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04 मार्च 2026 का राशिफल: मेष से मीन तक सभी राशियों का भविष्य, किसे मिलेगा बड़ा लाभ

मेष राशि आज आप पार्टनर का खास ध्यान रखें क्योंकि वे किसी बात पर आपसे नाराज़ हो सकते हैं। पुरानी बातों को दोबारा न छेड़ें। रिश्ते को संभालने और बचाने की कोशिश करें, तभी स्थिति सुधरेगी। वृषभ राशि वृषभ राशि के लव लाइफ में आज कोई नया व्यक्ति आ सकता है। कमिटेड लोगों के पार्टनर किसी बात से नाराज़ हो सकते हैं। आपको सलाह है कि बेवजह की बहस से बचें, शांति और समझदारी से काम लें। मिथुन राशि मिथुन राशि के प्रेम जीवन में आज प्यार भरी बातें होंगी। साथ में कोई खास प्लान बन सकता है। पार्टनर के साथ घूमने जाने का मौका मिलेगा, जिससे रिश्ता और मजबूत होगा। कर्क राशि कर्क राशि के लव लाइफ में बिना कुछ कहे भी गलतफहमी बढ़ सकती है। पार्टनर से विवाद संभव है और शक की स्थिति बन सकती है। हालांकि शाम तक माहौल फिर से सामान्य हो जाएगा। सिंह राशि आपके रिलेशनशिप में कुछ मुद्दे बढ़ सकते हैं। कोई पुरानी बात आपको परेशान करेगी जिसके कारण मूड ऑफ रह सकता है, इसलिए धैर्य से काम लें। कन्या राशि कन्या राशि के लव लाइफ की स्थिति आज अच्छी रहने वाली है। डेट पर जाने का प्लान बन सकता है। कोई ऑनलाइन मैसेज आपके चेहरे पर मुस्कान ला सकता है। प्यार में नया ट्विस्ट आएगा। तुला राशि तुला राशि के रिश्ते में आज प्यार जताना जरूरी है, वरना दूरी बढ़ सकती है। पुराना विवाद खत्म करना ही बेहतर रहेगा। आपको सलाह है कि दूसरों की बात पर यकीन ना करें।  वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि को कोई नया पसंद आ सकता है। कुछ लोगों का मूड आज थोड़ा ऑफ रह सकता है, खासकर शाम के समय। फिर भी प्यार को मौका देने की कोशिश करें। धनु राशि धनु राशि के लोगों को आज ज्यादा ओवरथिंकिंग करने से बचाव करना होगा। पुराने दिन फिर से खास बन सकते हैं। रात में प्यार भरी बातचीत होगी, लेकिन नींद कम आ सकती है। मकर राशि आज मकर राशि को पुराना प्यार याद आ सकता है और उसकी कमी महसूस होगी। शाम तक मूड हल्का करने के लिए कहीं घूमने जा सकते हैं। पार्टनर को बहुत मिस करेंगे। कुंभ राशि कुंभ राशि को लोगों के मन में आज पार्टनर की जिंदगी को लेकर सवाल आएंगे। आप उन्हें बहुत प्यार करते हैं, इसलिए छोड़ना मुश्किल लगेगा। आज अपने मन को मजबूत रखना होगा। मीन राशि मीन राशि के प्रेम जीवन में आज कोई नया व्यक्ति बीच में आ सकता है। पार्टनर से दिल की बातें करें। साथ में घूमने या डिनर डेट का प्लान बन सकता है।

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच राहत, भारी तेजी के बाद थमा कच्चे तेल का रुख

