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टॉप माओवादी लीडर देवजी और मल्ला राजिरेड्डी ने किया सरेंडर

रायपुर. माओवादी संगठन को बड़ा झटका देते हुए उसके दो टॉप नेताओं ने सरेंडर कर दिया है। सेंट्रल माओवादी पार्टी के पूर्व सेक्रेटरी देवजी और माओवादी पोलित ब्यूरो के सदस्य मल्ला राजिरेड्डी ने तेलंगाना की स्पेशल इंटेलिजेंस ब्रांच (SIB) के सामने 18 माओवादियों के साथ सरेंडर कर दिया। दोनों नेताओं ने मुख्यधारा में लौटने का लिया फैसला बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं ने लंबे समय से संगठन की स्ट्रेटेजिक एक्टिविटीज़ और बढ़ाने के प्लान में अहम भूमिका निभाई थी। उनके सरेंडर को माओवादी नेटवर्क के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर संगठन के सेंट्रल स्ट्रक्चर के लिहाज़ से। सूत्रों के मुताबिक, सिक्योरिटी एजेंसियों के बढ़ते दबाव, चल रहे ऑपरेशन और बदलते हालात के बीच, दोनों नेताओं ने 18 माओवादियों के साथ मेनस्ट्रीम में लौटने का फैसला किया। अपने सरेंडर के दौरान, उन्होंने हिंसक एक्टिविटीज़ से दूरी बनाई और डेमोक्रेटिक प्रोसेस में अपना भरोसा जताया। नक्सल विरोधी अभियान में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सिक्योरिटी एजेंसियों का मानना ​​है कि इन दोनों सीनियर लीडर्स के सरेंडर से ऑर्गनाइज़ेशन की स्ट्रेटेजिक क्षमताएं कमज़ोर होंगी और दूसरे एक्टिव कैडर पर असर पड़ सकता है। तेलंगाना स्पेशल इंटेलिजेंस ब्यूरो (SIB) अब उनसे पूछताछ कर रहा है ताकि ऑर्गनाइज़ेशन के अंदरूनी स्ट्रक्चर, फंडिंग और नेटवर्क के बारे में जानकारी इकट्ठा की जा सके। उन्हें सरकार की रिहैबिलिटेशन पॉलिसी के तहत फायदे मिलने की संभावना है, जैसा कि बताया गया है। इस बीच, सिक्योरिटी फोर्स इसे एंटी-नक्सल कैंपेन में एक बड़ी कामयाबी मान रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से निवेशकों को हर स्तर पर सहयोग का दिया आश्वासन

ग्रुप हाउसिंग, लॉजिस्टिक्स पार्क और हाइपरस्केल डेटा सेंटर परियोजनाओं में होगा निवेश, 20 हजार से ज्यादा युवाओं को मिलेगा रोजगार जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र, कानपुर-लखनऊ हाईवे और नोएडा/ग्रेटर नोएडा में विकसित होंगी महत्वाकांक्षी परियोजनाएं सिंगापुर/लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे के पहले ही दिन उत्तर प्रदेश सरकार को बड़ी सफलता मिली है। यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप ने प्रदेश में कुल 6,650 करोड़ रुपये के निवेश के लिए तीन महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। ये निवेश ग्रुप हाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और हाइपरस्केल डेटा सेंटर जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में होंगे। इन तीनों परियोजनाओं से 20 हजार से अधिक रोजगार भी सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को उत्तर प्रदेश की नीतिगत स्थिरता, बेहतर कनेक्टिविटी और तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक ढांचे से अवगत कराया। समूह को डेटा सेंटर स्थापना के लिए लखनऊ आने का आमंत्रण दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार निवेशकों को हर स्तर पर सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। सिंगापुर दौरे के पहले दिन हुए ये तीन एमओयू प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने, शहरी विकास को नई दिशा देने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माने जा रहे हैं। इन सेक्टर्स में हुए एमओयू अंतरराष्ट्रीय थीम आधारित ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट पहली परियोजना के तहत यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में जेवर एयरपोर्ट के करीब 100 एकड़ भूमि पर अंतरराष्ट्रीय थीम आधारित टाउनशिप विकसित की जाएगी। इस परियोजना में 3,500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है और इसके धरातल पर उतरने के साथ ही लगभग 12,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। इस परियोजना को 2027 में शुरू किए जाने की योजना है। यह परियोजना जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्र को नई पहचान देगी। कानपुर-लखनऊ हाईवे पर लॉजिस्टिक्स पार्क दूसरी परियोजना कानपुर-लखनऊ हाईवे पर 50 एकड़ भूमि में लॉजिस्टिक्स पार्क के विकास से संबंधित है। इस परियोजना में 650 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है और लगभग 7,500 रोजगार सृजित होने का अनुमान है। इसको भी 2027 में शुरू किए जाने की योजना है। यह लॉजिस्टिक्स पार्क प्रदेश की औद्योगिक और निर्यात गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। नोएडा/ग्रेटर नोएडा में हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क तीसरी परियोजना के तहत नोएडा/ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में 10 एकड़ भूमि पर 40 मेगावाट आईटी पावर क्षमता वाला हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना में 2,500 करोड़ रुपये का निवेश होगा और लगभग 1,500 लोगों को रोजगार मिलेगा। एमओयू के अनुसार प्रोजेक्ट को वर्ष 2028 में शुरू करने की योजना है। यह निवेश उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी डेटा सेंटर हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।

