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AI के दुरुपयोग पर सख्त कोर्ट: जुबिन नौटियाल केस में दिल्ली हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

नई दिल्ली मशहूर गायक जुबिन नौटियाल की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने उनकी पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए एआई प्लेटफॉर्म्स और ऑनलाइन माध्यमों पर सख्त रोक लगाने का अंतरिम आदेश दिया है। यह आदेश दिल्ली हाईकोर्ट की एकल पीठ ने पारित किया, जिसकी अध्यक्षता जस्टिस तुषार राव गेडेला ने की। कोर्ट ने कहा, "जुबिन नौटियाल एक प्रसिद्ध और लोकप्रिय कलाकार हैं और पहली नजर में उनका मामला मजबूत है। अगर इस पर रोक नहीं लगाई जाती, तो उनकी छवि और पहचान को ऐसा नुकसान होगा, जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती।" जुबिन नौटियाल ने अपनी याचिका में बताया कि उनका नाम, आवाज, गाने का खास अंदाज, स्वर और गायिकी की तकनीक, हाव-भाव, तस्वीरें, हस्ताक्षर और पूरी पहचान उनके व्यक्तित्व अधिकारों का हिस्सा हैं। उनका कहना था कि इन सभी चीजों का इस्तेमाल उनकी अनुमति के बिना किसी भी तरह से करना कानून के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ एआई प्लेटफॉर्म्स उनकी आवाज और चेहरे की नकल करके फर्जी ऑडियो और विजुअल कंटेंट बना रहे हैं। मशीन लर्निंग और जनरेटिव एआई की मदद से ऐसे कंटेंट तैयार किए जा रहे हैं, जो बिल्कुल असली जैसे लगते हैं और इससे आम दर्शक या श्रोता आसानी से धोखा खा सकता है और यकीन कर सकता है कि खुद जुबिन नौटियाल उस कंटेंट से जुड़े हैं, जबकि वास्तव में ऐसा नहीं है। इसके अलावा, जुबिन ने कोर्ट को बताया कि कई ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर उनके नाम और तस्वीर वाले पोस्टर, डिजिटल आर्टवर्क और अन्य सामान बेचे जा रहे हैं। इन उत्पादों को मेरा समर्थन दिखाते हुए पेश किया जा रहा है। इस तरह का झूठा प्रचार उनकी छवि और विश्वसनीयता को प्रभावित करता है। इन सभी तथ्यों पर विचार करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि कोई भी एआई प्लेटफॉर्म, वेबसाइट या अन्य संस्था सीधे या परोक्ष रूप से जुबिन नौटियाल के व्यक्तित्व अधिकारों का इस्तेमाल नहीं करेगी। इसमें विज्ञापन, डोमेन नेम, एआई वॉयस मॉडल, सिंथेटिक वॉयस, डिजिटल अवतार, डीपफेक या फेस मॉर्फिंग जैसी तकनीकें शामिल हैं। यह रोक सोशल मीडिया, वेबसाइट्स और मेटावर्स जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी लागू होगी। कोर्ट ने ऑनलाइन इंटरमीडियरीज और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को यह निर्देश भी दिया कि वे ऐसे सभी लिंक, पोस्ट, वीडियो और ऐप्स को तुरंत हटाएं या ब्लॉक करें, जो जुबिन नौटियाल के अधिकारों का उल्लंघन कर रहे हैं। साथ ही, इन प्लेटफॉर्म्स को उन लोगों या संस्थाओं की उपलब्ध जानकारी साझा करने को कहा है, जो इस तरह का कंटेंट चला रहे हैं। इस आदेश को सही तरीके से लागू करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और दूरसंचार विभाग को भी मामले में शामिल किया गया है। कोर्ट ने सभी प्रतिवादियों को समन जारी करते हुए उन्हें 30 दिनों के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अब यह मामला सर्विस और प्लीडिंग्स पूरी करने के लिए 28 अप्रैल को जॉइंट रजिस्ट्रार के सामने लिस्ट किया गया है और दिल्ली हाई कोर्ट 25 अगस्त को इस पर सुनवाई करेगा।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने महर्षि विटीलिगो रिसर्च सेंटर और डायबिटीज एण्ड फुट केयर सेंटर का किया शुभारंभ

