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हाईकमान की मुहर के साथ लक्ष्मी वर्मा राज्यसभा उम्मीदवार, सीएम साय की सिफारिश हुई मजबूत

रायपुर छत्तीसगढ़ से खाली होने वाली राज्यसभा सीट के लिए भारतीय जनता पार्टी ने वरिष्ठ महिला नेत्री लक्ष्मी वर्मा को उम्मीदवार बनाया है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अनुशंसा पर भाजपा हाईकमान ने लक्ष्मी वर्मा के नाम पर मुहर लगाई है. राजनीतिक सफर बलौदाबाजार जिले के सिमगा ब्लॉक के ग्राम मु़ड़पार की निवासी लक्ष्मी वर्मा का राजनीतिक सफर बहुत लंबा है. वर्ष 1990 से भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्य लक्ष्मी वर्मा ने 2000 में रायपुर सांसद रमेश बैस की सांसद प्रतिनिधि नियुक्त की गईं. अगले ही साल 2001 में उन्हें भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा कार्य समिति की सदस्य चुना गया. इस दायित्व को उन्होंने चार साल तक संभाला. पार्टी के भीतर उनकी सक्रियता का फल भी मिला, 2010 में उन्हें भारतीय जनता पार्टी पंचायती राज प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय कार्य समिति (2010 से 2014 तक) के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा कार्य समिति का सदस्य (2010 से 2022 तक ) नियुक्ति किया गया. उनके कार्यों को ध्यान में रखते हुए उन्हें पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी का प्रदेश उपाध्यक्ष (2021 से 2025 तक) नियुक्त किया. इसके साथ (2021 से 2024 तक ) उन्हें गरियाबंद संगठन प्रभारी के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी मीडिया प्रवक्ता का भी दायित्व संभाला. संवैधानिक सफर लक्ष्मी वर्मा 1994 में रायपुर नगर पालिका निगम में वार्ड नं. 07 से पार्षद निर्वाचित हुईं. 2010 में रायपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष निर्वाचित हुईं. 2019 में एफएसएनएल स्टील मिनिस्ट्री गवर्नमेंट ऑफ इंडिया में स्वतंत्र निदेशक के तौर पर काम किया. वहीं 7 अक्टूबर 2024 से छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य संवैधानिक पद संभाल रही हैं. सामाजिक पद लक्ष्मी वर्मा की केवल राजनीति में ही नहीं बल्कि सामाजिक स्तर पर अपनी पहचान है. 1998 में शक्ति महिला मंच रायपुर की अध्यक्ष बनीं. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. 1999 में नेहरू युवा केन्द्र रायपुर से जिला युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया. 2004 में श्रम पुनर्वास समिति जिला रायपुर के सदस्य मनोनीत की गईं. 2009 से मजदूर यूनियन छत्तीसगढ़ एकता मजदूर कल्याण संघ पंजीयन क्र. को 467 की प्रधान संरक्षक हैं. 2011 से कुटुम्ब न्यायालय रायपुर में परामर्शदाता सदस्य हैं. वहीं 2014 वर्तमान में किसान संघर्ष समिति रायपुर छत्तीसगढ़ के विशेष आमंत्रित सदस्य नियुक्त किया गया. 2023 से वर्तमान में अखिल भारतीय पंचायत परिषद राष्ट्रीय महासचिव हैं. इसके अलावा छत्तीसगढ़ स्काउट गाइड की उपाध्यक्ष भी हैं. लक्ष्मी वर्मा की मनवा कुर्मी समाज में अच्छी-खासी पैठ है. 2000 से 2006 तक मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज छत्तीसगढ़ प्रदेश महिला महामंत्री रहीं. 2006 से 2008 तक समाज की प्रदेश संगठन मंत्री , 2008 से 2010 तक छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी प्रदेश महिला अध्यक्ष रहीं. वर्तमान में अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा महिला राष्ट्रीय महासचिव हैं.

