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एम्स पटना के डॉक्टरों ने सर्जरी कर बच्ची का कटा हाथ जोड़ा

पटना. वैशाली की 6 वर्षीय लक्ष्मी कुमारी का दाहिना हाथ रविवार की दोपहर चारा काटने की मशीन में कट गया। स्वजन तत्काल उसे लेकर अस्पतालों में मदद तलाशते रहे। अंततः शाम 7:30 बजे बच्ची को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पटना के आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया, जहां से उपचार की निर्णायक प्रक्रिया शुरू हुई। अस्पताल पहुंचते ही प्लास्टिक सर्जरी और एनेस्थीसिया विभाग की टीमों ने स्थिति का आकलन कर त्वरित कार्यवाही की। आधे घंटे के भीतर लक्ष्मी को आपरेशन थिएटर में ले जाया गया। रात आठ बजे शुरू हुई जटिल माइक्रोवैस्कुलर सर्जरी छह घंटे तक चली। प्लास्टिक सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. वीणा सिंह के मार्गदर्शन में आपरेशन संपन्न हुआ। टीम में डॉ. अंसारुल, डॉ. कुलदीप, डॉ. मैरी, डॉ. अजीना, डॉ. निकिता और डॉ. अनुप शामिल थे। पूरी प्रक्रिया में एनेस्थीसिया, आपरेशन थिएटर और नर्सिंग टीम का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। इस उपलब्धि पर एम्स के निदेशक ने पूरी टीम को बधाई दी है। डॉक्टरों ने बताया कि लक्ष्मी की अंगुलियों में रक्त संचार के सकारात्मक संकेत मिल रहे थे। चिकित्सकों को उम्मीद थी कि उचित देखभाल और पुनर्वास के साथ बच्ची अगले एक से दो महीनों में हाथ की कार्यक्षमता काफी हद तक प्राप्त कर सकती है। स्थिति अनुकूल रहने पर एक सप्ताह के भीतर उसे अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है। चिकित्सकों ने ऐसे मामलों में कटे अंग के सुरक्षित परिवहन को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कुछ सावधानियां भी बताई हैं। अंग कटने पर सुरक्षित जुड़ाव को लेकर रखें सावधानी प्लास्टिक सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. वीणा सिंह ने बताया कि किसी भी आकस्मिक घटना-दुर्घटना में अंग कटने या हटने की स्थिति में जोड़ने को लेकर आवश्यक सावधानी बरतनी चाहिए। कटे हुए अंग को साफ प्लास्टिक बैग में रखें।

होली पर दिल्ली में छलकेगा जाम: 4 मार्च को No Dry Day का ऐलान

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने शराब के शौकीन लोगों के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। राजधानी दिल्ली में इस बार शराब की दुकानें खुली रहेंगी। सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि 4 मार्च को राजधानी में नो ड्राई डे रहेगा। सरकार इस साल 4 मार्च को मनाई जाने वाली होली को दिल्ली सरकार ने शराब के शौकीन लोगों के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। राजधानी दिल्ली में इस बार शराब की दुकानें खुली रहेंगी। सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि 4 मार्च को राजधानी में नो ड्राई डे रहेगा। सरकार इस साल 4 मार्च को मनाई जाने वाली होली को 'ड्राई डे' (Dry Day) की आधिकारिक सूची से हटा दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि त्योहार के दिन दिल्ली में शराब के ठेके बंद नहीं रहेंगे और लोग अपनी पसंद के अनुसार खरीदारी कर सकेंगे। परंपरा से हटकर लिया गया फैसला आमतौर पर दिल्ली सहित देश के अधिकांश राज्यों में होली जैसे बड़े त्योहारों पर शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहता है। पिछली सूचियों में भी होली को ड्राई डे माना जाता था, लेकिन सरकार के ताजा आदेश ने पुरानी व्यवस्था को बदल दिया है। इस फैसले से जहाँ शराब प्रेमियों के चेहरे खिल गए हैं, वहीं श

