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रुकावटों से परेशान हैं? पान के पत्तों का यह उपाय बदल सकता है आपकी किस्मत

वास्तु शास्त्र और ज्योतिष में कई ऐसी साधारण चीजें हैं जिन्हें हम अपने दैनिक जीवन में देखते तो हैं, लेकिन उनके चमत्कारिक गुणों से अनजान होते हैं। इन्हीं में से एक है पान का पत्ता। भारतीय संस्कृति में पान के पत्ते का उपयोग केवल मुख शुद्धि के लिए नहीं, बल्कि देवी-देवताओं को प्रसन्न करने और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए भी किया जाता है। यदि आपके जीवन में लगातार बाधाएं आ रही हैं, बनते काम बिगड़ रहे हैं, या घर में अशांति है, तो पान के पत्ते के ये वास्तु उपाय आपके लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं। पान का आध्यात्मिक और वास्तु महत्व हिंदू धर्म में पान के पत्ते को शुभता का प्रतीक माना गया है। पूजा-पाठ, विवाह और शुभ अनुष्ठानों में पान का पत्ता अनिवार्य है। ऐसा माना जाता है कि पान के पत्ते में समस्त देवी-देवताओं का वास होता है। इसलिए, इसका प्रयोग तंत्र-मंत्र और वास्तु दोषों को मिटाने में भी किया जाता है। आइए जानते हैं कि पान के पत्तों का उपयोग करके आप अपने जीवन की रुकावटों को कैसे दूर कर सकते हैं। आर्थिक तंगी और दरिद्रता दूर करने के लिए यदि आप आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं और मेहनत के बाद भी पैसा टिक नहीं रहा है, तो मंगलवार या शनिवार के दिन एक साबुत और साफ पान का पत्ता लें। इस पत्ते पर सिंदूर से 'श्रीं' या 'राम' लिखें। अब इस पत्ते को हनुमान जी के मंदिर में जाकर उनके चरणों में अर्पित कर दें। यह उपाय लगातार 5 मंगलवार या शनिवार तक करने से आर्थिक मार्ग खुलने लगते हैं और धन से जुड़ी रुकावटें दूर हो जाती हैं। बनते कामों में आ रही बाधा को रोकने के लिए अक्सर ऐसा होता है कि हम महत्वपूर्ण काम के लिए निकलते हैं और ऐन मौके पर काम रुक जाता है। ऐसी स्थिति में घर से निकलते समय अपने पास एक साबुत पान का पत्ता रखें। संभव हो तो इस पत्ते पर थोड़ी सी मिश्री या एक इलायची रखकर उसे अपने दाहिने हाथ में लेकर इष्ट देव का स्मरण करें। इसके बाद इसे अपने पर्स या जेब में रखकर घर से बाहर निकलें। यह नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है और काम में सफलता की संभावना को बढ़ा देता है। नजर दोष और नकारात्मकता से बचाव घर में यदि कलह बढ़ गई है या परिवार के किसी सदस्य को बुरी नजर लग गई है, तो एक पान के पत्ते पर गुलाब की कुछ पंखुड़ियां रखें। अब इसे अपने सिर के ऊपर से सात बार घुमाएं और किसी सुनसान जगह पर रख दें या बहते जल में प्रवाहित कर दें। यह उपाय घर से नकारात्मकता को दूर करता है और आपसी प्रेम बढ़ाता है। राहु-केतु के दोष को शांत करने के लिए ज्योतिष में राहु और केतु को बाधाओं का कारक माना गया है। यदि आपकी कुंडली में ये ग्रह भारी हैं, तो पान का पत्ता एक अचूक उपाय है। बुधवार के दिन पान के पत्ते पर थोड़ा सा शहद लगाकर दुर्गा मां के चरणों में अर्पित करें। यह उपाय न केवल राहु के दुष्प्रभाव को कम करता है, बल्कि मानसिक शांति और एकाग्रता भी प्रदान करता है।  करियर और नौकरी की रुकावटें यदि आपको नौकरी पाने में या प्रमोशन मिलने में लगातार अड़चनें आ रही हैं, तो रविवार के दिन एक पान का पत्ता अपने तकिए के नीचे रखकर सोएं। अगले दिन सुबह उठकर उस पत्ते को किसी गाय को खिला दें। यह प्रक्रिया कुछ हफ्तों तक दोहराने से करियर से जुड़ी बाधाएं धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं। पूजा-अर्चना में पान का विशेष महत्व वास्तु शास्त्र के अनुसार, भगवान गणेश को पान का पत्ता अत्यंत प्रिय है। यदि आप बुधवार के दिन भगवान गणेश को पान के पत्ते पर सुपारी और लौंग रखकर अर्पित करते हैं, तो आपके घर के वास्तु दोषों का शमन होता है। यह घर के मुख्य द्वार पर लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ जाता है। सावधानियां पत्ता कटा-फटा न हो: उपाय के लिए हमेशा साबुत, हरा और ताजा पत्ता ही लें। कटा हुआ या सूखा पत्ता अशुभ माना जाता है। स्वच्छता: जिस स्थान पर आप पान का पत्ता रखें या अर्पित करें, वहां सफाई का विशेष ध्यान रखें। श्रद्धा: कोई भी वास्तु उपाय बिना श्रद्धा और विश्वास के सफल नहीं होता। इसलिए मन में अटूट विश्वास रखकर ही ये प्रयोग करें।

