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यूपी बनने जा रहा देश का आधुनिक टेक्नोलॉजी बेस्ड गोसंरक्षण मॉडल स्टेट

सीएम योगी के विजन को साकार करने में सहयोग करेगी आईआईटी खड़गपुर के इंजीनियर की स्पेशल टीम गोबर, गोमूत्र और बायोगैस के जरिए युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए द्वार लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोसंरक्षण के विजन को अब आधुनिक तकनीक की शक्ति मिलेगी। योगी सरकार ने आईआईटी खड़गपुर के पूर्व छात्र और उनकी टीम के सहयोग से अब उत्तर प्रदेश की 300 से अधिक गोशालाओं में बायोगैस प्लांट स्थापित करने की योजना बनाई है। इन प्लांटों के माध्यम से गोबर-गोमूत्र से स्वच्छ ऊर्जा, जैविक खाद एवं अन्य उत्पाद तैयार किए जाएंगे, जो ग्रामीण रोजगार का बड़ा जरिया बनेंगे। मुख्यमंत्री के विजन को अब नयी पीढ़ी की तकनीक और युवाओं की ऊर्जा का साथ मिलने से यूपी देश का आधुनिक टेक्नोलॉजी बेस्ड गोसंरक्षण मॉडल वाला राज्य बनने जा रहा है। युवाओं के लिए आजीविका का बनेगा नया मॉडल गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पहली बार वैज्ञानिक दृष्टिकोण से गोसंरक्षण को आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंचगव्य से तैयार उत्पादों को उद्योग से जोड़कर युवाओं के लिए आजीविका का नया मॉडल बनेगा। इस पहल की अगुवाई आईआईटी खड़गपुर के पासआउट छात्र यशराज गुप्ता कर रहे हैं, जिन्होंने शनिवार को जालौन में अपने चार अन्य साथियों के साथ गोसेवा आयोग की टीम से मिलकर गोसंरक्षण पर काम करने की रणनीति बनाई है। तकनीक के सही उपयोग से गोसंरक्षण बनेगा ग्रामीण आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम जालौन से इस परियोजना की शुरुआत होने जा रही है। खास बात यह है कि यशराज ने एक प्रतिष्ठित सॉफ्टवेयर कंपनी का दो करोड़ रुपये का सालाना पैकेज छोड़कर गोसेवा से जुड़े इस सामाजिक और पर्यावरणीय मिशन को चुना है। यशराज का कहना है कि गो आधारित अर्थव्यवस्था भारत की परंपरा और स्थायी विकास मॉडल, दोनों से जुड़ी है। अगर तकनीक का सही उपयोग किया जाए तो यह ग्रामीण आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम बन सकती है। शुरुआत में जालौन जिले की गोशालाओं में बायोगैस प्लांट्स स्थापित करने की योजना बनाई गई है, जिनसे जैविक खाद, बायो-सीएनजी और बिजली का उत्पादन किया जा सकेगा। सफल प्रयोग के बाद प्रदेश के 300 से अधिक गोआश्रय स्थलों में इसी तकनीक का विस्तार किया जाएगा। ‘पंचगव्य वैल्यू चेन’ के औद्योगिक उपयोग पर देंगे विस्तृत प्रशिक्षण यशराज और उनकी टीम ने ‘पंचगव्य वैल्यू चेन’ (गोमूत्र, गोबर, दूध, दही और घी) के औद्योगिक उपयोग पर विस्तृत प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है। गोसेवा आयोग के पदाधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ मिलकर यह टीम ऐसे उत्पाद तैयार करेगी, जिनकी बाजार में ब्रांडिंग और बिक्री की संभावनाएं मौजूद हैं। आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने कहा कि योगी सरकार गोसंरक्षण के साथ-साथ उससे जुड़े आर्थिक और पर्यावरणीय लाभों को भी आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री के विजन के तहत गोआश्रय स्थल अब पशुधन संरक्षण के साथ ऊर्जा और जैविक खाद उत्पादन के केंद्र बनेंगे। इससे गांवों में रोजगार बढ़ेगा और किसान की आमदनी में सीधा इजाफा होगा। इस मॉडल को प्रदेश भर में लागू करने का लक्ष्य जालौन से शुरू हो रही यह परियोजना यूपी के युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है। स्टार्टअप के माध्यम से आईआईटी खड़गपुर से निकले सॉफ्टवेयर इंजीनियर यशराज और उनकी टीम ने आने वाले समय में इस मॉडल को प्रदेश भर में लागू करने का लक्ष्य बनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि गोसंरक्षण केवल सेवा या परंपरा का विषय नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत का आधार बने।

सूरत के मंदिर में मिलीं दो छात्राएं: बेहोशी के इंजेक्शन और सुसाइड के बारे में पूछा ChatGPT से

