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सीटें कम, दावेदार ज्यादा: महाराष्ट्र BJP की बैठक में नामों पर गहन चर्चा, लिस्ट पहुंची दिल्ली

नई दिल्ली/मुंबई देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने वाले हैं। इन सीटों के लिए रेस जारी है और उन दलों में मंथन भी तेज है, जो सीटें जीतने की स्थिति में हैं। फिलहाल महाराष्ट्र में भी हलचल तेज है, जहां भाजपा बीते कई सालों से लगातार अपनी पकड़ मजबूत बना रही है। 2024 के विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ा दल बनी भाजपा में दावेदारों की कमी नहीं है, लेकिन उसके पास 4 सीटें ही फिलहाल जीतने का मौका है। राज्य में 7 सीटों पर राज्यसभा इलेक्शन होना है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि इन चार में से एक सीट पर रिपब्लिक पार्टी ऑफ इंडिया के नेता रामदास आठवले का चुना जाना लगभग तय है। अब बची एक सीट, जिसे लेकर भाजपा में दावेदारों की भरमार हैं। इसी को लेकर मंगलवार को देर रात मीटिंग चली। मुंबई में हुई इस बैठक में कई सीनियर नेता मौजूद थे। सीएम देवेंद्र फडणवीस और प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण समेत कुल 12 नेता मीटिंग में थे। इस दौरान कई नामों पर चर्चा हुई, लेकिन राज्य स्तर से किसी भी नाम पर सहमति नहीं बनी है। इसके चलते कई नाम केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष विचार के लिए दिल्ली भेजे गए हैं। इन नामों पर मंथन के लिए घंटों बैठक चली। भाजपा सूत्रों का कहना है कि रामदास आठवले का नाम तय माना जा रहा है। उनके अलावा एक सीट के लिए जिन नामों पर चर्चा हुई, उनमें विनोद तावड़े, रावसाहब दानवे, प्रीतम मुंडे, विजय राहटकर और भागवत कराड़ शामिल हैं। पार्टी सूत्रों ने कहा कि नेतृत्व चाहता है कि किसी ऐसे नेता को मौका दिया जाए, जो अनुभव भी हो और क्षेत्रीय एवं सामुदायिक प्रतिनिधित्व भी हो सके। सूत्रों ने कहा कि इस मीटिंग में सभी ने खुलकर बात की और अपनी ओर से जिन नामों के बारे में वे सोच रहे थे, उनका प्रस्ताव रखा। अब इन नामों को दिल्ली भेजा गया है। जल्दी ही नामों की सूची पर विचार करने के लिए प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण दिल्ली जाकर राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात करेंगे। अंत में केंद्रीय नेतृत्व की ओर से ही फैसला लिया जाएगा। पार्टी सूत्रों का कहना है कि भाजपा की लीडरशिप चाहती है कि राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम 28 फरवरी तक फाइनल कर दिए जाएं। किन नेताओं के तय माने जा रहे हैं नाम, अब दिल्ली में चर्चा होगी दरअसल महाराष्ट्र भाजपा में ऐसे कई नेता हैं, जो राज्य सरकार में शामिल नहीं हैं। ऐसे में वे चाहते हैं कि उन्हें राज्यसभा ही भेज दिया जाए। भाजपा सूत्रों का कहना है कि विनोद तावड़े का राज्यसभा जाना तय माना जा रहा है। इसके अलावा प्रीतम मुंडे की दावेदारी पर भी विचार चल रहा है। वहीं अजित पवार की एनसीपी की ओर से पार्थ पवार को भेजा जा सकता है और उनकी मां सुनेत्रा पवार अब राज्य में ही डिप्टी सीएम का पद संभालेंगी। इस तरह अजित पवार फैमिली ही मुंबई से दिल्ली तक की राजनीति का कंट्रोल अपने पास रखेगी।  