बिहार में 8 मार्च को मनेगा महिला रोजगार दिवस

पटना. 8 मार्च को इंटरनेशनल महिला दिवस है. इसी दिन बिहार में महिला रोजगार दिवस मनाया जाएगा. 8 मार्च को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में रोजगार उत्सव के रूप में मनाया जाएगा. इसमें बड़ी संख्या में जीविका दीदियां शामिल होंगी. जानकारी के मुताबिक, महिला रोजगार योजना को लेकर 10-10 हजार रुपए मिलने के बाद महिलाओं ने जो रोजगार शुरू किया, उसे आगे बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी. महिला उद्यमियों को किया जाएगा प्रोत्साहित इस दिन खास बात यह भी होगी कि ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित भी करेंगे. मंत्री श्रवण कुमार के मुताबिक, 2005 के बाद यानी कि सत्ता में नीतीश सरकार के आने के बाद महिला सशक्तिकरण को लेकर कई तरह के काम किए गए हैं. स्वयं सहायता समूह के रूप में जीविका का गठन किया गया. ग्रामीण और शहर दोनों को मिलाकर अब तक टोटल 11 लाख 82 हजार स्वयं सहायता समूह का गठन किया जा चुका है. जीविका दीदियों को लखपति बनाने की प्लानिंग बिहार में स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं जीविका दीदियों को महिला रोजगार योजना के तहत 10-10 हजार रुपए की राशि खुद का रोजगार शुरू करने के लिए दिया गया था. अब उन्हें लखपति बनाए जाने की प्लानिंग है. अब जीविका दीदियों की तरफ से शुरू किए गए रोजगार का आंकलन किया जाएगा. इसके बाद उन्हें 2 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी. 8 मार्च को कार्यक्रम में क्या-क्या होगा? जिला मुख्यालयों में आयोजित होने वाले कार्यक्रम के बारे में बताया गया कि इस दौरान महिला उद्यमी अपना एक्सपीरियंस शेयर करेंगी. इसके साथ ही उन्हें अपने रोजगार को और बेहतर करने के लिए एक्सपर्ट टिप्स देंगे. इसके अलावा महिला को बाकी के सरकारी योजनाओं की जानकारी और दो लाख रुपए देने को लेकर तमाम जानकारियां भी दी जायेंगी.

जब डर और असफलता घेर लें, तब पढ़ें भगवद गीता के ये 7 श्लोक — श्रीकृष्ण का दिव्य समाधान

