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होला मोहल्ला पर्व का आगाज: पातालपुरी साहिब में अखंड पाठ, रंग खेलने पर प्रतिबंध, 4 मार्च को निकलेगा नगर कीर्तन

कीरतपुर साहिब (पंजाब) खालसा पंथ की चढ़दी कलां के प्रतीक राष्ट्रीय पर्व होला मोहल्ला का शुभारंभ आज कीरतपुर साहिब स्थित गुरुद्वारा पातालपुरी साहिब में श्री अखंड पाठ साहिब के आरंभ के साथ श्रद्धापूर्वक किया गया। बोले सो निहाल के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा और संगत गुरु की भक्ति में लीन दिखाई दी। इस अवसर पर तख्त श्री केशगढ़ साहिब के मुख्य ग्रंथी भाई जोगिंदर सिंह ने अरदास करते हुए सरबत के भले की कामना की। उन्होंने संगत को इस पावन पर्व के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। समारोह में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने गुरु साहिब द्वारा प्रदान किए गए इस पवित्र पर्व को श्रद्धा, अनुशासन और समर्पण भाव से मनाने की अपील की। इस दौरान श्री अखंड पाठ साहिब का विधिवत आरंभ किया गया तथा श्री जपुजी साहिब का पाठ भी श्रद्धा भाव से किया गया। गुर सेवा में प्रबंधक कमेटी के अनेक कर्मचारी उपस्थित रहे, वहीं विभिन्न संत संप्रदायों की सम्मानित हस्तियों ने भी गुरु साहिब का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर कुलवंत सिंह, मलकीत सिंह, अमरजीत सिंह चावला, हरप्रीत सिंह, अमरजीत सिंह जिंदवड़ी, तलविंदर सिंह, गुरजीत सिंह, बलजिंदर सिंह, चंचल सिंह, दिलबाग सिंह और सुरिंदर सिंह राजा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। होला मोहल्ला के शुभारंभ के साथ कीरतपुर साहिब में आध्यात्मिक वातावरण और अधिक प्रफुल्लित हो गया है तथा आने वाले दिनों में होने वाले धार्मिक आयोजनों को लेकर संगतों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। दूसरे चरण की शुरुआत दो मार्च से श्री आनंदपुर साहिब में होगी, जिसका समापन 4 मार्च को विशाल नगर कीर्तन के साथ होगा। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से भव्य नगर कीर्तन सजाया जाएगा। निहंग सिंह जत्थेबंदियां महल्लों के रूप में नगर कीर्तन को चरण गंगा स्टेडियम तक ले जाएंगी। इस दौरान घुड़सवारी, तीरंदाजी और गतका सहित पारंपरिक युद्ध कौशल की रोचक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। गुरुद्वारों में कीर्तन, ढाडी व रागी जत्थों द्वारा गुरु महिमा का गायन होगा और लंगर की व्यवस्था रहेगी। श्रद्धालुओं के ठहराव के लिए पातालपुरी साहिब के निकट तीन टेंट सिटी बनाई गई हैं। सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और श्रद्धालुओं का सड़क दुर्घटना बीमा भी कराया गया है। जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने रंगों के साथ खेलने व बेचने पर पूर्ण प्रतिबंध की अपील की है। पुलिस ने मेले को सेक्टरों में बांटकर सुरक्षा व यातायात प्रबंध सुदृढ़ किए हैं।

पाकिस्तान में रमजान के दौरान मुस्लिमों पर अत्याचार, भारत का अफगानिस्तान युद्ध पर स्पष्ट रुख

