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तानाशाह के बाद कौन? किम जोंग उन की बहन के बढ़ते कद से नए पावर गेम के संकेत

उत्तर कोरिया उत्तर कोरिया में किम परिवार की सत्ता और मजबूत हो रही है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, तानाशाह किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग को सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया में बड़ी पदोन्नति मिली है। यूं कहें तो उनका कद और पावर बढ़ गया है। अब उन्हें उप-विभाग निदेशक से पूर्ण विभाग निदेशक (Department Director) बनाया गया है, जो मिनिस्टीरियल स्तर का पद माना जाता है। यह फैसला हाल ही में हुई पार्टी की नौवीं कांग्रेस के दौरान लिया गया, जहां किम जोंग उन को एक बार फिर पार्टी महासचिव चुना गया। कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) ने मंगलवार को रिपोर्ट किया कि किम यो जोंग, जो पहले सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया की केंद्रीय समिति में डिप्टी डिपार्टमेंट डायरेक्टर थीं, अब एक विभाग की डिपार्टमेंट डायरेक्टर नियुक्त कर दी गई हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया कि उन्हें किस विभाग का नेतृत्व सौंपा गया है। उत्तर कोरिया में पांच वर्षों बाद हो रही इस पार्टी कांग्रेस के दौरान यह पदोन्नति हुई है। प्योंगयांग में चल रहे इस बहुचर्चित सम्मेलन में लगभग 5000 प्रतिनिधि शामिल हैं। यह सम्मेलन गुरुवार को शुरू हुआ था और इसमें किम जोंग उन को पार्टी के महासचिव के रूप में दोबारा चुना गया। माना जा रहा है कि यह किम राजवंश के शासन के निरंतर बने रहने का एक और संकेत है। वहीं, दक्षिण कोरिया की जासूसी एजेंसी के इस महीने के आकलन के अनुसार, उत्तर कोरिया पर 1940 के दशक से किम परिवार का ही शासन है। साथ ही, नेता किम की नाबालिग बेटी किम जू ऐ को संभावित उत्तराधिकारी के रूप में तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। किम यो जोंग शासन की प्रमुख आवाज बन चुकी हैं और दक्षिण कोरिया के खिलाफ धमकियों व उकसावे वाली बयानबाजी की एक श्रृंखला का नेतृत्व कर रही हैं। हालांकि, हाल ही में सीमा पार ड्रोन हमलों पर सियोल द्वारा खेद व्यक्त करने के संदर्भ में उनकी टिप्पणी में दुर्लभ सकारात्मकता दिखी थी। वह किम परिवार के उन चुनिंदा सदस्यों में से हैं जिन्होंने प्रमुख स्थान बनाए रखा है। राज्य मीडिया में उनका जिक्र होता रहता है, जबकि उत्तर कोरिया जैसे देश में नेता के भाई-बहनों का प्रदर्शन अक्सर अच्छा नहीं रहा है। गौरतलब है कि किम जोंग उन पर 2017 में अपने सौतेले बड़े भाई किम जोंग नाम की हत्या का आदेश देने का आरोप लगा था, जो उनका सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी माना जाता था। पूर्व नेता किम जोंग इल के एक भाई की बचपन में डूबने से मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य सौतेले भाई को दशकों तक निर्वासित रखा गया।  

स्कूल के लिए तैयार होकर घर से निकलकर रास्ता भटकी दो बालिकाओं को डायल-112 जवानों ने परिजनों से मिलाया

भोपाल डायल-112 केवल आपात स्थितियों में सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों, महिलाओं और नागरिकों की सुरक्षा में मानवीय संवेदनशीलता का भरोसेमंद सहारा है। इंदौर जिले में डायल-112 जवानों ने त्वरित कार्रवाई और सूझबूझ से रास्ता भटकी दो मासूम बालिकाओं को सुरक्षित उनके परिजनों से मिलाकर जन-सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। दिनांक 24 फरवरी को इंदौर के थाना एरोड्रम क्षेत्र अंतर्गत सेंट्रल वेयर हाउस के सामने दो बालिकाएँ मिलने की सूचना डायल-112 राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम भोपाल को प्राप्त हुई। सूचना में बताया गया कि दोनों बालिकाएँ घर का रास्ता भटक गई हैं तथा पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही थाना एरोड्रम क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुँचकर डायल-112 स्टाफ सउनि  कैलाश मेडा, आरक्षक  पुष्पेंद्र शर्मा एवं पायलट  अजय प्रजापति ने दोनों बालिकाओं को अपने संरक्षण में लिया। बालिकाएँ स्कूल की यूनिफॉर्म में थीं, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि वे विद्यालय जाने की तैयारी में थीं। डायल-112 जवानों ने तत्परता और सूझबूझ का परिचय देते हुए संबंधित स्कूल से संपर्क किया, जहाँ से बालिकाओं के परिजनों की जानकारी प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही परिजन चौकी पहुँचे, जहाँ पहचान एवं सत्यापन उपरांत दोनों बालिकाओं को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बालिकाओं की माता उन्हें स्कूल के लिए तैयार कर बैग एवं टिफिन लेने घर के भीतर गई थीं, इसी दौरान बालिकाएँ खेलते-खेलते घर से बाहर निकल गईं और रास्ता भटक गईं। अपने बच्चों को सुरक्षित पाकर परिजनों ने डायल-112 जवानों का आभार व्यक्त किया। डायल-112 हीरोज द्वारा प्रदर्शित यह मानवीय कार्य पुलिस के प्रति समाज के विश्वास को और अधिक सुदृढ़ करता है। 

