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मेडिकल कॉलेज रायपुर में शुरू होगी आईवीएफ सुविधा, जरूरतमंद दंपत्तियों को मिलेगा निःशुल्क लाभ

रायपुर मेडिकल कॉलेज रायपुर में शुरू होगी आईवीएफ सुविधा, जरूरतमंद दंपत्तियों को मिलेगा निःशुल्क लाभ प्रदेश में लिंगानुपात में सुधार और प्रजनन संबंधी सेवाओं के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में राज्य पर्यवेक्षक मंडल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पीसीपीएनडीटी एक्ट 1994 एवं एआरटी-सरोगेसी एक्ट 2021 के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। मेडिकल कॉलेज रायपुर में शुरू होगी आईवीएफ सुविधा, जरूरतमंद दंपत्तियों को मिलेगा निःशुल्क लाभ बैठक में विधायक सु लता उसेंडी (कोंडागांव), मती रायमुनी भगत और मती गोमती साय सहित स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया, आयुक्त शिक्षा रितेश अग्रवाल और अन्य सदस्य उपस्थित रहे। बैठक के दौरान संचालक महामारी नियंत्रण डॉ. सुरेन्द्र पामभोई ने दोनों अधिनियमों के प्रावधानों की जानकारी देते हुए प्रदेश में इनके क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में पीसीपीएनडीटी और एआरटी एक्ट का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि लिंग चयन जैसी अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। बैठक में लिंगानुपात की स्थिति सुधारने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए। मंत्री  जायसवाल ने निर्देश दिए कि प्रदेश में सर्वाधिक और न्यूनतम सेक्स रेशियो वाले तीन-तीन जिलों का विस्तृत अध्ययन कराया जाए, ताकि असमानता के कारणों का पता लगाकर सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें। स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेश में सोनोग्राफी सेवाओं की कमी को देखते हुए एमबीबीएस चिकित्सकों के लिए छह माह के प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिक से अधिक प्रतिभागियों को शामिल करने के निर्देश भी दिए, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में भी यह सुविधा उपलब्ध हो सके। बैठक में यह भी तय किया गया कि प्रदेश में संचालित आईवीएफ और सरोगेसी केंद्रों की नियमित निगरानी और निरीक्षण के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि संबंधित हितग्राहियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश में गरीब और आमजन को बेहतर प्रजनन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसी क्रम में पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, रायपुर में शीघ्र ही आईवीएफ सुविधा प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है, जिससे जरूरतमंद दंपत्तियों को निःशुल्क लाभ मिल सकेगा।

पानी की किल्लत पर पालिका सतर्क: नई टंकी चालू, टुल्लू पंप इस्तेमाल करने वालों को चेतावनी

बालोद मार्च का महीना आधा बीतते ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। इसी भीषण गर्मी में पानी संकट से निपटने के लिए बालोद नगर पालिका ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। मुख्य नगर पालिका अधिकारी मोबिन अली ने इस गर्मी में पानी की कोई समस्या न होने का आश्वासन दिया है। नगर पालिका ने खराब पानी के टैंकरों की मरम्मत करवा ली है। शहर में एक नया पानी टंकी भी आम जनता के लिए खोला जा रहा है। इससे वार्ड क्रमांक 14 और 15 सहित प्रमुख क्षेत्रों को शुद्ध पानी मिल सकेगा। कुंदरू पारा के नए पानी टंकी का परीक्षण शुरू हो चुका है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने बताया कि पेयजल व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली गई हैं। उन्होंने टुल्लू पंप चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने मीडिया के सामने जल्द ही बड़ी कार्रवाई की बात कही। टुल्लू पंप से पेयजल व्यवस्थाएं बाधित होती हैं। एक जगह पानी की चोरी से दस घर प्रभावित होते हैं। टुल्लू पंप पर कड़ी कार्रवाई मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने स्पष्ट किया कि टुल्लू पंप लगाने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए एक टीम भी बनाई गई है जो जल्द ही मैदान में उतरेगी। उन्होंने जनता से टुल्लू पंप का उपयोग बंद करने की अपील की है। कार्रवाई के तहत नल कनेक्शन काटने के साथ-साथ जुर्माना लगाने का भी प्रावधान है। अन्य जल स्रोतों पर निर्भरता बालोद नगर पालिका जलावर्धन योजना के तहत जलाशय से पानी प्राप्त करती है। गर्मी में जलाशय का जल स्तर कम हो जाता है क्योंकि इसका उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई और उद्योगों के लिए भी होता है। इसलिए नगर पालिका ने जलाशय पर निर्भरता कम की है। भूमिगत जल स्रोतों की मरम्मत कर उन्हें सक्रिय कर दिया गया है।

