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त्योहार से पहले कानून-व्यवस्था मजबूत: रायपुर ग्रामीण में 223 वारंट तामील, 119 पर केस

रायपुर होली पर्व के मद्देनज़र जिले में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रायपुर ग्रामीण पुलिस ने व्यापक विशेष अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा के निर्देश पर राजपत्रित अधिकारियों के मार्गदर्शन और संबंधित थाना प्रभारियों के नेतृत्व में यह सघन कार्रवाई की गई। अभियान में संवेदनशील और प्रमुख थाना क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई। थाना माना, मंदिर हसौद, आरंग, धरसींवा, अभनपुर, गोबरानवापारा, राखी, विधानसभा, खरोरा और तिल्दा नेवरा क्षेत्रों में एक साथ समन्वित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने लंबित वारंटों की तामिली, निगरानी बदमाशों की जांच, संदिग्ध व्यक्तियों की धरपकड़ और यातायात नियमों के उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई की। 223 वारंट तामील, 119 पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई अभियान के दौरान कुल 223 वारंटों की तामिली कर न्यायालयीन आदेशों का पालन सुनिश्चित किया गया। संभावित शांति भंग की आशंका को देखते हुए 119 आरोपियों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। विभिन्न अधिनियमों के तहत सख्ती विशेष अधिनियमों के अंतर्गत भी प्रभावी कार्रवाई की गई—     1 आरोपी के विरुद्ध आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज।     12 आरोपियों पर आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज।     99 मामलों में कोटपा एक्ट के तहत कार्रवाई।     158 वाहन चालकों के विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालानी कार्रवाई।     6 आरोपियों पर जुआ/सट्टा अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज। इसके अलावा 49 गुंडा एवं निगरानी बदमाशों तथा 18 चाकूबाज प्रवृत्ति के व्यक्तियों की सघन चेकिंग कर उन्हें सख्त चेतावनी दी गई, ताकि त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। इस विशेष अभियान के तहत विभिन्न धाराओं और अधिनियमों में कुल 613 व्यक्तियों/प्रकरणों पर कार्रवाई की गई। नागरिकों से अपील पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से होली को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से मनाने की अपील की है। साथ ही अफवाहों से दूर रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या असामाजिक तत्व की जानकारी तत्काल निकटतम थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को देने का आग्रह किया है, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