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने इंदौर में महर्षि विटीलिगो रिसर्च सेंटर और महर्षि डायबिटीज एण्ड फुट केयर सेंटर का फीता काटकर शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि उक्त सेंटर उच्च और आधुनिक तकनीक से लैस है, जहां सफेद दाग का संपूर्ण उपचार होने के साथ-साथ पैर के अल्सर घाव का बेहतर तरीके से उपचार होगा। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने महर्षि विटीलिगो रिसर्च सेंटर और डायबिटीज एण्ड फुट केयर सेंटर का अवलोकन किया और चिकित्सकों से विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सेंटर के संचालक सफेद दाग विशेषज्ञ डॉ. संजय दुबे और मधुमेह विशेषज्ञ डॉ.अनुपमा दुबे को शुभकामना दी। कार्यक्रम में भारतीय जल सेना प्रमुख एडमिरल  दिनेश कुमार त्रिपाठी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी, एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया सहित चिकित्सक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। 

ISRO रॉकेट फेल होने पर बड़ा एक्शन, डोभाल के निर्देश के बाद अब साजिश की पड़ताल

नई दिल्ली भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के हालिया मिशनों में आई तकनीकी बाधाओं और विफलता की खबरों ने देश के सुरक्षा गलियारों में हलचल तेज कर दी है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के हालिया इसरो दौरे के बाद अब इस पूरे मामले में एक नया मोड़ आता दिख रहा है। इसकी जांच के लिए एक कमेटी बनाई है। पूर्व प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के. विजयराघवन और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ को शामिल करते हुए इस विशेष समिति का गठन किया गया है। यह समिति इसरो के ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान यानी PSLV की लगातार विफलताओं के पीछे के 'प्रणालीगत मुद्दों' और संगठनात्मक समस्याओं की जांच करेगी। हालिया विफलताएं जिनका होगा विश्लेषण     PSLV-C62 (12 जनवरी, 2026): यह मिशन 16 सैटेलाइट को कक्षा में स्थापित करने में विफल रहा। रॉकेट का तीसरा चरण प्रज्वलित नहीं हो सका, जिसके कारण यह समुद्र में जा गिरा।     PSLV-C61 (18 मई, 2025): ठीक इसी तरह की समस्या इस मिशन में भी देखी गई थी। इसमें भी तीसरा चरण काम नहीं कर पाया था, जिसके परिणामस्वरूप सरकार की रणनीतिक जरूरतों के लिए बनाया गया EOS-09 सैटेलाइट नष्ट हो गया था। जांच का दायरा और समिति का उद्देश्य रिपोर्ट के अनुसार, आमतौर पर तकनीकी समितियां यह पता लगाती हैं कि कौन सा पुर्जा खराब हुआ, लेकिन यह नई समिति मैन्युफैक्चरिंग, खरीद और रॉकेट के विभिन्न घटकों को असेंबल करने की प्रक्रियाओं की भी गहराई से जांच करेगी। भारत के अंतरिक्ष इकोसिस्टम में अब कई निजी कंपनियां भी शामिल हैं। इसलिए, समिति इस बात की भी समीक्षा करेगी कि क्या जवाबदेही तय करने के लिए कोई उचित प्रक्रिया मौजूद है और इसमें कैसे सुधार किया जा सकता है। समिति के सदस्य (जो इसरो के बाहर के विशेषज्ञ हैं) अप्रैल से पहले वर्तमान इसरो अध्यक्ष वी. नारायणन को अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे। रिपोर्ट के अनुसार, भारत के अंतरिक्ष आयोग के सदस्य और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने 3 फरवरी को विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र का दौरा किया था, जो संभवतः PSLV-C62 मिशन की विफलता से ही जुड़ा था। पुरानी जांच प्रक्रियाओं में बदलाव रिपोर्ट का सार्वजनिक न होना: ऐतिहासिक रूप से, इसरो रॉकेट विफलताओं के कारणों की जांच के लिए एक 'विफलता विश्लेषण समिति' (FAC) बनाता है और उसके निष्कर्षों को सार्वजनिक करता है। हालांकि, PSLV-C61 और PSLV-C62 दोनों मामलों में यह रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। PMO को रिपोर्ट: 18 मई (PSLV-C61) की दुर्घटना की FAC रिपोर्ट PSLV-C62 के प्रक्षेपण से पहले प्रधानमंत्री कार्यालय को भेज दी गई थी, लेकिन इसके विवरण गुप्त रखे गए हैं। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 2 फरवरी को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि इसरो के भीतर विश्लेषण करने की पूरी विशेषज्ञता है, लेकिन इस बार जनता और स्टेकहोल्डर्स का विश्वास बनाए रखने के लिए तीसरे पक्ष का मूल्यांकन किया जा रहा है। अगला लक्ष्य: इसरो समस्या को पूरी तरह से ठीक करने के बाद जून में अपने अगले प्रक्षेपण की महत्वाकांक्षी योजना बना रहा है। आगामी मिशन: इस वर्ष 18 प्रक्षेपण निर्धारित हैं, जिनमें से 6 में निजी क्षेत्र के सैटेलाइट शामिल हैं। विदेशी लॉन्च: अगले साल जापान, अमेरिका और फ्रांस के 3 बड़े विदेशी सैटेलाइट भी लॉन्च होने हैं। डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी देश या कंपनी ने अपने प्रक्षेपण अनुरोध को वापस नहीं लिया है, जो दर्शाता है कि दुनिया भर में इसरो की विश्वसनीयता और उस पर भरोसा अभी भी पूरी तरह से बरकरार है। गौरतलब है कि 1993 से PSLV की सफलता दर 90% से अधिक रही है और इसने लगभग 350 सैटेलाइट को सफलतापूर्वक उनकी कक्षाओं में स्थापित किया है।  

