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जल संचय जन भागीदारी अभियान की समीक्षा बैठक 07 मार्च को

शहडोल  जिले में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जल संचय जन भागीदारी अभियान के संबंध में चर्चा एवं समीक्षा बैठक कलेक्टर डॉ केदार सिंह की अध्यक्षता में 7 मार्च 2026 को प्रातः 11 बजे कलेक्टर कार्यालय के विराट सभागार में आयोजित की जाएगी।  बैठक में जिले में चल रहे जल संरक्षण कार्यों, जल संचय के लिए किए जा रहे प्रयासों तथा जन भागीदारी से अभियान को प्रभावी बनाने के संबंध में विस्तृत चर्चा की जाएगी।   बैठक में वन विभाग के समस्त एसडीओ, सभी जनपद पंचायतों के सीईओ, जनपदों के सहायक यंत्रियों एवं उपयंत्रियों, नगर निकायों के सीएमओ, जिला शिक्षा अधिकारी, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग, डीपीसी, महिला एवं बाल विकास विभाग, पीएचई, स्वास्थ्य विभाग तथा जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को उपस्थित रहने के लिए कहा गया है।

यूपी में तेल खत्म होने की अफवाह के बाद पंपों पर लंबी कतारें, लोग गैलन में पेट्रोल-डीजल भरवाकर रख रहे हैं

बाराबंकी/लखीमपुर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और युद्ध की खबरों का असर अब आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी दिखाई देने लगा है. इज़राइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को लेकर फैल रही चर्चाओं और अफवाहों ने यूपी के कई जिलों में अजीब सा माहौल बना दिया है. कहीं पेट्रोल पंपों पर अचानक भीड़ बढ़ गई है तो कहीं लोग गाड़ियों के साथ-साथ ड्रम, कैन और गैलन लेकर डीजल-पेट्रोल भरवाने पहुंच रहे हैं।  हालात ऐसे बन गए हैं कि सामान्य दिनों में शांत दिखने वाले पेट्रोल पंपों पर अचानक लंबी-लंबी कतारें लग गईं. कई जगहों पर लोगों के बीच जल्द से जल्द तेल भरवाने की होड़ सी लग गई है. सोशल मीडिया पर भी इसके कई वीडियो वायरल हो रहे है. जिसमें देखा जा सकता है कि पेट्रोल पंपों के बाहर वाहनों की लाइन सड़क तक लग गई . लोग अपनी बारी का इंतजार करते हुए घंटों खड़े नजर आ रहे हैं।  युद्ध की खबरों से फैली आशंका दरअसल पिछले कुछ दिनों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इज़राइल और ईरान के बीच तनाव और सैन्य कार्रवाई की खबरें लगातार सामने आ रही हैं. सोशल मीडिया पर इन खबरों के प्रसारण के बाद आम लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई कि अगर युद्ध लंबा खिंच गया तो पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई प्रभावित हो सकती है. इसी आशंका ने धीरे-धीरे अफवाह का रूप ले लिया. कई इलाकों में यह बात फैलने लगी कि जल्द ही पेट्रोल और डीजल की कमी हो सकती है या फिर इनके दाम अचानक बढ़ सकते हैं. यही कारण है कि लोग पहले से ही तेल जमा करने की कोशिश में जुट गए हैं।  लखीमपुर खीरी में पंपों पर उमड़ी भीड़ उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में यह अफवाह सबसे ज्यादा असर दिखा रही है. जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में गुरुवार को कई पेट्रोल पंपों पर अचानक भारी भीड़ जमा हो गई. सबसे ज्यादा भीड़ निघासन और भीरा थाना क्षेत्र के इलाकों में देखी गई. यहां लोग अपनी मोटरसाइकिल, कार और ट्रैक्टर लेकर पेट्रोल पंपों पर पहुंचने लगे. कई लोग तो केवल गाड़ियों में ही नहीं बल्कि प्लास्टिक के कैन, ड्रम और गैलन लेकर भी पहुंचे, ताकि ज्यादा से ज्यादा डीजल-पेट्रोल भरवाकर घर में स्टॉक कर सकें. पंपों के बाहर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. कई जगहों पर लाइन इतनी लंबी हो गई कि सड़क पर जाम जैसी स्थिति बन गई. लोगों के चेहरों पर जल्द से जल्द तेल भरवाने की बेचैनी साफ दिखाई दे रही थी।  सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो इन हालातों के वीडियो भी तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे. वीडियो में देखा जा सकता है कि पेट्रोल पंपों पर भीड़ को नियंत्रित करना कर्मचारियों के लिए मुश्किल हो रहा है. कुछ जगहों पर लोग एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश करते नजर आए, जबकि कई लोग अपनी बारी के इंतजार में धूप में खड़े रहे. सोशल मीडिया पर इन वीडियो के साथ तरह-तरह की बातें भी लिखी जा रही हैं, जिससे अफवाह और तेजी से फैल रही है।  लोगों में डर का माहौल पेट्रोल पंप पर मौजूद एक चश्मदीद ने बताया कि भीड़ का मुख्य कारण लोगों में फैला डर है. उनके मुताबिक, “भीड़ यहां पर इसलिए है कि अभी जो पश्चिमी देशों में युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं, उसी वजह से लोगों में थोड़ा डर सा फैल गया है. लोगों को लग रहा है कि कहीं ऐसा न हो कि तेल खत्म हो जाए, इसलिए लोग ज्यादा से ज्यादा पेट्रोल और डीजल भरवा रहे हैं. माहौल में एक तरह का डर दिखाई दे रहा है. उन्होंने आगे कहा कि पहले भी नमक को लेकर इसी तरह की अफवाह फैल चुकी है. उस समय भी लोग बड़ी मात्रा में नमक खरीदने लगे थे. उनका मानना है कि प्रशासन और सरकार को आगे आकर लोगों को भरोसा दिलाना चाहिए कि पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है।  बाराबंकी में भी दिखा असर सिर्फ लखीमपुर खीरी ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिली. यहां भी पेट्रोल और डीजल की संभावित कमी और कीमतों में बढ़ोतरी की चर्चा ने लोगों को बेचैन कर दिया. बाराबंकी के कई पेट्रोल पंपों पर गुरुवार को भारी भीड़ देखने को मिली. श्री विष्णु नारायण फिलिंग सेंटर आजगना, सद्दीपुर थाना जहांगीराबाद और तहसील फतेहपुर स्थित नेशनल ट्रेडिंग कंपनी पेट्रोल पंप पर सैकड़ों लोग डीजल भरवाने के लिए पहुंच गए. जानकारी के अनुसार करीब डेढ़ सौ से अधिक किसान अपने-अपने ड्रम और कैन लेकर लाइन में खड़े दिखाई दिए. कई किसान ट्रैक्टर लेकर भी पहुंचे, ताकि एक बार में ज्यादा मात्रा में डीजल भरवा सकें. खेती के सीजन ने बढ़ाई चिंता किसानों का कहना है कि इस समय खेती का मौसम चल रहा है और खेतों में काम के लिए डीजल बेहद जरूरी है. अगर अचानक डीजल की कमी हो गई या दाम बढ़ गए तो खेती पर सीधा असर पड़ सकता है. इसी वजह से किसान पहले से ही डीजल जमा करने की कोशिश कर रहे हैं. कई किसानों ने बताया कि वे पिछले डेढ़ से दो घंटे से लाइन में खड़े हैं, लेकिन अभी तक उनकी बारी नहीं आई. एक किसान ने कहा, हम डीजल भरवाने आए हैं, भीड़ बहुत ज्यादा है. करीब डेढ़ घंटे से लाइन में खड़े हैं. खेती का काम है, इसलिए डीजल जरूरी है।  स्थानीय लोग भी परेशान पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी लाइनों की वजह से आम लोगों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कई लोग केवल अपनी गाड़ी में थोड़ा सा पेट्रोल भरवाने आए थे, लेकिन उन्हें भी घंटों इंतजार करना पड़ा. एक स्थानीय निवासी ने बताया कि वे काफी देर से लाइन में खड़े हैं, लेकिन अभी तक उनका नंबर नहीं आया है. उनका कहना था कि अचानक इतनी भीड़ बढ़ जाने से सामान्य व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई है।  पंपकर्मियों के लिए भी चुनौती पेट्रोल पंप कर्मचारियों के लिए भी यह स्थिति चुनौतीपूर्ण बन गई है. अचानक बढ़ी भीड़ को संभालना उनके लिए आसान नहीं है. बाराबंकी के फतेहपुर स्थित नेशनल ट्रेडिंग कंपनी इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के मालिक मोहम्मद आरिफ ने बताया कि उन्हें … Read more