ड्रैगन की एयर डिफेंस पर सवाल! साल भर में फिर फुस्स हुआ HQ-9B

चीन भले ही ईरान पर हमले इजरायल और अमेरिका ने किए हो लेकिन इस हमले में चीन की भारी भद्द पिटी है। दरअसल, ईरान ने हमलों से सुरक्षा के लिए तेल के बदले हथियार योजना के तहत पिछले साल चीन से HQ-9B एयर डिफेंस सिस्टम खरीदे थे लेकिन शनिवार को जब ईरान पर हमले हुए तो ये डिफेंस सिस्टम घंटे भर भी ईरान की रक्षा करने में नाकाम साबित हुए। ऐसे में चीन का यह मिलिट्री हार्डवेयर न सिर्फ चर्चा के केंद्र में आ गया है बल्कि अब इसकी अग्नि परीक्षा की घड़ी आ चुकी है क्योंकि एक साल के अंदर लगातार दो लड़ाइयों में यह फेल साबित हुआ है। ईरान से पहले पड़ोसी पाकिस्तान ने भी HQ-9B सिस्टम को तैनात किया था, लेकिन मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी भारतीय फायरिंग के सामने यह चीनी डिफेंस सिस्टम फुस्स साबित हुआ था। HQ-9B एयर डिफेंस सिस्टम की वास्तविक क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। 28 फरवरी 2026 को हुए हमलों में ईरान के 30 से अधिक प्रांतों में से 20 से ज्यादा प्रभावित हुए हैं। राजधानी तेहरान समेत कई संवेदनशील ठिकानों को इजरायली और अमेरिकी सैन्य बलों ने निशाना बनाया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, HQ-9B सिस्टम को तेहरान के साथ-साथ नतांज और फोर्दो जैसे परमाणु स्थलों की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था, लेकिन यह आने वाली मिसाइलों और ड्रोन को घंटे भर भी रोकने में विफल रहा। लिहाजा, इन हमलों में भारी तबाही हुई और सैकड़ों नागरिकों की मौत की खबरें सामने आई हैं। पाकिस्तान में भी हुआ था फुस्स यह पहली बार नहीं है जब HQ-9B पर सवाल उठे हों। मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच “ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान भी यह सिस्टम चर्चा में आया था। पाकिस्तान में तैनात HQ-9B भारतीय हमलों को रोकने में प्रभावी साबित नहीं हुआ। विशेषज्ञों के अनुसार, उस संघर्ष में पाकिस्तान की एयर डिफेंस प्रणाली धीरे-धीरे निष्क्रिय हो गई थी और कई महत्वपूर्ण ठिकानों को नुकसान हुआ। क्या है HQ-9B सिस्टम? HQ-9B चीन का लंबी दूरी का सतह से हवा में मार करने वाला मिसाइल सिस्टम है, जिसे रूस के S-300 और अमेरिका के पैट्रियट सिस्टम से प्रेरित माना जाता है। लगभग 260 किलोमीटर तक इसकी मारक क्षमता है। यह 50 किमी तक ऊंचाई पर टारगेट को भेदने में सक्षम है। इसके अलावा यह एक साथ 100 लक्ष्यों को ट्रैक करने की क्षमता रखता है। इतना ही नहीं HQ-9B सिस्टम 6–8 लक्ष्यों को एक साथ निशाना बनाने की क्षमता रखता है, बावजूद इसके वह साल भर में दो बार फेल साबित हुआ है। इसे चीन ने अपने रणनीतिक क्षेत्रों, जैसे बीजिंग और दक्षिण चीन सागर, की सुरक्षा के लिए भी तैनात किया है। क्यों नहीं कर पाया असरदार बचाव? विशेषज्ञों के अनुसार HQ-9B की नाकामी के पीछे कई कारण हो सकते हैं। मसलन, अत्याधुनिक स्टेल्थ विमान और प्रिसिशन मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया हो, जिसे यह इंटरसेप्ट नहीं कर पाया। इसके अलावा यह भी कहा जा रहा है कि इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग से रडार सिस्टम का कमजोर कर दिया गया होगा। विशेषज्ञों के मुताबिक, एक साथ कई हमलों से सिस्टम ओवरलोड हो गया होगा, इस वजह से भी यह फेल हुआ हो सकता है। इसके अलावा अलग-अलग एयर डिफेंस सिस्टम के बीच समन्वय की कमी को भी एक वजह बताया जा रहा है। जुलाई 2025 में खरीदे थे HQ-9B सिस्टम ईरान ने पिछले साल जून में इजरायल के साथ सीजफायर के बाद अपने आसमान को मजबूत करने के लिए, चीन के साथ तेल के बदले हथियार की डील के तहत जुलाई 2025 में HQ-9B मिसाइल हासिल किए थे। इजरायल ने जून में ऑपरेशन राइजिंग लायन में, ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को रोकने के लिए ईरानी इलाके में अंदर तक घुसकर हमला किया था। इज़रायली ऑपरेशन के आखिर में US ने भी ईरान के न्यूक्लियर साइट्स पर बमबारी की थी। तब ईरान ने दावा किया था कि इन हमलों से उसके परमाणु ठिकानों पर कोई असर नहीं पड़ा है लेकिन इस बार ईरान दावा कर रहा है कि उसके परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया गया है, जबकि IAEA का कहना है कि इसके ठोस सबूत नहीं मिल सके हैं। बता दें कि ईरान ने अपने रक्षा तंत्र में HQ-9B के साथ रूसी और घरेलू सिस्टम भी जोड़े थे, लेकिन संयुक्त हमलों के सामने यह “लेयर्ड डिफेंस” भी कमजोर पड़ गया।  

फर्जी इन्वेस्टमेंट स्कीम से 17 लाख की चपत, दिल्ली साइबर सेल ने तीन आरोपियों को दबोचा