मध्य प्रदेश में सरकारी स्कूलों के छात्रों को कक्षा 1 से 8 तक मिलेगा फ्री दूध, बड़ी खुशखबरी

भोपाल  मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को डॉ. अंबेडकर नगर (महू) में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जनता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को दूध उपलब्ध कराने का भी एलान किया। सीएम ने बताया कि अगले एकेडमिक सेशन से बच्चों के लिए ये व्यवस्था कर दी जाएगी। सीएम ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि 'हमारी सरकार गरीब, महिला, युवा, किसान सबकी बेहतरी के लिए है। हम तो दूध का उत्पादन बढ़ाने वाले लोग हैं। ऐसे में स्कूल के अंदर, सरकारी स्कूलों में भी कक्षा 1 से लेकर 8 तक बच्चों को अगले सत्र से दूध पिलाने की व्यवस्था सरकार के माध्यम से करने वाले हैं।' बजट में भी हो चुका इसका एलान विधानसभा में उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 16 फरवरी को छठवीं बार बजट पेश किया था जिसमें बच्चों को दूध देने की बात कही गई थी। बजट भाषण के दौरान उन्होंने जानकारी दी थी कि बच्चों को टेट्रा पैक में दूध दिया जाएगा। महू-खंडवा रेलवे लाइन जल्द सीएम ने जानकारी दी है कि 'भविष्य की दृष्टि से सर्वसुविधायुक्त 'सांदीपनि विद्यालय' पूरे प्रदेश में बन रहे हैं। आने वाले समय में महू-खंडवा रेलवे लाइन प्रारंभ होने से कनेक्टिविटी बेहतर होगी और क्षेत्र के विकास को गति भी मिलेगी। राज्य में उद्योग स्थापना को प्रोत्साहित कर निवेशकों को इंडस्ट्री ग्रोथ के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार हर क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए लगातार कोशिश कर रही है।' टेंपल मैनेजमेंट के लिए एकेडमिक कोर्स सीएम ने जानकारी दी है कि 'सरकार ने विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर टेंपल मैनेजमेंट के लिए एकेडमिक कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके जरिए मंदिर प्रबंधन को पेशेवर और रोजगारपरक बनाया जाएगा।' आपको बता दें कि मुख्यमंत्री इंदौर जिले के महू विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत महूगांव में 85 करोड़ रुपये लागत के विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए थे। कार्यक्रम में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, विधायक सुश्री उषा ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

