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बस्तर में बेरोजगार युवाओं को मिलेगी 1500 पदों पर नौकरी, जल्द जारी होंगी भर्तियां

रायपुर ‘संकल्प’ थीम पर आधारित राज्य सरकार का बजट ‘विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़’ के विजन को आगे बढ़ाने वाला बताया जा रहा है। इस बजट में शिक्षा, अधोसंरचना, औद्योगिक निवेश, कृषि आधारित उद्योग, पर्यटन और सामाजिक सुरक्षा को केंद्र में रखकर मिशन मोड में काम करने की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है। सरकार ने पांच नए मुख्यमंत्री मिशन प्रारंभ करने की घोषणा की है, जिनका उद्देश्य नीति से परिणाम तक स्पष्ट रणनीति के साथ समावेशी विकास सुनिश्चित करना है। खासतौर पर बस्तर और सरगुजा क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है, जहां रोजगार, शिक्षा और कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर जोर है। शिक्षा और रोजगार पर विशेष जोर शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कुल बजट का 13.5 प्रतिशत प्रविधान स्कूल शिक्षा के लिए किया गया है। बस्तर के अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो एजुकेशन सिटी स्थापित की जाएंगी, जिससे दूरस्थ अंचलों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। बस्तर फाइटर्स में 1,500 नई भर्तियों से युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। औद्योगिक विकास और शहरी अधोसंरचना औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए 23 नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना हेतु 250 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना के लिए 200 करोड़ रुपये और भूमि विकास बैंक के सुदृढ़ीकरण के लिए भी 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अंबिकापुर-जगदलपुर हवाई सेवा विस्तार से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी। बस्तर-सरगुजा में कृषि और आजीविका फोकस कृषि आधारित उद्योगों के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बकरी, सूअर और मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इंद्रावती नदी पर देवरगांव और मटनार बैराज के लिए 2,000 करोड़ रुपये से अधिक स्वीकृत किए गए हैं। स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा कुनकुरी, मनेंद्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा और दंतेवाड़ा मेडिकल कॉलेजों के संचालन को गति दी जाएगी। सरकारी कर्मचारियों के लिए कैशलेस उपचार सुविधा भी लागू की जाएगी, जो स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में अहम कदम माना जा रहा है।

मध्य प्रदेश में 25 लाख होम लोन पर सब्सिडी मिलेगी, जानिए क्या होगी शर्त

 सतना  मध्य प्रदेश के सतना में बैंकों की परामर्श दात्री एवं समीक्षा समिति की बैठक में लीड बैंक मैनेजर गौतम शर्मा ने बताया कि ऐसे लोग जिनकी वार्षिक आय 9 लाख रुपए से कम है और 25 लाख या उससे कम का होम लोन लिया है उन्हें सालाना 1.80 लाख रुपए का ब्याज अनुदान मिलेगा। इस ब्याज अनुदान योजना का लाभ सितंबर 2024 के बाद होम लोन लेने वालों को मिलेगा। 48 लोगों को मिला लाभ बैठक की अध्यक्षता कर रहे कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस ने जिले में योजना के पात्रों की संख्या पूछी, जिस पर बताया गया कि इस दायरे में सतना जिले के लगभग 500 ऋणधारक है। इसमें से 48 लोगों को योजना के तहत लाभ दिया जा रहा है। इन्हें ब्याज पर 1.80 लाख रुपए की छूट योजना के तहत मिलने लगी है। कलेक्टर ने सभी पात्र लोगों को योजना के लाभ से जोड़ने के निर्देश दिए। इस दौरान जिपं सीईओ शैलेन्द्र सिंह, आरबीआई भोपाल के जिला अग्रणी अधिकारी विनय मोरे सहित सभी बैंकों के बैंक मैनेजर और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। महिला हितग्राही होने पर मिल रहा फायदा हालांकि समीक्षा के दौरान एक बैंक प्रबंधक ने बताया कि व्याज अनुदान योजना में हितग्राही को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई थी। लेकिन जब इस योजना की फीडिंग की जाती है तो हितग्राही महिला नहीं होती है तो केस आगे नहीं बढ़ता है। लिहाजा योजना के लाभ महिला हितग्राही या फिर महिला सहखातेदार होने पर ही मिल पा रहा है। कलेक्टर ने इस मामले में शासन स्तर से मार्गदर्शन लेने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के दौरान कहा कि पशुपालकों के लिए शुरू कामधेनु योजना के प्रकरण विभाग ने प्रस्तुत कर दिए हैं लेकिन ऋण वितरण की स्थिति न के बराबर है। एलडीएम ने कहा कि जल्द ही इंक्वायरी प्रोसेस पूरी की जाकर ऋण वितरण प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। पीएम विश्वकर्मा योजना, पीएमएफएमई योजना की धीमी प्रगति पर असंतोष जताया। इन बैंकों का कम मिला क्रेडिट-डिपॉजिट बैठक में जमा ऋण अनुपात (सीडी रेसियो) की समीक्षा की गई। नियमानुसार यह 60 फीसदी होना चाहिए, लेकिन कई बैंकों का काफी कम मिला। इसे सुधारने के निर्देश दिए गए। जिन बैंकों का जमा ऋण अनुपात कम रहा उनमें कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शामिल रहे।

