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गुणवत्ताहीन सड़क पर सख्त एक्शन: विधायक रायमुनी भगत ने मौके पर अफसरों को लगाई डांट

जशपुर. छत्तीसगढ़ के जशपुर में बनी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) की सड़क की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़ा हो गया है। सड़क का निरीक्षण करने पहुंचीं विधायक रायमुनी भगत निर्माण कार्य की गुणवत्ता देखकर भड़क गईं और संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। विधायक रायमुनी ने सड़क की खराब हालत देखकर मौके से ही ईई संतोष नाग को वीडियो कॉल किया और सड़क की स्थिति दिखाई। उन्होंने कहा कि डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क कुछ ही महीनों में खराब होना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। विधायक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि खराब बनी सड़क को उखाड़कर दोबारा बनाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कल तक काम शुरू नहीं किया गया तो इस पूरे मामले को विधानसभा में उठाया जाएगा। बताया जा रहा है कि यह सड़क बगीचा नगर के वार्ड क्रमांक 4 से वार्ड क्रमांक 5 तक बनाई गई है। करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बनी यह सड़क कुछ माह पहले ही तैयार हुई थी, लेकिन अब इसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। विधायक के सख्त रुख के बाद संबंधित विभाग में हड़कंप मच गया है और अब सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर जांच की भी संभावना जताई जा रही है।

MP में अगले 4 दिन का मौसम अलर्ट: 12 जिलों में आंधी-बारिश, ग्वालियर-जबलपुर में भारी बारिश, भोपाल-इंदौर में गर्मी

भोपाल  मध्य प्रदेश में तेज गर्मी के बीच अब मौसम करवट लेने वाला है। प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक आंधी और बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने रविवार को उत्तर और दक्षिणी हिस्से के कई जिलों में बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग के मुताबिक, इस बदलाव के मुख्य कारण वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और टर्फ सिस्टम हैं। 17 मार्च को एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा, जिसका असर मध्य प्रदेश पर भी पड़ सकता है। इस प्रणाली के चलते अगले कुछ दिनों में आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, डिंडौरी और बालाघाट में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। विभाग का कहना है कि 18 मार्च तक प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। मार्च महीने में इस बार पहली बार मावठा गिरने की संभावना भी जताई जा रही है। जारी किए गए अलर्ट के अनुसार, 16 मार्च को बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, 17 मार्च को सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर और 18 मार्च को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा में बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है। गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना इन मौसम प्रणालियों के कारण प्रदेश में वातावरण में नमी और अस्थिरता बढ़ रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 17 मार्च की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। इसके असर से मध्यप्रदेश के कई जिलों में बादल छाने, गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना है। खासकर पूर्वी और उत्तरी प्रदेश के जिलों में मौसम अधिक प्रभावित होने की संभावना है। बादलों की आवाजाही के कारण दिन के तापमान में हल्की गिरावट दर्ज हो सकती है। हालांकि कुछ स्थानों पर तेज हवा और गरज-चमक की स्थिति देखने को मिल सकती है। तीन दिन का मौसम पूर्वानुमा 16 मार्च: बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर में बारिश के आसार। 17 मार्च: सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर में मौसम खराब रह सकता है। 18 मार्च: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर सहित 12 जिलों में बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है। पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मौसम मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ और वातावरण में बनी ट्रफ लाइन के कारण प्रदेश में बादल सक्रिय हो रहे हैं। 17 मार्च के आसपास एक और सिस्टम उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय होने की संभावना है, जिससे मौसम में अस्थिरता बनी रह सकती है। प्रदेश में गर्मी का असर बरकरार बारिश के अनुमान के बावजूद प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी का असर तेज बना हुआ है। शनिवार को नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। खरगोन में भी पारा 39 डिग्री के करीब पहुंच गया।  तेज गर्मी का असर अब भी प्रदेश के कई हिस्सों में बना हुआ है। शनिवार को भी प्रदेश के कई शहरों में तीव्र लू चली और तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। खासकर, नर्मदापुरम प्रदेश में सबसे गर्म बना हुआ है। यहां पिछले तीन दिनों से लू का प्रभाव बना हुआ था, जहां अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 6.9 डिग्री अधिक है। वहीं, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर-उज्जैन से भी गर्म जबलपुर रहा। यहां अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नर्मदापुरम के बाद खरगोन सबसे गर्म रहा। यहां पारा 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंडला, रतलाम, दमोह, खंडवा, खजुराहो, रायसेन, शाजापुर, गुना, नरसिंहपुर, सतना, सिवनी, बैतूल, छिंदवाड़ा, टीकमगढ़, उमरिया, सागर और धार में तापमान 37 डिग्री या इससे ज्यादा दर्ज किया गया। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में पारा 37.2 डिग्री, इंदौर में 36.6 डिग्री, ग्वालियर में 34.1 डिग्री, उज्जैन में 36.5 डिग्री और जबलपुर में 37.7 डिग्री रहा। अप्रैल-मई में और बढ़ेगी गर्मी मौसम विभाग का अनुमान है कि अप्रैल और मई में प्रदेश में गर्मी का असर और बढ़ेगा। कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, खासकर ग्वालियर-चंबल, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में। 

