य कर रहे हैं। आज हम बस्तर से लाल आतंक के समूल नाश करने में निर्णायक स्थिति में पहुंच चुके हैं। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के नेतृत्व में यह संकल्प लिया गया था जिसे पूर्ण करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे हैं। कवर्धा में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 146 करोड़ की लागत से भव्य भोरमदेव मंदिर कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। जिसमें मड़वा महल, छेरकी महल और रामचुंवा को भी शामिल किया गया है, यहां के सरोवर और मेला स्थल को भी संवारा जाएगा। इसी प्रकार बूढ़ा महादेव मंदिर के उन्नयन एवं नदी तट को संवारने का काम किया जाएगा। यहां कांवड़िया सदन का निर्माण भी होने जा रहा है।          विधायक दुर्ग ग्रामीण  ललित चंद्राकर  ने कहा कि छत्रपति शिवाजी ने देश को एकजुट कर भारत को भारत बनाने में अपने प्राण न्यौछावर किया। उनका व्यक्तित्व आज इतने वर्षों बाद भी उतना ही प्रेरणादायी व अनुकरणीय है। उन्होंने पूरे समाज और पूरे देश को एक किया है। छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा की स्थापना शहर को न केवल भव्यता दे रहा है बल्कि युवाओं को हमारे अमर बलिदानी के योगदान की हमेशा याद दिलाएगा।             नगर पालिका अध्यक्ष  चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने अपने उद्बोधन में कहा कि छत्रपति शिवाजी का समूचा व्यक्तित्व और पूरा जीवन वीरता, शौर्य और साहस का प्रतीक है, उनकी स्मृति में छत्रपति शिवाजी के नाम से बने इस चौक में यह प्रतिमा स्थापित की गई है। उन्होंने उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा का भी प्रतिमा निर्माण करवाने हेतु आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर  राजेन्द्र चंद्रवंशी,  नितेश अग्रवाल ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष  सुरेश चंद्रवंशी, राज्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के सदस्य  भगतराम पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  विदेशीराम धुर्वे,  भुनेश्वर चंद्राकर,  उमंग पाण्डेय, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मती देवकुमारी चंद्रवंशी,  मनहरण कौशिक, मती सतविंदर पाहुजा, अध्यक्ष  सतीष चंद्रवंशी, मती विजय लक्षमी तिवारी सहित जनप्रतिनिधि, समस्त पार्षदगण, शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

हरियाणा के मंत्री अनिल विज का ब्लड प्रेशर कमने से तबीयत बिगड़ी

अंबाला. प्रदेश के ऊर्जा, परिवहन और श्रम मंत्री अनिल विज की वीरवार को तबीयत अचानक बिगड़ गई। उनको अंबाला कैंट नागरिक अस्पताल के हार्ट सेंटर लाया गया। यहां पर उनके टेस्ट व चेकअप हुए। चेक किया तो उनका ब्लड प्रेशर कम था, जबकि नब्ज भी डाउन मिली। इस कारण से उनको सेंटर में दाखिल किया गया। उनको दवाइयां दी गईं जबकि ब्लड प्रेशर व नब्ज पर नजर रखी गई। उपचार मिलने के बाद विज की स्थिति सामान्य हुई, जिसके बाद उनको डिस्चार्ज कर दिया गया। विज को फिलहाल डाक्टरों ने आराम की सलाह दी है। उधर, विज के आवास पर चरखी दादरी से विधायक सुनील सतपाल सांगवान ने मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने विज के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। विज को चिकित्सकों ने आराम करने की सलाह दी है। दोनों पैरों में फ्रैक्चर इससे पहले सोमवार को विज अपने आवास पर गिर गए हैं, जिससे उनके दोनों पैरों में फ्रैक्चर हो गया। डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है। चोट लगने के बावजूद विज ‘चल री सजनी अब क्या सोचे…’ गुनगुनाते रहे। 20 फरवरी से हरियाणा विधानसभा का सत्र शुरू होना है। हर बार सदन में अपने तेवरों और बेबाक बयानों से सुर्खियों में रहने वाले विज इस बार शायद सदन में नजर न आएं।