नई दिल्ली Pakistan-Afghanistan War: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच डूरंड लाइन पर जारी संघर्ष अब एक ऐसी स्थिति में पहुंच गया है जहां से वापसी का रास्ता कूटनीति के बजाय सैन्य ताकत तय कर रही है। शुक्रवार को काबुल, कंधार और पक्तिका में पाकिस्तानी वायुसेना की बमबारी ने पिछले साल कतर और तुर्की की कड़ी मेहनत से कराए गए संघर्षविराम की धज्जियां उड़ा दी हैं। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने एक्स पर घोषणा करते हुए कहा, "हमारा धैर्य अब जवाब दे गया है। अब हमारे बीच खुला युद्ध है।" पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान आतंकवाद का निर्यात कर रहा है, जबकि अफगानिस्तान इसे पाकिस्तान की साम्राज्यवादी सोच करार दे रहा है। ताजा हवाई हमलों के बाद पाकिस्तान ने 130 से अधिक तालिबानी लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया है, जिसे वह रविवार को हुए अफ़गान हमलों का बदला बता रहा है। भारत का क्या है रुख? यद्यपि भारत ने इस ताजा झड़प अभी तक कोई नई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन पिछला स्टैंड पूरी तरह स्पष्ट रहा है। भारत ने हमेशा से अफ़गानिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन किया है और पाकिस्तान की आक्रामकता की निंदा की है। इससे पहले अक्टूबर 2025 में जब तनाव बढ़ा था तब भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कहा था कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक विफलताओं का दोष अपने पड़ोसियों पर मढ़ने का पुराना अभ्यस्त है। आपको बता दें कि उस समय तालिबान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी भारतकी यात्रा पर थे। 22 फरवरी को जब पाकिस्तान ने नांगरहार और पक्तिका में हवाई हमले किए थे तब विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कड़े शब्दों में कहा था, "भारत रमजान के पवित्र महीने के दौरान अफगान क्षेत्र पर पाकिस्तान के हवाई हमलों की कड़ी निंदा करता है, जिसमें महिलाओं और बच्चों सहित आम नागरिक मारे गए हैं।" भारत के साथ बढ़ता तालिबान का तालमेल पाकिस्तान की सबसे बड़ी चिंता अफगानिस्तान और भारत के बीच बढ़ती कूटनीतिक नजदीकी है। पिछले साल अक्टूबर में अफगान विदेश मंत्री मुत्ताकी और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक ने इस्लामाबाद को बेचैन कर दिया था। अपनी बौखलाहट में पाकिस्तान ने आरोप लगाया था कि अफगान धरती पर "भारतीय प्रॉक्सी" सक्रिय हैं, जिसे भारत ने निराधार और बेतुका बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया था। भारत का मानना है कि पाकिस्तान अफ़गानिस्तान द्वारा अपनी संप्रभुता का प्रयोग करने से चिढ़ा हुआ है।

विधानसभा में कांग्रेस विधायक का विरोध, हर्ष फायरिंग पर FIR की कार्रवाई पर किया शीर्षासन, कांग्रेस ने किया वॉकआउट

