samacharsecretary.com

विश्व पदक विजेता अंतिम पंघाल पर भारी पड़ी मीनाक्षी गोयत, एशियाई चैंपियनशिप के लिए टीम में एंट्री

नई दिल्ली भारतीय महिला कुश्ती के 53 किग्रा वर्ग में एक बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। सोनीपत में पूर्व राष्ट्रीय कोच कुलदीप मलिक के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेने वाली मीनाक्षी गोयत ने दिग्गज पहलवान अंतिम पंघाल को शिकस्त देकर आगामी एशियाई चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में अपना स्थान पक्का कर लिया है। ट्रायल के दौरान मीनाक्षी ने अपने पुराने “आत्म-संदेह” को पीछे छोड़ते हुए शानदार रक्षात्मक खेल दिखाया। उन्होंने पहले 6-2 की बढ़त बनाई और फिर मुकाबले के आखिरी क्षणों में ‘विन बाय फॉल’ (चित करके) के जरिए दो बार की विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता अंतिम को धूल चटा दी। विनेश फोगाट के वर्ग बदलने के बाद इस कैटेगरी में अंतिम का दबदबा माना जा रहा था, जिसे मीनाक्षी ने अपनी मजबूत पकड़ से तोड़ दिया। इस जीत के साथ ही मीनाक्षी अब 6 से 11 अप्रैल तक किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित होने वाली एशियाई चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। जीत के बाद उत्साहित मीनाक्षी ने कहा कि उन्होंने पिछली गलतियों से सीखा और बड़े नाम के दबाव में आने के बजाय अपनी क्षमता पर भरोसा किया। इसी ट्रायल के दौरान 50 किग्रा वर्ग में नीलम ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए टीम में जगह बनाई। अन्य महिला वर्गों में मानसी अहलावत (62 किग्रा), मनीषा भानवाला (57 किग्रा), नेहा सांगवान (59 किग्रा) और हर्षिता (72 किग्रा) सहित कई अन्य पहलवानों ने भी अपने-अपने भार वर्ग में जीत दर्ज कर भारतीय दल में स्थान सुरक्षित किया है। महिला पहलवानों के साथ-साथ पुरुष फ्रीस्टाइल वर्ग के ट्रायल भी संपन्न हुए, जिसमें स्टार पहलवानों ने अपना दबदबा कायम रखा। 57 किग्रा में अंकुश और 61 किग्रा में अमन सहरावत ने शानदार जीत के साथ टीम में प्रवेश किया। इसके अलावा सुजीत कलकल (65 किग्रा), जयदीप (74 किग्रा) और विक्की (97 किग्रा) ने भी अपने प्रतिद्वंद्वियों को हराकर एशियाई चैंपियनशिप का टिकट हासिल किया है। भारतीय कुश्ती संघ को उम्मीद है कि युवाओं और अनुभवी पहलवानों का यह संतुलित दल किर्गिस्तान में पदकों की झड़ी लगाएगा। मीनाक्षी की इस जीत ने साबित कर दिया है कि भारतीय कुश्ती में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और नए चेहरे वैश्विक मंच पर चमकने को तैयार हैं।  

ग्रामीणों और पुलिस में खूनी झड़प, एक की मौत, थानाध्यक्ष समेत कई जख्मी

मुजफ्फरपुर,  बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट थाना क्षेत्र में चोरनिया गांव उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गया जब पुलिस यहां एक वांछित अपराधी को गिरफ्तार करने पहुंची थी। आरोप है कि इसी दौरान ग्रामीणों ने पुलिस पर हमला कर दिया। इस भिड़ंत में एक ग्रामीण की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि थानाध्यक्ष समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। बताया गया कि मंगलवार की रात पास्को एक्ट एवं आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के मामले के आरोपी भिखारी राय और अन्य लोगों को गिरफ्तार करने के लिए थानाध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम चोरनिया गाँव पहुंची थी। आरोप है कि छापामारी के दौरान आरोपी द्वारा हल्ला कर ग्रामीणों को एकत्रित कर पुलिस पर भारी पथराव कर लाठी-डंडा एवं फायरिंग करते हुए हमला किया गया। प्राप्त सूचनानुसार छापेमारी दल पर आरोपी पक्षों द्वारा फायरिंग की गई। इस बीच, पुलिस ग्रामीणों की भीड़ में फंस जाने एवं जानमाल की सुरक्षा के लिए गायघाट के पुलिस अवर निरीक्षक और थानाध्यक्ष राजा सिंह द्वारा आत्मरक्षार्थ हवाई फायरिंग करते हुए किसी तरह जान बचाकर वहां से अपने पदाधिकारियों एवं कर्मियों के साथ निकल पाए। पुलिस के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि इस हमले में जख्मी पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मियों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। इस घटना में थानाध्यक्ष के अलावा अपर थानाध्यक्ष मनीष कुमार एवं दो गृह रक्षक के जवान घायल हो गए। घायलों को एसकेएमसीएच में भर्ती करा दिया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। इस झड़प में एक ग्रामीण की गोली लगने से मौत हो गई, जिसकी पहचान जगत वीर राय के रूप में की गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए कई थानों की पुलिस बल के साथ मौके पर कैंप कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान की जा रही है और सरकारी कार्य में बाधा डालने और हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।  

