samacharsecretary.com

घूसखोर पंडित पर विवाद: वैभव पाठक ने दायर किया परिवाद, नेटफ्लिक्स समेत कई पर कानूनी कार्रवाई

जबलपुर मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘घूसखोर पंडत' को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा. नाम बदलने के बाद भी मामला अदालत तक पहुंच चुका है और अब इससे जुड़ी कानूनी कार्रवाई और सख्त हो गई है. जबलपुर जिला न्यायालय ने परिवाद पर सुनवाई करते हुए फिल्म के निर्माता‑निर्देशक नीरज पांडे के साथ‑साथ Netflix के कई शीर्ष अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं. समाज के एक वर्ग की भावना आहत होने का आरोप लगाते हुए परिवादी ने इस मामले को गंभीर सांस्कृतिक और सामाजिक मुद्दा बताया है. अदालत में दर्ज हुआ परिवादी का बयान जबलपुर के प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी पंकज सविता की अदालत में सोमवार को परिवादी वैभव पाठक का बयान दर्ज किया गया. उन्होंने फिल्म के विवादित शीर्षक का विरोध करते हुए इसे ब्राह्मण समुदाय की गरिमा पर प्रहार बताया. अदालत ने बयान सुनने के बाद फिल्म के निर्माता‑निर्देशक सहित Netflix के संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए. Netflix के शीर्ष अधिकारियों को नोटिस नोटिस जिन लोगों को भेजा गया है, उनमें Netflix (USA) के अध्यक्ष रीड हेस्टिंग्स, सह‑मुख्य कार्यकारी अधिकारी टेड सरंदास, मुख्य सामग्री अधिकारी बेला बजरिया और Netflix इंडिया की उपाध्यक्ष मोनिका शेरगिल शामिल हैं. अदालत ने इन सभी से इस मामले में जवाब माँगने के निर्देश दिए हैं. परिवाद में रीड हेस्टिंग्स (अध्यक्ष, नेटफ्लिक्स यूएसए), टेड सरंदास (सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नेटफ्लिक्स यूएसए), बेला बजरिया (मुख्य सामग्री अधिकारी, नेटफ्लिक्स यूएसए) और नेटफ्लिक्स की भारतीय वितरक मोनिका शेरगिल को भी पक्षकार बनाया गया है। अभियुक्तों के विरुद्ध नोटिस जारी करने का आदेश सोमवार को जेएमएफसी न्यायालय ने परिवादी के बयान दर्ज करने के बाद प्राथमिक दृष्टया आपराधिक मानहानि का मामला पाते हुए पांचों प्रस्तावित अभियुक्तों के विरुद्ध नोटिस जारी करने का आदेश पारित किया। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी पंकज सविता ने यह आदेश परिवादी पं. वैभव पाठक के शपथ-पत्र और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर दिया। परिवादी पं. वैभव पाठक (मध्य प्रदेश प्रगतिशील ब्राह्मण महासभा के सक्रिय सदस्य) ने अदालत को बताया कि फिल्म के शीर्षक में प्रयुक्त शब्दों से ब्राह्मण समुदाय की सामाजिक गरिमा को ठेस पहुंची है। उनका कहना है कि ‘पंडित’ शब्द भारतीय संस्कृति में विद्या, वैदुष्य और धार्मिक पवित्रता का प्रतीक रहा है, ऐसे में इसे ‘घूसखोर’ जैसे शब्द के साथ जोड़ना पूरे समुदाय की छवि को धूमिल करने का प्रयास है। प्रचार-प्रसार से हुई सामाजिक क्षति परिवादी की ओर से अधिवक्ता असीम त्रिवेदी ने तर्क रखा कि भले ही सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद फिल्म का शीर्षक बदला जा रहा हो, लेकिन पहले किए गए व्यापक प्रचार-प्रसार से जो सामाजिक क्षति हुई है, वह अपरिवर्तनीय है। इसलिए संबंधित व्यक्तियों को विधि सम्मत जवाबदेह ठहराया जाना आवश्यक है। पंडित शब्द को नकारात्मक विशेषण के साथ जोड़ा पं. वैभव पाठक ने अदालत के समक्ष कहा कि यह मामला केवल एक फिल्म के शीर्षक का नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक अस्मिता का प्रश्न है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि ‘पंडित’ उपाधि को जवाहरलाल नेहरू और अटल बिहारी वाजपेयी जैसी विभूतियों ने गौरवान्वित किया है, ऐसे शब्द को नकारात्मक विशेषण के साथ जोड़ना भारतीय परंपरा का अपमान है। अब इस मामले में नोटिस जारी होने के बाद सभी पक्षों को अदालत में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखना होगा। प्रकरण की अगली सुनवाई की तिथि शीघ्र निर्धारित की जाएगी। परिवादी की दलील: भावनाएं आहत  परिवादी की ओर से अधिवक्ता असीम त्रिवेदी ने अदालत में कहा कि भले ही शीर्षक बदलने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन फिल्म के पहले किए गए प्रचार‑प्रसार ने समाज के एक बड़े वर्ग को चोट पहुंचाई है. उनका कहना है कि इससे ब्राह्मण समुदाय की प्रतिष्ठा को नुकसान हुआ है, जो केवल नाम बदल देने से भरपाई नहीं हो सकता. "पंडित" शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति परिवाद में यह भी तर्क दिया गया कि “पंडित” शब्द भारतीय संस्कृति में विद्वता, ज्ञान और धार्मिक प्रतिष्ठा से जुड़ा है. इसे “घूसखोर” जैसे नकारात्मक शब्द के साथ जोड़ना न केवल एक काल्पनिक चरित्र का चित्रण है, बल्कि पूरे समुदाय की सामाजिक छवि को प्रभावित करता है. परिवादी ने यह भी कहा कि यह मामला सिर्फ एक शीर्षक का नहीं, बल्कि सामाजिक पहचान और सम्मान से जुड़ा प्रश्न है. राष्ट्रीय हस्तियों का उल्लेख भी आया सामने याचिका में कहा गया कि “पंडित” शब्द को देश की प्रमुख हस्तियों पंडित जवाहरलाल नेहरू और पंडित अटल बिहारी वाजपेयी ने सम्मान दिया है. ऐसे में इस शब्द को विवादित संदर्भ से जोड़ना भारतीय परंपरा और मूल्यों के खिलाफ है. अदालत जल्द ही इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख निर्धारित करेगी. नोटिस जारी होने के बाद अब फिल्म निर्माताओं और Netflix की ओर से जवाब दर्ज होने की प्रतीक्षा की जा रही है.  

