samacharsecretary.com

राशिफल 26 फरवरी 2026: मेष से मीन तक, जानें किसे मिलेगी खुशियों की सौगात और किसे बरतनी होगी सावधानी

मेष 26 फरवरी के दिन विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं, जो लाभदायक रहेगी। व्यापार अच्छा चलेगा और आप अच्छे मुनाफे की भी उम्मीद कर सकते हैं। आपकी कड़ी मेहनत आपको प्रमोशन दिला सकती है। नया कार्यभार मिलने की भी बड़ी संभावना है। वृषभ 26 फरवरी के दिन करियर के नए अवसर आपके सामने आएंगे। आज आपको प्रशंसा मिल सकती है। इंकम बढ़ाने और प्रमोशन पाने के लिए आपको पूरे लगन के साथ ऑफिस के टास्क कंप्लीट करने चाहिए। मिथुन 26 फरवरी का दिन आर्थिक रूप से यह एक अच्छा दिन है। केवल वही जिम्मेदारियां लें, जिनके बारे में आप आश्वस्त महसूस करते हैं। व्यवसायियों को दिन की शुरुआत में कुछ असफलताओं का सामना करना पड़ेगा लेकिन जैसे-जैसे दिन गुजरेगा चीजें बेहतर होंगी। कर्क 26 फरवरी के दिन अपने करियर में कुछ असफलताओं का अनुभव हो सकता है। कुछ योजनाएं गलत साबित हो सकती हैं और इसका भार आप पर भी आ सकता है। एडवाइस यह रहेगी कि सावधान रहें। सिंह 26 फरवरी के दिन दफ्तर में टिके रहने के लिए बहुत कड़ी मेहनत करनी होगी। धैर्य रखने की कोशिश करें और कठोर शब्दों का प्रयोग न करें। व्यवसायियों को स्टाफ संकट का सामना करना पड़ सकता है। कन्या 26 फरवरी के दिन कारोबार से जुड़े लोगों को आज सावधान रहने की जरूरत है। हेल्थ आज अच्छी रहेगी। कॉन्फिडेंस में आपके कमी आ सकती है। लाइफ पार्टनर के साथ बॉन्ड को स्ट्रांग बनाने के लिए आप डेट प्लान कर सकते हैं। तुला 26 फरवरी के दिन वित्त औसत रहेगा और उम्मीद से कम रहेगा। हो सकता है कि आपके सहकर्मी सहयोगात्मक न हों और आपको अपने सहकर्मियों से कही गई बातों में सावधानी बरतने की जरूरत है। वृश्चिक 26 फरवरी का दिन धन और वित्त के मामले में अच्छा रहेगा। अपनी एक्सपर्टीज बढ़ाने और कुछ नई स्किल्स सीखने में निवेश करने के लिए यह अच्छा दिन होगा। नौकरीपेशा लोगों को तरक्की और लाभ देखने को मिल सकता है। धनु 26 फरवरी के दिन की शुरुआत में अपने करियर को लेकर आप स्ट्रगल करेंगे। काम का प्रेशर ज्यादा महसूस होगा। नौकरी में बदलाव की भी बड़ी संभावना है। व्यवसायी लोग अपना कार्यक्षेत्र बदलना चाह रहे होंगे। मकर 26 फरवरी के दिन आज आपको अपनी मेंटल हेल्थ का खास ख्याल रखना चाहिए। लाइफ में प्रॉब्लम आना नॉर्मल है। इसलिए हिम्मत न हारें और पॉजिटिव रहने की कोशिश करें। कुंभ 26 फरवरी के दिन प्रोडक्टिविटी आज रोज के मुकाबले नॉर्मल से स्लो रहेगी और यह आपको बेचैन कर देगी। कुछ अप्रत्याशित समस्याएं सामने आ सकती हैं, जिससे आपकी प्लानिंग पूरी होने में देरी हो सकती है। मीन 26 फरवरी के दिन व्यवसायियों को अपने खर्चों के प्रति सावधानी बरतनी चाहिए। जीवनसाथी के साथ बहस करने से बचें क्योंकि मनमुटाव की स्थिति पैदा हो सकती है। घूमने-फिरने का प्लान भी बन सकता है।