अब क्या है टीम इंडिया का अगला मिशन? अगले 1 साल का पूरा क्रिकेट कैलेंडर जानिए

मुम्बई भारतीय क्रिकेट टीम का अगले 12 महीनों का कार्यक्रम बेहद व्यस्त रहेगा, जिसमें आयरलैंड, श्रीलंका और जिम्बाब्वे में मैच के इसके अलावा, एशिन गेम्स, इंग्लैंड, अमेरिका, बंगलादेश, जापान और घरेलू मुकाबले भी शामिल हैं। सूर्या की कप्तानी में श्रीलंका के खिलाफ 3 टी-20 मैच क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम जुलाई-अगस्त में श्रीलंका में तीन टी-20 मैच खेल सकती है, इसके अलावा आगामी कार्यक्रम में पहले दो टेस्ट मैच शामिल हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) की प्रतिक्रिया पर विचार कर रहा है कि श्रीलंका में बाढ़ राहत के लिए फंड जुटाने के लिए तीन टी-20 मैच का कार्यक्रम है। टी-20 मैच और दो टेस्ट मैचों से पहले होने की संभावना है। श्रीलंका टूर से पहले जुलाई में इंग्लैंड जाएगा भारत श्रीलंका टूर से पहले भारत एक से 19 जुलाई के बीच तीन एकदिवसीय और पांच टी-20 मैच के लिए इंग्लैंड जाएगा और रास्ते में आयरलैंड में थोड़ा रुक सकता है। डबलिन में तीन मैचों की सीरीज को लेकर बातचीत चल रही है। एक सूत्र ने कहा, "बातचीत चल रही है।" और भरोसा जताया कि सीरीज हो जाएगी। बीसीसीआई ने पहले भी सीआई को (2018, 2022 और 2023 में) डबलिन में छोटी सीरीज के लिए सहयोग किया है। अगर बातचीत कामयाब होती है, तो गेम जून के आखिरी हफ्ते में, इंग्लैंड टूर से पहले और अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज के बाद निर्धारित किए जा सकते हैं, जो दह से 20 जून के बीच एक टेस्ट और तीन एकदिवसीय खेलने वाले हैं। जिम्बाब्वे और अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज श्रीलंका सीरीज के बाद बीसीसीआई को शेड्यूलिंग में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। सितंबर में सयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी-20 सीरीज होनी है, जो इंडियन क्रिकेट के लिए पहले से ही एक व्यस्त महीना है। बंगलादेश के छह सफेद गेंद मैच – तीन एकदिवसीय और तीन टी-20 के लिए दौरे की भी घोषणा की गई है। यह सीरीज, दोनों देशों के बीच हाल के डिप्लोमैटिक तनाव को देखते हुए भारत सरकार से मंजूरी मिलने पर ही होगी। इस बीच, तीन मैचों की टी-20 सीरीज के लिए जिम्बाब्वे के एक छोटे दौरे की भी बात हो रही है। हालांकि अभी तक कुछ भी स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन यह दौरा सितंबर में हो सकता है, लगभग उसी समय जब वेस्ट इंडीज तीन एकदिवसीय और पांच टी-20 के लिए भारत का दौरा करने वाला है। वेस्टइंडीज के खिलाफ आठ मैचों की सीरीज के अक्टूबर तक चलने की उम्मीद है। एशियंस गेम्स, न्यूजीलैंड सीरीज, श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज, बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी इसी बीच 2026 एशियन गेम्स भी हैं, जो 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक जापान के नागोया में होने हैं। गेम्स में क्रिकेट प्रतियोगिता टी-20 प्रारूप में खेली जायेगी और भारतीय डिफेंडिंग गोल्ड मेडलिस्ट है। पुरुष मैच 25 सितंबर से तीन अक्टूबर तक चलेंगे, जिससे टी-20 स्क्वॉड के जापान में खेलने की संभावना बढ़ गई है, जबकि एक एकदिवसीय टीम उसी समय वेस्टइंडीज से खेलेगी। इसके बाद भारतीय टीम के 18 अक्टूबर को न्यूजीलैंड पहुंचने की उम्मीद है, जहां वह पांच एकदिवसीय, पांच टी-20 और दो टेस्ट के पूरे टूर पर जाएगा। ऐसा समझा जाता है कि बीसीसीआई और न्यूजीलैंड क्रिकेट हाल ही में एकदिवसीय की संख्या तीन से बढ़ाकर पांच करने पर सहमत हुए हैं। दो टेस्ट 10 सफेद गेंद मैचों के बाद होंगे, जिनमें से पहला 22 अक्टूबर से शुरू होगा। भारत के दिसंबर के पहले हफ्ते में न्यूजीलैंड से घर लौटने की उम्मीद है, जब वे श्रीलंका के खिलाफ घर पर तीन एकदिवसीय और तीन टी-20 मैच खेलेंगे। इसके बाद जनवरी-फरवरी 2027 में भारत में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी खेली जाएगी, जिसके बाद मार्च से मई 2027 तक इंडियन प्रीमियर लीग का 20वां सीजन चलेगा।

गैस सिलेंडर आपूर्ति व्यवस्था पर मुख्य सचिव ने कलेक्टरों के साथ की अहम बैठक

भोपाल  युद्ध के बाद खाड़ी देशों में बिगड़े हालातों का असर अब अन्य देशों में भी दिखने को मिल रहा है. इस कारण भारत में भी एलपीजी गैस की सप्लाई बाधित (LPG Supply Shortage) हो रही है. इसको देखते हुए मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव ने गुरुवार को गैस सिलेंडर आपूर्ति को लेकर कलेक्टरों की महत्वपूर्ण बैठक ली. इसके बाद मुख्य सचिव ने भोपाल कलेक्टर के लिए आदेश जारी किया है. ईंधन के आयात में हुई रुकावट को देखते हुए पेट्रोलियम और गैस मंत्रालय के निर्देश पर मुख्य सचिव ने कलेक्टरों की बैठक ली।  फिलहाल एलपीजी की आपूर्ति केवल घरेलू उपभोक्ताओं को ही करने का निर्देश दिया है. उपभोक्ताओं के लिए गैस एजेंसियों ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, जहां भारत गैस उपभोक्ताओं के लिए हेल्पलाइन नंबर-1800-22-4344, इंडेडेन ऑयल गैस- 1800-2333-555, एचपी गैस- 1800-2333-555 नंबर है. इसके साथ ही मुख्य सचिव ने गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध गैस रिफलिंग की जांच करने का भी आदेश दिया है।  मुख्य सचिव ने गैस सिलेंडर आपूर्ति को लेकर कलेक्टरों की महत्वपूर्ण बैठक ली मुख्य सचिव की बैठक लेने के बाद भोपाल कलेक्टर ने आदेश जारी किया एलपीजी की आपूर्ति केवल घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को करने के संबंध में आदेश दिया आयात में हुई रूकावट को देखते हुये पेट्रोलियम और गैस मंत्रालय के निर्देश पर मुख्य सचिव ने कलेक्टरों की बैठक ली   भारत गैस हेल्पलाईन नंबर-1800-22-4344, इण्डेन ऑयल गैस हेल्पलाईन नंबर 1800-2333-555, एचपी गैस हेल्पलाईन नंबर 1800-2333-555 गैस सिलेण्डरों की कालाबाजारी एवं अवैध गैस रिफलिंग की सतत जांच करने मुख्य सचिव ने दिया आदेश होटल-रेस्तरां में नहीं होगी सप्लाई भोपाल कलेक्टर ने भी आदेश जारी करते हुए कहा कि कमर्शियल गैस सिलेंडरों की होटल, रेस्तरां और मॉल में सप्लाई नहीं होगी. इसके अलावा एलपीजी का उपयोग करने वाले औद्योगिक क्षेत्र और फैक्ट्री में भी गैस सिलेंडर की आपूर्ति नहीं की जाएगी. फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है. कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सिर्फ चिकित्सालय और शैक्षणिक संस्थाओं में की जाएगी। इसके साथ ही निर्देश दिए हैं कि सिलेंडर की जमाखोरी करने वालों पर जिला प्रशासन निगरानी रखेगा. अगर कोई ऐसा करता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी. SDM, ACP और आपूर्ति अधिकारी को यह जिम्मेदारी दी गई है। 