हरियाणा सदन में एक लाख लोगों की पेंशन कटने को CM सैनी ने बताया विपक्ष का भ्रम

पंचकूला. हरियाणा विधानसभा के सत्र के दौरान पिछले डेढ़ साल में काटी गई बुढ़ापा पेंशन को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। कांग्रेस विधायक शीशपाल केहरवाला द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में मंत्री कृष्ण बेदी ने पेंशन से जुड़ी जानकारी सदन को दी। पेंशन के आंकड़ों को लेकर सदन में भारी हंगामा हुआ, जिसके बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को खुद मोर्चा संभालना पड़ा। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पेंशन कटने की गलत अफवाह फैलाना पाप है। उन्होंने कांग्रेस शासन काल की याद दिलाते हुए कहा कि कांग्रेस के समय बुजुर्गों को 6-6 महीने तक पेंशन के लिए भटकना पड़ता था। लेकिन आज हमारी सरकार में बुजुर्गों को घर बैठे सम्मानपूर्वक पेंशन मिल रही है और मोबाइल पर सीधा मैसेज आता है। बुजुर्गों का सम्मान सर्वोपरि सीएम सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी सरकार बुजुर्गों को पिता समान मानती है। उन्होंने आयुष्मान योजना के तहत 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों के मुफ्त इलाज की सुविधा को ऐतिहासिक कदम बताया। विनेश फोगाट की प्रतिक्रिया विनेश फौगाट ने रामराय गांव में नेशनल ओर इंटरनेशनल प्लेयर्स की सुविधा के लिए स्विमिंग पूल नहीं होने का मुद्दा उठाया तो खेल मंत्री से हुई बहस। कांग्रेस विधायक विनेश ने कहा कि प्लेयर्स की समस्याओं को लेकर मंत्री जी को बार-बार कॉल करती हूं लेकिन यह फोन ही नहीं उठाते। खेल मंत्री ने कहा की पॉलिसी के अनुसार वहां स्विमिंग पुल बनाना व्याहारिक नहीं है।