‘लव एंड वॉर’ पर संजय लीला भंसाली का बड़ा संकेत, फिल्म में दिखेगा उनका खास विज़न

मुंबई, बॉलीवुड फिल्मकार संजय लीला भंसाली का कहना है कि वह अपनी आने वाली फिल्म ‘लव एंड वॉर’ के जरिये कुछ खास करने की कोशिश कर रहे हैं संजय लीला भंसाली को भारतीय सिनेमा के सबसे बेहतरीन और विजनरी डायरेक्टर्स में से एक माना जाता है। वह अपनी फिल्मों की भव्यता और कहानी कहने के अंदाज़ से इंडियन फिल्मों को ग्लोबल लेवल पर ले जाने के लिए जाने जाते हैं। कई सुपरहिट क्लासिक फिल्में देने के बाद, अब वह अपने करियर के सबसे बड़े और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स में से एक, 'लव एंड वॉर' की तैयारी कर रहे हैं। इस ग्रैंड हिस्टोरिकल ड्रामा में पहली बार बॉलीवुड के बड़े सितारे आलिया भट्ट, रणबीर कपूर और विक्की कौशल एक साथ लीड रोल में नजर आएंगे। दर्शक इस फिल्म की थिएटर रिलीज का बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि अपने जन्मदिन पर भी भंसाली ने सेट पर ही रहना पसंद किया और पूरी तरह 'लव एंड वॉर' के काम में डूबे रहे। अपने जन्मदिन पर काम करने को लेकर उन्होंने कहा, "काम ही वो चीज है जिससे मेरी पहचान बनती है। जब मेरे पास काम नहीं होता, तो मुझे खुद की कोई वैल्यू महसूस नहीं होती। एक आर्टिस्ट के तौर पर अब मैं पहले से ज्यादा निडर हो गया हूँ और रिस्क लेने के लिए तैयार हूँ। आज मैं 5 या 10 साल पहले के मुकाबले ज्यादा मेहनत कर रहा हूँ। मैं हर दिन करीब 20 घंटे काम करता हूँ और मुझे इसमें मजा आ रहा है।" प्रोजेक्ट के बारे में ज्यादा जानकारी न देते हुए उन्होंने कहा, "मैं यहाँ कुछ खास करने की कोशिश कर रहा हूँ।" हाल ही में, संजय लीला भंसाली ने 'लव एंड वॉर' के लिए दो बहुत बड़े म्यूजिकल सीक्वेंस शूट किए हैं, जिससे इस प्रोजेक्ट को लेकर लोगों की एक्साइटमेंट और बढ़ गई है। अपनी ग्रैंड विजुअल स्टोरीटेलिंग के लिए मशहूर भंसाली ने यह पक्का किया है कि इन गानों की कोरियोग्राफी शानदार हो, मूवमेंट्स दमदार हों और स्टेजिंग बिल्कुल नई हो, जो फिल्म की वॉर-एरा लव ट्रायंगल वाली इमोशनल कहानी से गहराई से जुड़ी हो। रणबीर कपूर, आलिया भट्ट और विक्की कौशल जैसी पावरहाउस तिकड़ी के साथ भंसाली के हाथ मिलाने की खबर ने जबरदस्त हलचल पैदा कर दी है। ऐसे में इस बड़े कोलैबोरेशन को अभी से सिनेमा की एक ऐतिहासिक घटना के रूप में देखा जा रहा है।  

मानवता की मिसाल: मुश्किल वक्त में पुलिस ने संभाली जिम्मेदारी, पिता ने नम आंखों से कहा धन्यवाद