राष्ट्रीय वनमाली कथा सम्मान समारोह 2026 का भव्य आयोजन

 वरिष्ठ कथाकार मृदुला गर्ग (दिल्ली), अलका सरावगी (कोलकाता) सहित सात रचनाकार हुए सम्मानित भोपाल सुप्रतिष्ठित कथाकार, शिक्षाविद् तथा विचारक  जगन्नाथ प्रसाद चौबे ‘वनमाली जी’ के रचनात्मक योगदान और स्मृति को समर्पित संस्थान 'वनमाली सृजन पीठ' के प्रतिष्ठा आयोजन 'राष्ट्रीय वनमाली कथा सम्मान समारोह–2026 का भव्य शुभारंभ 24 फरवरी को स्कोप ग्लोबल स्किल्स विश्वविद्यालय, भोपाल के मुक्ताकाश मंच पर  सुप्रसिद्ध लोकगायक पद्मश्री प्रहलाद सिंह टिपाणिया के कबीर गायन से किया गया। वनमाली कथा सम्मान के अंतर्गत आयोजित सांस्कृतिक संध्या में प्रसिद्ध कबीर गायक प्रह्लाद सिंह टिपाणिया एवं उनके साथियों ने निर्गुण भक्ति की सशक्त प्रस्तुति देकर श्रोताओं को आध्यात्मिक भाव से सराबोर कर दिया। कबीर के दोहों और पदों से सजी इस प्रस्तुति ने सभागार में एक आत्मीय और ध्यानमग्न वातावरण निर्मित किया, जहाँ संगीत और दर्शन का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रस्तुति के दौरान प्रह्लाद सिंह टिपाणिया ने अपनी विशिष्ट लोक शैली में “जग में मांगण हारा, गुरु सम दाता कोई नहीं…”, “तन राम का मंदिर, काया राम का मंदिर…”, “गुरुजी के चरणों में रहना भाई संतो…”, तथा “जरा धीरे गाड़ी हांकों मेरे राम गाड़ी वाले…” जैसे लोकप्रिय कबीर दोहों और भजनों का गायन किया। उनके स्वर में सहजता, गहराई और आध्यात्मिक अनुभूति का ऐसा समन्वय था कि श्रोता पूरे समय भाव-विभोर होकर प्रस्तुति से जुड़े रहे। मुख्य गायक प्रह्लाद सिंह टिपाणिया ने तंबूरा और करताल पर स्वयं संगत करते हुए कबीर की वाणी को जीवंत बनाया। उनके साथ संगत में ढोलक पर अजय टिपाणिया, वायलिन पर देव नारायण सरोलिया, हार्मोनियम पर धर्मेंद्र टिपाणिया, मंजीरे पर मयंक टिपाणिया तथा टिमकी पर मंगलेश मांगरोलिया ने सधे हुए तालमेल के साथ प्रस्तुति को और प्रभावी बनाया। वाद्ययंत्रों की मधुर संगत ने कबीर के निर्गुण संदेश को और अधिक आत्मीयता से दर्शकों तक पहुँचाया। यह सम्मान समारोह ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ उड़िया कथाकार प्रतिभा राय के मुख्य आतिथ्य में आयोजित किया गया। वरिष्ठ और युवा रचनाकार हुए सम्मानित  सम्मान समारोह में ‘वनमाली कथाशीर्ष सम्मान’ से सुप्रसिद्ध वरिष्ठ रचनाकार मृदुला गर्ग को एवं ‘ राष्ट्रीय वनमाली कथा सम्मान’ से वरिष्ठ कथाकार अलका सरावगी को सम्मानित किया गया। दोनों ही रचनाकारों को शॉल, श्रीफल, प्रशस्ति पत्र एवं एक-एक लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान कर अलंकृत किया गया। इस अवसर पर ‘वनमाली कथा आलोचना सम्मान’  महेश दर्पण को, ‘वनमाली कथा मध्यप्रदेश सम्मान’ वरिष्ठ कथाकार उर्मिला शिरीष (भोपाल) को, ‘वनमाली युवा कथा सम्मान’ युवा कथाकार कुणाल सिंह को, वनमाली कथेतर सम्मान’ अयोध्या के यतीन्द्र मिश्र को प्रदान किये गए। साहित्य के क्षेत्र में डिजिटल माध्यम से महत्वपूर्ण योगदान के लिए पहला 'वनमाली डिजिटल साहित्य अवदान सम्मान' अंजूम शर्मा को प्रदान किया गया। इन सभी सम्मानित रचनाकारों को शॉल-श्रीफल प्रशस्ति पत्र एवं इक्यावन-इक्यावन हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान कर अलंकृत किया। वनमाली सृजन पीठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरिष्ठ कवि कथाकार श्री संतोष चौबे ने सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि ‘विश्व रंग’ के अंतर्गत वनमाली सृजन पीठ द्वारा प्रदान किए गये ‘वनमाली कथा सम्मान’ समकालीन कथा परिदृश्य में लोकतान्त्रिक एवं मानवीय मूल्यों की तलाश में जुटे कथा साहित्य की पुनःप्रतिष्ठा करने एवं उसे समुचित सम्मान प्रदान करने के उद्देश्य से स्थापित द्विवार्षिक पुरस्कार है। इस सम्मान समारोह के पूर्व अब तक वनमाली कथा सम्मान से भारत के सुप्रतिष्ठित रचनाकारों में शुमार ममता कालिया, चित्र मुद्गल, शशांक, स्वयं प्रकाश, अखिलेश, असगर वजाहत, उदय प्रकाश, मैत्रेयी पुष्पा, प्रभु जोशी, प्रियंवद, गीतांजलि श्री, मनोज रूपड़ा आदि रचनाकारों को अलंकृत किया जा चुका है। इस अवसर पर वरिष्ठ लेखिका एवं इलेक्ट्रॉनिकी आपके लिए की कार्यकारी संपादक डॉ. विनीता चौबे, वरिष्ठ कथाकार एवं वनमाली सृजन पीठ, भोपाल के अध्यक्ष मुकेश वर्मा, एस.जी.एस.यू. के कुलगुरु डॉ. विजय सिंह ने भी विचार व्यक्त किए। 'वनमाली कथा’ पत्रिका एवं 'वनमाली वार्ता' हुई लोकार्पित नई सदी की नई रचनाशीलता को सम्यक एवं समुचित स्थान देने के उद्देश्य से प्रारम्भ की गई लोकतान्त्रिक मूल्यों की समावेशी पत्रिका ‘वनमाली कथा’ ने अपने प्रवेशांक से ही साहित्य जगत में रचनात्मक उपस्थिति दर्ज कराई है। पत्रिका का फरवरी अंक और वनमाली सृजन पीठ के मुखपत्र 'वनमाली वार्ता' का लोकार्पण भी इस अवसर पर अतिथियों द्वारा किया गया। इस अवसर पर वनमाली जी के कृतित्व और व्यक्तित्व पर केंद्रित और वनमाली सम्मान समारोह पर केंद्रित लघु फिल्म तथा 'विश्व रंग' के सात वैश्विक आयोजनों पर केंद्रित फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। समारोह का संचालन टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केंद्र के निदेशक विनय उपाध्याय द्वारा किया गया। सम्मानित रचनाकारों की प्रशस्ति का वाचन डॉ. संगीता पाठक द्वारा किया गया। आभार डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी, कुलाधिपति, स्कोप ग्लोबल स्किल्स विश्वविद्यालय, भोपाल दे व्यक्त किया। अतिथियों का स्वागत डॉ. नितिन वत्स, डॉ. संगीता जौहरी, डॉ. सितेश सिन्हा, संजय सिंह राठौर द्वारा किया गया। सम्मान समारोह का संयोजन वनमाली सृजन पीठ की राष्ट्रीय संयोजक ज्योति रघुवंशी द्वारा किया गया। इस अवसर पर बरकतउल्ला विश्वविद्यालय किया कुलगुरु डॉ. जैन, आर.एन.टी.यू. के कुलगुरु डॉ. आथ.पी. दुबे, वरिष्ठ रचनाकार शशांक,  लीलाधर मंडलोई, बलराम गुमास्ता, राजेन्द्र प्रसाद मिश्र, रामकुमार तिवारी, सविता भार्गव, डॉ. रेखा कस्तवार, डॉ. जवाहर कर्नावट, संजय शेफर्ड, अरुणेश शुक्ल, मोहन सगोरिया, कैलाश मांडलेकर,  नीलेश रघुवंशी, निरंजन श्रोत्रिय, घनश्याम मैथिल, सुरेश पटवा, देवीलाल पाटीदार, करुणा राजुरकर, वामनराव, सुदर्शन सोनी आदि सहित सैकड़ों की संख्या में युवा साहित्यप्रेमियों, विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों, विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक उपस्थिति दर्ज कराई।