जीवन में जब असफलता, तनाव और असमंजस घेर लेते हैं, तब सही मार्गदर्शन की जरूरत होती है। ऐसे समय में हजारों साल पहले कही गई बातें भी आज उतनी ही प्रासंगिक लगती हैं। महाभारत के युद्धक्षेत्र में अर्जुन को दिया गया उपदेश आज हर व्यक्ति के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुका है। आज भी लोग कई ऐसी सिचुएशन में फंस जाते हैं, जहां से निकलने का कोई रास्ता समझ नहीं आता। अगर आप भी जिंदगी की भंवर में अटक गए हैं, तो भगवद गीता में संकलित श्री कृष्ण द्वारा कही गई अमर शिक्षाओं से कुछ सीख लें। भगवद गीता में लिखे ये 7 श्लोक आपकी सोच को बदल देंगे और जिंदगी की हर कठिनाई को सरल कर देंगे। 1. कर्म पर ध्यान दें, फल की चिंता छोड़ें "कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।" अर्थ: आपका अधिकार केवल कर्म करने में है, फल पर नहीं। आज के समय में लोग रिजल्ट को लेकर ज्यादा परेशान रहते हैं। गीता का यह श्लोक सिखाता है कि अगर आप पूरी निष्ठा से काम करेंगे, तो परिणाम आपके पक्ष में ही आएगा। 2. संतुलित मन ही असली शक्ति है "योगस्थः कुरु कर्माणि संगं त्यक्त्वा धनंजय।" अर्थ: संतुलित होकर और आसक्ति छोड़कर कर्म करो। जब मन स्थिर होता है, तभी सही निर्णय लिए जा सकते हैं। यह श्लोक मानसिक संतुलन और फोकस की अहमियत बताता है। ज्यादातर लोग दो नांव में पैर रखकर चलने की कोशिश करते हैं। 3. खुद को गिरने मत दो "उद्धरेदात्मनाऽत्मानं नात्मानमवसादयेत्।" अर्थ: मनुष्य को स्वयं अपना उत्थान करना चाहिए। जीवन में मुश्किलें आएंगी, लेकिन हार मान लेना विकल्प नहीं है। आत्मविश्वास ही सबसे बड़ी ताकत है। खुद को हर स्थिति में उठाने की कोशिश करें। 4. अच्छे कर्म कभी व्यर्थ नहीं जाते "न हि कल्याणकृत्कश्चिद् दुर्गतिं तात गच्छति।" अर्थ: जो शुभ काम यानी अच्छे कर्म करता है, उसके साथ कभी बुरा नहीं होता। ईमानदारी और अच्छाई का रास्ता भले लंबा हो, लेकिन अंत में जीत उसी की होती है। 5. श्रद्धा से मिलता है ज्ञान "श्रद्धावान् लभते ज्ञानम्।" अर्थ: श्रद्धा रखने वाला व्यक्ति ही ज्ञान प्राप्त करता है। सफलता के लिए केवल प्रतिभा नहीं, बल्कि धैर्य और विश्वास भी जरूरी है। अगर आप सोचते हैं कि सबकुछ जल्दी हो जाए, तो ऐसा नहीं होगा। किसी भी चीज को पाने के लिए धैर्य रखना जरूरी है। 6. हर घटना के पीछे एक उद्देश्य है "अहं सर्वस्य प्रभवो मत्तः सर्वं प्रवर्तते।" अर्थ: समस्त सृष्टि का मूल कारण मैं हूं। यह श्लोक हमें सिखाता है कि जीवन में जो भी होता है, उसका एक गहरा उद्देश्य होता है। जैसे कहा जाता है जो होता है अच्छे के लिए होता है, उसमें जरूर आपका कुछ लाभ छिपा होता है। 7. गुस्सा आपका दुश्मन है "क्रोधाद्भवति सम्मोहः सम्मोहात्स्मृतिविभ्रमः" अर्थ: यह श्लोक सिखाता है कि गुस्सा इंसान का सबसे बड़ा दुश्मन है। एक पल का क्रोध सालों की मेहनत और रिश्तों को खत्म कर सकता है। यदि आप सफलता और खुशहाली चाहते हैं, तो अपने मन और भावनाओं कंट्रोल रखना सीखें।  