रेवाड़ी मॉडल टाउन थाना में कार्यरत कुक किशोर कुमार की बेटी निशा की शादी पुलिस विभाग के सहयोग से सम्मानपूर्वक और सफलतापूर्वक संपन्न हुई। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार को विवाह आयोजन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन थाना प्रभारी रतनलाल और पुलिस कर्मचारियों की मदद से यह सपना साकार हो सका। इस अवसर पर कुक किशोर कुमार ने भावुक होते हुए कहा कि मेरी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण बेटी की शादी को लेकर मैं बहुत चिंतित था। समझ नहीं आ रहा था कि इतने बड़े आयोजन को कैसे कर पाऊंगा। थाना प्रभारी रतनलाल और पूरे स्टाफ ने जिस तरह से सहयोग किया, वह मेरे लिए किसी वरदान से कम नहीं है। पुलिस विभाग ने हमारे परिवार की इज्जत और सम्मान दोनों को बनाए रखा, इसके लिए मैं तहेदिल से आभारी हूं। वहीं थाना प्रभारी रतनलाल ने कहा कि पुलिस का काम केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना भी है। जब हमें पता चला कि आर्थिक परेशानी के कारण एक परिवार बेटी की शादी को लेकर परेशान है, तो हमने तय किया कि सभी मिलकर उनकी मदद करेंगे। यह हमारा सामाजिक और नैतिक दायित्व है। उन्होंने आगे कहा कि पुलिस कर्मचारियों ने स्वेच्छा से सहयोग कर आवश्यक सामान, व्यवस्थाएं और अन्य प्रबंध किए, ताकि विवाह समारोह सम्मानजनक ढंग से संपन्न हो सके। परिवार और स्थानीय लोगों ने पुलिस के इस मानवीय कदम की सराहना करते हुए कहा कि इस पहल से समाज में सकारात्मक संदेश गया है। यह घटना पुलिस विभाग की संवेदनशीलता, सेवा भावना और सामाजिक सरोकारों का जीवंत उदाहरण है।

विभिन्न रंगों और आकर्षक पैकेजिंग के साथ समूह द्वारा निर्मित हर्बल गुलाल

रायपुर विभिन्न रंगों और आकर्षक पैकेजिंग के साथ समूह द्वारा निर्मित हर्बल गुलाल छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जुड़ी कबीरधाम ज़िले की महिला स्व-सहायता समूह महिला सशक्तीकरण की दिशा में आगे बढ़ रही है। जनपद पंचायत बोडला के ग्राम राजा नवागांव की जय गंगा मैया स्व-सहायता समूह से जुड़ी दीदियों ने रंगोत्सव त्योहार होली के लिए हर्बल गुलाल का निर्माण किया है। महिला समूह ने हर्बल गुलाल के व्यवसाय से जुड़कर आजीविका के नए रास्ते खोले है। इस गतिविधि में 10 महिलाओं की प्रत्यक्ष भागीदारी है, जो उनके आय का अच्छा स्रोत है। लाल, गुलाबी, पीले सहित अन्य रंगों और प्रकृति खुशबू से भरपूर हर्बल गुलाल बाजार में आने के लिए उपलब्ध है।          कलेक्टर कबीरधाम श्री गोपाल वर्मा ने बताया कि प्रत्येक वर्ष होली के अवसर पर जिले की विभिन्न महिला समूह द्वारा हर्बल गुलाल का निर्माण किया जाता है। कलेक्टोरेट, सभी जनपद पंचायत कार्यालय एवं अन्य स्थानों पर उनके द्वारा स्टॉल लगाकर हर्बल गुलाल की बिक्री की जाती है। समूह की दीदियों द्वारा बनाए गए गुलाल पूरी तरह से प्राकृतिक होने के साथ-साथ बाजार में मिलने वाले अन्य रंगों की तुलना में सस्ता होता है। हर्बल गुलाल की पैकेजिंग बहुत आकर्षक है और यह उपहार देने के भी बहुत अच्छा है। हर्बल गुलाल अनेक रंगो के साथ अलग-अलग मात्रा में पैकेजिंग सहित उपलब्ध है। गतवर्ष भी हमने देखा है कि समूह की दीदियों द्वारा बनाए गए हर्बल गुलाब को क्षेत्रवासियों ने बहुत पसंद किया है और इस व्यवसाय से जुड़कर हमारी ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही है।         जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि प्रत्येक वर्ष बहुत से समूह इसका निर्माण करते है। प्रत्येक समूह को इस व्यवसाय द्वारा 50 से 60 हजार रुपए का लाभ हो जाता है। हर्बल गुलाल की अच्छी गुणवत्ता और आकर्षक पैकिंग सभी को पसंद आती है। योजना से जुड़े मैदानी कर्मचारियों द्वारा समूह को मौसमी व्यवसाय करने के लिए प्रेरित करते हुए हर्बल गुलाल का निर्माण करने प्रोत्साहित किया जाता है। इसके निर्माण में उपयोग होने वाले कच्चे माल की उपलब्धता के लिए समूह को सहायता प्रदान की जाती है। हर्बल गुलाल के कई फायदे हर्बल गुलाल प्राकृतिक सामग्री जैसे फूल-पत्तियों आदि से बनाए जाते हैं और त्वचा के लिए यह पूरी तरह से सुरक्षित होते हैं। इसके साथ हर्बल गुलाल के और भी कई फायदे हैं। हर्बल गुलाल में प्राकृतिक रंग होता हैं और इसके निर्माण में कोई अतिरिक्त मिलावट नही की जाती। हर्बल गुलाल पर्यावरण अनुकूल होता हैं। अन्य रंगों की तरह इसे छुड़ाने में मेहनत नहीं लगती बल्कि पानी द्वारा आसानी से धो कर साफ किया जा सकता है। इससे पानी की बचत भी होती है। हर्बल गुलाल में हानिकारक रसायन नहीं होते और यह त्वाचा के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। हर्बल गुलाल का निर्माण प्राकृतिक सामग्रियों से होने के कारण शरीर पर एलर्जी नहीं होती। हर्बल गुलाल में प्राकृतिक सुगंध होता है। खुशबू के लिए कोई केमिकल का उपयोग नहीं होने के कारण यह पूरा तरह सुरक्षित है।