घरेलू गैस की किल्लत से हाहाकार: झारखंड में बुकिंग ठप, एजेंसियों पर भीड़ बेकाबू

गढ़वा झारखंड के गढ़वा शहर में अब घरेलू गैस की ऑनलाइन बुकिंग बंद हो गई है। इसके बाद लोग गैस बुक करने के लिए सीधे एजेंसी के नंबर पर फोन कर रहे हैं। इससे शहर के ब्लॉक के पास इंडियन गैस कार्यालय और गोदामों में भारी भीड़ लग गई है। इस भीड़भाड़ और मारपीट की घटनाओं को देखते हुए वितरक ने जिला प्रशासन से पुलिस सुरक्षा की मांग की। अब पुलिस सुरक्षा के बीच ही गैस का कागजी काम और वितरण किया जा रहा है। उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि उन्हें समय पर गैस नहीं मिल रही और कुछ लोग गैस का कालाबाजारी भी कर रहे हैं। वहीं गैस एजेंसी के वितरक अरविंद तूफानी ने कहा कि नियम के अनुसार आने वाले उपभोक्ताओं को कोई परेशानी नहीं है। नियम का उल्लंघन करने वाले ही दिक्कत में हैं। उन्होंने बताया कि गैस की कमी नहीं है, बस थोड़ी परेशानी होने के कारण पुलिस सुरक्षा मांगी गई है, इसके बाद सब सामान्य हो जाएगा। "जिले में गैस और पेट्रोल की कोई कमी नहीं है" पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अधिकारी और अनुमंडल पदाधिकारी गैस की व्यवस्था के लिए ठोस कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि अभी अधिकारी केवल फोटो खिंचवाने और भाषण देने में व्यस्त हैं। गढ़वा के डीसी दिनेश यादव ने कहा कि जिले में गैस और पेट्रोल की कोई कमी नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि जमाखोरी करने वालों या ऊंचे दाम पर बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।  

योगी सरकार का बड़ा कदम: सरयू नहर परियोजना विस्तार से पूर्वांचल को मिलेगा सिंचाई का लाभ