CG Budget: गजेंद्र यादव और विजय शर्मा के विभागों के लिए सबसे ज्यादा आवंटन, शिक्षा और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता

रायपुर राज्य सरकार के नए बजट में शिक्षा, ग्रामीण विकास, कृषि और महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए बड़े पैमाने पर धनराशि आवंटित की गई है।बजट से स्पष्ट है कि सरकार सामाजिक सुरक्षा और आधारभूत ढांचे के बीच संतुलन बनाते हुए विकास को गति देना चाहती है। सबसे अधिक आवंटन स्कूल शिक्षा और पंचायत-ग्रामीण विकास जैसे विभागों को मिला है, जिससे गांवों, किसानों और विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के विभाग को 22,360 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा ग्रामोद्योग और विधि विभाग भी उनके पास हैं। यह राशि शैक्षणिक ढांचे को मजबूत करने और नई योजनाओं को लागू करने में सहायक होगी। पंचायत और गृह विभाग का बड़ा बजट उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को पंचायत, ग्रामीण विकास एवं गृह विभाग के लिए कुल 24,940 करोड़ रुपये का संयुक्त आवंटन मिला है। इसमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास के लिए 16,560 करोड़ और गृह विभाग के लिए 8,380 करोड़ रुपये शामिल हैं। कृषि और जनकल्याण पर फोकस कृषि एवं आदिम जाति कल्याण मंत्री रामविचार नेताम को 13,507 करोड़ रुपये मिले हैं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री दयालदास बघेल को 12,820 करोड़ रुपये का प्रावधान है। वहीं महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विभाग को 11,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे महिला कल्याण योजनाओं को बल मिलेगा।

योगी सरकार ने होली से पहले यूपी के छात्रों को दिया तोहफा, 38 लाख स्टूडेंट्स को मिलेगा लाभ

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में होली से पहले प्रदेश के छात्रों के लिए योगी सरकार ने बड़ी सौगात का ऐलान किया गया है. जिसमें कक्षा 9 और 10वीं के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति राशि में वृद्धि करने का फैसला लिया है. इस निर्णय से खास तौर पर पिछड़ा वर्ग के लाखों छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा. सरकार के नए आदेश के अनुसार अब पिछड़ा वर्ग के छात्रों को तीन हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी. पहले की तुलना में यह राशि बढ़ाई गई है, जिससे विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई जारी रखने में आर्थिक सहारा मिलेगा. सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा से जोड़कर रखना और ड्रॉपआउट दर को कम करना है. छात्र हित में लिया गया फैसला प्रदेश सरकार के मंत्री नरेंद्र कश्यप ने इस फैसले का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देते हुए कहा कि यह निर्णय छात्रों के हित में लिया गया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि प्रदेश का कोई भी छात्र आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे. छात्रवृत्ति की बढ़ी हुई राशि सीधे पात्र विद्यार्थियों के खातों में ट्रांसफर की जाएगी, जिससे पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी. 38 लाख छात्रों को मिलेगा लाभ सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के लगभग 38 लाख छात्र इस योजना से लाभान्वित होंगे. इससे न सिर्फ छात्रों को आर्थिक सहायता मिलेगी, बल्कि उनके अभिभावकों पर भी आर्थिक बोझ कम होगा. होली से पहले आई इस घोषणा को सरकार की ओर से छात्रों के लिए एक बड़े तोहफे के रूप में देखा जा रहा है. शिक्षा के क्षेत्र में यह फैसला प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं को भी दर्शाता है, जिसमें युवाओं के भविष्य को मजबूत करना प्रमुख लक्ष्य है. पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए यह कदम बड़ा बताया जा रहा है.सरकार जनहित के फैसले लगातार ले रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों को मिल सके.