मंत्री देवांगन के विभागों के लिए 1823 करोड़ रुपये की अनुदान मांगें विधानसभा में पारित

मंत्री  लखनलाल देवांगन के विभागों के लिए 01 हजार 823 करोड़ रुपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित राज्य को अब तक 8 लाख करोड़ रूपए से अधिक निवेश प्रस्ताव भूमि का आबंटन अब ई-निविदा के माध्यम से किया-जिससे राजस्व 20 प्रतिशत बढ़ा*  श्रमिक आवास एवं ई-रिक्शा की राशि 01 लाख रूपए से बढ़ाकर  1.50 लाख रूपए कर दी गई अगले वर्ष से श्रमिकों के 200 बच्चों को उत्कृष्ट स्कूलों में दाखिला हेतु अभिनव पहल  रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज वाणिज्य एवं उद्योग विभाग तथा श्रम विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 01 हजार 823 करोड़ 87 लाख 69 हजार रूपए की अनुदान मांगे पारित की गईं। इसमें वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के लिए 01 हजार 567 करोड़ 86 लाख 79 हजार रूपए, श्रम विभाग के लिए 256 करोड़ 90 हजार रूपए शामिल हैं। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश मंे नई औद्यागिक नीति लागू की गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।  उद्योग विभाग उद्योेग मंत्री  देवांगन नेे कहा कि इस बजट में सरकार द्वारा राज्य के औद्योगिक विकास हेतु वाणिज्य एवं उद्योग विभाग को बजट में रुपए 1750 करोड़ आबंटित किया गया है। इसमें रूपए 652 करोड़ उद्योगों को अनुदान हेतु तथा औद्योगिक प्रयोजन हेतु भू-अर्जन, भूमि विकास तथा औद्योगिक अधोसंरचना विकास के लिए लगभग रूपए 700 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने सदन को जानकारी देते हुए कहा कि औद्योगिक भूमि आबंटन को अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाने हेतु औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि का आबंटन अब ई-निविदा के माध्यम से किया जा रहा है। इससे न सिर्फ पारदर्शिता बढ़ी है बल्कि राजस्व में भी 20 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई है। इन सतत प्रयासों का ही परिणाम है कि राज्य द्वारा 140 से अधिक निवेशकों को इन्विटेशन टू इन्वेस्ट जारी किया गया है। राज्य को अब तक 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों में स्टील, पावर, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल्स, आईटी, बीपीओ तथा क्लीन एनर्जी जैसे विविध और उभरते हुए क्षेत्रों के निवेश शामिल हैं, जो राज्य की औद्योगिक प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। मंत्री  देवांगन नेे कहा कि विगत एक वर्ष में 951 उद्योग स्थापित हुए हैं, जिनके द्वारा रु 8000 करोड़ से अधिक का निवेश किया गया एवं हमारी सरकार आने के बाद लगभग 45000 से अधिक रोजगार उत्पन्न हुए। राज्य में बस्तर से सरगुजा तक 23 नवीन औद्योगिक क्षेत्रों एवं पार्कों का निर्माण किया जा रहा है जिनमें से 4 फ्लेटेड फैक्ट्री अधोसंरचना है। राज्य शासन सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास हेतु प्रतिबद्ध है एवं इस दिशा में तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि उद्योगों में रोजगार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने एवं उनके जीवन को सरल करने की दृष्टि से बिलासपुर जिले में 2 कामकाजी महिला हॉस्टल निर्माणाधीन है, जिसके लिए बजट में रुपए 20 करोड़ का प्रावधान किया गया है। निजी भूमि पर औद्योगिक पार्क की स्थापना के लिए निवेशकों को आकर्षित करने की दृष्टि से अधोसंरचना लागत पर 50 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान औद्योगिक विकास नीति में किया गया है। इससे राज्य केन औद्योगिक अधोसंरचना विकास को बल मिलेगा। मुख्यमंत्री के पहल पर स्टार्ट-अप मिशन के लिए रूपए 100 करोड़ का प्रावधान बजट के अंतर्गत किया है। श्रम विभाग  मंत्री  देवांगन सदन में कहा कि मुख्यमंत्री  साय के नेतृत्व में श्रम विभाग छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के अंतर्गत अधिसूचित 56 प्रवर्ग के असंगठित श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण के लिये वर्ष 2026-27 के बजट में कुल रुपये 128 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है, जो गत वर्ष से लगभग 3 करोड़ अधिक है। श्रमिक बच्चों को उत्कृष्ट स्कूल में शिक्षा की अभिनव पहल करते हुए प्रदेश में 96 श्रमिकों के बच्चों को 6वीं क्लास में डी.पी.एस. राजकुुमार कॉलेज, कांगेर वैली एकेडमी में निःशुल्क पढ़ाई कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अगले वर्ष अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत 200 बच्चों को प्रदेश के उत्कृष्ट स्कूलों में दाखिला देने की घोषणा की थी, इस पर अमल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मंडल द्वारा उपकर के माध्यम से संकलित राशि से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवार के लिये उपलब्ध निधि से 60 प्रवर्ग में पंजीकृत 32.58 लाख निर्माण श्रमिकों के लिए संचालित 31 योजनाओं के क्रियान्वयन में वर्ष 2025 में लगभग रूपये 387 करोड़ से अधिक राशि कल्याणकारी योजनाओं में व्यय किया गया है। वर्ष 2026-27 में पंजीकृत 02.01 लाख संगठित श्रमिकों के लिये 14 योजनाओं हेतु बजट में राज्य शासन के अनुदान हेतु रुपये 06 करोड़ प्रावधान किया गया है। श्रम मंत्री ने बताया कि श्रम विभाग के मुख्य दायित्व विभिन्न श्रम कानूनों के प्रावधानों के अंतर्गत श्रमिकों के हित संरक्षण किया जाना है, जिसके पालन हेतु श्रमायुक्त संगठन में रुपये 30 करोड़ 63 लाख का बजट प्रावधान किया गया है। श्रमिक आवास की राशि प्रति आवास 01 लाख रूपए से बढ़ाकर 1.50 लाख कर दी है। इसी तरह ई-रिक्शा की राशि भी एक लाख से बढ़ाकर 1.50 लाख रूपए की जाएगी।  औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा हेतु वर्ष 2026-27 में रुपये 10 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है। संचालनालय द्वारा कारखाना अधिनियम के अंतर्गत कारखानों का लायसेंस नवीनीकरण, आनसाइट आपात योजना एवं कारखाना भवनों के नक्शे आदि का निराकरण भी आनलाईन ही किया जा रहा है। इंडस्ट्रियल हाईजिन लैब हेतु वर्ष 2026-27 में रुपये 05 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है।  वर्ष 2026-27 हेतु कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं के लिए रुपये 76 करोड़ 38 लाख का प्रावधान किया गया है।  वाणिज्यक कर (आबकारी) विभाग मंत्री  देवांगन नेे कहा कि विभागीय दक्षता बढ़ाने हमने इस वित्तीय वर्ष में 10 जिला अधिकारी, 85 आबकारी उपनिरीक्षक की भर्ती की है तथा 200 आबकारी आरक्षक की भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण पर है। वर्ष 2024-25 हेतु निर्धारित किये गये 10500 करोड़ (दस हजार पांच सौ करोड़) आबकारी राजस्व लक्ष्य के विरूद्ध 10145 करोड़ (दस हजार एक सौ पैतालीस करोड़) का आबकारी राजस्व अर्जित किया गया जो कि इससे पूर्व के वित्तीय वर्ष 2023-24 में अर्जित आबकारी राजस्व 8430 करोड़ (आठ हजार चार सौ तीस करोड़) की तुलना में 20.35 प्रतिशत अधिक है तथा राज्य के कुल कर राजस्व प्राप्ति का लगभग 11 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि उपयुक्त नीति एवं विभागीय कार्ययोजना … Read more

