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लाडोवाल टोल प्लाजा हुआ फ्री, किसानों के प्रदर्शन से वाहनों को मिली राहत

लुधियाना अपनी समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान दिलाने के लिए किसानों ने पंजाब के सबसे महंगे टोल प्लाजा को फ्री करवा दिया। इस दौरान मौके पर किसानों और चालकों ने टोल कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए। किसानों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसी कारण आज उन्होंने लाडोवाल टोल प्लाजा को मुफ्त करवाया। किसानों ने मांग की कि बेअदबी की घटनाओं में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कानून बनाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। वहीं एक ड्राइवर ने आरोप लगाया कि देर रात सब्जियों से भरी किसानों की गाड़ियों को निकालने के दौरान टोल कर्मचारी उन्हें परेशान करते हैं। ड्राइवर का कहना है कि कई बार टोल कर्मियों द्वारा लोगों के साथ गलत और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल भी किया जाता है। किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।

हॉलीवुड के मौके को ठुकराया दीपिका ने, ऑडिशन की चुनौती ने बनाई दूरी

मुंबई  बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण हिंदी सिनेमा की टॉप एक्ट्रेसेज में शुमार होती हैं. उनकी हर फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर तगड़ा रिस्पॉन्स मिलता है. यही कारण है कि दीपिका की झोली में बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स आते रहते हैं. कुछ ही वक्त पहले ये खबर सामने आने लगी थी कि दीपिका हॉलीवुड में एक नए प्रोजेक्ट से वापसी करने वाली हैं.  दीपिका को ऑफर हुआ कौनसा प्रोजेक्ट? दीपिका पादुकोण को हॉलीवुड की पॉपुलर ब्लैक कॉमेडी सीरीज 'द व्हाइट लोटस' के चौथे सीजन में कास्ट करने की बात कही जा रही थी. सीरीज के मेकर्स उन्हें अपने प्रोजेक्ट में शामिल करना चाहते थे. वो इसके लिए एक्ट्रेस को अप्रोच भी करने वाले थे. मगर दीपिका ने इसका हिस्सा बनने से इनकार कर दिया.  वैराइटी इंडिया की रिपोर्ट अनुसार, दीपिका ने 'द व्हाइट लोटस' सीरीज इसलिए ठुकरा दी, क्योंकि वो अपने रोल के लिए ऑडिशन नहीं देना चाहती थीं. सूत्रों के मुताबिक, सीरीज के मेकर्स कास्टिंग से पहले ऑडिशन लेना चाहते थे. लेकिन दीपिका को इसमें कोई दिलचस्पी नहीं थी. सूत्रों ने कहा, 'द व्हाइट लोटस HBO की एक बहुत मशहूर अमेरिकी टीवी सीरीज है. इसमें एक्टर चुनने के लिए ऑडिशन करना बहुत जरूरी होता है. मेकर्स हर एक्टर से ऑडिशन लेते हैं, चाहे वो कितना भी बड़ा नाम क्यों ना हो.' 'दीपिका पादुकोण को इस सीरीज के चौथे सीजन में रोल ऑफर किया गया था. लेकिन एक्ट्रेस ने ऑडिशन देने में दिलचस्पी नहीं दिखाई. इसलिए ये मौका छूट गया. रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि ये पहली बार नहीं था, जब दीपिका को द व्हाइट लोटस सीरीज का ऑफर आया हो. उन्हें पहले तीसरे सीजन में भी रोल का ऑफर आया था, लेकिन तब दीपिका प्रेग्नेंट थीं, इसलिए वो नहीं कर पाईं. अब चौथा सीजन बन रहा है तो फिर से कोशिश की गई, लेकिन फिर ऑडिशन ना देने की वजह से मौका पास हो गया.' फिर टली हॉलीवुड में दीपिका की वापसी 'द व्हाइट लोटस' ने Emmy अवॉर्ड भी जीता हुआ है. इसकी पॉपुलैरिटी अमेरिका में काफी ज्यादा है. अगर दीपिका इस सीरीज का हिस्सा होतीं, तो उनकी पॉपुलैरिटी भी काफी ज्यादा होती. मगर अब उनके इस प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं बनने से उनके फैंस काफी निराश होंगे. दीपिका इससे पहले साल 2017 में विन डीजल की मूवी XXX: Return of Xander Cage में नजर आई थीं, जिससे उनकी पॉपुलैरिटी में जबरदस्त इजाफा हुआ था. मगर इसके बाद से वो हॉलीवुड के किसी भी प्रोजेक्ट में नहीं दिखीं.  बात करें दीपिका पादुकोण के अपकमिंग प्रोजेक्ट्स की, तो वो शाहरुख खान की फिल्म किंग में नजर आएंगी. इसके अलावा वो जवान डायरेक्टर एटली और अल्लू अर्जुन की पैन-इंडिया फिल्म में भी दिखेंगी, जिसे साल 2027 तक रिलीज करने की बात चल रही है.