ऑनलाइन खरीदारी करते समय डेबिट कार्ड यूज करना क्यों है रिस्की? वजह जानकर चौंक जाएंगे

नई दिल्ली ऑनलाइन शॉपिंग के क्रेज पिछले कुछ साल से तेजी से बढ़ा है। आप भी करत होंगे ऑनलाइन शॉपिंग। ऑफर्स और डिस्काउंट्स की वजह से ज्यादा शॉपिंग होती है। लेकिन आपको मोड ऑफ पेमेंट के तौर पर क्या इस्तेमाल करना चाहिए? कैश ऑन डिलिवरी? या कार्ड? अगर आपका जवाब डेबिट कार्ड है तो शायद आपको डेबिट कार्ड से शॉपिंग करने से बचना चाहिए। इंटरनेट पर डेबिट कार्ड डीटेल्स देकर कोई भी सामान खरीदना खतरे से खाली नहीं है। ऑनलाइन शॉपिंग सेफ है और ये ऑफलाइन पेमेंट से भी सुरक्षित है। ऑनलाइन शॉपिंग के लिए डेबिट कार्ड यूज न करना दरअसल आपके बचाव का तरीका है। कई सारी परेशानियों से बच सकते हैं। अगर कुछ गलत हुआ तो आप इससे बच सकते हैं। ऑनलाइन पेमेंट के लिए डेबिट कार्ड का यूज न करने की दो वजहे हैं। भारत में ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के लिए कार्ड नंबर के साथ पासवर्ड या पिन की जरूरत होती है। पहली वजह डेबिट और क्रेडिट कार्ड्स से शॉपिंग करने से ई-ट्रांजैक्शन यूज होता है, लेकिन एक बड़ा फर्क है। क्रेडिट कार्ड की लिमिट होती है जिससे ज्यादा आप स्पेंड कर ही नहीं सकते। लेकिन डेबिट कार्ड की कोई लिमिट नहीं होती है। आपके अकाउंट में जितने पैसे हैं उतने की शॉपिंग आप कर सकते हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो डेबिट कार्ड अगर हैक हुआ तो अक्सर आप ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हो सकते हैं। मुमकिन है आपके सारे पैसे जा सकते हैं जितने आपके बैंक अकाउंट में हैं। अगर क्रेडिट कार्ड फ्रॉड होता है तो जितनी क्रेडिट लिमिट है उतने ही पैसे जाएंगे। दूसरी वजह क्रेडिट कार्ड में दी गई लिमिट आपका पैसा नहीं होता है। आप क्रेडिट कार्ड से शॉपिंग करते हैं तो आप बैंक का पैसा यूज कर रहे हैं जो फिर आपके ऊपर कर्ज बन जाता है जिसे बाद में बैंक को चुकाना होता है। बैंक इसके लिए इंटरेस्ट चार्ज करती है और कुछ समय तक ये फ्री होता है। ये फ्रॉड से प्रोटेक्शन का भी काम करता है। अगर क्रेडिट कार्ड में किसी ने सेंध भी लगाया है तो ये जिम्मेदारी बैंक की होती है कि वो उसे फ्रॉड से बचाए। आप बैंक को ये एक्सप्लेन कर सकते हैं कि क्रेडिट कार्ड का किसी ने गलत यूज किया है और आप इसके लिए जिम्मेदार नहीं हैं। ज्यादातर मामलों में बैंक ट्रांजैक्शन की खुद जांच करता है और अगर उन्हें ये समझ आता है कि आप सच बोल रहे हैं तो फ्रॉड किए गए पैसे आपसे नहीं मांगे जाते हैं जो आपके लिए अच्छी बात है। अगर आपके साथ डेबिट कार्ड फ्रॉड होता है तो आप बैंक को बता सकते हैं कि आपके कार्ड का गलत इस्तेमाल किया गया है, ये भी संभव है कि आपको वो पैसे भी वापस मिल जाएं, लेकिन क्रेडिट और डेबिट कार्ड के फ्रॉड में फर्क ये है कि अगर डेबिट कार्ड फ्रॉड हुआ तो पहले आपके पैसे चले जाएंगे और फिर अगर बैंक आपके दावे को सच मानेका तो वापस मिलेंगे। लेकिन क्रेडिट कार्ड के मामले में आपका पैसा नहीं जाता है, जब तक की बैंक आगे चल कर ये मानने से इनकार कर दे कि आपके साथ कोई फ्रॉड हुआ है। इसके बाद आपसे पैसे चुकाने को कहे जाएंगे। हालांकि तब भी आप इसे चैलेंज कर सकते हैं। साधारण शब्दों में कहें तो अगर आप डेबिट कार्ड यूज करके पैसे स्पेंड कर रहे हैं तो आपके कैश का तत्काल नुकसान होता है। बैंक से पैसे तुरंत कट जाते हैं, क्रेडिट कार्ड अलग तरीके से काम करता है। यहां ट्रांजैक्शन और पेमेंट करने के बीच आपके पास समय होता है, जो आमतौर पर क्रेडिट कार्ड के बिलिंग साइकल का आखिरी टाइम होता है।  