मध्य प्रदेश में दूध उत्पादकों के लिए लाइसेंस अनिवार्य, शुद्धता पर रखी जाएगी कड़ी निगरानी

भोपाल मध्य प्रदेश में घर-घर दूध बेचने वाले दुग्ध उत्पादकों को अब दूसरे दुकानदारों की तरह लाइसेंस लेना होगा. भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने दूध उत्पादकों और विक्रेताओं के लिए भी लाइसेंस का अनिवार्य कर दिया है. इसके चलते प्रदेश के सभी दुग्ध उत्पादकों को अब खाद्य विभाग में रजिस्ट्रेशन कराना होगा. प्राधिकरण ने दुग्ध उत्पादकों के पंजीयन और लाइसेंस के संबंध में एडवाइजरी जारी कर दी है. यह निर्णय दूध में की जा रही मिलावट पर लगाम लगाने के लिए लिया गया है। हर माह तैयार होगी रिपोर्ट मध्य प्रदेश देश में तीसरा सबसे ज्यादा दुग्ध उत्पादन करने वाला राज्य है. प्रदेश में प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता 707 ग्राम प्रतिदिन है. प्रदेश में 225.95 लाख टन का दूध उत्पादन हो रहा है. प्रदेश में लोगों तक सहकारी समितियों के माध्यम से तो दूध पहुंच ही रहा है, साथ ही बड़ी मात्रा में दूध की सप्लाई डेयरी संचालकों द्वारा घर-घर की जा रही है. सहकारी समितियों के माध्यम से दुग्ध सप्लाई की गुणवत्ता की जांच तो लगातार हो रही है, लेकिन डेयरी संचालकों द्वारा सप्लाई होने वाले दुग्ध और उनके उत्पाद की जांच के लिए ऐसे सभी संचालकों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है। इससे प्रदेश के सभी दुग्ध उत्पादकों और विक्रेताओं की पहचान हो सकेगी. भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने दूध से जुड़ी गतिविधियों की नियमित मासिक रिपोर्ट तैयार करने के भी निर्देश दिए हैं. यह रिपोर्ट हर माह 31 तारीख तक भेजनी होगी। दुध में मिलावट के लिए बनाई जा रही प्रयोगशाला प्रदेश सरकार द्वारा लोगों को शुद्ध दूध की सप्लाई के लिए राज्य स्तरीय डेयरी परीक्षण प्रयोगशाला भी स्थापित की जा रही है. यह प्रयोगशाला भोपाल के मध्य प्रदेश स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन में स्थापित की जाएगी. इस प्रयोगशाला में आम उपभोक्ता से लेकर प्रदेश भर की संस्थाएं दूध और इससे बनने वाले उत्पादों की जांच करा सकेंगे।  यह प्रदेश की पहली राज्य स्तरीय केन्द्रीय प्रयोगशाला होगी. इसमें 100 से अधिक मानकों पर जांच की जाएगी. इस प्रयोगशाला को एनएबीएल और एफएसएसएआई की मान्यता प्राप्त होगी. इससे प्रदेश में शुद्ध दूध की सप्लाई सुनिश्चित हो सकेगी।