‘रामायण सर्किट’ के तहत जबलपुर-गोंदिया रेल प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी, नक्सल मुक्त क्षेत्र को 5,236 करोड़ की सौगात

जबलपुर मध्य प्रदेश के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। पीएम मोदी सरकार ने गोंदिया-जबलपुर रेल लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है। इसमें प्रदेश के जबलपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट को सीधा लाभ मिलेगा। नक्सल प्रभावित बालाघाट के रेल परियोजना से जुड़ने से विकास के नए द्वार खुलेंगे। सीएम मोहन यादव ने केंद्र सरकार व मोदी कैबिनेट द्वारा  गोंदिया-जबलपुर रेल लाइन परियोजना को स्वीकृति देने की जानकारी साझा करते हुए खुशी जताई है। उन्होंने एक्स पर जानकारी देते हुए पीएम और रेल मंत्री का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में गोंदिया-जबलपुर रेल लाइन के दोहरीकरण परियोजना को आधिकारिक स्वीकृति दे दी गई है। उन्होंने इस निर्णय को प्रदेश के लिए 'बड़ी सौगात' बताया है। सेवातीर्थ में पहली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक बता दें कि सेवातीर्थ में केन्द्र सरकार की पहली केबिनेट बैठक में आयोजित हुई। इसमें गोंदिया से जबलपुर रेलवे लाईन दोहरीकरण को मंजूरी मिल गई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे रामायण सर्किट से लेकर नार्थ से साउथ तक का एक महत्वपूर्ण कॉरीडोर बताया है। इस दोहरीकरण का सबसे ज्यादा लाभ विकास के रूप में बालाघाट जिले मिलेगा। केंद्र ने इस रेललाइन के दोहरीकरण को मंजूरी प्रदान करते हुए 5236 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है। जाहिर है इस परियोजना के पूरे होने के बाद एमपी के विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। नक्सल मुक्त बालाघाट को मिलेगी नई गति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि नक्सल समस्या से मुक्त हो चुके बालाघाट जिले के लिए यह परियोजना जीवनदायिनी साबित होगी। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से यहां न केवल व्यापार और व्यवसाय बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। नर्मदा नदी में एक बड़े ब्रिज, मेजर और माईनर ब्रिज बनेंगे करीब 231 किलोमीटर के गोंदिया-जबलपुर रेलवे दोहरीकरण का काम 5236 करोड़ रुपए से 5 साल में पूरा होगा। जिससे महाराष्ट्र के गोंदिया और मध्यप्रदेश के जबलपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट को इसका लाभ मिलेगा। वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए 450 करोड़ रुपए की लागत से अंडरपास और फेसिंग में खर्च किए जाएंगे। साथ ही रेलवे दोहरीकरण के इस काम में नर्मदा नदी में एक बड़े ब्रिज के साथ ही मेजर और माईनर ब्रिज बनाए जाएंगे। परियोजना में एमपी को क्या-क्या मिलेगा, एक नजर     रामायण सर्किट में नार्थ से साउथ तक का कॉरीडोर बनेगा है     परियोजना की कुल लागत 5,236 करोड़ रुपए     रेल दोहरीकरण में लगभग 231 किलोमीटर लम्बाई पर काम होगा     परियोजनाओं को 5 वर्ष में कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया     एमपी के जबलपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट को मिलेगा लाभ     450 करोड़ रुपए की लागत से अंडरपास और फेसिंग में खर्च

हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट पर नया बदलाव, लाखों वाहन मालिकों को मिलेगा फायदा