सरयू नहर परियोजना से पूर्वी यूपी में 14.04 लाख हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र विकसित करने का लक्ष्य सतत विकास को सुनिश्चित करेगा सरयू नहर परियोजना का विस्तार, बढ़ेगी किसानों की उत्पादकता और आय लखनऊ, यूपी का सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन ‘हर खेत को जल’ के मुताबिक पूरे प्रदेश में सिंचाई व्यवस्था का विस्तार कर रहा है। इस क्रम में सिंचाई विभाग सरयू नहर परियोजना का विस्तार कर रहा है, जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देश में प्रदेश का सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग इस राष्ट्रीय परियोजना के तहत कुल 14.04 लाख हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र विकसित करने का लक्ष्य तय किया है। इस दिशा में वर्ष 2026-27 में नए कुलाबों का निर्माण और गैप्स को पूरा करने के साथ प्रेशर सिंचाई प्रणाली विकसित कर सरयू नहर परियोजना की सिंचाई क्षमता में लगातार वृद्धि की जा रही है। इससे न केवल पूर्वी यूपी में सिंचाई कमांड एरिया में वृद्धि हो रही है, बल्कि क्षेत्र के किसानों के उत्पादन और आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। वर्ष 2026-27 में होगा 1655 कुलाबों का निर्माण, 14 नहर गैप में चल रहा है निर्माण कार्य सरयू नहर परियोजना के तहत पूर्वी यूपी के नौ जिलों में 9000 कुलाबों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से लगभग 7345 कुलाबों का निर्माण पूरा हो चुका है। शेष 1655 कुलाबों का निर्माण सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग वित्तीय वर्ष 2026-27 में पूरा कर रहा है। इससे क्षेत्र में लगभग 66,200 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षेत्र का विकास होगा, जिसका लाभ क्षेत्र के किसानों को रबी और खरीफ दोनों फसलों में मिलेगा। इसी क्रम में नहरों में 14 गैप्स के कारण बड़े क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होती है। इनमें से 14 नहर गैप्स में निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है। इस कार्य के पूरा होने से लगभग 27,863 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा। प्रेशर सिंचाई परियोजना का हो रहा है चरणबद्ध विकास, बढ़ेगा 1.31 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र सरयू नहर परियोजना के तहत कम जल उपलब्धता वाले क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था का विस्तार करने के उद्देश्य से यूपी सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के सहयोग से प्रेशर सिंचाई परियोजना का चरणबद्ध विकास कर रहा है। सरयू नहर परियोजना के कमांड एरिया में प्रेशर सिंचाई परियोजना पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर अप्रैल 2025 से चल रही है। इस क्रम में प्रेशर सिंचाई के जरिए लगभग 1.31 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षेत्र का विस्तार करने का लक्ष्य तय किया गया है। कुल मिलाकर प्रदेश का सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग 0.95 लाख हेक्टेयर क्षेत्र कुलाबा निर्माण और गैप भरने से पूरा करने का प्रयास कर रहा है, जबकि शेष लक्ष्य को प्रेशर सिंचाई परियोजना के माध्यम से प्राप्त किया जा रहा है। योगी सरकार के प्रयासों से सरयू नहर परियोजना के सिंचित क्षेत्र में उत्तरोत्तर वृद्धि हो रही है, जिसका प्रत्यक्ष लाभ पूर्वांचल के किसानों को मिल रहा है।

‘कप्तान’ में पुलिस अधिकारी की भूमिका में नजर आयेंगे साकिब सलीम

मुंबई,  अभिनेता साकिब सलीम अपने अगले ओटीटी सीरीज़ ‘कप्तान’ में पुलिस अधिकारी की भूमिका में नजर आयेंगे। अमेजन एमएक्स प्लेयर ने अपनी ओरिजिनल सीरीज़ ‘कप्तान’ का पहला पोस्टर जारी कर दिया है, जिसमें मुख्य भूमिका में साकिब सलीम नजर आ रहे हैं। सीरीज़ में साकिब समरदीप सिंह नाम के एक समर्पित पुलिस अधिकारी का किरदार निभा रहे हैं, जो बदले की आग और एक ईमानदार अफसर होने की जिम्मेदारी के बीच खुद को फंसा हुआ पाता है। इस पोस्टर में साकिब पुलिस की वर्दी में नजर आ रहे हैं, जो इशारा करता है कि यह कहानी एक्शन से भरपूर होने वाली है। दर्शकों ने अब तक साकिब को पुलिस अधिकारी के रूप में नहीं देखा है, लेकिन यह पोस्टर साफ दिखाता है कि वह इस किरदार के जरिए अपने अभिनय के नए आयाम पेश करने के लिए तैयार हैं। ‘कप्तान’ में साकिब सलीम के साथ कविता कौशिक, सिद्धार्थ निगम, वरुण बडोला, अनुष्का कौशिक, पूजा गोर और विक्रम कोचर भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।  