हेलीकॉप्टर से हुरियारों और श्रद्धालुओं पर की गई पुष्प वर्षा

मथुरा राधा रानी की नगरी बरसाना बुधवार को पूरी तरह से 'रंगोत्सव' के उल्लास में डूबी नजर आई। शाम करीब पांच बजे विश्व प्रसिद्ध लठामार होली खेली गई, जहां नंदगांव के हुरियारों पर बरसाने की हुरियारिनों ने प्रेम की लाठियां बरसाईं। छतों से लेकर सड़क तक हर कोना अबीर-गुलाल से सराबोर था और हर तरफ केवल राधा-कृष्ण के जयकारे गूंज रहे थे। योगी सरकार ने 'रंगोत्सव 2026' को भव्य रूप देते हुए कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया। इस अनूठी होली का साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं का सैलाब बरसाना में उमड़ पड़ा। प्रिया कुंड पर दामाद सा सत्कार और श्रीजी से ली आज्ञा नंदगांव के हुरियारों के बरसाना पहुंचने पर प्रिया कुंड पर उनका भव्य स्वागत किया गया। बरसाना वासी कृष्ण के सखाओं को दामाद के रूप में देखते हैं, इसलिए उसी आत्मीय भाव से उन्हें मिठाई, पकोड़े, ठंडाई और भांग परोसी गई। इसके बाद हुरियारों ने अपनी पाग (पगड़ी) बांधी और ब्रह्मांचल पर्वत स्थित श्री लाडली किशोरी जी के मंदिर पहुंचकर राधा रानी से होली खेलने की अनुमति ली। इस अद्भुत क्षण को और भी दिव्य बनाने के लिए हेलीकॉप्टर से हुरियारों और श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की गई। रंगीली गली में गूंजे रसिया, 5000 साल पुरानी है परंपरा दर्शन के बाद शाम करीब चार बजे हुरियारे रंगीली गली पहुंचे। यहां ढोल-नगाड़ों की थाप पर पारंपरिक ब्रज रसिया और होली गीत गाकर उन्होंने हुरियारिनों को रिझाया। इसके जवाब में महिलाओं ने मजाकिया अंदाज में उन पर लाठियों से वार किया, जिससे पुरुषों ने चमड़े की मजबूत ढाल से अपना बचाव किया। मान्यता है कि यह परंपरा 5000 साल पुरानी है, जब भगवान कृष्ण अपने सखाओं के साथ राधा रानी और उनकी सखियों को चिढ़ाने आए थे, तब सखियों ने उन्हें लाठियों से खदेड़ा था। ब्रज में होली बसंत पंचमी से शुरू होकर 45 दिनों तक चलती है। इसका सबसे मुख्य आकर्षण यह लठामार होली ही है। श्रद्धालुओं का उल्लास और संतों का भाव इस अलौकिक दृश्य और आनंद को देखकर श्रद्धालु और मंदिर के सेवायत भाव-विभोर हो गए। श्रद्धालु भारती ने कहा कि मैंने जीवन में पहली बार ऐसी होली देखी है। लाठियों की मार में भी जो प्रेम और भक्ति का भाव है, वह सिर्फ ब्रज में ही महसूस किया जा सकता है। ऐसा लग रहा है मानो साक्षात कान्हा यहाँ होली खेल रहे हों। श्रद्धालु स्वाति ने कहा कि योगी सरकार ने जो व्यवस्था की है, वह बेहतरीन है। इतनी भीड़ के बावजूद प्रशासन का प्रबंधन शानदार था। आसमान से जब हेलीकॉप्टर से फूल बरसे, तो हमारा मन आनंद से भर गया। नंदबाबा मंदिर के मुख्य पुजारी मनीष गोस्वामी ने बताया कि नंदगांव और बरसाना का यह रिश्ता द्वापर युग से चला आ रहा है। यह लाठियां चोट नहीं पहुंचातीं, बल्कि यह राधा-कृष्ण के निश्छल प्रेम और मनुहार का प्रतीक हैं। आज पूरा ब्रज इसी प्रेम रस में डूबा हुआ है। 4500 जवानों के साथ अभेद्य रही सुरक्षा व्यवस्था लाखों की भीड़ को देखते हुए योगी सरकार के निर्देश पर मथुरा पुलिस ने सुरक्षा का बेहद कड़ा इंतजाम किया था। 4500 से अधिक पुलिसकर्मी, पीएसी और एंटी रोमियो स्क्वायड की टीमें चप्पे- चप्पे पर मुस्तैद रहीं। इसके अलावा जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार स्वयं बरसाना की गलियों में पैदल भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते रहे, जिससे यह महा आयोजन शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हुआ।