BJP का संगठनात्मक फेरबदल: मंडल अध्यक्षों व जिला प्रतिनिधियों की नई टीम घोषित, देखें पूरी लिस्ट

लखनऊ उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से भारतीय जनता पार्टी संठन को मजबूत करने में जुटी है। Bharatiya Janata Party उत्तर प्रदेश के अवध क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अवध क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष Kamlesh Mishra ने मंडल अध्यक्षों और जिला प्रतिनिधियों की नई सूची जारी कर दी है। जारी सूची में अवध क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कई जनपदों की विधानसभा सीटों के तहत मंडल अध्यक्ष और जिला प्रतिनिधियों के नामों की घोषणा की गई है। संगठन विस्तार पर जोर क्षेत्रीय अध्यक्ष कमलेश मिश्रा ने बताया कि पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से यह नियुक्तियां की गई हैं। नए पदाधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि वे पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। कार्यकर्ताओं में उत्साह नई सूची जारी होने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। माना जा रहा है कि आगामी चुनावों और संगठनात्मक कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव अहम साबित होगा। भाजपा नेतृत्व ने सभी नव-नियुक्त मंडल अध्यक्षों और जिला प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए संगठन हित में सक्रिय योगदान देने की अपील की है।  

सेहरी की हंसी बनी मातम: मामूली मजाक पर दोस्त की हत्या से सनसनी

यमन रमजान के दौरान  सेहरी  से पहले  दोस्तों के बीच हल्की-फुल्की छेड़छाड़ और मज़ाक अचानक गंभीर  हो गई और खून खराबे में बदल गई । स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार बातचीत के दौरान यमन में  एक व्यक्ति अपने दोस्त का मजाक सहन न कर पाया और उसकी गोली मारकर हत्या कर दी । बताया जा रहा है कि कमरे में बैठे  5-6 दोस्त सेहरी से पहले हंसी-मजाक कर रहे थे । इस दौरान एक दोस्त ने दूसरे से मजाक किया जिस पर वह भड़क गया और हाथ में पकड़ी गन से दोस्त पर गोली दाग दी। दोनों के बीच कोई पुरानी रंजिश नहीं थी। घटना अचानक हुए मजाक का नतीजा मानी जा रही है। स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। मामले की जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि झगड़े की असली वजह क्या थी और क्या इसमें कोई अन्य कारण भी शामिल थे। बता दें कि रमजान का महीना शांति, संयम और भाईचारे का प्रतीक माना जाता है। ऐसे पवित्र समय में हुई यह घटना पूरे समुदाय को स्तब्ध कर गई है और लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर रही है कि क्षणिक गुस्सा किस तरह जिंदगी बदल सकता है। यह घटना एक कड़वा संदेश देती है  छोटी सी बहस और मज़ाक अगर नियंत्रण से बाहर हो जाए तो उसका परिणाम कितना भयावह हो सकता है।