भोपाल  वाहन मालिकों के लिए राहत भरी खबर है। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के बाद यदि आपका वाहन किसी मध्य प्रदेशसे दूसरे राज्य में ट्रांसफर होता है, तो अब उसे ट्रेस करना आसान होगा। परिवहन विभाग ने अपने ऑनलाइन पोर्टल को अपडेट किया है। इससे इंटर स्टेट व्हीकल ट्रांसफर की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से सक्षम हो गई है। HSRP का यूनिक लेजर कोड राष्ट्रीय स्तर पर रहेगा लिंक HSRP में लागू यूनिक लेजर कोड और डिजिटल डेटाबेस अब राष्ट्रीय स्तर पर लिंक रहेगा। इससे वाहन की मूल जानकारी का वितरण जैसे रजिस्ट्रेशन नंबर, चेसिस नंबर, मालिक का विवरण, दूसरे राज्यों में भी सत्यापित किया जा सकेगा। इससे चोरी, फर्जी नंबर प्लेट और डुप्लीकेट रजिस्ट्रेशन जैसी समस्याओं पर भी लगाम कसेगी। 1500 से ज्यादा शिकायतों की सुनवाई, 1388 का निराकरण परिवहन विभाग में सीएम हेल्पलाइन सहित ड्राइविंग लाइसेंस, अनापत्ति प्रमाण पत्र, गाड़ी ट्रांसफर, हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट जैसी 1500 से ज्यादा शिकायतों पर मंगलवार को प्रदेश स्तरीय सुनवाई हुई। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन सहित अन्य क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में 1388 मामले मौके पर ही निराकृत किए गए। टोकन देकर बारी-बारी से सुनवाई परिवहन आयुक्त उमेश जोगा के निर्देश पर जनसुनवाई में विभाग से जुड़े लंबित कार्यों की सूची बनाकर आवेदकों को बुलाया गया। सभी को टोकन नंबर देकर बारी-बारी से इनके प्रकरण की सुनवाई की गई। वाहन मालिकों को बड़ी राहत परिवहन विभाग का मानना है कि पोर्टल अपडेट होने से वाहन ट्रांसफर होने की प्रक्रिया तेज होगी। बिचौलियों की भूमिका घटेगी। वहीं वाहन मालिकों को अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। 

नमो भारत कॉरिडोर से दिल्ली से पानीपत-करनाल 1 घंटे में, 12 स्टेशन बनेंगे सराय काले खां से हरियाणा तक