बॉम्बे हाईकोर्ट ने रद्द किया फैमिली कोर्ट का आदेश, वॉट्सएप चैट से तलाक नहीं, पत्नी पर क्रूरता के आरोप साबित करने होंगे

मुंबई बॉम्बे हाई कोर्ट ने नासिक फैमिली कोर्ट की ओर से पति को दिया गया तलाक का फैसला रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि केवल WhatsApp या SMS संदेशों के आधार पर पत्नी पर मानसिक क्रूरता साबित नहीं की जा सकती, खासकर तब जब पत्नी को अपना पक्ष रखने का मौका ही नहीं दिया गया हो। इससे पहले, नासिक फैमिली कोर्ट ने पति की याचिका मंजूर करते हुए उसे तलाक दे दिया था। कोर्ट ने पति की गवाही और पति-पत्नी के बीच हुई व्हाट्सऐप व एसएमएस बातचीत को सबूत माना था। पति का आरोप था कि उसकी पत्नी उस पर पुणे में शिफ्ट होने का दबाव डालती थी, उसके परिवार का अपमान करती थी और इन संदेशों से उसे मानसिक क्रूरता का सामना करना पड़ा।  बॉम्बे हाई कोर्ट ने तलाक के एक मामले में अहर फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने नासिक फैमिली कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले को रद्द करते हुए कहा कि किसी भी मामले में फैसला सुनाने से पहले दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का पूरा मौका मिलना चाहिए। पत्नी को अपनी सफाई देने का अवसर दिए बिना तलाक देना सही नहीं है। बता दें कि नासिक फैमिली कोर्ट ने पति की याचिका स्वीकार करते हुए उसे तलाक दे दिया था। कोर्ट ने पति के बयान और पति-पत्नी के बीच हुए व्हाट्सऐप और एसएमएस संदेशों को मुख्य सबूत माना था। पति ने लगाए थे यह आरोप पति ने आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी उस पर पुणे शिफ्ट होने का दबाव बना रही थी। उसने कोर्ट में पत्नी के साथ की गई व्हाट्सऐप चैट भी साझा की थी। साथ ही उसने आरोप लगाया था कि उसके ससुराल वालों के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। इससे उसे मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। नासिक फैमिली कोर्ट ने पति के हक में फैसला सुनाते हुए कहा था कि अगर पत्नी पति पर माता-पिता को छोड़कर अलग रहने के लिए दबाव बनाती है और ससुराल वालों के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करती है तो इसे मानसिक क्रूरता माना जा सकता है। इसी आधार पर कोर्ट ने पति को तलाक दे दिया था। अगर पत्नी पति पर माता-पिता को छोड़कर अलग रहने के लिए दबाव बनाती है और ससुराल वालों के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करती है तो इसे मानसिक क्रूरता माना जा सकता है। हाई कोर्ट ने फैसले नासिक कोर्ट के फैसल पर जताई आपत्ति नासिक कोर्ट के इस फैसले पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने असहमति जताई। हाई कोर्ट ने कहा कि पत्नी को इन मैसेजों के बारे में अपनी बात रखने या उन्हें चुनौती देने का कोई मौका नहीं दिया गया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल व्हाट्सऐप चैट को आधार बनाकर तलाक का फैसला नहीं दिया जा सकता। जब तक दोनों पक्षों की बात नहीं सुनी जाती ऐसा निर्णय उचित नहीं माना जाएगा। हाई कोर्ट ने मामले को फिर से नासिक फैमिली कोर्ट को भेज दिया है। अब पत्नी को भी अपना पक्ष रखने और सबूत पेश करने का पूरा अवसर दिया जाएगा।  

फिरोजाबाद में होली के दौरान हुड़दंगियों की बढ़ी हेकड़ी, पुलिस ने थाने में सिखाई सजा, किया ‘मुर्गा’

 फिरोजाबाद फिरोजाबाद के थाना दक्षिण क्षेत्र में होली के पर्व पर हुड़दंग मचाने वाले कुछ युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया. नशे की हालत में शोर मचाने और राहगीरों के साथ बदसलूकी करने की शिकायत मिलने पर पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर इन युवकों को दबोचा. शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस इन आरोपियों को थाने ले आई. वहां पुलिसकर्मियों ने अनुशासन सिखाने के लिए हुड़दंगियों को परिसर में ही 'मुर्गा' बनने की सजा दी. इस पूरी कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। नशे में धुत होकर कर रहे थे अभद्रता जानकारी के मुताबिक, होली के उल्लास के बीच कुछ युवक सड़क पर अराजकता फैला रहे थे. ये युवक न केवल तेज आवाज में चिल्ला रहे थे, बल्कि वहां से गुजरने वाले आम लोगों को भी परेशान कर रहे थे. स्थानीय निवासियों द्वारा दी गई सूचना के बाद पुलिस ने घेराबंदी की. पकड़े जाने के बाद पुलिस ने उन्हें सख्त चेतावनी दी कि त्योहार का अर्थ हुड़दंग या दूसरों को परेशान करना कतई नहीं है। पुलिस की सजा और अधिकारियों का बयान थाने में हुड़दंगियों की हेकड़ी निकालने के लिए उन्हें 'मुर्गा' बनाया गया. इस मामले पर फिरोजाबाद के अपर पुलिस अधीक्षक (शहर) रवि शंकर प्रसाद ने स्पष्ट किया कि होली के पावन पर्व पर किसी भी प्रकार की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि हुड़दंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं ताकि आम जनता बिना किसी डर के शांतिपूर्वक त्योहार मना सके। सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस पुलिस की इस 'अनोखी' सजा का वीडियो इंटरनेट पर आते ही लोग दो गुटों में बंट गए हैं. बड़ी संख्या में लोग पुलिस की इस सख्ती की तारीफ कर रहे हैं और इसे अराजकता रोकने का सही तरीका बता रहे हैं. वहीं, कुछ लोग इसे मानवाधिकारों के उल्लंघन के तौर पर देख रहे हैं।

मध्य पूर्व संकट का असर: शेयर बाजार धड़ाम, सेंसेक्स 1,097 अंक लुढ़का; बैंकिंग स्टॉक्स दबाव में