मणिशंकर अय्यर ने राहुल गांधी को घेरा, ममता बनर्जी को INDIA गठबंधन का नेता बताया

नई दिल्ली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने एक बार फिर पार्टी पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने रायबरेली सांसद राहुल गांधी को विपक्षी गठबंधन INDIA का नेतृत्व किसी अन्य नेता को देने की सलाह दी है। इसके लिए उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के नाम का सुझाव दिया है। हालांकि, कांग्रेस ने एक बार फिर अय्यर के बयान से दूरी बनाई है। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अय्यर ने INDIA नेतृत्व का जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'ममता बनर्जी इस गठबंधन की नेता हैं। उनके साथ दो चार लोग और भी हैं, जो इस पद को हासिल कर सकते हैं।' उन्होंने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि इस पद पर बने रहने की कोशिश करने के बजाए, जो छोटी पार्टियों की है। फिर चाहे स्टालिन हों, ममता दीदी हों, अखिलेश हों, तेजस्वी हों या कोई और। राहुल गांधी को उन्हें संभालने देना चाहिए। कांग्रेस ने क्या कहा चैनल से बातचीत में कांग्रेस के पश्चिम बंगाल महासचिव सुमन रॉय चौधरी ने कहा, 'हम शुरुआत से ही एक चीज साफ कर देना चाहते हैं कि लंबे समय से मणिशंकर अय्यर कांग्रेस पार्टी की गतिविधियों से नहीं जुड़े हैं। बंगाल की अब 5 राज्यसभा सीटें खाली हैं। क्या मणिशंकर के बयान की यही वजह है? हमें हैरानी होती है।' उन्होंने कहा, 'मणिशंकर जी क्या आप जानते हैं कि ममता बनर्जी पर्दे के पीछे से भाजपा की कठपुतली की तरह काम करती हैं, जिसके खिलाफ INDIA गठबंधन लड़ रहा है। मुझे नहीं लगता कि पार्टी से दूर रहने के बाद आप कांग्रेस पार्टी के लिए कोई फैसला ले सकते हैं।' राहुल गांधी पर दूसरी बार उठाया सवाल अय्यर ने बुधवार को कहा कि वह ''गांधीवादी'', ''नेहरूवादी" और "राजीववादी" हैं लेकिन "राहुलवादी" नहीं हैं क्योंकि राहुल गांधी उनसे उम्र में बहुत छोटे हैं और राजनीतिक जीवन में भी उनसे बहुत दूर हैं। अय्यर ने कहा कि उन्होंने खुद को 'इंदिरावादी' नहीं कहा क्योंकि वह इंदिरा गांधी द्वारा आपातकाल की घोषणा करके "हमारे लोकतंत्र को तानाशाही में बदलने" के कदम से "पूरी तरह असहमत" थे, भले ही यह आपातकाल केवल 18 महीनों के लिए ही क्यों न रहा हो। हाल ही में राहुल गांधी पर की गई उनकी टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर अय्यर ने पीटीआई-भाषा से कहा, ''कोई मुझसे 'राहुलियन' (राहुलवादी) होने की उम्मीद कैसे कर सकता है, जब वह मुझसे लगभग 30 साल छोटे हैं और मुझे उसके साथ काम करने का मौका नहीं मिला है?" पहले भी केरल में कर दी थी कांग्रेस की हार की भविष्यवाणी अय्यर ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा उस वक्त खोला, जब उन्होंने बीते रविवार को केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की तारीफ की और उनके फिर से मुख्यमंत्री बनने की संभावना जताई, जिसके बाद कांग्रेस ने उनकी टिप्पणी को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी से उनका कोई संबंध नहीं है।

विवाह भोज के बाद ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ी, 44 लोग पड़े बीमार

गरियाबंद छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से फूड पॉइजनिंग का सनसीखेज मामला सामने आया है, जहां दो ग्राम पंचायतों के 44 ग्रामीण अचानक बीमार पड़ गए हैं। जानकारी के अनुसार, ग्रामीण शादी के चौथिया कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। कार्यक्रम में भोजन करने के बाद सभी की तबीयत बिगड़ने लगी। बताया जा रहा है कि गांव वापस लौटने के बाद ग्रामीणों को उल्टी-दस्त की शिकायत शुरू हुई। ग्राम पंचायत आमदी (द) के आश्रित मोहलाई के 17 ग्रामीण और ग्राम पंचायत दर्रीपारा के बोइरगांव के 27 ग्रामीण फूड पॉयजनिंग के शिकार हुए हैं। दोनों ग्रामों के कुल मिलाकर अब तक 44 ग्रामीण बीमार बताए जा रहे हैं। मामले की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। उपस्वास्थ्य केंद्र कोसमी में शिविर लगाकर सभी मरीजों का इलाज किया जा रहा है। स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा प्राथमिक उपचार के साथ आवश्यक दवाइयां दी जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रभावित गांवों में पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई है। सीएमओ वीएस नवरत्न ने बताया कि मामले की सूचना के बाद डॉक्टरों के साथ स्वास्थ्य कर्मियों का दल कोसमी सेक्टर में ड्यूटी पर लगाया गया है। पीड़ितों का उपचार किया जा रहा है। अब तक 40 से ज्यादा लोगों का उपचार किया गया है। स्थिति नियंत्रण में है।

MP में 70 हजार अतिथि शिक्षकों को तगड़ा झटका, ये कदम नहीं उठाया तो नौकरी पर बन सकती है खतरे की तलवार