खनिज विभाग की सख्ती से मचा हड़कंप, अवैध खनन व परिवहन में 16 वाहन सीज

  जगदलपुर बस्तर जिले में अवैध उत्खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए खनिज विभाग के द्वारा अभियान चलाया गया. खनिज विभाग के जांच दल ने पिछले 9 दिनों के भीतर छापेमारी कर अवैध गतिविधियों में संलिप्त 16 वाहनों को जब्त किया है. खनिज विभाग की कार्रवाई के दौरान रेत, चूना पत्थर और लाल ईंट का अवैध रूप से परिवहन कर रहे ट्रैक्टर, हाइवा और टिप्परों को जब्त किया गया. वाहन ग्राम कंगोली, परपा, बालेंगा, लालबाग और पल्लीनाका जैसे क्षेत्रों से गुजर रहे थे. इसके अलावा मूतनपाल क्षेत्र में रेत का अवैध उत्खनन करते हुए एक चेन माउंटेड पोकलेन मशीन को भी जब्त कर पुलिस अभिरक्षा में सौंपा गया है. अवैध उत्खनन और परिवहन के सभी 16 प्रकरणों में छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियमावली 2015 के नियम 71 और खान एवं खनिज (विकास तथा विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की गई है.

बॉक्स ऑफिस पर दोबारा राज करने आ रहे हैं Bobby Deol, Bandar की रिलीज डेट सामने आई

मुंबई एक्टर बॉबी देओल जल्द ही फिर से धमाका करने के लिए तैयार हैं. हाल ही में उनकी अपकमिंग फिल्म ‘बंदर’ के मेकर्स ने फिल्म की रिलीज डेट कंफर्म कर दिया है. इस फिल्म का नेतृत्व डायरेक्टर अनुराग कश्यप और लेखक सुदीप शर्मा व अभिषेक बनर्जी कर रहे हैं. बता दें कि बॉबी देओल की फिल्म ‘बंदर’ 22 मई 2026 को वर्ल्डवाइड रिलीज होने वाली है. पिछले कुछ सालों में बॉबी देओल ने अपनी दमदार परफॉर्मेंस से धमाका कर रखा है. वहीं, अब वो इस इंटेंस ड्रामा में एक बिल्कुल अलग अंदाज में दिखने वाले हैं. इस फिल्म को निखिल द्विवेदी ने प्रोड्यूस किया है और इसके पीछे जी स्टूडियोज का बड़ा हाथ है. फिल्म ‘बंदर’ की कमान अनुराग कश्यप के हाथों में है, जिन्हें उनकी बेबाक और बेखौफ कहानियों के लिए जाना जाता है. ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ और ‘ब्लैक फ्राइडे’ जैसी फिल्में गवाह हैं कि अनुराग का सिनेमा दिखाने का अपना एक अलग और दमदार अंदाज है. ​इस फिल्म को सुदीप शर्मा और अभिषेक बनर्जी ने लिखा है, जो ‘पाताल लोक’, ‘कोहरा’ और ‘उड़ता पंजाब’ जैसे बेहतरीन प्रोजेक्ट्स के पीछे का दिमाग रहे हैं. सुदीप शर्मा ने हाल ही में ‘कोहरा 2’ का निर्देशन भी किया है, जिसकी हर तरफ जमकर तारीफ हुई है. फिल्म की स्टारकास्ट बता दें कि ​फिल्म की स्टारकास्ट भी काफी दमदार और दिलचस्प है. फिल्म ‘बंदर’  में सान्या मल्होत्रा, राज बी शेट्टी, जितेंद्र जोशी, सपना पब्बी, इंद्रजीत सुकुमारन, रिद्धि सेन और नागेश भोसले जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे.