सावंत vs बोरकर: जमीन उपयोग नियमों पर नहीं थम रहा विवाद, आंदोलन जारी

गोवा गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा है कि रिवॉल्यूशनरी गोअंस पार्टी (आरजीपी) विधायक वीरेश बोरकर ने भूमि-उपयोग नियमों के कथित दुरुपयोग के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखने का निर्णय लिया है जबकि उन्होंने (मुख्यमंत्री के) आंदोलन वापस लेने का अनुरोध किया था। आरजीपी विधायक का विरोध प्रदर्शन बुधवार को पांचवें दिन में प्रवेश कर गया। वे नगर एवं ग्रामीण नियोजन (टीसीपी) अधिनियम की धारा 39ए को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। आरोप है कि इस धारा का दुरुपयोग कुछ जमीनों को "बस्ती क्षेत्रों" में बदलने के लिए किया जा रहा है, जहां निर्माण गतिविधियों की अनुमति है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार देर रात बोरकर के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों द्वारा विवादित धारा को रद्द करने की मांग को लेकर टीसीपी मंत्री विश्वजीत राणे से मुलाकात की। बैठक के बाद सावंत ने पत्रकारों को बताया कि बोरकर के विधानसभा क्षेत्र सेंट आंद्रे में धारा 39ए के तहत परियोजनाओं को दी गई अनुमतियों को फिलहाल स्थगित रखने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस धारा के तहत दी गई सभी अनुमतियों को तुरंत रद्द करना संभव नहीं है, क्योंकि इसके लिए एक प्रक्रिया का पालन करना होगा। सावंत ने कहा, "धारा 39ए के तहत दी गई अनुमतियों को वापस लेने की एक प्रक्रिया है। इस पर निर्णय लेने से पहले नगर एवं ग्राम नियोजन बोर्ड से परामर्श करना आवश्यक है।" मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने बोरकर को फोन पर विरोध प्रदर्शन वापस लेने के लिए मनाने की कोशिश की। विधायक यहां आज़ाद मैदान में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सावंत ने पत्रकारों से कहा, "मैंने उनसे कई बार फोन पर बात की, लेकिन वे विरोध प्रदर्शन वापस लेने के लिए राजी नहीं हुए।" इससे पहले मुख्यमंत्री ने मंगलवार को बोरकर से आज़ाद मैदान में मुलाकात की थी और इसी तरह की अपील की थी। बोरकर ने बुधवार तड़के अपने विरोध स्थल पर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि जब तक धारा 39ए पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाती, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे।   उन्होंने दावा किया, "पहले सरकार ने अनुमतियों को लंबित रखा था, लेकिन परियोजनाओं पर काम जारी रहा।" बोरकर ने कहा कि वह इस धारा को पूरे राज्य में रद्द करवाना चाहते हैं, न कि केवल अपने निर्वाचन क्षेत्र की परियोजनाओं के लिए। विधायक के अनुसार, टीसीपी अधिनियम की धारा 39ए का दुरुपयोग करके ग्रामीण भूमि को "बस्ती क्षेत्रों" में परिवर्तित किया जा रहा है।  

कूनो राष्ट्रीय उद्यान में फॉरेस्ट ऑउलेट का दिखाई देना, शुभ संकेत

भोपाल पक्षी विज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, स्थानिक और लुप्त प्राय फॉरेस्ट ऑउलेट(एथिन ब्लेविटी) को पहली बार कूनो राष्ट्रीय उद्यान में देखा गया है, जो इस प्रजाति के ज्ञात वितरण क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार का संकेत है। कूनो राष्ट्रीय उद्यान में फॉरेस्ट ऑउलेट की खोज भारत में जैव विविधता संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण घटना है। यह खोज इस तथ्य को देखते हुए अत्यंत महत्वपूर्ण है कि यह पक्षी विश्व के सबसे दुर्लभ शिकारी पक्षियों में से एक है और चीता परियोजना से जुड़े पर्यावास प्रबंधन के साथ इसके संभावित पारिस्थितिक संबंध हैं। फॉरेस्ट आउलेट मध्य भारत का एक स्थानिक (endemic) पक्षी है, जिसे 1872 में पहली बार खोजा गया था, लेकिन 1884 के बाद इसे विलुप्त मान लिया गया था। लगभग 113 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद, 1997 में इसे महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले में फिर से खोजा गया, जिसने पक्षी विज्ञान की दुनिया में सनसनी फैला दी थी। वर्तमान में यह मध्य भारत के खंडित वन क्षेत्रों में पाया जाता है, जिसमें मध्यप्रदेश (खकनार, पीपलोद), महाराष्ट्र (तोरणमाल, मेलघाट) और गुजरात (डांग, पूर्णा वन्य जीव अभयारण्य) के हिस्से शामिल हैं। मध्यप्रदेश में फॉरेस्ट ऑउलेट पहले केवल पूर्वी खंडवा, बुरहानपुर और बैतूल जिलों में ही पाया जाता था। इस दुर्लभ पक्षी को सबसे पहले कूनो में स्थानीय पर्यटन क्षेत्र से जुड़े श्री लाभ यादव ने पारोंद बीट में क्षेत्र भ्रमण के दौरान देखा था, जिससे प्रजाति के अत्यधिक सीमित वितरण और संरक्षण स्थिति के कारण वन विभाग का ध्यान तुरंत आकर्षित हुआ। प्रमुख पहचान लक्षणों के आधार पर,वाइल्ड लाइफ रिसर्च एण्ड कंजर्वेशन सोसायटी, पुणे के श्री विवेक पटेल ने मौके पर ही इसकी पुष्टि की, जिससे यह कूनो राष्ट्रीय उद्यान से प्रजाति का पहला प्रामाणिक रिकॉर्ड बन गया। अधिकांश उल्लुओं के व्यवहार के विपरीत, फॉरेस्ट ऑउलेट मुख्य रूप से दिन में सक्रिय रहने वाला पक्षी है। यह सुबह 6:00 से 10:00 बजे के बीच सबसे अधिक सक्रिय रहता है और कड़ी धूप में भी ऊंचे पेड़ों की टहनियों पर बैठा देखा जा सकता है। फॉरेस्ट ऑउलेट को वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ द्वारा 'लुप्त प्राय' श्रेणी में रखा गया है।इसकी कुल वैश्विक वयस्क संख्या 250 से 999 के बीच होने का अनुमान है। मध्यप्रदेश में इसके वितरण को समझने के लिए और सर्वेक्षण किए जाने की आवश्यकता है। फॉरेस्ट ऑउलेट, जिसे कभी विलुप्त माना जाता था और 1997 में पुनः खोजा गया था, वर्तमान में मध्य भारत के सीमित क्षेत्रों में पाया जाता है और पर्यावास के क्षरण और विखंडन से लगातार खतरे का सामना कर रहा है। यह नया रिकॉर्ड कूनो राष्ट्रीय उद्यान के जंगलों के पारिस्थितिक महत्व को उजागर करता है। फॉरेस्ट आउलेट का दिखाई देना संकेत दे रहा है कि चीता के लिये किये जा रहे संरक्षण प्रयासों से पारिस्थितिकीय तंत्र में सुधार होने से अन्य लुप्तप्राय प्रजातियों की भी वापसी हो रही है। मध्यप्रदेश के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में इस प्रजाति के मिलने से पक्षी संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों में उत्साह की लहर है।  

