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‘लाइफलाइन’ पर खतरा! मंत्री और IAS के बंगले भी अवैध दायरे में

भोपाल राजधानी की लाइफ-लाइन कहे जाने वाले बड़े तालाब को निगलने वाले रसूखदारों पर प्रशासन ने सीधा प्रहार शुरू कर दिया है। तालाब की सीमाओं को स्पष्ट करने के लिए शुरू हुआ सीमांकन अभियान बैरागढ़ वृत्त के वीआइपी रोड से होते हुए खानूगांव और हलालपुर तक पहुंच गया है। इसके तहत लाल-पीले निशान तालाब की सीमा को चिह्नित करने के लिए लगाए गए हैं। सीमांकन के दौरान फुल टैंक लेवल (एफटीएल) और उसके 50 मीटर के प्रतिबंधित दायरे में 50 से अधिक निर्माण मिले हैं। इनमें आलीशान बंगले, रिसार्ट, मैरिज गार्डन, क्लब, गोदाम और फैक्ट्रियां शामिल हैं। अवैध निर्माणों पर चला प्रशासन का बुलडोजर शनिवार को हलालपुर में मोहम्मद अमीन खान के द्वारा बनाए गए गोदाम, शकील खान द्वारा बनाए गए रायल, क्रिसेंट मैरिज गार्डन की 100 मीटर लंबी स्थायी सुरक्षा दीवार को ढहाकर प्रशासन ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं। शनिवार को अवैध निर्माण तोड़ने की कार्रवाई के दौरान एफटीएल और 50 मीटर दायरे में निर्माण करने वाले लोगों ने दस्तावेज पेश करने के लिए दो से तीन दिन की मोहलत मांगी थी। एसडीएम बैरागढ़ रविशंकर राय ने उन्हें चेतावनी दी है कि वह अनुमति के दस्तावेज पेश करें, जिनकी जांच कराई जाएगी। इसके बाद दोबारा से अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई की जाएगी। हुजूर में सीमांकन शुरू, टीटीनगर को नक्शे का इंतजार हुजूर तहसील क्षेत्र में सीमांकन की कार्रवाई शनिवार से शुरू कर दी गई है। एसडीएम विनोद सोनकिया ने बताया कि भैंसाखेड़ी सहित अन्य गांवों में बड़ा तालाब की सीमा को चिह्नित किया गया है जहां पर अधिकांश क्षेत्र में खेती की जा रही है। वहीं, टीटीनगर वृत्त को टीएंडसीपी से नक्शा मिलने का इंतजार है। एसडीएम अर्चना शर्मा ने नक्शे के लिए टीएंडसीपी को पत्र भी लिखा है। नक्शा मिलते ही तालाब का सीमांकन शुरू कर सीमाओं को चिह्नित किया जाएगा। तालाब की जद में आए कई बड़े और रसूखदार निर्माण यह बड़े निर्माण अब तक आए तालाब की जद में वीआइपी रोड से बुधवार को शुरू हुए बड़े तालाब के सीमांकन के दौरान कई बड़े निर्माण इसकी सीमा के अंदर होना मिले हैं, जिनमें राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल को आवंटित शासकीय बांग्ला, केके हाउस, सुपर बिल्डर की बिल्डिंग, कोचिंग सेंटर, गुलबाग लान, आइएएस के बंगले का कुछ हिस्सा, आर्मी वाटर स्पोर्ट्स सेंटर, भैंस डेरी, पक्के मकान, गोदाम, स्टील फैक्ट्री, मैरिज गार्डन आदि शामिल हैं। प्रशासन ने सभी को दस्तावेज पेश करने का समय दिया है, जिनकी जांच पड़ताल कर होली के बाद चिह्नित निर्माणों को तोड़ने की कार्रवाई शुरु होगी।  