बोर्ड के बच्चों के लिए पास में ही बनाए गए परीक्षा केन्द्र

भिवानी. हरियाणा विद्यालय शिक्षा दावा किया है कि 25 और 26 फरवरी से शुरू होने वाली दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों के घर के समीप ही परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार ने उन्होंने कहा कि विशेषकर छात्राओं को दूसरे गांव या शहर में परीक्षा देने जाने में दिक्कतें आती हैं, इसलिए केंद्रों का गठन इसी दृष्टि से किया गया है। वहीं, उन्होंने यह भी कहा कि इसी वर्ष जुलाई में एचटेट होगी और इसकी तैयारियां समय से पूरी की जाएंगी। प्रदेशभर में कुल 1421 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। दसवीं की परीक्षा में 2,95,739 परीक्षार्थी शामिल होंगे, जिनमें एक लाख 55 हजार 15 छात्र और एक लाख 40 हजार 724 छात्राएं हैं। वहीं, बारहवीं की परीक्षा में 2,70, 657 परीक्षार्थी भाग लेंगे।

छक्कों का किंग कौन? T20 WC 2026 में भारत नंबर-1, USA-इटली ने मचाया धमाल

नई दिल्ली  टी20 का मतलब है चौके-छक्कों की बरसात…फैंस को यही धूम धड़ाका इस फॉर्मेंट की ओर आकर्षित करता है। भारत-श्रीलंका में इस समय टी20 वर्ल्ड कप जारी है, जिसमें कुल 20 टीमें हिस्सा ले रही हैं। ग्रुप स्टेज लगभग खत्म हो गई है, आज यानी शुक्रवार, 20 फरवरी को ग्रुप स्टेज का आखिरी मुकाबला ऑस्ट्रेलिया और ओमान के बीच खेला जाना है। अभी तक हुए 39 मुकाबलों में 1000 से अधिक चौके और 500 से ज्यादा छ्क्के लगे हैं। आईए एक नजर उन टीमों पर डालते हैं, जिन्होंने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अभी तक सबसे ज्यादा छक्के लगाए हैं। इस लिस्ट में सरप्राइज यह है कि पाकिस्तान से ज्यादा छक्के अभी तक इटली और यूएसए की टीमें लगा चुकी है, जो टूर्नामेंट से बाहर हो गई है। भारत ने लगाए सबसे ज्यादा सिक्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अभी तक खेले गए 39 मैचों में कुल 502 छक्के लगे हैं। इनमें से सबसे अधिक छक्के टीम इंडिया ने लगाए हैं। जी हां, भारत अभी तक इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाला देश है। 502 में से सबसे अधिक 40 छक्के भारतीय खिलाड़ियों के बल्ले से निकले हैं, इनमें से 11 छक्के तो अकेले ईशान किशन ने ही लगाए हैं। बता दें, ईशान किशन टी20 वर्ल्ड कप 2026 में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज हैं। उनके अलावा पाकिस्तान के ओपनर साहिबजादा फरहान ने भी इतने ही छक्के लगाए हैं। इटली का नाम हैरान कर देने वाला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाली टॉप-5 टीमों में सबसे ज्यादा हैरान कर देने वाला नाम इटली का है। इटली सुपर-8 के लिए तो क्वालीफाई नहीं कर पाई, मगर टूर्नामेंट के दौरान उन्होंने फैंस का खूब मनोरंजन किया। इटली ने इस टी20 वर्ल्ड कप में अफगानिस्तान के बराबर 34 छक्के लगाए। उनके ऊपर दो ही टीमें -इंग्लैंड और वेस्टइंडीज- है, जिन्होंने 36-36 सिक्स लगाए है। पाकिस्तान के आगे यूएसए और इटली हैरानी की बात यह भी है कि साहिबजादा फरहान द्वारा 11 छक्के लगाए जाने के बाद पाकिस्तान इस लिस्ट में 9वें पायदान पर है। पाकिस्तान ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में कुल 28 सिक्स लगाए हैं। उनसे ज्यादा छक्के तो यूएसए (33) ने लगाए है, जो लिस्ट में 6ठे पायदान पर है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाली टॉप-10 टीमें- भारत- 40 इंग्लैंड- 36 वेस्टइंडीज- 36 अफगानिस्तान- 34 इटली- 34 यूएसए- 33 न्यूजीलैंड- 32 साउथ अफ्रीका- 31 पाकिस्तान- 28 स्कॉटलैंड- 26