केजरीवाल की VIP कल्चर पर घमासान, सुखपाल खैहरा का आरोप—पब्लिक मनी का हो रहा दुरुपयोग

पंजाब भुलत्थ विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस MLA सुखपाल सिंह खैहरा ने आज मोहाली के फेज 8 में गुरुद्वारा अंब साहिब के पास खड़े होकर आम आदमी पार्टी सरकार और अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोला। खैहरा ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने अरविंद केजरीवाल की 'फिजूलखर्ची' के लिए मोहाली में नया हेलीपैड और एक शानदार फाइव स्टार गेस्ट हाउस बनवाया है, जबकि राज्य पहले से ही भारी कर्ज में डूबा हुआ है। सुखपाल खैहरा ने सवाल उठाया कि जो राज्य साढ़े 4 लाख करोड़ रुपये के कर्ज में डूबा है और जहां सरकार वादे के मुताबिक सैलरी, DA की किश्तें और महिलाओं को एक हजार रुपये भी नहीं दे पाई है, वहां अरविंद केजरीवाल के लिए करोड़ों रुपये क्यों बर्बाद किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि केजरीवाल न तो दिल्ली में MC हैं और न ही MLA, लेकिन पंजाब में वह 'सुपर VIP' की तरह रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकास भवन को रेनोवेट करके एक शानदार गेस्ट हाउस में बदल दिया गया है, जिसके लिए सारे नियमों को ताक पर रखकर एक अलग VIP गेट भी बनाया गया है। हेलीपैड और सड़क तोड़फोड़ का मुद्दा खेहरा ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री के घर के बहुत पास पहले से ही एक सरकारी हेलीपैड है, तो फिर मोहाली में केजरीवाल के लिए नया हेलीपैड बनाने की क्या जरूरत थी? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस हेलीपैड तक जल्दी पहुंचने के लिए सड़क के डिवाइडर भी तोड़ दिए गए हैं।   अपने घर की दीवार गिराने की कार्रवाई पर बोलते हुए खैहरा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान बदले की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुलविंदर सिंह रंधावा नाम के एक 'भ्रष्ट' अधिकारी (BDPO) का इस्तेमाल उनके घर की दीवार गिराने के लिए किया गया, जिस पर पहले से ही लाखों रुपये के गबन के मामले हैं। खैहरा के मुताबिक, ऐसे दागी अधिकारियों को सिर्फ इसलिए नियुक्त किया जा रहा है ताकि वे विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकें। किसानों पर ज़ुल्म और कानून-व्यवस्था पर सवाल सुखपाल खैहरा ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाए और कहा कि सरकार किसानों पर बेरहमी से ज़ुल्म कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब में ड्रग्स और गैंगस्टर बढ़ रहे हैं लेकिन सरकार का पूरा ध्यान विरोधी पार्टियों को दबाने और अपने आकाओं के लिए VIP सुविधाएं पक्की करने पर है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार इन गड़बड़ियों पर जवाब नहीं देती है, तो पंजाब के लोग 2027 में इसका करारा जवाब देंगे।