बाहरी दिल्ली स्टॉक मार्केट निवेश के नाम पर 17.1 लाख रुपये की ठगी करने वाले तीन आरोपितों को उत्तर-पश्चिमी जिला साइबर सेल ने गिरफ्तार किया है। वहीं, इस मामले में एक महिला आरोपित को पाबंद किया है। इनके कब्जे से अपराध में इस्तेमाल तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान विनोद नगर निवासी इंदरजीत, पवन और गाजियाबाद के बालाजी विहार निवासी गौरव त्यागी के रूप में हुई है। महिला की पहचान महिमा शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि महिमा शर्मा आरोपित इंदरजीत के साथ संयुक्त खाता धारक थी, लेकिन अधिकृत हस्ताक्षर कर्ता नहीं थी। इसलिए उसे पाबंद किया गया है। जिला के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त भीष्म सिंह ने बताया कि आरोपितों के बैंक खातों के खिलाफ नेशनल क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर 17 शिकायतें दर्ज हैं। शालीमार बाग निवासी योगेश कुमार किराना की दुकान चलाते हैं। उन्होंने 28 जनवरी में साइबर सेल में ठगी की शिकायत की। जिसमें उन्होंने बताया कि उन्हें एक वॉट्सएप समूह में जोड़ा गया, जहां ठगों ने स्टॉक मार्केट निवेश में ऊंचे रिटर्न का लालच दिया। कमीशन के बदले ठगों को दिया बैंक खाता उन्होंने 17.10 लाख रुपये निवेश किए। लाभ होने पर जब पैसे निकालने की कोशिश की तो जालसाजों ने इसके एवज में अतिरिक्त राशि जमा करने के लिए कहा। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने पुलिस में शिकायत की। पुलिस ने मामला दर्ज कर निरीक्षक दिनेश दहिया के नेतृत्व में मामले की जांच शुरू की। जांच में पता चला कि ठगी की रकम को इंदरजीत के फर्म के खाते में ट्रांसफर किया गया था। पुलिस ने साक्ष्य मिलने पर इंदरजीत को गिरफ्तार कर लिया। उसने बताया कि कमीशन के बदले में उसने फर्म का चालू खाता साइबर ठग गिरोह को उपलब्ध कराया था। ठगी की रकम प्राप्त करने के बाद उसने पैसे को गेमिंग एप एवं अन्य डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से आगे ट्रांसफर किया। पुलिस ने उसके निशानदेही पर अन्य आरोपितों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वह संगठित गैंग का हिस्सा थे, जो ठगी करते थे। इंदरजीत कमीशन के बदले अपना बैंक खाता गिरोह को उपलब्ध कराया। पवन कुमार बैंक खातों की व्यवस्था कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभाता था, जबकि गौरव त्यागी संचालन एवं समन्वय में सहयोग करता था। गिरोह वॉट्सएप निवेश समूहों एवं फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफार्म के जरिए पीड़ितों को फंसाता था। ठगी की रकम म्यूल खातों में डालकर गेमिंग एप व अन्य डिजिटल माध्यमों से तुरंत आगे भेज देता था। बाद में सक्रिय सदस्यों को उनकी भूमिका के मुताबिक कमीशन दिया जाता था। पुलिस अब इनसे पूछताछ कर आगे की कार्रवाई कर रही है।  

डिजिटल प्लेटफॉर्म से गांव तक हुई पहुंच, खेती में बढ़ रही पेशेवर मार्गदर्शन की भूमिका