ताम्रध्वज साहू के बयान पर भड़के विजय शर्मा, कहा– नक्सलियों के खिलाफ कदमों में भी राजनीति शर्मनाक

कवर्धा उप मुख्यमंत्री व गृह मंत्री विजय शर्मा ने पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू के निर्धारित समय सीमा के भीतर नक्सलियों को खत्म नहीं कर पाने वाले बयान पर तगड़ा प्रहार किया है. उन्होंने कहा कि पांच साल तक सरकार में रहने के दौरान अपने ही शहीदों के लिए कभी कुछ न कर पाए. और आज जब विष्णु देव साय की सरकार उस पर काम कर रही है, तो कांग्रेसियों को उसमें राजनीति दिखती है. धिक्कार है ऐसे लोगों को. छत्रपति शिवाजी की जयंती पर कवर्धा के शिवाजी चौक पर छत्रपति शिवाजी की भव्य प्रतिमा का उप मुख्यमंत्री व गृह मंत्री विजय शर्मा ने अनावरण किया. इस दौरान उन्होंने पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू के बयान पर कहा कि जब भी मैं झीरम घाटी को क्रास किया हूं, शहीदों को याद किया हूं. कांग्रेस वाले भले ही कहते हैं कि हमारे लोग हैं. लेकिन हम कहते हैं कि छत्तीसगढ़ का नेतृत्व था. उन्होंने अपना कहा, लेकिन अपनी 5 साल की सरकार में उनके लिए कभी कुछ नहीं किया. षड्यंत्र करते रहे. विजय शर्मा ने कहा कि आज भाजपा की सरकार देश के गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ से नक्सलियों का सफाया को रहा है, और उन शहीदों को हमारे सशत्र बल के जवान सच्ची श्रद्धांजलि दे रहे हैं. झीरम में मैं रुककर उस स्थान को प्रणाम किया था, वहां एक मेमोरियल जैसा भी बना हुआ है. मैंने उसी दिन मन ही मन संकल्प लिया था कि जिस दिन नक्सलियों से प्रदेशवासियों को मुक्ति मिलेगी, उस दिन इन सारे वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करूंगा. परंतु कांग्रेस को इसमें में राजनीति दिखती है, तो धिक्कार है ऐसे पार्टी को.