X पर ‘Ask Grok’ का फ्री वर्शन खत्म, थ्रेड्स में AI से सवाल पूछने के लिए अब पेमेंट जरूरी

नई दिल्ली सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले Twitter) ने अपने AI फीचर ‘Ask Grok’ को लेकर बड़ा बदलाव किया है। अब यह सुविधा सभी यूजर्स के लिए फ्री में उपलब्ध नहीं रहेगी। कंपनी ने इसे पेड फीचर बना दिया है, जिसका मतलब है कि अब केवल प्रीमियम सब्सक्रिप्शन लेने वाले यूजर्स ही X थ्रेड्स में ‘Ask Grok’ का इस्तेमाल कर सकेंगे। ‘Ask Grok’ फीचर दरअसल xAI द्वारा बनाए गए AI चैटबॉट Grok AI पर बेस्ड है। यह फीचर यूजर्स को X पर चल रही किसी भी चर्चा या लंबे थ्रेड के बारे में तुरंत जानकारी लेने की सुविधा देता है। पहले यूजर किसी पोस्ट या थ्रेड में @grok टैग करके सवाल पूछ सकते थे और AI उससे जुड़ी जानकारी तुरंत दे देता था। अब कंपनी ने इस सुविधा को सीमित कर दिया है। नई नीति के अनुसार, केवल X Premium या उससे ऊपर के सब्सक्रिप्शन वाले यूजर्स ही थ्रेड्स में सीधे Grok से सवाल पूछ पाएंगे। फ्री यूजर्स के लिए यह फीचर उपलब्ध नहीं रहेगा। कैसे काम करता है ‘Ask Grok’ ‘Ask Grok’ खास तौर पर उन यूजर्स के लिए काम का था जो लंबे और मुश्किल थ्रेड्स को जल्दी समझना चाहते हैं। अगर किसी पोस्ट के नीचे सैकड़ों कमेंट या रिप्लाई होते थे, तो यूजर Grok से पूछ सकते थे कि ‘इस थ्रेड की समरी क्या है?’ या किसी टॉपिक से जुड़ी एक्सट्रा जानकारी क्या है। AI चैटबॉट पूरी बातचीत का एनालिसिस करके कुछ ही सेकेंड में छोटा और साफ जवाब देता था। इससे यूजर्स को लंबी चर्चा पढ़ने की जरूरत नहीं पड़ती थी और जानकारी जल्दी मिल जाती थी। X के मौजूदा सब्सक्रिप्शन प्लान और कीमत फिलहाल X भारत में तीन तरह के पेड सब्सक्रिप्शन प्लान ऑफर करता है। Basic प्लान: लगभग 170 रुपये प्रति माह। इसमें पोस्ट एडिट करने, लंबी पोस्ट लिखने और कुछ अतिरिक्त फीचर्स मिलते हैं, लेकिन इसमें ब्लू टिक नहीं मिलता। Premium प्लान: करीब 427 रुपये प्रति माह (वेब) और 470 रुपये प्रति माह (मोबाइल)। इस प्लान में ब्लू टिक, कम विज्ञापन, बेहतर रीप्लाई बूस्ट और Grok AI जैसी सुविधाओं का एक्सेस मिलता है। Premium+ प्लान: लगभग 2,570 रुपये प्रति माह। इसमें लगभग एड-फ्री एक्सपीरियंस, आर्टिकल पब्लिश करने की सुविधा और एडवांस AI टूल्स जैसे SuperGrok का एक्सेस मिलता है। AI पर बढ़ता फोकस आप जानते होंगे कि X के मालिक Elon Musk लंबे समय से प्लेटफॉर्म को AI-पावर्ड बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। Grok इसी स्ट्रेटजी का हिस्सा है, जिसके जरिए X को केवल एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म नहीं बल्कि AI-बेस्ड इन्फॉर्मेशन और डिस्कशन सेंटर बनाने की कोशिश की जा रही है। यूजर्स के लिए क्या बदलेगा ‘Ask Grok’ को पेड फीचर बनाने से अब फ्री यूजर्स के लिए AI-बेस्ड यह सुविधा उपलब्ध नहीं रहेगी। हालांकि, प्रीमियम सब्सक्राइबर्स पहले की तरह इसका इस्तेमाल कर पाएंगे और आने वाले समय में इसमें और भी नए AI फीचर्स जोड़े जा सकते हैं।

सेंट्रल फोर्स की भर्ती संकट: 93 हजार पद खाली, CRPF में 27 हजार, इस्तीफों में 86% का उछाल