156 एग्री स्टार्टअप्स से प्रदेश के किसानों को मिल रही मदद, खेती में बढ़ रहा लाभ डिजिटल प्लेटफॉर्म से गांव तक हुई पहुंच, खेती में बढ़ रही पेशेवर मार्गदर्शन की भूमिका स्टार्टअप इकोसिस्टम से युवाओं को अवसर, ग्रामीण रोजगार को मिल रही मजबूती नीतिगत समर्थन और निवेश से यूपी बन सकता है एग्री इनोवेशन का उभरता हब लखनऊ  उत्तर प्रदेश में कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक और संस्थागत समर्थन से जोड़ने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। प्रदेश में 156 पंजीकृत कृषि स्टार्टअप सक्रिय हैं, जो किसानों को क्रेडिट सुविधा, सलाहकार सेवाएं और डिजिटल समाधान उपलब्ध करा रहे हैं। इन पहलों से योगी सरकार में खेती को लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दिशा में ठोस आधार तैयार हुआ है। प्रदेश सरकार ने कृषि को परंपरागत ढांचे से बाहर निकालकर तकनीक आधारित मॉडल से जोड़ने पर जोर दिया है। स्टार्टअप्स के माध्यम से किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने, फसल प्रबंधन संबंधी परामर्श देने और बाजार से सीधा संपर्क स्थापित करने में मदद मिल रही है। इससे छोटे और सीमांत किसानों की निर्भरता पारंपरिक साहूकारी व्यवस्था पर कम हुई है तथा उन्हें पारदर्शी वित्तीय सेवाएं मिल रही हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार डिजिटल प्लेटफॉर्म आधारित सेवाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में सूचना की पहुंच को आसान बनाया है। मौसम पूर्वानुमान, फसल चयन, बीज और उर्वरक संबंधी सलाह अब मोबाइल एप और कॉल सेंटर के माध्यम से उपलब्ध हो रही है। इससे उत्पादन लागत में कमी और उत्पादकता में वृद्धि की संभावना बढ़ी है। प्रदेश सरकार का मानना है कि तकनीक आधारित हस्तक्षेप से कृषि क्षेत्र को दीर्घकालिक स्थिरता मिलेगी। सरकार की स्टार्टअप नीति, निवेश प्रोत्साहन और कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को कृषि उद्यमिता की ओर आकर्षित किया जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़े हैं और कृषि को आधुनिक व्यवसाय के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी कदम आगे बढ़े हैं। आने वाले वर्षों में प्रदेश को एग्री इनोवेशन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना पर कार्य जारी है। कृषि क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि यदि क्रेडिट, बाजार संपर्क और तकनीकी परामर्श की यह श्रृंखला मजबूत होती रही तो उत्तर प्रदेश देश की कृषि अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभा सकता है। सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाने, कृषि जोखिम कम करने और गांवों को आत्मनिर्भर बनाने पर केंद्रित है। 156 कृषि स्टार्टअप्स की सक्रिय भागीदारी को इसी व्यापक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

ईरान की महिला फुटबॉलरों ने राष्ट्रगान नहीं गाया, चेहरे पर उदासी और दिल में ग़म

तेहरान  अमेरिका और इजरायल से युद्ध के बीच ईरान की महिला फुटबॉल टीम एशियन कप में खेल रही है। इस दौरान महिला खिलाड़ियों ने अलग ढंग से अपना विरोध जताया। ईरान की महिला फुटबॉल टीम ने एशियन कप में दक्षिण कोरिया के खिलाफ मैच से पहले इस्लामिक शासन का राष्ट्रगान गाने से इनकार कर दिया। महिला एशियाई कप फुटबॉल टूर्नामेंट में जहरा घनबारी की अगुआई वाली ईरान की टीम को दक्षिण कोरिया से हार का सामना करना पड़ा। उदास नजर आईं खिलाड़ी राष्ट्रगान के दौरान ईरान की खिलाड़ी उदास दिख रही थीं। वहीं, मैच से पहले मुख्य कोच मरजियाह जाफरी ने हमले और अपने देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर बयान देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि टीम को टूर्नामेंट पर फोकस करने की जरूरत है। हालांकि गोल्ड कोस्ट स्टेडियम में समर्थकों को देखकर उनके चेहरे पर मुस्कुराहट भी दिखी। पहले मैच में हार हालांकि ईरान की टीम को इस मैच में हार का सामना करना पड़ा। 2022 महिला एशियाई कप की उप विजेता रही दक्षिण कोरिया की टीम ने 3-0 से जीत हासिल की। टूर्नामेंट में ईरान टीम का लक्ष्य अगले साल ब्राजील में होने वाले महिला विश्व कप में जगह पक्की करना है। इसके लिए ऑस्ट्रेलिया में उसे कम से कम क्वॉर्टर फाइनल में पहुंचना होगा। ईरान का अगला मैच बृहस्पतिवार को मेजबान ऑस्ट्रेलिया से होगा। कैसा है युद्ध का हाल गौरतलब है कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला बोला है। इसके जवाब में ईरान भी हमलावर है और मध्य पूर्व के विभिन्न देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमला बोला है। वहीं, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए एक बड़े हमले में मौत हो गई है। इस घटना ने ईरान के भविष्य को अनिश्चितता में डाल दिया है और क्षेत्रीय अस्थिरता का खतरा बढ़ा दिया है। 86 वर्षीय खामेनेई की तेहरान के मध्य क्षेत्र में उनके परिसर को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमले में मौत हुई।

रंगों में घुले प्रेम और सौहार्द का त्योहार है होली : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने दी होली की शुभकामनाएँ

