यौन उत्पीड़न केस में गिरफ्तारी पर संत अविमुक्तेश्वरानंद बोले—सच्चाई जल्द आएगी सामने
वाराणसी पॉक्सो मामले में फंसे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्यों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। अदालत ने खुद इस मामले में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया, लेकिन अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का मानना है कि उन्हें गिरफ्तारी से डर नहीं लगता, लेकिन पुलिस गिरफ्तारी के लिए पुख्ता सबूत तो लाए। उन्होंने यह तक कह डाला कि रामचरितमानस में पहले ही कहा गया है कि कुछ धर्म के ठेकेदार शंकराचार्य और धर्म से जुड़े साधुओं को परेशान करने आएंगे। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने पॉस्को एक्ट में गिरफ्तारी के सवाल पर कहा, "जो भी आएंगे उनका स्वागत किया जाएगा और जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा। जितनी जल्दी पुलिस को मामले को विस्तारित करने की है, उतनी ही हमें है। हम भी इस कलंक का निपटान जल्द से जल्द करना चाहते हैं। अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर कहा, "रामचरितमानस में लंका कांड के दौरान विभीषण ने रावण को सलाह देते हुए कहा था कि जो कोई भी धर्मधारी, कपटी और पाखंडी ज्यादा समय तक ठीक नहीं पाएगा और उसका जल्द ही पर्दाफाश होगा। जैसे रावण ने साधु का वेश लेकर मां सीता का अपहरण किया था, राहु देवता बनकर अमृत पीने के लिए घुस आया था, लेकिन ज्यादा समय तक टिक नहीं पाया। वैसे ही कथाकथित धर्म के ठेकेदारों का भी पर्दाफाश भी जरूर होगा। हम निश्चिंत हैं। मामले की जांच उत्तर प्रदेश पुलिस कर रही है, लेकिन हमारे लोगों को भरोसा नहीं है कि जांच निष्पक्ष तरीके से होगी। अगर जांच दूसरे राज्य की पुलिस करे, जहां भाजपा की सरकार न हो, तभी मामले की सच्चाई सामने आएगी, लेकिन हमें तो इससे भी कोई समस्या नहीं है। उन्होंने मामले में गिरफ्तारी पर कहा कि गिरफ्तारी कुछ परिस्थितियों में होती है। अब हम कहीं भागे नहीं जा रहे हैं और अब मेडिकल टेस्ट का कोई औचित्य नहीं बनता, क्योंकि बहुत महीने बीत चुके हैं और सबसे बड़ी बात मुकदमा झूठा है, इसलिए गिरफ्तारी का सवाल ही नहीं उठता है। फिर भी अगर हमारी गिरफ्तारी होती है तो समझ लेना कि कालनेमि हमें बदनाम करने के लिए यह सब कर रहा है, लेकिन हमें ईश्वर पर पूरा विश्वास है। कालनेमि का भी पर्दाफाश होगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि जनता का सपोर्ट उनके साथ है और उन्हें अंतरमन से पता है कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है, तो चिंता की बात नहीं है।