UGC नियमों पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, CJI सूर्यकांत बोले—‘सीमा पार कर रही हैं ऐसी याचिकाएं’

नई दिल्ली UGC यानी विश्विद्यालय अनुदान आयोग के नए नियमों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में फिर याचिका दाखिल हुई है। बुधवार को इस याचिका पर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा है कि याचिका मीडिया में पब्लिसिटी हासिल करने के मकसद से की गई है। उन्होंने पूछा कि इस याचिका में अन्य याचिकाओं से अलग क्या है। एडवोकेट ने कहा, 'मेरा आधार यह है कि नियमों को अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर बनाया गया है।' हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब इक्विटी रेगुलेशंस के खिलाफ किसी ने शीर्ष न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। इसपर सीजेआई ने कहा कि इसके जरिए मीडिया में चर्चा में आने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा, 'यह जनहित याचिका (PIL) क्यों? अब यह हद से ज्यादा हो रहा है। यह सब केवल बाहर मीडिया को संबोधित करने के लालच में किया जा रहा है। वरना आप यूट्यूब पर कैसे आएंगे! इस याचिका में ऐसा क्या अलग है जो दूसरी याचिकाओं में नहीं था?' जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ने लगा दी थी रोक सुप्रीम कोर्ट ने नियमों पर जनवरी में रोक लगा दी थी। न्यायालय ने कहा कि यह प्रारूप 'प्रथम दृष्टया अस्पष्ट' है, इसके 'बहुत व्यापक परिणाम' हो सकते हैं और इसका प्रभाव 'खतरनाक रूप से' समाज को विभाजित करने वाला भी हो सकता है। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा था कि विनियमों में 'कुछ अस्पष्टताएं' हैं और 'इनके दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।' दरअसल, नियमों को लेकर दलीलें दी गईं थीं कि यूजीसी ने जाति-आधारित भेदभाव की 'गैर-समावेशी' परिभाषा अपनाई है और कुछ श्रेणियों को संस्थागत संरक्षण से बाहर रखा है। इन नियमों के खिलाफ देश में कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए जिसमें छात्र समूहों और संगठनों ने इन्हें तत्काल वापस लेने की मांग की। इन याचिकाओं में इस विनियम को इस आधार पर चुनौती दी गई कि जाति-आधारित भेदभाव को सिर्फ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के सदस्यों के खिलाफ भेदभाव के रूप में ही परिभाषित किया गया है। क्या हैं नियम विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्द्धन हेतु) विनियम, 2026 में यह अनिवार्य किया गया है कि इन समितियों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय से तथा दिव्यांग एवं महिला सदस्य शामिल होने चाहिए।  