भोपाल  लोक शिक्षण संचालनालय ने मध्य प्रदेश के करीब 70 हजार अतिथि शिक्षकों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। नए आदेश के मुताबिक यदि कोई अतिथि शिक्षक लगातार सात दिनों तक ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं करता है, तो उसकी सेवा समाप्त की जा सकती है। यह व्यवस्था स्कूलों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की गई है। ई-अटेंडेंस से जुड़े नए नियम प्रदेश के जिन शासकीय स्कूलों में स्थायी शिक्षकों की कमी है, वहां पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए अतिथि शिक्षकों (Guest Teachers) की नियुक्ति की गई है। इन शिक्षकों को ई-अटेंडेंस (e-attendance) प्रणाली के माध्यम से अपनी दैनिक उपस्थिति दर्ज करनी होती है। वेतन भी इसी आधार पर जारी किया जाता है। विभाग के अनुसार तकनीकी खराबी, नेटवर्क समस्या या अन्य कारण बताकर बड़ी संख्या में शिक्षक अनुपस्थित पाए गए हैं। इसी को देखते हुए सख्ती बढ़ाई गई है। शिक्षकों का विरोध, बताया तुगलकी फरमान इस आदेश का अतिथि शिक्षक संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है। अतिथि शिक्षक समन्वय समिति के प्रदेश सचिव रविकांत गुप्ता ने इसे ‘तुगलकी फरमान’ करार दिया है। उनका कहना है कि जो शिक्षक जानबूझकर गैरहाजिर रहते हैं, उन पर कार्रवाई उचित है, लेकिन बीमारी, दुर्घटना या अन्य आकस्मिक परिस्थितियों में अनुपस्थित रहने वालों के लिए स्पष्ट प्रावधान नहीं है। आदेश में संशोधन की मांग संगठन की मांग है कि आदेश में “कारण बताओ” का प्रावधान जोड़ा जाए, ताकि वास्तविक कारणों पर विचार किया जा सके। यदि नियमों में संशोधन नहीं किया गया तो अतिथि शिक्षकों ने लोकतांत्रिक तरीके से उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। अब देखना होगा कि विभाग इस मांग पर क्या निर्णय लेता है। 

मासूम फरमान की नृशंस हत्या से सनसनी, बोरी में मिली 9 वर्षीय बच्चे की लाश

मुजफ्फरपुर बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के बरूराज थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां कमालपुर बिथरौल खजुबानी टोला में एक 9 वर्षीय मासूम मो. फरमान की अज्ञात अपराधियों ने गला घोंटकर हत्या कर दी। बच्चे का शव घर से महज 50 मीटर की दूरी पर एक बोरी में ठूंसा हुआ पाया गया, जिसे अपराधियों ने जलावन के ढेर के पास फेंक दिया था। इस नृशंस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और मातम का माहौल है। परिजनों को जब काफी देर तक बच्चा नहीं मिला, तो उसकी खोजबीन शुरू की गई। रविवार को जब शव बोरी में मिला, तो परिजनों के होश उड़ गए। बच्चे के गले पर स्पष्ट रूप से गहरे चोट के निशान मौजूद हैं, जो प्रथम दृष्टया गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि करते हैं। अपराधियों ने शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे बोरी में बंद किया और सुनसान स्थान पर फेंक दिया। पुलिस और एफएसएल की जांच घटना की सूचना मिलते ही एसडीपीओ (वेस्ट) सुचित्रा कुमारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया, ताकि वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए जा सकें।आरोपियों की पहचान के लिए पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। ग्रामीणों में भारी आक्रोश इस घटना के बाद से क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि मासूम बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है और जल्द से जल्द अपराधियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है।

IAS अधिकारी ने लिया तलाक, 20 साल बड़े कांग्रेस नेता से की शादी, अब 19 साल बाद धोखा मिला