हाईकोर्ट की तल्ख नसीहत: आस्था पर आपत्ति है तो धर्म छोड़ने की बात क्यों नहीं?

मद्रास यदि कोई व्यक्ति 'जाति और पंथ' का उल्लेख किसी प्रमाण पत्र में नहीं चाहता है तो फिर उसे अपना धर्म त्यागना होगा। इसके बाद ही उसे 'नो कास्ट, नो रिलीजन' वाला प्रमाण पत्र मिल पाएगा। मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने एक केस की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। जस्टिस कृष्णन रामस्वामी ने कहा कि हिंदू परंपरा के अनुसार जब तक कोई धर्म त्याग नहीं करता है, तब तक जाति और पंथ के उल्लेख के बिना प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा सकता। ऐसी मांग को भी स्वीकार नहीं किया जा सकता। यही नहीं जस्टिस रामस्वामी ने यह भी कहा कि जब कोई इस प्रकार धर्म का त्याग कर देगा तो फिर ऐसे किसी प्रमाण पत्र की जरूरत ही नहीं रहेगी। इस मामले में एक शख्स ने अर्जी दाखिल की थी। उसका कहना था कि तमिलनाडु के तिरुपत्तूर तालुक के तहसीलदार ने ऐसा प्रमाण पत्र जारी करने से इनकार कर दिया है, जिसमें धर्म और जाति का उल्लेखन न हो। तहसीलदार के आदेश को उसने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। याची का कहना था कि भले ही मेरे माता-पिता हिंदू धर्म से ताल्लुक रखते थे। लेकिन मुझे ऐसा प्रमाण पत्र चाहिए, जिसमें जाति और धर्म का उल्लेख न हो। उसकी इस मांग को तहसीलदार ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि ऐसे प्रमाण पत्र बनाने के संबंध में कोई सरकारी आदेश नहीं है। याचिका की सुनवाई करते हुए बेंच ने शख्स से पूछा था कि क्या आपने अपना वह धर्म त्याग दिया, जिसमें आपका जन्म हुआ था। इस पर याची ने कहा कि उसने अपना धर्मत्याग नहीं किया है। जस्टिस रामस्वामी ने कहा कि याची जब तक हिंदू धर्म के अनुसार अपना पंथ नहीं त्यागता है, तब तक उसकी अर्जी पर विचार नहीं किया जाएगा। अदालत ने यह भी कहा कि शख्स ने अपना धर्म त्यागने के संबंध में कोई प्रमाण भी प्रस्तुत नहीं किया है। ऐसी स्थिति में अदालत की ओर से तहसीलदार के आदेश को बरकरार रखा जाता है। बेंच ने अर्जी को खारिज कर दिया। अदालत बोली- धर्म छोड़ने का सबूत लाओ, फिर मिलेगा प्रमाण पत्र इसके साथ ही अदालत ने शख्स को यह राहत भी दी कि वह अपना धर्म छोड़ सकता है और उसका सबूत अथॉरिटी को सौंप सकता है। यदि ऐसे सबूत देते हुए आवेदन किया गया तो फिर विचार किया जा सकता है कि इस संबंध में प्रमाण पत्र जारी किया जाए। यह अपने आप में दिलचस्प मामला था, जिसके तहत शख्स सर्टिफिकेट में जाति और धर्म का उल्लेख नहीं चाहता था।  