राजस्थान में मौसम पलटा: बादल छाए, 14 मार्च को तेज आंधी और बारिश की चेतावनी

जयपुर राजस्थान में भीषण गर्मी के बीच गुरुवार को मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिला। जयपुर, अजमेर और भरतपुर संभाग के अधिकांश इलाकों तथा बीकानेर और जोधपुर संभाग के कुछ जिलों में आसमान में बादल छाए रहे। मौसम में आए इस बदलाव से दिन के तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई और लोगों को हीटवेव से राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार अगले 10 से 12 दिनों के दौरान राज्य में दो वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने की संभावना है। इनके प्रभाव से कई इलाकों में बादल छाने, हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने के आसार हैं। इन मौसम प्रणालियों के असर से अगले दो सप्ताह तक प्रदेश में गर्मी सामान्य स्तर पर रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने 14 मार्च को राज्य के 8 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। गुरुवार को राज्य में सबसे अधिक तापमान कोटा में दर्ज किया गया, जहां अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं बाड़मेर में पिछले कुछ दिनों से 40 से 41 डिग्री के बीच बना हुआ तापमान गिरकर 39.4 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। राजधानी जयपुर में भी सुबह से मौसम में हल्का बदलाव नजर आया। आसमान में हल्के बादल छाए रहने से दोपहर की धूप कमजोर रही। दोपहर से शाम तक हल्की धूलभरी हवाएं भी चलीं, जिससे तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार दूसरा वेदर सिस्टम 19 मार्च से सक्रिय होगा, जिसका असर 19 से 21 मार्च के बीच देखने को मिल सकता है। इस दौरान प्रदेश के कुछ इलाकों में बादल छाए रहने के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। इन दोनों सिस्टम के प्रभाव से राजस्थान में 23-24 मार्च तक तापमान सामान्य बने रहने की संभावना जताई गई है।

कौशल विकास मिशन के तहत 18 से 25 मार्च के बीच लखनऊ, झांसी और वाराणसी में आयोजित होंगे रोजगार मेले

युवाओं को निजी कंपनियों में नौकरी के अवसर उपलब्ध कराने की पहल कौशल विकास मिशन के माध्यम से रोजगार से जोड़ा जा रहा युवाओं को प्रदेश सरकार की प्राथमिकता—कौशल, प्रशिक्षण और रोजगार लखनऊ,  योगी सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और उन्हें कौशल के आधार पर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन प्रदेश के विभिन्न जनपदों में बृहद रोजगार मेलों का आयोजन कर रहा है। इससे बड़ी संख्या में युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। राज्य सरकार के निर्देशानुसार मार्च माह में तीन प्रमुख शहरों में रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे। इन रोजगार मेलों में विभिन्न कंपनियां भाग लेकर प्रशिक्षित और योग्य युवाओं का चयन करेंगी। सरकार का उद्देश्य है कि कौशल प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा जाए। तीन प्रमुख शहरों में होगा आयोजन कौशल विकास मिशन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 18 मार्च को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में बृहद रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। इस मेले में लखनऊ, कानपुर, अयोध्या और बरेली मंडल के अभ्यर्थियों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इसके बाद 24 मार्च को झांसी के बुंदेलखंड महाविद्यालय में रोजगार मेला आयोजित होगा, जिसमें झांसी, चित्रकूट और आगरा मंडल के युवाओं को भाग लेने का अवसर मिलेगा। इसी क्रम में 25 मार्च को वाराणसी स्थित राजकीय आईटीआई करौंदी परिसर में रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। इस मेले में वाराणसी, मिर्जापुर और प्रयागराज मंडल के युवाओं को विभिन्न कंपनियों में रोजगार के अवसर मिलेंगे। कौशल और रोजगार को जोड़ने पर जोर प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार की नीति के तहत कौशल विकास मिशन युवाओं को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। रोजगार मेलों के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं और कंपनियों को एक मंच पर लाकर रोजगार की प्रक्रिया को आसान बनाया जा रहा है। जिला प्रशासन और मिशन की संयुक्त जिम्मेदारी रोजगार मेलों के सफल आयोजन के लिए कौशल विकास मिशन द्वारा संबंधित मंडलों में नोडल अधिकारियों की भी नियुक्ति की गई है। साथ ही जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाइयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यक्रम को सफल बनाएं। युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार मिशन डायरेक्टर पुलकित खरे ने बताया कि योगी सरकार की विभिन्न योजनाओं, कौशल प्रशिक्षण, स्टार्टअप और निवेश आधारित औद्योगिक विकास के चलते प्रदेश में रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। रोजगार मेलों के माध्यम से युवाओं को सीधे कंपनियों से जुड़ने और अपनी योग्यता के अनुसार नौकरी पाने का अवसर मिल रहा है। 100 से अधिक कंपनियां देंगी रोजगार योजना के तहत प्रत्येक आयोजन स्थल पर 100 से अधिक कंपनियों और नियोक्ताओं को आमंत्रित किया जाएगा, जिनके माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इन रोजगार मेलों में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, मुख्यमंत्री युवा कौशल योजना, आईटीआई और पॉलिटेक्निक से प्रशिक्षित युवाओं के साथ-साथ अन्य अभ्यर्थियों को भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही महिला अभ्यर्थियों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने, जीरो पॉवर्टी अभियान के अंतर्गत चयनित परिवारों के युवाओं को प्राथमिकता देने तथा इच्छुक और योग्य दिव्यांगजनों के लिए विशेष अवसर उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जा रही है। कौशल विकास मिशन के अनुसार प्रत्येक आयोजन स्थल पर चयनित कंपनियों के माध्यम से न्यूनतम 1.50 लाख रुपये वार्षिक वेतन वाली रिक्तियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का भी प्रयास किया जा रहा है। ताकि अधिक से अधिक युवाओं को बेहतर रोजगार मिल सके और प्रदेश में कौशल, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिल सके।