पंजाब में सीमावर्ती किसानों को सरकारी जमीन पर मुआवजे का मिलेगा हक

चंडीगढ़/फाजिल्का. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने किसानों के लिए एक और ऐतिहासिक फैसला लिया है। पंजाब कैबिनेट ने सरकारी जमीनों पर खेती करने वाले किसानों को मुआवजा देने पर मुहर लगाई है। विधायक जगदीप कंबोज गोल्डी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि अब बॉर्डर पट्टी की कच्ची जमीनों वाले किसान भी खुशहाल होंगे। विधायक जगदीप कंबोज गोल्डी ने कहा कि कच्ची जमीनों वाले किसान पिछले कई वर्षों से इन जमीनों पर खेती कर अपना गुजारा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र जिला फाजिल्का में जब भी बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा आती थी, तो अन्य किसानों को तो सरकार से मुआवजा मिल जाता था, लेकिन जमीनें ''कच्ची'' होने के कारण इन क्षेत्रों के किसानों को मुआवजा नहीं मिल पाता था। अब पंजाब सरकार ने पहल करते हुए इन किसानों को भी मुआवजे के दायरे में लाने का फैसला किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और पूरी कैबिनेट का आभार व्यक्त किया है, जिन्होंने बॉर्डर पट्टी के किसानों के लिए यह सराहनीय निर्णय लिया है। किसानों को मुबारकबाद देते हुए विधायक ने कहा कि वर्तमान सरकार किसानों के हितों के लिए लगातार कार्यशील है। उन्होंने कहा कि किसान भाइयों को अब घबराने की जरूरत नहीं है, वे मेहनत और लगन से इन जमीनों पर खेती करें और अपनी आर्थिक स्थिति बेहतर बनाएं। उन्होंने आश्वस्त किया कि अगर भविष्य में कोई प्राकृतिक आपदा आती है, तो ये किसान सरकार द्वारा घोषित मुआवजे के दायरे में आएंगे और उन्हें उनका बनता हक दिया जाएगा।

अवैध रेत उत्खनन रोकने बनेगी ग्राम निगरानी समिति

जांजगीर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने अवैध रेत उत्खनन पर रोक लगाने और रेत माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हेतु योजना बनाई है। उन्होंने तस्करों और अवैध रेत उत्खनन करने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ग्राम स्तर पर निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सचिव, सरपंच और कोटवार को शामिल करते हुए विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। अवैध उत्खनन और परिवहन पर विशेष टीम तत्काल तहसीलदार और एसडीएम को सूचना देगी, इसके बाद माइनिंग, टास्क फोर्स, राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा अवैध उत्खनन और परिवहन पर कार्यवाही करेगी। इसके अलावा कलेक्टर ने धान खरीदी के दौरान भौतिक सत्यापन में जहां-जहां गड़बड़ी पाई गई है वहां तत्काल जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रत्येक मंगलवार और बुधवार को सभी अधिकारियों को अनिवार्य रूप से अपने-अपने कार्यालय में उपस्थित रहने को कहा है ताकि आमजन की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी निराकरण किया जा सके । इसके अलावा ई–ऑफिस के माध्यम से सभी फाइलों का संचालन करने और विभागीय पत्राचार में डिजिटल माध्यम अपनाने के निर्देश दिए हैं।

