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जेवर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट में बड़ी प्रगति: एयरोड्रम लाइसेंस सीएम योगी को किया गया प्रस्तुत

लखनऊ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर भारत सरकार की ओर से जारी एयरोड्रम लाइसेंस प्रस्तुत किया। इसके साथ ही जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम पूरा हो गया है। इस लाइसेंस के बाद अब एयरपोर्ट के उद्घाटन और वाणिज्यिक उड़ानों की शुरुआत की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। एयरपोर्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस्टोफ श्नेलमैन समेत वरिष्ठ अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री को परियोजना की प्रगति और आगामी चरणों की जानकारी भी दी। अधिकारियों के अनुसार एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद अब नियामकीय स्वीकृतियों की अंतिम प्रक्रिया जारी है। एयरपोर्ट का एयरोड्रम सिक्योरिटी प्रोग्राम इस समय ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी के पास समीक्षा के लिए लंबित है। सुरक्षा से जुड़ी यह मंजूरी मिलते ही एयरपोर्ट प्रबंधन सभी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर औपचारिक उद्घाटन और वाणिज्यिक संचालन की तिथि तय करेगा। गौतमबुद्ध नगर के जेवर में विकसित हो रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को देश और दुनिया के प्रमुख शहरों से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा है। इस एयरपोर्ट को विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ विकसित किया जा रहा है, जहां स्विस दक्षता और भारतीय आतिथ्य का समन्वय देखने को मिलेगा। एयरपोर्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस्टोफ श्नेलमैन हैं। एयरपोर्ट का विकास चार चरणों में किया जा रहा है। पहले चरण में एक रनवे और एक यात्री टर्मिनल भवन बनाया गया है, जिसकी क्षमता प्रतिवर्ष लगभग 1 करोड़ 20 लाख यात्रियों की होगी। दूसरे चरण में क्षमता बढ़ाकर 3 करोड़ यात्रियों तक पहुंचाई जाएगी। तीसरे और चौथे चरण में विस्तार के बाद कुल क्षमता 7 करोड़ यात्रियों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में टर्मिनल भवन का क्षेत्रफल लगभग 1.38 लाख वर्गमीटर है, जिसमें 48 चेक इन काउंटर, 9 सुरक्षा जांच लेन और 9 इमिग्रेशन काउंटर बनाए गए हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय लाउंज भी विकसित किए जा रहे हैं। इसके अलावा यहां 10 एयरोब्रिज और 28 विमान पार्किंग स्टैंड की व्यवस्था की गई है। रनवे पर प्रति घंटे लगभग 30 उड़ानों के संचालन की क्षमता विकसित की गई है। एयरपोर्ट परिसर में आधुनिक कार्गो और लॉजिस्टिक्स हब भी तैयार किया जा रहा है। प्रारंभिक चरण में इसकी क्षमता लगभग 2.5 लाख टन कार्गो प्रतिवर्ष होगी, जिसे आगे चलकर 15 लाख टन तक बढ़ाया जाएगा। तकनीकी दृष्टि से भी यह एयरपोर्ट अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। यहां डिजीयात्रा आधारित बायोमेट्रिक प्रणाली, सेल्फ बैगेज ड्रॉप और डिजिटल पैसेंजर प्रोसेसिंग सिस्टम जैसी व्यवस्थाएं लागू की जा रहीं हैं ताकि यात्रियों को तेज और सहज यात्रा का अनुभव मिल सके। सतत विकास को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट को नेट जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य के साथ विकसित किया जा रहा है। परिसर में सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग जैसी सुविधाएं भी विकसित की जा रहीं हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर में हवाई यातायात का दबाव कम होगा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में निवेश, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

कैब एग्रीगेटर पर सख्ती: UP सरकार का बड़ा फैसला, Ola-Uber के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