सूरत  गुजरात के सूरत शहर में स्वामीनारायण मंदिर के बाथरूम के अंदर कॉलेज में पढ़ने वाली दो छात्राओं की लाश मिलने से हड़कंप मच गया। दोनों लड़कियों की उम्र 18 से 20 के बीच है। पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर घटना की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने  बताया कि उन्हें घटनास्थल से बेहोशी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले एनेस्थीसिया के इंजेक्शन मिले हैं। दोनों लड़कियों ने मौत से पहले ChatGPT पर "सुसाइड कैसे करें" इसके बारे में सर्च किया था। असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर (एसीपी) एन.पी. गोहिल ने बताया कि कॉलेज में पढ़ने वाली दोनों छात्राएं शुक्रवार दोपहर से लापता थीं और बाद में उसी रात सानिया गांव के स्वामीनारायण मंदिर के बाथरूम के अंदर मरी हुई मिलीं। फोन कॉल नहीं उठा रही थीं उन्होंने बताया कि छात्राओं के परिजनों ने उनके लापता होने के बाद दिंडोली पुलिस थाने को सूचना दी थी। उनके फोन एक्टिव थे, लेकिन वो दोनों ही कॉल नहीं उठा रही थीं। फोन की लोकेशन ट्रेस होने के बाद, पुलिस की एक टीम सानिया गांव गई और उनकी तलाश शुरू की। हमें मंदिर के पास उनकी स्कूटी मिली। बाथरूम का दरवाजा तोड़कर निकाली गईं लाशें पुलिस अधिकारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में दोनों लड़कियों को मंदिर के बाथरूम की तरफ जाते हुए देखा गया। इसके बाद जब बाथरूम का दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर दोनों बेहोश पड़ी मिलीं। उनमें से एक लड़की को सिविल अस्पताल और दूसरी को एसएमआईएमईआर अस्पताल ले जाया गया। दोनों अस्पतालों के डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पास में पड़े थे बेहोशी के इंजेक्शन अधिकारी ने बताया कि बाथरूम की तलाशी में बेहोशी के लिए इस्तेमाल होने वाले कुछ एनेस्थीसिया इंजेक्शन मिले, जबकि उनमें से एक के फोन की गैलरी में सुसाइड से जुड़ी कुछ तस्वीरें मिलीं। पुलिस ने बताया कि दोनों यहां अलग-अलग कॉलेजों में पढ़ती थीं और स्कूल टाइम से ही अच्छी दोस्त थीं। पुलिस ने बताया कि दोनों ने यह कदम क्यों उठाया, इसका पता लगाने के लिए जांच चल रही है।

फाइनल में टीम इंडिया की जीत की कुंजी: ये 5 खिलाड़ी और सूर्या का ‘ब्रह्मास्त्र’

नई दिल्ली न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में भारत के 5 ऐसे खिलाड़ी हैं, जो तबाही मचा सकते हैं। ये 5 खिलाड़ी ऐसे हैं, जो अपने दम पर टीम इंडिया को ट्रॉफी दिलाने की ताकत रखते हैं। कप्तान सूर्यकुमार यादव के लिए ये 5 प्लेयर्स फाइनल में ब्रह्मास्त्र साबित हो सकते हैं। इसमें जसप्रीत बुमराह से लेकर संजू सैमसन तक का नाम शामिल है। बता दें कि फाइनल मैच रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाना है। ऐसे में आइए आपको उन 5 प्लेयर्स के नाम बताते हैं, जो अकेले दम पर टीम इंडिया को ट्रॉफी दिला सकते हैं। भारत के इन 5 खिलाड़ियों पर होंगी नजरें- 1. जसप्रीत बुमराह भारत के दिग्गज तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ा हथियार साबित हुए हैं। उन्होंने 7 मैचों में 6.62 की इकोनॉमी के साथ रन खर्च करते हुए 10 विकेट अपने नाम किए हैं। बुमराह विश्व कप में सबसे कम इकोनॉमी के साथ रन खर्च करने वाले गेंदबाज हैं। ऐसे में वे भारत को अपने दम पर मुकाबला जिता सकते हैं। 2. संजू सैमसन विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को वर्ल्ड कप के शुरूआती मैचों में खेलने का मौका नहीं मिला था। हालांकि, जिम्बाब्वे के खिलाफ सुपर-8 उन्होंने वापसी की। इसके बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 97 रनों की पारी खेलकर भारत को सेमीफाइनल में पहुंचाया। सेमीफाइनल में भी इंग्लैंड के खिलाफ 89 रनों की पारी खेली। वे पिछले दोनों मैचों में प्लेयर ऑफ द मैच रहे हैं। ऐसे में फाइनल मुकाबले में भी संजू बल्ले से तबाही मचा सकते हैं। 3. हार्दिक पांड्या ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या इस समय बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं। उन्होंने सेमीफाइनल मैच में 12 गेंदों पर 27 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली थी। इसके अलावा गेंद के साथ 19वें ओवर में 9 रन खर्चे थे और भारत को फाइनल में पहुंचाने के लिए अहम भूमिका निभाई थी। हार्दिक टूर्नामेंट में अब तक दो अर्धशतक लगा चुके हैं और फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया के लिए मैच विनर साबित हो सकते हैं। 4. शिवम दुबे शिवम दुबे ऐसे खिलाड़ी हैं, जो मध्य क्रम में स्पिनर्स के खिलाफ बेहतरीन बल्लेबाजी करते हैं। इसके अलावा वे तेज गेंदबाजों के खिलाफ भी शॉट्स खेलते हैं। शिवम ने इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में भी 43 रन बनाए थे। इससे पहले भी वे नीदरलैंड्स के खिलाफ अर्धशतक लगा चुके हैं। दुबे बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं और टीम इंडिया को अपने दम पर मैच जिताने की ताकत रखते हैं। 5. ईशान किशन ईशान किशन इस समय बेहतरीन फॉर्म से गुजर रहे हैं। वे टूर्नामेंट में दो अर्धशतक लगा चुके हैं। इसके अलावा सेमीफाइनल मैच में भी 18 गेंदों पर 39 रनों की पारी खेली थी। वे पहले अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरूआत कर रहे थे लेकिन अब तीसरे नंबर पर बैटिंग के लिए आते हैं। हालांकि, किशन की आक्रामक बल्लेबाजी भारतीय टीम को फायदा पहुंचा सकती है।  

महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा: बजट में SC वुमन के लिए 1,500 रुपये का प्रावधान

चंडीगढ़ पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश किया है। सूबे के लोगों को इस बजट से खासी उम्मीदें हैं। मान सरकार ने पंजाब की महिलाओं के लिए हर माह 1000 रुपये की योजना शुरू की है। वित्त मंत्री ने इसका एलान किया है।   महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री मावां- धीयां सत्कार योजना वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपये मिलेंगे। मुख्यमंत्री मावां- धीयां सत्कार योजना के कार्यान्वयन की घोषणा की गई है। योजना के तहत भगवंत मान सरकार सभी वयस्क महिलाओं के बैंक खाते में सीधे 1,000 रुपये प्रति माह हस्तांतरित करेगी। इसके अलावा, अनुसूचित जाति समुदाय की महिलाओं के खाते में सीधे 1,500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। 18 वर्ष से अधिक आयु की प्रत्येक महिला इस योजना के तहत पंजीकरण के लिए पात्र होगी। मौजूदा या पूर्व स्थायी सरकारी कर्मचारी, मौजूदा और पूर्व सांसद/विधायक और आयकर दाता इस योजना में शामिल नहीं होंगी। यहां तक कि मौजूदा सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं, जैसे वृद्धावस्था पेंशन या विधवा/निराश्रित महिला पेंशन या विकलांगता पेंशन योजना के तहत पंजीकृत महिलाएं भी इस योजना के तहत पात्र होंगी। कुल मिलाकर, पंजाब की लगभग 97% वयस्क महिलाएं इस योजना के तहत पात्र होंगी। इसके लिए 9300 करोड़ बजट का प्रावधान किया गया है। 1,279 नई बसें चलाई जाएंगी महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा योजना के अलावा, हमारी सरकार राज्य में मार्वजनिक परिवहन की पहुंच को और बढ़ाने पर भी विचार कर रही है, विशेष रूप से अविकसित क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले मार्गों पर। वर्तमान में 2,267 बसें परिचालन में हैं और सरकार खरीद और पट्टे के सुमेल के माध्यम से मौजूदा बेड़े में 1,279 नई बसें जोड़ेगी। कुछ नई बसें पहले से ही चालू हैं और शेष नवंबर 2026 तक चालू हो जाएंगी। महिलाओं के मुफ्त बस सफर योजना के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। लोगों की एक लंबे समय से मांग रही है कि नए राशन कार्डों के लिए पंजीकरण खोला जाए ताकि इस राज्य में, जो पूरे देश का पेट भरता है, पंजाब का कोई भी गरीब परिवार कभी भी अपनी थाली में पर्याप्त भोजन की चिंता न करे। हम आगामी वर्ष में 10 लाख नए लाभार्थियों के लिए खाद्य सुरक्षा के द्वार खोलेंगे, उनका स्वागत करेंगे जो लंबे समय से अपने अधिकारपूर्ण समावेश की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यह समानता की विजय है, यह सुनिश्चित करना कि हमारे राज्य की प्रगति के लाभहमारे बीच के जरूरतमंद लोगों तक भी पहुंचे। राज्य के लगभग 7,500 निवासियों को उचित मूल्य की दुकानें / राशन डिपो चलाने के लिए लाइसेंस जारी किए जाएंगे, जिससे राज्य में स्मार्ट कार्ड राशन योजना के तहत पंजीकृत लाभार्थियों को गेहूं के तेजी से वितरण में भी मदद मिलेगी। भूजल संरक्षण के लिए 2,971 करोड़ रुपये का बजट सरकार ने सतही जल के उपयोग को बढ़ाने और भूजल संरक्षण के दोहरे उद्देश्य से नहरी सिंचाई के अंतर्गत सिंचित क्षेत्र (कमांड एरिया) का और विस्तार करने की योजना बनाई है। सिंचाई क्षेत्र को लगभग पाँच लाख हेक्टेयर तक बहाल करने की उम्मीद के साथ, पाइपलाइनों और ईंट-निर्मित जलमागों के निर्माण के माध्यम से अंतिम-छोर कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इस क्षेत्र के लिए 2,971 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित है। सीमावर्ती क्षेत्रों में 2,367 सीसीटीवी कैमरे लगेंगे गृह मामले, न्याय और जेल विभाग के लिए 11.577 करोड़ रुपये का बजट अनुमान प्रस्तावित किया गया है, जो संस्थागत क्षमता, तकनीकी क्षमता और परिचालन तत्परता को मजबूत करने की  निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पंजाब की 553 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर निरंतर सतर्कता की आवश्यकता है। सीमावर्ती जिलों में 636 मामरिक स्थानों पर 2,367 सीसीटीवी कैमरे लगाकर रक्षा की दूसरी पंक्ति स्थापित करना, प्रौद्योगिकी-समर्थित निगरानी की दिशा में एक निर्णायक बदलाव को दर्शाता है। 1,719 कैमरे पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं और संबंधित पुलिस स्टेशनों में नियंत्रण कक्ष चालू हो गए हैं, जिससे 24 घंटे निगरानी ने मादक पदार्थों की तस्करी और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के प्रयासों को काफी मजबूत किया है। सरकार न केवल राज्य भर में सड़क और पुल बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए, बल्कि मौजूदा परिसंपत्तियों के व्यवस्थित रखरखाव को सुनिश्चित करने के लिए भी दृढ़ता से प्रतिबद्ध है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए, सड़कों, पुलों और सार्वजनिक भवनों के निर्माण, उन्नयन और रखरखाव के लिए आवंटन को वित्तीय वर्ष 2025-26 (बजट अनुमान) की तुलना में दोगुना करके 5,440 करोड़ रुपये कर दिया गया है। तीर्थयात्रा की सुविधा के लिए 312 करोड़ रुपये का प्रावधान मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना शुरू की है, ताकि दो सर्किटों में बंटे- श्री अमृतसर साहिब और श्री आनंदपुर साहिब के प्रमुख धार्मिक स्थलों की मुफ्त और पूर्ण रूप से सहायता प्राप्त तीर्थयात्रा प्रदान की जा सके। वित्तीय वर्ष 2026-27 में, लगभग 7.15 लाख नागरिकों की तीर्थयात्रा की सुविधा के लिए 312 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में श्री गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती को राजकीय समारोह के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। खेलों के लिए 1,791 करोड़ रुपये के बजट प्रत्येक पूर्ण हो चुके गांव के खेल मैदान में, हमारी सरकार स्थानीय युवा क्लब को एक खेल किट प्रदान करेगी जिसमें क्रिकेट, वॉलीबॉल और फुटबॉल के उपकरण शामिल होंगे। ग्रामीण खेलों को बढ़ावा देने के अलावा, पहाड़ी क्षेत्रों में एडवेंचर स्पोर्ट्स शिविर पीपीपी मोड पर विकसित किए जाएंगे, जिससे पेशेवर और टिकाऊ प्रबंधन सुनिश्चित करते हुए एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए संरचित अवसरों का विस्तार होगा। इस व्यापक दृष्टिकोण और हस्तक्षेप के पैमाने को दर्शाते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1,791 करोड़ रुपये के बजट आवंटन का प्रस्ताव है।   युद्ध नशे विरुद्ध एंड एंटी गैंगस्टर टेस्ट फोर्स के लिए 100 करोड़ रुपये का आवंटन वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रवेश परीक्षाओं और एसएराबी तैयारी के लिए समर्पित विंग के साथ प्रशिक्षण शुरू कर देगा, जिससे रक्षा सेवाओं में शामिल होने के लिए पंजाब के युवाओं के लिए संरचित मार्गों का और विस्तार होगा। विभिन्न पहलों को आगे बढ़ाने के लिए, वित्तीय वर्ष 2026-27 में 287 करोड़ रुपये का बजटीय आवंटन किया गया है। पिछले बजट में … Read more