ईरान जंग के बीच मोजतबा खामेनेई रूस पहुंचे, पुतिन ने उन्हें विमान से उड़ा लिया

मॉस्को अब तक ईरान-अमेरिका युद्ध को लेकर रूस की भूमिका को लेकर सिर्फ बातें की जा रही थीं लेकिन अब एक ऐसी खबर आ रही है, जो सच निकली तो ये युद्ध की दिशा बदलने वाला मोड़ होगा. डोनाल्ड ट्रंप से लेकर नेतन्याहू तक उस दिन से मोजतबा खामनेई के पीछे हाथ धोकर पड़े हुए हैं, जब से उन्हें अपने पिता की जगह ईरान का सुप्रीम लीडर बनाया गया है. उनके घायल होने की भी खबरें आईं और ईरान की ओर से इससे इनकार भी किया गया. हालांकि अब कुवैती अखबार अल जरीदा ने दावा किया है कि मोजतबा खामेनेई अपने देश में ही नहीं हैं।  अल जरीदा रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा को स्वास्थ्य और सुरक्षा कारणों से एक बेहद गुप्त अभियान में रूस ले जाया गया. रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्हें रूसी सैन्य विमान से मॉस्को पहुंचाया गया, जहां उनका ऑपरेशन किया गया और फिलहाल उनका इलाज चल रहा है. बताया गया कि यह कदम उनकी खराब सेहत और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए उठाया गया. हालांकि, इन दावों की आधिकारिक तौर पर स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि हालिया हमलों में उन्हें चोटें आई थीं, लेकिन ईरानी अधिकारियों का कहना है कि वह सुरक्षित और ठीक हैं और उनका इलाज जारी है।  कैसे तेहरान छोड़े पहुंच गए मॉस्को? रिपोर्ट में दावा किया गया है कि गुरुवार को ही रूस के सैन्य विमान मोजतबा खामेनेई को लेकर मॉस्को आ गया. कहा ये भी जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रपति भवन में मौजूद अस्पताल में भर्ती कराया गया. बमबारी और हवाई हमलों के बीच उनका इलाज असंभव होने के कारण उन्हें ईरान से निकालने का निर्णय लिया गया. रिपोर्ट में दावा किया गया कि पुतिन ने उन्हें अपने यहां शरण देने की पेशकश की, जिसके बाद वे वहां पहुंचे और जाते ही उनकी सफल सर्जरी हुई. सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि ईरानी सिक्योरिटी एजेंसीज को खामनेई की लोकेशन लीक होने का खतरा सबसे ज्यादा था, इसीलिए उन्हें मॉस्को में शिफ्ट किए जाने की सिफारिश पर सहमति जताई गई. दावा किया गया है कि खुद पुतिन ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन के साथ बातचीत के दौरान ये प्रस्ताव रखा था।  डोनाल्ड ट्रंप ने कहा – ‘मैंने सुना मर गए मोजतबा’ इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की स्थिति को लेकर सवाल उठाए उन्होंने कहा कि उन्हें यह भी नहीं पता कि मोजतबा खामेनेई जिंदा हैं या नहीं. ट्रंप का यह बयान उस समय आया है जब ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के बीच उनके घायल होने की खबरें आईं. एनबीसी न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा – ‘मुझे नहीं पता कि वह जिंदा भी हैं या नहीं. अभी तक किसी ने उन्हें दिखाया नहीं है. मैं सुन रहा हूं कि शायद वह जिंदा नहीं हैं. अगर वह जिंदा हैं तो उन्हें अपने देश के लिए समझदारी दिखाते हुए आत्मसमर्पण कर देना चाहिए.’ इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि खामेनेई किसी भी रूप में जिंदा हो सकते हैं लेकिन उनकी चोटों को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं। 