 भोपाल अपने बयानों और अनोखे अंदाज के लिए चर्चा में रहने वाले श्योपुर विधायक बाबूलाल जंडेल ने आज मध्य प्रदेश विधानसभा परिसर में हलचल मचा दी. खुद पर हुई पुलिसिया कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताते हुए जंडेल ने गांधी प्रतिमा के सामने शीर्षासन कर अपना विरोध दर्ज कराया. हाल ही में महाशिवरात्रि के अवसर पर श्योपुर में निकली शिव बारात के दौरान विधायक बाबूलाल जंडेल का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह कथित तौर पर हर्ष फायरिंग करते नजर आ रहे थे. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने विधायक के खिलाफ FIR दर्ज की थी. कांग्रेस ने इस कार्रवाई को 'षड्यंत्र' करार दिया है. सदन में कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष जानबूझकर विपक्षी विधायकों को निशाना बना रहा है.  शीर्षासन करते हुए बातचीत हैरानी की बात यह रही कि विधायक जंडेल ने शीर्षासन की मुद्रा में रहते हुए ही 'आजतक' से बात की और कहा, "मेरे खिलाफ द्वेषतापूर्वक कार्रवाई की गई है. सिर्फ इसलिए कि मैं विपक्षी दल का विधायक हूँ, मुझे निशाना बनाया जा रहा है. यह लोकतंत्र का अपमान है और मैं अपनी आवाज इसी तरह उठाता रहूंगा." सदन में हंगामा और मांग विधानसभा के अंदर भी कांग्रेस ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया. कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि विधायक जंडेल के खिलाफ दर्ज 'झूठी' FIR को तत्काल निरस्त किया जाए. उन्होंने इसे सरकार की दमनकारी नीति बताया. विधायक बोले- भगवान की खुशी में हर्ष फायर किया कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने कहा कि 15 फरवरी को हमारे क्षेत्र में यज्ञ का कार्यक्रम था। हजारों की संख्या में ब्राह्मण और साधु-संत मौजूद थे। मैंने शिवजी का चौतरा बनाकर विधि-विधान से तीन दिन तक हवन कराया, भगवान की स्थापना करवाई और उसके बाद शिव बारात का कार्यक्रम रखा गया। शिव बारात में पालकियों और घोड़ों पर साधु-संत और ब्राह्मण सवार थे, फूल वर्षा हो रही थी और पटाखे चल रहे थे। मैं भी घोड़े पर सवार था। मेरे पास एक “चढ़ीमार” का एक राउंड था, जो दावत का राउंड होता है। भगवान की खुशी में मैंने एक हर्ष फायर किया। वह सिर्फ एक ही राउंड था। मेरे पास कोई एके 47 नहीं थी। मैं कोई उग्रवादी नहीं हूं, बल्कि यज्ञ का यजमान था। बाबू जंडेल ने कहा– मेरे खिलाफ झूठे केस, आंदोलन करूंगा बाबू जंडेल ने कहा- इससे तीन महीने पहले दिसंबर में मैंने गायों के मुद्दे को लेकर आंदोलन किया था और कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया था, तब भी मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। उन्होंने कहा कि मुझ पर अक्सर एफआईआर दर्ज की जाती हैं, लेकिन हाईकोर्ट ने सात मामलों में मुझे बरी किया है। सभी केस झूठे हैं। अगर सरकार यह केस वापस नहीं लेती है तो मैं गांधी आश्रम में भी आंदोलन करूंगा और सड़क पर उतरकर भी आंदोलन करूंगा। मुझे जेल जाने का कोई डर नहीं है। जयवर्धन सिंह बोले- सीएम के संरक्षण में अवैध कॉलोनियां बन रही कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के संरक्षण में अवैध कॉलोनियां और बिल्डर लगातार अवैध कॉलोनियों का विस्तार कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है, जिससे अवैध निर्माण को बढ़ावा मिल रहा है। इसे लेकर सीधी विधायक रीति पाठक ने भी सदन में सवाल किया। इसके जवाब में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने के लिए तीन महीने के भीतर कड़ा कानून लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य अवैध कॉलोनियों के निर्माण को रोकना है। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि अवैध कॉलोनियां बनाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ध्यानाकर्षण में ये मुख्य मुद्दे उठाएंगे विधायक     डिंडोरी विधायक ओमकार सिंह मरकाम प्रदेश में धान खरीदी के लिए सर्वर न चलने से किसानों के स्लॉट बुक न होने से आ रही परेशानी को सदन में रखेंगे।     खातेगांव विधायक आशीष शर्मा खातेगांव क्षेत्र के फॉरेस्ट एरिया में किसानों के खिलाफ दर्ज किए गए झूठे मुकद्मों का मामला उठाएंगे।     राजगढ़ से बीजेपी विधायक अमर सिंह यादव प्रदेश में राजस्व अधिकारियों द्वारा भूमिहीन और गरीबों के लिए पट्‌टे और धारणाधिकार का काम समय पर न होने का मामला उठाएंगे।     नर्मदापुरम विधायक डॉ सीताशरण शर्मा प्रदेश में अतिथि विद्वानों को मानदेय न मिलने का मुद्दा उठाएंगे।     मुरैना विधायक दिनेश गुर्जर प्रदेश में राजस्व विभाग के अंतर्गत भू संसाधन प्रबंधन विभाग के जूनियर डाटा एंट्री ऑपरेटर्स का जिला मुख्यालयों पर अटैचमेंट किए जाने का मामला उठाएंगे।     जौरा विधायक पंकज उपाध्याय प्रदेश में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) नीति और पीएम ई ड्राइव के क्रियान्वयन में नीति का पालन न करने का मामला उठाएंगे।     नागदा-खाचरोद विधायक डॉ तेज बहादुर सिंह चौहान उज्जैन जावरा रोड पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं से मौतों का मामला उठाएंगे।     भितरवार विधायक मोहन सिंह राठौर प्रदेश भर में राजस्व अभिलेखों का कम्प्यूटराइजेशन और रिकॉर्ड में सुधार की समस्या उठाएंगे।     पोहरी से कांग्रेस विधायक कैलाश कुशवाह प्रदेश में खाद संकट और यूरिया-डीएपी खाद के दामों में बढ़ोत्तरी करने से किसानों पर आए आर्थिक बोझ का मुद्दा उठाएंगे।