पहचान छिपाकर बनाया शिकार: अंबिकापुर केस में आरोपी राजा अंसारी को उम्रकैद की सजा

अंबिकापुर खुद की पहचान छिपाकर शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म करने के आरोपी को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) चित्रलेखा सोनवानी की अदालत ने आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। आरोपी राजा अंसारी अंबिकापुर के मोमिनपुरा का रहने वाला है लेकिन उसने राजा महंत बनकर पीड़िता से नजदीकियां बढ़ाई थी। शादी का झांसा देकर उसके साथ न सिर्फ दुष्कर्म किया बल्कि पीड़िता द्वारा दूरी बना लेने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी दी थी। अतिरिक्त लोक अभियोजक अभिषेक कश्यप ने बताया कि सरगुजा जिले के एक गांव की युवती की मुलाकात आरोपी से मेले में हुई थी। आरोपी ने सुनियोजित तरीके से अपनी पहचान छिपाकर खुद को राजा महंत बताया था। परिचय होने के बाद पहली बार वह आठ मार्च 2023 को पीड़िता के घर गया था। इसके बाद 22 मार्च 2023 को पीड़िता के जन्मदिन के दिन भी उसके घर गया। रात हो जाने के कारण उसी के घर रुक गया। पीड़िता को उसने झांसा दिया कि वह उससे विवाह करेगा। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ी। आरोपी पीड़िता को वह अंबिकापुर ले आया। यहां किराए के घर में उसे रखा। उसका विश्वास जितने के लिए माथे पर सिंदूर लगा विवाह का नाटक किया। दो अप्रैल 2023 को पहली बार आरोपी ने पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध स्थापित किया। पीड़िता को घर ले जाकर किया प्रताड़ित इसके बाद जब युवती ने घरवालों से मुलाकात की जिद की तो आरोपी उसे लेकर अपने घर गया। यहां उसे पता चला कि युवक दूसरे मत का है और उसे धोखा दिया है। इस पर उसने आपत्ति की तो आरोपी उसे प्रताड़ित करने लगा। उसका मोबाइल भी ले लिया। किसी तरह पीड़िता उसके चंगुल से छूटकर घर चली गई। तब आरोपी ने उसे धमकाया की वह उसके फ़ोटो और वीडियो प्रसारित कर देगा। आखिरकार पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी की। आरोपी को न्यायलय के आदेश पर जेल भेज दिया। जांच के पश्चात पुलिस ने चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) चित्रलेखा सोनवानी की अदालत ने आरोपी राजा अंसारी को धारा 417 तथा धारा 376 (2)(एन) का दोषी पाया। अदालत ने आरोपी को धारा 417 के तहत एक वर्ष कारावास तथा 500 रुपये अर्थदंड तथा धारा 376 (2)(एन) के तहत आजीवन कारावास व 500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अर्थदंड की राशि अदा नहीं करने पर आरोपी को अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। महिला के सर्वोच्च सम्मान पर गंभीर प्रहार अभियोजन की ओर से अदालत में कहा गया कि आरोपी के द्वारा अपनी पहचान एवं विवाहित होने के तथ्य को छिपाकर पीड़िता के साथ छलपूर्वक शारीरिक संबंध बनाकर उसका यौन शोषण किया है, जो गंभीर प्रकृति का अपराध किया है। यदि ऐसे प्रकरणों में कठोर दण्ड नहीं दिया जाएगा तो समाज में विपरीत प्रभाव पड़ेगा तथा यौन अपराध के प्रकरणों में अपराधियों का मनोबल बढ़ेगा। सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने कहा है कि आरोपी के द्वारा किया गया यौन हिंसा अमानवीयकरण कार्य होने के अतिरिक्त महिला के गोपनीयता एवं पवित्रता के अधिकार का विधि विरूद्ध उल्लंघन है। यह महिला के सर्वोच्च सम्मान पर गंभीर प्रहार है और महिला के आत्मविश्वास एवं प्रतिष्ठा के प्रति अपराध है।  