जब रिश्ता और आत्मसम्मान में चुनना पड़े… प्रेमानंद जी महाराज ने बताया सही रास्ता

जीवन में कई बार ऐसा मोड़ आ जाता है, जब समझ ही नहीं आता कि क्या करना सही रहेगा। खासतौर से जब बात उन रिश्तों की हो, जो हमारे दिल के बेहद करीब होते हैं। कई बार हम रिश्ता बचाना भी चाहते हैं, फिर हमें कहीं ना कहीं ये भी लगने लगता है कि अपना आत्मसम्मान बचाना ज्यादा जरूरी है। रिश्ते और आत्मसम्मान के बीच की ये कश्मकश चलती रहती है और कुछ हाथ नहीं लगता। प्रेमानंद जी महाराज के सत्संग में उनसे किसी ने यही सवाल किया कि रिश्ता अगर बिखर रहा हो तो आत्मसम्मान ज्यादा जरूरी है या फिर उस रिश्ते को बचाना। महाराज ने इसका जो उत्तर दिया है, वो वाकई हर किसी को जरूर सुनना चाहिए। रिश्ता या आत्मसम्मान, क्या जरूरी है? प्रेमानंद जी महाराज इस प्रश्न का उत्तर देते हुए कहते हैं कि आप जिस आत्म सम्मान की बात कर रहे हैं, वो कुछ नहीं बल्कि देहाभिमान है। इस अभिमान को मिटाकर ही रिश्तों का पोषण किया जा सकता है। अगर आप रिश्ते के बीच में इसे ले कर आते हैं, तो कभी ना कभी खटास होना तय है। आत्मसम्मान देव स्वरूप है लेकिन जो हमें आत्मसम्मान लगता है, वो ज्यादातर देहाभिमान होता है, जिसे सही नहीं माना गया है।इस देहाभिमान को मिटाकर हमें रिश्ता बचाना चाहिए। मान रहित हो कर सबका मान करें महाराज जी शास्त्रों में कहे गए एक श्लोक को दोहराते हुए बताते हैं कि जब आप मान रहित हो कर सबका मान करेंगे, तो रिश्ते अपने आप उज्ज्वल हो जाएंगे। वहीं जब हम अपने सम्मान की बात रखेंगे, तो रिश्ते में कहीं ना कहीं खटास आ ही जाएगी। इससे बेवजह आपका मन अशांत रहेगा और बेचैनी भी होगी। इसलिए शास्त्रों की सिद्धांत के अनुसार आपको अमानी यानी मान रहित होना चाहिए। ये होता है असली आत्मसम्मान प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि असली आत्मसम्मान वो होता है, जब सामने वाला आपसे कटु वचन कहे और आप फिर भी उसे प्यार से ही जवाब दें। ऐसे में आप खुद को किसी और के लिए नहीं बदलते हैं। ऐसे लोगों को भले ही कोई ना देख रहा हो लेकिन भगवान देख रहे होते हैं और जिससे भगवान प्रेम करें उससे दुनिया प्रेम करती है।