फिल्म के गाने से शुरू हुई प्रेम कहानी, ऐसे गीता बसरा बनीं हरभजन सिंह के दिल की रानी

मुंबई, गीता बसरा आज अपना 42वां जन्मदिन मना रही हैं। गीता ने दिल दिया है से बॉलीवुड में कदम रखा था। कभी क्रिमिनल साइकोलॉजिस्ट बनने का सपना देखने वाली गीता बाद में अभिनेत्री बनीं। बॉलीवुड अभिनेत्री गीता बसरा आज अपना 42वां जन्मदिन मना रही हैं। खूबसूरती और शानदार स्क्रीन प्रेजेंस के लिए जानी जाने वाली गीता भले ही लंबे समय से फिल्मों से दूर हों, लेकिन आज भी उनके चाहने वालों की कमी नहीं है। कम समय के करियर में उन्होंने हिंदी और पंजाबी फिल्मों में अपनी खास पहचान बनाई। दिलचस्प बात यह है कि अगर वह अभिनेत्री नहीं बनतीं तो शायद आज एक क्रिमिनल साइकोलॉजिस्ट होतीं। गीता बसरा का जन्म 13 मार्च 1984 को यूनाइटेड किंगडम के पोर्ट्समाउथ में हुआ था। उनका पालन-पोषण भी वहीं हुआ। गीता को बचपन से ही अभिनय का शौक था। कहा जाता है कि उन्होंने महज दो साल की उम्र में पहली बार स्टेज पर परफॉर्म किया था। स्कूल के दिनों में भी वह कई नाटकों का हिस्सा रहीं और करीब चार से पांच साल तक थिएटर आर्टिस्ट के तौर पर काम करती रहीं। दिल दिया है से मिला पहला बड़ा मौका अपने सपनों को पूरा करने के लिए गीता ने बाद में मुंबई का रुख किया और यहां आकर मशहूर किशोर नमित कपूर एक्टिंग इंस्टीट्यूट से अभिनय की ट्रेनिंग ली। इसी संस्थान से ऋतिक रोशन, प्रियंका चोपड़ा और विक्की कौशल जैसे कई बड़े सितारे भी ट्रेनिंग ले चुके हैं। मॉडलिंग से अपने करियर की शुरुआत करने वाली गीता बसरा को साल 2006 में फिल्म दिल दिया है से बॉलीवुड में पहला बड़ा मौका मिला। इस फिल्म में उनके साथ इमरान हाशमी नजर आए थे। गीता बसरा का फिल्मी करियर गीता बसरा ने हिंदी और पंजाबी फिल्मों में काम किया और अपने बोल्ड अंदाज और ग्लैमरस लुक से खूब सुर्खियां बटोरीं। गीता का फिल्मी करियर लगभग एक दशक तक चला। साल 2006 से 2016 के बीच उन्होंने करीब छह फिल्मों में मुख्य भूमिका निभाई। हालांकि फिल्मों में आने से पहले वह साइकोलॉजी की पढ़ाई कर रही थीं और उनका सपना क्रिमिनल साइकोलॉजिस्ट बनने का था। दिलचस्प है हरभजन सिंह से लव स्टोरी गीता बसरा की निजी जिंदगी भी काफी चर्चा में रही है। उनकी लव स्टोरी भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह के साथ किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। हरभजन ने पहली बार गीता को फिल्म द ट्रेन के गाने ‘वो अजनबी’ में देखा था और पहली नजर में ही उन्हें पसंद कर लिया था। बताया जाता है कि युवराज सिंह की मदद से हरभजन को गीता का नंबर मिला, लेकिन शुरुआत में गीता ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया। बाद में जब भारतीय टीम ने आईसीसी टी20 विश्व कप 2007 जीता, तब गीता ने हरभजन को बधाई संदेश भेजा। यहीं से दोनों की बातचीत शुरू हुई। हरभजन सिंह और गीता बसरा की शादी करीब एक साल बाद हरभजन सिंह और गीता बसरा की पहली मुलाकात हुई और धीरे-धीरे दोनों के बीच प्यार परवान चढ़ गया। कई सालों तक डेटिंग करने के बाद गीता बसरा और हरभजन सिंह ने साल 2015 में शादी कर ली। आज यह कपल दो बच्चों के साथ खुशहाल जिंदगी बिता रहा है और अक्सर सोशल मीडिया पर अपने परिवार की झलकियां साझा करता रहता है।  