SBI में महिला कैशियर की बड़ी चोरी, 2.6 करोड़ की हेराफेरी के बाद फरार थी, ACB ने किया गिरफ्तार

बिलासपुर  भारतीय स्टेट बैंक के बिल्हा ब्रांच में 2 करोड़ 6 लाख 37 हजार 600 रुपये के गबन का मामला सामने आया है। बैंक प्रबंधन की ओर से इसकी शिकायत एसीबी में की गई थी। शिकायत की जांच के बाद एसीबी की टीम ने बैंक के तत्कालीन कैशियर को गिरफ्तार किया है। आरोपी को रिमांड पर लेकर एसीबी की टीम आगे की पूछताछ करेगी। बिल्हा स्थित भारतीय स्टेट बैंक के ब्रांच मैनेजर पीयूष बारा ने एसीबी मुख्यालय में आर्थिक अनियमितता की शिकायत की थी। इसमें बताया गया कि बैंक के कर्मचारियों ने मिलकर 19 दिसंबर 2024 से दो जनवरी 2025 के बीच बैंक खातों और रिकॉर्ड में गड़बड़ी कर दो करोड़ छै लाख सैंतीस हजार 600 का गबन किया है। बैंक की ओर से किए गए आंतरिक जांच में तत्कालीन कैशियर तेजवथ थीरापतम्मा की भूमिका सामने आई थी। इस पर एसीबी ने 19 जनवरी को बैंक की कैशियर तेजवथ थीरापतम्मा के खिलाफ धारा 13 (1) A,13(2) पीसी एक्ट व बीएनएस की धारा 316(5), 318(4),61(2), 338, 336(3), 340(2) के तहत जुर्म दर्ज कर लिया। इस बीच आरोपित कैशियर अपने ठिकाने से फरार हो गई थीं। इस पर एसीबी की ओर से उनकी तलाश की जा रही थी। इसी बीच गुरुवार को सूचना मिली कि कैशियर तेजवथ थीरापतम्मा बिल्हा किसी काम से आई हैं। तब एसीबी की टीम ने घेराबंदी कर कैशियर को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार कैशियर को एसीबी की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया है। उन्हें रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ की जाएगी। निलंबन के बाद से हैं गायब बैंक में आर्थिक अनियमितता की जानकारी मिलने पर प्रबंधन की ओर से जांच कराई गई। प्राथमिक जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर कैशियर तेजवथ को जून 2025 में निलंबित कर रिजनल बिजनेस आफिस जगदलपुर में अटैच कर दिया गया। इसके बाद से वे गायब हो गईं। कैशियर मूल रूप से आंध्रप्रदेश के खम्मन जिले की रहने वाली हैं। एसीबी की टीम ने वहां पर भी उनकी जानकारी जुटाई थी। खुद को बचाने बैंक के खर्च में जोड़ दी रकम बैंक की तत्कालीन कैशियर ने गबन की राशि को कई लोगों के खाते में ट्रांसफर किया था। अपनी गलती को छुपाने के लिए उन्होंने रुपयों को बैंक की सेवाओं जैसे पेय पदार्थ, भोजन, किराया और रखरखाव के मद में खर्च करना बताया। जांच में पूरी गड़बड़ी सामने आ गई। इसके बाद एसीबी में शिकायत की गई। एसीबी ने कैशियर का मोबाइल भी जब्त किया है। इसकी जांच में कई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है।

बिलासपुर हादसा: ट्रेलर की टक्कर से 4 की मौत, परिवार सालगिरह मनाकर लौट रहा था, शव गैस कटर से निकाले गए