रायपुर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने रंगों के पावन पर्व होली के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। मंत्री राजवाड़े ने अपने संदेश में कहा है कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। यह पर्व हमारे जीवन में नई ऊर्जा, उल्लास और सकारात्मकता का संचार करता है तथा भेदभाव मिटाकर सभी को एक सूत्र में पिरोने का संदेश देता है।उन्होंने कामना की कि यह होली सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए। साथ ही उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि त्योहार मनाते समय प्राकृतिक रंगों का उपयोग करें, जल संरक्षण का ध्यान रखें तथा पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखने में अपना सक्रिय सहयोग दें। मंत्री राजवाड़े ने कहा कि पारंपरिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ मनाई गई होली ही सच्चे अर्थों में आनंद और सौहार्द का उत्सव बनती है तथा समाज में प्रेम, भाईचारे और आपसी विश्वास को और अधिक मजबूत करती है।

विकास और पर्यटन पर फोकस: पिजौंर, खरखौदा व मानेसर में बनेंगे वेडिंग डेस्टिनेशन, बोले नायब सिंह सैनी

सोनीपत बजट को लेकर मंगलवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कल पेश किए गए बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। बजट में महिलाओं का ध्यान रखा गया है। युवाओं, किसानों और गरीबों का ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में विकसित हरियाणा गति से आगे बढ़ेगा। यह पीएम मोदी के संकल्प को पूरा करने वाला बजट है। पीएम मोदी के विकसित भारत के संकल्प को हरियाणा सशक्त करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एक शब्द कहा था। उन्होंने कहा कि भारत से बड़ी संख्या में लोग शादियों के लिए विदेश जाते हैं। यहां के विवाह स्थलों में ऐसी सुविधाएं होनी चाहिए कि हमारे लोगों को विदेश जाने की जरूरत ही न पड़े, उन्हें ये सुविधाएं यहीं मिल जाएं। उन्होंने कहा कि कल बजट में मैंने प्रावधान किया कि हम पिजौंर, खरखौदा और मानेसर के पास तीन वेडिंग डेस्टिनेशन खड़े करेंगे जिससे विदेश के लोग यहां शादी करने आएं और हमारे लोग बाहर न जाएं वो व्यवस्था हम लोग खड़ी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का 2.23 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया। इस बार हरियाणा सरकार के बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर फोकस किया गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट पेश करते हुए सोमवार को 'हरियाणा एग्री डिस्कॉम' नाम की एक तीसरी बिजली डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी बनाने की घोषणा की, जो खासतौर पर किसान समुदाय की जरूरतों को पूरा करने के लिए होगी। वित्त विभाग भी संभाल रहे मुख्यमंत्री सैनी ने अपना दूसरा बजट पेश करते हुए कहा कि राजकोषीय घाटा 40,293.17 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 2.65 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि राजस्व घाटा जीडीपी का 0.87 प्रतिशत और प्रभावी राजस्व घाटा 0.41 प्रतिशत रहने का अनुमान है। पूंजीगत व्यय जीडीपी का 1.86 प्रतिशत और प्रभावी पूंजीगत व्यय 2.32 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