निशांत कुमार की सियासी दस्तक पर जदयू का संकेत, भाजपा बोली– खुले दिल से स्वागत

पटना जब विधानसभा चुनाव आया तो वह रास्ता। जब चुनाव निकल गया तो विधान परिषद् के रास्ते जाने की बात आई। अब राज्यसभा चुनाव की बारी आई तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीतिक एंट्री का रास्ता पक्का बताया जा रहा है। पहले की तरह ही जनता दल यूनाईटेड के मंत्रियों ने ही यह जानकारी दी है। यह भी कहा जा रहा है कि इस बार नीतीश कुमार ने सहमति दी है। उन्हें नीतीश कुमार के बाद जदयू अध्यक्ष बनाने की भी बात कही जा रही है। अब तक नीतीश ने इसपर खुद आकर कुछ नहीं कहा है, क्योंकि वह परिवारवाद पर लगातार हमलावर रहे हैं। इधर, जदयू के दिग्गज नेता दावा कर रहे हैं कि निशांत कुमार जल्द ही पार्टी में पूरी तरह से एक्टिव हो जाएंगे। सोशल मीडिया पर यह भी चर्चा है कि निशांत कुमार को राज्यसभा भेजे जाने की तैयारी चल रही है? इस सवाल पर जनता दल यूनाइटेड के किसी भी नेता ने तो कुछ नहीं कहा लेकिन निशांत की जदयू एंट्री पर जरूर बड़ा बयान दे दिया है। सीएम नीतीश के करीबी और बिहार सरकार में मंत्री श्रवण कुमार ने कह दिया है कि जल्द ही वह सक्रिय राजनीति में आ रहे हैं। राजनीति प्रवेश करने की पूरी संभावना बन गई ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने स्पष्ट कहा है कि निशांत कुमार के सक्रिय राजनीति प्रवेश करने की पूरी संभावना बन गई है। उनके बारे में बिहार के नौजवान और जदयू नेता चाहते हैं कि निशांत सक्रिय राजनीति में आए। अब जल्द ही सबकी चाहत पूरी होने वाली है। उनके उनके जदयू में आगमन की जल्द ही घोषणा होगी और पार्टी के अंदर काम करेंगे। मंत्री दिलीप जायसवाल ने क्या कहा वह जानिए इधर, निशांत कुमार के राजनीति में प्रवेश की खबरों पर बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि मैं नई पीढ़ी का राजनीति में स्वागत करता हूं। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में नेतृत्व करने के लिए मैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का धन्यवाद करता हूं। यह बेहद खुशी की बात है कि निशांत जी अब मुख्यमंत्री और उनके परिवार के समर्थन के साथ राजनीति में प्रवेश करेंगे और हम उनका दिल से स्वागत करते हैं। वह निश्चित रूप से एक शिक्षित युवा नेता हैं, जिन्होंने बीटेक की डिग्री प्राप्त की है और जमीन से जुड़े हुए व्यक्ति हैं। हर घटना अपने समय पर होती है और शायद अब सही समय आ गया है। उनके राजनीति में आने का गर्मजोशी से स्वागत किया जाना चाहिए। मंत्री अशोक चौधरी बोले- होली का बड़ा तोहफा है मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि जनता दल यूनाईटेड और सीएम नीतीश कुमार की विचारधारा पर चलने वालों के लिए होली का एक बड़ा तोहफा है। जब वह सक्रिय राजनीति में आएंगे तो बिहार के लिए काफी अच्छा रहेगा। वह काफी पढ़े लिखे हैं। इंजीनियर हैं। एक तरह से वह सीएम नीतीश कुमार की फोटो कॉपी है। होली के अवसर पर यह बड़ी खबर है। वह पार्टी के कार्यकर्ताओं की मांग पर आ रहे हैं। चुनाव के पहले से ही लोगों की मांग थी। अब वह सक्रिय राजनीति में आ रहे हैं, यह खुशी की बात है।

90 वर्षीय चाका बाई पुनः सुन सकती है जीवन की मधुर ध्वनि

रायपुर  90 वर्षीय चाका बाई की चेहरे से झलकती मुस्कराहट बता रही है कि उनके जीवन में खुशियां फिर से लौट आई है। उम्र के इस दौर में शारीरिक परेशानियों का आना स्वाभाविक है और ऐसे समय में की गई सहायता बुजुर्गों के लिए बड़ी सहारा बनती है। ठीक से सुनाई नहीं देने की समस्या से जूझ रही चाका बाई मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय पहुंची। उन्हें उम्मीद थी कि उन्हें उनकी परेशानियों का समाधान यहां पर अवश्य मिलेगा और हुआ भी ऐसा ही, कैंप कार्यालय से उन्हें तत्काल मदद मिली और उसे श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। जशपुर जिले के ग्राम पंचायत जामचुआं, तहसील कुनकुरी निवासी चाका बाई ठीक से सुनाई नहीं देने की समस्या से जूझ रही थी। उन्होंने कैंप कार्यालय में आवेदन देकर अपनी समस्याओं को साझा किया। कैंप कार्यालय ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए उनके आवेदन पर त्वरित कार्यवाही की और उन्हें श्रवण यंत्र प्रदान किया। श्रवण यंत्र पाकर चाका बाई ने अपनी प्रसन्नता जाहिर की और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को आशीर्वाद दिया है।  गरीबों को मदद करने की संवेदनशील सोच और समय पर उनका काम बन सके, इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बगिया में कैंप कार्यालय की नींव रखी, जहां कई जरूरतमंदों को सही समय में मदद मिल रही है।