मंत्री जायसवाल ने कहा, व्यावहारिक कौशल से समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाएंगे चिकित्सक

रायपुर : व्यावहारिक कौशल से समाज के अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में चिकित्सक निभाएंगे अग्रणी भूमिका – मंत्री जायसवाल रायपुर में पी. जी. डिप्लोमा इन फैमिली मेडिसिन का दीक्षांत समारोह संपन्न स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने डॉक्टरों को दिया प्रमाणपत्र रायपुर राजधानी रायपुर के सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस में क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज, वेल्लोर द्वारा आयोजित पी. जी. डिप्लोमा इन फैमिली मेडिसिन के दीक्षांत समारोह का आयोजन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने समारोह में सफलतापूर्वक डिप्लोमा पाठ्यक्रम पूर्ण करने वाले सभी डॉक्टरों को प्रमाणपत्र प्रदान किया। रायपुर में पी. जी. डिप्लोमा इन फैमिली मेडिसिन का दीक्षांत समारोह संपन्न स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि यह पाठ्यक्रम चिकित्सा पेशेवरों की उत्कृष्ट शिक्षा, समर्पण एवं सेवा भावना को मान्यता प्रदान करता है। फैमिली मेडिसिन की यह विशेष प्रशिक्षण व्यवस्था न केवल चिकित्सकों के कौशल को सुदृढ़ करती है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने संदेश में कहा कि संस्थान से प्राप्त ज्ञान और व्यावहारिक कौशल के माध्यम से ये सभी चिकित्सक समाज के अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में अग्रणी भूमिका निभाएंगे तथा प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने में योगदान देंगे। समारोह के दौरान डिप्लोमा प्राप्त करने वाले सभी डॉक्टरों को उनकी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं।

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ा तनाव, सऊदी को फोन कर पाकिस्तान ने जंग की संभावना जताई