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कांग्रेस नेता की पत्नी ने अपनी ही पति पर कई आरोप लगाए हैं। कांग्रेस के नेता डॉ महेंद्र सिंह चौहान की दूसरी पत्नी शिखा सिंह के आरोपों ने राजधानी भोपाल में हड़कंप मचा दिया है। शिखा ने हबीबगंज थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए अपने पति पर 'स्लो पॉइजन' देने और जान से मारने की कोशिश का आरोप लगाया है। जूस में जहर देने का आरोप शिखा सिंह का दावा है कि उनके पति ने एक दिन उन्हें प्यार से जूस का गिलास थमाया, लेकिन उस जूस में मौत का सामान मिला था। शिखा के मुताबिक, जूस पीने के कुछ ही देर बाद मेरी हालत बिगड़ने लगी, शरीर साथ छोड़ने लगा और मैं बेसुध होकर गिर गई। जब अस्पताल में आंख खुली, तब समझ आया कि मुझे जहर दिया गया था। शिखा ने पुलिस को बताया कि उनके पति के पास दो लाइसेंसी बंदूकें हैं और वह अपनी जान को लेकर बेहद खौफ में हैं। IAS से तोड़वा दी शादी आपको बता दें कि यह हाई-प्रोफाइल ड्रामा यहीं खत्म नहीं होता। शिखा सिंह का आरोप है कि महेंद्र सिंह ने ही साजिश रचकर उनकी पहली शादी एक आईएएस अफसर से तुड़वाई थी। अब 19 साल पुराने इस रिश्ते में दहेज प्रताड़ना और मारपीट की एंट्री हो चुकी है। वहीं, महेंद्र सिंह चौहान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग का नाम दिया है। एफआईआर दर्ज हो चुकी है और जहर वाले आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है मामले की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। उमेश तिवारी, एसीपी महेन्द्र सिंह का कहना है कि जैसे ही मैंने उसे तलाक का नोटिस भेजा, उसने मुझे फंसाने के लिए यह जहरीली कहानी बुन ली। वह 15 साल से मुझे ब्लैकमेल कर रही है। पुलिस महकमे में भी इस मामले को लेकर हलचल तेज है। 2007 में IAS से हुई थी शादी शिखा सिंह की शादी 2007 में एक आईएएस अधिकारी से हुई थी। शिखा सिंह का दावा है कि महेंद्र सिंह चौहान के प्रभाव और दबाव में आकर उन्होंने अपने IAS पति को तलाक दिया। शिखा ने कहा कि इस शादी का उनके पिता ने विरोध किया था। शिखा सिंह ने अपने से 20 साल बड़े नेता से शादी कर ली थी। पवन तिवारी

पंजाब में मुफ्त राशन की नई योजना ‘मेरी रसोई’ लॉन्च, 40 लाख परिवार होंगे लाभान्वित; बजट सत्र की तारीख तय

चंडीगढ़ पंजाब में मेरी रसोई स्कीम का आगाज किया गया है। पंजाब कैबिनेट की बैठक के बाद सीएम भगवंत मान ने पत्रकारवार्ता में इसका एलान किया।  सीएम मान ने कहा कि 40 लाख परिवारों को फूड किट दी जाएगी। इस स्कीम के तहत तीन माह का राशन एक साथ दिया जाएगा। किट में 2 किलो माह-छोले की दाल, 2 किलो चीनी, एक किलो नमक, दो किलो हल्दी पाउडर और एक लीटर सरसों का तेल होगा। पुरानी गेहूं वितरण की योजना भी जारी रहेगी। नीले कार्ड धारकों को इसका फायदा होगा। इससे पहले कैबिनेट की बैठक में बजट सत्र की तारीखों पर मुहर लगाई गई। पंजाब का बजट सत्र 6 मार्च से 16 मार्च तक चलेगा। पहली बार रविवार आठ मार्च को बजट पेश किया जाएगा। सीएम ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं को एक हजार रुपये मिलेंगे। बजट के दौरान इसकी घोषणा की जाएगी। सीएम ने कहा कि आगामी बजट लोक भलाई पर केंद्रित होगा। वहीं गुरदासपुर मामले पर सीएम ने कहा कि यह जांच का विषय है। सीएम ने कहा कि पंजाब में एसआईआर को लेकर सहयोग किया जाएगा।  

राजकीय सम्मान के साथ पीएसआई का अंतिम संस्कार

फरीदाबाद. थाना मुजेसर क्षेत्र के अंतर्गत सेक्टर 24 स्थित एक केमिकल वर्कशॉप में भीषण आग व केमिकल विस्फोट के दौरान जान माल के बचाव राहत कार्य में बहादुरी व साहस से ड्यूटी निभाते हुए पीएसआई रवि कुमार कश्यप शहीद हो गये। वह मूल रूप से जिला कैथल के गांव क्योड़क के रहने वाले थे और उनकी तैनाती मुजेसर थाना में थी। मुजेसर स्थित केमिकल फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिलने पर पीएसआई रवि कुमार कश्यप बिना देरी किये मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालते हुए बचाव राहत कार्य शुरू करवाया। इसी दौरान अचानक आग ने विस्फोट का रूप ले लिया, जिससे कई लोग झुलस गए। लोगों को बचाने के प्रयास में पीएसआई रवि कुमार भी गंभीर रूप से झुलस गए। जिनका सफदरजंग अस्पताल दिल्ली में इलाज चल रहा था, जहां 21 फरवरी को उपचार के दौरान उनका देहांत हो गया। रविवार को शहीद पीएसआई रवि कुमार का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव क्योड़क में राजकीय सम्मान के साथ किया गया।