नई दिल्ली पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) के जरिए आपूर्ति को लेकर चिंताओं के बीच पिछले सत्र में 10 प्रतिशत से अधिक की तेज उछाल के बाद मंगलवार को कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ कुछ स्थिरता देखी गई। अमेरिकी कच्चे तेल के वायदा भाव में 1.4 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई और यह 72.23 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं ब्रेंट क्रूड 1.87 प्रतिशत बढ़कर शुरुआती कारोबार में 79.2 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता दिखा। ईरान के जवाबी हमलों से तेल और गैस आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे तेल की कीमतों में तेजी आई और महंगाई को लेकर चिंता गहरा गई। रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान ने सऊदी अरब के तेल और गैस ढांचे को निशाना बनाया और रणनीतिक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों को लेकर चेतावनी दी। विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी प्रशासन द्वारा घरेलू ऊर्जा कीमतों को नियंत्रित करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों की घोषणा से सोमवार को आई घबराहट कुछ कम हुई। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने बताया कि ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट और ऊर्जा सचिव क्रिस राइट मंगलवार को बढ़ती ऊर्जा कीमतों से निपटने की योजना की घोषणा करेंगे। हालांकि, वैश्विक तेल आपूर्ति के प्रमुख मार्ग माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों को खतरा बना हुआ है, जिससे कीमतों को समर्थन मिल रहा है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह मार्ग अस्थायी रूप से बंद भी होता है तो भारत कुछ समय तक स्थिति संभाल सकता है। लेकिन अगर जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहता है, तो भारत को आपूर्ति के स्रोतों में और विविधता लानी होगी। बताया जा रहा है कि भारत पहले से ही रूस, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका जैसे वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं की तलाश कर रहा है। निवेश बैंक मॉर्गन स्टेनली ने कहा है कि यदि पश्चिम एशिया में पूर्ण स्तर का संघर्ष होता है और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति लंबे समय तक बाधित होती है, तो ब्रेंट क्रूड की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। एक अन्य हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि जलडमरूमध्य में व्यवधान की स्थिति में ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जा सकता है और व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की स्थिति में यह 100 डॉलर प्रति बैरल के पार भी जा सकता है। अनुमान के मुताबिक, सीमित संघर्ष की स्थिति में तेल की कीमत में 5 से 10 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि ईरान के तेल ढांचे को सीधा नुकसान होने पर 10 से 12 डॉलर प्रति बैरल तक का इजाफा संभव है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कच्चे तेल की कीमत में हर 1 डॉलर की बढ़ोतरी से भारत का वार्षिक आयात बिल करीब 2 अरब डॉलर बढ़ जाता है, जिससे व्यापार संतुलन पर दबाव पड़ता है। दुनिया के कुल तेल परिवहन का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है, जबकि भारत के 40 प्रतिशत से अधिक कच्चे तेल आयात इसी मार्ग से आते हैं।

हालात को देखते हुए दुबई में भारतीय दूतावास अलर्ट, भारतीयों से कहा- बेवजह बाहर न निकलें

नई दिल्ली  दुबई में भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। भारतीय दूतावास ने वहां रहने वाले भारतीय लोगों को गैर जरूरी यात्रा करने से बचने की सलाह दी है। दुबई में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "अभी के इलाके के हालात को देखते हुए संयुक्त अरब अमीरात में सभी भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे गैर-जरूरी यात्रा से बचें। पूरा ध्यान रखें, सतर्क रहें और यूएई अधिकारियों और एम्बेसी द्वारा जारी किए जाने वाले सुरक्षा गाइडलाइंस और एडवाइजरी का पालन करें।" "अबू धाबी में भारतीय एम्बेसी और दुबई में कॉन्सुलेट जनरल नॉर्मल तरीके से काम कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर अपडेट जारी करेंगे। किसी भी इमरजेंसी सवाल के लिए, यूएई में भारतीय नागरिक टोल फ्री नंबर: 800-46342 और व्हाट्सएप +971543090571 पर संपर्क कर सकते हैं।" रियाद में अमेरिकी दूतावास पर दो ईरानी ड्रोन हमलों के बाद आग लग गई और सामान का नुकसान हुआ। अमेरिकी दूतावास ने इसके बाद एडवाइजरी जारी की। हमले के बाद अमेरिकी दूतावास ने एक्स के जरिए रियाद, जेद्दा और धाहरान के लिए शेल्टर-इन-प्लेस एडवाइजरी जारी की। इसने इस क्षेत्र में सैन्य ठिकानों की गैर-जरूरी यात्रा पर रोक लगाने की भी घोषणा की और सऊदी अरब में रहने वाले अमेरिकी नागरिकों से तुरंत पनाह लेने की अपील की। बयान में कहा गया, "सऊदी अरब में अमेरिकी मिशन इलाके के हालात पर नजर रख रहा है। हम सभी यात्रियों से कहना चाहते हैं कि वे हमारे सबसे नए सुरक्षा अलर्ट देखें। किसी भी रुकावट के मामले में अपनी यात्रा की योजना को देखें और खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए सही फैसले लें।" इसमें आगे कहा गया, "हम सभी अमेरिकी नागरिकों को एक पर्सनल सेफ्टी प्लान बनाए रखने की सलाह देते हैं। विदेश में ट्रैवल करते या रहते समय अचानक कोई मुश्किल आ सकती है, और एक अच्छा प्लान आपको संभावित हालात के बारे में सोचने और पहले से सबसे अच्छा तरीका तय करने में मदद करता है।"