प्रेम-कथाओं की गूंज के बीच जीवित जयपुर तमाशा: ढाई सौ साल पुरानी लोकनाट्य धरोहर

जयपुर राजस्थान की राजधानी जयपुर लोक एवं प्रदर्शन आधारित कलाओं का प्रमुख केंद्र रही है। ग्रामीण अंचलों में जन्मी अनेक लोक कलाएं यहां संरक्षण और निरंतर मंचन के कारण परिष्कृत रूप में विकसित हुईं। पर्यटन नगरी होने के कारण बड़ी संख्या में लोक कलाकार यहां आकर बसे, जो देश-विदेश से आने वाले सैलानियों के सामने अपनी प्रस्तुतियां देते हैं। कालबेलिया और घूमर जैसे लोकनृत्य भी इसी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा हैं। इन्हीं परंपराओं के बीच जयपुर तमाशा, जिसे जयपुरी ख्याल भी कहा जाता है, एक विशिष्ट लोकनाट्य विधा के रूप में पहचाना जाता है। शास्त्रीय, अर्धशास्त्रीय और लोक संगीत के संगम से सजी यह रंगशैली अभिनय, गायन और नृत्य का प्रभावशाली संयोजन प्रस्तुत करती है। पिछले लगभग 250 वर्षों से इसका मंचन ब्रह्मपुरी स्थित खुले रंगमंच ‘अखाड़ा’ में किया जा रहा है। परंपरागत रूप से होली, अमावस्या और रामनवमी जैसे अवसरों पर इसका विशेष आयोजन होता है। 18वीं सदी से चली आ रही परंपरा तमाशा की शुरुआत 18वीं शताब्दी में आगरा के आसपास काव्यात्मक संवाद शैली के रूप में हुई। बाद में तत्कालीन शासक सवाई जसवंत सिंह कलाकारों को जयपुर लेकर आए और उन्हें ब्रह्मपुरी में बसाया। यहां भट्ट परिवार के बंशीधर भट्ट के संरक्षण में इस कला ने अपना विशिष्ट स्वरूप ग्रहण किया। तमाशा की कथाएं प्रेम, सामाजिक समरसता और धार्मिक सह-अस्तित्व के संदेश पर आधारित होती हैं। ‘हीर-रांझा’ और ‘लैला-मजनूं’ जैसी अमर प्रेम गाथाओं के साथ-साथ ‘तमाशा गोपीचंद’, ‘जोगी जोगन’, ‘रूपचंद गांधी’, ‘जुत्थान मियां’ और ‘छैला पनिहारी’ जैसी प्रस्तुतियां भी मंचित की जाती हैं। इन रचनाओं को भूपाली, आसावरी, जौनपुरी, मालकौंस, दरबारी, बिहाग, सिंध काफ़ी, भैरवी, कलिंगड़ा और केदार जैसे रागों में प्रस्तुत किया जाता है, जो इसकी संगीतात्मक गरिमा को और समृद्ध बनाते हैं। सौहार्द और समरसता का संदेश तमाशा की कहानियों में सामाजिक एकता का संदेश प्रमुखता से उभरता है। ‘रांझा-हीर’ कथा में नायक रांझा प्रेम की प्राप्ति के लिए अजमेर शरीफ दरगाह स्थित सूफी संत मुइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर आशीर्वाद लेने जाता है। यह प्रसंग सांप्रदायिक सद्भाव और सांस्कृतिक समन्वय का प्रतीक माना जाता है। विशिष्ट वेशभूषा और रंगशैली तमाशा की वेशभूषा इसकी अलग पहचान है। कलंगी, गोतेदार भगवस्त्र, सिंगी और सेली जैसे पारंपरिक आभूषण मंचन को आकर्षक बनाते हैं। कई बार कलाकार काल्पनिक वेशभूषा और दृश्यावली का वर्णन भी संवादों के माध्यम से करते हैं, जिससे दर्शकों की कल्पना शक्ति सक्रिय होती है और प्रस्तुति का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। बदलते समय के साथ तालमेल करीब ढाई सौ वर्षों में इसकी मूल संरचना भले ही सुरक्षित रही हो, लेकिन कहानी कहने की शैली में समय के साथ परिवर्तन आया है। आधुनिक तकनीक, प्रकाश व्यवस्था और समसामयिक घटनाओं के संदर्भ भी अब मंचन में शामिल किए जाने लगे हैं। यही कारण है कि जयपुर तमाशा आज भी जीवंत, प्रासंगिक और दर्शकों के बीच लोकप्रिय बना हुआ है। होली जैसे उत्सवों पर जब परकोटे में यह मंचन होता है, तो हीर-रांझा और लैला-मजनूं की प्रेम गाथाएं एक बार फिर जयपुर की सांस्कृतिक धरोहर को सजीव कर देती हैं।