मुंबई मध्य पूर्व में संघर्ष के चलते भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 1,097 अंक या 1.37 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 78,918.90 और निफ्टी 315.45 अंक या 1.27 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 24,450.45 पर था। बाजार में गिरावट बैंकिंग शेयरों की तरफ से आई। निफ्टी बैंक 2.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 57,783.25 पर बंद हुआ। इसके अलावा, निफ्टी रियल्टी 2.09 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक 2.01 प्रतिशत, निफ्टी सर्विसेज 1.81 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो 1.06 प्रतिशत, निफ्टी कंजप्शन 1.02 प्रतिशत, निफ्टी इन्फ्रा 0.89 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया 0.58 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। दूसरी तरफ निफ्टी इंडिया डिफेंस 2.77 प्रतिशत, निफ्टी एनर्जी 0.13 प्रतिशत, निफ्टी पीएसई 0.12 प्रतिशत और निफ्टी आईटी 0.04 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ। लार्जकैप की अपेक्षा मिडकैप और स्मॉलकैप में कम बिकवाली देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.69 प्रतिशत या 399.20 अंक की कमजोरी के साथ 57,393.35 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 39.90 अंक की गिरावट के साथ 16,498.90 पर था। सेंसेक्स पैक में बीईएल, सनफार्मा, एनटीपीसी, इन्फोसिस और एचसीएल टेक गेनर्स थे। आईसीआईसीआई बैंक, इटरनल, एक्सिस बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट,एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, बजाज फिनसर्व, एलएंडटी, इंडिगो, मारुति सुजुकी, भारती एयरटेल, ट्रेंट, कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फाइनेंस और एचयूएल लूजर्स थे। बाजार में बड़ी गिरावट के पीछे बड़ा कारण अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध का जारी रहना है। युद्ध के लंबा चलने से अब एनर्जी की आपूर्ति को भी जोखिम पैदा हो गया है, जिससे निवेशकों के सेंटीमेंट पर नकारात्मक प्रभाव हुआ है। इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली भी भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बनाने का काम कर रही है। एफआईआई ने गुरुवार को 3,752.52 करोड़ रुपए के इक्विटी की बिकवाली की थी। युद्ध के चलते कच्चे तेल में भी तेजी जारी है। डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 80 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड का दाम 84 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है।

पंजाब पुलिस में 3298 नई भर्ती, 10 मार्च से शुरू होगा ऑनलाइन आवेदन, कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर जारी

चंडीगढ़  पुलिस में भर्ती होना चाहते हैं, तो आपके लिए बड़ी खुशखबरी है। पंजाब पुलिस ने 3 हजार से अधिक पदों पर नई भर्ती की घोषणा की है। इस भर्ती के जरिए डिस्ट्रिक्ट पुलिस कैडर और आर्म्ड पुलिस कैडर में कॉन्स्टेबलों की नियुक्ति की जाएगी। आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी हो गया है। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया ऑफिशियल वेबसाइट punjabpolice.gov.in पर 10 मार्च से शुरू होने वाली है। फॉर्म लिंक ओपन होते ही आप इसमें अप्लाई कर सकेंगे। लेकिन इससे पहले योग्यता संबंधित नियम जानना भी जरूरी है। पंजाब पुलिस भर्ती 2026 की जरूरी डिटेल्स    भर्ती आयोग पंजाब पुलिस पद कॉन्स्टेबल विज्ञापन संख्या 01/2026 कुल रिक्तियां 3298 आवेदन शुरू होने की तारीख 10 मार्च 2026 मंगलवार शाम 7 बजे से आवेदन करने की आखिरी तारीख 30 मार्च 2026 रात 23:55 बजे तक सैलरी कॉन्स्टेबल को न्यूनतम 19,900 रुपये प्रति माह सैलरी मिलेगी हाइट पुरुषों की हाइट 5 फीट 7 इंच (170.2 सेमी) और महिलाओं की 5 फीट 2 इंच (157.5 सेमी) तक मान्य होगी चयन प्रक्रिया कॉमन कंप्यूटर बेस्ड (CBT) और फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट (PST), डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, मेडिकल आदि भर्ती का नोटिफिकेशन Punjab Police Recruitment 2026 Notification PDF आवेदन शुल्क सामान्य वर्ग- 1200/- पंजाब के एक्स सर्विसमैन-500/- राज्य के एससी/एसटी और बैकवर्ड क्लास 700/- इकोनॉमिकली वीकर सेक्शन (EWS) 700/- पंजाब पुलिस कॉन्स्टेबल के लिए योग्यता क्या चाहिए? किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना चाहिए। एक्स सर्विसमैन के लिए 10वीं पास योग्यता तय की गई है। यानी मैट्रिक पास कैंडिडेट्स भी इसमें अप्लाई कर सकेंगे। कैंडिडेट ने 10वीं कक्षा पंजाबी कंपल्सरी या इलेक्टिव सब्जेक्ट के साथ पास की हो। या समकक्ष परीक्षा पंजाबी भाषा के साथ उत्तीर्ण की होनी जरूरी है। 1 जनवरी 2026 को कैंडिडेट की उम्र न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम उम्र 28 वर्ष तक होनी चाहिए। ऊपरी उम्र में आरक्षित वर्गों को नियमों के अनुसार छूट दी जाएगी। पंजाब पुलिस भर्ती में आवेदन कैसे करें? इस पुलिस भर्ती में अप्लाई करने के लिए उम्मीदवारों को ऑफिशियल वेबसाइट punjabpolice.gov.in की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। यहां आपको पहले अपनी कुछ निजी जानकारियाों के जरिए रजिस्ट्रेशन करना होगा। फिर जनरेट किए लॉगइन डिटेल्स के जरिए वेबसाइट पर लॉगइन करें। अब संबंधित बॉक्स में जो-जो जानकारी मांगी जाती है, वो भरते जाएं। सभी बॉक्स ठीक तरह से भरने के बाद डॉक्यूमेंट अपलोड वाले सेक्शन में अपनी आईडी प्रूफ, पर्सनल डिटेल्स, एड्रेस प्रूफ, वैलिड और एक्टिव ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर और 10वीं की मार्कशीट, हस्ताक्षर, पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ स्कैन करके सही साइज में अपलोड करें। फॉर्म पूरी तरह से ऑनलाइन भरने के बाद एप्लिकेशन फीस भरें और आवेदन पत्र का प्रिंट आउट निकालकर सुरक्षित रख लें। पंजाब पुलिस की लिखित परीक्षा में जनरल अवेयरनेस, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूट एंड न्यूमेरिकल स्किल्स, मेंटल एबिलिटी एंज लॉजिकल रीजनिंग, इंग्लिश लैंग्वेदज, पंजाबी लैंग्वेज स्किल्स, डिजिटल लिट्रेसी अवेयरनेस और पेपर II में पंजाबी लैंग्वेज से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे। लिखित परीक्षा मे निगेटिव मार्किंग भी लागू होगी। PST में अभ्यर्थियों से रनिंग, लॉन्ग जंप, हाई जंप और हाईट का माप लिया जाएगा।  

मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर: अमेरिका-इजरायल के बाद एक और देश की ईरान पर अटैक की तैयारी

इजरायल अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जवाबी कार्रवाई कर रहे ईरान की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। खबर है कि अब अजरबैजान ने ड्रोन हमले की बदला लेने की कसम खाई है। साथ ही मुल्क के राष्ट्रपति ने अटैक का जवाब देने के निर्देश अपनी सेना को दे दिए हैं। खबर है कि अजरबैजान ने ईरान से सफाई देने की भी मांग की है। ईरान ने कतर, कुवैत, सऊदी अरब समेत कई मुल्कों में हमले किए हैं। भड़क गया अजरबैजान राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने ईरान पर 'आतंकवाद और आक्रामकता का निराधार कृत्य' करने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि उनकी सेना को जवाबी कार्रवाई की तैयारी और उसे लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। अजरबैजान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ईरान ने नखचिवान की ओर चार ड्रोन भेजे थे, जिनमें से एक को अजरबैजानी सेना ने निष्क्रिय कर दिया, जबकि अन्य ने नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाया, जिनमें एक स्कूल भी शामिल था जहां कक्षाएं चल रही थीं। बड़ी बैठक हुई रॉयटर्स के अनुसार, राष्ट्रपति अलीयेव ने सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा, 'हम अजरबैजान के खिलाफ इस बगैर उकसावे के किए गए आतंकवादी कृत्य और आक्रमण को सहन नहीं करेंगे। हमारे सशस्त्र बलों से तैयारी करने और उचित जवाबी कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए गए हैं।' उन्होंने कहा, 'हम किसी भी दुश्मन ताकत के खिलाफ अपनी शक्ति दिखाने के लिए तैयार हैं। उन्हें ईरान में ये नहीं भूलना चाहिए।' बातचीत की मांग एक्सियोस से बातचीत में अजरबैजान के अमेरिका में राजदूत खजार इब्राहिम ने कहा कि उनका मुल्क उचित उपाय कर रहा है। जब पूछा गया कि क्या वह अगले हमले को लेकर चिंतित हैं। इसपर उन्होंने कहा कि यह चिंता की बात नहीं है। उन्होंने कहा, 'इसके बजाय हम हिसाब लगा रहे हैं, तथ्य जुटा रहे हैं और हम फैसले ले रहे हैं।' एजेंसी वार्ता के अनुसार, अजरबैजान के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि ईरान की ओर से दागे गए कई ड्रोन उनके क्षेत्र में गिरे हैं। इनमें से एक ड्रोन ने हवाई अड्डे की टर्मिनल बिल्डिंग को क्षतिग्रस्त किया है, जबकि दूसरा एक स्कूल भवन के पास जाकर गिरा। मंत्रालय ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जतायी और साथ ही ईरान से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि इस तरह की घटना दोबारा न हो। साथ ही मंत्रालय ने अजरबैजान में ईरान के राजदूत को अपनी कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर करने के लिए तलब किया। ईरान क्या बोला ईरान के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने अजरबैजान की ओर ड्रोन भेजने से इनकार किया है। ईरान ने बार-बार युद्ध में तेल और अन्य नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने से इनकार किया है, हालांकि उसके ड्रोन और मिसाइल हमलों ने इन स्थलों को निशाना बनाया है।  