ईरान संकट पर पाकिस्तान सतर्क, रक्षा मंत्री का बयान—युद्ध भड़का तो पड़ेंगे गंभीर असर

इस्लामाबाद ईरान पर हमलों का विरोध पाकिस्तान में हिंसक भी हुआ। अमेरिकी दूतावास को निशाने पर भी लिया गया, तो सांसदों ने भी विरोध के सुर बुलंद किए। संसद में राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के संबोधन के दौरान भी 'जाली बोर्ड ऑफ पीस से बाहर निकलो' के नारे लगे। वहीं, अब तो रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी कहना शुरू कर दिया है कि जंग पाकिस्तान के लिए खतरनाक है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया पोस्ट में जायनिज्म (यहूदियों का आंदोलन) को मुस्लिम दुनिया में अस्थिरता की मुख्य वजह बताया है और इसे मानवता के लिए खतरा बताया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि ईरान पर चल रहा युद्ध पाकिस्तान की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि फिलिस्तीन की जमीन पर इजरायल के कायम होने से लेकर आज तक इस्लामी दुनिया पर जो भी बड़ी-बड़ी मुसीबतें आई हैं, जो भी युद्ध थोपे गए हैं, उनमें जायनिस्ट विचारधारा और इजरायल का सीधा हाथ दिखता है। ख्वाजा आसिफ ने ईरान के बारे में कहा कि ईरान समझौते के लिए तैयार था, इसके बावजूद उन पर युद्ध थोपा गया है। यह सब जायनिस्ट एजेंडा का हिस्सा है, जिसमें इजराइल का प्रभाव पाकिस्तान की सरहद तक लाने की कोशिश शामिल है। अफगानिस्तान, ईरान और भारत को मिलाकर पाकिस्तान विरोधी एजेंडा बनाया जा रहा है, ताकि पाकिस्तान की सरहदें असुरक्षित हो जाएं, हर तरफ से दुश्मन घेर लें और पाकिस्तान कमजोर हो जाए। वहीं, पाकिस्तान की पूर्व राजदूत ने पीस बोर्ड से हटने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि शरीफ सरकार को ट्रंप का गाजा बोर्ड छोड़ देना चाहिए। पूर्व राजदूत मलीहा लोधी ने कहा कि नवाज शरीफ की सरकार को ट्रंप के बनाए “बोर्ड ऑफ पीस” से बाहर निकल जाना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि पाकिस्तान को शुरुआत में ही इस बोर्ड में शामिल नहीं होना चाहिए था। लोधी ने आरोप लगाया कि "ट्रंप सरकार कई देशों पर हमले कर चुकी है और गाजा में इजरायली कार्रवाई में उसकी भूमिका रही है।"

मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव, United States Embassy ने जॉर्डन-यरुशलम जाने पर दी सख्त सलाह

नई दिल्ली मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका दूतावास ने जॉर्डन और यरुशलम के लिए एडवाइजरी जारी की है। अमेरिका ने स्थानीय खबरों पर नजर रखने और इन दोनों देशों की यात्रा करने से पहले विचार करने को कहा है। अमेरिका ने सुरक्षा कारणों से जॉर्डन में 2 मार्च को गैर-आपातकालीन अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को देश छोड़ने का आदेश दिया है। अमेरिकी दूतावास के कामकाज में बदलावों को दिखाने के लिए एडवाइजरी समरी को अपडेट किया गया। अमेरिकी दूतावास ने कहा कि आतंकवाद और सशस्त्र संघर्ष के कारण जॉर्डन की यात्रा पर फिर से विचार करें। अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी को दुश्मनी शुरू होने के बाद ईरान से ड्रोन एवं मिसाइल हमलों और कमर्शियल उड़ानों में बड़ी रुकावटों का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा अगर जाते हैं तो इमरजेंसी में निकलने का प्लान बनाएं जो अमेरिकी सरकार की मदद पर निर्भर न हो। क्राइसिस और इवैक्यूएशन पर हमारी जानकारी देखें। अपने आसपास का ध्यान रखें। वहीं, येरुशलम को लेकर अमेरिकी दूतावास ने कहा, "इजरायल से निकलने वाले अमेरिकियों को निकालने या सीधे मदद करने की स्थिति में नहीं है। जब आप अपनी सुरक्षा योजना बना रहे हों तो आपकी जानकारी के लिए नीचे दी गई जानकारी दी गई है। इजरायली टूरिज्म मंत्रालय ने 2 मार्च से ताबा बॉर्डर क्रॉसिंग के लिए शटल चलाना शुरू कर दिया है। शटल के लिए पैसेंजर लिस्ट में शामिल होने के लिए आपको मिनिस्ट्री के इवैक्युएशन फॉर्म के जरिए रजिस्टर करना होगा।" यूएस एंबेसी ने कहा कि अमेरिकी दूतावास पर्यटन मंत्रालय के शटल के लिए कोई सिफारिश (पक्ष या विपक्ष में) नहीं कर सकती है। अगर आप निकलने के लिए इस ऑप्शन का फायदा उठाते हैं तो अमेरिकी सरकार आपकी सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकती। यह जानकारी उन लोगों के लिए एक कर्टसी के तौर पर दी गई है जो इजरायल छोड़ना चाहते हैं। इसके अलावा, फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि राष्ट्रपति को लगता है कि तेहरान के साथ लंबे समय तक बातचीत के बावजूद समय खत्म हो रहा है। उन्होंने कहा, "हमने गर्मियों में ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के दौरान यूरेनियम संवर्धन फैसिलिटी को नष्ट कर दिया था।" उपराष्ट्रपति ने कहा कि सरकार का मकसद इसे कुछ समय के लिए रोकने से कहीं ज्यादा था। वेंस ने कहा, "ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल के पहले तीन, चार साल तक देश को सिर्फ ईरानी न्यूक्लियर हथियार से सुरक्षित ही नहीं रखना चाहते थे, बल्कि वह यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि ईरान के पास कभी न्यूक्लियर हथियार न बना सके।" वेंस ने कहा, ट्रंप ने अंदाजा लगाया कि ईरान अपने प्रोग्राम को आगे बढ़ाने पर तुला हुआ है और हर हाल में परमाणु हथियार बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, तब अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान पर एक्शन लेने का फैसला किया।" विदेश मंत्री मार्को रुबियो की इस टिप्पणी पर कि अमेरिका आगे और कड़ा कदम उठा सकता है, इस बारे में सवाल पूछे जाने पर वेंस ने अमेरिकी सेना की क्षमता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "ईरान के परमाणु कार्यक्रम को गंभीर नुकसान पहुंचाने की हमारी क्षमता कहीं अधिक है। साथ ही हम उन विभिन्न मिसाइलों को भी निशाना बना सकते हैं जो हमारे सैनिकों के लिए खतरा हैं। राष्ट्रपति के पास कई विकल्प उपलब्ध हैं।

ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम: हरियाणा के इस जिले में बनेगा पहला ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट, 200MW पावर जनरेशन

चंडीगढ़ प्रदेश में किसानों को निर्बाध और भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराने के लिए सरकार हरियाणा एग्री डिस्काम नाम से तीस्सरी ऊर्जा बिजली वितरण कंपनी स्थापित करेगी। साथ ही सरकार हरियाणा हरित हाइड्रोजन नीति भी लागू करेगी। ऊर्जा क्षेत्र के बजट में बढ़ोतरी करते हुए वित्त वर्ष 2025-26 के 6,379.63 करोड़ रुपये की तुलना में वर्ष 2026-27 के लिए बजट 7.66 प्रतिशत बढ़ाकर 6,868 करोड़ रुपये निर्धारित किया है। हरियाणा एयी डिस्काम राज्य के सभी 5,084 कृषि फीडरों और 7.12 लाख कृषि उपभोक्ताओं को सेवाएं प्रदान करेगा। इसका उद्देश्य नए ट्यूबवेल कनेक्शन तेजी से जारी करना, खराब ट्रांसफार्मरों को शीघ्र बदलना और किसानों के खेतों तक नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है। वर्तमान में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम 14,391 फीडरों से घरेलू, वाणिज्यिक, कृषि और औद्योगिक उपभोक्ताओं को बिजली उपलब्ध करा रहे हैं। 2004-05 से 2014-15 के बीच इन दोनों निगमों ने 1,89,978 नए ट्यूबवेल कनेक्शन जारी किए थे। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत 35,000 नए सौर पंप स्थापित होंगे। 13 जिलों में 200 मेगावाट क्षमता की पराली आधारित बायोमास परियोजनाएं स्थापित होंगी। किसान अपने ट्यूबवेल पर सौर पैनल लगाकर अतिरिक्त बिजली बेच भी सकेंगे। किसानों के मौजूदा बिजली आधारित ट्यूबवेल कनेक्शनों पर खेतों में सौर ऊर्जा लगाने की अनुमति मिलेगी। ऐसे में उपयोग से बढ़ने वाली बिजली निगम खरीदेंगे। प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए पानीपत में पहला ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट बनेगा। वर्ष 2030 तक 250 किलो टन प्रतिवर्ष हरित हाइड्रोजन उत्पादन और 2 गीगावाट इलेक्ट्रोलाइजर निर्माण क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 2.2 लाख घरों की छतों पर सौर संयंत्र लगेंगे। गैर बकायेदार उपभोक्ताओं और अंत्योदय परिवारों को इसके लिए ब्याज मुक्त सहायता भी दी जाएगी। शेष 68 लाख उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।

त्योहार से पहले बड़ा हादसा: नोएडा-भिंड मार्ग पर भीषण सड़क दुर्घटना, दो बच्चों समेत 3 की जान गई

