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MP: प्राइवेट स्कूलों को मान्यता का अंतिम अवसर, 10 मार्च तक 20 हजार लेट फीस के साथ आवेदन संभव

 ग्वालियर  लोक शिक्षण विभाग यानि डीपीआई हाईस्कूल व हायरसेकेण्डरी स्कूलों की नवीन मान्यता व नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू कर चुका है। बिना विलंब शुल्क के ऑनलाइन आवेदन के करने की तिथि निकल चुकी है। लेकिन विभाग ने 20 हजार विलंब शुल्क के साथ मान्यता के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीक्ष 10 मार्च रखी है। आवेदन के बाद 25 मार्च तक संयुक्त संचालक शिक्षा के नेतृत्व में गठित टीम आवेदन वाले स्कूलों की छानबीन करेगा। इसके बाद जिन स्कूलों के आवेदन को समिति निरस्त करेगी, उसके लिए 25 अप्रैल तक अपील की जा सकती है। इन अपीलों का निराकरण डीपीआई 25 मई को करेगा। इसके बाद स्कूलों की मान्यता जारी कर दी जाएगी। ऑनलाइन आवेदन और पोर्टल की जानकारी डीपीआई ने मान्यता की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल https://manyta.dpimp.in/ शुरू किया है। सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य बोर्डों से संबद्ध स्कूलों को भी इसी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है। सामान्य शुल्क के साथ आवेदन की समय-सीमा 15 फरवरी को समाप्त हो चुकी है, लेकिन स्कूलों को डीपीआई ने विलंब शुल्क के साथ 10 मार्च तक का आवेदन करने का समय दिया है। आवेदन करने के बाद इस तरह चलेगी प्रक्रिया     ग्वालियर चंबल क्षेत्र से स्कूलों की जांच संभागीय संयुक्त संचालक द्वारा गठित दल ऑनलाइन आवेदनों की छानबीन की जाएगी। नवीन मान्यता, नवीनीकरण और अपग्रेडेशन के प्रकरणों पर निर्णय लेने की अंतिम तिथि 25 मार्च 2026 तय की गई है।     यदि किसी स्कूल का आवेदन संयुक्त संचालक स्तर पर निरस्त कर दिया जाता है, तो संबंधित संस्था 25 अप्रैल तक आयुक्त, लोक शिक्षण के समक्ष ऑनलाइन अपील प्रस्तुत कर सकती है।     प्राप्त अपीलों का अंतिम निराकरण 25 मई तक कर दिया जाएगा। इसके बाद ही स्कूलों की मान्यता की अंतिम सूची और प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। स्कूलों को यह रखना होगा ध्यान डीपीआई के संचालक केके द्विवेदी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि स्कूल प्रबंधन समय-सीमा का विशेष ध्यान रखें। ग्वालियर संभाग के संयुक्त संचालक ने भी जिले के सभी अशासकीय स्कूलों को निर्देशित किया है कि वे तकनीकी त्रुटियों से बचने के लिए अंतिम तारीख का इंतजार न करें और पोर्टल पर सभी प्रविष्टियों को सावधानीपूर्वक अपलोड करें।  

दंतेवाड़ा-बीजापुर सीमा पर मुठभेड़: ₹5 लाख का इनामी माओवादी ढेर, बरामद हुए बड़े पैमाने पर हथियार