बिलासपुर  बिलासपुर में रायपुर-रतनपुर नेशनल हाईवे पर ग्राम सम्बलपुरी स्थित यादव ढाबा के सामने तेज रफ्तार ट्रेलर और स्कॉर्पियो की आमने-सामने टक्कर में चार लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है। घायल को सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया. देर रात करीब 2 बजे ट्रेलर (CG 11 BD 9044) सकरी-रतनपुर की ओर से रायपुर जा रहा था। इसी दौरान ट्रेलर अनियंत्रित होकर रॉन्ग साइड में पहुंच गया और सामने से आ रही स्कॉर्पियो (CG 04 MQ 4220) को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रेलर पास में खड़े एक अन्य ट्रेलर को भी अपनी चपेट में लेते हुए पलट गया। स्कॉर्पियो बुरी तरह डैमेज हो गई और उसमें सवार लोग वाहन के अंदर फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही सकरी पुलिस मौके पर पहुंची। वाहन में फंसे लोगों को निकालने के लिए गैस कटर का सहारा लिया गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला गया, तब तक चार लोगों की मौत हो चुकी थी। सालगिरह मनाकर लौट रहा था परिवार बताया जा रहा है कि स्कॉर्पियो में पांच लोग सवार थे, जो यादव ढाबा में आयोजित एक पारिवारिक शादी की 25वीं सालगिरह के कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। कार्यक्रम से लौटते ही कुछ ही दूरी पर यह दर्दनाक हादसा हो गया। कैसे हुआ हादसा? प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बिलासपुर-रायपुर रोड पर तेज रफ्तार से आ रहे ट्रेलर ने सामने से आ रही स्कॉर्पियो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कॉर्पियो के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोग बुरी तरह फंस गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला। घायल युवक को गंभीर हालत में अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। मृतकों की पहचान में जुटी पुलिस मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक सभी मृतक तखतपुर-मुंगेली क्षेत्र के बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद हाईवे पर कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बन गई थी। ट्रेलर चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि तेज रफ्तार और लापरवाही इसकी वजह हो सकती है।

पानी पर सख्ती: पंजाब के 111 ब्लॉक ‘अत्यधिक दोहन’ क्षेत्र, ट्यूबवेल के लिए NOC बंद

चंडीगढ़ जलशक्ति मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में वार्षिक जल पुनर्भरण 18.60 अरब घन मीटर है, जबकि भूजल निष्कर्षण 26.27 अरब घन मीटर तक पहुंच गया है। यानी पुनर्भरण से 7.67 अरब घन मीटर अधिक दोहन हो रहा है। पंजाब में भूजल दोहन खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। जल स्रोत विभाग ने 23 जिलों के 111 ब्लॉकों को अत्यधिक दोहन (ओवरएक्सप्लॉइटेड) श्रेणी में अधिसूचित कर दिया है, जबकि 10 ब्लॉकों को गंभीर श्रेणी में रखा गया है। विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के बाद इन क्षेत्रों में नए ट्यूबवेल के लिए एनओसी नहीं दी जाएगी। भूजल का अत्यधिक उपयोग करने वाली फैक्टरियों पर भी सख्ती की जाएगी। अधिसूचना के अनुसार 15 ब्लॉक अर्द्ध-गंभीर और केवल 17 ब्लॉक सुरक्षित श्रेणी में हैं। यह सूची कृषि एवं किसान कल्याण विभाग और केंद्रीय भूजल बोर्ड (सीजीडब्ल्यूबी) के सहयोग से तैयार भूजल आकलन रिपोर्ट के आधार पर बनाई गई है। अमृतसर, बरनाला, बठिंडा, फरीदकोट, फतेहगढ़ साहिब, फिरोजपुर, गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, कपूरथला, लुधियाना, मालेरकोटला, मानसा, मोगा, पटियाला, मोहाली, एसबीएस नगर, संगरूर, तरनतारन और रूपनगर में हालात अधिक चिंताजनक हैं। रिचार्ज से 7.67 अरब घन मीटर अधिक दोहन जलशक्ति मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में वार्षिक जल पुनर्भरण 18.60 अरब घन मीटर है, जबकि भूजल निष्कर्षण 26.27 अरब घन मीटर तक पहुंच गया है। यानी पुनर्भरण से 7.67 अरब घन मीटर अधिक दोहन हो रहा है। सरकार का कहना है कि अब भूजल संसाधनों के सतत प्रबंधन की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। नहरी पानी और फसल विविधीकरण पर फोकस भूजल पर निर्भरता कम करने के लिए नहरी पानी की आपूर्ति बढ़ाई जा रही है। सरहिंद फीडर नहर की रिलाइनिंग परियोजना पूरी की जा चुकी है। देवीगढ़ डिवीजन में नौ नई नहरों का निर्माण हुआ है, जबकि मालवा नहर परियोजना पर काम जारी है। राज्य में 545 किलोमीटर लंबी 79 नहरों को दोबारा शुरू किया गया है और नहरों व खालों के बुनियादी ढांचे पर 4557 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। साथ ही धान के रकबे को घटाने के लिए फसल विविधीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार का कदम सराहनीय है, लेकिन भूजल संकट से निपटने के लिए सख्त प्रतिबंध जरूरी हैं। जिन क्षेत्रों में नहरी पानी उपलब्ध है, वहां किसानों को इसके उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। – हर्ष नैयर, प्रोफेसर, पंजाब विश्वविद्यालय पंजाब को रेगिस्तान बनने से बचाना है इसलिए 111 ब्लॉकों में नए ट्यूबवेल की एनओसी नहीं दी जाएगी। चरणबद्ध तरीके से सख्ती लागू होगी और जहां नहरी पानी उपलब्ध है, वहां पहले प्रतिबंध लागू किए जाएंगे। – बरिंदर गोयल, जल संसाधन मंत्री, पंजाब सरकार