पुलिस के निशानेबाजों का महासंग्राम शुरू, डीजीपी मकवाणा ने किया उद्घाटन

भोपाल इंदौर स्थित बीएसएफ के केंद्रीय आयुध एव युद्ध कौशल विद्यालय (सीएसडब्लूटी) द्वारा आयोजित 19वीं अखिल भारतीय पुलिस शूटिंग (खेल) चैंपियनशिप–2025 का उद्घाटन आज 24 फरवरी को इंदौर की रेवती रेंज में संपन्न हुआ। प्रतियोगिता का शुभारंभ मध्यप्रदेश पुलिस के पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा द्वारा किया गया। पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन हेतु बीएसएफ एवं सीएसडब्ल्यूटी को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी प्रतिस्पर्धाएँ बलों के बीच स्वस्थ खेल भावना, अनुशासन, एकाग्रता एवं पेशेवर दक्षता को सुदृढ़ करती हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएँ दीं तथा खेल संस्कृति को पुलिसिंग के समग्र विकास का अभिन्न अंग बताया। उद्घाटन समारोह में बीएसएफ ब्रास बैंड द्वारा प्रस्तुत लयबद्ध संगीत के बीच केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों एवं विभिन्न राज्य पुलिस टीमों द्वारा आकर्षक परेड का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी, 1,500 से अधिक बल एवं पुलिसकर्मी, उनके परिजन तथा बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। यह प्रतियोगिता 24 फरवरी से 1 मार्च तक आयोजित की जा रही है, जिसमें देशभर की सीएपीएफ, राज्य पुलिस एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 600 से अधिक पुरुष एवं महिला निशानेबाज भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता का आयोजन अखिल भारतीय पुलिस खेल नियंत्रण बोर्ड के तत्वावधान में, गृह मंत्रालय, भारत सरकार के पर्यवेक्षण तथा भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ के तकनीकी सहयोग से किया जा रहा है। चैंपियनशिप में खेल हथियारों की कुल 17 स्पर्धाएँ आयोजित की जा रही हैं, जिनमें प्रतिभागी 204 पदकों (68 स्वर्ण, 68 रजत एवं 68 कांस्य) के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। यह आयोजन राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं हेतु उभरती प्रतिभाओं की पहचान का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। उद्घाटन समारोह के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया जिसमें वेदांश इंटरनेशनल स्कूल कैंपस 2 के बच्चों द्वारा नृत्य एवं बीएसएफ जवानों द्वारा भांगड़ा का प्रदर्शन किया गया। इसके उपरांत पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा द्वारा पुराने और आधुनिक हथियारों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जिसमें बीएसएफ के प्रशिक्षण कार्यों को प्रदर्शित किया गया।  