दंतेवाड़ा छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों की सीमा से लगे जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ (Dantewada Maoist encounter) में एक इनामी माओवादी मारा गया। पुलिस ने मौके से हथियार और बड़ी मात्रा में माओवादी सामग्री बरामद की है। घटना के बाद इलाके में सर्चिंग अभियान तेज कर दिया गया है। सर्चिंग अभियान के दौरान हुई मुठभेड़ पुलिस के अनुसार दंतेवाड़ा जिले के थाना गीदम क्षेत्र के अंतर्गत गुमलनार, गिरसापारा और नेलगोड़ा के बीच स्थित जंगल-पहाड़ इलाके में माओवादियों द्वारा हथियार और सामग्री डम्प किए जाने की सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और बस्तर फाइटर्स के जवानों की संयुक्त टीम को सर्चिंग अभियान के लिए रवाना किया गया। सुरक्षा बल इलाके में तलाशी अभियान चला रहे थे, इसी दौरान माओवादियों के साथ उनका आमना-सामना हो गया। माओवादियों ने अचानक शुरू की फायरिंग जानकारी के मुताबिक अभियान के दौरान रात करीब 8:30 से 9 बजे के बीच पहले से घात लगाए बैठे भैरमगढ़ एरिया कमेटी के लगभग 8 से 10 सशस्त्र माओवादियों ने अचानक जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई इस गोलीबारी के बाद सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। कुछ समय तक दोनों ओर से गोलीबारी चलती रही। हालांकि सुरक्षा बलों की कार्रवाई के दौरान माओवादी घने जंगल का फायदा उठाकर मौके से भागने में सफल हो गए। मुठभेड़ के बाद तलाशी में मिला माओवादी का शव मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में सर्चिंग अभियान चलाया। तलाशी के दौरान घटनास्थल से एक पुरुष माओवादी का शव बरामद किया गया। इसके अलावा वहां से हथियार और बड़ी मात्रा में माओवादी सामग्री भी जब्त की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बरामद सामग्री से माओवादी गतिविधियों से जुड़े कई अहम सुराग मिलने की संभावना है। राजेश पुनेम के रूप में हुई पहचान पुलिस ने मृत माओवादी की पहचान राजेश पुनेम के रूप में की है। वह भैरमगढ़ एरिया कमेटी (एसीएम) का सक्रिय सदस्य बताया गया है। राजेश पुनेम बीजापुर जिले के गंगालूर थाना क्षेत्र के बुरजी गांव का निवासी था। उस पर शासन की ओर से 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। जंगलों में सर्चिंग अभियान जारी पुलिस अधिकारियों के अनुसार मुठभेड़ के बाद आसपास के जंगलों में अन्य माओवादियों की तलाश के लिए सर्चिंग अभियान जारी है। सुरक्षा बल लगातार क्षेत्र में अभियान चलाकर माओवादी नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में कार्रवाई कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है और जवानों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