राहुल गांधी-खड़गे के साथ भोपाल किसान महासम्मेलन, शहरभर में यातायात पर असर

भोपाल भोपाल में आज कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे का महत्वपूर्ण दौरा है. राजधानी में आयोजित किसान महा चौपाल कार्यक्रम में दोनों नेता शामिल होंगे और किसानों से सीधे संवाद करेंगे इस दौरे को प्रदेश की राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राहुल गांधी दोपहर 12 बजे दिल्ली से भोपाल के लिए रवाना होंगे और लगभग 1 बजे भोपाल पहुंचेंगे. एयरपोर्ट पर संक्षिप्त स्वागत के बाद वे दोपहर 1:30 बजे जवाहर चौक के लिए प्रस्थान करेंगे और करीब 1:55 बजे वहां पहुंचेंगे. किसान महा चौपाल कार्यक्रम दोपहर 2 बजे से किसान महा चौपाल कार्यक्रम की शुरुआत होगी, जिसमें राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे किसानों को संबोधित करेंगे. यह कार्यक्रम लगभग डेढ़ घंटे तक चलेगा. दोपहर 2 बजे से 3:30 बजे तक राहुल गांधी किसानों के बीच मौजूद रहेंगे और अलग-अलग कृषि मुद्दों, समर्थन मूल्य, फसल नुकसान, कर्ज, और अन्य समस्याओं पर खुलकर चर्चा करेंगे. बताया जा रहा है कि इस दौरान वे किसानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनेंगे और पार्टी की नीतियों को साझा करेंगे. कार्यक्रम समाप्त होने के बाद राहुल गांधी दोपहर 3:35 बजे जवाहर चौक से एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे. वे शाम 4 बजे भोपाल एयरपोर्ट पहुंचेंगे और 4:15 बजे दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे. यह दौरा आगामी राजनीतिक रणनीति और किसानों से बातचीत के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें पार्टी नेतृत्व जमीनी स्तर पर संपर्क मजबूत करने का प्रयास करेगा. राहुल-खड़गे के साथ मंच पर 250 नेता बैठेंगे मंच पर मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के साथ करीब 250 नेता बैठेंगे। इनमें एमपी कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी, पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश, कांग्रेस मीडिया डिपार्टमेंट के नेशनल चेयरमैन पवन खेड़ा भी रहेंगे। साथ ही पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, एमपी के सभी कांग्रेस विधायक, तीनों राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह, विवेक तन्खा, अशोक सिंह, पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी के मेंबर और सभी 71 जिला कांग्रेस अध्यक्ष बैठेंगे। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, सीईसी मेंबर भी शामिल होंगे। तीन दिन की तैयारी में लाखों लोग जुटेंगे: पटवारी मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा- देश के हर किसान को चाहे वह भाजपा की विचारधारा को एक्सेप्ट करता हो, लेकिन जो किसान खेती से जुड़ा है। उसे ये एहसास हो गया है कि नरेंद्र मोदी ने दबाव में आकर ट्रेड डील की है। उसी का असर है कि तीन दिन की तैयारी में लाखों लोग भोपाल आ रहे हैं। 21 फरवरी को यह तय हुआ कि 24 को भोपाल में चौपाल होगी। उसमें लाखों की तादाद में लोग आएंगे। भोपाल की सड़कें पट जाएंगी। ये अपने आप में मैसेज है कि ये ट्रेड डील देश विरोधी, किसान विरोधी है। नरेंद्र मोदी दबे हुए हैं। उन्होंने कंप्रोमाइज किया है। दुनिया भर में चल रही सेक्स फाइल का भी इस डील पर असर पड़ा है। यह कोई इल्जाम नहीं है। ट्रम्प ने एक बार कहा था कि मैं नरेंद्र मोदी का पॉलिटिकल करियर खत्म नहीं करना चाहता। यह हमारे देश की बेइज्जती है। PM का अपमान होगा तो हर भारतवासी को गुस्सा आएगा जीतू पटवारी ने कहा- आखिर नरेंद्र मोदी हमारे प्रधानमंत्री हैं। उनके खिलाफ विदेश का कोई राष्ट्राध्यक्ष इस तरह की बात करता है तो भारत के हर नागरिक को गुस्सा आएगा, लेकिन सवाल यह है कि इस पर नरेंद्र मोदी ने कोई बयान क्यों नहीं दिया। इस ट्रेड डील से किसानों की गर्दन ट्रम्प की तलवार पर रख दी गई है। ट्रेड डील से एमपी के 70 फीसदी किसान प्रभावित जीतू पटवारी ने कहा- राहुल जी और खड़गे जी को धन्यवाद। इस ट्रेड डील से सबसे ज्यादा किसान अगर कहीं प्रभावित हुए हैं तो मप्र में हुए हैं। सोयाबीन उत्पादक किसान सबसे ज्यादा हमारे यहां के हैं। हम सोया स्टेट थे। कपास, मक्का सबसे ज्यादा यहां पैदा होते हैं। 70% किसान इससे प्रभावित हैं तो उन्होंने मप्र को सबसे पहले चुना। मेरी और उनकी आपस में बात हुई। पार्टी ने निर्णय लिया और अब हम किसान की लड़ाई लड़ेंगे। शहरभर में रहेगा ट्रैफिक डायवर्जन कार्यक्रम के दौरान जवाहर चौक और आसपास के मार्गों पर यातायात प्रतिबंधित रहेगा। डिपो चौराहा से पीएनटी या पॉलिटेक्निक चौराहा होकर आवागमन किया जा सकेगा। प्लेटिनम चौराहा से आने वाले वाहन माता मंदिर या टीटी नगर मार्ग का उपयोग करेंगे। रंगमहल से आने वाले वाहन बाणगंगा या माता मंदिर मार्ग से गुजरेंगे। एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को कंट्रोल रूम तिराहा, पीएचक्यू, लिली टॉकीज, तलेया, भारत टॉकीज, हमीदिया रोड और लालघाटी होकर जाने की सलाह दी गई है, ताकि किसी प्रकार की देरी से बचा जा सके। दिक्कत होने पर करें संपर्क पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का पालन करें और अनावश्यक रूप से कार्यक्रम स्थल के आसपास न जाएं। किसी भी असुविधा की स्थिति में यातायात कंट्रोल रूम के नंबर 0755-2677340 और 2443850 पर संपर्क किया जा सकता है।  शिवराज सिंह चौहान के क्षेत्र से करेंगे लड़ाई की शुरुआत जीतू पटवारी ने कहा- यहां के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान देश के कृषि मंत्री हैं। जब अमेरिका के कृषि मंत्री का बयान आया तो उन्होंने कहा था कि नरेंद्र मोदी को बहुत साधुवाद वो विश्व के ऐसे नेता हैं कि जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उन्होंने भारत के किसानों को बचा लिया। क्या भारत के किसानों की कोई गर्दन पकड़कर हत्या कर रहा था? अगर बचा लिया तो जीरो प्रतिशत टैरिफ के एग्रीकल्चर प्रोडक्शन आएगा। 18% टैरिफ पर यहां से अमेरिका जाएंगे। हम विदिशा, बुधनी से यह किसान संवाद यात्रा शुरू करेंगे। प्रदेश का हर नेता कार्यकर्ता इसे आगे लेकर जाएंगे। जैसे नरेंद्र मोदी को तीन काले कानून वापस लेने पडे़ थे। वैसे ही ये ट्रेड डील भी वापस लेना पड़ेगी।