तालिबानी सजा से गई जान: ओडिशा में कथित कंगारू कोर्ट ने छात्र को मौत के घाट उतारा

अनुगुल ओडिशा में ‘कंगारू कोर्ट’ का बढ़ता चलन अब सीधे मासूमों की जान लेने लगा है। ताजा और दर्दनाक मामला मयूरभंज जिले से सामने आया है, जहां कंगारू कोर्ट की कथित सुनवाई के बाद भीड़ ने कक्षा नौ के छात्र को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। घटना इंदकोली गांव, थाना तिरिंग थाना क्षेत्र की है। मृतक 15 वर्षीय रायरांगपुर ग्रामीण थाना क्षेत्र का निवासी था। बकरी चोरी के शक में ‘फैसला’ और फिर भीड़ का कहर: बताया गया कि मृतक नाबालिग इन दिनों बसिंगी गांव में अपने चाचा के घर रहकर पढ़ाई कर रहा था। वह बसिंगी सरकारी हाई स्कूल में कक्षा नौ का छात्र था। सोमवार दोपहर इंदकोली गांव में कथित बकरी चोरी के आरोप में स्थानीय लोगों ने दो नाबालिगों को पकड़ लिया और गांव में ही अनौपचारिक ‘अदालत’ लगा दी। ग्रामीणों ने स्वयं ही ‘जांच’ और ‘सुनवाई’ कर डाली। इसके बाद भीड़ ने दोनों नाबालिगों की बेरहमी से पिटाई कर दी। इतना ही नहीं, गुस्साई भीड़ ने उसकी साइकिल को भी आग के हवाले कर दिया। अस्पताल में तोड़ा दम: सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को भीड़ से बचाकर पहले स्थानीय अस्पताल पहुंचाया। बाद में उन्हें रायरांगपुर उप जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान संबित ने दम तोड़ दिया। दूसरे किशोर की हालत गंभीर बनी हुई है। उसे बेहतर इलाज के लिए पंडित रघुनाथ मुर्मू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, बारीपदा रेफर किया गया है। 11 गिरफ्तार, और धरपकड़ संभव: पीड़ित के पिता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर अब तक 11 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और अन्य संलिप्त लोगों की पहचान की जा रही है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। सवालों के घेरे में कानून-व्यवस्था: राज्य के विभिन्न हिस्सों में कंगारू अदालतों के नाम पर हो रही ऐसी घटनाएं कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रही हैं। चोरी के महज शक में एक स्कूली छात्र की जान चली जाना इस बात का संकेत है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कानूनी जागरूकता और पुलिस की सक्रियता दोनों पर और काम किए जाने की जरूरत है। क्या होती है ‘कंगारू अदालत’? ‘कंगारू अदालत’ (Kangaroo Court) उस अवैध और अनौपचारिक न्याय प्रणाली को कहा जाता है, जिसमें कुछ लोग बिना किसी कानूनी अधिकार के स्वयं ही अदालत बन बैठते हैं, आरोप तय करते हैं और सजा सुना देते हैं। इसमें न तो निष्पक्ष जांच होती है, न आरोपी को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर मिलता है और न ही कानून की निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाता है। ऐसी ‘अदालतें’ भारतीय कानून में पूरी तरह अवैध हैं। किसी भी अपराध की जांच और सजा देने का अधिकार केवल विधिवत स्थापित न्यायालयों को है। ग्रामीण क्षेत्रों में कभी-कभी सामाजिक दबाव या अफवाहों के आधार पर इस तरह की भीड़तंत्र वाली व्यवस्था खड़ी हो जाती है, जो कई बार हिंसा और जानलेवा घटनाओं में बदल जाती है।  

छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों ने ईस्ट ज़ोन प्रतियोगिता में जीते 12 पदक