होली में कानून व्यवस्था चाक-चौबंद, हुड़दंग करने वालों पर रहेगी कड़ी नजर

बिलासपुर होली पर हुड़दंग और अपराध रोकने पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है. एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर शहर और ग्रामीण इलाकों में 4 एएसपी, 9 डीएसपी, सभी टीआई और एसआई सहित 800 जवान तैनात रहेंगे. 81 पेट्रोलिंग पार्टियां लगातार गश्त करेंगी. किसी भी हुड़दंग या अपराध की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जाएगी. संबंधित क्षेत्र के राजपत्रित अधिकारी से लेकर टीआई तक मौके पर पहुंचकर संज्ञान लेंगे. पकड़े गए आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. एसएसपी ने नागरिकों से सौहार्दपूर्ण ढंग से होली मनाने की अपील की है. आपराधिक गतिविधियों की सूचना के लिए नंबर जारी होली के दौरान आपराधिक गतिविधियों की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम 9479193099 पर दी जा सकती है. इसके अलावा सिविल लाइन 9479193019, कोतवाली 9479193018, सरकंडा 9479193022, सिरगिट्टी 9479190151, सकरी 9479191721, कोनी 9479193023, तारबाहर 9479193020 और तोरवा 9479193021 से संपर्क किया जा सकता है. इन इलाकों में पुलिस का रहेगा कड़ा पहरा 7 जोन के संवेदनशील इलाकों को विशेष निगरानी में रखा गया है. इनमें जोन क्रमांक दो तिफरा में मन्नाडोल, सिरगिट्टी बन्नाक चौक, जोन क्रमांक तीन का ठेठाडबरी, मिट्टीटीला, कुदुदंड सूर्यवंशी मोहल्ला और गुरु घासीदास नगर जरहाभाठा मिनीबस्ती शामिल है. इनके अलावा जोन चार अंतर्गत मिनीमाता नगर, तारबाहर, डिपूपारा, मंझवापारा, मरीमाई मंदिर, तालापारा, मगरपारा और जोन पांच के अंतर्गत करबला तालाब, कतियापारा नदी किनारे क्षेत्र, डबरीपारा, फिश मार्केट शनिचरी सहित जोन छह का मांडवा बस्ती, पटेल पारा, चुचुहियापारा, हेमूनगर पानी टंकी के पीछे, देवरीखुर्द, कंसा चौक टिकरापारा, खटीक मोहल्ला, मामा भांचा तालाब क्षेत्र, पुराना हाई कोर्ट के पीछे और मधुबन और जोन 7 में चिंगराजपारा, डबरीपारा, अशोक नगर मुरुम खदान, बंधवापारा इंमलीभाठा, चिल्हाटी, मोपका शामिल है.