भिंड नोएडा से गोहद स्थित गृह गांव में होली मनाने आ रहे कार सवार परिवार से आगरा में ट्रक टकरा गया। हादसे में दो बच्चों सहित तीन लोगों की मौत हो गई। चार लोग घायल हो गए। जानकारी के अनुसार 32 वर्षीय रामकुमार पुत्र बांकेलाल जाटव निवासी कीरतपुरा थाना गोहद नोएडा के सेक्टर 93 में परिवार सहित रहते थे। होली मनाने के लिए रामकुमार सोमवार रात कार से गोहद आ रहे थे। ट्रक की टक्कर से कार के उड़े परखच्चे, तीन की मौत मंगलवार सुबह करीब 4:30 बजे आगरा-फतेहाबाद के बीच बाह की ओर से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने सामने से आ रही स्विफ्ट कार को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। कार में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू टीम को वाहन काटना पड़ा। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद रामकुमार जाटव, चार वर्षीय बेटे मनदीप के अलावा छह वर्षीय तनु पुत्री भूरे जाटव निवासी कीरतपुरा को मृत घोषित कर दिया। कई लोग गंभीर घायल, ट्रक चालक फरार जबकि 40 वर्षीय भूरे जाटव, उनकी पत्नी 35 वर्षीय चंद्रिका, बेटी आठ वर्षीय अनन्या के अलावा रेखा पत्नी रामकुमार जाटव घायल हैं। भूरे जाटव की गंभीर हालत देखते हुए ग्वालियर में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। आर्थिक तंगी और अस्पताल के बिल ने बढ़ाई परेशानी हादसे के बाद मृतक रामकुमार जाटव के भाई राजकुमार जाटव ने आगरा में न्यू आगरा थाने में आवेदन देकर बताया कि हादसे में उनके भाई सहित भतीजों की मौत हो गई है। जबकि घायल श्री हरि अस्पताल में भर्ती हैं। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि घायलों का बिल 97 हजार रुपये हो गया है। जबकि घायलों के स्वजन मजदूरी करते थे, इसलिए परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। अस्पताल प्रबंधन बिना बिल भरे हुए मरीजों को डिस्चार्ज नहीं कर रहा है।  

शादी के बाद हनीमून बना मुसीबत, दुबई में अटका पंजाब का कपल, घरवालों की आंखें नम

मानसा मानसा के सरदूलगढ़ का एक नवविवाहित जोड़ा इज़राइल-ईरान युद्ध के कारण दुबई में फंसा हुआ है। यह दंपति घूमने के लिए दुबई गया था। गुरप्रीत सिंह और उनकी पत्नी की वापसी की उड़ान 3 मार्च को निर्धारित थी, लेकिन उड़ान रद्द होने के कारण वे घर वापस नहीं आ सके। गुरप्रीत ने अपने परिवार को फोन कर अपनी सुरक्षा की जानकारी दी है, लेकिन हालात को लेकर परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। गुरप्रीत के पिता गुरजंट सिंह ने भावुक होकर कहा, “जब हम सुबह उठते हैं तो सबसे पहले टीवी चलाते हैं और दिनभर खबरें देखते रहते हैं। हर नई अपडेट हमारे दिल की धड़कन बढ़ा देती है। जब तक वे सुरक्षित घर वापस नहीं आ जाते, हमें कैसे चैन मिलेगा?” गुरप्रीत सिंह के पिता ने सरकार से अपील की है कि दुबई में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए विशेष इंतजाम किए जाएं। उन्होंने कहा कि जिस तरह सरकार ने पहले भी संकट के समय अपने नागरिकों को सुरक्षित निकाला है, उसी तरह इस बार भी तुरंत कदम उठाए जाने चाहिए।

चुनाव से पहले बड़ा दांव? भारतीय जनता पार्टी सक्रिय, योगी आदित्यनाथ कैबिनेट में बदलाव की चर्चा