विधानसभा में विभागीय परामर्शदात्री समिति की बैठक सम्पन्न; नवाचारों और योजनाओं की हुई विस्तृत समीक्षा

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने कहा है कि विमुक्त, घुमंतु एवं अर्द्ध घुमन्तु समुदायों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उत्थान के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। इन वर्गों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने, शिक्षा एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रभावी रणनीति के साथ कार्य किया जा रहा है। राज्यमंत्री  गौर ने विधानसभा के समिति कक्ष क्रमांक-6 में विमुक्त, घुमंतु एवं अर्द्धघुमन्तु कल्याण विभाग की परामर्शदात्री समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। बैठक में विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, नवाचारों और गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर सागर (बण्डा) विधायक  वीरेंद्र सिंह लोधी, सेंधवा विधायक  मोंटी सोलंकी और विभाग के संचालक  बुद्धेश वैद्य उपस्थित रहे। राज्यमंत्री  गौर ने बताया कि विभाग द्वारा इन समुदायों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। शासन की कल्याणकारी योजनाओं के समेकित विकास के लिये प्रथम चरण में प्रदेश के 12 जिलों में 'जन अभियान परिषद' के माध्यम से सर्वेक्षण का कार्य करवाया जा रहा है। इनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास, कटनी, धार, सीहोर, विदिशा, मंदसौर, रायसेन, शाजापुर एवं राजगढ़ जिले शामिल हैं। राज्यमंत्री  गौर ने बताया कि राष्ट्रीय विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु समुदाय कल्याण एवं विकास बोर्ड द्वारा संचालित 'सीड' परियोजना के आवास घटक के तहत प्रदेश में 3047 पात्र हितग्राहियों की सूची स्वीकृति हेतु भेजी गई है। इसके अंतर्गत 7 जिलों के हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 100 प्रतिशत अनुदान (केंद्र सरकार) दिलाने के लिए एम.ओ.यू. पर सहमति बन चुकी है। केन्द्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा गठित राष्ट्रीय बोर्ड के माध्यम से 'सीड परियोजना' में समुदाय के विद्यार्थियों को निःशुल्क कोचिंग प्रदान की जा रही है। 'बडी फॉर स्टडी' संस्था के माध्यम से विद्यार्थी संघ लोक सेवा आयोग, म.प्र. लोक सेवा आयोग, एसएससी, ग्रामीण बैंक, क्लेट, जेईई, नीट और एनडीए जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। वर्ष 2024-25 में इस योजना से 94 विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया है और वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कार्यवाही प्रचलन में है। बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश में निवासरत विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु समुदायों के परिवारों के लिए जाति प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को अत्यधिक सरल कर दिया गया है। अब अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से सुगमता से जाति प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं। राज्यमंत्री  गौर ने शासन की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए ताकि कोई भी पात्र हितग्राही लाभ से वंचित न रहे। बैठक में उपस्थित समिति सदस्यों ने भी अपने महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए, जिन पर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।  

राजधानी में नस्लवाद पर सख्त एक्शन, CM रेखा गुप्ता ने दोषियों को दी कड़ी सजा की चेतावनी