बड़वानी जिले के जनजातीय बहुल ग्राम नागलवाड़ी में होगी कृषि केबिनेट

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में मनाए जा रहे किसान कल्याण वर्ष में किसानों के हित में लगातार कार्य किया जा रहा है। हमारा यह संकल्प है कि प्रदेश के अन्नदाताओं को आत्म-निर्भर बनाते हुए उनकी आय को दोगुना किया जाये। इसी क्रम में सोमवार 2 मार्च को जनजातीय बहुल जिले बड़वानी के नागलवाड़ी में किसान कल्याण वर्ष की पहली कृषि केबिनेट होने जा रही है। इस दिन नागलवाड़ी से ही सरकार किसानों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेगी। राज्य सरकार का मंत्री-मंडल पूरा दिन नागलवाड़ी में रहेगा, जहाँ कृषि केबिनेट सहित प्रबुद्धजन एवं किसानों के साथ संवाद होगा और कृषि एवं जनजातीय कल्याण पर केन्द्रित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। लगभग 6 हजार की जनसंख्या वाला ग्राम नागलवाड़ी जनजातीय बहुल ग्राम है। यहाँ मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में होने वाली कृषि केबिनेट न केवल बड़वानी जिले अपितु पूरे निमाड़ क्षेत्र के विकास के लिए निर्णायक साबित होगी। नागलवाड़ी स्थित 800 वर्ष पुराना प्राचीन भिलट देव मंदिर जनजातीय आस्था में विशेष महत्व रखता है। कृषि केबिनेट के बाद पूरा मंत्री-मंडल इस मंदिर में दर्शन भी करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कृषि केबिनेट के बाद किसानों और प्रबुद्धजन से संवाद भी करेंगे। संवाद के दौरान एक ओर प्रदेश एवं किसानों के हित में किये जा रहे कार्यों एवं योजनाओं को साझा किया जायेगा, वहीं क्षेत्र विकास के लिये किसानों एवं प्रबुद्धजन के विचारों और उनकी अपेक्षाओं को जाना जायेगा। कार्यक्रम स्थल पर जनजातीय विकास और कृषि आधारित विकास प्रदर्शनी भी लगाई जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं मंत्रि-परिषद के सदस्य जनजातीय समाज के जुलवानिया में आयोजित भगोरिया हाट की परम्परा में भी शामिल होंगे। केबिनेट के अलावा होने वाले सभी कार्यक्रमों में जनजातीय परम्परा की स्पष्ट झलक दिखाई देगी।

मध्य पूर्व हालात पर भारत अलर्ट: दूतावासों ने जारी की चेतावनी, यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह

बेरूत मिडिल ईस्ट में जारी तनावपूर्ण हालात के मद्देनजर लेबनान में स्थित भारतीय दूतावास, बेरूत ने वहां रह रहे सभी भारतीय नागरिकों को अनावश्यक यात्रा से बचने, सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा व आपातकालीन निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। रविवार को जारी एडवाइजरी में दूतावास ने कहा, “क्षेत्र में मौजूदा स्थिति को देखते हुए लेबनान में रह रहे सभी भारतीय नागरिक अनावश्यक यात्रा से बचें, सतर्क रहें और स्थानीय स्तर पर जारी सुरक्षा एवं आपातकालीन दिशानिर्देशों का पालन करें।” दूतावास ने आपात स्थिति में भारतीय नागरिकों को मोबाइल नंबर +96176860128 या ईमेल के जरिए संपर्क करने को कहा है। इससे पहले भारत सरकार ने ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हालिया घटनाक्रम पर गहरी चिंता व्यक्त की। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि सभी पक्ष संयम बरतें, हालात को और न बिगाड़ें और आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा कि क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय मिशन वहां रह रहे भारतीयों के संपर्क में हैं और उन्हें सतर्क रहने तथा स्थानीय सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। भारतीय दूतावास, तेहरान ने ईरान में रह रहे भारतीयों को अत्यधिक सतर्क रहने, अनावश्यक आवाजाही से बचने और संभव हो तो घरों के भीतर रहने की सलाह दी है। भारतीय दूतावास, दोहा ने कतर में भारतीयों से स्थानीय प्रशासन और दूतावास द्वारा जारी सूचनाओं का पालन करने को कहा है। भारतीय दूतावास, अबू धाबी और दुबई स्थित वाणिज्य दूतावास ने भी संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय नागरिकों को अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह जारी की है। कतर में जारी एडवाइजरी में विशेष रूप से कहा गया है कि लोग सैन्य स्थलों के आसपास न जाएं और सार्वजनिक सुरक्षा के हित में अधिकतम समय तक घरों के भीतर ही रहें। भारत ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्रीय तनाव को कम करने के लिए संवाद और कूटनीति का रास्ता अपनाया जाना चाहिए। साथ ही सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किए जाने पर भी बल दिया गया है। मिडिल ईस्ट में तेजी से बदलते हालात के बीच भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे की एडवाइजरी जारी की जाएगी।

