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ईरान का बड़ा ऐलान: अमेरिका से जंग खत्म करने को तैयार, लेकिन तीन शर्तें ट्रंप को नहीं हजम होंगी

वाशिंगटन ईरान के खिलाफ जारी युद्ध अमेरिका के लिए बेहद महंगा साबित हो रहा है. पेंटागन के शुरुआती अनुमान के मुताबिक जंग के पहले छह दिनों में ही अमेरिकी टैक्सपेयर्स के कम से कम 11.3 अरब डॉलर खर्च हो चुके हैं. इस बीच ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिका के सामने युद्ध खत्म करने का ऑफर रखा है. लेकिन इसके साथ उन्होंने तीन शर्तें भी रखी हैं. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा है कि तेहरान क्षेत्रीय शांति के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन मौजूदा संघर्ष तभी खत्म हो सकता है जब ईरान के ‘वैध अधिकारों’ को मान्यता दी जाए. उन्होंने साफ किया कि किसी भी समाधान के लिए ईरान की मुख्य मांगों को स्वीकार करना जरूरी होगा। ईरान ने युद्ध खत्म करने की क्या शर्तें रखीं? पेजेश्कियान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि उन्होंने इस मुद्दे पर रूस और पाकिस्तान के नेताओं से बातचीत की है. उन्होंने दोहराया कि ईरान का मानना है कि मौजूदा संघर्ष की शुरुआत ‘जायनिस्ट शासन और अमेरिका’ की कार्रवाई से हुई. ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि इस संकट के समाधान के लिए तीन अहम बातें जरूरी हैं।     ईरान के वैध अधिकारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी जाए.     युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई यानी मुआवजा दिया जाए.     भविष्य में ईरान पर हमले रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय गारंटी दी जाए. अमेरिका ईरान से जीत गया- ट्रंप एक तरफ जब पेंटागन कह रहा है कि अरबों डॉलर हर रोज इस युद्ध में खर्च हो रहे हैं. तो वहीं दूसरी तरफ ट्रंप जीत का दावा कर रहे हैं. केंटकी में एक रैली करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि युद्ध अमेरिका जीत चुका है. हालांकि उन्होंने आगे बताया कि ऑपरेशन खत्म नहीं होगा. वहीं उन्होंने दावा किया कि अब तक 58 नौसैनिक जहाज नष्ट किए गए हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका काम पूरा होने तक अभियान जारी रखेगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यह युद्ध जल्द खत्म हो सकता है, लेकिन उन्होंने कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं बताई है। युद्ध में अब तक कितनी मौत? अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर संयुक्त हमले शुरू किए थे. इसके बाद से दोनों देशों ने ईरान के कई सैन्य और राजनीतिक ठिकानों पर हमले किए. रिपोर्टों के मुताबिक इन हमलों में 1,200 से ज्यादा ईरानी नागरिकों की मौत हो चुकी है. दूसरी ओर ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और सहयोगी देशों पर हमले किए, जिनमें 7 अमेरिकी सैनिकों की मौत और 140 से ज्यादा घायल हुए हैं।