मुंगेली में जल जीवन मिशन का असर: 1135 ग्रामीणों को घर-घर नल कनेक्शन से मिल रहा स्वच्छ पेयजल

मुंगेली : विशेष लेख : जल जीवन मिशन: घर-घर नल कनेक्शन से 1135 ग्रामीणों को मिल रहा स्वच्छ पेयजल ग्राम करही में पेयजल की समस्या का हुआ स्थायी समाधान मुंगेली   शासन की महत्वकांक्षी जल जीवन मिशन अंतर्गत जिले में कलेक्टर  कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार हर घर जल पहुंचाने लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में पथरिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम करही में 254 घरों और लगभग 01 हजार 135 से अधिक ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है। इस गांव में जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन ने पेयजल व्यवस्था की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। जो गांव कभी 05 हैंडपंप और 05 पावर पंप पर निर्भर था, आज वहां प्रत्येक घर में नल से नियमित, स्वच्छ और पर्याप्त पानी उपलब्ध हो रहा है। अब ग्राम करही में पानी के लिए न कतार है, न भागदौड़ और न ही चिंता।           पूर्व में जलस्तर कम होने पर गांव में पानी की भारी किल्लत हो जाती थी। विशेषकर गर्मी के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती थी। महिलाओं को दूरस्थ स्थानों तक पानी लाने जाना पड़ता था और लंबी कतारों में घंटों इंतजार करना पड़ता था। इससे घरेलू कार्यों में देरी होती थी और मजदूरी तथा खेती-किसानी का कार्य भी प्रभावित होता था। गांव की महिलाओं के लिए यह केवल पानी की समस्या नहीं थी, बल्कि समय, श्रम और सम्मान से जुड़ा प्रश्न था, लेकिन जब से जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूरे गांव में पाइपलाइन का विस्तार कर प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन पहुंचाया गया है, तब से सभी परिवारों को घर बैठे स्वच्छ पेयजल मिल रहा है। पानी के लिए होने वाली रोज़मर्रा की भागदौड़ समाप्त हो गई है और ग्रामीणों की दिनचर्या व्यवस्थित हो गई है। ग्राम की निवासी अंजीरा राजपूत, जानकी नेताम, गणेशिया यादव और सुखमनी यादव ने कहा कि अब उन्हें पानी के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता। वे अपने घरेलू कार्य समय पर पूरा कर पा रही हैं और खेतों व मजदूरी कार्यों के लिए भी समय पर निकल पाती हैं।    ग्राम की सरपंच मती कमलेश बंजारे के अनुसार योजना के सफल संचालन और संधारण के लिए जल कर संग्रह की व्यवस्था की गई है। नियमित देखरेख और सामुदायिक सहभागिता से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी ग्रामीणों को समय पर और पर्याप्त पानी मिलता रहे। पथरिया के जनपद सदस्य  संजीव नेताम ने कहा कि अब ग्रामीणों के दरवाजे पर ही पानी उपलब्ध है, जिससे वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का समाधान हो गया है। उन्होंने इस योजना को ग्राम करही के लिए वरदान बताते हुए इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