भोपाल में रंगपंचमी चल समारोह, सुभाष चौक-सराफा से निकलेगा जुलूस, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

भोपाल  राजधानी में रंगपंचमी का पारंपरिक चल समारोह इस बार नए रंग और अंदाज में नजर आ रहा । श्री हिंदू उत्सव समिति की ओर से रविवार 8 मार्च को सुबह 11 बजे सुभाष चौक, सराफा मार्केट से भव्य चल समारोह निकाल। आयोजन को लेकर शनिवार को समिति पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने परंपरागत मार्ग का संयुक्त निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि इस वर्ष चल समारोह को इंदौर की प्रसिद्ध ‘गेर’ की तर्ज पर निकालने की तैयारी की गई है। जुलूस में डुलडुल घोड़ी, ढोल-ताशे, डीजे और बैंड की आकर्षक प्रस्तुतियां होंगी। बड़ी संख्या में लोग पिचकारियां और गुलाल के साथ उत्सव में शामिल होंगे, जिससे पूरा मार्ग रंगों से सराबोर नजर आएगा। इस बार चल समारोह में विशेष झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। एक झांकी में भारत की क्रिकेट टीम द्वारा जीते गए वर्ल्ड कप का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें युवाओं के हाथों में ट्रॉफी होगी और लोग रंगों के साथ जश्न मनाते दिखाई देंगे। इसके अलावा भगवान बाल कृष्ण की पालकी भी निकलेगी, जिसमें वे विराजमान रहेंगे और श्रद्धालु उनके साथ होली खेलते हुए चलेंगे। संतों की अगुवाई में यह पालकी जुलूस का विशेष आकर्षण बनेगी। तिवारी के अनुसार लगभग दो किलोमीटर लंबे इस चल समारोह में पांच ट्रालों पर अलग-अलग झांकियां सजाई जाएंगी। इनमें राधा-कृष्ण की झांकी के साथ भगवान शिव-पार्वती की ‘मसान में होली’ की थीम भी शामिल रहेगी। इन झांकियों के माध्यम से धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का संदेश दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इंदौर की गेर की तरह इस बार भवानी चौक पर विशेष मशीनें लगाई जाएंगी, जिनसे रंग और गुलाल की वर्षा होगी। इससे पूरे मार्ग पर उत्सव का माहौल बनेगा और श्रद्धालु रंगों की बौछार के बीच होली का आनंद ले सकेंगे। समिति ने राजधानी के नागरिकों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में शामिल होकर इस पारंपरिक आयोजन को भव्य और यादगार बनाएं। यह होगा चल समारोह का रूट चल समारोह सुभाष चौक कोतवाली से प्रारंभ होकर लोहा बाजार, जुनेराती गेट, जनकपुरी, पुराना पोस्ट आफिस, सिंधी मार्केट, भवानी चौक सोमवारिया, लखेरापुरा, पीपल चौक, चिंतामन चौराहा, इलेक्ट्रॉनिक मार्केट, इतवारा, जैन मंदिर रोड, गणेश चौक मंगलवार, कुन्दन नमकीन मार्ग, घोड़ा नक्कार, अग्रवाल पूरी भंडार, छोटे भैया चौराहा कारखर से हनुमान मंदिर गल्ला बाजार थाना हनुमानगंज में पर समाप्त होगा।

ईरान संघर्ष के बीच तेल की बढ़ती कीमतें: $120 प्रति बैरल तक जाने की संभावना

नई दिल्ली इन्फोमेरिक्स रेटिंग्स के मुख्य अर्थशास्त्री मनोरंजन शर्मा का कहना है कि यदि ईरान संघर्ष लंबे समय तक जारी रहता है तो वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। उन्होंने कहा कि एक विस्तारित भू-राजनीतिक संकट वैश्विक आर्थिक गणनाओं को महत्वपूर्ण रूप से बाधित कर सकता है। एक विशेष बातचीत में शर्मा ने कहा कि तेल की कीमतें पहले ही एक छोटे समय में तेजी से बढ़ चुकी हैं। इस संघर्ष से पहले कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे थीं, लेकिन अब यह 90 डॉलर के पार पहुंच चुकी हैं।   ब्रेंट क्रूड का मूल्य 91.84 डॉलर प्रति बैरल शनिवार को ब्रेंट क्रूड का मूल्य 91.84 डॉलर प्रति बैरल और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडियएट (डब्ल्यूटीआई) का मूल्य 89.62 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच चुका था। शर्मा के अनुसार, पहले उम्मीद थी कि संघर्ष कुछ हफ्तों में समाप्त हो जाएगा, लेकिन अब स्थिति अधिक अनिश्चित लग रही है। शर्मा ने बताया कि देश के बजट अनुमानों और रिजर्व बैंक की गणनाएं तेल की कीमतों को लगभग 70 डॉलर या उससे कम मानकर की गई थीं। यदि कीमतें स्थायी रूप से बढ़ती हैं तो नीति निर्माताओं को अपने अनुमानों पर पुनर्विचार करना पड़ेगा। कीमतों में 10 डॉलर की वृद्धि से बढ़ेगी महंगाई हालांकि, उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से घरेलू मांग द्वारा संचालित होती है, जो सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि पर इस संकट के व्यापक प्रभाव को कम कर सकती है। लेकिन तेल की उच्च कीमतें व्यापार घाटा, चालू खाता घाटा और राजकोषीय घाटा को और बिगाड़ सकती हैं। कच्चे तेल की कीमतों में 10 डॉलर की वृद्धि से खुदरा महंगाई में 0.2-0.4 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। एक दशक पहले भू-राजनीतिक अनिश्चितता के चलते कच्चे तेल की कीमत 145-147 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसी स्थिति फिर से नहीं आएगी। लेकिन यदि संघर्ष बढ़ता है, तो तेल के 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता।  