काबुल पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. पाकिस्तान की ओर से 22 फरवरी को अफगानिस्तान में कथित TTP ठिकानों पर हमला किया गया था. अफगानिस्तान ने चेतावनी दी थी कि इसका पलटवार होगा. गुरुवार देर रात अफगान तालिबान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी. सीमा पर गोलीबारी और मोर्टार अटैक हुए. जवाब में पाकिस्तान ने फिर हवाई हमले किए हैं. अफगानिस्तान की टोलो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक अफगान सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान एयर फोर्स के लड़ाकू विमानों ने नंगरहार प्रांत में हवाई हमले किए. सुरक्षा सूत्रों ने स्थानीय मीडिया को बताया कि पाकिस्तानी विमान अफगान हवाई क्षेत्र में घुस आया था, जिसे अफगान बलों ने निशाना बनाया और मार गिराया. हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है. अफगान पक्ष का कहना है कि पाकिस्तान ने काबुल, कंधार और पक्तिया जैसे इलाकों में भी बमबारी की. इस्लामिक अमीरात के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया पर पुष्टि की कि पाकिस्तानी सैन्य शासन ने कुछ स्थानों पर हमले किए. हालांकि उन्होंने कहा कि इन हमलों में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ. वहीं पाकिस्तान का दावा है कि उसे पहले अफगान तालिबान की ओर से ‘बिना उकसावे की गोलीबारी’ का सामना करना पड़ा और जवाब में उसने कार्रवाई की. पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय और प्रधानमंत्री के प्रवक्ता ने कहा कि जवाबी कार्रवाई में अफगान तालिबान के 133 लड़ाके मारे गए और 200 से अधिक घायल हुए. साथ ही कई सैन्य ठिकाने और गोला-बारूद डिपो नष्ट कर दिए गए. लेकिन अफगानिस्तान के नजरिए से देखा जाए तो मामला अलग है. काबुल का कहना है कि पाकिस्तान बार-बार सीमा पार हमले कर अफगान संप्रभुता का उल्लंघन कर रहा है. अफगान अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है बल्कि क्षेत्रीय शांति के लिए भी खतरा है. पाकिस्तान-अफगानिस्तान संघर्ष पर चीन ने जताई चिंता अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच जारी गोलीबारी पर चीन ने गहरी चिंता जताई है. चीन ने दोनों देशों से संयम बरतने और तुरंत युद्धविराम करने की अपील की है. चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि दोनों पक्ष शांत रहें, हालात को न बढ़ाएं और जल्द से जल्द संघर्ष विराम लागू करें ताकि और खून-खराबा न हो. उन्होंने यह भी बताया कि चीन का विदेश मंत्रालय और पाकिस्तान व अफगानिस्तान स्थित उसके दूतावास दोनों देशों के संबंधित पक्षों के संपर्क में हैं.  पाकिस्तान ने सऊदी को घुमाया फोन पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव के बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री से फोन पर बात की है. बातचीत में मौजूदा हालात और क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की गई.  PM शहबाज शरीफ की गीदड़भभकी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि उनकी सेना किसी भी ‘आक्रामक मंसूबे’ को कुचलने की पूरी क्षमता रखती है. यह बयान उस रात के बाद आया जब इस्लामाबाद ने काबुल, कंधार और पक्तिया के कुछ हिस्सों में हवाई हमले किए. सीमा पार झड़पें शुक्रवार को और तेज हो गईं. पाकिस्तान ने हमलों के बाद काबुल के खिलाफ ‘खुली जंग’ का ऐलान कर दिया, जिससे दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है.  अफगानिस्तान-पाकिस्तान में पहले भी हुआ तनाव अफगानिस्तान और पाकिस्तान के रिश्ते पिछले कुछ महीनों में लगातार बिगड़ते गए हैं. अक्टूबर में हुई घातक झड़पों में दोनों तरफ 70 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद से ज्यादातर जमीनी सीमा पार रास्ते बंद पड़े हैं. इस्लामाबाद अफगानिस्तान पर आरोप लगाता है कि वह पाकिस्तान में हमले करने वाले उग्रवादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा, जबकि तालिबान सरकार इन आरोपों से इनकार करती है. कतर और तुर्की की मध्यस्थता में शुरुआती युद्धविराम के बाद कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समझौता नहीं हो सका है.  

अमृतसर में बम धमकी से हड़कंप, स्कूलों और शताब्दी एक्सप्रेस के परिसरों में की गई सघन तलाशी

अमृतसर  अमृतसर में स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। शहर के एक या अधिक स्कूलों को धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें स्कूल को बम से उड़ाने की बात कही गई है। साथ ही शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अमृतसर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। ईमेल भेजने वाले की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्कूल प्रशासन को सूचना मिलते ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। कई जगहों पर छात्रों को सुरक्षित निकाला गया और परिसर की जांच के लिए बम निरोधक दस्ता (बम स्क्वॉड) बुलाया गया। अभिभावकों को सूचित किया गया कि वे अपने बच्चों को घर ले जाएं, जिससे स्कूलों के बाहर भीड़ जमा हो गई। यह पहली बार नहीं है जब अमृतसर के स्कूलों को ऐसी धमकियां मिली हैं। इससे पहले भी कई बार शहर के विभिन्न स्कूलों को इसी तरह के बम धमकी वाले ईमेल प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से ज्यादातर मामलों में जांच के बाद धमकियां झूठी साबित हुईं। पंजाब के अन्य शहरों जैसे चंडीगढ़, जालंधर और पटियाला में भी हाल के महीनों में स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी भवनों को इसी तरह की धमकियां मिली हैं, जो अक्सर होक्स (झूठी) निकलती हैं। इन घटनाओं से लोगों में दहशत फैलती है और सुरक्षा बलों को भारी संसाधन लगाने पड़ते हैं। अधिकारियों के मुताबिक, हर धमकी को गंभीरता से लिया जा रहा है। भले ही पहले के मामले फर्जी साबित हुए हों। साइबर सेल सक्रिय रूप से ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और जांच जारी है। ऐसी घटनाएं बच्चों की सुरक्षा और अभिभावकों की चिंता को बढ़ाती हैं, इसलिए प्रशासन हरसंभव कदम उठा रहा है ताकि कोई अनहोनी न हो।