वसंत उत्सव से झलकती है सामाजिक समरसता और संस्कृति की विरासत: नायब सिंह सैनी

चंडीगढ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार सेक्टर-5 स्थित टाउन पार्क में तीन दिवसीय 38वें वसंत उत्सव का शुभारंभ किया। 37 वर्षों में पहली बार इस उत्सव का आयोजन सूरजकुंड मेले की तर्ज पर किया जा रहा है। इसके साथ ही, रखरखाव के लिए साल भर से बंद एशिया का सबसे बड़ा कैक्टस गार्डन भी जनता के लिए खोला गया है। इससे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का कार्यक्रम में पंहुचने पर परंपरागत पगड़ी बांध कर व ढोल नगाड़ो और वाद्ययंत्रों से स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने वसंत उत्सव में फूलों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और कट फ्लावर, ड्राई फ्लावर और फ्रेस फ्लावर सैक्शन में फूलों की विभिन्न किस्मों में गहरी रूचि दिखाई। उन्होंने स्वयं सहायता समूह द्वारा निर्मित विभिन्न उत्पादों के स्टॉलों का भी अवलोकन किया। इस आयोजन ने पंचकूला की सुंदरता को और भी बढ़ा दिया है कार्यक्रम को मुख्यतिथि के रूप में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वसंत उत्सव हमारी संस्कृति, प्रकृति प्रेम व सामाजिक समरसता का जीवंत उत्सव है। यह उत्सव पूरे प्रदेश के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पंचकूला हरियाणा का एक आधुनिक और व्यवस्थित शहर है। यह नगर प्राकृतिक सुंदरता, स्वच्छ वातावरण और सुव्यवस्थित विकास का अद्भुत उदाहरण है। यहां आधुनिकता और परंपरा का सुंदर संगम दिखाई देता है और आज के इस आयोजन ने इस शहर की सुंदरता को और भी बढ़ा दिया है। वसंत उत्सव में विभिन्न प्रतियोगिताओं से बच्चों और युवाओं में रचनात्मकता विकसित होगी उन्होंने कहा कि इस उत्सव को आकर्षक बनाने के लिए पुष्प सज्जा, कट फ्लावर, रंगोली प्रतियोगिता, चित्रकला, पॉट पेंटिंग, फेस पेंटिंग और टैटू प्रतियोगिता, पर्यावरण क्विज, मेहंदी प्रतियोगिता एवं फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने इन सभी प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को भी बधाई दी और कहा कि इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से न केवल प्रतिभाओं को मंच मिलेगा बल्कि बच्चों और युवाओं में रचनात्मकता भी विकसित होगी। वसंत उत्सव हमें जीवन को नए दृष्टिकोण से देखने की प्रेरणा देता है मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विश्व का ऐसा देश है, जहां प्रकृति ने हमें अनेक ऋतुओं का वरदान दिया है। हर ऋतु अपने साथ एक नई अनुभूति और नई ऊर्जा लेकर आती है। हमारे देश की संस्कृति भी ऋतुओं के साथ गहराई से जुड़ी हुई है। इसलिए हर ऋतु के आगमन पर कोई न कोई पर्व या उत्सव मनाया जाता है। वसंत उत्सव हमें जीवन को नए दृष्टिकोण से देखने की प्रेरणा देता है। यह उत्सव हमें सिखाता है कि परिवर्तन प्रकृति का नियम है और सकारात्मक परिवर्तन ही प्रगति की ओर ले जाता है। प्राणवायु