राऊज एवेन्यू कोर्ट ने बरी किया केजरीवाल को, CBI हाईकोर्ट जाएगी

नई दिल्ली दिल्ली की शराब नीति से जुड़े मामले में अदालत से बरी होने के बाद अरविंद केजरीवाल भावुक नजर आए. फैसले के बाद उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ पूरा का पूरा फर्जी केस बनाया गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने मिलकर आजाद भारत का सबसे बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र रचा, ताकि आम आदमी पार्टी को खत्म किया जा सके. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के पांच बड़े नेताओं को जेल में डाल दिया गया. यहां तक कि एक सिटिंग मुख्यमंत्री को उनके घर से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जो भारत के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ. उन्होंने दावा किया कि उन्हें छह महीने तक जेल में रखा गया और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को लगभग दो साल तक जेल में रहना पड़ा. केजरीवाल ने कहा कि यह पूरा मामला फर्जी था और उनकी छवि खराब करने के लिए उनके ऊपर कीचड़ उछाला गया. उन्होंने आरोप लगाया कि टीवी चैनलों पर लगातार उन्हें भ्रष्ट बताया गया. प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सत्ता के लिए देश और संविधान के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर सत्ता चाहिए तो अच्छे काम करके हासिल कीजिए. देश में महंगाई, बेरोजगारी, टूटी सड़कें और प्रदूषण जैसी गंभीर समस्याएं हैं, जिनका समाधान किया जाना चाहिए. राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और उनके सहयोगी मनीष सिसोदिया को आरोपों से क्लीन चीट देते हुए बरी कर दिया है. कोर्ट ने साफ कर दिया कि केवल बिना ठोस और पर्याप्त सबूत के लगाए गए आरोपों पर विश्वास नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि विपक्ष के खिलाफ झूठे केस करना और उन्हें जेल में डालना प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता. देश तभी आगे बढ़ेगा जब जनता की समस्याओं का समाधान किया जाएगा. केजरीवाल ने इसे सत्य की जीत बताया और कहा कि संविधान, जिसे बाबा साहेब आंबेडकर ने देश को दिया, उसकी भावना अंततः विजयी होती है. इस मामले में सबसे पहले अदालत ने आबकारी विभाग के पूर्व कमिश्नर कुलदीप सिंह को बरी किया. इसके बाद मनीष सिसोदिया और अंत में अरविंद केजरीवाल को भी आरोपों से मुक्त कर दिया. कोर्ट ने टिप्पणी की कि सीबीआई द्वारा दायर की गई चार्जशीट में कई खामियां थीं और उसमें कई ऐसे सवाल थे जिनका संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया. जांच एजेंसी के सबूत कमजोर और अपर्याप्त पाए गए, इसलिए राहत दी गई. कोर्ट ने कहा कि जब किसी संवैधानिक पद या सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाये जाते हैं, तो उनके समर्थन में ठोस सबूत होना अनिवार्य है. केवल आरोप लगाने भर से मामला नहीं बन सकता. हालांकि, जांच एजेंसी सीबीआई इस फैसले से असंतुष्ट है और उन्होंने इसे उच्च न्यायालय में चुनौती देने का इशारा किया है. सीबीआई के वकील आदेश का विस्तृत अध्ययन कर अपील दायर करेंगे. यह मामला 2022-23 की दिल्ली एक्साइज पॉलिसी से जुड़ा था, जिस आधार पर सीबीआई ने केस दर्ज किया था. बाद में ईडी द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में भी मामला दर्ज किया गया था. इस केस में कई आम आदमी पार्टी के नेताओं को जेल जाना पड़ा और जमानत भी कई बार खारिज हुई. अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के लिए यह फैसला एक बड़ी राहत माना जा रहा है और इससे पार्टी पर लगे कई कानूनी दबावों से उन्हें मुक्ति मिली है.    