बिहार के दो जिलों में पीपीपी मोड पर बनेंगे सरकारी मेडिकल कॉलेज

पटना. बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को एक नई उंचाइयों पर ले जाने के लिए नीतीश सरकार ने बड़ा दांव खेला है. राज्य में अब नए सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों का निर्माण लोक निजी भागीदारी (PPP) मोड पर पर खोलने का निर्णय लिया हैं. सात निश्चय पार्ट-3 के तहत सरकार ने इन जिलों में अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज बनाने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है. अब सहरसा और गोपालगंज के छात्रों को डॉक्टर बनने और मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना होगा. PPP मोड पर बनेगा हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के अधिक से अधिक जिलों में मेडिकल शिक्षा और उन्नत इलाज की सुविधा उपलब्ध हो. इसी रणनीति के तहत नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण PPP मॉडल पर कराया जाएगा, ताकि निजी निवेश के जरिए आधुनिक ढांचा और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित हो सके. जिन जिलों में नए मेडिकल कॉलेज बनने हैं, वहां जमीन चिह्नित कर उसे स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया जारी है. यह कदम परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करने के उद्देश्य से उठाया गया है. गोपालगंज में जमीन चिह्नित स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बताया कि गोपालगंज जिले में मेडिकल कॉलेज के लिए मांझा प्रखंड में 24 एकड़ 37 डिसमील जमीन चिह्नित की गई है. जिला प्रशासन द्वारा जमीन का हस्तांतरण भी किया जा चुका है. सरकार ने इस जमीन की तकनीकी जांच के लिए बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड के तकनीकी दल को स्थल निरीक्षण करने का निर्देश दिया है. निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर आगे की निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाएगी. यह स्थान जिले के लिए एक बड़ा ‘हेल्थ हब’ साबित होगा. जमीन की तकनीकी जांच के लिए बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड (BMSICL) की एक एक्सपर्ट टीम को स्थल निरीक्षण का निर्देश दिया गया है. टीम की रिपोर्ट आते ही पीपीपी मोड पर निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. सहरसा में भी तैयारी अंतिम चरण में सहरसा जिले में भी मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग लंबे समय से हो रही थी. राज्य सरकार की योजना अगले पांच सालों में चरणबद्ध तरीके से उन सभी जिलों को कवर करने की है जहां अभी तक मेडिकल कॉलेज नहीं हैं. पीपीपी मोड पर बनने वाले ये कॉलेज न केवल सरकारी नियंत्रण में होंगे, बल्कि निजी निवेश के आने से यहां विश्वस्तरीय सुविधाएं और आधुनिक मशीनें जल्द उपलब्ध हो सकेंगी. अगले पांच वर्षों में चरणबद्ध तरीके से नए मेडिकल कॉलेज अस्पतालों का निर्माण राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देगा. इससे स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ डॉक्टर, आधुनिक इलाज और मेडिकल शिक्षा के अवसर उपलब्ध होंगे. सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से न सिर्फ मरीजों को बड़े शहरों की ओर पलायन से राहत मिलेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे.

खरीफ क्रय सत्र 2025-26 में सरकार ने तय किया था 60 लाख मीट्रिक धान खरीद का लक्ष्य

लक्ष्य से अधिक धान खरीद योगी सरकार ने किसानों को किया 14,886 करोड़ रुपये का भुगतान  खरीफ क्रय सत्र 2025-26 में सरकार ने तय किया था 60 लाख मीट्रिक धान खरीद का लक्ष्य  10.53 लाख किसानों से हुई 62.30 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद, किया गया 14,886.35 करोड़ रुपये का भुगतान 12.82 लाख से अधिक किसानों ने कराया था पंजीकरण, बीती 28 फरवरी को प्रदेश में पूरी हुई धान खरीद की प्रक्रिया पिछला रिकॉर्ड भी टूटा, 2024-25 में 57.70 लाख मीट्रिक टन हुई थी खरीद, तब भुगतान हुआ था 13370.17 करोड़ रुपये का  लखनऊ  उत्तर प्रदेश में खरीफ क्रय सत्र 2025-26 के लिए धान खरीद प्रक्रिया पूरी हो गई। इसको लेकर किसान हितैषी योगी सरकार ने नया रिकॉर्ड बनाया है। धान खरीद के तय लक्ष्य को काफी पीछे छोड़ दिया। योगी सरकार ने खरीफ क्रय सत्र 2025-26 के लिए 60 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा था। इसे पार कर 62.30 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई। इसके एवज में किसानों को लगभग 15 हजार करोड़ रुपये का भुगतान भी किया गया। उत्तर प्रदेश में धान खरीद प्रक्रिया 28 फरवरी तक पूरी हो गई। यही नहीं, 2024-25 की अपेक्षा इस वर्ष अधिक खरीद व भुगतान किया गया।  62.30 लाख मीट्रिक टन धान खरीद, लगभग 14,886 करोड़ से अधिक रुपये का भुगतान  प्रदेश के 4869 क्रय केंद्रों के जरिए 10.53 लाख किसानों से 62.30 लाख मीट्रिक टन धान की खऱीद हुई। धान की खरीद (कॉमन)-2369 और (ग्रेड ए) 2389 रुपये प्रति कुंतल की दर से हुई। इसके एवज में किसानों को लगभग 14,886.35 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। सीएम योगी के निर्देश पर 48 घंटे के भीतर किसानों को डीबीटी के माध्यम से बैंक खातों में भुगतान किया गया। इस व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका समाप्त होने के साथ ही किसानों को समय से पैसा भी मिला।  12.82 लाख से अधिक किसानों ने कराया है पंजीकरण  धान बिक्री के लिए 12,82,892 किसानों ने पंजीकरण कराया है। खाद्य व रसद विभाग के मुताबिक धान की बिक्री के लिए ओटीपी आधारित सिंगल पंजीकरण की व्यवस्था की गई थी। पश्चिम उत्तर प्रदेश के संभागों तथा हरदोई, लखीमपुर खीरी व सीतापुर में 31 जनवरी तक धान खरीद चली। वहीं चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मीरजापुर, प्रयागराज संभाग तथा लखनऊ, रायबरेली व उन्नाव में 28 फरवरी तक धान खरीद हुई।  योगी सरकार ने पिछले साल के रिकॉर्ड को भी तोड़ा  (2025-26) इतने किसानों से हुई खरीद- 10,53,561  धान खरीद- 62,30,735.63 मीट्रिक टन भुगतान- 14,886.35 करोड़ रुपये  क्रय केंद्र- 4869 2024-25 इतने किसानों से हुई खरीद- 7,97,500 धान खरीद- 57,70,671.09 मीट्रिक टन   भुगतान- 13370.17 करोड़ रुपये क्रय केंद्र- 4372