दिल्ली/पानीपत दिल्ली-NCR में हाईस्पीड कनेक्टिविटी का दायरा तेजी से बढ़ने वाला है। सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक नमो भारत कॉरिडोर के लगभग तैयार होने के बाद अब फोकस दो नए बड़े रूट पर है। इसमें दिल्ली-पानीपत-करनाल और दिल्ली-एसएनबी-अलवर रूट शामिल हैं। इनमें से दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर को राजधानी और हरियाणा के बीच गेमचेंजर प्रोजेक्ट माना जा रहा है। सराय काले खां से करनाल तक दौड़ेगी नमो भारत यह रैपिड रेल कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होकर हरियाणा के करनाल (मधुबन बाईपास) तक जाएगा। इसकी कुल लंबाई करीब 136.3 किलोमीटर प्रस्तावित है। इस रूट का ट्रैक नेशनल हाईवे-44 के समानांतर बिछाया जाएगा। दिल्ली में बनेंगे 5 स्टेशन इस कॉरिडोर में दिल्ली में 5 स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें सराय काले खां, इंद्रप्रस्थ, कश्मीरी गेट, बुराड़ी, मुकुंदपुर, नरेला शामिल हैं। हरियाणा में 7 स्टेशन इस प्रोजेक्ट के तहत हरियाणा में 7 स्टेशन बनाए जाएंगे। इसमें कुंडली, सोनीपत, मुरथल,गन्नौर, समालखा, पानीपत, करनाल (मधुबन-करनाल बाईपास)। इस कॉरिडोर पर करीब 35 हजार करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। फंडिंग में केंद्र और हरियाणा सरकार के साथ एशियन डेवलपमेंट बैंक और जापान की वित्तीय संस्थाओं की भागीदारी संभव है। आधे से भी कम समय में पूरा होगा अभी दिल्ली से करनाल पहुंचने में सड़क मार्ग से साढ़े तीन से चार घंटे तक लग जाते हैं। ट्रैफिक की वजह से पानीपत का सफर भी ढाई घंटे तक खिंच जाता है। लेकिन नमो भारत कॉरिडोर बनने के बाद दिल्ली से करनाल मात्र करीब 90 मिनट में पहुंच सकेंगे। इसके अलावा दिल्ली से पानीपत लगभग 60 मिनट में पहुंच सकेंगे। प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी, अब काम की तैयारी केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने नवंबर 2025 में दिल्ली-पानीपत-करनाल रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम के लिए फंड को हरी झंडी दी थी। प्रोजेक्ट को लागू करने वाली एजेंसी नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ने नरेला से सोनीपत के बीच बिजली लाइनों और अन्य अवरोधों को हटाने के लिए टेंडर भी जारी कर दिया है। ऐसे संकेत हैं कि जून-जुलाई 2026 से काम शुरू हो सकता है। रूट और स्टेशन पर खींचतान शुरुआत में कॉरिडोर कश्मीरी गेट से प्रस्तावित था, बाद में इसे सराय काले खां तक बढ़ाया गया। नरेला और कुंडली के पास स्टेशन लोकेशन को लेकर कई बार सर्वे में बदलाव करना पड़ा। लागत साझा करने को लेकर केंद्र और हरियाणा के बीच विस्तृत मंथन चला। पहले दिल्ली सरकार की ओर से वित्तीय हिस्सेदारी को लेकर स्पष्टता नहीं थी, जिससे प्रक्रिया धीमी रही। नेशनल हाईवे-44 का विस्तार कॉरिडोर नेशनल हाईवे-44 के साथ-साथ विकसित होना है। इसी दौरान हाईवे को 8 से 12 लेन तक चौड़ा करने का काम चल रहा था। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया और एनसीआरटीसी के बीच समन्वय के बाद अब स्थिति स्पष्ट हुई है। इस हाईवे का बड़ा हिस्सा तैयार होने से रैपिड रेल के पिलर खड़े करना आसान होगा।

अर्चना चिटनिस की पहल से भोपाल-भुसावल के बीच नई ट्रेन के लिए रास्ता हुआ साफ, विस में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित

बुराहनपुर  बुराहनपुर क्षेत्र के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अर्चना चिटनिस की पहल पर भोपाल से भुसावल के मध्य नई ट्रेन अथवा मेमू रेल सेवा प्रारंभ करने का अशासकीय संकल्प विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित हो गया है। अब यह प्रस्ताव भारत सरकार के रेल मंत्रालय को भेजा जाएगा, जिससे बहुप्रतीक्षित रेल सुविधा को मूर्त रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठ गया है। आम यात्रियों की परेशानी का मुद्दा उठाया सदन में प्रस्ताव रखते हुए चिटनिस ने कहा कि भोपाल और भुसावल के बीच लंबी दूरी की ट्रेनें तो संचालित हैं, लेकिन सामान्य श्रेणी के डिब्बों की कमी और बिना आरक्षण यात्रा की मजबूरी के कारण आम नागरिक, विद्यार्थी, मरीज और दैनिक यात्री भारी कठिनाइयों का सामना करते हैं। उन्होंने बताया कि भोपाल, बुरहानपुर, हरदा, खंडवा, टिमरनी, खिड़किया और इटारसी जैसे महत्वपूर्ण शहरों को जोड़ने वाली सुगम रेल सेवा समय की आवश्यकता है। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नई सेवा शुरू करना अब अत्यंत प्रासंगिक हो गया है। ऐतिहासिक संदर्भ भी दिया अर्चना चिटनिस ने सदन को बताया कि वर्ष 1975 से 1980 के बीच इस मार्ग पर ट्रेन संचालित होती थी, जिसे उस समय यात्रियों की कमी के कारण बंद कर दिया गया था। हालांकि, वर्तमान परिस्थितियों में यात्रियों की संख्या कई गुना बढ़ चुकी है, जिससे इस रूट पर नियमित रेल सेवा की मांग लगातार तेज हो रही है। व्यावहारिक समाधान का सुझाव उन्होंने व्यावहारिक विकल्प भी सुझाया। यदि नई ट्रेन स्वीकृत करना संभव न हो, तो वर्तमान में चल रही ट्रेन संख्या 11115/11116 को भोपाल तक विस्तारित किया जाए। उन्होंने बताया कि यह ट्रेन इटारसी स्टेशन पर लगभग 17 घंटे तक खड़ी रहती है, जबकि उसी समय में वह भोपाल जाकर वापस लौट सकती है। इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और यात्रियों को सुविधाजनक समय-सारणी मिल सकेगी। ग्रामीण अंचल और व्यापार को मिलेगा लाभ प्रस्ताव में यह भी उल्लेख किया गया कि नई रेल सेवा से मार्ग के छोटे स्टेशनों, किसानों, व्यापारियों और विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। बेहतर रेल संपर्क से क्षेत्र के आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने भी प्रस्ताव का समर्थन करते हुए इसे जनहित में महत्वपूर्ण कदम बताया। अंततः सदन ने सर्वसम्मति से संकल्प पारित कर केंद्र सरकार से नई रेल सेवा प्रारंभ करने का अनुरोध किया।