होली स्पेशल ट्रेनों का ऐलान: वडोदरा-खातीपुरा और बांद्रा टर्मिनस-गोरखपुर रूट में MP को बड़ी सुविधा

रतलाम होली के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेलवे द्वारा मंडल से होकर वडोदरा से खातीपुरा और बांद्रा टर्मिनस से गोरखपुर के लिए स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार 09103 वडोदरा -खातीपुरा स्पेशल प्रत्येक रविवार को वडोदरा से रात 9.35 बजे प्रस्थान कर दाहोद (12.26/12.28), रतलाम (2.05/2.10), मंदसौर (3.33/3.35), नीमच (4.43/4.48), चित्तौड़गढ़ (6.05/6.10) होते हुए अगले दिन दोपहर 2.10 बजे खातीपुरा पहुंचेगी। यह ट्रेन वडोदरा से एक से 29 मार्च तक चलेगी। इसी तरह 09104 खातीपुरा-वडोदरा स्पेशल प्रत्येक सोमवार को खातीपुरा से रात 8.55 बजे प्रस्थान कर चित्तौड़गढ़ (3.25/3.30), नीमच (4.18/4.20), मंदसौर (5.00/5.02), रतलाम (7.10/7.20) व दाहोद (8.43/8.45) होते हुए मंगलवार सुबह 11.30 बजे वडोदरा पहुंचेगी। यह ट्रेन खातीपुरा से दो से 30 मार्च तक चलेगी।   ट्रेन दोनों दिशाओं में गोधरा, दाहोद, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद, अजमेर, किशनगढ़ और जयपुर स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में सेकंड एसी, थर्ड एसी, थर्ड एसी (इकोनामी), स्लीपर क्लास और द्वितीय श्रेणी के सामान्य कोच होंगे। 09019 बांद्रा टर्मिनस-गोरखपुर स्पेशल एक मार्च को बांद्रा टर्मिनस से सुबह 8.35 बजे रविवार को प्रस्थान कर दाहोद (6.02/6.04), रतलाम (8.10/8.20), नागदा (9.46/9.48), उज्जैन (10.48/10.50), मक्सी (11.26/11.28), शुजालपुर (12.28/12.30), सीहोर (12.57/12.59) होते हुए सोमवार रात 8.40 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। बुधवार सुबह होगी रवाना इसी तरह 09020 गोरखपुर-बांद्रा टर्मिनस स्पेशल दो मार्च को गोरखपुर से 11.35 बजे प्रस्थान कर सीहोर (5.43/5.45), शुजालपुर (6.19/6.21), मक्सी (7.32/7.34), उज्जैन (8.15/8.17), नागदा (9.02/9.04), रतलाम (9.52/10.02) व दाहोद (11.22/11.24) होते हुए बुधवार को सुबह 9.45 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। ट्रेन दोनों दिशाओं में बोरीवली, पालघर, दहानू रोड, वापी, वलसाड, नवसारी, उधना, सयान, भरूच, वडोदरा, गोधरा, दाहोद, रतलाम, नागदा, उज्जैन, मक्सी, शुजालपुर, सीहोर, संत हिरदाराम नगर, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ, बाराबंकी, गोंडा, मनकापुर, बस्ती व खलीलाबाद स्टेशनों पर रुकेगी। ट्रेनों के ठहराव, समय व संरचना के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए यात्री www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाकर अवलोकन करने के साथ ही रेलवन एप पर भी जानकारी ले सकते हैं।