बॉम्बे हाई कोर्ट का अहम आदेश: कहीं भी नमाज पढ़ने का नहीं है अधिकार, समझें क्या है मामला

मुंबई बॉम्बे हाई कोर्ट ने छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास टैक्सी और ऑटो रिक्शा चालकों को रमजान के दौरान नमाज पढ़ने की अनुमति देने से इन्कार कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि रमजान इस्लाम का महत्वपूर्ण धार्मिक महीना है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कोई भी व्यक्ति किसी भी स्थान पर नमाज पढ़ने का अधिकार मांग सकता है। खासकर एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील और उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सुरक्षा को धर्म से ऊपर बताया     जस्टिस बी.पी. कोलाबावाला और जस्टिस फिरदौस पूनीवाला की पीठ ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान कहा कि अदालत सुरक्षा संबंधी चिंताओं को नजरअंदाज नहीं कर सकती।     कोर्ट ने कहा कि एयरपोर्ट परिसर और उसके आसपास का क्षेत्र अत्यधिक संवेदनशील होता है, जहां किसी भी तरह की भीड़ या अस्थायी व्यवस्था सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है। पीठ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि धर्म चाहे जो भी हो, सुरक्षा सबसे पहले है और इससे कोई समझौता नहीं किया जा सकता। अस्थायी शेड हटाए जाने के बाद दाखिल हुई थी याचिका     यह मामला टैक्सी-रिक्शा ओला-उबर मेंस यूनियन द्वारा दाखिल याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि वे छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास बने एक अस्थायी शेड के नीचे नमाज अदा करते थे। हालांकि, पिछले वर्ष अधिकारियों ने उस शेड को हटा दिया था।     यूनियन ने अदालत से मांग की थी कि उन्हें उसी स्थान पर नमाज पढ़ने की अनुमति दी जाए या फिर आसपास किसी अन्य स्थान को इसके लिए निर्धारित किया जाए। एयरपोर्ट की सुरक्षा का दिया हवाला अदालत ने बार-बार एयरपोर्ट सुरक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि सावधानी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पिछली सुनवाई में अदालत ने पुलिस और एयरपोर्ट प्राधिकरण को निर्देश दिया था कि वे यह देखें कि याचिकाकर्ताओं को कहीं और स्थान दिया जा सकता है या नहीं। प्राधिकरणों ने अपनी रिपोर्ट अदालत में पेश की। सात अन्य स्थानों का सर्वे किया गया, लेकिन भीड़भाड़, सुरक्षा चिंताओं और एयरपोर्ट विकास योजना के कारण कोई भी जगह उपयुक्त नहीं पाई गई। मदरसे में जाकर अदा करें नमाज   रिपोर्ट देखने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि मामला सीधे एयरपोर्ट की सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए याचिकाकर्ताओं को राहत नहीं दी जा सकती। अदालत ने यह भी कहा कि संबंधित स्थान से एक किलोमीटर के भीतर एक मदरसा है, जहां नमाज अदा की जा सकती है। पीठ ने कहा कि एयरपोर्ट के आसपास प्रार्थना स्थल बनाने का सवाल ही नहीं उठता। अदालत ने टिप्पणी की कि सुरक्षा सबसे पहले आती है और इस एयरपोर्ट से हर धर्म के लोग यात्रा करते हैं। जरूरी नहीं कि किसी जगह पर नमाज पढ़ी जाए हाईकोर्ट ने कहा कि दुनिया में कहीं भी एयरपोर्ट के इतने करीब इस तरह की व्यवस्था नहीं देखी गई है। याचिकाकर्ता यह तय नहीं कर सकते कि वे किस जगह नमाज पढ़ेंगे। अदालत ने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कोई कल यह कहे कि वह ओवल मैदान के बीच में खड़े होकर नमाज पढ़ना चाहता है, तो यह संभव नहीं हो सकता। अदालत ने कहा कि कोई भी व्यक्ति दिन में पांच बार नमाज अदा कर सकता है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि वह किसी भी जगह पर ही की जाए। वैकल्पिक स्थानों का सर्वे, लेकिन नहीं मिली उपयुक्त जगह     इससे पहले अदालत ने पुलिस और एयरपोर्ट प्राधिकरण को निर्देश दिया था कि वे आसपास के क्षेत्रों का सर्वे कर यह देखें कि क्या नमाज के लिए कोई अन्य स्थान उपलब्ध कराया जा सकता है।     गुरुवार को अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट अदालत में पेश की। रिपोर्ट में बताया गया कि सात अलग-अलग स्थानों का सर्वे किया गया, लेकिन भीड़, सुरक्षा चिंताओं और एयरपोर्ट के विकास कार्यों के कारण कोई भी जगह उपयुक्त नहीं पाई गई। कोर्ट ने मदरसे में नमाज पढ़ने की दी सलाह     रिपोर्ट देखने के बाद अदालत ने कहा कि वह इस मामले में कोई राहत नहीं दे सकती। अदालत ने याचिकाकर्ताओं को सलाह दी कि वे आसपास मौजूद धार्मिक स्थलों का उपयोग करें।     कोर्ट ने बताया कि प्रस्तावित स्थान से करीब एक किलोमीटर के भीतर एक मदरसा मौजूद है, जहां नमाज अदा की जा सकती है। अदालत ने यह भी कहा कि भविष्य में टर्मिनल-1 के पुनर्विकास के दौरान यदि संभव हुआ तो याचिकाकर्ता अपनी मांग एयरपोर्ट प्राधिकरण के सामने रख सकते हैं। सर्वे में नमाज के लिए कोई जगह नहीं मिली कोर्ट ने पुलिस और एयरपोर्ट अधिकारियों से यह जांच करने को कहा था कि क्या याचिकाकर्ताओं को कोई वैकल्पिक जगह दी जा सकती है। गुरुवार को पेश की गई रिपोर्ट में अधिकारियों ने बताया कि सात जगहों का सर्वे किया गया, लेकिन भीड़, सुरक्षा चिंताओं और एयरपोर्ट डेवलपमेंट प्लान के कारण कोई भी जगह उपयुक्त नहीं पाई गई। रिपोर्ट देखने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि एयरपोर्ट के आसपास नमाज पढ़ने के लिए कोई जगह तय करना संभव नहीं है। कोर्ट ने कहा- धर्म हो या कुछ और सुरक्षा सबसे पहले आती है। इस एयरपोर्ट से हर धर्म के लोग यात्रा करते हैं, इसलिए सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। कोर्ट बोला- आप नमाज की जगह तय नहीं कर सकते कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता खुद यह तय नहीं कर सकते कि वे किस जगह नमाज पढ़ेंगे। बेंच ने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कोई किसी सार्वजनिक स्थान के बीच में नमाज पढ़ने की मांग करे तो इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से कहा कि वे किसी दूसरी जगह की तलाश करें। कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि संबंधित इलाके से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर एक मदरसा मौजूद है, जहां नमाज पढ़ी जा सकती है।  