रेलवे की बड़ी सौगात: सिंगरौली से रांची तक नई ट्रेन, यात्रियों को मिलेगा सीधा कनेक्शन

भोपाल यात्रियों की सुविधाओं में विस्तार करते हुए रेलवे मंत्रालय ने रांची रोड, टोरी और गढ़वा रोड के रास्ते एक जोड़ी नई ट्रेन के परिचालन को हरी झंडी दे दी है। आगामी 27 फरवरी से भोपाल-धनबाद-भोपाल एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 11631/11632) का नियमित परिचालन शुरू हो जाएगा। धनबाद मंडल के मुख्य जनसंपर्क पदाधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन चलाई जाएगी, जिससे मध्य प्रदेश और झारखंड के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। आधुनिक कोचों से लैस होगी ट्रेन और संचालन का शेड्यूल यह नई ट्रेन अत्याधुनिक 22 एलएचबी (HLB) कोचों के साथ पटरी पर उतरेगी। इसमें वातानुकूलित प्रथम श्रेणी का एक, वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के दो, वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के कोचों के साथ शयनयान श्रेणी और साधारण श्रेणी के चार कोच शामिल होंगे। शेड्यूल के अनुसार, गाड़ी संख्या 11631 भोपाल-धनबाद एक्सप्रेस 27 फरवरी से प्रत्येक शुक्रवार, सोमवार और गुरुवार को भोपाल से संचालित होगी। वहीं, गाड़ी संख्या 11632 धनबाद-भोपाल एक्सप्रेस का परिचालन 1 मार्च से प्रत्येक बुधवार, शनिवार और रविवार को किया जाएगा। समय सारणी और प्रमुख ठहराव गाड़ी संख्या 11631 भोपाल से रात 20:55 बजे रवाना होगी। यह बीना, दमोह और कटनी मुरवाड़ा के रास्ते अगले दिन सुबह 8:45 बजे सिंगरौली, 10:20 बजे चोपन, 11:20 बजे रेणुकूट, 12:35 बजे गढ़वा और 13:20 बजे डालटेनगंज पहुंचेगी। इसके बाद दोपहर 14:52 बजे टोरी, शाम 17:05 बजे रांची रोड और अन्य स्टेशनों पर रुकते हुए रात 20:20 बजे धनबाद पहुंचेगी। वापसी का रूट और समय वापसी में गाड़ी संख्या 11632 धनबाद से सुबह 7:20 बजे प्रस्थान करेगी। यह सुबह 9:45 बजे रांची रोड, 11:20 बजे तोरी, दोपहर 12:46 बजे डालटेनगंज, 12:35 बजे गढ़वा, 12:08 बजे रेणुकूट, शाम 16:05 बजे चोपन और 18:50 बजे सिंगरौली स्टेशन पर रुकते हुए अगले दिन सुबह 7:00 बजे भोपाल पहुंचेगी। इस नई रेल सेवा के शुरू होने से इन क्षेत्रों के रेल यात्रियों को आवागमन में काफी सुगमता होगी।

डबल हादसे से दहला भागलपुर, बस से गिरने के बाद ट्रक की चपेट में आए मजदूर

बिहपुर (भागलपुर)  एनएच-31 पर झंडापुर थाना क्षेत्र के दयालपुर और बगड़ी ओवरब्रिज के बीच जुगाड़ गाड़ी से जा रहे मजदूरों को बस ने टक्कर मार दी। इसके बाद मजदूरों की गाड़ी से टकरा कर ऑटो भी पलट गया। फिर पीछे से आ रहे ट्रक ने मजदूरों को रौंद दिया। इस हादसे में 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस घटनास्थल पर पहुंच कर राहत और बचाव कार्य कर रही है। बताया जा रहा है कि सभी मजदूर समेली कटिहार के रहने वाले थे। वहीं, मृतकों में एक बच्चा खगड़िया जिले के मानसी का रहने वाला था। इस संबंध में अन्य विवरण की प्रतीक्षा है।  