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने  संसद में बताया कि सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) और असम राइफल्स में कुल 93,139 पद खाली हैं। यह जानकारी गृह राज्य मंत्री  नित्यानंद राय ने लिखित जवाब में दी।सबसे ज्यादा पद CRPF में 27,124 खाली हैं, वहीं CISF में 28,342 पद खाली हैं। सबसे कम खाली पद असम राइफल्स में 3,749 हैं। सरकार ने भर्ती प्रक्रिया तेज करने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से हर साल कांस्टेबल भर्ती, प्रमुख रैंकों के लिए नोडल बल की व्यवस्था और शारीरिक परीक्षण में रेडियो फ्रीक्वेंसी पहचान तकनीक (RFID) का उपयोग शामिल है। 5 साल में CAPF में इस्तीफे 86% बढ़े CAPF में इस्तीफों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। 2021 में 1,255 कर्मियों ने इस्तीफा दिया था, जबकि 2025 में यह संख्या बढ़कर 2,333 हो गई, यानी करीब 86% की बढ़ोतरी।  भर्ती प्रक्रिया का नया रास्ता राज्य मंत्री राय ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया को तेज करने के लिए कई ठोस कदम उठाए गए हैं। इनमें कर्मचारी चयन आयोग के जरिए हर साल कांस्टेबल भर्ती, प्रमुख रैंकों के लिए नोडल बल की व्यवस्था और शारीरिक परीक्षण में रेडियो फ्रीक्वेंसी पहचान तकनीक का इस्तेमाल शामिल है। सरकार का मानना है कि इन उपायों से रिक्तियों को भरने में तेजी आएगी। इस्तीफों की alarming बढ़ोतरी सरकार के मुताबिक CAPF में इस्तीफों की संख्या पिछले कुछ वर्षों में बढ़ी है। 2021 में 1,255 के मुकाबले 2025 में 2,333 कर्मियों ने इस्तीफा दिया, जो कि लगभग 86 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाता है। हालांकि, सुसाइड, आपसी हत्या और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के मामलों में कमी आई है, जो एक सुकून भरी बात है। भारत टैक्सी का नया विस्तार इस बीच, भारत टैक्सी ने अपने राइड-हेलिंग सेवा का विस्तार करने का ऐलान किया है। सहकारी क्षेत्र की इस सेवा को अगले 2 से 3 वर्षों में सभी बड़े शहरों तक पहुँचाया जाएगा। सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल ने कहा कि यह सेवा वर्तमान में दिल्ली-एनसीआर और गुजरात के अहमदाबाद, राजकोट, सोमनाथ और द्वारका में कार्यरत है। अब तक 4 लाख ड्राइवर इस सेवा से जुड़ चुके हैं। ग्रीन एक्सप्रेसवे का ऐतिहासिक प्रोजेक्ट सरकार ने ग्रीन एक्सप्रेसवे बनाने का एक बड़ा निर्णय लिया है। यह एक्सप्रेसवे सूरत से नासिक, अहमदनगर और सोलापुर होते हुए कुरनूल तक जाएगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि इससे दिल्ली-चेन्नई की दूरी 320 किलोमीटर घट जाएगी। साथ ही, दिल्ली-मुंबई यात्रा भी लगभग 12 घंटे में संभव होगी। गडकरी बोले- सूरत से कुरनूल तक ग्रीन एक्सप्रेसवे बनेगा सरकार सूरत से नासिक, अहमदनगर और सोलापुर होते हुए कुरनूल तक ग्रीन एक्सप्रेसवे बनाएगी। इससे दिल्ली-चेन्नई दूरी 320 किमी घटेगी। गडकरी ने कहा, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पूरा होने पर दिल्ली-मुंबई यात्रा भी लगभग 12 घंटे में संभव होगी।     2025 में एक लाख से ज्यादा पेंशन शिकायतें दर्ज- सरकार ने लोकसभा में बताया कि पोर्टल पर 2025 में 1.07 लाख पेंशन शिकायतें मिलीं। औसत निपटान समय 19 दिन रहा।     पीएम सूर्य घर योजना से 31 लाख लोग लाभान्वित- सरकार ने बताया कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 6 मार्च 2026 तक 31.12 लाख घरों में रूफटॉप सोलर लगे। लक्ष्य 2027 तक एक करोड़ घरों का है।     वरिष्ठ पदों पर SC/ST प्रतिनिधित्व का डेटा नहीं- संयुक्त सचिव और उससे ऊपर के पदों पर एससी/एसटी प्रतिनिधित्व का अलग डेटा नहीं रखा जाता। पदोन्नति में ग्रुप-ए की शुरुआती श्रेणी तक 15% एससी और 7.5% एसटी आरक्षण है।     टीवी विज्ञापनों में चमत्कारी दावे नहीं कर सकते- सरकार ने कहा कि निजी टीवी चैनलों के सभी विज्ञापन केबल टीवी नेटवर्क एक्ट, 1995 के एडवरटाइजिंग कोड के तहत होंगे। चमत्कारी गुणों के दावे प्रतिबंधित हैं, उल्लंघन पर कार्रवाई होती है।    

“TVS Orbiter V1 स्कूटर की लॉन्चिंग, 50 हजार से कम कीमत और शानदार फीचर्स”

नई दिल्ली TVS Orbiter EV का नया बेस वेरिएंट लॉन्च हुआ है, जो BaaS सर्विस के साथ आएगा. कंपनी ने इस इलेक्ट्रिक स्कूटर को पिछले साल के अंत में लॉन्च किया था. अब इसका नया वेरिएंट लॉन्च किया गया है, जो ज्यादा आकर्षक कीमत पर आता है. कंपनी ने नया वेरिएंट Orbiter V1 लॉन्च किया है। BaaS यानी बैटरी-एज-ए-सर्विस के तहत स्कूटर को खरीदना सस्ता हो जाता है. इसकी वजह से स्कूटर को ओरिजनल प्राइस से कई हजार रुपये कम कीमत पर खरीदा जाता है. आइए जानते हैं इस स्कूटर की कीमत और दूसरी खास बातें। कितनी है कीमत?  TVS Orbiter V1 इलेक्ट्रिक स्कूटर की कीमत 84,500 रुपये (सब्सिडी के साथ) एक्स शोरूम रखी गई है. हालांकि, BaaS सर्विस के तहत इसकी कीमत 49,999 रुपये एक्स शोरूम हो जाती है. इस सर्विस के तहत कंज्यूमर्स को सिर्फ स्कूटर की कीमत अदा करनी होती है, जबकि बैटरी सब्सक्रिप्शन के तहत मिलती है। BaaS सर्विस के साथ ही TVS Orbiter V2 वेरिएंट को भी खरीदा जा सकता है, जिसकी कीमत 59,664 रुपये एक्स शोरूम है. सब्सक्रिप्शन प्राइस TVS Orbiter V1 के लिए 862 रुपये है. कंपनी ने कोई मिनिमम डिस्टेंस तय नहीं की है, तो आप निश्चित होकर स्टूकर को चला सकते हैं। सिंगल चार्ज में कितना चलेगा स्कूटर? TVS Orbiter V1 कंपनी का सबसे सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर बन गया है. इसमें 18kWh की बैटरी दी गई है. कंपनी की मानें तो सिंगल चार्ज में ये स्कूटर 86 किलोमीटर का सफर तय कर सकता है. इसे 0 से 80 परसेंट तक चार्ज होने में सिर्फ 2 घंटे 20 मिनट का वक्त लगता है। स्कूटर में ईको और पावर मोड्स मिलते हैं. इसमें रिजनरेटिव ब्रेकिंग का फीचर भी दिया गया है. इसके अलावा हिल होल्ड असिस्ट, क्रूज कंट्रोल और पार्किंग असिस्ट जैसे फीचर्स मिलते हैं. इसे दो कलर ऑप्शन- मार्टेन कॉपर और स्टेलर सिल्वर में खरीदा जा सकता है।  Orbiter V1 में लगभग सभी इक्विपमेंट Orbiter V2 वाले ही मिलते हैं. इसमें क्रूज कंट्रोल के अलावा LED लाइटिंग, कलर LCD कल्स्टर, ब्लूटूथ और नेविगेशन जैसे फीचर्स मिलते हैं. हालांकि, Orbiter V1 की कीमत V2 के मुकाबले कम है।