आसमान में सुरक्षा का नया जंग: मिसाइल और ड्रोन हमलों से निपटते पायलट

नई दिल्ली पश्चिम एशिया में घमासान के साथ-साथ दुनियाभर में चल रहे सैन्य संघर्षों ने सुरक्षित विमान यात्रा को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच विमान पायलटों को भयानक तनाव के दौर से भी गुजरना पड़ रहा है। बीते ढाई वर्षों में सैन्य संघर्षों में आई तेजी के चलते विमान यात्रा न केवल महंगी हुई है, बल्कि यात्राओं में लगनेवाला समय भी बढ़ गया है। पश्चिम एशिया में जगह-जगह फंसे लोगों के लिए अपने देश वापस लौटना भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। वहीं, मिसाइलों और ड्रोन से हवाई अड्डों पर हमले ने जमीन से लेकर आसमान तक संकट खड़े कर दिए हैं। पायलटों पर बढ़ा बोझ विमान पायलटों और सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि यूक्रेन से अफगानिस्तान और इजरायल तक भीषण सैन्य संघर्षों ने पायलटों पर बोझ बढ़ा दिया है। उनके लिए एयर स्पेस बेहद सिकुड़ गया है, जिससे मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। पायलटों का कहना है कि वे सेना के पायलट नहीं है। उन्हें हवा में मौजूद खतरों से निपटने का प्रशिक्षण नहीं दिया जाता। मौजूदा संकट की वजह से विमानन क्षेत्र में सुरक्षा का खतरा बढ़ता जा रहा है। इससे पायलटों में डर और चिंता गहराने लगी है। इसे देखते हुए एयरलाइंस कंपनियों ने मदद के लिए पीयर प्रोग्राम भी शुरू किए हैं, लेकिन इससे आंशिक मदद ही मिल रही है। जीपीएस स्पूफिंग से भी बढ़ा खतरा विमानन क्षेत्र को जीपीएस स्पूफिंग जैसे खतरों से भी निपटना पड़ रहा है, जिसमें विमानों को उनकी पोजीशन के बारे में दुर्भावनापूर्ण रूप से गुमराह करने का प्रयास किया जाता है। मिसाइल और ड्रोन के हमलों से बचने के लिए विमानों को ज्यादा ऊंचाई पर उड़ाया जा रहा है। मिसाइलों के हमले से बचने के लिए विमानों को 15000 फीट से ऊपर उड़ाया जा रहा है। इस मामले में पश्चिम एशिया के पायलट थोड़ा बहुत जोखिम भी उठा रहे हैं। लेबनान में बीते पांच मार्च को बेरूत हवाई अड्डे पर धुएं के बीच एक विमान के उड़ान भरने का वीडियो चर्चा में है। इस क्षेत्र के पायलटों का कहना है कि कोई भी ये गारंटी नहीं दे सकता कि हवाई अड्डों पर हमला नहीं होगा। विमानों के लिए नई चुनौती बन रहे ड्रोन विमानों को ड्रोन से भी खतरे बढ़ने लगे हैं। अपेक्षाकृत शांत इलाकों में भी ड्रोन उड़ने के मामले बढ़ रहे हैं। आकार में छोटे होने की वजह से ये जल्दी पहचान में नहीं आते और विमानों से टकराने का खतरा बना रहता है। विमानों में ट्रांसपोंडर के जरिये सिग्नल जारी होते रहते हैं, जिससे दूसरे विमानों को एक दूसरे की दूरी और पोजीशन का पता चलता रहता है, लेकिन ड्रोन के मामले में ऐसा नहीं होता। किसी पक्षी की तरह वे विमान से टकरा सकते हैं। यात्री विमानों के लिए इस्तेमाल होनेवाले नियमित राडार पर ड्रोन नजर नहीं आते। अमेरिका में काउंटरड्रोन तकनीक बनानेवाली कंपनी डीड्रोन के मुताबिक अमेरिका में 2025 में 12 लाख ड्रोन उल्लंघन के मामले दर्ज किए गए हैं।  