Salary को लेकर पंजाब सरकार का बड़ा ऐलान, जानें किसे मिलेगा फायदा

बुढलाडा माननीय हाई कोर्ट का ऑर्डर जारी होने के 1 महीने बाद भी ETT 6635 टीचरों की सैलरी तय न होने की वजह से लगातार लेट हो रही है। सैलरी में देरी की मुख्य वजहें ब्लॉक ऑफिसों द्वारा जिला ऑफिसों के ऑर्डर को नज़रअंदाज़ करना, सही समय पर जिला ऑफिस से कोऑर्डिनेट करके सही रिपोर्ट जमा न करना भी हैं। ETT 6635 टीचर यूनियन के नेता बार-बार ब्लॉक और जिला ऑफिसों के चक्कर लगा चुके हैं। इससे पहले इस बारे में दो बार एजुकेशन डिपार्टमेंट के डायरेक्टर एलिमेंट्री एजुकेशन को मेमोरेंडम दिया जा चुका है, लेकिन 1 महीना बीत जाने के बाद भी कोई सही हल नहीं निकला है जिससे सैलरी को लेकर हलचल मच गई है। उन्होंने कहा कि छठे कमीशन के लिए लड़ाई लगातार जारी रहेगी और वह संघर्ष करते रहेंगे। इसलिए अब ईटीटी 6635 टीचर्स यूनियन स्टेट कमेटी ने ऑनलाइन मीटिंग में फैसला लिया है कि अगर 3 मार्च 2026 तक कोई सार्थक हल नहीं निकला तो 5 मार्च को डायरेक्टर एजुकेशन डिपार्टमेंट के ऑफिस के सामने बड़े लेवल पर रोष प्रदर्शन किया जाएगा। इस ऑनलाइन मीटिंग में स्टेट प्रेसिडेंट दीपक कंबोज, शलिंद्र कंबोज, कुलदीप खोखर, निर्मल जीरा, रविंदर कंबोज, राज सुखविंदर सिंह, जग्गा बोहा, मंदीप बटाला, बूटा मानसा, देस राज, सुमित कंबोज, दानिश भट्टी और दीप बनारसी नेता मौजूद थे।

सुरक्षाबलों ने नक्सलगढ़ पुरंगेल में पेश की मानवता की मिसाल, आग से झुलसी महिला को बचाने के लिए चारपाई पर किया रेस्क्यू