रायपुर छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों ने ईस्ट ज़ोन प्रतियोगिता में जीते 12 पदक युवाओं की प्रतिभा, तकनीकी दक्षता एवं नवाचार क्षमता को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने के उद्देश्य से भारत सरकार का कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय द्वारा आयोजित इंडिया स्किल प्रतियोगिता 2025-26 में छत्तीसगढ़ राज्य के युवाओं ने ईस्ट ज़ोन रीजनल प्रतियोगिता में 12 पदक और 04 मेडल ऑफ एक्सीलेंस अर्जित कर उल्लेखनीय उपलब्धि प्राप्त की है। यह प्रतियोगिता क्रमशः चार चरणों में जिला, राज्य, रीजनल एवं राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की जा रही है। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित प्रतिभागियों को वर्ल्ड स्किल्स इंटरनेशनल के अंतर्गत भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त होगा।  छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों ने ईस्ट ज़ोन प्रतियोगिता में जीते 12 पदक मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रदेश के युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं ने यह सिद्ध कर दिया है कि वे राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक स्तर पर भी प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हैं। राज्य सरकार कौशल विकास को प्राथमिकता देते हुए आधुनिक प्रशिक्षण, नवाचार और उद्योगोन्मुख पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दे रही है। यह सफलता सशक्त युवा, समृद्ध छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों ने ईस्ट ज़ोन प्रतियोगिता में जीते 12 पदकईस्ट जोन की रीजनल प्रतियोगिता का समापन 02 मार्च 2026 को भुवनेश्वर में हुआ, जिसमें ओडिशा, बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़ एवं अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह के 200 से अधिक प्रतिभागियों ने 59 कौशल श्रेणियों में भाग लिया। छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल 12 पदक एवं 04 मेडल ऑफ एक्सीलेंस सम्मान अर्जित किए, जिनमें 01 स्वर्ण, 02 रजत, 05 कांस्य पदक तथा 04 मेडल ऑफ एक्सीलेंस शामिल हैं।  डिजिटल इंटरैक्टिव मीडिया में सुनील कुमार पैतल ने स्वर्ण पदक, 3डी डिजिटल गेम आर्ट में खुशांक नायक, सीएनसी मिलिंग में पुष्कर सोनबर एवं सीएनसी टर्निंग में आत्माराम ने रजत पदक अर्जित कर राज्य को गौरवान्वित किया। इसी तरह सीएनसी मिलिंग में निखिल, इलेक्ट्रॉनिक्स में अभिषेक कुमार, प्लंबिंग एवं हीटिंग में रेशमान, वेब टेक्नोलॉजी में सतेंद्र कुमार ने कांस्य पदक जीतकर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया। इसी तरह रेन्यूबल एनर्जी में नोहर लाल पटेल, मेकेनिकल इंजीनियरिंग में ओम बंजारे, हेल्थ एंड सोशल केयर में अंतरा मुखर्जी ने मेडल ऑफ एक्सीलेंस प्राप्त किया।  उल्लेखनीय है कि राज्य में प्रतियोगिता का सफल आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण द्वारा किया गया। 19 कौशल ट्रेड्स में आयोजित जिला स्तरीय प्रतियोगिता में 3327 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें से 381 प्रतिभागी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता हेतु चयनित हुए। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता 03 एवं 04 फरवरी 2026 को रायपुर, दुर्ग एवं रायगढ़ जिलों के प्रतिष्ठित संस्थानों में संपन्न हुई। व्यावहारिक मूल्यांकन के पश्चात 38 प्रतिभागियों का चयन रीजनल स्तर के लिए किया गया। रीजनल स्तर पर सफल प्रतिभागी अब राष्ट्रीय प्रतियोगिता में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे। राज्य में पहली बार कौशल तिहार 2025 एवं मोबाइल आधारित एमसीक्यू परीक्षा जैसे नवाचारों के माध्यम से प्रतियोगिता का व्यापक एवं पारदर्शी संचालन किया गया।

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी: पुष्कर सिंह धामी ने कहा- हर नागरिक की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी

देहरादून ईरान और इजरायल में बढ़ते तनाव के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क है और सभी एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। मंगलवार को हरिद्वार पहुंचे मुख्यमंत्री ने मीडिया के सामने स्पष्ट किया कि खाड़ी देशों में फंसे उत्तराखंड के लोगों को सुरक्षित वापस लाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार लगातार विदेश मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय के संपर्क में है। धामी ने कहा कि विदेशों में मौजूद उत्तराखंडियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। वहां रह रहे लोगों से भी संपर्क साधा जा रहा है। उन्हें सुरक्षित भारत लाने की व्यवस्था जल्द की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि सबको सुरक्षित निकाला जाएगा। इस दौरान गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय और डीएम मयूर दीक्षित ने अब तक की तैयारियों से अवगत कराया। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने यातायात-पार्किंग व्यवस्था की रूपरेखा रखी। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष किरन चौधरी, मेयर किरन जैसल, प्रदेश महामंत्री (संगठन) अजेय कुमार, प्रदेश महासचिव अनिल गोयल, विधायक मदन कौशिक, आदेश चौहान और प्रदीप बत्रा, दर्जाधारी ओम प्रकाश जमदग्नि, अजीत चौधरी, जयपाल सिंह चौहान, देशराज कर्णवाल, शोभाराम प्रजापति, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, आईजी-गढ़वाल राजीव स्वरूप, एडीजी एपी अंशुमन, महानिदेशक-सूचना बंशीधर तिवारी, एमडी-सिडकुल सौरव गहरवार, एसपी-अभिसूचना मणिकांत मिश्रा, सीडीओ ललित नारायण मिश्रा, एडीएम पीआर चौहान, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, सचिव एचआरडीए मनीष कुमार, एसडीएम जितेंद्र कुमार, एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह और सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी मौजूद रहे। सात मार्च से पहले हरिद्वार में हाई अलर्ट केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के सात मार्च को प्रस्तावित हरिद्वार दौरे से पहले प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को बैरागी कैंप पहुंचकर कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से पूरी हों।