भारत ने रूस से तेल आयात 50% बढ़ाया, युद्ध के बीच संकटमोचक साबित हुआ रूस

नई दिल्ली पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और तनाव ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा के सामने एक गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है. विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से होने वाली आपूर्ति ठप होने से देश में कुकिंग गैस की भारी किल्लत देखी जा रही है। रूस बना संकटमोचक, कच्चे तेल के आयात में उछाल ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत ने मार्च महीने में रूस से कच्चे तेल की खरीद में 50 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी की है. फरवरी में जहां भारत रूस से 10.4 लाख बैरल प्रतिदिन (bpd) तेल खरीद रहा था, वहीं मार्च में यह आंकड़ा बढ़कर 15 लाख बैरल प्रतिदिन पहुंच गया है. भारत अपनी तेल जरूरतों का 88% आयात करता है, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा सऊदी अरब, इराक और यूएई जैसे देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आता था. इस रास्ते के बंद होने के बाद भारत ने तेजी से अपनी निर्भरता रूस की ओर स्थानांतरित की है। LPG का असली संकट: क्यों खाली हो रहे हैं सिलेंडर? कच्चे तेल की आपूर्ति को तो रूस के जरिए काफी हद तक संभाल लिया गया है, लेकिन रसोई गैस का संकट अभी भी बरकरार है. विशेषज्ञों के अनुसार, भारत अपनी जरूरत का लगभग 55-60% LPG आयात करता है. इस आयातित गैस का 80 से 90 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज की खाड़ी से होकर आता है. युद्ध के कारण इस समुद्री मार्ग से आवाजाही लगभग बंद है. भारत प्रतिदिन करीब 10 लाख बैरल LPG की खपत करता है, लेकिन घरेलू उत्पादन केवल 40-45% ही है। आम जनता और व्यापार पर असर गैस की इस किल्लत का सबसे बुरा असर कमर्शियल सेक्टर पर पड़ा है. मुंबई, बेंगलुरु और दिल्ली जैसे महानगरों में लगभग 20% होटल और रेस्टोरेंट या तो बंद हो गए हैं या उन्होंने अपना मेन्यू सीमित कर दिया है. कई जगहों पर लोग अब पुराने समय की तरह लकड़ी के चूल्हों या इलेक्ट्रिक इंडक्शन का सहारा ले रहे हैं। सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए अनिवार्य वस्तु अधिनियम लागू किया है और रिफाइनरियों को उत्पादन 25% बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. हालांकि, स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है. केप्लर के विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले हफ्ते भारत के लिए चुनौतीपूर्ण होंगे. तेल का विकल्प तो मिल गया है, लेकिन LPG की आपूर्ति को सुचारू करना एक बड़ी कूटनीतिक और लॉजिस्टिक चुनौती है।

आधार से जुड़ी सेवाएं प्रदान कर आत्मनिर्भर बनीं संगीता सिंह”

आधार से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध करा आत्मनिर्भर बनी संगीता सिंह  महिला सशक्तिकरण की बनी मिसाल संगीता  सिंह                           रायपुर स्वयं सहायता समूहों को कम ब्याज दर पर ऋण और कौशल विकास के अवसर प्रदान किए जाते हैं, जिससे महिलाएं छोटी-छोटी आजीविका गतिविधियां (जैसे- खेती, पशुपालन, सिलाई, आधार से जुड़ी सेवाएं ) शुरू कर सकें। इस मिशन के अंतर्गत महिलाएं सशक्त बनकर न केवल परिवार की आय में वृद्धि कर रही हैं, बल्कि वे आत्मनिर्भर होकर सामाजिक रूप से भी सशक्त हो रही हैं।             ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार और प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जब महिलाओं को सही अवसर, संसाधन और मार्गदर्शन मिलता है, तो वे न केवल अपने जीवन में बदलाव लाती हैं बल्कि पूरे समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। जिला मनेन्द्रगढ-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम दुधाशी की निवासी श्रीमती संगीता सिंह की कहानी भी महिला सशक्तिकरण की ऐसी ही प्रेरक मिसाल है, जिन्होंने अपने परिश्रम और आत्मविश्वास से एक नई पहचान बनाई है। बीसी सखी के रूप में शुरू हुआ सफ              संगीता सिंह ने वर्ष 2021 में बीसी सखी के रूप में अपने कार्य की शुरुआत की। उनके माध्यम से गांव के लोगों को बैंकिंग सेवाओं का लाभ मिलने लगा। पहले जहां ग्रामीणों को पैसे निकालने या बैंक से जुड़े कार्यों के लिए दूर शहर या ब्लॉक मुख्यालय तक जाना पड़ता था, वहीं अब यह सुविधाएं गांव में ही उपलब्ध होने लगीं। इससे ग्रामीणों का समय और पैसा दोनों बचने लगा और गांव के लोगों को बड़ी सुविधा मिली। स्वयं सहायता समूह से मिली आर्थिक मजबूती              संगीता सिंह बताती हैं कि उन्होंने बिहान योजना के अंतर्गत अपने स्वयं सहायता समूह से 68 हजार रुपये का ऋण लिया था। इसी आर्थिक सहयोग से उन्होंने बीसी सखी के रूप में अपना कार्य शुरू किया। शुरुआत में कई चुनौतियां सामने आईं, लेकिन अपनी मेहनत, लगन और सेवा भावना से उन्होंने धीरे-धीरे गांव के लोगों का विश्वास जीत लिया। आज गांव के लोग उन्हें भरोसे के साथ अपनी बैंकिंग सेवाओं के लिए संपर्क करते हैं। उत्कृष्ट कार्य के लिए मिला आधार किट             संगीता सिंह के समर्पण और उत्कृष्ट कार्य प्रदर्शन को देखते हुए मनेन्द्रगढ-चिरमिरी-भरतपुर के जिला प्रशासन ने उन्हें नई जिम्मेदारी देने का निर्णय लिया। आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में आधार सेवाओं के विस्तार के उद्देश्य से जिले में पांच नए आधार केंद्र खोले जा रहे हैं। इसी पहल के तहत संगीता सिंह को लैपटॉप सहित आधार किट प्रदान की गई। जिला प्रशासन की ओर से ईडीएम श्री नारायण केवर्त ने उन्हें यह आधार किट सौंपा। अब गांव में ही मिलेंगी आधार सेवाएं            आधार किट मिलने के बाद संगीता सिंह अब अपने गांव के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आधार से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध करा सकेंगी। इनमें नया आधार पंजीयन, आधार अपडेट तथा अन्य आवश्यक कार्य शामिल हैं। इससे ग्रामीणों को छोटी-छोटी सेवाओं के लिए शहर या ब्लॉक मुख्यालय तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और उन्हें अपने गांव के पास ही सुविधाएं मिल सकेंगी। अन्य महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा           संगीता सिंह की सफलता की कहानी पूरे क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उनकी मेहनत और आत्मनिर्भरता यह दर्शाती है कि यदि महिलाओं को अवसर और सहयोग मिले तो वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती हैं। उनकी उपलब्धि यह भी साबित करती है कि महिलाएं केवल अपने परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। महिला सशक्तिकरण की दिशा में मजबूत कदम           जिला प्रशासन की यह पहल महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच को भी मजबूत कर रही है। संगीता सिंह जैसी महिलाएं आज ग्रामीण भारत में बदलाव की नई कहानी लिख रही हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि आत्मविश्वास, परिश्रम और सही अवसर मिल जाए तो कोई भी महिला अपने सपनों को साकार कर सकती है। बिहान योजना का उद्देश्य गरीबों, विशेष रूप से महिलाओं के लिए मजबूत संस्थाएं बनाकर और उन्हें वित्तीय और आजीविका सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला तक पहुंच प्रदान करके गरीबी कम करने को बढ़ावा देना है।