एक अप्रैल से जबलपुर में स्कूली वाहनों में एलपीजी किट का उपयोग होगा बंद

जबलपुर  शहर की सड़कों पर स्कूली बच्चों को एलपीजी (LPG) किट लगे असुरक्षित वाहनों में ढोना अब स्कूल प्रबंधकों और वाहन स्वामियों को भारी पड़ेगा। जिला प्रशासन ने छात्र सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए एक बड़ा निर्णय लिया है। कलेक्टर कार्यालय सभागार में आयोजित इस बैठक में जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गेहलोत, आरटीओ संतोष पॉल और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) अंजना तिवारी सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी व स्कूलों के प्राचार्य मौजूद रहे। एलपीजी वाहनों से छात्रों का परिवहन पूर्णतः प्रतिबंधित कलेक्टर राघवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक में यह तय किया गया है कि एक अप्रैल से जिले के किसी भी शासकीय या अशासकीय विद्यालय में एलपीजी संचालित वाहनों से विद्यार्थियों का परिवहन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। गैस किट वाले वाहन बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बैठक में स्कूली परिवहन की सुरक्षा समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि गैस किट वाले वाहन बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं। सड़कों पर होगा औचक निरीक्षण: आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पुलिस अधीक्षक और यातायात पुलिस को स्कूल समय के दौरान औचक निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी को जिले के समस्त सीबीएसई, आइसीएसई और माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध स्कूलों को इस आदेश से अवगत कराने और उनसे अनुपालन प्रतिवेदन लेने को कहा गया है। डेडलाइन तय एक अप्रैल के बाद यदि कोई स्कूल एलपीजी वाहन का उपयोग करता पाया गया, तो उसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और संबंधित संस्था व वाहन स्वामी पर दंडात्मक कार्रवाई होगी। वैकल्पिक व्यवस्था स्कूल प्रबंधकों को निर्देशित किया गया है कि वे समय रहते इन वाहनों के स्थान पर वैधानिक रूप से अनुमन्य और फिटनेस प्रमाणित (पेट्रोल/डीजल/सीएनजी) वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित करें। सत्यापन अभियान आरटीओ को जिम्मेदारी दी गई है कि वे स्कूली वाहनों का भौतिक सत्यापन कर गैस किट वाले वाहनों की पहचान करें।     विद्यार्थियों का सुरक्षित परिवहन हमारी प्राथमिकता है। एक अप्रैल के बाद अवैध गैस किट वाले वाहन सड़कों पर नहीं दिखने चाहिए। उल्लंघन करने वाले स्कूलों और वाहन मालिकों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।     – राघवेंद्र सिंह, कलेक्टर  

पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाकर नशे में वाहन चलाते 130 ड्राइवर पकड़े