छत्तीसगढ़ ने धान खरीद में ‘डेटा-संचालित मॉडल’ से एआई तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल किया

रायपुर  छत्तीसगढ़ में धान खरीद व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) द्वारा अपनाई गई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निगरानी प्रणाली ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि तकनीक का सही दिशा में उपयोग किया जाए, तो न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाएं सुदृढ़ होती हैं, बल्कि सरकारी खजाने को भी बड़े पैमाने पर होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विजन और मार्कफेड के चेयरमैन जितेंद्र कुमार शुक्ल (IAS) के नेतृत्व में इस तकनीकी पहल के माध्यम से राज्य ने बिना किसी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में कटौती किए, सिस्टम की कमियों को दूर कर लगभग ₹2,780 करोड़ की प्रत्यक्ष बचत सुनिश्चित की है। वित्तीय वर्ष 2025–26 की धान खरीद प्रक्रिया के समापन के बाद आए आंकड़े चौंकाने वाले और सुखद हैं। इस अवधि के दौरान राज्य में कुल 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई, जिस पर सरकार का कुल व्यय ₹43,720 करोड़ रहा। इसके विपरीत, यदि पिछले वित्तीय वर्ष 2024–25 के आंकड़ों पर नज़र डालें, तो 149.24 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद पर लगभग ₹46,500 करोड़ खर्च हुए थे। आंकड़ों का तुलनात्मक अध्ययन करने पर पता चलता है कि इस बार खरीद की मात्रा में करीब आठ लाख मीट्रिक टन की कमी आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कमी उत्पादन घटने के कारण नहीं, बल्कि गैर-प्रामाणिक प्रविष्टियों, फर्जी पंजीकरण और अन्य सीमावर्ती राज्यों से लाये जाने वाले धान की अवैध रूप से ख़रीदारी पर कड़ाई से लगाए गए नियंत्रण का प्रत्यक्ष परिणाम है। चुनौतियां और तकनीकी समाधान: विगत वर्षों में धान खरीदी के दौरान फर्जी किसान पंजीकरण, रिकॉर्ड में हेराफेरी और भंडारण केंद्रों से धान की चोरी जैसी गंभीर चुनौतियां सामने आती रही थीं। विशेषज्ञों के विश्लेषण के अनुसार, इस विशाल प्रक्रिया में यदि मात्र एक प्रतिशत की भी लीकेज या गड़बड़ी होती है, तो सरकारी खजाने को सालाना कई सौ करोड़ की चपत लगती है। इन्हीं गंभीर चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए मार्कफेड ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम 'आईटीआई लिमिटेड' के साथ हाथ मिलाया। आईटीआई लिमिटेड ने इस परियोजना के लिए आवश्यक नेटवर्क प्रबंधन, अत्याधुनिक उपकरणों की स्थापना और निरंतर तकनीकी सहायता प्रदान कर इस मॉडल को धरातल पर उतारा। ये कैमरे संदिग्ध गतिविधियों को स्वतः पहचानने में सक्षम हैं। रायपुर में एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष के रूप में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) स्थापित किया गया है, जहां लाइव फीड के जरिए पूरे प्रदेश की गतिविधियों पर नजर रखी जाती है। किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर यहीं से तत्काल आवश्यक निर्देश जारी किए जाते हैं। मार्कफेड के प्रबंध निदेशक जितेंद्र कुमार शुक्ल ने इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि, “इस प्रणाली ने न केवल वित्तीय अनुशासन को मजबूत किया है, बल्कि वास्तविक किसानों के हक को भी सुरक्षित किया है। अब बिचौलियों के लिए व्यवस्था में सेंध लगाना लगभग मुश्किल हो गया है।” महज़ ₹48.92 करोड़ की कुल लागत से तैयार इस परियोजना ने निवेश के अनुपात में कई गुना अधिक प्रतिफल (Return on Investment) सुनिश्चित किया है। आईटीआई लिमिटेड के अनुसार, “यह परियोजना 'मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस (Minimum government, maximum governance)' का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। आज छत्तीसगढ़ का यह डेटा-संचालित मॉडल न केवल देश के अन्य राज्यों के लिए एक अनुकरणीय मानक बन गया है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि डिजिटल क्रांति कैसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल सकती है।” छत्तीसगढ़ का यह मॉडल यह स्पष्ट करता है कि पारदर्शी सुशासन के लिए तकनीक का अपनाना अनिवार्य है। ₹2,780 करोड़ की यह बचत न केवल वित्तीय सफलता है, बल्कि यह उन हजारों किसानों की जीत है जिन्हें अब बिना किसी बिचौलिए या परेशानी के उनकी फसल का सही दाम मिल रहा है। यह सफलता 'डिजिटल इंडिया' के सपने को ग्रामीण स्तर पर हकीकत में बदल रही है।