नवरात्रि 2026: घर में न रखें ये चीजें, नहीं तो नाराज हो सकती हैं मां दुर्गा

चैत्र नवरात्रि 2026 की शुरुआत 19 मार्च, गुरुवार से हो रही है। हिंदू धर्म में नवरात्रि का पर्व शक्ति की आराधना और शुद्धि का समय माना जाता है। शास्त्रों और वास्तु शास्त्र के अनुसार, मां दुर्गा का आगमन उन्हीं घरों में होता है जहां स्वच्छता और सकारात्मकता का वास हो। यदि आपके घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने वाली वस्तुएं मौजूद हैं, तो मां दुर्गा की कृपा से वंचित रहना पड़ सकता है। नवरात्रि के पवित्र दिनों से पहले घर की शुद्धि करना अत्यंत आवश्यक है। यहाँ उन प्रमुख चीजों की सूची दी गई है जिन्हें आपको नवरात्रि से पहले घर से हटा देना चाहिए ताकि मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त हो सके: टूटी-फूटी वस्तुएं और खंडित सामान वास्तु शास्त्र में टूटी हुई वस्तुओं को नकारात्मकता का मुख्य स्रोत माना गया है। घर में पड़े हुए टूटे हुए कांच, बर्तन, फर्नीचर, या इलेक्ट्रॉनिक सामान को नवरात्रि शुरू होने से पहले ही घर से बाहर कर दें। माना जाता है कि ये वस्तुएँ घर में आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव पैदा करती हैं। यदि कोई वस्तु उपयोग में नहीं है और टूटी हुई है, तो उसे सुधारें या तुरंत हटा दें। पुरानी और रद्दी सामग्री अक्सर हम घर के कोनों में, अलमारियों के पीछे या स्टोर रूम में पुरानी रद्दी, अखबारों के ढेर, पुरानी पत्रिकाएं और अनावश्यक कागज जमा कर लेते हैं। ये चीजें अटका हुआ ऊर्जा का प्रतीक हैं। गंदगी और धूल जमा होने से वहां नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है, जो देवी के स्वागत में बाधक बनती है। इन्हें हटाकर घर को व्यवस्थित करें। पुराने और फटे-पुराने कपड़े यदि घर में ऐसे कपड़े हैं जिन्हें आप काफी समय से नहीं पहन रहे हैं या जो फट गए हैं, तो उन्हें नवरात्रि से पहले दान कर देना चाहिए या हटा देना चाहिए। अनावश्यक कपड़े घर में ऊर्जा के प्रवाह को रोकते हैं। पुराने कपड़े हटाने से घर में नई सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। सूखे पौधे और मुरझाए फूल घर की बालकनी या पूजा घर के आसपास यदि आपने गमले रखे हैं और उनमें लगे पौधे सूख गए हैं या फूल मुरझा गए हैं, तो उन्हें तुरंत हटा दें। सूखे पौधे घर में उदासी और नकारात्मकता का संकेत देते हैं। नवरात्रि के आगमन पर घर में ताजे और हरे-भरे पौधे या ताजे फूलों की सजावट करना शुभ माना जाता है।  बंद घड़ियां वास्तु के अनुसार, बंद घड़ियां प्रगति में रुकावट का प्रतीक मानी जाती हैं। यदि घर में कोई घड़ी बंद पड़ी है, तो या तो उसे ठीक करवाएं या उसे घर से हटा दें। समय का सही चलना घर में निरंतरता और सफलता को दर्शाता है। खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरण घर में खराब पड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, जैसे- बंद पड़े मोबाइल फोन, खराब चार्जर, या अन्य बिजली के उपकरण, जो अब काम नहीं करते, उन्हें घर से हटा देना बेहतर है। ये चीजें राहु के दोष को बढ़ाती हैं, जिससे घर में मानसिक उलझनें पैदा होती हैं। पूजा घर की शुद्धि नवरात्रि के लिए पूजा घर सबसे महत्वपूर्ण स्थान है। यहां किसी भी प्रकार की खंडित मूर्ति या फटी हुई धार्मिक पुस्तकें नहीं होनी चाहिए। यदि आपके मंदिर में ऐसी कोई वस्तु है, तो उसे सम्मानपूर्वक किसी जल में प्रवाहित करें या विसर्जित करें। इसके अलावा, पिछले उत्सवों की बची हुई सूखी सामग्री या राख को हटाकर पूरे मंदिर को गंगाजल से शुद्ध करें। नवरात्रि के लिए कुछ विशेष वास्तु सुझाव गंगाजल का छिड़काव: पूरे घर में, खासकर कोनों और पूजा स्थल पर गंगाजल का छिड़काव करें। इससे घर की ऊर्जा शुद्ध होती है। मुख्य द्वार पर स्वस्तिक: नवरात्रि के पहले दिन घर के मुख्य द्वार पर सिंदूर या कुमकुम से स्वस्तिक का चिन्ह बनाएं। यह सुख-समृद्धि का द्वार खोलता है। आम के पत्तों का तोरण: मुख्य द्वार पर आम के पत्तों का तोरण लगाना बहुत शुभ माना जाता है, यह देवी लक्ष्मी और दुर्गा का स्वागत करने का संकेत है। साफ-सफाई का महत्व: घर का कोना-कोना साफ रखें। जिस घर में धूल-मिट्टी नहीं होती, वहां देवी का वास स्थाई रूप से होता है।