नई दिल्ली दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में अरुणाचल प्रदेश की तीन महिलाओं के साथ हुई नस्लीय टिप्पणी और उत्पीड़न की घटना ने तूल पकड़ लिया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए स्पष्ट किया है कि उत्तर-पूर्व के लोगों के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।   क्या है पूरा मामला? यह घटना 20 फरवरी की है, जब मालवीय नगर में किराए पर रहने वाली अरुणाचल प्रदेश की तीन महिलाओं का उनके पड़ोसियों, हर्ष सिंह और रूबी जैन के साथ घर की मरम्मत को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के दौरान पड़ोसियों ने महिलाओं पर नस्लीय फब्तियां कसीं और उन्हें "धंधेवाली" (सेक्स वर्कर) कहकर अपमानित किया। घटना के पांच दिन बाद दिल्ली पुलिस ने आरोपी दंपत्ति को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम यानी SC/ST एक्ट की धाराएं भी लगाई हैं। नॉर्थ ईस्ट की हमारी बहनों के साथ हुई इस घटना की मैं कड़ी निंदा करती हूं और उनके साथ मजबूती से खड़ी हूं। सीएम ने कड़े शब्दों में कहा- दिल्ली सबकी है सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक वीडियो संदेश साझा करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि "मालवीय नगर में हमारी नॉर्थ-ईस्ट की बहनों के साथ जो बदसलूकी हुई, वह मेरे संज्ञान में आई है। दिल्ली देश की राजधानी है और यहाँ देश के हर कोने से आए लोगों का समान अधिकार है। नॉर्थ-ईस्ट के भाई-बहन अपनी मेहनत से दिल्ली की तरक्की में योगदान देते हैं, उनके साथ ऐसा व्यवहार कतई स्वीकार्य नहीं है।" मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि वह जल्द ही पीड़ित महिलाओं से मिलेंगी और दिल्ली में रह रहे उत्तर-पूर्व के अन्य लोगों की समस्याओं को सुनकर नीतिगत समाधान निकालेंगी।   पुलिसिया कार्रवाई और कानूनी धाराएं दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिसमें महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाने और नस्ल या धर्म के आधार पर शत्रुता को बढ़ावा देने से संबंधित प्रावधान शामिल हैं। मामले की जांच अब एक एसीपी (ACP) रैंक के अधिकारी द्वारा की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पूरी प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं।  

ग्वालियर और कटनी में ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़

भोपाल  प्रदेश में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्यवाहियां की जा रही है। इसी क्रम में ग्वालियर एवं कटनी जिलों में पुलिस ने अलग-अलग प्रकरणों 10 लाख 1 हजार रूपए नगद, एटीएम कार्ड, लैपटॉप, मोबाइल फोन, चेक बुक सहित लगभग 13 लाख 98 हजार रुपये की संपत्ति जप्त की हैं। दोनों मामलों में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के माध्यम से बड़े पैमाने पर 3 करोड़ 29लाख रूपएका आर्थिक लेन-देन का भी खुलासा हुआ है। ग्वालियर जिले में क्राइम ब्रांच पुलिसने थाना महाराजपुरा क्षेत्र स्थित आदर्श कॉलोनी पिंटोपार्क के एक मकान पर प्राप्त मुखबिर सूचना के आधार पर दबिश दी गई। कार्रवाई के दौरान कमरे में 03 व्यक्ति मोबाइल एवं लैपटॉप के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा संचालित करते पाए गए, जिन्हें मौके से गिरफ्तार किया गया। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच में विभिन्न ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइटों पर सक्रिय आईडी, ट्रांजेक्शन डाटा, यूपीआई क्यूआर कोड, बैंक खातों से संबंधित विवरण तथा व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से निर्देश प्राप्त होने संबंधी डिजिटल साक्ष्य मिले है। प्रारंभिक पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी कमीशन के आधार पर कार्य करते हुए लोगों को गेमिंग एप में जीत का प्रलोभन देकर रकम निवेश करवाते थे तथा म्यूल बैंक खातों के माध्यम से राशि का ट्रांसफर कराते थे। अवैध लाभ का हिस्सा नगद एवं विभिन्न खातों में स्थानांतरित किया जाता था, साथ ही प्रत्येक लेन-देन के लिए अलग-अलग खाते उपयोग किए जाते थे जिससे ट्रैकिंग कठिन हो सके। आरोपियों के कब्जे से 4लाख 49 हजार रूपएनगद, 03 लैपटॉप, 10 मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, एक बैग सहित 8 लाख 69 हजार रूपए की सामग्री जप्त की गई। इसी प्रकार कटनी जिले के थाना माधवनगर क्षेत्र में कर्मचारियों के नाम पर फर्जी बैंक खाते खुलवाकर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के माध्यम से करोड़ों रुपये के अवैध ट्रांजेक्शन किए जाने का खुलासा हुआ है। इस मामले में पुलिस ने 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में पाया गया कि बंधन बैंक,एचडीएफसी बैंकएवं आईडीबीआई बैंकके खातों के माध्यम से लगभग 3करोड़ 29लाख रूपए का लेन-देन किया गया। आरोपियों के कब्जे से 5 लाख 52 हजार रूपएनगद, एटीएम कार्ड, चेकबुक, मोबाइल फोन एवं अन्य दस्तावेज जप्त किए हैं। प्रकरण में संलिप्त अन्य व्यक्तियों की तलाश एवं विस्तृत जांच की जा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस राज्य में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी एवं साइबर आधारित आर्थिक अपराधों के विरुद्धजीरो टॉलरेंसकी नीति अपनाते हुए निरंतर सख्त एवं प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इन अपराधों में संलिप्त संगठित गिरोहों की पहचान कर उनके नेटवर्क, बैंक खातों, डिजिटल वॉलेट्स तथा तकनीकी संसाधनों को चिन्हित कर विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।  