CM साय से प्रशिक्षु जजों की मुलाकात, न्यायपालिका की भूमिका पर दिया महत्वपूर्ण संदेश

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी, बिलासपुर के प्रशिक्षु न्यायाधीशों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने सभी प्रशिक्षु न्यायाधीशों को न्यायिक सेवा में चयन के लिए बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र का महत्वपूर्ण और सशक्त स्तंभ है। आने वाले समय में आप सभी के कंधों पर समाज और न्याय व्यवस्था से जुड़ी बड़ी जिम्मेदारियां होंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आप सभी निष्पक्षता, संवेदनशीलता और संविधान के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहते हुए इन जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करेंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि न्याय पालिका आमजन के अधिकारों की रक्षा और न्याय व्यवस्था में जनता के विश्वास को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती है।  इस अवसर पर विधि विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सांवत, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी की संचालक निधि शर्मा तिवारी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

ड्रग्स के खिलाफ पुलिस की सख्त स्ट्राइक, अफीम के साथ तस्कर काबू

लुधियाना. नशा तस्करों के विरुद्ध छेड़ी गई मुहिम के तहत लुधियाना पुलिस को उस समय बड़ी सफलता हाथ लगी, जब एक गुप्त सूचना के आधार पर की गई नाकेबंदी के दौरान आधा किलो अफीम बरामद की गई। पुलिस ने इस मामले में एक तस्कर को दबोच लिया है, जबकि उसका दूसरा साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहा। मिली जानकारी के अनुसार एएसआई (ASI) जसविंदर सिंह अपनी पुलिस पार्टी के साथ 11 मार्च को इलाके में गश्त और संदिग्धों की चेकिंग के संबंध में रवाना थे। इसी दौरान पुलिस को एक मुखबिर खास ने पुख्ता सूचना दी कि कुछ तस्कर नशे की खेप लेकर गुजरने वाले हैं। सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने वेरका नहर पुल के नजदीक बिजली दफ्तर के पास घेराबंदी कर दी। पुलिस टीम ने मौके पर घेरा डालकर आरोपी कपिल खन्ना को काबू कर लिया। जब उसकी तलाशी ली गई, तो उसके कब्जे से 500 ग्राम अफीम बरामद हुई। हालांकि, इस कार्रवाई के दौरान उसका साथी सुरजीत सिंह पुलिस को चकमा देकर मौके से फरार होने में सफल रहा। पुलिस ने आरोपी कपिल खन्ना को हिरासत में लेकर दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फरार आरोपी सुरजीत सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह नशे की खेप कहां से लाई गई थी और इसे आगे किन ग्राहकों को सप्लाई किया जाना था।