राज्यसभा का सियासी खेल: सुनेत्रा पवार आउट, पार्थ इन; BJP के दांव से बदलेगा गणित

मुंबई महाराष्ट्र की सात राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है। महायुति की सरकार में शामिल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने इस संबंध में अपने उम्मीदवार को लेकर बड़ा फैसला किया है। सूत्रों के अनुसार,सोमवार की रात प्रफुल्ल पटेल के आवास पर पार्टी की कोर कमेटी की हुई बैठक में पार्थ पवार को राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाने पर सहमति बनी है। इस अहम बैठक मुंबई में प्रफुल्ल पटेल के अलावा उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। सूत्रों ने बताया कि बैठक में केवल राज्यसभा उम्मीदवार ही नहीं, बल्कि पार्टी की आगामी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। 26 फरवरी को होने वाली इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव पर मुहर लग सकती है, जहां सुनेत्रा पवार का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। यह बैठक मुंबई के वर्ली डोम में आयोजित होने की संभावना है। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) भी अपने उम्मीदवारों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। ABP माझा के मुताबिक, इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निवास पर मंगलवार की रात करीब 10 बजे कोर कमेटी की बैठक बुलाई गई है। पार्टी इस बार राज्यसभा की चार सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। इनमें रामदास अठावले का नाम लगभग तय माना जा रहा है, जबकि विनोद तावड़े, विजया रहाटकर और धैर्यशील पाटिल के नामों पर अंतिम निर्णय होना बाकी है। महाराष्ट्र में इस बार राज्यसभा की 7 सीटें खाली हैं और 286 विधायकों के आधार पर एक उम्मीदवार को जीत के लिए 37 वोटों की जरूरत होगी। आंकड़ों के अनुसार, सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के पास स्पष्ट बढ़त है। अकेले BJP के पास एक निर्दलीय को मिलाकर कुल (131+1) यानी 132 विधायकों का समर्थन है, जिससे वह 3 से 4 सांसद आसानी से भेज सकती है। वहीं शिवसेना (शिंदे गुट) अपने 58 विधायकों के साथ एक सीट सुरक्षित कर सकती है, जबकि NCP (अजित पवार गुट) भी एक सीट जीतने की स्थिति में है क्योंकि अजित पवार की मौत के बाद उसके पास 40 विधायक हैं। इसके मुकाबले महाविकास अघाड़ी (MVA), जिसमें कांग्रेस, NCP (शरद पवार गुट) और शिवसेना (ठाकरे गुट) शामिल हैं, के पास कुल मिलाकर लगभग 49 विधायकों का समर्थन है। इस संख्या के आधार पर MVA केवल एक सीट ही सुरक्षित कर सकती है। राजनीतिक समीकरणों के हिसाब से महायुति गठबंधन 6 सीटों पर मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है, जबकि विपक्षी गठबंधन को सीमित सफलता मिलने की संभावना है। ऐसे में राज्यसभा चुनाव 2026 में सत्ता पक्ष का पलड़ा भारी दिखाई दे रहा है, लेकिन उम्मीदवारों के चयन और अंतिम रणनीति पर सबकी नजरें टिकी हैं।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ कांग्रेस का प्रदर्शन, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