Mini Duster का डिफेंडर जैसा लुक, Thar और Jimny को मिलेगी कड़ी टक्कर

नई दिल्ली रेनो ने अपनी अपकमिंग SUV का नाम टीज कर दिया है. 10 मार्च को रेनो Bridger Concept को पेश किया जाएगा. इसे Mini Duster भी बताया जा रहा है. हालांकि, कंपनी ने अभी इसका डिजाइन पेश नहीं किया है, लेकिन कुछ रेंडर जरूर सामने आ रहे हैं. रेंडर्स को देखकर ऐसा लग रहा है कि कंपनी Mini Duster नहीं बल्कि डिफेंडर का छोटा वर्जन लेकर आ रही है। 17 मार्च को नई Duster को कंपनी लॉन्च करेगी, उससे पहले 10 मार्च को रेनो Bridger Concept को पेश करके ज्यादा बड़ा धमाका कर सकती है. ऑटो मोटो ने इसका एक रेंडर तैयार किया है, जो काफी हद तक रियल लाइफ जैसा है। रेनो ने जो तस्वीरें शेयर की थीं, उसमें कार के ऊपरी हिस्से की झलक दिख रही थी. भले ही रेनो ने सीमित डिटेल्स शेयर की हैं, लेकिन उससे कार के डिजाइन का एक अंदाजा लगाया जा सकता है। कैसा होगा कार का डिजाइन?  कार बॉक्सी डिजाइन के साथ आएगी और इसमें ऑफ-रोड फीचर्स दिए जा सकते हैं. इसमें फ्लैट रूफ मिलेगी, जिसके साथ हैवी ड्यूटी रूफ रेल्स होंगी. इसमें फ्लेयर्ड व्हील आर्च के साथ कन्वेंशनल डोर हैंडल्स दिए जा सकते हैं. रियर साइड में फ्लैट विंडस्क्रीन और टेलगेट मिलेगा. स्पेयर टायर को पीछे वाले गेट पर फिट किया जा सकता है, जिससे कार का लुक और भी बोल्ड होगा।  Renault Bridger का रेंडर ऑटो मोटो ने तैयार किया है. कौन-सा इंजन मिलेगा? Bridger को रेनो मिनी डस्टर की तरह प्रमोट कर रही है. संभव है कि कंपनी CMF-A+ प्लेटफॉर्म में कुछ बदलाव करके इसे तैयार कर सकती है. इसे ज्यादा रग्ड, लाइफस्टाइल फोकस्ड और Kiger के अल्टरनेटिव के तौर पर पेश किया जा सकता है. इसमें 1 लीटर का 3 सिलेंडर टर्बो पेट्रोल इंजन दिया जा सकता है, जो रेनो काइगर में मिलता है। Renault Bridger को भारत में डिजाइन किया जाएगा. Thar और Jimny से होगा मुकाबला रिपोर्ट्स की मानें तो कंपनी इस कार को फ्रंट व्हील ड्राइव के साथ 4 व्हील ड्राइव में भी लॉन्च कर सकती है. इसके अलावा ADAS और दूसरे सेफ्टी फीचर्स भी दिए जा सकते हैं. रेनो इस कार को महिंद्रा की थार और मारुति की जिम्नी के मुकाबले में उतार सकती है। ये कार अगले साल के अंत तक लॉन्च हो सकती है. इसे भारत में डिजाइन किया जाएगा. भारत के अलावा Bridger को मुख्य रूप से अफ्रीका, मिडिल ईस्ट और लैटिन अमेरिका में बेचा जाएगा।