नोएडा में फैक्ट्री में आग, 30 घायल, 250 लोगों को लपटों से बचाया गया

नोएडा  नोएडा में एक बड़ा अनर्थ होने से बच गया है। मीटर बनाने वाली एक फैक्ट्री में भीषण आग में 250 लोगों की जिंदगी बाल-बाल बच गई। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने लपटों के बीच फंसे कर्मचारियों को निकाल लिया। हालांकि, कई लोग मामूली रूप से झुलस गए तो कुछ धुएं में बेहोश हो गए थे और कुछ भगदड़ में जख्मी हो गए। ऐसे 30 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गुरुवार तड़के सेक्टर-चार स्थित में विद्युत मीटर बनाने वाली फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। आग लगने से फंसे करीब 250 कर्मियों को दमकल विभाग ने बचाया। साथ ही घायल हुए 30 से अधिक लोगों को जिला अस्पताल में उपचार के लिए भेजा। दमकल कर्मियों ने करीब 30 गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पा लिया। फैक्ट्री में 24 घंटे चलता है काम अपर पुलिस आयुक्त सुरक्षा और कानून व्यवस्था राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि गुरुवार सुबह फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिली। मौके पर दमकल विभाग के कर्मियों के अलावा कई थानों के पुलिस बल को भी भेजा गया। मौके पर पहुंचने पर पता लगा कि फैक्ट्री में बिजली मीटर बनाने का कार्य 24 घंटे चलता है। फैक्ट्री में 250 से अधिक कर्मचारी फंसे हुए थे। जिनका टीम ने सीढ़ी और हाइड्रॉलिक लिफ्ट की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला। जख्मी और बेहोश हुए लोग जिलाअस्पताल में भर्ती आग लगने के बाद फैक्ट्री में मची भगदड़ से कुछ कर्मचारी मामूली रूप से घायल हो गए। जिन्हें जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिलाया गया। वहीं धुएं से बेहोश हुए कर्मचारियों को भी अस्पताल पहुंचाया गया। इस घटना के बाद फैक्ट्री और उसके आसपास भारी संख्या में भिड़ एकत्रित हो गई। पुलिसकर्मियों ने लोगों को वहां से हटाया, ताकि बचाव कार्य में कोई बाधा उत्पन्न न हो। शॉर्ट सर्किट से तीसरी मंजिल पर लगी आग वहीं, सूचना मिलने पर कर्मियों के परिजन भी फैक्ट्री और अस्पताल पहुंच गए। अपने परिजन को सुरक्षित देख राहत की सांस ली। शुरुआती जांच में पता चला है कि फैक्ट्री की तीसरी मंजिल पर शॉर्ट सर्किट के चलते लगी थी। दमकल विभाग के अधिकारी फैक्ट्री की फायर एनओसी के संबंध में जांच कर रहे हैं।

महिला समूह की सफलता की कहानी: 10 हजार चूजों वाले AC पोल्ट्री फार्म से हर महीने ₹80 हजार की कमाई