बड़ा फैसला तय? राशिद खान की कप्तानी पर मंडराया खतरा, अफगान बोर्ड बोला– बदलाव जरूरी

नई दिल्ली अफगानिस्तान की टी20 टीम के कप्तान राशिद खान हैं, लेकिन अगली सीरीज से पहले उनसे कप्तानी छीनी भी जा सकती है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम सुपर 8 में नहीं पहुंच पाई थी, जबकि एशिया कप 2025 में भी टीम का प्रदर्शन खराब रहा था। इसके अलावा भी मल्टी नेशन टूर्नामेंट में टीम आगे नहीं जा सकी है। ऐसे में अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड टीम में बदलाव और सुधार करने की मन बना चुका है। राशिद खान वैसे तो दुनिया के सबसे धाकड़ टी20 प्लेयर्स में शामिल हैं, लेकिन कप्तान के तौर पर उनका प्रदर्शन बेहतर नहीं है। 2019 में पहली बार उनको अफगानिस्तान की टीम का कप्तान बनाया गया था। हालांकि, 2021 के टी20 वर्ल्ड कप से पहले उन्होंने कप्तानी छोड़ दी थी। इसके पीछे सिलेक्शन में मतभेद एक बड़ा कारण था। बाद फिर से कप्तान बने, जब 2022 के टी20 विश्व कप के बाद मोहम्मद नबी ने कप्तानी छोड़ी। एसीबी ने बड़ी उम्मीदों से उनको कप्तान बनाया और उन्होंने 2024 के टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल तक का सफर तय किया, लेकिन इसके बाद प्रदर्शन टीम का गिरता चला गया। अफगानिस्तान की क्रिकेट टीम टी20 फॉर्मेट में दमदार है, लेकिन एसीसी और आईसीसी इवेंट में अच्छा नहीं कर पा रही है। ऐसे में बोर्ड ने टीम में बदलावों की शुरुआत कर दी है। वर्ल्ड कप से पहले बल्लेबाजी कोच टॉबी रैडफोर्डको बल्लेबाजी कोच बनाया गया था, जबकि रिचर्ड पायबस ने हेड कोच के तौर पर जोनाथन ट्रॉट को रिप्लेस किया है। ट्रॉट और बोर्ड के बीच बन नहीं रही थी। इसके बाद क्या लीडरशिप में बदलाव होगा? इस पर अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चीफ एग्जक्यूटिव नसीब खान ने कहा है कि इसी संभावना है, लेकिन अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। नसीब ने क्रिकबज से कहा, "हम अभी टीम में सुधारों पर विचार कर रहे हैं। अगर आप भविष्य के लिए टीम बना रहे हैं, तो बदलाव तो होंगे ही। हम पहले ही हेड कोच, बैटिंग कोच और ट्रेनर बदल चुके हैं और टीम में भी इसी तरह के बदलाव किए जाएंगे। हालांकि, कप्तानों के बारे में अभी कोई आखिरी फैसला नहीं हुआ है, इसलिए मैं इस समय यह नहीं कह सकता कि उन्हें बदला जाएगा या बनाए रखा जाएगा।"