रायपुर. होली पर्व को देखते हुए राजधानी में यातायात पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। नशे की हालत में तेज रफ्तार वाहन चलाकर स्वयं और अन्य राहगीरों की जान जोखिम में डालने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में पुलिस उपायुक्त (यातायात एवं प्रोटोकॉल) विकास कुमार के निर्देश पर शहरभर में सघन चेकिंग की गई। इस दौरान 130 वाहन चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए, जिनके खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। बता दें कि अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त विवेक शुक्ला और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (यातायात/प्रोटोकॉल) दौलत राम पोर्ते के मार्गदर्शन में सहायक पुलिस आयुक्त सतीष ठाकुर, सुरेन्द्र साय पैकरा, रमेश येरेवार, गुरजीत सिंह एवं सीमा अहिरवार के नेतृत्व में यातायात के सभी थाना क्षेत्रों में कुल 42 चेकिंग पॉइंट स्थापित किए गए। शाम से देर रात तक ब्रीथ एनालाइजर मशीन के माध्यम से सघन जांच अभियान चलाया गया। 130 चालक नशे में वाहन चलाते पकड़े गए जांच के दौरान कुल 130 वाहन चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए। कार्रवाई में शामिल वाहनों में 39 कार, 73 मोटरसाइकिल, 3 ट्रक तथा 15 टाटा एस, पिकअप और ई-रिक्शा वाहन शामिल हैं। सभी के खिलाफ मोटरयान अधिनियम की धारा 185 के तहत वाहन जब्त कर विधिसम्मत कार्रवाई की गई। जब्त वाहनों को यातायात मुख्यालय परिसर और संबंधित यातायात थानों में सुरक्षित रखा गया है। पुलिस के अनुसार, इन प्रकरणों को होली के बाद न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां नशे की हालत में वाहन चलाने पर प्रत्येक मामले में 10 हजार से 15 हजार रुपये तक का अर्थदंड लगाया जाता है। होली तक जारी रहेगी सख्त निगरानी पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश और डीसीपी विकास कुमार के मार्गदर्शन में होली तक विशेष रूप से रात्रि में चेकिंग अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस का कहना है कि सड़कों पर बढ़ते हादसों को देखते हुए इस तरह की कार्रवाई आवश्यक है। पुलिस ने शहरवासियों से की अपील रायपुर पुलिस ने शहरवासियों से अपील की है कि वे नशे की हालत में वाहन न चलाएं और यातायात नियमों का पालन करें। तेज रफ्तार और शराब के सेवन के कारण लगातार हो रहे सड़क हादसों से सबक लेने की जरूरत है। त्योहार के दौरान सौहार्द बनाए रखें, जिम्मेदार नागरिक बनें और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करें।

नशे में वाहन चलाने वालों पर शिकंजा: होली के दिन 42 नाकों पर चेकिंग, 130 पकड़े गए

रायपुर होली के मद्देनज़र राजधानी में यातायात पुलिस ने सड़क सुरक्षा को लेकर व्यापक अभियान चलाया। देर शाम से रात तक चले विशेष ड्राइव में 130 वाहन चालक शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पकड़े गए। सभी के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई करते हुए वाहनों को जब्त किया गया। यह अभियान पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश में चलाया गया। शहर के सभी यातायात थाना क्षेत्रों में कुल 42 चेकिंग पॉइंट स्थापित किए गए, जहां ब्रीथ एनालाइजर मशीन के माध्यम से चालकों की जांच की गई। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त विवेक शुक्ला और दौलत राम पोर्ते के निर्देशन में सहायक पुलिस आयुक्तों और यातायात टीमों ने मोर्चा संभाला। जांच के दौरान 39 कार चालक, 73 मोटरसाइकिल सवार, 3 ट्रक चालक तथा 15 टाटा एस पिकअप और ई-रिक्शा चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए। सभी मामलों में मोटरयान अधिनियम की धारा 185 के तहत कार्रवाई की गई है। जब्त किए गए वाहनों को यातायात मुख्यालय परिसर और संबंधित थानों में सुरक्षित रखा गया है। पुलिस के अनुसार होली के बाद सभी प्रकरण न्यायालय में पेश किए जाएंगे, जहां प्रत्येक मामले में 10,000 से 15,000 रुपये तक का अर्थदंड लगाया जा सकता है। यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि त्योहार के दौरान विशेषकर रात्रि में सघन जांच अभियान जारी रहेगा। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि होली की खुशियां जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ मनाएं तथा नशे की हालत में वाहन चलाकर अपनी और दूसरों की जान खतरे में न डालें।