लखनऊ  योगी सरकार ने यात्रियों की सुरक्षा व सुविधा को देखते हुए परिवहन से जुड़ा बड़ा फैसला लिया है। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में बताया कि यूपी में अब ओला व उबर को भी पंजीकरण कराना होगा। परिवहन मंत्री ने मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 93 का जिक्र किया और बताया कि भारत सरकार ने 1 जुलाई 2025 को नियमावली में संशोधन किया है। भारत सरकार के नियम को उत्तर प्रदेश भी अपनाएगा। ओला-उबर पर पहले नियंत्रण नहीं था, लेकिन अब इन्हें भी पंजीकरण कराना पड़ेगा। आवेदन, लाइसेंस और रिन्युअल शुल्क भी देना होगा। कौन गाड़ी चला रहा है, यह अभी तक हम नहीं जान पाते थे। इनका ड्राइवर का मेडिकल, पुलिस वेरिफिकेशन तथा फिटनेस टेस्ट आदि भी कराएंगे। परिवहन मंत्री ने बताया कि अब यूपी में बिना पंजीकरण शुल्क, फिटनेस, मेडिकल टेस्ट, पुलिस वेरिफिकेशन के गाड़ी नहीं चला पाएंगे। अधिसूचना जारी होने के बाद यह लागू हो जाएगी। आवेदन की फीस 25 हजार रुपये होगी, जबकि 50-100 या इससे अधिक गाड़ी चलाने वाली कंपनी की लाइसेंसिंग फीस पांच लाख रुपये होगी। रिन्युअल हर पांच साल पर होता रहेगा। रिन्युअल के लिए पांच हजार रुपये देना होगा। परिवहन मंत्री ने बताया कि ऐसा ऐप भी विकसित करेंगे, जिससे समस्त जानकारी पब्लिक डोमेन में रहे। इसके तहत ड्राइवर आदि की समस्त जानकारी भी प्राप्त होगी। अब प्रदेश के हर गांव तक पहुंचेगी बस मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लोकभवन में कैबिनेट बैठक हुई। वित्त व संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने पत्रकार वार्ता में बताया कि बैठक में कुल 31 प्रस्ताव आए, जिसमें से 30 प्रस्तावों पर कैबिनेट ने स्वीकृति दी। योगी सरकार ने ग्रामीणों के हित को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने ‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026’ को स्वीकृति दी। इस योजना के माध्यम से अब उत्तर प्रदेश के हर गांव तक बस पहुंचेगी। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026 के संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभी तक 12,200 गांवों तक बसें नहीं पहुंच रही थीं, लेकिन नई पॉलिसी के तहत उत्तर प्रदेश की सभी 59,163 ग्राम सभाओं तक बसें पहुंचेंगी। इन बसों को परमिट व टैक्स से मुक्त रखा गया है। बड़ी ग्रामीण आबादी लाभान्वित इससे प्रदेश की बड़ी ग्रामीण आबादी लाभान्वित होगी। ये बसें चलाने की अनुमति निजी लोगों को मिलेगी। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित होगी, जिसमें सीडीओ, एसपी, एआरटीओ, एआरएम सदस्य होंगे। ये बसें रात में गांव में ही रुकेंगी। सुबह ब्लॉक व तहसील होते हुए ये बसें सुबह 10 बजे तक जनपद मुख्यालय तक पहुंचेंगी। इस सेवा का लाभ विद्यार्थियों के अलावा कचहरी, ऑफिस या अपना उत्पाद शहर में बेचने जाने वाले लोगों को भी मिलेगा। कई गांवों में ऐसी सड़कें हैं, जहां बड़ी बसें टर्न होने में परेशानी होती है। 12,200 में से 5000 ऐसे गांव हैं, जहां बड़ी बसें टर्न नहीं हो सकतीं। इसलिए ये छोटी बसें होंगी, जिनकी अधिकतम लंबाई सात मीटर और अधिकतम सीट क्षमता 28 होगी।  

अयोध्या में बनेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, भूमि हस्तांतरण को योगी कैबिनेट की मंजूरी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में जनपद अयोध्या में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। यह स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के तहत बनाया जाएगा। प्रस्ताव के अनुसार अयोध्या के चक नंबर-4, मोहल्ला वशिष्ठ कुंड, परगना हवेली अवध, तहसील सदर में स्थित नजूल भूमि के सात गाटा नंबर (1026, 1027, 1029, 1030, 1031, 1033 मि. और 1035) कुल लगभग 2500 वर्गमीटर क्षेत्रफल को अयोध्या म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के पक्ष में हस्तांतरित किया जाएगा। जिलाधिकारी अयोध्या द्वारा नगर आयुक्त के अनुरोध पर यह प्रस्ताव सरकार को भेजा गया था। कैबिनेट के निर्णय के अनुसार यह भूमि कुछ शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन नगर निगम अयोध्या को निःशुल्क आवंटित की जाएगी। सरकार का उद्देश्य इस भूमि पर आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण कर खेल सुविधाओं को बढ़ावा देना और स्थानीय युवाओं को बेहतर खेल अवसंरचना उपलब्ध कराना है। यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह भूमि हस्तांतरण अपवाद स्वरूप किया जा रहा है और इसे भविष्य में उदाहरण के रूप में नहीं माना जाएगा।