शिकार नहीं मिला तो थम गई सांसें, दो कुंतल के बाघ का खाली पेट मिला

पीलीभीत दो कुंतल के वजन वाले भारी-भरकम बाघ की भूख से मौत हो गई। शनिवार रात को पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) की माला रेंज में उसका शव मिला। रविवार को बरेली के भारतीय पशु चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान (आइवीआरआइ) में उसके पोस्टमार्टम में यह स्पष्ट हो गया कि उस पर हमला या किसी से संघर्ष नहीं हुआ था। वह बीमारी अथवा किसी अन्य कारण से जूझते हुए झाड़ियों में लेटा था, वहीं उसकी मौत हो गई। उसका पेट खाली पाया गया, जोकि संकेत कर रहा कि आठ दिन से उसे शिकार नहीं मिला था। शनिवार देर रात गश्त पर निकले वनकर्मियों ने धमेला वाच टावर के पास उसका शव देखा था। इसकी सूचना पर फील्ड डायरेक्टर पीटीआर पीपी सिंह, डीएफओ भरत कुमार डीके व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बाघ के शव का निरीक्षण किया गया ताकि हमले या संघर्ष की स्थिति का आकलन किया जा सके। डीएफओ ने बताया कि बाघ के शरीर पर किसी प्रकार की चोट नहीं थी। उसका शव पोस्टमार्टम के लिए बरेली भेजा गया। रविवार को पोस्टमार्टम करने वाली टीम के विज्ञानी ने फोन पर बताया कि बाघ की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका, इसलिए विसरा सुरक्षित रखा है। विसरा की जांच में कुछ तथ्य सामने आ सकते हैं। पोस्टमार्टम के समय देखा गया कि बाघ का पेट खाली था, यानी उसे एक सप्ताह से शिकार नहीं मिला। उसके अंदरुनी हिस्से प्रभावित थे, जो संक्रमण का संकेत कर रहे थे। संक्रमण का कारण क्या रहा होगा, इस पर विज्ञानी ने कहा कि संभव है कि वह किसी बीमारी से पीड़ित हो। दूसरा कारण यह भी हो सकता है कि उसने किसी ऐसे पशु का शिकार कर लिया, जिसका मांस जहरयुक्त हो। इसके पीछे आशंका जताई जा सकती है कि जहरीला पदार्थ खाने वाला वन्यजीव जंगल में बाघ के सामने आ गया हो। बाघ ने उसका शिकार कर लिया। ऐसे में उस वन्यजीव का जहरीला मांस बाघ के पेट में पहुंचने पर भी संक्रमण हो सकता है। यह सिर्फ अनुमान या आशंका ही है। वास्तविक कारण विसरा की जांच में सामने आ सकेगा। यह तय है कि संक्रमण के बाद बाघ शिकार नहीं कर सका, इसी कारण उसका पेट पूरी तरह खाली था। उसका उम्र सात वर्ष थी। टाइगर रिजर्व में हैं 80 से अधिक बाघ पीलीभीत टाइगर रिजर्व की पांचों रेंज में 80 से अधिक बाघ हैं। माला और बराही रेंज में बाघों की गतिविधियां अधिक दिखती हैं। टाइगर रिजर्व आने वाले पर्यटकों को भी बराही रेंज में ही मुख्य रूप से घुमाया जाता है।  