चंडीगढ़ कांग्रेस विधायक आज बीजेपी सरकार के खिलाफ मोर्चा निकालते हुए विधानसभा पहुंचे। सभी विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में विधानसभा का घेराव किया। हाईकोर्ट चौक से विधानसभा तक निकाले गए इस रोष प्रदर्शन में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह भी मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस विधायकों ने एक हाथ में विभिन्न समस्याओं पर लिखी तख्तियां और दूसरे हाथ में झुनझुना लेकर नारेबाजी की। इस प्रतीकात्मक विरोध के माध्यम से कांग्रेस ने स्पष्ट संदेश दिया कि हरियाणा की जनता तमाम गंभीर समस्याओं से जूझ रही है, जबकि बीजेपी सरकार केवल झूठे वादों और खोखले दावों का झुंझना बजाने में व्यस्त है। कांग्रेस विधायकों ने सरकार से इन सभी मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की और चेतावनी दी कि यदि जनता की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज होगा। हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस एक जिम्मेदार विपक्ष के नाते जनता के मुद्दों को सड़क से लेकर सदन तक हर मंच पर उठाएगी। बीजेपी जितना अपनी जिम्मेदारी से भागेगी, कांग्रेस उतने पुरजोर तरीके से जनता की पैरवी करेगी। आखिकार सरकार को जवाबदेह बनना ही पड़ेगा। पत्रकारों से बातचीत में भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि बीजेपी सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। कानून व्यवस्था से लेकर अर्थव्यवस्था तक, रोजगार से लेकर महंगाई तक, कृषि से लेकर शिक्षा तक, स्वास्थ्य से लेकर स्वच्छता तक, बीजेपी ने सभी क्षेत्रों में अपनी नाकामी और नकारेपन का परिचय दिया है। ये सरकार ना किसानों को एमएसपी व मुआवजा दे पा रही है और ना ही युवाओं को रोजगार दे रही है। ना विद्यार्थियों को गुणवत्तापरक शिक्षा दे पा रही है और ना ही जनता को सुरक्षा दे रही है। जिस तरह प्रदेश में वारदातें और घोटाले हो रहे हैं, ऐसा लगता है कि यहां सरकार नाम की कोई चीज ही नहीं है। प्रदेश को घोटालेबाज और गैंगस्टर्स के हवाले छोड़ दिया गया है। नेता प्रतिपक्ष ने बुजुर्गों की पेंशन काटने पर बोला कि अब सरकार 70 हजार पेंशन रिस्टोर करने का दाव कर रही है। जबकि पहले सरकार कह रही थी कि उसने किसी की पेंशन काटी ही नहीं। अगर काटी नहीं तो रिस्टोर क्यों की जा रही है? पेंशन के साथ साथ, चुनाव से पहले बनाए राशन कार्ड अब काटे जा रहे हैं, जो कि अपने आप में वोट चोरी है। हरियाणा में चुनाव के बाद करीब 14 लाख राशन कार्ड काटे गए हैं। अकेले अंबाला में 54 हजार राशन कार्ड काटे हैं। हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने बुढ़ापा पेंशन को 200 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये किया था, यानी साढ़े 7 गुना की बढ़ोतरी की थी। वहीं भाजपा सरकार ने 11 साल में इसमें सिर्फ 2 गुना ही बढ़ोतरी की है। जबकि महंगाई तीन-चार गुना बढ़ चुकी है। उन्होंने आगे कहा कि इस सरकार में किसानों के साथ लगातार अन्याय हो रहा है। अब खाद के कट्टे का वजन भी 50 से घटाकर 40 किलो किया गया है, जबकि रेट पहले जितना ही है। एमएसपी 24 फसलों पर देने का दावा भी झूठा है, हरियाणा में इतनी फसलें नहीं होतीं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से 2000 करोड़ से ज्यादा मुनाफा कमाया गया, लेकिन क्लेम नहीं मिलते, लोग बीमा छोड़ रहे हैं। अभी 10% तक मुआवजा नहीं दिया गया। मनरेगा पर हुड्डा ने कहा कि मनरेगा कांग्रेस की क्रांतिकारी योजना थी। कांग्रेस सरकार के दौरान देश में सबसे ज्यादा मजदूरी हरियाणा में मजदूरों को दी जाती थी। लेकिन बीजेपी ने सत्ता में आते ही मजदूरों के अधिकारों पर कुठाराघात किया। बीजेपी सत्ता में आते मनरेगा को कमजोर करने में जुट गई थी। कांग्रेस द्वारा संसद में पूछे गए सवाल के जवाब से पता चला कि हरियाणा में 8 लाख से अधिक मनरेगा मज़दूर पंजीकृत थे। लेकिन 2024-25 में सरकार ने सिर्फ 2100 परिवारों को ही 100 दिन का काम दिया। सरकार ने मजदूरों को ना को काम दिया और ना ही स्कीम में प्रावधान के तहत मुआवजा दिया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि लाडो लक्ष्मी योजना के नाम पर महिलाओं के साथ इस सरकार ने धोखा किया है। उन्होंने कहा कि चुनाव में सभी महिलाओं को 2100 रुपये मासिक देने का वादा किया गया था, लेकिन अब केवल चंद महिलाओं को ही यह राशि दी जा रही है। जबकि 2024-25 में हरियाणा में 2.13 करोड़ लोग बीपीएल श्रेणी में थे, यानी इस योजना का लाभ लगभग 85 लाख महिलाओं को मिलना चाहिए था। लेकिन वर्तमान में सरकार केवल 8 लाख महिलाओं को ही राशि देने की बात कर रही है। इतना ही नहीं, उसमें भी अब कहा जा रहा है कि महिलाओं को केवल 1100 रुपये मिलेंगे और 1000 रुपये जमा किए जाएंगे। इस पर भी आय की सीमा, बच्चों की शिक्षा तथा कुपोषण जैसी शर्तें थोप दी गई हैं। सरकार जानबूझकर ऐसी शर्तें लगा रही है, जिससे ज्यादातर महिलाएं स्वतः लाभार्थी सूची से बाहर हो जाएं। बाहरियों को नौकरी देने बारे पूछे गए सवाल के जवाब में हुड्डा ने कहा कि बीजेपी हरियाणवी युवाओं के भविष्य पर कुठाराघात कर रही है। देश में कोई भी ऐसा प्रदेश नहीं है, जो अपनी नौकरियों में स्थानीय युवाओं की बजाए, बाहरी लोगों को तरजीह देता हो। हरियाणा में तो आलम ये है कि बीजेपी सरकार 80 में से 78 पद अन्य राज्य के लोगों को दे देती है। यह नाकाबिले बर्दाश्त है। कांग्रेस इस मुद्दे को विधानसभा में उठाएगी और सरकार से जवाब मांगेगी। हुड्डा ने उदाहरण देते हुए कहा कि वर्षों के इंतजार के बाद एचपीएससी पीजीटी कंप्यूटर साइंस की 1711 पदों की भर्ती का रिजल्ट आया, लेकिन सिर्फ 39 उम्मीदवार ही पास हुए, जबकि बाकी 1672 पद खाली रह जाएंगे। इससे पहले भी अनेक भर्तियों में पदों को खाली रखा गया है।