मंत्री परमार ने चित्रकूट स्थित पंचवटी घाट पर किया श्रमदान

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने सोमवार को चित्रकूट प्रवास के दौरान पवित्र पंचवटी घाट पर माँ मंदाकिनी नदी के स्वच्छता अभियान में भाग लेकर श्रमदान किया। मंत्री परमार ने स्वयं घाट परिसर में सफाई करते हुए लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। मंत्री परमार ने कहा कि चित्रकूट धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। यहाँ बहने वाली माँ मंदाकिनी नदी करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए इसकी स्वच्छता बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। मंत्री श्री परमार ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी अभियान नहीं बल्कि जनभागीदारी से सफल होने वाला जनआंदोलन है। स्वच्छता अभियान में मंत्री श्री परमार ने घाट परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर घाट की सफाई की और लोगों से अपील की कि वे नदी में कचरा न डालें तथा आसपास के वातावरण को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करें। सभी ने मिलकर माँ मंदाकिनी की स्वच्छता के लिए श्रमदान करते हुए स्वच्छता का संदेश दिया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

पासपोर्ट कार्यालयों पर हमले की धमकी से राजस्थान में दहशत, पुलिस-खुफिया एजेंसियां सतर्क

जयपुर/सीकर/जैसलमेर राजस्थान के कई जिलों में स्थित पासपोर्ट सेवा केंद्रों (PSK) को मंगलवार दोपहर एक सनसनीखेज ई-मेल मिला, जिसमें दावा किया गया कि दोपहर 1 बजे कार्यालयों में 'गैस बम ब्लास्ट' किए जाएंगे। ई-मेल में आतंकी संगठन ISI का नाम लिखे होने के कारण सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं। सीकर : यहाँ पासपोर्ट कार्यालय को धमकी मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत इलाके की घेराबंदी कर दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जयपुर से बम निरोधक दस्ते (BDDS) को विशेष रूप से बुलाया गया है। जैसलमेर : सीमावर्ती जिले में धमकी मिलते ही पासपोर्ट कार्यालय पर ताला लगा दिया गया और पूरी बिल्डिंग को खाली करवाकर सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ : इन जिलों में भी इसी तरह के ई-मेल मिलने के बाद पुलिस ने एहतियातन कार्यालयों को बंद करवा दिया है और तकनीकी टीम मेल के सोर्स की जांच कर रही है। सुरक्षा उपाय और जांच : धमकी मिलने के साथ ही स्थानीय पुलिस ने संबंधित इमारतों से स्टाफ और आम जनता को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। शुरुआती जांच में इसे दहशत फैलाने की साजिश के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन ISI के नाम का जिक्र होने के कारण केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां और SOG भी मामले की निगरानी कर रही हैं। आमजन के लिए अपील : प्रशासन ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और किसी भी लावारिस वस्तु की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है। फिलहाल सभी प्रभावित पासपोर्ट कार्यालयों में काम रोक दिया गया है।

पहले चरण में मथुरा, वाराणसी और लखनऊ में शुरू होगी इको टूरिज्म वैन सेवा, पर्यटकों को मिलेगा अनोखा अनुभव

लखनऊ उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) जल्द ही पर्यटन को नई दिशा देने वाली अनूठी पहल शुरू करने जा रहा है। इसके तहत प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए इको टूरिज्म वैन सेवा शुरू की जाएगी। परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इस क्रम में पहले चरण में मथुरा, वाराणसी और लखनऊ में इस सेवा की शुरुआत होगी। इन शहरों के फीडबैक के आधार पर इको टूरिज्म वैन सेवा को राज्य के अन्य जिलों में भी विस्तारित किया जाएगा। यूपीएसटीडीसी की इको टूरिज्म वैन सेवा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सतत पर्यटन की अवधारणा को साकार करेगी। इससे एक ओर पर्यटकों को अनोखा अनुभव मिलेगा, तो वहीं दूसरी ओर यह सेवा कार्बन फुटप्रिंट कम करने की दिशा में भी सार्थक कदम साबित होगी। मिलेगा ऐतिहासिक स्थलों, सांस्कृतिक धरोहरों और प्राकृतिक सुंदरता का वर्चुअल अनुभव यूपीएसटीडीसी पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इको टूरिज्म वैन सेवा की शुरुआत कर रहा है। यह पर्यटकों को सुविधा प्रदान करने के साथ पर्यटन यात्रा का अनोखा अनुभव भी प्रदान करेगी। इको वैन में आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर) और वर्चुअल रियलिटी (वीआर) जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इनके माध्यम से पर्यटक यात्रा के दौरान ऐतिहासिक स्थलों, सांस्कृतिक धरोहरों और प्राकृतिक सुंदरता का वर्चुअल अनुभव ले सकेंगे। साथ ही इको टूरिज्म वैन में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाया जाएगा। यह पर्यटकों की सुविधाजनक और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करेगा। वहीं टिकट बुकिंग के लिए डिजिटल पेमेंट और ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी दी जाएगी। वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूज़ीन योजना के साथ ग्रामीण पर्यटन स्थलों से भी जोड़ेगी यूपीएसटीडीसी इको-टूरिज्म वैन सेवा के साथ मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूज़ीन योजना को भी जोड़ेगा। इसके माध्यम से पर्यटकों को पर्यटन क्षेत्र के स्थानीय और पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद चखने का अवसर मिलेगा। साथ ही क्षेत्र के पारंपरिक व्यंजन बनाने वाले रेस्टोरेंट्स और रसोइयों को भी बढ़ावा मिलेगा। यह वैन पर्यटकों को इको फ्रेंडली तरीके से विभिन्न जिलों के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक ले जाएंगी। इससे रास्ते में पड़ने वाले ग्रामीण और कम ज्ञात पर्यटन स्थलों में भी पर्यटन गतिविधियों का विकास होगा। यूपीएसटीडीसी की यह पहल न केवल पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी सहायक सिद्ध होगी। योगी सरकार की इस नई रणनीति से उत्तर प्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित करेगा।

टीआई मेडिकल्स 215 करोड़ रुपये का निवेश कर स्थापित करेगी चिकित्सा उपकरण निर्माण इकाई

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस निर्माण इकाई स्थापित करने से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इसके तहत टीआई मेडिकल्स प्रा लि को भूमि सब्सिडी प्रदान करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। कंपनी द्वारा गौतमबुद्ध नगर स्थित यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यीडा) के मेडिकल डिवाइस पार्क क्षेत्र में 4.48 हेक्टेयर भूमि पर करीब 215.20 करोड़ रुपये के निवेश से चिकित्सा उपकरण निर्माण इकाई स्थापित की जाएगी। यह परियोजना उत्तर प्रदेश की एफडीआई, एफसीआई और फॉर्च्यून इंडिया-500 निवेश प्रोत्साहन नीति-2023 के तहत प्रस्तावित है। कैबिनेट के निर्णय के अनुसार कंपनी को अनुमन्य सब्सिडी के तहत 14.77 करोड़ रुपये की राशि प्रतिपूर्ति के रूप में प्रदान की जाएगी। यह राशि केंद्र सरकार की मेडिकल डिवाइस पार्क योजना के अंतर्गत पहले से प्राप्त सब्सिडी को समायोजित करने के बाद दी जाएगी। इस निवेश से प्रदेश में मेडिकल डिवाइस निर्माण क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा, औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। यह पहल राज्य को निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक होगी। इस परियोजना से संबंधित प्रस्ताव पर पहले विभिन्न स्तरों पर विचार किया गया था। उत्तर प्रदेश की एफडीआई, एफसीआई एवं फॉर्च्यून ग्लोबल 500/फॉर्च्यून इंडिया 500 निवेश प्रोत्साहन नीति-2023 के तहत प्राधिकृत समिति की 5 जुलाई 2024 को हुई बैठक में परियोजना को मंजूरी दी गई थी और कंपनी को 22 जुलाई 2024 को पात्रता प्रमाणपत्र भी जारी किया गया। बाद में 15 मई 2025 को हुई इम्पावर्ड कमेटी की बैठक में सब्सिडी से जुड़े बिंदुओं पर विचार किया गया। मेडिकल डिवाइस पार्क योजना के अंतर्गत कंपनी को पहले से केंद्र सरकार की ओर से सब्सिडी प्राप्त हो चुकी है। इसी आधार पर एफडीआई नीति के तहत अनुमन्य कुल सब्सिडी ₹41.52 करोड़ में से पहले प्राप्त सब्सिडी घटाकर शेष ₹14.77 करोड़ की राशि यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) द्वारा कंपनी को प्रतिपूर्ति के रूप में देने का प्रस्ताव तैयार किया गया, जिसे अब मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिल गई है।

दिल की बीमारी से जूझ रही पीहू को मिला नया जीवन, ‘प्रोजेक्ट धड़कन’ से हुआ सफल इलाज ‘प्रोजेक्ट धड़कन’ से हुआ सफल इलाज

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन एवं जिला प्रशासन रायपुर की पहल प्रोजेक्ट धड़कन से संचालित स्वास्थ्य सेवाओं ने एक बार फिर एक बच्ची के जीवन में नई उम्मीद जगाई है। छठवीं कक्षा में पढ़ने वाली 11 वर्षीय पीहू कारके, जो हृदय संबंधी समस्या से जूझ रही थी, अब सफल उपचार के बाद पूरी तरह स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी रही है। पीहू के हृदय में समस्या होने के कारण उसे खेल-कूद और अन्य शारीरिक गतिविधियों में कठिनाई होती थी। इसी बीच जिला प्रशासन द्वारा पुलिस विभाग के कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के लिए आयोजित ‘प्रोजेक्ट छांव’ के अंतर्गत स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया। इस शिविर में ‘प्रोजेक्ट धड़कन’ की विशेषज्ञ टीम ने पीहू के हृदय की जांच की। प्रारंभिक जांच के बाद पीहू को आगे के उपचार के लिए सत्य साईं हॉस्पिटल, नवा रायपुर भेजा गया। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा विस्तृत जांच के बाद एक सप्ताह के भीतर उसका सफल ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद पीहू को स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। आज पीहू पूरी तरह स्वस्थ है और पहले की तरह पढ़ाई-लिखाई में मन लगा रही है। साथ ही वह अपनी बहनों और दादी के साथ कैरम जैसे खेल भी आनंदपूर्वक खेल रही है। पीहू की माता मती इंद्राणी कारके ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और जिला प्रशासन रायपुर के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ‘प्रोजेक्ट धड़कन’ की मदद से उनकी बेटी का समय पर इलाज संभव हो सका और अब वह स्वस्थ जीवन जी पा रही है। यह पहल न केवल जरूरतमंद बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध करा रही है, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी नई उम्मीद और विश्वास का संचार कर रही है।

बांदा में 20 हजार लीटर क्षमता का नया डेयरी प्लांट

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बुंदेलखंड क्षेत्र में दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रस्ताव मंजूर किया गया। इसके तहत बुंदेलखंड पैकेज के अंतर्गत जनपद बांदा में 20 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता के नए डेयरी प्लांट की स्थापना और झांसी में पहले से स्थापित 10 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता के डेयरी प्लांट का विस्तार कर उसे 30 हजार लीटर प्रतिदिन तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इन परियोजनाओं के सिविल और मैकेनिकल कार्य टर्न-की आधार पर कराने के लिए इंडियन डेयरी मशीनरी कंपनी लि. को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। कैबिनेट ने इस कंपनी को नियमानुसार सेंटेज चार्ज देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है, जिसका व्यय राज्य सरकार अपने स्रोतों से वहन करेगी। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य है और प्रदेश में दुग्ध उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में बुंदेलखंड क्षेत्र में डेयरी प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने से दुग्ध उत्पादकों को उनके दूध का बेहतर और बाजार आधारित मूल्य मिल सकेगा। इन परियोजनाओं के पूरा होने से क्षेत्र में दूध के खराब होने की समस्या कम होगी, किसानों की आय बढ़ेगी और बुंदेलखंड में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। साथ ही यह पहल प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में भी सहायक मानी जा रही है।