अपराधियों पर सख्त एक्शन: मध्यप्रदेश पुलिस की प्रभावी कार्रवाई

भोपाल मध्‍यप्रदेश पुलिस द्वारा संगठित अपराध, आर्थिक ठगी, नकबजनी एवं लूट की घटनाओं में संलिप्त आरोपियों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। इसी कार्यवाही के दौरान पुलिस ने विगत 05 दिनों के दौरान विभिन्न जिलों में कार्रवाई करते हुए कुल 1 करोड़ 43 लाख रूपए से अधिक की संपत्ति बरामद की है। प्रमुख कार्यवाहियाँ राजगढ़ – ऑपरेशन किसान रक्षक थाना नरसिंहगढ़ पुलिस द्वारा भूमि विक्रय के नाम पर किसानों से की गई 39 लाख की धोखाधड़ी का सफल खुलासा करते हुए 02 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा संपूर्ण 39 लाख रूपए की शत-प्रतिशत बरामदगी सुनिश्चित की गई। यह प्रभावी कार्रवाई राजगढ़ पुलिस द्वारा संचालित विशेष अभियान “ऑपरेशन किसान रक्षक” के अंतर्गत की गई। पुलिस की विशेष टीम ने बैंक ट्रांजेक्शन, दस्तावेज साक्ष्य एवं तकनीकी पहलुओं का गहन परीक्षण किया। जांच में पाया गया कि आरोपियों ने भूमि पूर्व में विक्रय होने के बावजूद फरियादी को गुमराह कर 25 लाख RTGS एवं 14 लाख नगद प्राप्त किए। त्वरित दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार कर किसान की संपूर्ण मेहनत की कमाई वापस दिलाई गई। उज्जैन थाना बड़नगर पुलिस ने 10 लाख 45 हजार रूपए के सोने-चांदी के जेवरात एवं नगदी चोरी के प्रकरण का खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार किया। इसी प्रकार एक अन्‍य कार्यवाही में नानाखेड़ा पुलिस ने सूने मकान से सोने-चांदी के जेवरात चोरी का खुलासा किया। पुलिस ने 100 से अधिक CCTV फुटेज व साइबर विश्लेषण की मदद से 2 शातिर आरोपियों को इंदौर से गिरफ्तार कर 5 लाख रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। जबलपुर अवैध रूप से ट्रक एवं कार को काटकर स्क्रैप के रूप में विक्रय करने वाले संगठित अवैध कारोबार का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने लगभग 50 लाख मूल्य के ट्रक, कार, कटे हुए स्क्रैप पार्ट्स, ऑक्सीजन सिलेंडर एवं अन्य उपकरण जप्त किए। खरगोन जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों के विरुद्ध दो अलग-अलग कार्यवाहियाँ की गईं। एक निजी कंपनी के गोदाम से 37 नग बैटरियों की चोरी का खुलासा करते हुए 05 आरोपियों को गिरफ्तार कर 6 लाख 50 हजार रूपए की बैटरियां एवं घटना में प्रयुक्त 6 लाख रूपए की कार सहित कुल 12 लाख 50 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की। इसी प्रकार एक अन्‍य कार्यवाही में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिलाओं को गहने/राशि डबल करने का झांसा देने वाले 02 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों से पुलिस ने लगभग 90 हजार रूपए की सोने की पांचाली बरामद की। कटनी थाना ढीमरखेड़ा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पोडीकला (सूरदास आश्रम) में हुए 3 लाख 50 हजार मूल्य के साउंड सिस्टम चोरी प्रकरण में पुलिस ने 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अशोकनगर थाना कचनार क्षेत्र में सूने घर से चोरी हुए सोने-चांदी के आभूषण एवं नगदी चोरी की घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने 04 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से सोने की चैन, मंगलसूत्र, झुमकी, चांदी की पायलें, चांदी के टुकड़े, 30 हजार नगद एवं घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिलें सहित लगभग 8 लाख रूपए की सपंत्ति जप्त की। भोपाल थाना कोलार रोड पुलिस ने एक शातिर एवं आदतन अपराधी को गिरफ्तार कर उसके कब्‍जे से 2 लाख रूपए की सामग्री जब्‍त की है। आरोपी के विरुद्ध डकैती, चोरी, नकबजनी एवं आर्म्स एक्ट सहित कुल 15 अपराध पूर्व से पंजीबद्ध हैं। नरसिंहपुर सूने मकान से सोने-चांदी के जेवरात चोरी करने वाले को पुलिस ने गिरफ्तार कर उसके कब्‍जे से लगभग 12 लाख रूपए की संपत्ति जब्‍त की। सागर थाना मोतीनगर में पुलिस ने लूट के प्रकरण में आरोपी को गिरफ्तार कर 25 हजार रूपए का सोने का लॉकेट बरामद किया। उपरोक्त कार्रवाइयाँ यह दर्शाती हैं कि मध्यप्रदेश पुलिस अपराधों के प्रति “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर कार्य करते हुए तकनीकी दक्षता, त्वरित प्रतिक्रिया एवं समन्वित टीमवर्क के माध्यम से आमजन की सुरक्षा एवं संपत्ति संरक्षण हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है। किसी भी प्रकार के आर्थिक लेन-देन, भूमि क्रय-विक्रय अथवा निवेश से पूर्व दस्तावेजों का सत्यापन अवश्य करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। 

कुंभ 2027 को भव्य बनाने की तैयारी, सीएम धामी ने केंद्रीय मंत्री सी. आर. पाटिल के सामने रखीं अहम मांगें

देहरादून मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल से मुलाकात की। इस दौरान सीएम ने वर्ष 2027 में हरिद्वार में आयोजित होने वाले महाकुंभ की तैयारियों और नमामि गंगे से संबंधित परियोजनाओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने हरिद्वार कुंभ 2027 के सफल, सुव्यवस्थित एवं पर्यावरणीय दृष्टि से सतत आयोजन को सुनिश्चित करने हेतु राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) के अंतर्गत ₹408.82 करोड़ की परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि जनवरी से अप्रैल 2027 तक आयोजित होने वाले इस महाआयोजन में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है, जिसके दृष्टिगत गंगा की निर्मलता, स्वच्छता एवं अविरलता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने बाढ़ सुरक्षा कार्यों हेतु ₹253 करोड़ के प्रस्तावों की स्वीकृति, जल जीवन मिशन के अंतर्गत अतिरिक्त राशि जारी करने करने के साथ ही इकबालपुर नहर प्रणाली, कनखल एवं जगजीतपुर नहर की क्षमता विस्तार का भी अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे असिंचित भूमि की सिंचाई के लिए 665 क्यूसेक पानी उपलब्ध हो सकेगा। जिससे हरिद्वार जिले के भगवानपुर और लक्सर क्षेत्र को लाभ मिलेगा। परियोजना से लगभग 13 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने का अनुमान है। साथ ही क्षेत्र में पेयजल समस्या का समाधान भी होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से हरिद्वार कुंभ 2027 को दिव्य, भव्य एवं ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया जाएगा तथा गंगा संरक्षण के लक्ष्य को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा। बता दें कि सीएम धामी दिल्ली दौरे पर हैं। इस दौरान सीएम धामी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत सरकार द्वारा नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) लागू किया जाना एक ऐतिहासिक निर्णय है। इस कानून के तहत पड़ोसी देशों में धार्मिक उत्पीड़न का सामना कर चुके हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन समुदाय के लोगों को भारत में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में भी 153 लोगों को नागरिकता प्रदान की गई है। यह कदम न केवल मानवीय मूल्यों को सशक्त करता है, बल्कि "वसुधैव कुटुंबकम्" की भावना को भी चरितार्थ करता है, साथ ही विश्व भर में रह रहे हिंदुओं को राष्ट्र गौरव से जोड़ता है।  