राज्य के शासकीय कर्मचारियों को कैशलैस चिकित्सा सुविधा देने का निर्णय ऐतिहासिक: स्वास्थ्य मंत्री

रायपुर छत्तीसगढ़ के बजट 2026-27 में स्वास्थ्य क्षेत्र को मिली ऐतिहासिक प्राथमिकता पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय एवं वित्त मंत्री  ओ. पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह इस सरकार का तीसरा बजट है, जो प्रदेश की 3 करोड़ जनता के सामाजिक तथा आर्थिक विकास के लिए समर्पित है। पिछले दो वर्षो में हासिल विकास की गति को यह बजट और तेज करने तथा छत्तीसगढ़ अंजोर, 2047 के लक्ष्यो की दिशा में आगे बढने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है। यह बजट छत्तीसगढ़ को समृद्ध एवं खुशहाल बनाने का SANKALP है।  स्वास्थ्य मंत्री ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह बजट प्रदेश के लिए लाभदायक और हर वर्ग के लिए बेहतर सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व और वित्त मंत्री की वित्तीय प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप स्वास्थ्य विभाग को व्यापक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे आमजन को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। उन्होंने कहा कि बजट में राज्य के शासकीय कर्मचारियों को कैशलैस चिकित्सा सुविधा देने का निर्णय ऐतिहासिक है। मंत्री  जायसवाल ने बताया कि बजट में शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान भारत योजना के लिए 1,500 करोड़ रुपये तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अंबिकापुर एवं धमतरी में जिला अस्पताल भवन निर्माण, रायपुर (कालीबाड़ी) में 200 बिस्तरों वाले एमसीएच की स्थापना तथा चिरमिरी में जिला अस्पताल निर्माण जैसी महत्वपूर्ण घोषणाएं स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करेंगी। उन्होंने कहा कि दुर्ग, कोंडागांव, जशपुर और रायपुर में GNM प्रशिक्षण केंद्र, दंतेवाड़ा, मनेन्द्रगढ़, कवर्धा, जांजगीर-चांपा एवं कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज तथा कांकेर, कोरबा, मनेन्द्रगढ़, सरिया और महासमुंद में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना से चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा मिलेगी। राजनांदगांव में फिजियोथेरेपी कॉलेज और रायपुर में उन्नत कार्डियक इंस्टिट्यूट की स्थापना से विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी। इसके साथ ही 25 डायलिसिस केंद्र, 50 जन औषधि केंद्र तथा 25 से अधिक PHC, SHC एवं CHC भवन निर्माण का प्रावधान ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को और व्यापक बनाएगा। बिलासपुर में स्टेट कैंसर इंस्टिट्यूट तथा रायपुर में राज्य के पहले होम्योपैथी कॉलेज की स्थापना को भी मंत्री ने ऐतिहासिक निर्णय बताया। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में अधोसंरचना विस्तार हेतु 25 करोड़ रुपये का प्रावधान गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। मंत्री  जायसवाल ने कहा, “यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता के बेहतर स्वास्थ्य, समग्र विकास और सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री  ओ. पी. चौधरी के प्रति मैं प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं।” उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बजट 2026-27 के ये प्रावधान छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।

अंडमान में बड़ा हादसा टला: पवन हंस का हेलिकॉप्टर समंदर में क्रैश, सभी 7 यात्रियों को बचाया गया