भोपाल का हॉटस्पॉट: ब्यूटीशियन बहनों का सिंडिकेट, लग्जरी लाइफस्टाइल और विवादित कारोबार

 भोपाल भोपाल के अब्बास नगर से शुरू हुआ एक नेटवर्क अब होशंगाबाद रोड स्थित 'सागर रॉयल विला' तक फैल चुका था. दो सगी ब्यूटीशियन बहनों अमरीन उर्फ माहिरा और आफरीन पर आरोप है कि उन्होंने न सिर्फ लड़कियों को देहव्यापार के दलदल में धकेला, बल्कि नशीला पदार्थ खिलाकर उनके साथ बलात्कार और जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव भी बनाया. न्यू मार्केट में कपड़े की दुकान पर काम करने वाली एक हिंदू युवती ने पुलिस को अपनी दर्दनाक कहानी सुनाई. पीड़िता के मुताबिक, 8 जून 2024 में एक दोस्त की बर्थडे पार्टी में उसकी मुलाकात संजना नाम की लड़की से हुई. संजना ने ही उसे अमरीन से मिलवाया. अगस्त 2025 में अमरीन का दोस्त चंदन यादव (जो खुद कथित तौर पर धर्मांतरित है) पीड़िता को अपनी बहन के घर ले गया और नशीला पदार्थ पिलाकर बलात्कार किया. अमरीन और चंदन ने पीड़िता पर इस्लाम धर्म अपनाने और कुरान पढ़ने का दबाव बनाया. जांच में पता चला है कि गिरोह की एक अन्य सदस्य संजना ने भी धर्म परिवर्तन कर अपना नाम 'जन्नत' रख लिया था और अमरीन के भाई हैदर से शादी की थी. पीड़िता को शॉट कपड़े पहनाकर क्लबों और पार्टियों में ले जाया जाता था. पीड़िता का आरोप है कि अमरीन के भाई बिलाल ने अब्बास नगर में और याशिर ने अहमदाबाद (गुजरात) ले जाकर उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए. अब्बास नगर से सागर रॉयल विला तक का सफर अब्बास नगर के रहवासियों ने इस गैंग के बारे में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. रहवासियों का कहना है कि अमरीन और आफरीन के घर पर देर रात लग्जरी कारों का तांता लगा रहता था. जींस-टॉप और शॉर्ट कपड़ों में युवतियों का आना-जाना आम था. इलाका छोड़ने पर मजबूर इलाके की बदनामी और अनैतिक गतिविधियों के विरोध के कारण कई परिवारों ने घर खाली कर दिए. बाद में लोगों के बढ़ते विरोध के कारण दोनों बहनें होशंगाबाद रोड के पॉश सागर रॉयल विला में शिफ्ट हो गईं, जहां उन्होंने फिर से यही नेटवर्क शुरू किया. रिमांड और तलाश बागसेवनिया थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. मुख्य आरोपी अमरीन और चंदन यादव को पुलिस ने 5 दिन की रिमांड पर लिया है. दूसरी बहन आफरीन को जेल भेज दिया गया है. पुलिस अब यासिर, चानू और बिलाल की सरगर्मी से तलाश कर रही है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़िताओं के बयान के आधार रेप और धर्म परिवर्तन का मामला दर्ज हुआ है, जिसके बाद पुलिस की एक टीम जांच के लिए अहमदाबाद गई. पुलिस की प्राथमिकता है कि यदि कोई और पीड़ित सामने आते हैं तो अपराध दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी.पुलिस रिमांड पर आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. कड़ी से कड़ी सजा आरोपियों को दिलाई जाएगी.  

रायपुर: राष्ट्रीय बागवानी मिशन से किसानों को संबल, उन्नत तकनीक से टमाटर उत्पादन और मुनाफा बढ़ा