रंगों के बीच दहशत: विश्वविद्यालय में मधुमक्खियों ने विद्यार्थियों पर बोला हमला

शहडोल पंडित शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय में विद्यार्थी होली का उत्सव मना रहे थे, उसी दौरान अफरा-तफरी मच गई। रंग-गुलाल के बीच डीजे की धुनों पर झूम रहे छात्र-छात्राओं पर अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला बोल दिया। जान बचाने के लिए छात्र परिसर में इधर-उधर भागते नजर आए। वहीं बीच किसी बात को लेकर छात्रों के दो गुट भी आपस में भिड़ गए। होली के उत्सव बीच हंगामे और भगदड़ का यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया, जिसका वीडियो अब इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार शनिवार को विश्वविद्यालय परिसर में होली का उत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा था। इसी दौरान अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला बोल दिया। मधुमक्खियों के हमले से परिसर में भगदड़ जैसे हालात बन गए। जान बचाने के लिए छात्र इधर-उधर भागते नजर आए। कई छात्र-छात्राएं घबराकर जमीन पर गिरते-पड़ते भी दिखे। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी गंभीर रूप से घायल होने की खबर सामने नहीं आई है।   मामला यहीं नहीं थमा, होली खेलने के दौरान किसी बात को लेकर छात्रों के दो गुट आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते कहासुनी धक्का-मुक्की में बदल गई, कुछ देर तक परिसर में तनाव का माहौल बना रहा। बाद में अन्य छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन की दखल के बाद स्थिति को संभाला गया। विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं पर खड़े हो रहे सवाल     गौरतलब है कि हाल ही में विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह दूषित और बदबूदार भोजन को लेकर भी चर्चा में रहा था। अब होली जश्न के दौरान मधुमक्खियों का हमला और छात्रों के बीच झड़प ने विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रसारित वीडियो के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है और लोग प्रशासनिक लापरवाही पर चर्चा कर रहे हैं। हालांकि किसी गंभीर घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कैंपस की सुरक्षा और आयोजन प्रबंधन को लेकर जवाबदेही तय होना अब जरूरी माना जा रहा है।

डिजिटल अरेस्ट का झांसा देकर करोड़ों की ठगी, रकम क्रिप्टो में बदली

ग्वालियर भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त चिकित्सक 89 वर्षीय नारायण महादेव टिकेकर को 24 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने के नाम पर 2.52 करोड़ रुपये ठगने के मामले में ग्वालियर पुलिस ने दिल्ली से चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। साइबर ठगों ने इनके बैंक खातों में ठगी के 30 लाख रुपये ट्रांसफर कराए थे। आरोपितों ने एटीएम कार्ड के जरिए राशि निकालकर बिचौलिये को सौंपी और इसके बदले 1.70 लाख रुपये कमीशन लिया। एक आरोपित का भाई दिल्ली पुलिस में दारोगा है। वह ग्वालियर पहुंचा, जहां उसे पता चला कि उसका भाई ही साइबर ठगी गिरोह को बैंक खाते किराये पर उपलब्ध कराता था। पुलिस की जांच में क्या पता चला पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी की रकम दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, असम और बंगाल सहित अन्य राज्यों के करीब 500 बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। क्राइम ब्रांच ने मोहित मिश्रा (बी-40, चाणक्य पैलेस-1, स्ट्रीट नंबर 48, जनकपुरी, नई दिल्ली), राहुल प्रजापति (राजद-150, धरमपुर प्रथम, नजफगढ़, नई दिल्ली), हरीश यादव (हाउस नंबर 49, ब्लॉक धरमपुरा एक्सटेंशन, नजफगढ़, नई दिल्ली) और साहिल फिरोज खान (ए-5/175, एक्सटेंशन पार्ट वन, मोहन गार्डन, उत्तम नगर, नई दिल्ली) को दिल्ली से गिरफ्तार किया। ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह के अनुसार, इस मामले में क्रिप्टो ट्रेडिंग भी की गई। यूएसडीटी के जरिए ठग रकम को क्रिप्टो में बदलकर विदेश भेज देते थे। आरोपित टेलीग्राम ग्रुप से जुड़े थे, जहां से म्यूल खाते उपलब्ध कराने का नेटवर्क संचालित होता था।  