धमाकों के साए में दुबई से लौटीं पीवी सिंधु, भावुक पोस्ट में किया आभार व्यक्त

 बेंगलुरु दो बार की ओलंपिक पदक विजेता बैडमिंटन स्टार पीवी स‍िंधु आखिरकार सुरक्षित अपने घर बेंगलुरु लौट आई हैं. मध्य-पूर्व में बढ़ते अमेरिका-ईरान-इजरायल तनाव के कारण एयरस्पेस बंद होने से वह कई दिनों तक दुबई में फंसी रहीं. इस दौरान पास में हुए एक धमाके के बाद दुबई एयरपोर्ट से उड़ानें निलंबित कर दी गई थीं, जिससे हालात और अनिश्चित हो गए |  स्थिति के चलते सिंधु को 3 मार्च 2026 से बर्मिंघम में शुरू हो रहे प्रतिष्ठित ऑल इंग्लैंड ओपन चैम्प‍ियनश‍िप  (All England Open Championships) से नाम वापस लेना पड़ा. यह टूर्नामेंट बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) का सुपर 1000 इवेंट है और पेरिस ओलंपिक साइकिल की तैयारी के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा था. ऐसे में उनका बाहर होना बड़ी बाधा के रूप में देखा जा रहा है |  सिंधु अपनी टीम के साथ जिसमें इंडोनेशियाई कोच इरवांस्याह अदी प्रतामा भी शामिल थे, दुबई में फंस गए थे और उनके ठहरने की जगह के पास हुए धमाके के बाद वे बाल-बाल बच गईं. हालांकि उन्हें एक सुरक्षित जगह पर ले जाया गया, लेकिन तनावपूर्ण स्थिति और यात्रा में रुकावटों के कारण ओलंपिक मेडलिस्ट को ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप से हटना पड़ा. बेंगलुरु पहुंचने के बाद सिंधु ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा किया. उन्होंने लिखा कि पिछले कुछ दिन बेहद तनावपूर्ण और अनिश्चित रहे, लेकिन सुरक्षित घर लौटकर आभारी महसूस कर रही हैं. उन्होंने दुबई प्रशासन, एयरपोर्ट स्टाफ, इमिग्रेशन अधिकारियों और ग्राउंड टीमों का विशेष धन्यवाद किया, जिन्होंने मुश्किल समय में सहानुभूति और पेशेवर रवैया दिखाया |  सिंधु ने संकेत दिए कि फिलहाल वह आराम करेंगी, खुद को रीसेट करेंगी और आगे की ट्रेनिंग योजना पर विचार करेंगी. हालांकि, मौजूदा हालात को देखते हुए उनके अगले टूर्नामेंट और अभ्यास कार्यक्रम को लेकर तस्वीर साफ नहीं है |  व‍िमल कुमार ने बताया पीवी स‍िंधु न‍िराश थीं इससे पहले भारत के पूर्व कोच विमल कुमार ने PTI को बताया कि सिंधु सड़क के रास्ते ओमान जाने के बारे में सोच रही थीं. उन्होंने कहा कि एक एथलीट के लिए यह मुश्किल होता है क्योंकि वह सच में बहुत अच्छी दिख रही थीं और उनकी पूरी टीम ऑल इंग्लैंड को लेकर उत्साहित थी. उन्होंने सड़क के रास्ते ओमान जाने के बारे में भी सोचा था, लेकिन यह बहुत रिस्की होता, इसलिए उन्होंने प्लान छोड़ दिया |     