ट्रंप की करारी शिकस्त, अमेरिका को ₹16 लाख करोड़ का फटका, भारत को मिल रही राहत

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन को एक और झटका लगा है। न्यूयॉर्क के एक फेडरल जज ने फैसला सुनाया है कि जो कंपनियां सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द किए गए टैरिफ का पेमेंट कर चुकी हैं, उन्हें रिफंड मिलना चाहिए। एसोसिएटेड प्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, U.S. कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड के जज रिचर्ड ईटन ने फैसले में लिखा है कि रिकॉर्ड में दर्ज सभी इंपोर्टर्स सुप्रीम कोर्ट के फैसले से फायदा पाने के हकदार हैं। ट्रंप की तरफ से पिछले साल भारत समेत करीब 60 देशों के खिलाफ जारी किए गए टैरिफ ऑर्डर्स को इस साल फरवरी महीने में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने रद्द घोषित कर दिया। कोर्ट ने फैसले में कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने बड़े लेवी लगाकर अपने अधिकार का गलत इस्तेमाल किया। कोर्ट ने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA), 1977 को अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने गैर-कानूनी घोषित किया है। इसी के तहत ट्रंप ने पिछले साल टैरिफ लगाए थे। ट्रंप को 16 लाख करोड़ रुपये का झटका   कोर्ट के फैसले के बाद अमेरिकी सरकार को 175 अरब डॉलर का रिफंड चुकाना पड़ सकता है. न्यूयॉर्क के फेडरल जज रिचर्ड ईटन ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अमेरिकी सरकार ने जिन भी कंपनियों से अवैध टैरिफ वसूला है, उन्हें अब रिफंड करना होगा. ये कंपनियां अपना पैसा वापस पाने की हकदार हैं. जज ईटन ने कहा कि रिफंड का दायरा सिर्फ अदालत का दरवाजा खटखटाने वाली कुछ कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा,उन आयातकों पर भी लागू होगा, जिन्होंने टैक्स चुकाया है.  कोर्ट के इस फैसले से अमेरिकी खजाने पर करीब 16 लाख करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा.बता दें कि अमेरिका ने दिसंबर दिसंबर 2025 तक टैरिफ से 130 अरब डॉलर की कमाई की। अमेरिका के लिए डबल झटका क्यों ?  टैरिफ पर अमेरिकी कोर्ट से मिली हार अमेरिका और ट्रंप के लिए डबल झटका है. ट्रंप प्रशासन को भारी भरकम शुल्क चुकाना होगा. पहले से ही अर्थव्यवस्था पर बोझ बढ़ा हुआ है. ऐसे  में 16 लाख करोड़ का रिफंड आसान नहीं है. वहीं युद्ध की वजह से खर्च पहले से बढ़ा है. कोर्ट के फैसले ने ट्रंप को दोहरा झटका दे दिया है.  हालांकि ट्रंप बार-बार धमकी दे रहे हैं कि वो टैरिफ को 10 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर देंगे. ट्रंप दावा कर रहे हैं 150 दिनों के बाद वो टैरिफ को वहीं पहुंचा देंगे, जहां वो पहले था.  कुल मिलाकर टैरिफ पर ट्रंप हार मानने को तैयार नहीं हैं.   क्या भारत को इस फैसले से फायदा मिलेगा ?  टैरिफ हटने के बाद अमेरिका की ओर से कुल इंपोर्ट टैक्स 10 फीसदी का है. जिसका फायदा भारतीय निर्यातकों को मिला. अगर रिफंड की बात करें तो भारत को सीधे तौर पर इसका फायदा नहीं मिलेगा, क्योंकि भारतीय निर्यातकों ने टैरिफ का भुगतान नहीं किया, बल्कि अमेरिकी आयातकों ने भारत पर लगाए गए टैरिफ का भुगतान अमेरिकी सरकार को किया था. इस शुल्क का बोझ आयातकों ने ग्राहकों पर डाला. अमेरिकी बाजार में भारतीय प्रोडक्ट्स के लिए प्रतिस्पर्धा कड़ी हो गई. भारतीय सामान महंगे हो गए . इस टैरिफ के हटने और रिफंड का फायदा भी उन आयातकों को मिलेगा, जिन्होंने शुल्क चुकाया था.  हालांकि अप्रत्यक्ष लाभ भारत को मिलेगा, क्योंकि टैरिफ कम होने से भारत से सामान खरीदना सस्ता और आसान हो जाएगा, अमेरिकी बाजार में भारत के सामान सस्ते हो जाएंगे.  भारतीय कंपनियों को इस फैसले से लाभ मिलेगा, उनका निर्यात बढ़ेगा ईटन खास तौर पर एटमस फिल्ट्रेशन के एक केस पर फैसला सुना रहे थे। यह नैशविले, टेनेसी की एक कंपनी है, जो फिल्टर और दूसरे फिल्ट्रेशन प्रोडक्ट बनाती है। कंपनी टैरिफ रिफंड के अधिकार का दावा कर रही है।इस सप्ताह की शुरुआत में एक और फेडरल कोर्ट ने रिफंड प्रोसेस को धीमा करने की ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन की कोशिश को खारिज कर दिया। U.S. कोर्ट ऑफ अपील्स फॉर द फेडरल सर्किट ने रिफंड प्रोसेस का अगला फेज शुरू किया और इसे न्यूयॉर्क ट्रेड कोर्ट में भेजकर इसे सुलझाने के लिए कहा। अब U.S. कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन एजेंसी को रिफंड प्रोसेस करने का कोई तरीका निकालना होगा। अमेरिका के लिए डबल झटका क्यों ?  टैरिफ पर अमेरिकी कोर्ट से मिली हार अमेरिका और ट्रंप के लिए डबल झटका है. ट्रंप प्रशासन को भारी भरकम शुल्क चुकाना होगा. पहले से ही अर्थव्यवस्था पर बोझ बढ़ा हुआ है. ऐसे  में 16 लाख करोड़ का रिफंड आसान नहीं है. वहीं युद्ध की वजह से खर्च पहले से बढ़ा है. कोर्ट के फैसले ने ट्रंप को दोहरा झटका दे दिया है.  हालांकि ट्रंप बार-बार धमकी दे रहे हैं कि वो टैरिफ को 10 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर देंगे. ट्रंप दावा कर रहे हैं 150 दिनों के बाद वो टैरिफ को वहीं पहुंचा देंगे, जहां वो पहले था.  कुल मिलाकर टैरिफ पर ट्रंप हार मानने को तैयार नहीं हैं.  

राय जगदलपुर में बजट 2026-27 की योजना, नगर निगम ने सड़क, नाली-पानी और सफाई पर मांगी जनता की राय