  दंतेवाड़ा दंतेवाड़ा जिले के नक्सल प्रभावित अंदरूनी क्षेत्र पुरंगेल गांव में नक्सल सर्चिंग पर निकले एसटीएफ जवानों ने मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए एक गंभीर रूप से आग से झुलसी ग्रामीण महिला की जान बचाई. सुरक्षा बल जहां एक ओर नक्सल अभियान चला रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों की मदद कर भरोसे की नई तस्वीर भी पेश कर रहे हैं. 10-15 दिन पहले आग में जल गई थी महिला जानकारी के अनुसार एसटीएफ की टीम नक्सल ऑपरेशन के तहत बीजापुर से दंतेवाड़ा के दुर्गम जंगलों में सर्चिंग कर रही थी. इसी दौरान जवान जब नक्सलगढ़ माने जाने वाले पुरंगेल गांव पहुंचे, तब उन्हें एक महिला की गंभीर हालत की सूचना मिली. मौके पर पहुंचने पर पता चला कि महिला करीब 10-15 दिन पहले आग तापते समय दुर्घटनावश आग में गिर गई थी, जिससे कमर से ऊपर तक उसका शरीर बुरी तरह झुलस गया था. दूरस्थ इलाके और इलाज की सुविधा नहीं मिलने के कारण उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी. चारपाई के सहारे पहुंचाया महिला की स्थिति देखकर एसटीएफ कंपनी कमांडर ओम प्रकाश सेन और उनकी टीम ने तुरंत मानवीय पहल करते हुए रेस्क्यू शुरू किया. जवानों ने दुर्गम जंगल और पहाड़ी रास्तों के बीच चारपाई को कावड़ की तरह इस्तेमाल कर महिला को कई किलोमीटर पैदल सुरक्षित बाहर निकाला और हिरोली गांव तक पहुंचाया. वहां पहले से बुलाई गई एंबुलेंस के जरिए घायल महिला को किरंदुल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल दंतेवाड़ा रेफर किया गया. तीन माह के मासूम बच्चे की देखभाल की कराई व्यवस्था डॉक्टरों के अनुसार महिला लगभग 40 से 50 प्रतिशत तक झुलस चुकी थी और समय पर इलाज न मिलने से घाव गंभीर हो चुके थे. जवानों ने महिला के तीन माह के मासूम बच्चे की देखभाल की भी व्यवस्था कराई और अस्पताल प्रशासन से समन्वय बनाकर उपचार सुनिश्चित कराया. एसटीएफ अधिकारियों ने जवानों के इस कार्य को मानवता और कर्तव्य का उत्कृष्ट उदाहरण बताया. स्थानीय ग्रामीणों और प्रशासन ने भी जवानों की संवेदनशील पहल की सराहना करते हुए इसे सुरक्षा बल और ग्रामीणों के बीच बढ़ते विश्वास का प्रतीक बताया है.

बांग्लादेश में भूकंप के तेज झटके, पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में महसूस हुआ असर

कोलकाता पश्चिम बंगाल के कोलकाता सहित कई शहरों में शुक्रवार दोपहर (27 फरवरी) को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। बताया जा रहा है कि रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.4 रही। भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग दहशत के चलते घरों से बाहर आ गए। जानकारी के मुताबिक कोलकाता में दोपहर करीब 1.20 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए, जो रिपोट्स के अनुसार बांग्लादेश में केंद्रित भूकंप का नतीजा था। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार यूरोपीय भूमध्यसागरीय भूकंपीय केंद्र (ईएमएससी) ने बताया कि शुक्रवार को बांग्लादेश में 5.4 तीव्रता का भूकंप आया। ईएमएससी ने बताया कि भूकंप का केंद्र 35 किलोमीटर (21.75 मील) की गहराई पर था। बांग्लादेश के ढाका के अगरगांव स्थित बीएमडी भूकंपीय केंद्र से दक्षिण-पश्चिम पश्चिम बंगाल में रिक्टर स्केल पर 5.4 तीव्रता का भूकंप आया। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में भी झटके महसूस किए गए। कोलकाता शहर से सामने आए वीडियो में लोग अपने घरों से बाहर भागते दिखाई दिए। 'सोफा और पंखा हिल रहे थे, हम भागने लगे' कोलकाता के एक स्थानीय ने बताया कि हम अपने सोफे पर बैठे थे, जब हमें अचानक झटके महसूस हुए। हम अपने घर से बाहर भागे। सोफा और पंखा हिल रहे थे, टेबल पर रखी एक बोतल नीचे गिर गई। हम सब नीचे भागे। फिलहाल अभी किसी नुकसान की खबर नहीं वहीं सोशल मीडिया पर भी भूकंप को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया सामने आई। यूजर्स ने बताया कि उन्होंने भूकंप के तेज झटके महसूस किए और अपने घरों में पंखे और अन्य चीजें हिलती हुई देखीं। फिलहाल अभी तक किसी के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की कोई खबर नहीं है।

झीरम हमले का मास्टरमाइंड चैतू और अन्य सरेंडर नक्सली विधानसभा में पहुंचे, देखी कार्यवाही