इमरान खान की तबीयत बिगड़ी! आधी रात अस्पताल ले जाने से मचा हड़कंप

इस्लामाबाद इमरान खान को रात दो बजे अस्पताल लाया गया था। उन्हें पाकिस्तान इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज लाया गया था। उनकी आंख में समस्या है और इलाज के लिए उन्हें लाया गया था। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि उन्हें तीन इंजेक्शन लगने हैं। यह दूसरा इंजेक्शन था। उनकी दाईं आंख की रोशनी 15 फीसदी ही बची है। पाकिस्तान में सत्ता से हटने के बाद नेताओं के लिए जिंदगी आसान नहीं रही है। पूर्व पीएम इमरान खान 3 साल से ज्यादा वक्त से जेल में बंद हैं और उनके परिवार या समर्थकों को मिलने तक की परमिशन नहीं है। यही नहीं उनके निजी डॉक्टर और वकीलों तक को मिलने नहीं दिया जा रहा है। इस बीच मंगलवार को पाकिस्तान में उस वक्त हलचल मच गई, जब उनके समर्थकों को तड़के ही पता चला कि इमरान खान को रात दो बजे अस्पताल लाया गया था। उन्हें पाकिस्तान इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज लाया गया था। उनकी आंख में समस्या है और इलाज के लिए उन्हें लाया गया था। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि उन्हें तीन इंजेक्शन लगने हैं। यह दूसरा इंजेक्शन था। जानकारी मिल रही है कि उनकी दाईं आंख की रोशनी 15 फीसदी ही बची है। अब तीसरा इंजेक्शन 24 मार्च को लगाया जाएगा। उन्हें रात 2 बजे अस्पताल ले जाने के वीडियो वायरल हो रहे हैं। इसी को लेकर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के नेता बैरिस्टर गोहर खान ने सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि मुझे रात को 2 बजे यह पता चला कि इमरान खान को लाया गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह चोरी-छिपे आखिर कौन सा इलाज हो रहा है। गोहर खान ने कहा कि इमरान खान के इलाज की जानकारी उनके समर्थकों को मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका इलाज शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल में होना चाहिए। उनका इलाज तभी हो, जब उनके निजी डॉक्टर मौजूद रहें। इसके अलावा परिवार के सदस्य भी मौके पर हों। यह अस्पताल भी इस्लामाबाद में ही है। डॉक्टरों का कहना है कि इमरान खान की हालत स्थिर है। इंजेक्शन दिए जाने के बाद भी उनकी निगरानी की गई और देखरेख में रखे जाने के बाद जब सब सामान्य दिखा तो उन्हें छोड़ा गया। इस संबंध में संसदीय कार्य मंत्री तारिक फजल चौधरी ने एक्स पर लिखा, 'यह स्पष्ट करना जरूरी है कि इमरान खान को अस्पताल लाया गया था। इस दौरान कड़ी सुरक्षा रखी गई। इसके अलावा सभी कानूनी और मानवीय सहायता भी उन्हें दी गई।' मंत्री ने यह भी बताया कि डॉक्टरों का कहना है कि इमरान खान की नजर में सुधार हो रहा है। उन्हें पहले के मुकाबले ज्यादा बेहतर दिख रहा है। हमें सरकार के किसी इलाज या रिपोर्ट पर भरोसा नहीं: इमरान की बहन उन्हें इलाज के बाद अदियाला जेल में भी शिफ्ट कर दिया गया है। इस मामले में इमरान खान की बहन अलीमा ने भी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा, 'हम सरकार के इलाज या उनकी टेस्ट रिपोर्ट्स पर भरोसा नहीं करते।' हमें खबरों से पता चला कि इमरान खआन को आधी रात में अस्पताल लाया गया। अलीमा ने कहा कि कानून कहता है कि यदि किसी कैदी का कोई इलाज होता है तो परिवार को बताया जाता है। हमें इस संबंध में कोई जानकारी क्यों नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि हमें सरकारी इलाज पर भरोसा नहीं है। अलीमा ने कहा कि डॉक्टरों को धमकियां दी गई हैं कि यदि उन्होंने कुछ भी लीक किया तो खैर नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार रिपोर्ट्स को पब्लिक भी करती है तो हमें उन पर भरोसा नहीं होगा।  