जगदलपुर जगदलपुर नगर निगम ने बजट वर्ष 2026-27 की तैयारी शुरू कर दी है। शहर के विकास को ध्यान में रखते हुए निगम प्रशासन ने नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, व्यापारी वर्ग, युवाओं और मीडिया से सुझाव मांगे हैं। निगम का कहना है कि सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, उद्यान, स्ट्रीट लाइट, सार्वजनिक परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला-बाल सुरक्षा, पर्यावरण और जल संरक्षण जैसे विषयों पर व्यवहारिक सुझाव दिए जा सकते हैं, ताकि शहर की जरूरतों के अनुसार बजट तैयार किया जा सके। विकास कामों से जुड़े सुझाव को देंगे प्राथमिकता नगर निगम के मेयर संजय पांडेय ने कहा कि बजट बनाने से पहले शहर के अलग-अलग वर्गों से सुझाव लेने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके तहत शहर के विकास से जुड़े कामों को प्राथमिकता दी जाएगी। नागरिक अपने वार्ड और क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार प्रस्ताव भेज सकते हैं, जिससे बजट में जरूरी कार्यों को शामिल किया जा सके। महापौर ने कहा कि बजट केवल आय-व्यय का दस्तावेज नहीं होता, बल्कि इससे शहर के विकास की दिशा तय होती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र की जरूरतों और समस्याओं के आधार पर सुझाव जरूर दें, ताकि शहर के लिए बेहतर और जनहित से जुड़ा बजट तैयार किया जा सके। सुझाव पसंद आया तो बजट में लाएंगे निगम प्रशासन के अनुसार, प्राप्त सभी सुझावों का परीक्षण किया जाएगा और उपयोगी प्रस्तावों को बजट निर्माण प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। इसके बाद बजट को सामान्य सभा में प्रस्तुत कर स्वीकृति के लिए रखा जाएगा और राशि के आबंटन के लिए राज्य सरकार को भेजा जाएगा। राशि उपलब्ध होने के आधार पर शहर में विकास कार्य किए जाएंगे। नागरिक अपने सुझाव ई-मेल कर सकते हैं नागरिक अपने सुझाव jagdalpurnagarnigam@yahoo.com, व्हाट्सएप नंबर 8839522213 या सीधे महापौर कार्यालय, नगर निगम जगदलपुर में जमा कर सकते हैं। निगम प्रशासन ने शहरवासियों से इस प्रक्रिया में भाग लेने की अपील की है, ताकि सामूहिक सुझावों के आधार पर शहर के विकास की योजना तैयार की जा सके। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने  भाजपा जिला कार्यालय में आहूत पत्र वार्ता में बजट के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डालते कहा कि हमारी सरकार का पहला बजट ज्ञान पर आधारित था और दूसरा गति पर, इस वर्ष का बजट संकल्प की थीम पर आधारित है, यह बजट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के स्वप्न को विकसित छत्तीसगढ़ के माध्यम से साकार करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। श्री देव ने कहा कि बजट में राज्य के सर्वांगीण विकास को गति देने के लिए सरकार ने 5 विशेष मिशनों की घोषणा की है, जो भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं- सड़कों, पुलों और भवनों के आधुनिक निर्माण के लिए मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन, प्रदेश को तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अग्रणी बनाने हेतु मुख्यमंत्री एआई (AI) मिशन, छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन, युवाओं को 'जॉब सीकर' के बजाय 'जॉब क्रिएटर' बनाने हेतु मुख्यमंत्री स्टार्टअप मिश और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएँ प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन। श्री देव ने मजबूत अर्थव्यवस्था के प्रामाणिक आँकड़ों को रेखांकित कर कहा कि छत्तीसगढ़ की जीएसडीपी 12 प्रतिशत की दर से बढ़कर 7,09,553 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, पूंजीगत व्यय में 63 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्शाती है कि सरकार राज्य में संपत्ति निर्माण पर निवेश कर रही है। राज्य का स्वयं का कर राजस्व 14 प्रतिशत बढ़कर 52,000 करोड़ रुपए होने का अनुमान है।  

ईरान ने अमेरिका के प्रमुख वार्निंग सिस्टम को तबाह किया, युद्ध के बीच ‘आंख’ फोड़ने से हुआ बड़ा नुकसान