क्या जंग के मुहाने पर हैं अमेरिका और ईरान: सैन्य ताकत, पलटवार की योजना और युद्ध के असर

अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष की आहट बढ़ती जा रही है। डोनाल्ड ट्रंप ने दो एयरक्राफ्ट कैरियर बेड़ों को ईरान की खाड़ी पर तैनात करने  के आदेश दे दिए। इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया। ईरान ने भी होर्मुज जलडमरूमध्य में एक युद्धाभ्यास कर इस क्षेत्र को पूरी तरह बंद करने का संकेत दिया, जो वैश्विक तेल सप्लाई में बाधा पहुंचाने वाला कदम साबित हो सकता है। यानी अमेरिका से लेकर यूरोप और अफ्रीका से लेकर पूरे एशिया के लिए आने वाले दिन कूटनीतिक स्तर पर काफी अहम होने वाले हैं। ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर अमेरिका और ईरान के बीच हालिया विवाद क्यों और कब से उभरा है? अमेरिका की तरफ से कौन से हथियार और बेड़े पश्चिम एशिया की तरफ भेजे गए हैं? ईरान इस स्थिति से निपटने के लिए कैसे तैयारी कर रहा है? अगर दोनों देशों के बीच संघर्ष भड़कता है तो इसका क्या असर हो सकता है? पहले जानें- ईरान-अमेरिका के बीच कैसे-क्यों भड़का है तनाव? ईरान-अमेरिका के बीच तनाव ईरान में महंगाई को लेकर विरोध प्रदर्शनों और उसके खिलाफ सरकारी कार्रवाई के बीच बढ़ा। तनाव की एक और वजह इस दौरान अमेरिका की ओर से पश्चिम एशिया में की गई सैन्य तैनाती भी रही, जिसके जरिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के अयातुल्ला शासन को खत्म करने की चेतावनी दे रहे हैं। इन सबके साथ ही ईरान का परमाणु कार्यक्रम हमेशा से ही दोनों पक्षों में तनाव का बड़ा कारण रहा है। 1. परमाणु कार्यक्रम अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना चाहता है और राष्ट्रपति ट्रंप एक नए परमाणु समझौते के लिए दबाव बना रहे हैं। 2. आंतरिक विरोध प्रदर्शन दिसंबर 2025 में ईरान में बढ़ती कीमतों और गिरती मुद्रा के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों पर ईरानी सरकार की सख्त कार्रवाई हुई। इसमें हजारों लोगों के मारे जाने की खबर है। बताया जाता है कि इन घटनाओं को खुद अमेरिका ने भड़काया, ताकि वह ईरान के मामलों में दखल दे सके। 3. क्षेत्रीय सुरक्षा ईरान का लगातार बढ़ता बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और इस्राइल जैसे अमेरिकी सहयोगियों पर बढ़ता खतरा भी दोनों देशों के बीच तनाव का बड़ा कारण है। इसके अलावा सऊदी अरब, यूएई भी अलग-अलग मौकों पर ईरान को लेकर खतरा जताते रहे हैं। अमेरिका की तरफ से कौन से हथियार और बेड़े पश्चिम एशिया की तरफ भेजे गए हैं? अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के सूत्रों और सैटेलाइट तस्वीरों के हवाले से अमेरिकी मीडिया ने दावा किया है कि ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में 2003 के इराक आक्रमण के बाद से अब तक की सबसे बड़ी सैन्य लामबंदी की गई है। इन सैन्य बेड़ों में अमेरिका के सबसे घातक एफ-22 रैप्टर लड़ाकू विमान से लेकर सबसे बड़े और खतरनाक युद्धपोत यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड शामिल हैं। 