जायका टीम ने भोपाल में एमपी ट्रांसको की ट्रांसमिशन लाइन और महावड़िया सब स्टेशन का सूक्ष्म मूल्यांकन किया

जायका टीम ने किया भोपाल में एमपी ट्रांसको की ट्रांसमिशन लाइन एवं महावड़िया सब स्टेशन का सूक्ष्‍म मूल्‍यांकन सब स्‍टेशन बनने से हुए लाभ के संबंध में स्‍थानीय व्‍यापारियों से किया वार्तालाप भोपाल जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जायका) द्वारा मध्यप्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण के लिये मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) में संचालित जायका-2 वित्त पोषित विभिन्न परियोजनाओं के अंतर्गत भोपाल में हुए कार्यों का विस्तृत निरीक्षण कर उनका सूक्ष्‍म मूल्‍यांकन किया गया। जायका जापान की इवैल्यूएटर सुश्री हिसाए ताकाहाशी एवं जायका के भारतीय प्रतिनिधि श्री कुनाल गुप्ता ने निर्माण कार्यों, उनकी गुणवत्ता, उपयोगिता तथा अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप क्रियान्वयन की बारीकी से जांच-पड़ताल की। महावड़िया सब स्टेशन एवं लाइन का किया निरीक्षण निरीक्षण के दौरान टीम ने सर्वप्रथम 132 केवी सब स्टेशन महावड़िया तथा इसके लिए निर्मित 132 केवी महावड़िया-मुगलियाछाप डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन का निरीक्षण कर सूक्ष्‍म मूल्‍यांकन किया। इवैल्यूएटर सुश्री ताकाहाशी ने लोन स्वीकृति के समय प्रस्तुत प्रारंभिक योजना, परियोजना के क्रियान्वयन, स्थापित उपकरणों की गुणवत्ता, लागत एवं रखरखाव से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त की। सब स्‍टेशन के संचालन-संधारण की जानकारी प्राप्‍त जायका टीम ने सब स्‍टेशन के संचालन एवं संधारण कार्यों की जानकारी, पदस्थ कर्मचारियों की योग्‍यता और उनके दैनिक कार्यों का विवरण, आपातकालीन स्थिति से निपटने की कार्ययोजना तथा सब स्‍टेशन से पर्यावरण को होने वाले वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण के संबंध में भी जानकारी ली। निरीक्षण उपरांत जायका टीम ने सब स्टेशन एवं ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पाए जाने पर संतोष व्यक्त किया। उपयोगिता जानने के लिए व्‍यापारियों से की चर्चा जायका द्वारा वित्त पोषित फंड से निर्मित महावड़िया सब स्टेशन की उपयोगिता के संबंध में अधिकारियों से जानकारी लेने के साथ जायका टीम ने सब स्‍टेशन के नजदीक स्थित व्‍यापारियों के प्रतिष्‍ठानों में जाकर उनका प्रत्यक्ष फीडबैक भी लिया। व्‍यापारियों ने बताया कि सब स्टेशन के निर्माण से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब उन्हें पर्याप्त एवं निर्बाध बिजली मिल रही है, जिससे व्‍यापार के संचालन करने में अब उन्‍हे आसानी हो रही है। इससे उनके आर्थिक एवं सामाजिक स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है। उपभोक्ताओं ने बताये फायदे जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जायका) की टीम ने भोपाल स्थित महावडिया सब स्टेशन के मूल्‍यांकन एवं निरीक्षण के दौरान सबस्‍टेशन के निर्माण से आसपास के क्षेत्रों में हुए बदलावों की जानकारी ली गई। सबस्‍टेशन के सामने स्थित डेयरी के संचालक श्री दिनेश यादव (यादव डेयरी) ने बताया कि सन् 2021 के पूर्व में बिजली सप्लाई मंडीदीप सबस्‍टेशन से आती थी, जिसमें लाइन की लंबाई अधिक होने से अनेक बार ट्रिपिंग एवं वोल्‍टेज में उतार –चढाव (फ्लक्चुएशन) की समस्या रहती थी। अब सबस्‍टेशन बनने से यह समस्या पूर्णतः समाप्त हो गई है। उन्हें अपनी दुकान पर फ्रिज एवं रेफ्रिजरेटर चलाने में कोई कठिनाई नहीं होती, जिससे दूध, दही आदि सामग्री अधिक समय तक सुरक्षित रहती है। इससे दुकान की आय में वृद्धि हुई है। इसी प्रकार, श्री बाबूलाल विश्वकर्मा (विश्वकर्मा वेल्डिंग) ने बताया कि पहले बिजली कटौती एवं लाइन फॉल्ट के कारण वेल्डिंग कार्य रुक जाता था, जिससे कार्य अवधि कम रहती थी। अब सतत एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति तथा उच्च वोल्टेज के कारण उनका कार्य सुचारु रूप से चल रहा है। अब वह अपने ग्राहकों काम समय पर करके देने में सफल हो रहे है। स्थानीय नागरिकों ने भी बताया कि सब स्टेशन के निर्माण से पहले लंबे समय तक विद्युत व्यवधान बना रहता था, जो अब न्यूनतम हो चुका है। इससे क्षेत्र में घरेलू और व्यावसायिक गतिविधियों को स्थिरता एवं गति मिली है।  