वाशिंगटन ईरान पर अमेरिका और इजरायली हमलों के बाद युद्ध ने भयावह मोड़ के लिया है। जहां एक तरफ ईरान ने खाड़ी देशों पर लगातार हमले जारी रखे हैं, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका ने हिंद महासागर में एक ईरानी पोत को डुबो दिया है, जिसमें 80 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। इस बीच अब यह खबर सामने आई है कि ईरान ने अमेरिका को एक गहरा जख्म दे दिया है। जानकारी के मुताबिक ईरान के हमले में कतर में मौजूद अमेरिका की एक अहम मिसाइल चेतावनी प्रणाली को नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई है। इसे इस क्षेत्र में अमेरिका का आंख भी कहा जाता था। जानकारी के मुताबिक करीब 1.1 अरब डॉलर की लागत वाला यह रडार सिस्टम अमेरिकी सेना के मिसाइल रक्षा नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा था। हमले से क्षेत्र में तैनात मिसाइल रक्षा तंत्र को बड़ा झटका लगा है और इससे संभावित मिसाइल हमलों का समय रहते पता लगाने की क्षमता कमजोर हो सकती है। सैटेलाइट तस्वीरों में खुलासा अमेरिकी सैन्य ढांचे को हुए नुकसान की पुष्टि सैटेलाइट तस्वीरों से भी हुई है। प्लैनेट लैब्स द्वारा जारी सैटेलाइट इमेज में अमेरिकी स्पेस फोर्स के AN/FPS-132 (ब्लॉक 5) बैलिस्टिक मिसाइल अर्ली वार्निंग रडार सिस्टम के आसपास क्षति और आग बुझाने की गतिविधियां दिखाई दी हैं। यह रडार सिस्टम मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सेना द्वारा संचालित सबसे बड़ा मिसाइल चेतावनी रडार माना जाता है। ईरान ने कैसे फोड़ी आंख? ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इसे सटीक मिसाइल हमला बताया है। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि यह हमला संभवत: कम लागत वाले हमलावर ड्रोन से किया गया होगा, जो शायद शाहेद प्रकार का था। रिपोर्ट्स के अनुसार मिसाइलों और ड्रोन के एक साथ बड़े हमले के दौरान यह ड्रोन रक्षा तंत्र को भेदने में सफल रहा। क्यों है बड़ा नुकसान? इस रडार सिस्टम को अमेरिकी रक्षा कंपनी रेथियॉन ने अपग्रेडेड अर्ली वार्निंग रडार (UEWR) कार्यक्रम के तहत बनाया था। यह प्रणाली 5000 किलोमीटर तक की दूरी पर बैलिस्टिक मिसाइलों और अन्य हवाई खतरों को ट्रैक करने में सक्षम है और पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में मिसाइल लॉन्च का शुरुआती अलर्ट देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कतर में इसकी लोकेशन रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। यहां से यह रडार ईरान, इराक, सीरिया, तुर्किये, मध्य एशिया के कुछ हिस्सों और हिंद महासागर तक की निगरानी कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस हमले का असर सिर्फ एक सैन्य ठिकाने को नुकसान तक सीमित नहीं है। अमेरिका के पूर्व सैन्य अधिकारी और पेंटागन के पूर्व सलाहकार कर्नल डगलस मैकग्रेगर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि इस हमले में अमेरिका की “आंखें” निशाना बनी हैं। उनके अनुसार यह सिस्टम अमेरिकी मिसाइल रक्षा तंत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण था। भू-राजनीति विशेषज्ञ ब्रायन एलन ने कहा कि इस हमले के रणनीतिक असर भी हो सकते हैं। बदलने में लग जाएगा समय सैन्य विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका के पास सैटेलाइट और अन्य रडार सहित वैश्विक सेंसर नेटवर्क मौजूद है, लेकिन AN/FPS-132 जैसे बड़े और स्थायी रडार सिस्टम को नुकसान पहुंचने से क्षेत्रीय निगरानी में अंतर आ सकता है। ऐसे बड़े रडार सिस्टम को जल्दी बदलना या दोबारा स्थापित करना आसान नहीं होता, इसलिए इससे कुछ समय के लिए मिसाइल निगरानी और ट्रैकिंग क्षमता कमजोर हो सकती है। यह स्थिति इसलिए भी अहम है क्योंकि इस क्षेत्र में अमेरिका के कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाने और दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े प्रमुख समुद्री मार्ग मौजूद हैं।

इंग्लैंड कप्तान Harry Brook हुए Jasprit Bumrah के फैन, कहा– दुनिया में उनसे बेहतर गेंदबाज नहीं