देवता पेंशन योजना के तहत 75 साल से ऊपर के पेड़ों के रखरखाव के लिए 3 हजार रुपये सालाना पेंशन का प्रावधान पर्यावरण से जुड़े विषयों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरण प्रदूषण जैसी गंभीर समस्याओं का सामना कर रही है। इन समस्याओं का समाधान केवल प्रकृति के संरक्षण से ही संभव है। हरियाणा सरकार भी पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में हरित क्षेत्र बढ़ाने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने और जैव विविधता को सुरक्षित रखने के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं। पेड़ों के संरक्षण के लिए प्राणवायु देवता पेंशन योजना के तहत 75 साल से ऊपर के पेड़ों के रखरखाव के लिए 3 हजार रुपये सालाना पेंशन देने का प्रावधान किया हुआ है। अब तक 3,819 पेड़ों की पहचान करके उनके अभिरक्षकों को 2 करोड़ 5 लाख रुपये की राशि पेंशन के रूप में दी गई है। इनके अलावा 1,541 अतिरिक्त पेड़ों की पहचान की गई है। प्रदेश में 20 ऑक्सीवन स्थापित किए गये हैं उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश में ’ऑक्सीवन’ विकसित करने की पहल भी शुरू की है। अब तक प्रदेश में 20 ऑक्सीवन स्थापित किए गये हैं। इसके तहत 5 से 100 एकड़ भूमि पर पेड़ लगाए जाते हैं। पंचकूला के बीड़ घग्गर तथा करनाल में पुरानी बादशाही नहर पर ऑक्सीवन का कार्य प्रगति पर है। इसमें अनेक दुर्लभ और औषधीय गुणों वाले पेड़ लगाए जा रहे हैं, जिससे लोगों को स्वच्छ हवा और स्वस्थ वातावरण मिल सकेगा। हरियाणा सरकार पर्यावरण संरक्षण को पर्यटन और विकास से जोड़ रही है मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार पर्यावरण संरक्षण को पर्यटन और विकास से भी जोड़ रही है। इसी दिशा में गुरुग्राम के अरावली क्षेत्र में दुनिया की सबसे बड़ी जंगल सफारी विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है। यह परियोजना न केवल वन्य जीवों के संरक्षण में मदद करेगी, बल्कि पर्यटन और स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगी। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में पर्यावरण सरंक्षण की दिशा में शामिल किए गए अनेक प्रावधान वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में पर्यावरण सरंक्षण की दिशा में शामिल किए गए अनेक प्रावधानों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में वृक्ष आवरण बढ़ाने और प्लाईवुड उद्योगों को और समर्थन देने के लिए हरियाणा राज्य एग्रो फोरेस्ट्री पॉलिसी लागू की जाएगी। एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पंचायत भूमि और सार्वजनिक भूमि पर बड़े पैमाने पर पौधा रोपण अभियान चलाया जाएगा और पवित्र उपवन संरक्षण के लिए सभी पवित्र उपवन को अधिसूचित किया जाएगा। इसके अलावा गांव हसनपुर, करनाल में वन विभाग की 100 एकड़ भूमि में लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से एक डियर पार्क बनाया जाएगा।  