राजा रघुवंशी हत्याकांड में परिवार का अहम निर्णय, होली में सोनम की साड़ी भी हुई जलाए

इंदौर  मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में अब होलिका दहन के मौके पर एक भावुक और प्रतीकात्मक फैसला सामने आया है। राजा रघुवंशी के परिवार ने सोनम द्वारा शादी में फेरों के समय पहनी गई साड़ी को होलिका दहन के दौरान आग के हवाले कर दिया। राजा के परिवार का कहना है कि यह कदम बुराई, धोखे और दर्दनाक यादों के अंत का प्रतीक है। राजा की मां उमा रघुवंशी ने सोमवार को मीडिया को बताया था कि होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है। सोनम फिलहाल जेल में है और कानून उसे सजा देगा, लेकिन उससे जुड़ी बुरी यादों को आज खत्म कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस साड़ी को सोनम ने शादी के समय पहना था, उसे को होलिका की अग्नि में जलाया जाएगा, ताकि उस धोखे और पीड़ा की यादों का अंत हो सके। परिवार का मानना है कि यह प्रतीकात्मक कदम उनके बेटे के साथ हुए विश्वासघात और दर्द को खत्म करने की एक कोशिश की है। पिछले साल साथ खेली थी होली, अब सिर्फ यादें इस दौरान राजा की मां बेटे की पुरानी होली की वीडियो देखकर भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि पिछले साल सोनम ने खुद राजा को रंग लगाने के लिए बुलाया था। दोनों ने साथ में गुलाल से होली खेली थी और परिवार के साथ त्योहार मनाया था। उमा रघुवंशी ने भावुक होकर कहा कि उस समय किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यह राजा की आखिरी होली होगी। अब वही यादें परिवार को बार-बार झकझोर रही हैं। मां बोलीं- हमारे लिए होली अब पहले जैसी नहीं रही राजा की मां ने कहा कि हमारे लिए होली अब पहले जैसी नहीं रही, लेकिन हमें विश्वास है कि सच जरूर सामने आएगा और हमारे बेटे को न्याय मिलेगा। उन्होंने बताया कि परिवार के सदस्य होलिका दहन के दिन राजा रघुवंशी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करेंगे और साथ ही न्याय की मांग को लेकर अपनी आवाज भी उठाएंगे। हनीमून के बहाने ले जाकर की गई थी हत्या यह मामला मई 2025 का है। आरोप है कि सोनम रघुवंशी अपने पति राजा रघुवंशी को हनीमून के बहाने धोखे से शिलॉन्ग लेकर गई थी। वहीं उसने अपने प्रेमी राज कुशवाहा और उसके साथियों के साथ मिलकर साजिश रची और राजा की हत्या करवा दी थी। इस मामले में सोनम और उसके प्रेमी राज फिलहाल जेल में बंद है। हाल ही में इसी प्रकरण में दो आरोपियों को कोर्ट ने बरी भी किया है। वहीं, कई अन्य आरोपियों की इंदौर से शिलॉन्ग की अदालत में ऑनलाइन पेशी करवाई जा रही है। राजा रघुवंशी हत्याकांड ने पूरे शहर को झकझोर दिया था और अब होलिका दहन के मौके पर परिवार का यह कदम एक बार फिर उस दर्दनाक घटना की यादें ताजा कर रहा है।