फॉर्मूला 1 की भारत वापसी की तैयारी, बुद्ध सर्किट पर अडानी ग्रुप का बड़ा प्लान

 नई दिल्ली Indian Grand Prix- Formula One: भारत को मोटरस्पोर्ट की ग्लोबल पहचान दिलाने वाला बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट (BIC) एक बार फिर चर्चा में है. वजह है अडानी ग्रुप की दिलचस्पी और भारत में फॉर्मूला 1 रेस की संभावित वापसी. दुनिया के सबसे बेहतरीन फार्मूला वन रेस ट्रैक्स में से एक बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट को लेकर अडानी ग्रुप नई रणनीति पर काम कर रहा है. यह जानकारी अडानी ग्रुप के वरिष्ठ अधिकारी करण अडानी ने दी है. उन्होंने साफ कहा है कि भारत में F1 को दोबारा लाने को लेकर वे व्यक्तिगत रूप से काफी उत्साहित और एक्टिव हैं. अडानी ग्रुप इस समय बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट का अधिग्रहण करने की तैयारी में है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार केंद्रीय खेल मंत्री मंसुख मांडविया ने हाल ही में सर्किट का दौरा किया और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से बातचीत की. इससे सरकार की दिलचस्पी भी साफ नजर आती है. वहीं देश की राजधानी में आयोजित ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (AIMA) के 70वें स्थापना दिवस समारोह में करण अडानी ने कहा कि बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट इस पूरे सौदे का अहम हिस्सा है. उन्होंने कहा कि भारत में फॉर्मूला 1 के चाहने वालों की संख्या बहुत ज्यादा है और देश में इस खेल की जबरदस्त संभावनाएं हैं. बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट (BIC) का मालिकाना हक जेपी ग्रुप के पास है. दुनिया भर में फॉर्मूला वन रेस के जरिए भारत को ग्लोबल पहचान दिलाने वाले इस सर्किट को विशेष रूप से जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड और उसकी सहयोगी कंपनी जेपी स्पोर्ट्स इंटरनेशनल लिमिटेड ने बनाया था. यह सर्किट भारत में फॉर्मूला 1 रेस की मेजबानी के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित रहा. हालांकि, समय के साथ जेपी ग्रुप फाइनेंशियल क्राइसिस में फंस गया. बकाया पेमेंट न हो पाने के कारण साल 2019 के आसपास इस जमीन को यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रीयल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) ने अपने अधीन ले लिया.  अब इस पूरे मामले में अडानी ग्रुप एक अहम खिलाड़ी बनकर उभरा है. अडानी ग्रुप, जेपी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी, मुश्किल में फंसी जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) को खरीदने की दौड़ में है. नवंबर 2025 में, अडानी ग्रुप ने कर्ज़ में डूबी जयप्रकाश एसोसिएट्स को खरीदने के लिए ज़्यादातर लेंडर्स का वोट जीता, क्योंकि उसके 14,535 करोड़ रुपये के एक्विजिशन प्रपोज़ल में दूसरे बिडर्स की तुलना में ज़्यादा अपफ्रंट पेमेंट शामिल था. जिसके चलते अडानी ग्रुप को अधिकांश कर्जदाताओं का सपोर्ट मिला. माना जा रहा है कि इस डील से बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट से जुड़ी तस्वीर भी आने वाले समय में बदल सकती है. करण अडानी का कहना है कि "वे साल 2000 से इस खेल को करीब से देख रहे हैं और उनका मानना है कि भारत फॉर्मूला 1 जैसे ग्लोबल स्पोर्ट इवेंट्स के लिए एक नया स्टैंडर्ड बना सकता है. उन्होंने कहा कि, यह केवल 3 दिन की रेस नहीं है बल्कि भारत को एक ग्लोबल पहचान देने वाला स्पोर्ट है. भारत न केवल इसे सफलतापूर्वक आयोजित करत सकता है बल्कि बाकि दुनिया के लिए एक उदाहरण भी बन सकता है." जब मायावती ने दी ट्रॉफी बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट ने 2011 से 2013 तक फॉर्मूला 1 इंडियन ग्रां प्री की मेजबानी की थी. उस समय ट्रैक और फीचर्स की दुनिया भर में तारीफ हुई थी. लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार की टैक्स पॉलिसी के कारण F1 को मनोरंजन की श्रेणी में रखा गया, जिसके बाद यह रेस बंद हो गई. साल 2011 में जब भारत में पहली फॉर्मूला वन रेस हुई थी उस वक्त प्रदेश में बहुजन समाजवादी पार्टी (BSP) की सरकार थी. उस वक्त मुख्यमंत्री मायावती ने पहले इंडिन ग्रां प्री (India Grand Prix) के विजेता रेडबुल टीम के रेसर सेबेस्टियन वेट्टेल (Sebastian Vettel) को जीत ट्रॉफी सौंपी थी. सेबेस्टियन ने रेड बुल रेसिंग के लिए सभी तीनों एडिशन को जीता था. रेसिंग की दुनिया ने 2023 में फिर से बुद्ध सर्किट पर कदम रखा, जब MotoGP ने भारत में डेब्यू किया. हालांकि 3 साल के एग्रीमेंट के बावजूद मोटोजीपी अभी दोबारा भारत नहीं लौट सका है. ऐसे में  F1 को भारत में वापस लाना आसान नहीं होगा. मौजूदा समय में एक रेस की मेजबानी फीस 70 से 150 मिलियन डॉलर तक बताई जाती है. दुनिया भर के कई सर्किट पहले से ही फार्मूला वन कैलेंडर में जगह बनोन के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं.  दिसंबर 2025 में फार्मूला वन की तरफ से एक बयान जारी किया गया था. जिसमें बताया गया कि,  भारत में फार्मूला वन के तकरीबन 7.9 करोड़ से ज्यादा फैंस हैं. खैर अभी इस बारे में कुछ भी कह पाना थोड़ा मुश्किल है, भारत में F1 की वापसी हो पाएगी या नहीं. अगर अडानी ग्रुप का अधिग्रहण पूरा होता है और सरकार का मजबूत सहयोग मिलता है, तो आने वाले वर्षों में भारत में फिर से एफ1 की रफ्तार देखने को मिल सकती है.