सुभरंजन सेन बने MP के PCCF, लंबे कार्यकाल के साथ जंगलों की सुरक्षा की जिम्मेदारी

भोपाल भारतीय वन सेवा के अधिकारी सुभरंजन सेन मध्य प्रदेश के नए वन बल प्रमुख नियुक्त किए गए हैं। वरिष्ठता में 1989 बैच के आईएफएस अधिकारी एचएयू खान और 1990 बैच के बिभाष ठाकुर को पीछे छोड़ 1991 बैच के आईएफएस अधिकारी सेन, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहली पसंद बन गए, सेन अभी मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक हैं। वन बल प्रमुख वीएन अंबाडे 28 फरवरी को सेवानिवृत्त हो गए हैं। उनके सेवानिवृत्ति के एक सप्ताह पहले से नए वन बल प्रमुख की तलाश की जा रही थी। इनमें खान, ठाकुर और सेन इन तीन नामों का पैनल बनाकर वन विभाग ने मुख्यमंत्री को स्वीकृति के लिए भेजा था। इससे पहले मंत्रालय में मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में नए वन बल प्रमुख के चयन के लिए बैठक की गई थी।   नजरअंदाज कर जूनियर को सौंपी कमान वन विभाग में वन बल प्रमुख सबसे वरिष्ठतम अधिकारी को ही बनाया जाता है। इस हिसाब से वन विकास निगम के प्रबंध संचालक एचयू खान और उनके बाद पीसीसीएफ अनुसंधान और विस्तार बिभाष कुमार ठाकुर वन बल प्रमुख बनने की वरिष्ठता रखते हैं। लेकिन पहली बार वरिष्ठता को नजरअंदाज कर खान और ठाकुर से जूनियर सेन को वन बल प्रमुख की कमान सौंपी है। अब चूंकि सेन की नियुक्त हो गई है तो ठाकुर की वर्तमान पदस्थापना में बदलाव किया जा सकता है, उन्हें पीसीसीएफ अनुसंधान और विस्तार से हटाना पड़ेगा। वरिष्ठता के कारण उन्हें लघु वनोपज संघ या वन विकास निगम के प्रतिनियुक्ति पर भेजा जा सकता है। समीता राजौरा बनाई जा सकती हैं मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक वरिष्ठता के आधार पर 1992 बैच की आईएफएस अधिकारी समीता राजौरा मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक बनाई जा सकती हैं। वह वन्यप्राणी शाखा में काम करने की इच्छुक भी हैं। वर्तमान में वह मप्र राज्य लघुवनोपज संघ की प्रबंध संचालक हैं। इधर, राज्य वन विकास निगम की प्रबंध संचालक एवं एसपीसीसीएफ अर्चना शुक्ला को पीसीसीएफ के पद पर पदोन्नत कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री साय ने होला मोहल्ला के लिए संगत बसों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज शाम राजधानी रायपुर स्थित रेलवे स्टेशन गुरुद्वारा पहुंचे, जहां उन्होंने मत्था टेककर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए अरदास की। इस अवसर पर उन्होंने सिख संगत द्वारा आयोजित होला मोहल्ला यात्रा के लिए निःशुल्क बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सिख संगत द्वारा आयोजित इस यात्रा में लगभग 1200 श्रद्धालु 17 बसों, 2 ट्रकों एवं अन्य वाहनों के साथ  हजूर साहिब नांदेड़ (महाराष्ट्र) तथा गुरुद्वारा नानक झीरा साहिब, बीदर (कर्नाटक) के लिए रवाना हुए। यह यात्रा सिख समाज की आस्था, परंपरा और सामूहिक श्रद्धा का प्रतीक है। मुख्यमंत्री  साय ने संगत को मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सिख गुरुओं का त्याग, बलिदान और मानवता की सेवा का संदेश पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी से जुड़े पवित्र स्थलों पर आयोजित होला मोहल्ला केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि साहस, सेवा और राष्ट्रभक्ति की अद्भुत परंपरा का प्रतीक है। सिख गुरुओं द्वारा स्थापित शौर्य और समर्पण की विरासत सदैव देशवासियों को प्रेरित करती रहेगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि सिख संगत द्वारा लगातार 25वें वर्ष इस भव्य आयोजन का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने इस उत्कृष्ट आयोजन के लिए सिख समाज को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर रायपुर सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष  अमरजीत सिंह छाबड़ा, गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष  सुरेन्द्र सिंह छाबड़ा सहित सिख समाज के प्रतिनिधिगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।