महासमुंद/रायपुर. महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम एम.के. बाहरा की जय माँ लक्ष्मी महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं आज राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़कर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं। आजीविका मिशन 150 के द्वितीय चरण के अंतर्गत समूह द्वारा स्थापित 10,000 चूजों की क्षमता वाले एयर कंडीशनर मुर्गी फार्म का शुभारम्भ जिला स्काउट गाइड के अध्यक्ष श्री एतराम साहू एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हेमंत नंदनवार के द्वारा किया गया। समूह की अध्यक्ष युगेश्वरी साहू बताती है कि समूह की सदस्य महिलाएं पहले मुख्य रूप से खेती-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करती थीं। उनके पास आय का स्थायी साधन और पर्याप्त संसाधन नहीं थे, जिसके कारण उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आने लगा। समूह की सभी सदस्याओं ने मिलकर आजीविका गतिविधियों की शुरुआत की और धीरे-धीरे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाया। युगेश्वरी बताती है कि समूह को एनआरएलएम के तहत 15 हजार रुपये की चक्रीय निधि प्राप्त हुई, जिससे उन्होंने छोटे स्तर पर मुर्गी फार्म की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) से 60 हजार रुपये प्राप्त किए तथा बैंक लिंकेज के माध्यम से 1 लाख रुपये का ऋण लिया। व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने क्रमशः 2 लाख रुपये और 5 लाख रुपये का उद्यम ऋण भी प्राप्त किया। आजीविका को और विस्तारित करने के उद्देश्य से समूह ने बैंक से 10 लाख रुपये का ऋण लेकर आधुनिक एसी मुर्गी फार्म की स्थापना की। इस कार्य में अध्यक्ष युगेश्वरी साहू के पति सुरेश साहू के मार्गदर्शन का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। आज इस मुर्गी फार्म से समूह को लगभग 80 से 90 हजार रुपये तक मासिक आय प्राप्त हो रही है। इससे समूह की महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में काफी सुधार आया है। इस व्यवसाय के माध्यम से समूह की सदस्याएं आत्मनिर्भर बनी है। साथ ही अन्य सदस्यों को भी रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। बढ़ी हुई आय से वे अपने परिवार के पालन-पोषण, स्वास्थ्य, बच्चों की उच्च शिक्षा तथा जीवन स्तर को बेहतर बनाने में सक्षम हो रही हैं। समूह की सदस्याओं का कहना है कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें आजीविका शुरू करने का साहस, प्रशिक्षण और आर्थिक सहयोग मिला है। वे इस व्यवसाय को और आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही हैं तथा राज्य शासन एवं बिहान योजना के प्रति आभार व्यक्त की हैं।

जाट आंदोलन 2016 पर राहुल दादू का बड़ा बयान: हिंसा को बताया सुनियोजित साजिश

रोहतक. जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के घर जलाने के मामले में बरी हुए गांव कबूलपुर के राहुल दादू ने फेसबुक लाइव के माध्यम से कई बड़े आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि 2016 के आंदोलन के दौरान हरियाणा में हुई हिंसा के पीछे एक बड़ी साजिश थी और कई युवाओं को इसका शिकार बनाया गया। राहुल दादू ने कहा कि पुलिस ने जिन लोगों के पास से सामान बरामद किया, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई, जबकि निर्दोष होने के बावजूद उनके ऊपर आठ केस दर्ज किए गए। उन्होंने बताया कि पिछले दस वर्षों में उन्हें और उनके साथियों को काफी मानसिक और सामाजिक पीड़ा सहनी पड़ी है। साथ ही बताया कि इन आरोपों के कारण उन्हें जिला परिषद चुनाव में भी उतरने नहीं दिया। उनकी जगह भाई जयदेव को नामांकन कर चुनाव लड़ना पड़ा। दादू ने कहा कि युवाओं की कैप्टन अभिमन्यु से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं थी, बल्कि उनकी लड़ाई सरकार से थी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि उस समय कैप्टन अभिमन्यु वित्त मंत्री थे, फिर भी उनकी कोठी पर पर्याप्त सुरक्षा क्यों नहीं थी। वहीं उन्होंने कहा कि बयानों में एक बड़े कांग्रेस नेता पर आरोप लगाए गए, लेकिन उनका नाम वित्तमंत्री ने अपनी एफआइआर में दर्ज नहीं करवाया। उन्होंने कहा कि कई युवाओं को बिना ठोस सबूत के मामलों में फंसाया गया, जबकि अदालत ने उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत बरी किया है। दादू ने कहा कि आंदोलन की मूल मांग केवल आरक्षण थी, लेकिन इसे कई अन्य मुद्दों से जोड़कर बड़ा विवाद बना दिया गया।

राहुल गांधी का पीएम मोदी पर हमला: LPG संकट के बीच बोले- संसद में नरेंद्र नहीं, घरों में सिलेंडर नहीं