एसी और स्लीपर कोच फुल, फ्लाइट महंगी; होली के लिए देहरादून से यात्रा मुश्किल

देहरादून होली से पहले ट्रेनें फुल हैं, फ्लाइट के किराए महंगे हो चुके हैं और बसों में सीटों को लेकर मारामारी मची है। देहरादून से देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए चलने वाली कई ट्रेनों में नो रूम इन ट्रेनों में वेटिंग टिकट भी जारी नहीं होगा।रेलवे के आरक्षण सिस्टम के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, होली से ठीक पहले की तारीखों में यात्रियों का दबाव चरम पर है। देहरादून से दिल्ली, प्रयागराज, अमृतसर, कोटा, गोरखपुर और गुजरात की ओर जाने वाली अधिकांश ट्रेनों में एसी और स्लीपर दोनों श्रेणियों में लंबी वेटिंग चल रही है। कई ट्रेनों में वेटिंग तीन अंकों तक पहुंच चुकी है और कुछ में ‘नो रूम’ का स्टेटस दिख रहा है। 3 मार्च के बाद कुछ ट्रेनों में आंशिक राहत जरूर दिखाई दे रही है, लेकिन 6 से 10 मार्च के बीच वापसी की तारीखों में फिर से आरएसी और वेटिंग तेजी से बढ़ रही है, जिससे साफ है कि त्योहार के बाद लौटने वाली भीड़ भी उतनी ही ज्यादा रहने वाली है। पहले जानिए ट्रेनों की स्थिति… हरादून-कोटा एसी एक्सप्रेस में भारी दबाव देहरादून से कोटा जाने वाली देहरादून-कोटा एसी एक्सप्रेस में होली से पहले जबरदस्त दबाव है। 28 फरवरी को थर्ड एसी (3A) में 26 और सेकंड एसी (2A) में 15 वेटिंग चल रही है। 1 मार्च को भी 3A में वेटिंग और 2A में आरएसी की स्थिति बनी हुई है। 2 मार्च को 3A में RAC 29 है, जबकि 2A में कुछ सीटें उपलब्ध हैं। हालांकि 3 मार्च को 3A में 98 और 2A में 18 सीटें खाली हैं, जिससे आंशिक राहत मिल रही है। लेकिन 6 से 8 मार्च के बीच फिर से 3A में आरएसी शुरू हो गई है, जो त्योहार के बाद लौटने वाली भीड़ का संकेत है। अमृतसर रूट पर भी सीटों की किल्लत देहरादून-अमृतसर एक्सप्रेस में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। 28 फरवरी को 3A में 27 और स्लीपर में RAC 31 की स्थिति है। 1 और 2 मार्च को भी दोनों श्रेणियों में लंबी वेटिंग बनी हुई है। 3 से 5 मार्च तक 3A में लगातार वेटिंग चल रही है। हालांकि 6 और 7 मार्च को स्लीपर में कुछ सीटें उपलब्ध हैं, लेकिन एसी कोच में दबाव बना हुआ है। इससे साफ है कि पंजाब की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या अधिक है। प्रयागराज (सूबेदारगंज) लिंक एक्सप्रेस लगभग फुल देहरादून से सूबेदारगंज (प्रयागराज) जाने वाली लिंक एक्सप्रेस में भी टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। 28 फरवरी को 3A में 65 और 2A में 49 वेटिंग दर्ज की गई है। 1 और 2 मार्च को भी वेटिंग लंबी बनी हुई है। 3 मार्च को 3A में 19 और 2A में 11 वेटिंग है। स्लीपर क्लास में 28 फरवरी को वेटिंग 128 तक पहुंच गई है। 4 मार्च को 2A में कुछ सीटें उपलब्ध हैं, लेकिन 3A में आरएसी चल रहा है। वहीं 12 और 13 मार्च को भी आरएसी की स्थिति बनी हुई है, जिससे वापसी के दौरान भी भीड़ अधिक रहने का अनुमान है। काठगोदाम और दिल्ली रूट पर भी बढ़ा दबाव देहरादून-काठगोदाम एक्सप्रेस में 28 फरवरी को स्लीपर में 101 और फर्स्ट एसी में 4 वेटिंग है। 