अहमदाबाद विमान दुर्घटना: अमेरिकी एजेंसी का दावा, विमान पहले से ही खराब था

अहमदाबाद अमेरिका के एक हवाई सुरक्षा संगठन का दावा है कि अहमदाबाद विमान दुर्घटना से जुड़े कई जरूरी दस्तावेज जांच अधिकारियों को दिए ही नहीं गए थे। ऐसे में इसकी जांच पर बड़े सवाल खड़े होते हैं। बता दें कि जून 2025 में हुई इस दुर्घटना में कम से कम 260 लोगों की जान चली गई थी। जांचकर्ताओं को भेजे गए ईमेल में एविएशन सेफ्टी फाउंडेशन के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर ईडी पियरसन ने कहा कि उसके हाथ कई ऐसे गुप्त दस्तावेज हाथ लगे हैं जिनसे पता लगता है कि विमान दुर्घटना के पीछे इलेक्ट्रिक फेल्योर कारण था। पियरसन ने कहा कि बोइंग 787 ड्रीमलाइनर रजिस्ट्रेशन वीटी-ANB के बारे में दस्तावेजों से पता चला है कि इसके इलेक्ट्रिक सिस्टम में पहले से ही खराबी चल रही थी। उन्होंने दावा किया कि इस विमान में लंबे समय से ही शॉर्ट सर्किट, धुआं निकलने और वायरिंग में दिक्कतें आ रही थीं। पियरसन ने कहा कि दुर्घटना का शिकार हुआ विमान कई बार इलेक्ट्रिक फाल्ट की वजह से उतारा जा चुका था। कई बार इसका पी100 पावर पैनल भी बदला गया था। विमान में बाएं इंजन से इलेक्ट्रिसिटी की सप्लाई होती थी। पियरसन ने कहा कि इस विमान को डिजाइन मोडिफिकेशन और सॉफ्टवेयर प्रोटेक्शन की जरूरत थी। उन्होंने कहा कि एएआईबी ने घटना से नौ महीने पहले से ही कोई सिफारिश नहीं की थी। उन्होंने कहा कि जांचकर्ताओं ने भी ऐसा नैरेटिव बना दिया जिससे कि सारी जिम्मेदारी पायलट्स पर आ गई।

तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद आसिम मुनीर के साथ पहलगाम में मचाई तबाही, अब मोस्ट वांटेड आतंकी