20 हजार सेविका और सहायिका की भर्ती करेगा समाज कल्याण विभाग

पटना. समाज कल्याण विभाग ने राज्य भर में 20 हजार से अधिक सेविका और सहायिका की चयन प्रक्रिया शुरू करने का बड़ा फैसला लिया है. विभाग ने न केवल पुराने केंद्रों की रिक्तियों को भरने की तैयारी की है, बल्कि 18 हजार नए आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना की दिशा में भी कदम बढ़ा दिए हैं. इस मेगा भर्ती अभियान से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा. 1.14 लाख केंद्र संचालित, 18 हजार नए प्रस्तावित बिहार में फिलहाल 1 लाख 14 हजार आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं. इसके अलावा 18 हजार नए केंद्रों की स्वीकृति के लिए पत्राचार किया गया है और 31 मार्च तक अनुमति मिलने की संभावना है. अनुमति मिलते ही पहले चरण में 9 हजार नए केंद्रों पर बहाली प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. पुराने 2200 से अधिक केंद्रों पर भी सेविका-सहायिका के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया एक अप्रैल से शुरू होगी. कई केंद्रों पर लंबे समय से पद खाली पाए गए हैं, जिससे पोषण और प्राथमिक शिक्षा सेवाएं प्रभावित हो रही थीं. विभाग ने 10 मार्च से नए केंद्रों के लिए स्थलों की पहचान का निर्देश दिया है. सभी सीडीपीओ को कहा गया है कि ऐसे क्षेत्रों की पहचान करें जहां या तो आंगनबाड़ी केंद्र पास-पास संचालित हो रहे हैं या फिर ऐसे इलाके जहां केंद्र नहीं होने से बच्चों को पोषाहार और प्रारंभिक शिक्षा के लिए दूर जाना पड़ता है. 31 मार्च तक पूरी होगी कागजी कार्रवाई अनुमति मिलने की प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में है और 31 मार्च तक मंजूरी मिलने की पूरी उम्मीद है. मंजूरी मिलते ही पहले चरण में 9 हजार नए केंद्रों पर बहाली की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. इसके साथ ही, पुराने 2200 केंद्रों पर जहां पद खाली पड़े हैं, वहां भी नई नियुक्तियां की जाएंगी. 10 मार्च से सभी सीडीपीओ (CDPO) को नए स्थलों की पहचान करने का सख्त निर्देश दिया गया है. विभाग का लक्ष्य उन क्षेत्रों को कवर करना है जहां फिलहाल कोई केंद्र नहीं है और बच्चों को पोषाहार या प्राथमिक शिक्षा के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है. 10 मार्च से शुरू होने वाले इस सर्वे में उन मोहल्लों और टोलों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां आंगनबाड़ी सुविधाओं का अभाव है. जिलों से रिपोर्ट आने के बाद ही नए केंद्रों की स्थापना और वहां बहाली का खाका फाइनल होगा. अप्रैल से चयन प्रक्रिया समाज कल्याण विभाग के मुताबिक, पहले से चल रहे केंद्रों में पाया गया है कि बड़ी संख्या में सेविका और सहायिका के पद रिक्त हैं. इन पदों को भरने के लिए 1 अप्रैल से जिलों में चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. जो महिलाएं स्थानीय स्तर पर काम करना चाहती हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन मौका है. भर्ती से जुड़ी विस्तृत योग्यता और चयन के मानदंडों की आधिकारिक घोषणा जल्द ही विभाग की वेबसाइट पर कर दी जाएगी.