3 मार्च को स्लीपर में RAC 11 है, जबकि 6 मार्च को कुछ सीटें उपलब्ध हैं। देहरादून-नई दिल्ली जनशताब्दी एक्सप्रेस में अधिकांश तारीखों पर सीटें उपलब्ध हैं, लेकिन 5 मार्च को चेयर कार में 30 वेटिंग दर्ज की गई है। देहरादून-शताब्दी एक्सप्रेस में 28 फरवरी से 3 मार्च के बीच चेयर कार और एग्जीक्यूटिव क्लास में सीटें उपलब्ध हैं, जिससे यात्रियों को कुछ राहत मिल सकती है। वंदे भारत एक्सप्रेस में भी होली से पहले वेटिंग देहरादून से दिल्ली और आनंद विहार के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस में भी होली से पहले वेटिंग बढ़ गई है। 1 मार्च को चेयर कार में 98 तक वेटिंग दर्ज की गई है। 28 फरवरी को चेयर कार और एग्जीक्यूटिव क्लास दोनों में वेटिंग है। हालांकि 2 और 3 मार्च को कुछ सीटें उपलब्ध हैं, लेकिन 8 मार्च को फिर से वेटिंग शुरू हो गई है। गोरखपुर और गुजरात रूट की ट्रेनों में भी लंबी वेटिंग देहरादून-गोरखपुर राप्ती गंगा एक्सप्रेस में स्लीपर और एसी दोनों कोच में लंबी वेटिंग चल रही है। 26 फरवरी को स्लीपर में “नो रूम” की स्थिति है। मार्च के पहले सप्ताह में भी वेटिंग 70 से अधिक बनी हुई है। इसी तरह बंगाल जाने वाली कुंभ एक्सप्रेस और गुजरात के ओखा जाने वाली उत्तरांचल एक्सप्रेस में भी 2A, 3A और स्लीपर में लंबी वेटिंग दर्ज की गई है। कई तारीखों में इन ट्रेनों में भी नो रूम का स्टेटस दिख रहा है। फ्लाइट के किराए में भी जबरदस्त बढ़ोतरी रेलवे में भीड़ बढ़ने के साथ ही हवाई किराए में भी जबरदस्त उछाल आया है। जौलीग्रांट एयरपोर्ट से दिल्ली जाने वाली इंडिगो फ्लाइट का सामान्य किराया करीब 3000 रुपए है, लेकिन 28 फरवरी और 1 मार्च को यह बढ़कर 4174 से 5749 रुपए तक पहुंच गया है। मुंबई के लिए सामान्य किराया 7961 रुपए है, जो 28 फरवरी को 9301 और 1 मार्च को 9660 रुपए तक पहुंच गया। अहमदाबाद के लिए 5536 रुपए का किराया 28 फरवरी को 10,501 रुपए दिखा रहा है। बेंगलुरु के लिए सामान्य 8413 रुपए का किराया 9463 रुपए तक पहुंच गया है। जयपुर के लिए 4423 रुपए का किराया बढ़कर 8938 रुपए तक हो गया। बसों में भी सीटों के लिए मारामारी, किराया दोगुना देहरादून से लखनऊ और कानपुर जाने वाली स्लीपर वॉल्वो बसों में 28 फरवरी से सीटों को लेकर मारामारी है। आम दिनों में 1500 रुपए के आसपास रहने वाला किराया होली के आसपास 2500 से 3000 रुपए तक पहुंच गया है। बस ऑपरेटरों का कहना है कि एडवांस बुकिंग पहले ही फुल हो चुकी है और अब स्पॉट बुकिंग पर किराया ज्यादा लिया जा रहा है। 3 मार्च को आंशिक राहत, वापसी में भी भीड़ रेलवे के आंकड़ों से साफ है कि 28 फरवरी से 2 मार्च तक सबसे ज्यादा दबाव है। 3 मार्च को कई ट्रेनों में सीटें उपलब्ध हैं। हालांकि 6 से 10 मार्च के बीच वापसी की भीड़ के कारण फिर से वेटिंग बढ़ रही है। यात्रियों को सलाह दी जा … Read more