नई दिल्ली कांग्रेस सहित विपक्ष के कई दलों ने आज ईरान युद्ध के कारण देश में गहराए एलपीजी संकट को लेकर संसद भवन के बाद प्रदर्शन किया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस संकट के लिए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहराया। संसद के मकर द्वार के निकट कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रमुक और कई अन्य विपक्षी दलों के सांसद एकत्र हुए और उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विपक्षी सांसदों ने गुरुवार को संसद भवन के बाद ''मोदी जी एलपीजी'' के नारे लगाए। इसके बाद राहुल गांधी ने एक्स पर तस्वीरें शेयर करते हुए पीएम पर कटाक्ष किया। राहुल लिखते हैं, ‘संसद से नरेंदर गायब, देश से सिलेंडर गायब’ आपको बता दें कि संसद के बाहर विपक्षी सांसदों ने गैस सिलेंडर की आकृति वाली तख्तियां भी ले रखी थीं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कहना है कि ईंधन संकट को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है लेकिन वह ख़ुद अलग कारणों से घबराए हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि रसोई गैस की किल्लत को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोगों से नहीं घबराने की अपील कर रहे हैं, जबकि वह खुद अलग कारणों से घबराए हुए हैं। राहुल गांधी ने संसद परिसर में मीडिया से कहा, ''प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन खुद प्रधानमंत्री बिल्कुल अलग वजहों से घबराए हुए हैं। वह अदाणी मामले, 'एप्सटीन फाइल' के कारण घबराए हुए हैं।'' उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री सदन के अंदर नहीं आ पा रहे हैं और देश से कह रहे हैं कि घबराओ मत, जबकि वह खुद घबराए हुए हैं। आपको बता दें कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण रसोई गैस की किल्लत के बीच, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को लोगों से नहीं घबराने की अपील की थी और जनहित की रक्षा का आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा था, ''मैं लोगों से अपील करना चाहता हूं कि हम केवल सही और सत्यापित जानकारी ही फैलाएं।''  

शहरी सफाई पर हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, ₹90 करोड़ के टेंडर को मंजूरी

चंडीगढ़. हरियाणा के विभिन्न शहरों में सफाई व्यवस्था अब बेहतर होगी। विशेषकर ठोस कचरा प्रबंधन और डोर टू डोर कचरा संग्रहण पर जोर रहेगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित शहरी स्थानीय निकाय विभाग की हाई पॉवर्ड वर्क्स परचेज कमेटी की बैठक में स्वच्छता एवं ठोस कचरा प्रबंधन से संबंधित कार्यों के टेंडर को स्वीकृति प्रदान की गई। कुल 90 करोड़ 66 लाख रुपये के टेंडर देने की प्रक्रिया के दौरान मोलभाव कर चार करोड़ रुपये बचाए गए। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल और कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा की मौजूदगी में हुई बैठक में गोहाना में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, कचरे के पृथक्करण तथा प्रोसेसिंग साइट तक परिवहन, पलवल में ठोस कचरे के प्रोसेसिंग कार्य, करनाल में पुराने (लीगेसी) कचरे के बायो-रिमेडिएशन, हिसार के सेक्टरों में सड़कों की सफाई से संबंधित कार्यों के लिए टेंडर रेट्स को मंजूरी दी गई। इसके अलावा पलवल में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, पृथक्करण तथा प्रोसेसिंग साइट तक परिवहन से जुड़े कार्यों को भी स्वीकृति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन कार्यों के टेंडर स्वीकृत किए गए हैं, उन्हें निर्धारित मानकों और पूरी गुणवत्ता के साथ लागू किया जाए। संबंधित एजेंसियां और ठेकेदार तय नियमों के अनुसार कार्य करें, ताकि शहरों में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि स्वच्छता एवं ठोस कचरा प्रबंधन से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी की जाएगी और कार्यों के आधार पर ठेकेदारों की ग्रेडिंग भी तैयार की जाएगी। जो एजेंसियां बेहतर कार्य करेंगी, उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य न करने पर संबंधित ठेकेदारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। इस दौरान शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. साकेत कुमार, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के मिशन निदेशक शाश्वत सांगवान, करनाल की मेयर रेणु बाला गुप्ता, हिसार के मेयर परवीन पोपली उपस्थित रहे।