घौ पिपलिया में तालाब बना मौत का कुआं, नहाने गए दो किशोरों की डूबकर जान गई

उज्जैन नाखेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम राघौ पिपलिया में सोमवार को हादसा हो गया। तालाब में नहाने गए दो किशोरों की डूबने से मौत हो गई। थाना प्रभारी नरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि रितेश पुत्र पवन राजोरिया उम्र 14 वर्ष तथा रोहित पुत्र गोवर्धन डोरिया उम्र 15 वर्ष दोनों निवासी ग्राम राघौ पिपलिया सोमवार को गांव में स्थित तालाब में नहाने गए थे। गहरे पानी में जाने से दोनों किशोर की डूबने से मौत हो गई। तालाब के बाहर खड़े एक अन्य किशोर ने दोनों को डूबते हुए देखा था। उसने ग्रामीणों को किशोरों के डूबने की सूचना दी। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों नाबालिग को बाहर निकाला और अस्पताल ले गए थे। यहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम किया है।  

नानी स्टारर ‘आया शेर’ की हिंदी रिलीज़, तेलुगु सक्सेस के बाद उत्तर भारत में एंट्री

मुंबई, नेचुरल स्टार नानी की फिल्म द पैराडाइज का गाना ‘आया शेर’तेलुगु वर्ज़न के जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब हिंदी वर्जन में भी रिलीज हो गया है। फिल्म द पैराडाइज के मेकर्स ने जश्न को और बढ़ा दिया है। तेलुगु गाने के रिकॉर्ड तोड़ धमाके के बाद अब “आया शेर” का हिंदी वर्जन रिलीज हो गया है। नेचुरल स्टार नानी के जन्मदिन पर आया तेलुगु गाना लोगों को खूब पसंद आया था। “आया शेर” का मतलब है “शेर आ गया” और यह लाइन ही गाने का जोश दिखा देती है। यह गाना पहले ही एक पावर-पैक एंथम बन चुका है। तेलुगु वर्जन ने नानी के जन्मदिन पर रिलीज होकर चार्ट्स और सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया था और अब हिंदी वर्जन भी उसी अंदाज में लोगों का पसंदीदा बन गया है। तेलुगु वर्जन ने यूट्यूब पर 44 मिलियन से ज्यादा व्यूज और एक मिलियन से ज्यादा लाइक्स पार कर लिए हैं। गाना अभी सबसे ट्रेंडिंग ट्रैक्स में से एक बन चुका है। दुनिया भर के फैंस इंस्टाग्राम पर नानी के इलेक्ट्रिफाइंग हुक स्टेप को दोहरा रहे हैं और इस ट्रैक से प्रेरित अनगिनत एनर्जेटिक रील्स शेयर कर रहे हैं। फिल्म में नानी के लिए यह एक धमाकेदार इंट्रोडक्शन ट्रैक है। “आया शेर” को अनिरुद्ध रविचंदर ने कंपोज किया है और सुधान मास्टर ने कोरियोग्राफ किया है। गाने में रॉ एनर्जी, थिरकते बीट्स और नानी की ट्रेडमार्क इंटेंसिटी साफ नजर आती है। उनकी स्क्रीन पर कमांडिंग प्रेजेंस और डायनामिक डांस मूव्स ने इसे एक सांस्कृतिक पल बना दिया है, जिसे फैंस खुद एक थिएटरिकल स्पेक्ट्रेकल के रूप में सेलिब्रेट कर रहे हैं। द पैराडाइज श्रीकांत ओडेला का एक और बड़ा प्रोजेक्ट है, जिन्होंने अपने डेब्यू फिल्म दसरा से खूब तारीफें बटोरी थीं। जबरदस्त हाइप के बीच, अनिरुद्ध का पावरफुल साउंडट्रैक, जिसमें अरजुन चांडी की वॉइस है, फिल्म की इमोशनल गहराई और स्केल को और बढ़ा देता है। एसएलवी सिनेमाज के प्रोडक्शन में बनी द पैराडाइज का ग्रैंड वर्ल्डवाइड रिलीज़ 21 अगस्त 2026 को आठ भाषाओं में होने वाला है।