नई दिल्ली. दो दशक पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के हाथ लगे दो आतंकवादी अब एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ा सिरदर्द बन गए हैं. ये दोनों तिहाड़ जेल में सजा काट कर रिहा हुए थे. जांच एजेंसियों के अनुसार, ये दोनों आतंकी अब लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के मोस्ट वांटेड ऑपरेटिव बन चुके हैं और भारत के खिलाफ आतंकी साजिशों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. खतरनाक बात यह है कि इनमें से एक लश्‍कर आतंकवादी पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों का नरसंहार करने वाले आतंकी संगठन का सरगना है. इस कहानी की शुरुआत 9 मई 2002 की एक रात से होती है. उस रात दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को खुफिया सूचना मिली थी कि राजधानी में बड़ा आतंकी हमला हो सकता है. खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने हुमायूं के मकबरे के पास और निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन इलाके में विशेष निगरानी शुरू कर दी थी. मुंबई से आने वाली पंजाब मेल ट्रेन से उतर रहे यात्रियों की भीड़ के बीच पुलिस ने तीन संदिग्ध आतंकियों (सज्जाद, मेहराजुद्दीन और फिरोज) को गिरफ्तार कर लिया. तलाशी के दौरान इनके पास से लगभग 5 किलो RDX, एक AK-47 राइफल, दो पिस्तौल, चार डेटोनेटर, प्लास्टिक विस्फोटक सामग्री और नकदी बरामद की गई थी. दो पाकिस्‍तानी आतंकवादियों का एनकाउंटर ‘टाइम्‍स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के अनुसार, पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आतंकियों ने पुलिस को पास में खड़ी एक मारुति कार के बारे में जानकारी दी, जिसमें दो पाकिस्तानी आतंकवादी उनका इंतजार कर रहे थे. इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी की. उस समय के डीसीपी अशोक चंद, एसीपी राजबीर सिंह और इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा की टीम ने मुठभेड़ में दोनों पाकिस्‍तानी आतंकियों (अबू बिलाल और अबू जाबीउल्लाह) को मार गिराया. इस मामले में गिरफ्तार सज्जाद और उसके सहयोगियों को अदालत ने दोषी ठहराते हुए तिहाड़ जेल भेज दिया था. लेकिन ठहरिए… यह कहानी यहीं खत्म नहीं हुई. पांच साल बाद… करीब पांच साल बाद जुलाई 2007 में स्पेशल सेल को फिर सूचना मिली कि एक आतंकी ऑपरेटिव दिल्ली भेजा गया है. इसके बाद पुलिस ने शब्बीर अहमद लोन नामक आतंकी को गिरफ्तार किया. उसके पास से ग्रेनेड, हथियार, गोला-बारूद, 280 अमेरिकी डॉलर और एक लाख रुपये बरामद हुए थे. इसके बाद लगभग एक दशक तक सज्जाद और शब्‍बीर अहमद लोन तिहाड़ जेल में बंद रहे. दोनों की रिहाई 2018 और 2019 के आसपास हुई. जेल से बाहर आने के बाद इन दोनों की गतिविधियों ने सुरक्षा एजेंसियों को चौंका दिया. एक पाकिस्‍तान तो दूसरा गया बांग्‍लादेश जांच एजेंसियों के मुताबिक, रिहाई के बाद शब्बीर अहमद लोन पाकिस्तान भाग गया. वहां से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने उसे बांग्लादेश भेजा, जहां उसने एक नया आतंकी नेटवर्क खड़ा करना शुरू किया. हाल ही में उसके नेटवर्क के लोगों ने दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय AI शिखर सम्मेलन से पहले भड़काऊ पोस्टर चिपकाया था. इसके बाद जांच एजेंसियों के कान खड़े हो गए थे. सूत्रों के अनुसार, शब्‍बीर लोन इस समय बांग्लादेश में रहकर ISI के समर्थन और वित्तीय मदद से काम कर रहा है और उसका मुख्य लक्ष्य बांग्लादेशी युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलकर भारत के खिलाफ आतंकी साजिशों में शामिल करना है. फिर बन गया पहलगाम हमले का मास्‍टरमाइंड दूसरी ओर, सज्जाद उर्फ शेख सज्जाद गुल भी पाकिस्तान पहुंच चुका है और अब लश्कर के प्रॉक्सी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) का प्रमुख ऑपरेटिव या सरगना माना जा रहा है. इसी संगठन को कई आतंकी हमलों के पीछे जिम्मेदार बताया गया है, जिनमें पहलगाम हमला भी शामिल है. इस अटैक में 27 पर्यटकों की निर्मम तरीके से हत्‍या कर दी गई थी. 1974 में जन्मे सज्जाद ने कश्मीर में शुरुआती शिक्षा प्राप्त की थी. उसने नगर से BSc. की पढ़ाई की, इसके बाद केरल में लैब टेक्नीशियन का कोर्स किया और 1996 में बेंगलुरु में एमबीए की पढ़ाई शुरू की थी. बाद में उसने कश्मीर में एक डायग्नोस्टिक सेंटर भी खोला, लेकिन इसी दौरान वह लश्कर के लिए ओवरग्राउंड वर्कर के तौर पर आतंकवादी गतिविधियों में शामिल हो गया. आसिम मुनीर के गढ़ में सज्‍जाद का ठिकाना सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, पहलगाम हमले के बाद सज्जाद इस समय पाकिस्तान के रावलपिंडी में रह रहा है और उसे ISI की सुरक्षा भी दी गई है. रावलपिंडी में ही पाकिस्‍तान आर्मी का मुख्‍यालय भी है, जहां आसिम मुनीर रहते हैं. भारतीय एजेंसियों ने सज्जाद और लोन दोनों को कैटेगरी-A का बेहद खतरनाक आतंकवादी घोषित किया है. दोनों पर भारी-भरकम इनाम घोषित किया गया है और इनके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि इन दोनों आतंकियों की गतिविधियों पर करीबी नजर रखी जा रही है और भारत के खिलाफ किसी भी आतंकी साजिश को विफल करने के लिए सुरक्षा एजेंसियां एकसाथ मिलकर लगातार कार्रवाई कर रही हैं.