14 लाख बच्चों का भरोसा कायम! 7 साल में मिड डे मील की गुणवत्ता पर बेहद कम शिकायतें

चंडीगढ़ हरियाणा में मिड डे मील योजना के तहत विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। शिक्षा विभाग के अनुसार, पिछले सात वर्षों में भोजन की गुणवत्ता को लेकर केवल 14 शिकायतें ही प्राप्त हुई हैं। वर्तमान में 14 लाख से अधिक विद्यार्थी इस योजना का लाभ ले रहे हैं। यह जानकारी कैथल से कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला द्वारा पूछे गए अतारांकित प्रश्न के जवाब में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने सदन में दी। विधायक ने वर्ष 2019 से वित्त वर्ष 2025-26 तक विद्यार्थियों की संख्या, स्वीकृत राशि, भुगतान और जिला-वार शिकायतों का पूरा विवरण मांगा था। शिक्षामंत्री ने जिलेवार आंकड़े प्रस्तुत किए। कुल मिलाकर सात वर्षों में कुरुक्षेत्र से सर्वाधिक 6 शिकायतें प्राप्त हुईं। गुरुग्राम और हिसार से 2-2 शिकायतें, जबकि फरीदाबाद, जींद और करनाल से 1-1 शिकायत दर्ज की गई। वहीं, कोविड-19 महामारी के दौरान वर्ष 2021-22 में लगभग 72 करोड़ भोजन पकाने की लागत के रूप में सीधे छात्रों के बैंक खातों में भेजे गए। इसके अलावा 141 – करोड़ दूध पाउडर के लिए वीटा को भुगतान किए। वर्ष 2025-26 में हांसी को नया जिला बनाया। संबंधित राशि फिलहाल हिसार के माध्यम से जारी की है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर व जापान के दौरे में प्रमुख नेताओं, कॉरपोरेट लीडर्स व बच्चों को उपहार में दिए यूपी के विशिष्ट उत्पाद