सिंगापुर में सीएम Yogi Adityanath की बड़ी उपलब्धि: जेवर एयरपोर्ट को मिला 4,458 करोड़ का निवेश

सिंगापुर/लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन राज्य को वैश्विक निवेश का एक और तोहफा मिला है। सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने एविएशन सर्विस सेक्टर की अग्रणी कंपनी सैट्स के साथ एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत कंपनी गौतमबुद्ध नगर स्थित जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दो प्रमुख परियोजनाएं स्थापित करेगी। पहला एक अत्याधुनिक कार्गो कॉम्प्लेक्स और दूसरा एक विश्वस्तरीय एयर कैटरिंग किचेन। इन दोनों प्रोजेक्ट्स पर कंपनी 4,458 करोड़ रुपए निवेश करेगी। एमओयू के अनुसार, सैट्स लिमिटेड जेवर एयरपोर्ट परिसर में एक अत्याधुनिक कार्गो कॉम्प्लेक्स का निर्माण करेगी। यह कार्गो कॉम्प्लेक्स न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए एयर फ्रेट और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख केंद्र बनेगा। इस परियोजना से निर्यात-आयात गतिविधियों को गति मिलेगी, विशेषकर इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, और कृषि उत्पाद जैसे क्षेत्रों को बड़ा लाभ होगा। जेवर एयरपोर्ट को मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के साथ विकसित किया जा रहा है, जिससे यह कार्गो कॉम्प्लेक्स अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए एक रणनीतिक हब के रूप में उभरेगा। एमओयू के दूसरे प्रमुख निवेश के तहत नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ही एक अत्याधुनिक विश्वस्तरीय एयर कैटरिंग किचेन की स्थापना की जाएगी। यह किचेन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से संचालित होने वाली उड़ानों के लिए उच्च गुणवत्ता वाला भोजन उपलब्ध कराएगा। विशेष बात यह है कि यहां तैयार किया गया भोजन केवल जेवर एयरपोर्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसकी सप्लाई पूरे उत्तर भारत के विभिन्न एयरपोर्ट्स पर भी की जाएगी। इससे क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग और सप्लाई चेन नेटवर्क को मजबूती मिलेगी तथा हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री के सिंगापुर दौरे का उद्देश्य वैश्विक निवेशकों को उत्तर प्रदेश की संभावनाओं से जोड़ना है। दूसरे दिन हुए इस एमओयू को राज्य के एविएशन, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चालू होने के साथ ही यह कार्गो कॉम्प्लेक्स और एयर कैटरिंग सुविधा उत्तर भारत के आर्थिक परिदृश्य को नई दिशा देंगे और प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर ज्यादा मजबूत स्थिति में स्थापित करेंगे।