भावुक पल और खेल का उत्साह: सम्राट चौधरी ने मां को दी श्रद्धांजलि, खिलाड़ियों से की मुलाकात

मुंगेर. उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी रविवार को सरकारी हेलीकॉप्टर से तारापुर के पार्वती नगर स्थित हेलीपैड पर पहुंचे। यहां उन्होंने अपनी माता व पूर्व विधायक स्व. पार्वती देवी की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत उपमुख्यमंत्री ने स्व. पार्वती देवी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित और श्रद्धांजलि के साथ की। इस दौरान उन्होंने उनकी सामाजिक और राजनीतिक योगदान को याद किया। उप मुख्यमंत्री ने मुंगेर जिला फुटबॉल महोत्सव के विजेता बढ़ोनियां टीम और उपविजेता अमैया टीम को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल युवाओं को अनुशासन, टीम भावना और स्वस्थ जीवन की प्रेरणा देता है। खेल गतिविधियों को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। समारोह में स्थानीय लोगों की अच्छी उपस्थिति रही। कार्यक्रम स्थल पर जिला प्रशासन के पदाधिकारी, जिला खेल पदाधिकारी सहित अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में भाग लेने के बाद पटना के लिए रवाना हो गए। राज्य में सरकार और नए सीएम को लेकर चल रहे कयासों पर मीडिया से बातचीत नहीं की।

मौसम विभाग की चेतावनी: पंजाब में आंधी, बारिश और ओले गिरने की संभावना

लुधियाना. पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पंजाब में शनिवार से मौसम बदल गया। कई जिलों में तेज हवा चली और बादल छाए रहे। इससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली और तापमान में भी कमी आई। अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 28 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के पूर्वानुमान के अनुसार, रविवार को प्रदेश में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने और हल्की से मध्यम वर्षा के साथ कई जगह ओलावृष्टि हो सकती है। इस संबंध में आरेंज अलर्ट जारी किया है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हो सकता है। किसानों को खासकर, गेहूं, सब्जियों और अन्य फसलों को तेज हवा और ओलावृष्टि से बचाने के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है। उधर हिमाचल प्रदेश के रोहतांग, बारालाचा व कुंजुम में शनिवार को फिर हल्का हिमपात हुआ। शिमला में बादल छाए रहे। मौसम विभाग ने रविवार से 19 मार्च तक कांगड़ा, मंडी व शिमला में आंधी चलने और ओलावृष्टि का आरेंज अलर्ट जारी किया है। हिमपात की भी संभावना है। हिमाचल में फरवरी में सामान्य से 85 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई और मार्च में वर्षा नहीं हुई है। ऐसे में फसलों और फलदार पौधों पर इसका असर पड़ रहा है। जम्मू-कश्मीर में भी हिमपात और वर्षा की संभावना है। मौसम विभाग के निदेशक डा. मुख्तार अहमद ने बताया कि 21 मार्च से मौसम में सुधार की उम्मीद है।