4 लाख 42 हजार से अधिक किसानों ने गेहूँ उपार्जन के लिए समर्थन मूल्य पर पंजीयन कराया

4 लाख 42 हजार से अधिक किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये कराया पंजीयन 7 मार्च तक होगा पंजीयन भोपाल खाद्य , नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने जानकारी दी है कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये अब तक 4 लाख 42 हजार 288 किसानों ने पंजीयन करा लिया है। किसान 7 मार्च तक पंजीयन करा सकते हैं। उन्होंने किसानों से अपील की है कि निर्धारित समय में पंजीयन जरूर करा लें। उन्होंने बताया है कि किसान पंजीयन की व्यवस्था को सहज और सुगम बनाया गया है। कुल 3186 पंजीयन केन्द्र बनाये गए हैं। केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिये गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रूपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है, जो गत वर्ष से 160 रूपये अधिक है। मंत्री  राजपूत ने बताया कि अभी तक इंदौर संभाग में 54 हजार 587, उज्जैन में एक लाख 48 हजार 905, ग्वालियर में 9695, चम्बल में 4692, जबलपुर में 39 हजार 885, नर्मदापुरम में 34 हजार 181, भोपाल में एक लाख 9 हजार 134, रीवा में 13 हजार 260, शहडोल में 2551 और सागर में 25 हजार 398 किसानों ने पंजीयन कराया है। पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर, तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर और सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर की गई है। पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क,  लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। किसानों को करें एसएमएस खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने बताया है कि विगत रबी एवं खरीफ के पंजीयन में जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें एसएमएस से सूचित करने के निर्देश दिये गये हैं। गांव में डोंडी पिटवाकर ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर पंजीयन सूचना प्रदर्शित कराने तथा समिति/ मंडी स्तर पर बैनर लगवाने के निर्देश भी दिये गये हैं।