बंगाल में चुनावी सियासत तेज, ममता बनर्जी ने 10वीं पास बेरोजगारों के लिए भत्ते की घोषणा की

कोलकाता बंगाल में कुछ दिन बाद होने वाले विधानसभा चुनाव की घोषणा से ठीक पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने युवाओं और बेरोजगारों के लिए बड़ा दांव खेला। एसआइआर के बाद मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के खिलाफ कोलकाता के धर्मतल्ला में दूसरे दिन जारी धरना मंच से ममता ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर लोगों को संबोधित करते हुए बड़ी घोषणा की कि राज्य के 10वीं पास या उससे उपर के बेरोजगार युवाओं को आज यानी शनिवार से ही अब हर महीने 1500 रुपये का बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। क्या है बांग्ला युवा साथी योजना? चुनाव से पहले बेरोजगारी युवाओं को भत्ता देने के लिए ममता सरकार ने हाल में पेश राज्य बजट में नई बांग्ला युवा साथी योजना की घोषणा की थी। विशेष बात यह है कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यह योजना एक अप्रैल से लागू होनी थी, लेकिन ममता ने इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्देश देकर सबको चौंका दिया। ममता की घोषणा के बाद राज्य सरकार ने इस योजना के तहत युवा लाभार्थियों को शनिवार से ही वित्तीय सहायता उनके बैंक खातों में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी। योजना के तहत राज्य के ऐसे छात्र या युवा जिन्होंने माध्यमिक परीक्षा पास कर ली है, लेकिन अभी तक उन्हें नौकरी नहीं मिली है, उन्हें प्रति माह 1,500 रुपये का भत्ता दिया जाएगा। भूमिहीन मजदूरों को भी मिलेगा सहयोग ममता ने राज्य बजट में युवा साथी के अलावा भूमिहीन खेत मजदूरों के लिए घोषित योजना को भी अप्रैल के बजाय आज से ही शुरू करने की घोषणा की। ममता ने कहा कि राज्य सरकार अपने वादों को निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। हम जो कहते हैं, वो करते हैं। युवा साथी योजना के तहत 21 से 40 वर्ष की आयु के लगभग एक करोड़ युवाओं को इस वित्तीय सहायता का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह भत्ता उन छात्र-छात्राओं और युवाओं को दिया जा रहा है जो फिलहाल किसी अन्य सरकारी योजना के लाभार्थी नहीं हैं। उन्होंने इसे महिला दिवस के उपलक्ष्य में युवाओं के लिए एक उपहार करार दिया। बंगाल की बेरोजगारी दर में गिरावट ममता ने राज्य में रोजगार के आंकड़ों को रेखांकित करते हुए दावा किया कि बंगाल में बेरोजगारी दर में 40 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। उन्होंने उत्कर्ष बांग्ला जैसे कौशल विकास कार्यक्रमों की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि अब तक 40 लाख लोगों को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिनमें से 10 लाख युवाओं को सीधे रोजगार प्राप्त हुआ है। ममता ने इस दौरान केंद्र सरकार पर बकाया फंड को लेकर निशाना साधा और कहा कि छह लाख करोड़ रुपये का कर्ज चुकाने के बावजूद बंगाल की विकास दर (जीएसडीपी) देश में शीर्ष पर है। उन्होंने राज्य में बन रहे छह आर्थिक गलियारों, बीरभूम के देवचा पचामी कोयला ब्लाक में एक लाख नौकरियों की संभावना और आइटी क्षेत्र में बेंगलुरु से बेहतर प्रदर्शन का भी दावा किया।  

स्पीकर के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव से गरमाएगा संसद का बजट सत्र, दूसरे चरण में टकराव तय

नई दिल्ली बजट सत्र का पहला चरण सत्ता पक्ष और विपक्ष की तीखी तकरार की भेंट चढ़ गया और अब दूसरा चरण सोमवार से शुरू हो रहा है। चूंकि, इस सत्र की शुरुआत ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विरुद्ध विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के साथ होनी है, इसलिए हंगामे के पूरे आसार हैं। इसके अलावा ईरान-इजरायल युद्ध, ईरानी सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत पर भारत के संतुलित रुख और रूस से तेल खरीद पर अमेरिकी दावे-दखल जैसे मुद्दों पर विपक्ष की जिस तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, उससे इशारा मिलता है कि इनके सहारे सरकार को घेरने का प्रयास होगा। वहीं, सरकार भी कमर कसकर तैयार दिख रही है। सरकार भी कर सकती है पलटवार एआई इम्पैक्ट समिट में अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के सामने कांग्रेस के अर्धनग्न प्रदर्शन के मामले में अन्य विपक्षी सहयोगियों का साथ न मिलने से कांग्रेस अकेले कठघरे में खड़ी है तो इसे देश के अपमान से जोड़कर सरकार भी करारा पलटवार कर सकती है। इन मुद्दों पर हो सकता है गतिरोध बजट सत्र के दूसरे चरण में वैश्विक संघर्ष और उसके प्रभाव संसद में गतिरोध का कारण बन सकते हैं। विपक्षी दल रूसी तेल की खरीद जारी रखने में अमेरिका के दावे को आधार बनाकर संसद में भी इन आरोपों के साथ चर्चा कराना चाहेगा कि भारत अमेरिका के दबाव में है, क्योंकि राहुल गांधी इस मुद्दे को तूल दे भी रहे हैं। इसके साथ ही भारतीय समुद्री क्षेत्र में ईरानी युद्धपोत पर हमले की घटना को विपक्ष भारत के लिए सामरिक चुनौती के रूप में पेश कर सकता है। वहीं, खामेनेई की मौत पर भारत सरकार की शुरुआती चुप्पी पर भी कांग्रेस ने खास तौर पर सवाल उठाए हैं। उधर, चुनावी मुहाने पर खड़े पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी एसआईआर के विरोध में प्रदर्शन कर रही हैं। टीएमसी सांसद ने मुख्य चुनाव आयुक्त के विरुद्ध जिस तरह के तीखे बयान दिए हैं, उससे पूरा अंदेशा है कि इस टीएमसी इसी मुद्दे पर संसद में गतिरोध पैदा करना चाहेगी। सत्ता पक्ष की क्या है तैयारी? हालांकि, लोकसभा स्पीकर के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव को गिराने सहित विपक्ष को जवाब देने के लिए सत्ता पक्ष ने भी पूरी तैयारी की है। कांग्रेस को खास तौर पर एआइ समिट में किए गए प्रदर्शन को लेकर घेरा जाएगा। उल्लेखनीय है कि बजट सत्र के पहले चरण में पूर्व सेनाध्यक्ष एमएम नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक पर चर्चा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रयास से जोर पकड़ने वाला सियासी संग्राम पीठ के अपमान, आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव से लेकर सत्ता पक्ष के इस आरोप तक पहुंचा कि कांग्रेस की महिला सांसदों ने सदन में पीएम की कुर्सी का घेराव कर उन पर हमले का षड्यंत्र रचा। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर भी खींचतान चलती रही। सरकार अपनी ओर से तथ्य स्पष्ट करती रही और कांग्रेस समझौते पर सवाल उठाती रही। वह मामला दूसरा चरण में भी जारी रह सकता है, क्योंकि राजनीतिक मंचों से नेता प्रतिपक्ष इस मुद्दे को अभी भी लगातार उठा रहे हैं।  

अब अस्पताल जाने की जरूरत नहीं: गर्भवतियों का पंजीयन घर बैठे, व्हाट्सएप सेवा शुरू

भोपाल सरकारी अस्पतालों में अब गर्भवती महिलाओं को पर्चा बनवाने के लिए लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। घर बैठे ही वाट्एसेप पर जानकारी भेजने से उनका पंजीकरण हो जाएगा। अस्पताल पहुंचते ही उनका पर्चा तैयार होगा और प्राथमिकता से उनकी जांच और उपचार होगा। मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय ने इसके लिए 9301089967 वाट्सएप नंबर जारी किया है। कई दिनों के अध्ययन के बाद लागू व्यवस्था अधिकारियों ने बताया कि इस व्यवस्था को लागू करने से पहले अस्पतालों की स्थिति का अध्ययन किया गया। जिला अस्पताल से लेकर काटजू अस्पताल तक की सीसीटीवी फुटेज देखी गई और मौके पर भी निरीक्षण किया।   हाईरिस्क गर्भवतियों के लिए अलग सेंटर जयप्रकाश जिला अस्पताल भोपाल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के लिए अलग सेंटर बनाए गए हैं। इन केन्द्रों में 24 घंटे डॉक्टर और नर्स तैनात रहेंगे। महिलाओं और उनके परिजनों के ठहरने और भोजन की भी व्यवस्था की गई है। गर्भवतियों को समय पर बेहतर इलाज की सुविधा सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को समय पर बेहतर इलाज मिले, इसलिए यह सुविधा शुरू की गई है। वाट्एसेप पर जानकारी मिलते ही उनका पर्चा बनाकर प्राथमिकता से उपचार दिया जाएगा।