रायपुर : राष्ट्रीय बागवानी मिशन से किसानों को संबल : उन्नत तकनीक से टमाटर खेती में बढ़ा उत्पादन और मुनाफा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों से जोड़ने और केंद्र व राज्य शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए सतत प्रयास कर रही है। इसी क्रम में राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के माध्यम से किसानों को आधुनिक बागवानी पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। जशपुर जिले के मनोरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत टेम्पू के किसान श्री सुनील भगत ने उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में टमाटर की उन्नत खेती कर सफलता हासिल की है। उन्होंने विभागीय परामर्श के बाद जीके देशी किस्म का टमाटर लगाया, जिससे प्रति एकड़ लगभग 9 टन उत्पादन प्राप्त हुआ। किसान श्री भगत ने बताया कि वे मौसम के अनुसार सब्जी फसलों की खेती करते हैं। वर्तमान सीजन में उन्होंने लगभग 85 हजार 500 रुपये का टमाटर विक्रय किया। कुल लागत व्यय निकालने के बाद उन्हें 55 हजार 500 रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। वे अन्य विभागीय योजनाओं का भी लाभ ले रहे हैं और अब ड्रिप सिंचाई एवं मल्चिंग जैसी उन्नत तकनीकों को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। श्री सुनील भगत की सफलता से ग्राम पंचायत टेम्पू सहित आसपास के गांवों के किसान भी प्रेरित हुए हैं। कई किसान अब उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाने और विभागीय योजनाओं से जुड़ने के लिए आगे आ रहे हैं, ताकि कम लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर आय प्राप्त कर सकें। राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य के किसानों को न केवल आधुनिक खेती की दिशा मिल रही है, बल्कि वे आर्थिक रूप से अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर भी बन रहे हैं।

वाराणसी की दुकान में चोरी का मामला, महिला ने चुराए महंगे अंडरगारमेंट्स, CCTV फुटेज से होगी पहचान

वाराणसी उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां तीन महिलाएं एक कपड़े के शोरूम में गईं और वहां लेडीज अंडरगारमेंट्स चुरा लिए। यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। यह फुटेज अब सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद सुनीता सोनी नाम की महिला का बयान सामने आया है, जो कि व्यापार मंडल वाराणसी की अध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा कि मुझे रास्ते में 2 महिलाएं मिली थीं, चोरी उन्होंने की है। मैं उनसे सामान वापस करवा दूंगी। वहीं, दुकान मालिक की तहरीर पर पुलिस ने एक अज्ञात महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। 10 हजार रुपये चोरी के आरोप पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक, सुदीप सिंह के नाम के युवक ने आरोप लगाए हैं कि लाहुराबीर स्थित उनके कपड़े के शोरूम में मंगलवार की शाम अज्ञात महिलाएं पहुंची थीं। करीब 10 हजार रुपये चुरा ले गई हैं। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज पुलिस को दिया। पुलिस ने जब फुटेज को देखा तो पैसे के अलावा एक महिला लेडीज अंडरगारमेंट्स चुराते हुए नजर आ रही है। वाराणसी व्यापार मंडल अध्यक्ष ने कहा- कपड़े वापस करवा दूंगी चेतगंज पुलिस ने दुकान मालिक से मिली तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही जांच में जुट गई है। वहीं, वीडियो वायरल होते ही व्यापार मंडल वाराणसी की अध्यक्ष सुनीता सोनी का बयान सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि मैं मंगलवार शाम को शॉपिंग करने के लिए दुकान में गई हुई थी। मेरे साथ जौनपुर से आई कुछ महिलाएं भी थीं। जैसा कि सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि महिलाएं कपड़े चुरा रही हैं। मुझे इस बात की जानकारी नहीं है। मैं उनसे सामान वापस करवा दूंगी समाजसेविका ने घटना को शर्मनाक बताया समाजसेविका चांदनी श्रीवास्तव ने इस घटना को बेहद शर्मनाक बताया है. उन्होंने आरोप लगाया कि सुनीता सोनी रसूखदार लोगों से संबंधों के कारण पहले भी बचती रही हैं, लेकिन इस बार साक्ष्य पूरी तरह स्पष्ट हैं. उन्होंने मांग की है कि नामचीन हस्तियों के साथ फोटो खिंचवाने और बड़े पदों पर रहने वाली महिला पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. आरोपी पक्ष की सफाई दूसरी ओर, सुनीता सोनी ने अपना बचाव करते हुए कहा कि वह अपनी जौनपुर से आई महिला रिश्तेदारों के साथ दुकान गई थीं, लेकिन उन्हें नहीं पता कि उनके पीछे उन महिलाओं ने क्या रखा. उन्होंने दावा किया कि जानकारी मिलते ही वह दुकानदार से संपर्क करने की कोशिश कर रही हैं ताकि सामान का भुगतान किया जा सके. उन्होंने विरोध करने वाली महिलाओं को 'तथाकथित संगठन' का हिस्सा बताते हुए कहा कि वे उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रही हैं. फिलहाल, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और रसूखदार नाम सामने आने से यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है.