मुंबई इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रुक ने जसप्रीत बुमराह की जमकर तारीफ करते हुए भारत के इस तेज गेंदबाज को 'वर्तमान समय का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज' करार दिया। बुमराह ने टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल के आखिरी ओवरों में सटीक यॉर्करों की बौछार से इंग्लैंड के बल्लेबाजों को हतप्रभ कर दिया। भारत ने यह मैच सात रन से जीता। मौजूदा चैंपियन भारत ने संजू सैमसन की 42 गेंदों में खेली गई शानदार 89 रन की पारी की बदौलत सात विकेट पर 253 रन बनाए। इसके जवाब में इंग्लैंड ने सात विकेट पर 246 रन बनाए। ब्रूक ने मैच के बाद पत्रकारों से कहा, ‘उनको हराना आसान नहीं है। उनके पास हर नंबर पर बहुत अच्छे बल्लेबाज हैं। उनके पास कुछ बेहद अच्छे बल्लेबाज हैं और वे सटीक शॉट लगाते हैं। अगर आप थोड़ा सा भी चूक जाते हैं, तो छक्का या चौका लग जाता है।’ उन्होंने कहा, ‘दुर्भाग्य से हमने उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं किया जितना हम कर सकते थे और कुछ कैच छूटने से हमें थोड़ा नुकसान हुआ।’ भारतीय पारी के तीसरे ओवर में ब्रुक ने तब सैमसन का आसान कैच छोड़ दिया, जब वह 15 रन पर थे। इसकी इंग्लैंड को भारी कीमत चुकानी पड़ी। इंग्लैंड ने हालांकि आखिर तक हार नहीं मानी। एक समय उसे 18 गेंद पर 45 रन की जरूरत थी और जैकब बेथेल (105) क्रीज पर थे। लेकिन बुमराह ने कसी हुई गेंदबाजी करते हुए 18वें ओवर में केवल छह रन दिए और अपनी सटीक यॉर्कर की जिससे इंग्लैंड के सामने अंतिम दो ओवरों में 39 रन बनाने का असंभव लक्ष्य आ गया। ब्रुक ने बुमराह के बारे में कहा, ‘वह बहुत अच्छा गेंदबाज है, शायद इस समय का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज है। वह लंबे समय से बहुत अच्छा गेंदबाज रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘इसके अलावा भारतीयों ने भी शानदार फील्डिंग की, अक्षर पटेल का वह कैच (जिससे ब्रूक आउट हो गए थे) निश्चित रूप से मैंने जितनी भी कैच देखे हैं उनमें से सर्वश्रेष्ठ कैच में से एक था। इसके लिए उनकी जितनी भी तारीफ की जाए कम है।’ ब्रूक ने कहा कि इंग्लैंड का प्रदर्शन शानदार रहा और वह अपने इस अभियान पर गर्व कर सकता हूं। उन्होंने कहा, ‘मुझे निराशा है कि हम फाइनल में नहीं पहुंच पाए लेकिन मुझे अपनी टीम के प्रदर्शन पर गर्व है। सच कहूं तो एक कप्तान के रूप में मैं इससे ज्यादा की उम्मीद नहीं कर सकता था। मुझे लगता है कि हमारा अभियान शानदार रहा है।’ इंग्लैंड के कप्तान ने कहा, ‘जैसा कि मैंने कुछ दिन पहले कहा था, हम कभी भी मुकाबले से बाहर नहीं होते और आज रात (गुरुवार) यह फिर से साबित हो गया। हम आखिरी ओवर तक मुकाबले में बने रहे। मुझे अपने खिलाड़ियों पर बेहद गर्व है और सभी खिलाड़ियों को भी खुद पर बेहद गर्व होना चाहिए।’ ब्रुक ने 22 वर्षीय बेथेल की जमकर प्रशंसा की, जिनके शतक ने इंग्लैंड को भविष्य के लिए बहुत उम्मीदें जगाईं। उन्होंने कहा, ‘वह एक असाधारण खिलाड़ी है। जैसा कि हमने आज भारत के खिलाफ उनके घरेलू मैदान पर दबाव वाली स्थिति में भी उसके प्रदर्शन को देखा। जिस तरह से उसने वह पारी खेली, वह वाकई असाधारण थी। मुझे उम्मीद है कि भविष्य में मुझे उसके साथ काफी समय बिताने का मौका मिलेगा।’  

मिडिल ईस्ट के लिए इंडिगो की 17 नई फ्लाइट्स, यात्रियों को दी गई जरूरी एडवाइजरी

 नई दिल्ली इंडिगो एयरलाइंस 6 मार्च 2026 को मिडिल ईस्ट के 8 अलग-अलग शहरों के लिए 17 उड़ानों का संचालन करेगी. एयरलाइन कुल 34 सेक्टरों में अपनी सेवाएं प्रदान कर रही है, जिससे फंसे हुए यात्रियों को राहत मिल सके. एयरलाइंस मध्य पूर्व की तेजी से बदलती स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है. सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर परिचालन को सुरक्षित और चरणबद्ध तरीके से बहाल करने का काम जारी है। यात्रियों की सुरक्षा का खयाल रखते हुए सिर्फ उन्हीं लोगों को यात्रा की अनुमति दी जा रही है, जिन्हें कंपनी ने सीधे इन्फॉर्म किया है. यह कदम क्षेत्र में हवाई सेवाओं को धीरे-धीरे सामान्य बनाने के प्रयासों का हिस्सा है। एयरलाइन की टीमें रजिस्टर्स संपर्क जानकारियों के जरिए संबंधित ग्राहकों से सीधे संपर्क कर रही है। सुरक्षित बहाली के लिए सरकारी तालमेल इंडिगो ने कहा कि वह मध्य पूर्व और उसके आसपास के हालातों को लेकर बेहद सतर्क है. कंपनी सरकार और संबंधित विमानन अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में है, जिससे उड़ानें पूरी तरह सुरक्षित वातावरण में संचालित की जा सकें. मौजूदा स्थिति को देखते हुए ऑपरेशन को एक साथ शुरू करने के बजाय धीरे-धीरे बहाल किया जा रहा है। यात्रियों के लिए विशेष निर्देश एयरलाइंस ने यात्रियों से गुजारिश की है कि जब तक उन्हें व्यक्तिगत रूप से सूचित न किया जाए, वे हवाई अड्डे पर न पहुंचें. इंडिगो की टीमें केवल उन्हीं विशिष्ट उड़ानों के ग्राहकों से संपर्क कर रही हैं जिन्हें संचालित किया जा रहा है. यह निर्देश हवाई अड्डों पर भीड़ को रोकने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिया गया है. यात्री अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर और ईमेल पर आने वाले अपडेट्स पर नजर बनाए रखें।    