विचार नेताम कमजोर वर्गों के विकास को समर्पित है ‘संकल्प’ बजट – राम विचार नेताम

रायपुर कृषि और आदिम जाति विकास मंत्री  राम विचार नेताम ने वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी द्वारा सदन में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये का बजट ‘संकल्प’ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बजट संकल्प राज्य के किसानों गरीबों और कमजोर वर्गों के विकास के लिए मील का पत्थर का साबित होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य की चहुमुखी विकास हो रहा है। विगत वर्षो में प्रस्तुत बजट, ज्ञान, गति के बाद अब संकल्प राज्य के उत्तरोतर विकास के लिए राह आसान करेगी। इसके साथ ही यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के विकसित भारत /2047 की संकल्पों को पूरा करने में भी सहायक होगी।  मंत्री  नेताम ने कहा कि यह बजट राज्य की संस्कृति और अर्थव्यवस्था के आधार स्तंभ कृषि को मजबूत करने वाला है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जो आदिवासी बहुल क्षेत्रों में समग्र विकास सुनिश्चित करेगा। जनजातीय सुरगुड़ी स्टूडियो के लिए बजट प्रावधान किया गया है। अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की राशि को 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ किया गया है। अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के लिए 80 करोड़ का प्रावधान है। पिछड़ा वर्ग के हित में विभागाध्यक्ष भवन के लिए बजट प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत 500 करोड़ रुपये तथा आवास निर्माण के लिए 200 करोड़ का प्रावधान है। अनुसूचित जनजाति बहुल ग्राम पंचायतों में बैगा एवं पुजारी के लिए 3 करोड़ का प्रावधान किया गया है। निश्चित ही यह बजट राज्य के लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त करने में अहम भूमिका निभाएगी।  मंत्री  नेताम ने प्रतिक्रिया में कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि हमारी संस्कृति है। किसानों के खाते में विगत इन तीन वर्षों में एक लाख 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान हो चुका है। कृषक उन्नति योजना के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जो आधुनिक तकनीक और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देगी। मार्कफेड को धान उपार्जन के लिए 6 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान है। कृषि पंपों को निःशुल्क बिजली के लिए 5500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आलू प्रदर्शन विकास योजना की शुरुआत होगी। आईजीकेव्ही में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना होगी। डेयरी समग्र विकास योजना के लिए 90 करोड़ रुपये का प्रावधान है। किसानों और मजदूरों के दुर्घटना बीमा के लिए बजट प्रावधान किया गया है।  भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के लिए दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के तहत 600 करोड़ रुपये का प्रावधान है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 820 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। एकीकृत वाटरशेड प्रबंधन कार्यक्रम के लिए 170 करोड़ रुपये, कृषक समग्र विकास योजना के लिए 150 करोड़ रुपये, पीएम कृषि सिंचाई योजना के लिए 130 करोड़ रुपये, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के लिए 130 करोड़ रुपये, पीएम मत्स्य संपदा योजना के लिए 200 करोड़ रुपये, डेयरी विकास के लिए 90 करोड़ रुपये समग्र पशु संवर्धन योजना के लिए 8 करोड़ रुपये तथा पशुओं को साल भर हरा चारा उपलब्ध कराने के लिए हरा चारा उत्पादन हेतु 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह बजट किसानों की आय बढ़ाने सिंचाई बीमा और पशुपालन को मजबूत करने पर केंद्रित है जो राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। आदिवासी और पिछड़े वर्गों के उत्थान से समावेशी विकास सुनिश्चित होगा। कृषि और आदिम जाति विकास मंत्री  राम विचार नेताम ने वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी द्वारा सदन में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये का बजट ‘संकल्प’ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बजट संकल्प राज्य के किसानों गरीबों और कमजोर वर्गों के विकास के लिए मील का पत्थर का साबित होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य की चहुमुखी विकास हो रहा है। विगत वर्षो में प्रस्तुत बजट, ज्ञान, गति के बाद अब संकल्प राज्य के उत्तरोतर विकास के लिए राह आसान करेगी। इसके साथ ही यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के विकसित भारत /2047 की संकल्पों को पूरा करने में भी सहायक होगी।  मंत्री  नेताम ने कहा कि यह बजट राज्य की संस्कृति और अर्थव्यवस्था के आधार स्तंभ कृषि को मजबूत करने वाला है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जो आदिवासी बहुल क्षेत्रों में समग्र विकास सुनिश्चित करेगा। जनजातीय सुरगुड़ी स्टूडियो के लिए बजट प्रावधान किया गया है। अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की राशि को 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ किया गया है। अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के लिए 80 करोड़ का प्रावधान है। पिछड़ा वर्ग के हित में विभागाध्यक्ष भवन के लिए बजट प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत 500 करोड़ रुपये तथा आवास निर्माण के लिए 200 करोड़ का प्रावधान है। अनुसूचित जनजाति बहुल ग्राम पंचायतों में बैगा एवं पुजारी के लिए 3 करोड़ का प्रावधान किया गया है। निश्चित ही यह बजट राज्य के लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त करने में अहम भूमिका निभाएगी।  मंत्री  नेताम ने प्रतिक्रिया में कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि हमारी संस्कृति है। किसानों के खाते में विगत इन तीन वर्षों में एक लाख 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान हो चुका है। कृषक उन्नति योजना के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जो आधुनिक तकनीक और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देगी। मार्कफेड को धान उपार्जन के लिए 6 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान है। कृषि पंपों को निःशुल्क बिजली के लिए 5500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आलू प्रदर्शन विकास योजना की शुरुआत होगी। आईजीकेव्ही में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना होगी। डेयरी समग्र विकास योजना के लिए 90 करोड़ रुपये का प्रावधान है। किसानों और मजदूरों के दुर्घटना बीमा के लिए बजट प्रावधान किया गया है।  भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के लिए दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के तहत 600 करोड़ रुपये का प्रावधान है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 820 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। एकीकृत वाटरशेड प्रबंधन कार्यक्रम के लिए 170 करोड़ रुपये, कृषक समग्र विकास योजना के लिए 150 करोड़ रुपये, पीएम कृषि सिंचाई योजना के लिए 130 करोड़ रुपये, राष्ट्रीय … Read more