लखनऊ प्रदेश में राजनीतिक पदचापों की ध्वनि दूर तक पहुंचने लगी है। पिछले दिनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कई अहम विषयों को छेड़ते हुए प्रदेश को मथा, वहीं अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भाजपा के सभी छह क्षेत्रों में समन्वय बैठकों में पहुंच रहे हैं। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि अब ‘ट्रिपल एस’ यानी सरकार, संगठन और संघ के मॉडल पर चुनावी तार को कसा जा रहा है। पार्टी अंदरूनी घमासान, यूजीसी एवं जातीय उबाल से होने वाले नुकसान से निपटने की रणनीति बना रही, वहीं नाराज कार्यकर्ताओं को साधने की कसरत भी तेज की गई है। सरकार, संघ और भाजपा की प्रदेश स्तर पर समन्वय बैठक नियमित अंतराल पर होती रहती है, जिसमें सरकार के कार्यों के साथ ही अनुषांगिक संगठनों के अभियानों एवं आगामी कार्यक्रमों की चर्चा होती है, साथ ही जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं के बीच सामंजस्य बढ़ाने पर जोर दिया जाता ह, लेकिन अब पार्टी के सभी छह क्षेत्रों में बैठकें हो रही हैं। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के साथ ही योगी भी पहुंच रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक एवं स्थानीय विषयों पर विमर्श 28 फरवरी को लखनऊ में आयोजित बैठक में योगी, पंकज, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह के साथ ही संघ के सभी बड़े पदाधिकारी शामिल हुए। एक मार्च को वाराणसी और दो मार्च को गोरखपुर क्षेत्र में बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजनीतिक, सामाजिक एवं स्थानीय विषयों पर विमर्श हुआ। होली के बाद पांच मार्च को पश्चिम क्षेत्र की समन्वय बैठक गाजियाबाद, छह मार्च को कानपुर और सात को ब्रज क्षेत्र की बैठक आगरा में होगी। समन्वय बैठकों की टाइमिंग विशेष रूप से बड़े राजनीतिक संकेत दे रही है। खासकर, ऐसे समय में जब प्रदेश संगठन में बड़े पैमाने पर बदलाव करने के साथ ही योगी मंत्रिमंडल में फेरबदल की भी चर्चा तेज है। प्रदेश अध्यक्ष चौधरी का कहना है कि सप्ताहभर में गाजियाबाद, कानपुर एवं आगरा में समन्वय बैठक होगी। इन बैठकों में प्रमुख मुद्दों के साथ ही क्षेत्रीय स्तर के विषयों पर भी स्वाभाविक तौर पर चर्चा होगी।  

हाई अलर्ट पर हरियाणा का यह जिला, 800+ पुलिस जवानों की ड्यूटी; प्रशासन ने क्यों उठाया बड़ा कदम?

रेवाड़ी होली (धुलंडी) के अवसर पर शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला पुलिस ने व्यापक एक्शन प्लान तैयार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा के निर्देश पर जिलेभर में सख्त व्यवस्था की जा रही है, ताकि शराब पीकर हुड़दंग करने वाले असामाजिक तत्वों पर लगाम लगाई जा सके और त्योहार को खुशहाली के साथ मनाया जा सके। जिले में कुल 25 नाके बनाए गए हैं, जिनमें 20 स्थानीय और 5 इंटरस्टेट नाके शामिल हैं। इन सभी नाकों पर 800 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। एल्को-सेंसर (एल्कोमीटर) की मदद से शराब पीकर वाहन चलाने वालों की जांच की जाएगी। इसके अलावा, जिले के विभिन्न गांवों में लगने वाले 22 मेलों में 350 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए 42 राइडर टीमें, 25 ईआरवी (इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन) और 8 पीसीआर वाहन फील्ड में सक्रिय रहेंगे। एसपी हेमेंद्र मीणा ने कहा कि होली के पावन पर्व में खलल डालने वाले या हुड़दंग मचाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि रंगों का यह पर्व भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक है, इसलिए सभी नागरिक इसे शांति और सद्भाव के साथ मनाएं। वहीं, त्योहार के दिन ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को परिवार की कमी महसूस न हो, इसके लिए एक अनोखी पहल भी की गई है। डीएसपी हैडक्वार्टर डॉ. रविंद्र कुमार ने बताया कि एसपी के आदेश पर सभी नाकों पर तैनात पुलिसकर्मियों को एसएचओ, डीएसपी और स्वयं एसपी मौके पर पहुंचकर मिठाइयां खिलाएंगे और उनका मनोबल बढ़ाएंगे। पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें, नशे में वाहन न चलाएं और सुरक्षित व जिम्मेदार तरीके से होली का पर्व मनाएं।