ED ने मुंबई में अनिल अंबानी और रिलायंस पावर से जुड़ी 12 कंपनियों के ठिकानों पर मारी छापेमारी

मुंबई प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को उद्योगपति अनिल अंबानी और रिलायंस पावर लिमिटेड से जुड़े कई व्यवसायों और अधिकारिक ठिकानों पर छापेमारी की. समाचार एजेंसी IANS ने सूत्रों के हवाले से बताया कि मुंबई में 10 से 12 जगहों पर एक साथ ये कार्रवाई की जा रही है. ED की करीब 15 विशेष टीमों ने तड़के सुबह ही रिलायंस पावर से जुड़े लोगों के दफ्तरों और घरों पर तलाशी शुरू कर दी थी। सूत्रों ने संकेत दिया है कि ये तलाशी रिलायंस पावर से जुड़े संदिग्ध फंड ट्रांसफर और लेनदेन की जांच का हिस्सा हैं. हालांकि, शुक्रवार की इन छापेमारी पर ED ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। बैंक धोखाधड़ी मामले में हो चुकी है कुर्की  इससे पहले, ED ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCom) के बैंक धोखाधड़ी मामले में अनिल अंबानी के पाली हिल स्थित आलीशान घर 'एबोड' (Abode) को अस्थायी रूप से कुर्क (Attach) किया था, जिसकी कीमत 3,716.83 करोड़ रुपये आंकी गई है। पिछले महीने के अंत में, CBI ने भी बैंक ऑफ बड़ौदा की शिकायत पर अनिल अंबानी के आवास और RCom के कार्यालयों की तलाशी ली थी। अनिल अंबानी की कंपनी पर क्या हैं आरोप? CBI की FIR के मुताबिक, रिलायंस कम्युनिकेशंस ने बैंक ऑफ बड़ौदा को 2,220 करोड़ रुपये से ज्‍यादा का नुकसान पहुंचाया है. आरोप है कि कंपनी ने कर्ज के पैसों का गलत इस्तेमाल किया और फर्जी लेनदेन के जरिए पैसे इधर-उधर किए. साथ ही, कंपनी के खातों (Books of Accounts) में हेराफेरी कर अनियमितताओं को छिपाने की कोशिश की गई. फिलहाल, ED ने इन ताजा छापों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। पिछले महीने हुई थी घर की जब्ती पिछले ही महीने फरवरी 2026 में, ईडी ने अनिल अंबानी पर बड़ी कर्रवाई की थी। जिसमें अनिल अंबानी के मुंबई स्थित घर, 'अबोड' अस्थायी रूप से जब्त कर लिया था। इस घर की अनुमानित कीमत 3,500 करोड़ रुपये बताई जाती है। यह जब्ती रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े 40,000 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले की लंबे समय से चल रही जांच के सिलसिले में की गई थी। इस जब्ती के साथ अंबानी ग्रुप की संपत्तियों की कुल जब्ती राशि 15,700 करोड़ रुपये से अधिक तक हो गई थी। क्या हैं आरोप आरोप है कि आरकॉम ने विभिन्न बैंकों जैसे एसबीआई, यस बैंक आदि से प्राप्त लोन की राशि को संबंधित संस्थाओं और विदेशी खातों में डायवर्ट किया गया। इसमें चीनी राज्य बैंकों से जुड़े 13,558 करोड़ रुपये के एक्सपोजर का भी जिक्र है। सीबीआई की 2019 की एफआईआर के आधार पर यह मनी लॉन्ड्रिंग जांच चल रही है। ईडी ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया है और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद मामले की जांच कर रही है।  

बिलासपुर के 3 दोस्त 9 दिन से दुबई में फंसे, फ्लाइट कैंसिल होने से वापसी में देरी, परिजनों ने भारत सरकार से सहायता की अपील