Air Taxi की टेस्टिंग शुरू, अब मिनटों में पहुंचे ऑफिस और एयरपोर्ट

नई दिल्ली  आसमान में उड़ती टैक्सी. सुनने में अब भी थोड़ा साइंस-फिक्शन जैसा लगता है. लेकिन तकनीक की दुनिया इस सपने को धीरे-धीरे सच में बदल रही है. अमेरिकी कंपनी Joby Aviation ने अपनी पहली प्रोडक्शन इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी (Air Taxi) की उड़ान शुरू कर दी है. यानी एक ऐसी मशीन, जिसमें आने वाले समय में लोग बैठकर शहर के ऊपर से उड़ते हुए ऑफिस या एयरपोर्ट जा सकेंगे. कंपनी का दावा है कि अगर सब ठीक रहा तो जल्द ही यह एयर टैक्सी आम लोगों के लिए भी उपलब्ध हो सकेगी। जॉबी एविएशन ने घोषणा की है कि, कंपनी ने अपनी पहली प्रोडक्शन एयर टैक्सी की टेस्टिंग शुरू कर दी है. कंपनी का कहना है कि यह कदम पैसेंजर सर्विस शुरू करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. अगर सब कुछ योजना के मुताबिक चला तो आने वाले समय में लोग शहरों के ऊपर से इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी में सफर करते नजर आ सकते हैं। कंपनी ने बताया कि शुरुआती उड़ानें उसके मरीना, कैलिफोर्निया स्थित प्लांट में की जा रही हैं. यहां कंपनी के पायलट एयरक्राफ्ट की टेस्टिंग कर रहे हैं. दरअसल, कंपनी ये टेस्टिंग इसलिए कर रही है ताकि एयरक्रॉफ्ट बिना किसी तकनीकी खामी के फेडरेशन के सामने पेश किया जा सके. अमेरिकी विमानन नियामक संस्था फेडरेशन एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) इसकी आधिकारिक जांच और सर्टिफिकेशन प्रक्रिया शुरू करेगी. कंपनी को उम्मीद है कि इसी साल इसके लिए जरूरी टेस्ट पूरे कर लिए जाएंगे। कैसी है ये Air Taxi Joby Aviation कई साल से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही है. कंपनी पहले ही नियामकों (रेगुलेटर्स) के साथ मिलकर एयरक्राफ्ट के डिजाइन, उसके पार्ट्स और प्रोडक्शन प्लान को मंजूरी दिलाने की प्रक्रिया में काफी आगे बढ़ चुकी है. कंपनी के डेवलपमेंट मॉडल पहले की टेस्टिंग में 50,000 मील से ज्यादा उड़ान भी भर चुके हैं. यानी टेक्निकली अब तक इस फ्लाइंग प्रोसेस में कंपनी कोई ख़ास समस्या नहीं आई है। Joby की एयर टैक्सी का डिजाइन काफी खास है. यह हेलिकॉप्टर और हवाई जहाज दोनों का मिला-जुला रूप है. इसमें 6 रोटर लगे हैं जो इसे अपनी जगह से ही सीधा टेक-ऑफ और लैंडिंग करने में मदद करते हैं. इसके बाद यह सामान्य एयरक्रॉफ्ट की तरह आगे की ओर उड़ान भरती है. यह इलेक्ट्रिक एयरक्राफ्ट एक पायलट और 4 पैसेंजर को लेकर उड़ान भर सकता है. कंपनी का दावा है कि यह हेलिकॉप्टर की तुलना में ज्यादा साइलेंट है। ये एक इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग (eVTOL) एयरक्राफ्ट जैसा होगा. इसकी अधिकतम रफ्तार करीब 200 मील प्रति घंटा (321 किमी/घंटा) होगी और एक बार चार्ज करने पर यह लगभग 100 मील (160 किमी) तक उड़ान भर सकेगी. शहर के भीतर यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए इसमें कई अलग-अलग लेवल की सेफ्टी सिस्टम भी लगाए गए हैं। जल्द शुरू होगी पैसेंजर सर्विस कंपनी की योजना इस साल के अंत तक Dubai में अपनी पहली पैसेंजर सर्विस शुरू करने की है. इसके लिए शहर में 4 लैंडिंग साइट बनाने की योजना है, जिनमें से दो पर काम शुरू हो चुका है. इसके अलावा कंपनी अमेरिका में भी लिमिटेड लेवल पर ऑपरेशन शुरू करने की तैयारी कर रही है. यह एक फेडरल प्रोग्राम का हिस्सा होगा, जिसका मकसद इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी को नेशनल एयरस्पेस में शामिल करना है। UBER का ऐलान हाल ही में मशहूर राइड-हेलिंग ऐप Uber ने ऐलान किया था कि, कंपनी जॉबी एविएशन के साथ मिलकर एयर टैक्सी सर्विस शुरू करने जा रही है. एयर टैक्सी की बुकिंग प्रक्रिया बिल्कुल सामान्य राइड की तरह होगी. आप ऐप खोलेंगे, अपना डेस्टिनेशन डालेंगे और अगर उस रास्ते पर हवाई सफर संभव होगा तो एयर टैक्सी का विकल्प अपने आप दिख जाएगा. इस एक ही बुकिंग में आपको पहले टेक-ऑफ प्वाइंट तक वाया रोड ले जाया जाएगा, फिर हवा में उड़ान होगी और उतरने के बाद आखिरी मंजिल तक फिर सड़क मार्ग से ही सफर कराया जाएगा. यानी पूरा सफर एक ही टिकट और एक ही ऐप में। आने वाले वर्षों में कंपनी अपने प्रोडक्शन को भी तेजी से बढ़ाने की योजना बना रही है. इसके लिए कैलिफोर्निया के प्लांट के साथ-साथ डेटन, ओहियो स्थित फैक्ट्री में भी प्रोडक्शन बढ़ाया जाएगा. कंपनी का टार्गेट है कि साल 2027 तक हर महीने करीब 4 एयरक्राफ्ट का निर्माण किया जाए. इससे भविष्य में बड़े पैमाने पर एयर टैक्सी सेवा शुरू करने का रास्ता साफ हो सकता है।