युवराज से खास ट्रेनिंग ले रहे ऋषभ पंत, IPL 2026 में दिखेगा नया अवतार

नई दिल्ली आईपीएल 2026 से पहले ऋषभ पंत युवराज सिंह के अंडर प्रैक्टिस करते दिख रहे हैं। जिसका वीडियो उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘इंस्टाग्राम’ पर शेयर किया है। आईपीएल 2026 के आगाज से पहले ऋषभ पंत अपनी बल्लेबाजी पर जमकर काम कर रहे हैं। मुंबई में पंत एक छोटे कैंप में भारत के पूर्व बल्लेबाज युवराज सिंह के अंडर ट्रेनिंग करते नजर आए, जिसका वीडियो उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘इंस्टाग्राम’ पर शेयर किया है। ऋषभ पंत लखनऊ सुपर जायंट्स की कप्तानी करते दिखेंगे। जनवरी में न्यूजीलैंड के खिलाफ हुई वनडे और टी20 सीरीज से पहले बैटिंग के दौरान पंत की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया था। जिसके कारण उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा। पिछले कुछ समय से पंत लगातार चोट से जुझ रहे हैं। इसके साथ ही लिमिटेड ओवर फॉर्मेट में वह भारतीय टीम से भी लगातार अंदर-बाहर होते रहे हैं। पंत ने भारत के लिए अपना आखिरी वनडे मुकाबला 7 अगस्त 2024 को खेला था। वहीं, क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट में पंत ने अपना आखिरी मुकाबला 28 जुलाई 2024 को श्रीलंका के खिलाफ खेला था। अब ऋषभ पंत ने अपने बल्लेबाजी को धार देने के लिए और बड़े स्कोर बनाने के लिए युवराज सिंह के शरण में पहुंच गए हैं। युवराज सिंह की देखरेख में पंत बल्लेबाजी प्रैक्टिस करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में पंत अच्छी लय में दिख रहे हैं और उनके बल्ले से एक के बाद दमदार शॉट निकल रहे हैं। व्हाइट बॉल में सफल होने पर कर रहे हैं फोकर युवराज वीडियो में पंत की बल्लेबाजी को अंपायर की पोजीशन पर खड़े होकर देख रहे हैं और उन्हें सलाह देते हुए भी नजर आ रहे हैं। आईपीएल से पहले युवराज के अंडर पंत ने जो सेशन किया, उनमें मॉडर्न व्हाइट-बॉल क्रिकेट में सफल होने के लिए स्किल्स और टेम्परामेंट दोनों पर फोकस किया गया। पंत के ट्रेनिंग से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि ऋषभ अपने गेम और अपनी फिटनेस को बेहतर बनाने के लिए बहुत कड़ी प्रैक्टिस कर रहे हैं। अगर आप वीडियो देखेंगे, तो आपको पता लगेगा कि वह पतले भी हो गए हैं। वह अपने व्हाइट-बॉल गेम पर और काम करने के लिए बहुत उत्सुक थे। इसी कारण उन्होंने युवराज से बात की और कहा कि वह तीन-चार दिनों के लिए उनके अंडर ट्रेनिंग करना चाहते हैं। IPL 2025 में पंत का निराशाजनक प्रदर्शन टी20 वर्ल्ड कप 2024 और आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे पंत आईपीएल 2025 में रनों के लिए संघर्ष करते हुए नजर आए थे। पंत 14 मुकाबलों में 133 के मामूली स्ट्राइक रेट से सिर्फ 269 रन ही बना सके थे। पंत की कप्तानी में लखनऊ सुपर जायंट्स का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा था और टीम 14 में से सिर्फ 6 मैच ही जीत सकी थी। उल्लेखनीय है कि लखनऊ ने आईपीएल 2025 के लिए हुए ऑक्शन में पंत को 27 करोड़ की बोली लगाते हुए अपनी टीम में शामिल किया था।