रायपुर  छत्तीसगढ़ के 120 सरेंडर नक्सली आज विधानसभा की कार्यवाही देखने पहुंचे हैं। इनमें 1 करोड़ का इनामी पूर्व नक्सली रुपेश भी शामिल है। वहीं, झीरम हमले का मास्टरमांड, 25 लाख इनामी चैतू भी कार्यवाही देखने आया है। 3 महीने पहले इसने जगदलपुर में सरेंडर किया था। इससे पहले गुरुवार रात ये सभी नक्सली डिप्टी सीएम विजय शर्मा के निवास पर डिनर के लिए पहुंचे थे। निवास पर उनके लिए रेड कार्पेट बिछाया गया था और फूलों से स्वागत किया गया। वहीं, सदन में आज विधायक पुन्नूलाल मोहले ने किसानों से जुड़ा मुद्दा उठाया। इसके साथ ही कांग्रेस विधायकों के सवाल पर वित्त मंत्री के जवाब के बाद हंगामा हुआ। विपक्ष ने विकास कार्यों की स्वीकृति मांगी। जवाब पर विपक्ष ने वॉकआउट किया। विजय शर्मा के बंगले पर मेहमान बने पूर्व नक्सली छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गुरुवार रात एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जो बस्तर के बदलते मिजाज की गवाही दे रही है। सूबे के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा के निवास पर सवा सौ से अधिक उन 'भाई-बहनों' का जमावड़ा लगा, जो कभी लाल आतंक की राह पर थे। यह महज एक डिनर कार्यक्रम नहीं था, बल्कि उन भटके हुए युवाओं को यह अहसास कराने की कोशिश थी कि लोकतंत्र में उनका स्वागत है। डिप्टी सीएम ने प्रोटोकॉल किनारे रखकर इन पुनर्वासित नक्सलियों के साथ बैठकर खाना खाया और उनसे संवाद किया। डेप्युटी सीएम ने पूछा 'रायपुर में कहां-कहां घूमे?' डिनर के दौरान विजय शर्मा ने एक-एक कर सभी से बात की, उनके रायपुर आने के अनुभव पूछे और मजाकिया अंदाज में यह भी पूछा कि उन्हें शहर कैसा लगा। जब एक युवक ने बताया कि वह दो दिन पहले ही आया है, तो डिप्टी सीएम ने उन्हें शहर के दर्शनीय स्थलों का आनंद लेने की सलाह दी। इस दौरान माहौल इतना सहज था कि किसी को अहसास ही नहीं हुआ कि ये वही लोग हैं जो कभी सुरक्षाबलों के लिए चुनौती बने हुए थे। आज विधानसभा देखेंगे पूर्व नक्सली इस पूरे दौरे का सबसे अहम पड़ाव शुक्रवार को होने वाला है। खबर है कि ये आत्मसमर्पित नक्सली छत्तीसगढ़ विधानसभा जाएंगे। वे न केवल विधानसभा की भव्य इमारत को देखेंगे, बल्कि सदन की कार्यवाही के भी साक्षी बनेंगे। यह कदम उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को समझने और व्यवस्था पर भरोसा कायम करने में बड़ी मदद करेगा। गृह मंत्री ने विधानसभा में खुद जानकारी दी कि अब तक 2,937 नक्सली पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर मुख्यधारा में लौट चुके हैं। 31 मार्च की डेडलाइन और बदलता बस्तर यह कार्यक्रम ऐसे समय में हुआ है जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा दी गई नक्सलवाद के खात्मे की 31 मार्च 2026 की डेडलाइन में अब एक महीने से भी कम समय बचा है। हाल ही में बड़े कमांडर देवजी के सरेंडर और रिकॉर्ड तोड़ पुनर्वास के आंकड़ों ने सरकार के हौसले बुलंद कर दिए हैं। प्रशासन का दावा है कि आत्मसमर्पित नक्सलियों पर इनाम की कुल 5.64 करोड़ रुपये की राशि उनके पुनर्वास और बेहतर भविष्य के लिए उपयोग की जा रही है।