नई दिल्ली अंडमान में पवन हंस हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। जानकारी के मुताबिक उड़ान भरत ही यह समंदर में गिर गया। हेलिकॉप्टर में कम से कम सात लोग सवार थे जिन्हें सुरक्षित बचा लिया गया है। जानकारी के मुताबिक हेलिकॉप्टर में तकनीकी खराबी की वजह से समंदर में इसकी क्रैश लैंडिंग करवानी पड़ी। घटना अंडमान सागर में हुई जहां पायलट ने सूझबूझ दिखाई और समंदर में इसकी क्रैश लैंडिंग करवा दी। हेलिकॉप्टर में दो क्रू मेंबर्स समेत कुल सात लोग थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद तुरंत बचाव दल मौके पर पहुंचा और क्रू मेंबर्स व पैसेंजर्स को बाहर निकाला गया। जानकारी के मतुाबिक यह हेलिकॉप्टर पोर्ट ब्लेयर से मायाबंदर जा रहा था। उड़ान के बाद ही पायलट को तकनीकी खामी के बारे में पता चला। ऐसे में उसके पास समंदर में क्रैश लैंडिंग कराने का अच्छा विकल्प भी था। पवन हंस के प्रवक्ता ने बताया कि घटना सुबह 9.30 बजे करीब की है। यह हेलिकॉप्टर शॉर्ट लैंडिंग का शिकार हुआ है। घटना में यात्रियों और क्रू मेंबर्स को छोटी-मोटी चोटें आई हैं। कोई भी गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ है। बता दें कि पवन हंस देश की सबसे बड़ी सरकारी हेलिकॉप्टर कंपनी है। दुर्गम इलाकों में जाने के लिए इसके बनाए हेलिकॉप्टर्स का इस्तेमाल किया जाता है। बड़े नेता भी पवन हंस की सेवा का इस्तेमाल करते हैं। 1985 में इस कंपनी की स्थापना की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य देश के दुर्गम स्थानों को जोड़ना है। चतरा में एक दिन पहले ही विमान हादसा झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया थाना के खसियातु करम टांड जंगल में रांची से दिल्ली जा रहा एक एयर एंबुलेंस सोमवार को क्रैश हो गया था। इस विमान में कुल 7 लोग मारे गए। इनमें दो पायलट,एक डॉक्टर, एक नर्स और एक मरीज के साथ उनके दो सहयोगी शामिल थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बीचक्राफ्ट (बीई9एल) विमान वीटीएजेवी ने रांची से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी, लेकिन उड़ान के कुछ ही समय बाद उससे संपर्क टूट गया। बारामती विमान हादसे में चली गई थी अजित पवार की जान बीते महीने 28 तारीख को बारामती में एक विमान हादसा हुआ था जिसमें महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और पायलट्स की जान चली गई थी। इस हादसे को लेकर कई तरह के सवाल भी उठ रहे हैं। एनसीपी नेताओं का कहना है कि घटना की जांच गहराई से होनी चाहिए क्योंकि इस घटना के बीछे साजिश की बू आ रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी घटना की सीबीआई जांच की मांग की है।  

करो या मरो की स्थिति में भारत, सेमीफाइनल की राह के लिए इस खिलाड़ी की कुर्बानी तय!

नई दिल्ली साउथ अफ्रीका से भारत को मिली बड़ी हार के बाद टीम इंडिया की सेमीफाइनल की उम्मीदों को झटका लगा है। इस जख्म पर नमक वेस्टइंडीज ने जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच 100 से अधिक रनों से जीतकर छिड़का है। सुपर-8 के ग्रुप-1 में भारत सेमीफाइनल की रेस में काफी पिछड़ गया है, अगर टीम इंडिया को वापसी करनी है तो उन्हें जिम्बाब्वे के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज करनी होगी। इसके लिए भारत को अपनी बैटिंग पर काम करना होगा, जो साउथ अफ्रीका के खिलाफ बुरी तरह फेल हुई थी। ऐसे में पूर्व क्रिकेटर और मौजूदा एक्सपर्ट इरफान पठान ने सूर्यकुमार यादव और गौतम गंभीर को बैटिंग ऑर्डर में बदलाव करने का सुझाव दिया है। इरफान पठान का कहना है कि भारत को नंबर-3 और 4 की पोजिशन में बदलाव की जरूरत है। चोट के बाद वापसी कर रहे तिलक वर्मा उस रंग में नजर नहीं आ रहे, जिसके लिए वह जाने जाते हैं। वहीं उनके नंबर-3 पर होने की वजह से टॉप-3 में तीनों लेफ्टी हो रहे हैं क्योंकि ईशान किशन और अभिषेक शर्मा ओपनिंग करते हैं। ऐसे में इरफान पठान ने सूर्यकुमार यादव को एक बार फिर नंबर-3 पर खेलने की सलाह दी है। ऐसे में तिलक वर्मा को नंबर-3 के पायदान के लिए कुर्बानी देनी होगी। तिलक ने साउथ अफ्रीका दौरे पर कप्तान सूर्यकुमार यादव से मांगकर नंबर-3 की पोजिशन ली थी और उस दौरे पर उन्होंने बैक टू बैक दो शतक जड़े थे। तिलक ने नंबर-3 पर तगड़ा प्रदर्शन किया है, मगर टी20 वर्ल्ड कप में उनका बल्ला रंग में नहीं दिख रहा है। इरफान पठान ने ब्रॉडकास्टर्स से कहा, "शायद सूर्या को नंबर 3 पर बैटिंग करनी चाहिए। असल में उन तीन लेफ्ट-हैंडर्स को एक के बाद एक आने से हटाने के लिए और बस उस मोनोटोनी को बदलने के लिए।" नंबर-3 पर सूर्यकुमार यादव के आंकड़े सूर्यकुमार ने T20I में भारत के लिए नंबर 3 पर बैटिंग करते हुए 32 मैचों में 32 की औसत और 158.53 के स्ट्राइक-रेट से 864 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने एक शतक और छह अर्द्धशतक बनाए हैं।