पंजाब में मौसम का खतरा! 13 जिलों के लिए SDMA का 3 घंटे का अलर्ट जारी

अमृतसर पंजाब में आज अचानक अचानक लोगों के फोन में अलर्ट मैसेज आने लगे हैं। बता दें कि पंजाब स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने अगले 3 घंटों के लिए मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है। इस संबंध में लोगों को मैसेज भेजकर अलर्ट किया गया है। अथॉरिटी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार बरनाला, बठिंडा, फरीदकोट, फिरोजपुर, होशियारपुर, जालंधर, कपूरथला, लुधियाना, मलेरकोटला, मानसा, मोगा, संगरूर, शहीद भगत सिंह नगर में मौसम खराब रहने की संभावना है।   इन जिलों में बिजली चमकने, गरज और तेज हवाएं चल सकती हैं। प्रशासन ने लोगों को अलर्ट रहने की सलाह दी है। अथॉरिटी ने साफ किया है कि किसी भी तरह की इमरजेंसी होने पर लोग तुरंत 112 पर कॉल कर सकते हैं। इसके साथ ही पंजाब SDMA ने अगले 24 घंटों में अमृतसर, बरनाला, गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, कपूरथला, लुधियाना, संगरूर में बिजली, बारिश, ओले, तेज हवाएं और गरज के साथ बारिश होने की संभावना जताई है। 

नेशनल लोक अदालत में बड़ी राहत: रायपुर में आपराधिक व चेक बाउंस के लंबित मामलों का निपटारा

रायपुर. रायपुर के जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में शनिवार को वर्ष 2026 की पहली नेशनल लोक अदालत लगी. इस अदालत में लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से बड़ी संख्या में लोग अपने विवादों के समाधान के लिए पहुंचे. आपराधिक, चेक बाउंस, पारिवारिक, बैंक रिकवरी, विद्युत, राजस्व और यातायात जैसे राजीनामा योग्य लंबित प्रकरणों का आपसी सहमति से त्वरित निस्तारण किया गया. 159 प्रकरण मामलों पर आपसी राजीनामा के लिए सुनवाई की गई, जिसमें से कुल 57 प्रकरणों का निराकरण हआ. इन मामलों में कुल 2 करोड़ 46 लाख रुपए से अधिक का भुगतान किया गया. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश बलराम प्रसाद वर्मा ने जानकारी दी कि राजीनामा से संबंधित मामले यहां रखे हुए थे. 12 लाख के करीब राजस्व के मामले हैं. नगर पालिका के करीब 2.5 लाख मामले हैं. कोर्ट के करीब 24 हजार से ज्यादा केस पेंडिंग है. यातायात से जुड़े मामले में सेटलमेंट के लिए है. उन्होने कहा कि 90 दिनों के अंदर, जिन्होंने चलान नहीं पटाया है. उन मामलों को भी नेशनल लोक अदालत में रखा गया है. इन सभी मामलों का आज निराकरण हो रहा है. ट्रैफिक से जुड़े मामले में मिनिमम दर के हिसाब चलान कर रहे हैं. मोहल्ला अदालत का आयोजन बलराम प्रसाद वर्मा ने कहा कि मोहल्ला अदालत का आयोजन भी किया गया है. इसमें अधिकारी मोहल्ले में बैठे हुए हैं. जिनकी बिजली, सड़क और पानी की जुड़ी समस्या है. वह अपनी समस्या बता सकतें है. तत्काल उनकी समस्या का निराकरण हो रहा है. क्या है लोक अदालत के लाभ ? आपको बता दें कि लोक अदालत में विभिन्न मामलों के निपटारे से जल्द न्याय मिलता हैं. लोक अदालत में निपटारा प्रकारणों में दोनों पक्षों की जीत होती है. आपसी राजीनामा के कारण मामलों की अपील नहीं होती. दीवानी प्रकरणों के परिणाम तुरंत मिलता है. दावा प्रकरणों में बीमा कंपनी राजीनामा मामलों में तुरंत एवार्ड राशि जमा करती है. लोक अदालत में राजीनामा करने से बार-बार अदालतों में आने से रुपयों, समय की बर्बादी और अकारण परेशानी से बचा जा सकता है. लोक अदालत में राजीनामा करने से दीवानी प्रकरणों में कोर्ट फीस पक्षकारों को वापस मिल जाती है, किसी पक्ष को सजा नहीं होती. मामले को बातचीत कर हल कर लिया जाता है. सभी को आसानी से न्याय मिल जाता है. फैसला अन्तिम होता है. फैसला के विरूद्ध कहीं अपील नहीं होती है.