1. नौसैनिक बेड़े विमानवाहक पोत: अमेरिका ने इस क्षेत्र में दो परमाणु-संचालित विमानवाहक पोत तैनात किए हैं। पहला यूएसएस अब्राहम लिंकन है, जो जनवरी के अंत में अरब सागर पहुंच चुका है। इसके बाद दुनिया के सबसे बड़े और आधुनिक विमानवाहक पोत यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड को भी क्षेत्र में पहुंचने का आदेश दिया गया है। यह मौजूदा समय में अटलांटिक महासागर से पश्चिम एशिया के रास्ते पर है। विध्वंसक पोत: वर्तमान में क्षेत्र में कुल 13 विध्वंसक पोत तैनात किए जा चुके हैं। इनमें यूएसएस अब्राहम लिंकन के साथ आए तीन प्रमुख पोत- यूएसएस फ्रैंक ई. पीटरसन जूनियर, यूएसएस स्प्रुआंस और यूएसएस माइकल मर्फी शामिल हैं। ये पोत उन्नत रडार और बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणालियों से लैस हैं। 2. वायु शक्ति और लड़ाकू विमान लड़ाकू विमान: अमेरिका ने बड़ी संख्या में एफ-22 रैप्टर और एफ-35 लाइटनिंग II जैसे स्टील्थ फाइटर जेट तैनात किए हैं। इनके अलावा एफ-15 और एफ-16  फैल्कन लड़ाकू विमानों की स्क्वाड्रन भी भेजी गई हैं। सहायक विमान: हवाई अभियानों के संचालन के लिए ई-3 सेंट्री (अवाक्स) टोही विमान, केसी-135 रिफ्यूलिंग टैंकर और ई-11 युद्धक्षेत्र संचार विमान तैनात किए गए हैं। ड्रोन और बमवर्षक: जॉर्डन के मुवाफ्फाक साल्टी एयर बेस पर कम से कम पांच एमक्यू-9 रीपर ड्रोन देखे गए हैं। इसके अलावा, डिएगो गार्सिया द्वीप पर बी-2 स्टील्थ बमवर्षक विमानों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। इन्हीं बी-2 बमवर्षक विमानों के जरिए अमेरिका ने पिछले साल ऑपरेशन मिडनाइट हैमर को अंजाम दिया था और ईरान के परमाणु ठिकानों पर जीबीयू-57 बम बरसाए थे। 3. मिसाइल और रक्षा प्रणालियां हमलावर मिसाइलें: अमेरिकी युद्धपोत टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों से लैस हैं, जिनका इस्तेमाल पहले भी ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले के दौरान रक्षा व्यवस्थाओं को ध्वस्त करने के लिए किया जा चुका है। हवाई रक्षा प्रणालियां: ईरानी मिसाइलों के जवाबी हमले से सुरक्षा के लिए पेंटागन ने क्षेत्र में अतिरिक्त पैट्रियट और एयर डिफेंस सिस्टम (THAAD) हवाई रक्षा प्रणालियां तैनात की हैं। इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर: विमानवाहक पोतों पर इलेक्ट्रॉनिक-वारफेयर विमान और एएन/एसएलक्यू-25ए निक्सी जैसे डिकॉय सिस्टम भी मौजूद हैं, जो दुश्मन के हथियारों को भ्रमित कर सकते हैं और अपने किसी भी हथियार को हमले से बचा सकते हैं। मौजूदा समय में कहां है अमेरिका का यह सैन्य जमावड़ा? अमेरिका का यह सैन्य जमावड़ा ईरान के इर्द-गिर्द कई रणनीतिक स्थानों पर तैनात है, इनमें प्रमुख एयरबेस और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र जॉर्डन, सऊदी अरब और ओमान के पास स्थित हैं। इसके अलावा अरब सागर, हिंद महासागर, बहरीन और कतर में भी अमेरिका के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाने और सुविधाएं मौजूद हैं। पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में लगभग 30,000 से 40,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। ईरान कैसे कर रहा अमेरिका के हमले का जवाब देने की तैयारी? अमेरिका के बढ़ते सैन्य दबाव के जवाब में ईरान ने भी अपनी सैन्य और रणनीतिक तैयारियां तेज कर दी हैं। 1. सैन्य हाई अलर्ट और जवाबी हमले की चेतावनी 25 जनवरी को ईरान ने घोषणा की कि उसके सशस्त्र बल पूर्ण सतर्कता की स्थिति में आ गए हैं। ईरान के संयुक्त राष्ट्र मिशन ने चेतावनी दी है कि यदि उसे उकसाया गया, तो वह ऐसा जवाब देगा जैसा पहले कभी नहीं देखा गया। 2. रणनीतिक नौसैनिक अभ्यास होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान ने अपनी ताकत दिखाने के लिए कई लाइव-फायर ड्रिल्स की हैं। ईरान का यह अभ्यास इसलिए भी अहम है, क्योंकि … Read more