SIR मुद्दे पर सियासत तेज: बंगाल में BJP का हमला, पूर्व मुख्य सचिव पर कार्रवाई की मांग

कोलकाता पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर जहां सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पहले से ही हंगामा कर रही है, वहीं अब इस विवाद में विपक्षी भाजपा भी कूद पड़ी है। भारतीय जनता पार्टी ने SIR पर एक उच्चस्तरीय बैठक में पूर्व मुख्य सचिव मनोज पंत की मौजूदगी को लेकर सवाल खड़े किए हैं और इसे पूरी तरह अवैध करार देते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग की है। पश्चिम बंगाल BJP के पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने उत्तर 24 परगना के बारासात में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर न्यायपालिका को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि बैठक केवल निर्धारित अधिकारियों के साथ होनी चाहिए, जिसमें राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, एडवोकेट जनरल और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल शामिल हों। मजूमदार ने कहा कि मनोज पंत अब मुख्य सचिव नहीं हैं, ऐसे में उनकी बैठक में मौजूदगी पूरी तरह गैरकानूनी है। ऐसे में उनके खिलाफ FIR दर्ज हो और उनकी गिरफ्तारी की जानी चाहिए। बैठक में और कौन-कौन थे? हालांकि, राज्य सरकार के अधिकारियों ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि पंत को कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पाल की अनुमति से बैठक में शामिल किया गया था। उनके साथ वर्तमान मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती भी मौजूद थीं। अधिकारियों ने यह भी बताया कि राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल भी बैठक में उपस्थित थे। पंत पर पहले भी हो चुका है विवाद हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब मनोज पंत की मौजूदगी को लेकर विवाद हुआ हो। इससे पहले भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के दौरान उनकी मौजूदगी पर सवाल उठे थे। इसी बीच, कोलकाता में मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के बाहर मंगलवार को उस समय तनाव फैल गया जब नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी वहां पहुंचे। आरोप है कि कुछ टीएमसी समर्थक बूथ लेवल अधिकारियों ने गो बैक के नारे लगाए और कथित तौर पर जूता भी फेंका, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई। TMC की प्रतिक्रिया पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा और इस दौरान एक व्यक्ति के घायल होने की खबर है। वहीं, TMC प्रवक्ता कुणाल घोष ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी इस तरह की घटनाओं का समर्थन नहीं करती, लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि सुवेंदु अधिकारी लगातार लोगों को उकसा रहे हैं, जिसके चलते ऐसी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने SIR प्रक्रिया और प्रशासनिक निष्पक्षता को लेकर राज्य की राजनीति को और गर्मा दिया है।