लखनऊ/सिंगापुर  प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर व जापान दौरे में जहां एक ओर निवेश और औद्योगिक साझेदारियों की नई गाथा लिखी गई, वहीं दूसरी ओर सीएम योगी ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) के सबसे बड़े ब्रांड अंबेसडर के रूप में भी नजर आए। यूपी की मिट्टी से जन्मी पारंपरिक शिल्प कला ने सिंगापुर व जापान के बच्चों से लेकर अति-विशिष्ट लोगों तक, सबका दिल जीत लिया। मुख्यमंत्री ने उन्हें 'एक जनपद-एक उत्पाद' (ओडीओपी) योजना के तहत तैयार कराई गईं विशिष्ट कलाकृतियां भेंट कर यूपी के कारीगरों की प्रतिभा को वैश्विक मंच तक पहुंचाया। प्रमुख नेताओं, कॉरपोरेट लीडर्स व बच्चों को सीएम योगी ने 500 से ज्यादा विशिष्ट कलाकृतियां भेंट कीं। यूपी की सांस्कृतिक विरासत के सशक्त दूत सिंगापुर और जापान की धरती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के सबसे सशक्त दूत बनकर भी उभरे हैं। सिंगापुर व जापान के लोगों के लिए विशेष तौर पर वहां के बच्चों को सौंपने के लिए उनके निर्देशन में स्पेशल डिजाइन के उपहार तैयार किए गए थे। 300 से ज्यादा बच्चों को सीएम योगी ने मंडला आर्ट से बनी कलाकृतियां दीं, जिन्हें पाकर बच्चे बेहद उत्साहित नजर आए। विदेशी मेहमानों ने जब इन हस्तनिर्मित कलाकृतियों को देखा तो वे अचंभित रह गए। बनारस की गुलाबी मीनाकारी ने तो विशेष रूप से सबका ध्यान खींचा। फिरोजाबाद के रंगीन कांच से बनी भगवान राम, शिव, राधा-कृष्ण और बुद्ध की प्रतिमाएं देखकर लोग मंत्रमुग्ध हो गए। मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए उपहारों में फिरोजाबाद से ग्लास के भगवान श्री राम, शिव, राधा-कृष्ण व बुद्ध की प्रतिमाएं शामिल रहीं, जबकि मुरादाबाद से ब्रास के शिव व बुद्ध की प्रतिमाएं, वाराणसी की मीनाकारी से बने बुद्ध व मोर और गुलाबी मीनाकारी से तैयार काशी विश्वनाथ मंदिर का मॉडल तथा सहारनपुर से लकड़ी के शिव व राधा-कृष्ण की प्रतिमाएं शामिल हैं। लोकल टू ग्लोबल' यूपी की नई पहचान उत्तर प्रदेश सरकार की यह भेंट परंपरा 'आत्मनिर्भर भारत' और 'वोकल फॉर लोकल' की भावना का जीवंत प्रमाण है। इसके अलावा  मंडला आर्ट से बनी विशेष कलाकृतियां सांस्कृतिक आदान-प्रदान की दिशा में एक भावनात्मक और यादगार पहल रहीं। इस पहल से यूपी के कारीगरों व शिल्पकारों को वैश्विक बाजार में नई पहचान और निर्यात के नए अवसर मिलेंगे। वैश्विक मंच पर इन उत्पादों की प्रदर्शनी से जहां एक ओर ब्रांड वैल्यू में अभूतपूर्व वृद्धि होगी, वहीं लाखों कारीगर परिवारों की आजीविका को भी नया संबल मिल सकेगा।

वार्ड 12 बदखर में 72.84 लाख की लागत से तालाब सौंदर्यीकरण कार्य का भूमि पूजन

सतना नगर के वार्ड क्रमांक 12, बदखर में 72.84 लाख रुपये की लागत से प्रस्तावित तालाब सौंदर्यीकरण कार्य का विधिवत भूमि पूजन महापौर योगेश कुमार ताम्रकार द्वारा किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। महापौर ने कहा कि यह परियोजना न केवल क्षेत्र की सुंदरता बढ़ाएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण को भी मजबूती प्रदान करेगी। तालाब को एक स्वच्छ, सुरक्षित एवं आकर्षक सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे स्थानीय नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने बताया कि नगर के प्रत्येक वार्ड में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार कर विकास की रोशनी अंतिम पंक्ति तक पहुंचाना नगर निगम का लक्ष्य है। कार्यक्रम में नगर निगम अध्यक्ष राजेश चतुर्वेदी, सोहावल जनपद उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह बराज, वार्ड पार्षद माया देवी कोल, विशिष्ट अतिथि राकेश अग्निहोत्री, पिछड़ा वर्ग मोर्चा अध्यक्ष रामपाल यादव, पूर्व मंडल अध्यक्ष अरविन्द सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे।

BSP के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह पर IT रेड, कई ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई

लखनऊ इनकम टैक्स की टीम में 50 से ज्यादा अधिकारी शामिल हैं। बुधवार को लखनऊ और बलिया समेत उत्तर प्रदेश में उमाशंकर सिंह के अन्य ठिकानों पर छापेमारी चल रही है। उमाशंकर सिंह का स्वास्थ्य पिछले कुछ समय से खराब चल रहा है। लखनऊ के गोमतीनगर में उनका आवास और दफ्तर है। उत्तर प्रदेश में बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के घर इनकम टैक्स का छापा पड़ा है। बताया जा रहा है कि इनकम टैक्स की टीम में 50 से ज्यादा अधिकारी शामिल हैं। बुधवार को लखनऊ और बलिया समेत प्रदेश में उमाशंकर सिंह के अन्य ठिकानों पर छापेमारी चल रही है। उमाशंकर सिंह का स्वास्थ्य पिछले कुछ समय से खराब चल रहा है। लखनऊ के गोमतीनगर में उनका आवास और दफ्तर है। मिली जानकारी के अनुसाार इनकम टैक्स की टीम उमाशंकर सिंह के घर-दफ्तर से कुछ दस्तावेजों को अपने कब्जे में लिया है। छापेमारी के दौरान इनकम टैक्स के अधिकारियों के साथ भारी फोर्स भी मौके पर मौजूद है। उमाशंकर सिंह यूपी के बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से 2022 के विधानसभा चुनाव में बसपा के टिकट पर चुनाव जीते थे। वह इस चुनाव में बसपा के टिकट पर कामयाब होने वाले उत्तर प्रदेश के एकमात्र विधायक रहे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उमाशंकर सिंह गंभीर रूप से कैंसर से पीड़ित हैं। दो बार उनके ऑपरेशन हो चुके हैं। पिछले कुछ समय से वह लखनऊ के गोमतीनगर स्थित अपने आवास में एकांत में रहकर इलाज करा रहे हैं। बसपा विधायक के पारिवारिक सूत्रों के अनुसार उनके स्वास्थ्य की हालत ठीक नहीं है। छापेमारी से मचा हड़कंप बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के घर-दफ्तर पर अचानक इनकम टैक्स की छापेमारी से यूपी के राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है। मिली जानकारी के अनुसार बुधवार की सुबह सात बजे के करीब इनकम टैक्स की टीम तीन गाड़ियों में उमाशंकर सिंह के घर पहुंची। टीम ने आते ही दस्तावेजों और रिकॉर्डस की जांच शुरू कर दी। छापेमारी के दौरान किसी के भी आने-जाने पर रोक लगा दी गई। बलिया में सुबह 10 बजे आवास पर पहुंची आयकर टीम उधर, बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के बलिया जनपद के खनवर स्थित आवास पर बुधवार सुबह आयकर विभाग की टीम ने छापा मारा। सुबह करीब 10 बजे तीन गाड़ियों से पहुंचे अधिकारियों ने आवास को घेरते हुए जांच शुरू की। टीम ने घर में मौजूद सभी लोगों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में लेकर पूछताछ की प्रक्रिया शुरू कर दी। छापेमारी के दौरान विधायक के भाई रमेश सिंह आवास पर मौजूद थे। बताया जा रहा है कि रमेश सिंह छात्रशक्ति इंफ्रा कंस्ट्रक्शन कंपनी के डायरेक्टर हैं। आयकर टीम ने गांव के पास स्थित कंपनी के प्लांट पर भी पहुंचकर ताला लगा दिया और वहां दस्तावेजों की जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार टीम ने रसड़ा स्थित विधायक के होटल ‘स्काई’ पर भी पहुंचकर छानबीन शुरू की है। उमाशंकर सिंह बलिया के रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और क्षेत्र में उनकी गिनती प्रभावशाली नेताओं में होती है। छापेमारी की वजहों को लेकर आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन क्षेत्र में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। पार्टी में अहम भूमिका बसपा विधायक उमाशंकर सिंह की उनकी पार्टी में अहम भूमिका रही है। उकी तबीयत खराब होने पर बसपा सु्प्रीमो मायावती ने भी घर पर जाकर उनका हाल-चाल लिया था। बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के यहां यह छापा तब पड़ा है जब उनकी पार्टी की सु्प्रीमो मायावती उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी हैं। बता दें कि पिछले साल मार्च में भी विजिलेंस विभाग ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के आरोपों में जांच शुरू की थी। इनकम टैक्स की इस ताजा कार्रवाई का उस जांच से कोई संबंध है या नहीं, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है। आयकर विभाग, विधायक या बसपा की ओर से अभी तक इस कार्रवाई के बारे में कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।