बिलासपुर  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के 3 युवक दुबई में फंसे हुए हैं। तीनों दोस्त घूमने के लिए दुबई गए थे, लेकिन सुरक्षा को लेकर स्थिति साफ नहीं होने के कारण उनकी वापसी में देरी हो रही है। जानकारी के मुताबिक, युवकों का नाम शिवम मिश्रा, आकाश अग्रवाल और आयुष अग्रवाल है, जो कोटा के रहने वाले हैं। लगातार फ्लाइट रद्द होने से तीनों दुबई में फंसे हुए हैं। हालांकि, तीनों युवक होटल में सुरक्षित हैं। वहीं, परिजनों ने भारत सरकार से मदद मांगी है। तीनों युवक वीडियो कॉल के जरिए परिजनों से संपर्क बनाए हुए हैं। बताया गया कि पहले उनकी टिकट 28 फरवरी की थी, लेकिन उड़ान कैंसिल हो गई। इसके बाद तीन मार्च की नई टिकट मिली, वह भी रद्द हो गई।  केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू से फोन पर बात की शिमव मिश्रा ने केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू से फोन पर बात की। जिस पर उन्होंने मदद का आश्वासन दिया। इधर, इस मामले में कलेक्टर संजय अग्रवाल का कहना है कि अब तक प्रशासनिक स्तर पर जानकारी नहीं मिली है। जानकारी के मुताबिक, युवकों का नाम शिवम मिश्रा, आकाश अग्रवाल और आयुष अग्रवाल है, जो कोटा के रहने वाले हैं। लगातार फ्लाइट रद्द होने से तीनों दुबई में फंसे हुए हैं। हालांकि, तीनों युवक होटल में सुरक्षित हैं। वहीं, परिजनों ने भारत सरकार से मदद मांगी है। तीनों युवक वीडियो कॉल के जरिए परिजनों से संपर्क बनाए हुए हैं। बताया गया कि पहले उनकी टिकट 28 फरवरी की थी, लेकिन उड़ान कैंसिल हो गई। इसके बाद 3 मार्च और 5 मार्च की फ्लाइट भी रद्द हो गई थी। अब आज (6 मार्च) वापसी के कयास लगाए जा रहे हैं। शिमव मिश्रा ने केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू से फोन पर बात की थी। जिस पर उन्होंने मदद का आश्वासन दिया था।

CM योगी आदित्यनाथ और RSS के 3 दर्जन से ज्यादा पदाधिकारियों के बीच बंद कमरे में हुई गहरी बातचीत

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बताया जा रहा है कि ढाई घंटे तक चली इस बैठक में सरकार और संघ के बीच समंवय व आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा हुई। सीएम ने संघ के अधिकारियों से सरकार का फीडबैक लिया। साथ ही संघ पदाधिकारियों के सुझाव भी जाने। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्टेट प्लेन गुरुवार सुबह करीब सवा 11 बजे हिंडन एयरबेस पर उतारा। सीएम का काफिला सड़क मार्ग से दोपहर पौने 12 बजे नेहरू नगर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर पहुंचा। जहां मुख्यमंत्री ने आरएसएस की दृष्टि से मेरठ प्रांत (मेरठ, मुरादाबाद व सहारनपुर मंडल) के तीन दर्जन से अधिक अधिकारियों के साथ बंद कमरे में करीब ढाई घंटे तक चर्चा की। मुख्यमंत्री ने बैठक के बाद संघ पदाधिकारियों के साथ भोजन भी किया। क्या-क्या सुझाव दिए गए बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने इस दौरान संघ के पदाधिकारियों से सरकार का फीडबैक लिया। संघ के अधिकारियों ने अपने फीडबैक के अलावा सरकार के कामकाज को लेकर कुछ सुझाव भी दिए। प्रमुख सुझावों में सरकारी अस्पतालों व स्कूलों में आधारभूत ढांचे को और मजबूत करना व मानव संसाधन बढ़ाना रहा। कुछ पदाधिकारियों ने थानों में भष्ट्राचार को रोकने के लिए और प्रभावी अंकुश लगाने का सुझाव भी दिया। लोनी को लेकर भी चर्चा हुई। कहा गया कि लोनी में सड़कों की हालात सुधारने की आवश्यकता है। सड़कों का भी उठा मुद्दा संघ अधिकारियों ने कहा हर घर जल योजना के तहत खुदाई से गांवों की सड़कें खराब हो गई हैं। इन सड़कों को तुरंत ठीक किया जाए। मेरठ में सेंट्रल मार्केट का मुद्दा भी बैठक में उठा। मुख्यमंत्री दोपहर करीब ढाई बजे वायु मार्ग से नोएडा के लिए रवाना हुए। मुख्यमंत्री ने पिछले साल अप्रैल में सरस्वती विद्या मंदिर में भी संघ पदाधिकारियों के साथ बैठक की थी। 40 पदाधिकारी रहे मौजूद सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री सरकार का फीडबैक व सुझाव लेने के लिए भविष्य में भी संघ के अधिकारियों के साथ समंवय बैठक करते रहेंगे। मुख्यमंत्री के साथ समंवय बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह, क्षेत्र संघचालक सूर्यप्रकाश टोंक, क्षेत्र प्रचारक महेंद्र और प्रांत प्रचारक अनिल समेत करीब 40 पदाधिकारी मौजूद रहे।