जशपुर के दूरस्थ ग्रामों में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना शुरू

जशपुर. मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 के तहत तीन रूट के बसों को नगरपालिका अध्यक्ष अरविन्द भगत द्वारा हरी झण्डी दिखाकर शुभारंभ किया गया। इनमें क्रमशः बिचीटोली से मनोरा, जूनाडीह (लवाकेरा) से बासनतला, नारायणपुर (किलकिला) से पत्थलगांव रूट के बसें शामिल हैं। इसके अतिरिक्त पूर्व में 08 बसें संचालित है। इस प्रकार जशपुर जिले में कुल 11 बसे संचालित हो रही है। इससे जिले के ग्रामीण अंचलों के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सुविधाजनक परिवहन का लाभ मिल सकेगा। यह पहल ग्रामीण अंचलों में बेहतर यातायात सुविधा प्रदान करने और आम जनता की आवागमन को और अधिक सुरक्षित और सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

CM साय का बड़ा बयान: छत्तीसगढ़ बजट 2026 किसानों और युवाओं के लिए होगा ऐतिहासिक

रायपुर  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज पेश किए जाने वाले वित्त वर्ष 2026-27 के राज्य बजट को प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि नवीन विधानसभा भवन में प्रस्तुत होने जा रहा हमारी सरकार का यह तीसरा बजट विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सरकार के विज़न को नई मजबूती प्रदान करेगा।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का यह बजट समावेशी विकास, सुशासन और जनकल्याण के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुद्दढ़ करने के साथ-साथ आमजन के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प को केंद्र में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। किसानों, गरीबों, युवाओं, मातृशक्ति और आदिवासी समाज के सशक्तीकरण को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित की जा रही हैं।  उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि वित्त वर्ष 2026-27 का यह बजट प्रदेश के‘‘सुशासन से समृद्धि‘'मॉडल को मजबूत आधार प्रदान करेगा और विकास की गति को और तेज करेगा।  यह बजट राज्य के बुनियादी ढांचे, रोजगार सृजन, कृषि उन्नयन, सामाजिक सुरक्षा तथा मानव संसाधन विकास को नई दिशा देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के अपने संकल्प पर द्दढ़ है और यह बजट उस दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बजट से प्रदेश आत्मनिर्भरता, आर्थिक प्रगति और समृद्धि के नए दौर में प्रवेश करेगा।  साय ने प्रदेशवासियों को आगामी बजट के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला साबित होगा।  

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जर्मनी में केल्स्टरबाख के मेयर, राउनहाइम के मेयर तथा इनोवेशन राइनमेन के सीईओ से की मुलाकात

उप मुख्यमंत्री की जर्मनी के प्रतिनिधि मंडल से लॉजिस्टिक्स, डेटा सेंटर व नवाचार पर चर्चा   उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जर्मनी में केल्स्टरबाख के मेयर, राउनहाइम के मेयर तथा इनोवेशन राइनमेन के सीईओ से की मुलाकात  डिप्टी सीएम ने प्रतिनिधिमंडल को उत्तर प्रदेश में आने का दिया निमंत्रण  जर्मनी/लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जर्मनी में फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट क्षेत्र के वरिष्ठ प्रतिनिधियों से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में केल्स्टरबाख के मेयर मैनफ्रेड ऑकेल, राउनहाइम के मेयर डेविड रेंडेल तथा इनोवेशन राइनमेन के सीईओ स्टीफन विट्टेकिंड शामिल रहे। बैठक में फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट क्षेत्र और नोएडा एयरपोर्ट के बीच सहयोग पर चर्चा की गई। उपमुख्यमंत्री मौर्य ने जर्मनी के प्रतिनिधि मंडल को बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश भारत की तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था का मुख्य केंद्र है। उप मुख्यमंत्री ने फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट क्षेत्र के वरिष्ठ प्रतिनिधियों से लॉजिस्टिक्स, डेटा सेंटर, नवाचार और अन्य क्षेत्रों में औद्योगिक विकास के लिए सहयोग मांगा। इस संबंध में दोनों पक्षों ने एमओयू पर हस्ताक्षर किये। उप मुख्यमंत्री ने जर्मनी के औद्योगिक प्रतिनिधिमंडल को उत्तर प्रदेश आने के लिए आमंत्रित किया ताकि वे उत्तर प्रदेश की नीतियों, निवेश के अवसरों और साझेदारी के संभावित क्षेत्रों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकें।