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CGWB की ररिपोर्ट- पंजाब में कई इलाकों के कुओं का बढ़ा जल स्तर

नई दिल्ली/चंडीगढ़. पंजाब में भूजल स्तर को लेकर केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) के ताजा आंकड़ों ने मिली-जुली तस्वीर पेश की है। पिछले दस वर्षों के दौरान राज्य में निगरानी किए गए करीब 57 प्रतिशत कुओं में भूजल स्तर बढ़ा है, जबकि 43 प्रतिशत कुओं में गिरावट दर्ज की गई है। यह जानकारी सोमवार को जल शक्ति मंत्रालय ने संसद में साझा की। मंत्रालय के अनुसार जिन इलाकों में जलस्तर बढ़ा है, वहां ज्यादातर मामलों में बढ़ोतरी 0 से 2 मीटर के बीच दर्ज की गई है। यह आंकड़े CGWB द्वारा भूजल स्तर में दीर्घकालिक उतार-चढ़ाव का आकलन करने के लिए एकत्र किए गए थे। राज्यसभा में सांसद संत बलबीर सिंह के सवाल के जवाब में जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने बताया कि देश के कई हिस्सों में भूजल स्तर गिरने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं। इनमें अत्यधिक दोहन, वनों की कटाई, सिंचाई के अक्षम तरीके और क्षेत्र विशेष की भू-वैज्ञानिक परिस्थितियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर-पश्चिमी राज्यों, खासकर पंजाब में, सालाना पुनर्भरण क्षमता से अधिक भूजल निकासी के कारण जल स्तर पर दबाव बढ़ा है। हालांकि मंत्री ने यह भी बताया कि भूजल की पूर्ति कई प्राकृतिक और कृत्रिम स्रोतों से होती रहती है। इनमें बारिश, सिंचाई से लौटने वाला पानी, नहरों का रिसाव और सतही जल स्रोतों से होने वाला रिचार्ज शामिल है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि पानी राज्य का विषय है, इसलिए इसके संरक्षण और प्रबंधन से जुड़े अधिकतर कदम राज्य सरकारें ही योजना बनाकर लागू करती हैं। केंद्र सरकार इन प्रयासों को तकनीकी सहयोग और आंशिक वित्तीय सहायता देकर मजबूत करती है। भूजल प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार ने नेशनल एक्विफर मैपिंग एंड मैनेजमेंट प्रोग्राम (NAQUIM) शुरू किया है। इसके तहत पंजाब में 50,369 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का अध्ययन किया गया है और तैयार किए गए एक्विफर मैप तथा प्रबंधन योजनाएं राज्य एजेंसियों को सौंप दी गई हैं। इसके अलावा NAQUIM 2.0 के तहत लुधियाना और संगरूर जिलों के उन क्षेत्रों में विशेष अध्ययन किया गया है जहां पानी की गुणवत्ता खराब है या भूजल का अत्यधिक दोहन हो रहा है। इसका उद्देश्य भूजल प्रबंधन के लिए अधिक सटीक वैज्ञानिक जानकारी जुटाना है। पंजाब में भूजल पुनर्भरण बढ़ाने के लिए 45,592 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर करते हुए कृत्रिम रिचार्ज की मास्टर प्लान भी तैयार की गई है और इसे राज्य सरकार के साथ साझा किया गया है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि भूजल के उपयोग को नियंत्रित करने के लिए एक मॉडल कानून राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजा गया है। अब तक पंजाब सहित 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने इसे अपनाकर लागू कर दिया है। इसके साथ ही CGWB समय-समय पर भूजल संरक्षण, प्रदूषण रोकने और दूषित पानी के सुरक्षित उपयोग को लेकर जागरूकता कार्यक्रम और कार्यशालाएं आयोजित करता है। पंजाब में अब तक 41 जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें 6,000 से अधिक लोग शामिल हुए। भूजल की गुणवत्ता पर निगरानी मजबूत करने के लिए CGWB ने नया स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) भी लागू किया है। इसके तहत संवेदनशील इलाकों में अधिक बार और घनी सैंपलिंग की जा रही है। जून 2024 से रासायनिक परीक्षणों के नतीजे हर पखवाड़े राज्य सरकार के साथ साझा किए जा रहे हैं।

Regular DGP नियुक्ति का पंजाब सरकार से फिर मांगा पैनल

चंडीगढ़. पंजाब में नियमित पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति को लेकर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने एक बार फिर राज्य सरकार को पत्र लिखकर योग्य अधिकारियों का पैनल भेजने को कहा है। आयोग ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजाब सरकार की ओर से जवाब नहीं मिला। सूत्रों के अनुसार, UPSC के सचिव शशि रंजन कुमार ने पंजाब के मुख्य सचिव के. ए. पी. सिन्हा को पत्र लिखकर मामले की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करने और संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द योग्य अधिकारियों का पैनल भेजने के निर्देश देने को कहा है। यह पत्र 5 मार्च को भेजा गया बताया जा रहा है। दरअसल, 18 फरवरी को भी UPSC ने पंजाब सरकार को पत्र लिखते हुए कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार डीजीपी पद के लिए रिक्ति 5 फरवरी 2026 से मानी जाएगी। आयोग ने राज्य सरकार से दस दिनों के भीतर प्रस्ताव और योग्य अधिकारियों की सूची भेजने को कहा था। आयोग ने चेतावनी भी दी थी कि अगर समय पर पैनल नहीं भेजा गया तो वह आदेश के पालन के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकता है। इससे पहले 5 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने उन राज्यों पर सख्त टिप्पणी की थी जो लंबे समय तक कार्यवाहक डीजीपी के सहारे काम चला रहे हैं। अदालत ने UPSC को ऐसे राज्यों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। पंजाब में मार्च 2022 में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद जुलाई 2022 में 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी गौरव यादव को कई वरिष्ठ अधिकारियों को दरकिनार करते हुए कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त किया गया था। वह पिछले करीब तीन साल आठ महीने से इस पद पर बने हुए हैं। इसी बीच, सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय प्रक्रिया से अलग रास्ता अपनाने के लिए जून 2023 में पंजाब विधानसभा ने पंजाब पुलिस (संशोधन) विधेयक 2023 पारित किया था। इसमें डीजीपी के चयन के लिए राज्य सरकार के नियंत्रण वाली सात सदस्यीय समिति बनाने का प्रावधान रखा गया था। हालांकि यह विधेयक राज्यपाल के जरिए राष्ट्रपति के पास भेजा गया था और अभी लंबित बताया जा रहा है। UPSC की प्रक्रिया के अनुसार, राज्य सरकार योग्य अधिकारियों का पैनल भेजती है। इसके बाद आयोग वरिष्ठता, अनुभव और सेवा रिकॉर्ड के आधार पर तीन नामों का चयन करता है, जिनमें से राज्य सरकार एक अधिकारी को डीजीपी नियुक्त करती है।

पंजाब के 3.34 लाख परिवारों को 31 मार्च से पहले मिलेगा अनाज

लुधियाना. खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की विभिन्न टीमों द्वारा कंट्रोलर सरताज सिंह चीमा की अगुवाई में ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ से संबंधित 75 फीसदी परिवारों को उनके हिस्से का अनाज बांटने का काम निपटा लिया गया है। सरकार द्वारा योजना से जुड़े प्रत्येक परिवार तक गेहूं का लाभ पहुंचाने के लिए 31 मार्च तक की आखिरी तारीख निर्धारित की गई है। खाद्य सप्लाई विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक जिले भर में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की विभिन्न टीमों द्वारा 10 मार्च तक 3,34000 परिवारों को उनके हिस्से के फ्री गेहूं का कोटा जारी कर दिया गया है। मौजूदा समय दौरान बाकी रहते अन्य परिवारों को राशन डिपुओं के मार्फत गेहूं बांटने का काम युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक लुधियाना जिले में ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ से जुड़े राशन कार्ड धारकों की संख्या 4,40,672 बताई जा रही है जिसमें लाभपात्र परिवारों के कुल 16,62,310 सदस्य मैंबर दर्ज हैं। उक्त परिवारों के लिए केंद्र सरकार द्वारा 25,159 मीट्रिक टन गेहूं का कोटा जारी किया गया है। यहां इस बात का जिक्र करना भी अनिवार्य होगा कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा मौजूदा समय दौरान योजना से जुड़े लाभ पात्र परिवारों में 1 जनवरी से लेकर 31 मार्च तक के 3 महीने की फ्री गेहूं बांटी जा रही है जिसमें राशन कार्ड में दर्ज प्रत्येक सदस्य को प्रति महीने की 5 किलोग्राम गेहूं के हिसाब से 3 महीने की 15 किलो फ्री गेहूं का लाभ दिया जा रहा है। गेहूं का दाना-दाना गरीब परिवारों की अमानत : कंट्रोलर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कंट्रोलर सरताज सिंह चीमा ने राशन कार्ड धारकों को अपील की है कि वह 31 मार्च से पहले ही अपने नजदीकी राशन डिपो से गेहूं प्राप्त कर लें ताकि बाद में उन्हें किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े क्योंकि सरकारी नियमों के मुताबिक 31 मार्च के बाद उक्त परिवारों को गेहूं का लाभ नहीं मिल सकेगा। गेहूं का दाना-दाना योजना से जुड़े गरीब परिवारों की अमानत है जिसमें किसी भी तरह की लापरवाही या फिर हेराफेरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

106 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता

रायपुर  भारत में नक्सलवाद को खत्म करने की कोशिश में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में कुल 106 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इन सभी पर कुल 3.95 करोड़ रुपए का इनाम था। इन सभी नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में सक्रिय थे। बीजापुर के 37, नारायणपुर के 4, बस्तर के 16, कांकेर से 3 और सुकमा से 18, दंतेवाड़ा से 30 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इन सभी के सिर पर कुल लगभग 4 करोड़ रुपए का इनाम था और ये नक्सली अलग-अलग रैंक पर तैनात थे।  छत्तीसगढ़ में 3.95 करोड़ रुपये के इनामी 106 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें बीजापुर और दंतेवाड़ा के 67 नक्सली भी शामिल हैं। रैंक की बात करें तो बीजापुर में डीवीसीएम रैंक के तहत दो नक्सली, पीपीसीएम रैंक में 4, एसीएम में 9 और पीएम रैंक वाले 22 नक्सलियो ने सरेंडर किया है। कुल 37 नक्सलियों पर 106 लाख रुपये का इनाम रखा गया था। नारायणपुर में डीवीसीएम रैंक के तहत एक नक्सली, सीवाईपीसीएम का एक, पीपीसीएम का एक और पीएम रैंक वाले दो नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इन पर 22 लाख रुपये का इनाम रखा गया था।  बस्तर में डीवीसीएम रैंक का 1, पीपीसीएम के पांच, एसीएम के तीन और पीएम रैंक वाले सात नक्सलियों ने सरेंडर किया है। कुल 16 नक्सलियों पर 99 लाख रुपये का इनाम है। कांकेर में डीवीसीएम रैंक का एक, एसीएम और पीएम रैंक में एक एक नक्सली ने सरेंडर किया है। कुल तीन नक्सलियों पर 14 लाख रुपये का इनाम रखा गया था।  सुकमा में सीवाईपीसीएम रैंक वाले दो, पीपीसीएम रैंक में छह, एसीएम में पांच पीएम रैंक में 18 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इन सभी पर 85 लाख रुपये का इनाम रखा गया है। दंतेवाड़ा में डीवीसीएम का एक, पीपीसीएम में दो, एसीएम में पांच और पीएम रैंक में 22 नक्सलियों का सरेंडर हुआ है। इन पर 69 लाख रुपये का इनाम था।  क्या है सरकार का लक्ष्य बता दें कि भारत सरकार ने साल 2026 में देश से नक्सलवाद को खत्म करने का लक्ष्य रखा है। इस दौरान पिछले कुछ महीनों सैकड़ों नक्सलियों को एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया और इस दौरान हजारों नक्सलियों ने सरेंडर भी किया है। सरेंडर करने की इसी कड़ी में बुधवार को 106 नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के सामने सरेंडर कर दिया।  

जंग के माहौल में सोना-चांदी सस्ता, MCX पर गोल्ड फिसलकर ₹1.63 लाख के नीचे

इंदौर  अंतरराष्ट्रीय बुलियन कीमतों में सुस्ती के बीच बुधवार को Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर सोना और चांदी की कीमतें गिरावट के साथ खुलीं। अप्रैल फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट के लिए Gold का MCX रेट 0.09% गिरकर ₹1,63,149 प्रति 10 ग्राम पर खुला, जबकि पिछला बंद ₹1,63,303 था। इसके बाद बिकवाली का दबाव बढ़ा और सोने की कीमत 0.43% गिरकर ₹1,62,600 तक पहुंच गई। मई फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट के लिए Silver की MCX कीमत 0.31% गिरकर ₹2,76,988 प्रति किलोग्राम पर खुली, जबकि पिछला बंद ₹2,77,850 था। चांदी की कीमत ₹2,850 (लगभग 1.02%) गिरकर ₹2,75,000 प्रति किलोग्राम के स्तर तक आ गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव वैश्विक बाजार में भी सोने और चांदी के वायदा भाव में गिरावट दर्ज की गई। COMEX पर सोना आज 5,194 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर खुला, जबकि पिछला बंद भाव 5,242.10 डॉलर प्रति औंस था। खबर लिखे जाने तक सोना 22.50 डॉलर की गिरावट के साथ करीब 5,219.60 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता देखा गया। इस साल अब तक सोने ने 5,586.20 डॉलर प्रति औंस का उच्चतम स्तर भी छुआ है। वहीं चांदी की बात करें तो COMEX पर चांदी का वायदा भाव 88.50 डॉलर प्रति औंस पर खुला, जबकि पिछला बंद भाव 89.59 डॉलर था। कारोबार के दौरान यह करीब 0.82 डॉलर की गिरावट के साथ 88.77 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड कर रही थी। इस साल चांदी ने 121.79 डॉलर प्रति औंस का उच्चतम स्तर छू लिया है।  स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.4% बढ़कर $5,213.99 प्रति औंस हो गई जबकि अप्रैल डिलीवरी के लिए अमेरिकी गोल्ड फ़्यूचर्स 0.4% गिरकर $5,221.80 हो गए। स्पॉट सिल्वर की कीमत 0.6% बढ़कर $88.89 प्रति औंस हो गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद डॉलर दबाव में आया जिसमें उन्होंने संकेत दिया कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध खत्म होने के करीब हो सकता है। एशियाई कारोबार के दौरान स्पॉट गोल्ड करीब 1% बढ़कर 5,145 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया जबकि स्पॉट सिल्वर की कीमतों में लगभग 4% की तेज उछाल दर्ज की गई और यह 87.9 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। ऐसे में निवेशकों की नजर आज सोना-चांदी की कीमतों और वैश्विक संकेतों पर बनी हुई है। पढ़ें भारत में आज सोने का भाव कितना है?  दुनिया की छह बड़ी मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा की स्थिति दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 98.85 पर आ गया है,जो कि सोमवार को 99 के ऊपर था। इसके अलावा, सोने और चांदी में तेजी की एक वजह वैश्विक अस्थिरता को माना जा रहा है।  हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिए एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियान "बहुत जल्द" समाप्त हो जाएगा। ट्रंप ने जीत को उस बिंदु के रूप में परिभाषित किया है जब तेहरान के पास ऐसे हथियार विकसित करने की क्षमता नहीं रह जाएगी जो अमेरिका, इजरायल या उसके सहयोगियों के लिए खतरा बन सकें।  वहीं, ईरान ने भी ट्रंप के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने ईरानी के सरकारी मीडिया पर कहा कि यह वाशिंगटन नहीं, तेहरान तय करेगा कि संघर्ष कब समाप्त करना है। इससे वैश्विक स्तर पर अस्थिरता और बढ़ गई है, जिससे सोने और चांदी में खरीदारी को बढ़ावा मिला है।

UP ATS ने किया बड़ा खुलासा: नौसेना का जवान आदर्श कुमार ISI के लिए करता था जासूसी

आगरा आगरा में उत्तर प्रदेश एटीएस को बड़ी सफलता हासिल हुई है. पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए कथित जासूसी करने के आरोप में यूपी एटीएस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान आदर्श कुमार उर्फ लकी के रूप में हुई है, जो भारतीय नौसेना में लांस नायक के पद पर केरल में तैनात था. एटीएस ने 10 मार्च 2026 को उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।    कैसे सामने आया जासूसी का मामला? एटीएस के अनुसार उन्हें लगातार आसूचना मिल रही थी कि एक व्यक्ति पाकिस्तान बेस्ड ISI एजेंट के संपर्क में रहकर भारत से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा कर रहा है. इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए देश की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले को पकड़ने के लिए एटीएस ने इलेक्ट्रॉनिक और भौतिक सर्विलांस के जरिए जांच शुरू की. जांच के दौरान आगरा निवासी आदर्श कुमार उर्फ लकी का नाम सामने आया।  सर्विलांस में यह भी सामने आया कि आरोपी भारतीय नौसेना में लांस नायक के पद पर दक्षिणी नेवल कमांड, कोच्चि, केरल में तैनात था. जांच में संकेत मिले कि वह पाकिस्तान स्थित एजेंटों के संपर्क में था और उन्हें संवेदनशील सूचनाएं उपलब्ध करा रहा था।  संवेदनशील जानकारी और पैसों के लेनदेन के आरोप एटीएस की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने कथित तौर पर रणनीतिक महत्व की सूचनाएं साझा कीं. आरोप है कि उसने युद्धक पोतों और अन्य सैन्य गतिविधियों से जुड़ी संवेदनशील तस्वीरें और जानकारी पाकिस्तान बेस्ड एजेंटों को भेजी।  एटीएस का कहना है कि जांच के दौरान इस तरह के कई इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सामने आए, जिससे आरोपी की गतिविधियों पर संदेह गहराया. अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच आगे भी जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी किन-किन लोगों के संपर्क में था।  आरोपी को भेजा गया न्यायिक अभिरक्षा में एटीएस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आदर्श कुमार उर्फ लकी को 10 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया. गिरफ्तारी के बाद उसे नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया. अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का आदेश दिया. आरोपी का नाम आदर्श कुमार उर्फ लकी, उम्र 24 वर्ष बताया जा रहा है. उसके पिता का नाम बलवीर सिंह है जो कि ग्राम चीतापुर, पोस्ट व थाना कागारौल, जिला आगरा के निवासी है।  एटीएस की प्रेस नोट के अनुसार आरोपी की गतिविधियां देश विरोधी पाई गईं और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के नेटवर्क से उसके आपराधिक संबंधों के संकेत मिले हैं. मामले में आगे की विवेचना जारी है और एजेंसी पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। 

पंजाब सरकार ने की भारत-अमेरिका व्यापार पर केंद्र की आलोचना

चंडीगढ़. भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ पंजाब विधानसभा में कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां द्वारा लाए गए निंदा प्रस्ताव पर कांग्रेस व शिअद भी साथ दिखे। नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने निंदा प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि पंजाब सरकार को समझौते के खिलाफ मजबूती के साथ खड़ा होना चाहिए। कांग्रेस समर्थन करेगी। उन्होंने कहा कि हमारे यहां छोटे किसान है, जबकि अमेरिका में एक किसान के पास 50 से लेकर 200 एकड़ जमीन है। अमेरिका साढ़े चार से पांच लाख करोड़ रुपये तक किसानों को सब्सिडी देता है। वहां पर फसलों का 100 प्रतिशत बीमा है, जबकि हमारे ऐसा कुछ नहीं। कांग्रेस के विधायक राणा गुरजीत सिंह ने भी निंदा प्रस्ताव का समर्थन तो किया लेकिन साथ ही कहा कि सरकार का काम इलाज करना होता है। समझौते का असर कैटल फीड बनाने वाली इंडस्ट्री पर भी पड़ेगा। अभी पंजाब में बने कैटल फीड की मांग दक्षिण भारत में भी है, लेकिन इस समझौते से नुकसान होगा। समझौते से किसानों का भविष्य दांव पर: चीमा वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने बजट बहस में हिस्सा लेते हुए कहा कि व्यापार समझौते से किसानों का भविष्य दांव पर लग जाएगा। इससे भारतीय कृषि को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ देश के किसानों को अनुचित वैश्विक प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि 2024 में भारत के साथ अमेरिका के कृषि व्यापार में 1.3 बिलियन डॉलर का घाटा हुआ था। भारत की बढ़ती आबादी अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है और आज का समझौता इस घाटे को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा। वित्त मंत्री ने भाजपा नेतृत्व के रुख पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह भारत के लोगों के हितों से अधिक विदेशी कॉरपोरेट के हितों को प्राथमिकता दे रही है।" कृषि अर्थव्यवस्था कमजोर हो सकती है: भुल्लर कैबिनेट मंत्री लालजीत भुल्लर ने प्रस्तावित समझौता पंजाब की कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका से सब्सिडी वाले कृषि उत्पादों के बड़े पैमाने पर आयात की अनुमति दी गई तो इससे राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था कमजोर हो सकती है।

बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल पर पंजाब सरकार लगाएगी बैन

चंडीगढ़. पंजाब विधानसभा सत्र में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि सरकार बच्चों के मोबाइल उपयोग पर पाबंदी लगाने पर विचार करेगी। यह आश्वासन डॉ. बलबीर सिंह ने स्पीकर की मांग पर दिया। स्पीकर ने कहा कि बच्चों की मानसिक सेहत पर मोबाइल का बुरा असर पड़ रहा है। डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि इस पर अच्छी चर्चा करके कदम उठाए जाएंगे। बच्चों में मोबाइल एडिक्शन एक गंभीर समस्या बनती जा रही है, जिस पर अभिभावकों, शिक्षकों और विशेषज्ञों ने चिंता जताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों के अत्यधिक मोबाइल इस्तेमाल से उनकी पढ़ाई, मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक व्यवहार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इसको ध्यान में रखते हुए अब सेकेंडरी स्तर पर कई काउंसलिंग कोर्स और गाइडेंस प्रोग्राम शुरू किए गए हैं, ताकि बच्चों को सही दिशा दी जा सके और उन्हें मोबाइल की लत से बाहर निकाला जा सके। इस समस्या के समाधान के लिए माता-पिता की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों के साथ अधिक से अधिक क्वालिटी टाइम बिताएं, बातचीत करें और उनकी गतिविधियों पर ध्यान दें। बच्चों को मोबाइल से दूर रखने के लिए उन्हें सकारात्मक विकल्प देने होंगे। खेलें, आउटडोर गतिविधियों, किताबें पढ़ने की आदत, पेंटिंग और म्यूजिक की ओर प्रेरित करना आवश्यक है। इससे बच्चों का मानसिक और शारीरिक विकास बेहतर होगा। कई देशों ने बच्चों के लिए मोबाइल और सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगाए हैं। भारत के कुछ राज्यों में भी इस दिशा में पहल की गई है।

छत्तीसगढ़ में बढ़ा गर्मी का असर, 39°C तक पहुंचा पारा

रायपुर. छत्तीसगढ़ में मार्च के साथ ही गर्मी का असर तेज होने लगा है। प्रदेश के कई इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में अगले तीन दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है और अधिकतम तापमान सामान्य से 2-4°सी अधिक रहेगा। मंगलवार को प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 39.0 डिग्री सेल्सियस दुर्ग और राजनांदगांव में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया। मौसम प्रणाली मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण झारखंड और उससे लगे उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर समुद्र तल से करीब 1.5 किमी ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा इसी क्षेत्र से लेकर ओडिशा, छत्तीसगढ़, विदर्भ और मराठवाड़ा तक 0.9 किमी ऊंचाई पर एक द्रोणिका भी बनी हुई है। प्रदेश में आज भी मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की है। रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम राजधानी रायपुर में 11 मार्च को हल्की धुंध रहने की संभावना जताई गई है। यहां अधिकतम तापमान करीब 38°C और न्यूनतम तापमान 23°C के आसपास रहने का अनुमान है।

स्वर्ण जयंती पर समाज की बेटियों को जागरूक करेगा कच्छ गुर्जर क्षत्रिय समाज

रायपुर. राजधानी रायपुर में श्री कच्छ गुर्जर क्षत्रिय समाज (महिला मंडल) अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक अनूठा सामाजिक आयोजन करने जा रहा है। स्वर्ण जयंती वर्ष को यादगार बनाने और समाज की बेटियों को वर्तमान सामाजिक चुनौतियों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से महिला मंडल की ओर से 11 मार्च को फिल्म ‘केरल स्टोरी-2’ का विशेष चैरिटी शो आयोजित किया जाएगा। महापौर मीनल चौबे बतौर मुख्य अतिथि होंगी शामिल आपको बता दें कि इस कार्यक्रम में रायपुर की महापौर मीनल चौबे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। वे कार्यक्रम में उपस्थित होकर समाज की बेटियों के साथ सिनेमा हॉल में बैठकर फिल्म देखेंगी और उनसे संवाद भी करेंगी। आयोजन को महिला जागरूकता और सामाजिक सरोकार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। सामाजिक जागरूकता का उद्देश्य महिला मंडल की अध्यक्ष मनीषा बेन सोलंकी ने बताया कि समाज की महिलाओं की एकजुटता और सक्रियता के 50 वर्ष पूरे होना गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बेटियों को सामाजिक मुद्दों, सुरक्षा और जागरूकता के प्रति संवेदनशील बनाना बेहद आवश्यक है। ऐसे में ‘केरल स्टोरी-2’ का यह चैरिटी शो महिला सशक्तिकरण और जागरूकता की दिशा में एक सार्थक पहल साबित होगा। विशेष अतिथियों की उपस्थिति कार्यक्रम की अध्यक्षता वेलूबेन चावड़ा करेंगी। वहीं नगर पालिक निगम रायपुर के सभापति सूर्यकांत भाई राठौड़ और एमआईसी सदस्य महेंद्र भाई खोड़ियार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहकर समाज के इस आयोजन में सहभागिता करेंगे। समाज के सदस्यों का मानना है कि स्वर्ण जयंती वर्ष का यह कार्यक्रम बेटियों में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक एकता का भी संदेश देगा।