टूटी हालत वाले स्कूलों पर कोर्ट की नजर: 19 मार्च को सुनवाई, 20 हजार करोड़ की योजना पर मांगा जवाब

जयपुर राजस्थान में स्कूलों की जर्जर व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। इस दौरान कोर्ट ने राज्य के शिक्षा विभाग से खराब हालत में चल रहे स्कूलों की स्थिति और सुधार की योजनाओं पर विस्तृत जानकारी मांगी है। फंड की कमी पर उठे सवाल शिक्षा विभाग द्वारा हाईकोर्ट में दायर एफिडेविट में बताया गया कि स्कूलों की मरम्मत और जीर्णोद्धार के लिए 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की आवश्यकता है। इसके मुकाबले प्रदेश के बजट में केवल 950 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए सवाल किया कि इतनी बड़ी राशि की जरूरत को सीमित बजट में कैसे पूरा किया जाएगा।   कोर्ट की तीखी टिप्पणियां सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग से पूछा कि 20 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था के लिए क्या ठोस योजना तैयार की गई है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि यदि कोई स्पष्ट योजना नहीं है, तो क्या इस तरह की स्कूली व्यवस्था को बंद कर देना चाहिए। इन टिप्पणियों ने मामले की गंभीरता को रेखांकित किया है।   19 मार्च को अगली सुनवाई मामले में अगली सुनवाई 19 मार्च 2026 को निर्धारित की गई है, जिसमें हाईकोर्ट शिक्षा विभाग से ठोस जवाब और संभावित कार्ययोजना की अपेक्षा करेगा। माना जा रहा है कि इस सुनवाई में कोर्ट सख्त निर्देश जारी कर सकता है। हालिया घटना से बढ़ी चिंता इस मामले की पृष्ठभूमि में बाड़मेर की एक घटना भी चर्चा में है, जहां एक सरकारी स्कूल में छात्र के सिर पर पंखा गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस घटना के बाद स्कूलों की सुरक्षा और आधारभूत ढांचे को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं।   कमेटी गठन की संभावना पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने इस मुद्दे पर एक कमेटी बनाने का सुझाव दिया था। संभावना जताई जा रही है कि आगामी सुनवाई में इस कमेटी को अंतिम रूप दिया जा सकता है, ताकि जर्जर स्कूलों की स्थिति का आकलन कर सुधार के ठोस उपाय सुझाए जा सकें।

बजट सत्र के बीच गुजरात विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

गांधीनगर, गांधीनगर स्थित गुजरात विधानसभा परिसर में बुधवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बजट सत्र के दौरान बम की धमकी मिलने की सूचना सामने आई। अधिकारियों के अनुसार यह धमकी ईमेल के जरिए दी गई, जिसमें दावा किया गया था कि विधानसभा परिसर में बम लगाया गया है। विधानसभा में चल रहे बजट सत्र की कार्यवाही बुधवार सुबह 9 बजे शुरू होनी थी लेकिन उससे ठीक पहले करीब 8:45 बजे अधिकारियों को इस धमकी भरे ईमेल की जानकारी मिली। जैसे ही यह सूचना सामने आई, सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं और पूरे परिसर को खाली कराने का निर्णय लिया गया। पुलिस उपाधीक्षक पीयूष वांडा ने बताया कि ईमेल में स्पष्ट रूप से बम होने का दावा किया गया था, जिसके बाद एहतियातन सभी विधायकों, कर्मचारियों और अन्य मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। उन्होंने कहा, “धमकी मिलने की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंच गए और पूरे परिसर में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया।” सुरक्षा एजेंसियों ने विधानसभा भवन के हर हिस्से की बारीकी से जांच की। बम निरोधक दस्ते के साथ डॉग स्क्वॉड की भी मदद ली गई, ताकि किसी भी संदिग्ध वस्तु का पता लगाया जा सके। शुरुआती जांच में अब तक कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई है। अधिकारियों ने बताया कि यह जांच अभी जारी है और ईमेल भेजने वाले की पहचान करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। साइबर क्राइम टीम को भी मामले की जांच में लगाया गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि धमकी कहां से और किसने भेजी। इस घटना के बाद विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयार है। भाजपा विधायक कसवाला महेश ने कहा, “बुधवार सुबह हुई घटना के संबंध में, गुजरात विधानसभा को एक ईमेल मिला जिसमें धमकी भरा संदेश था। एहतियाती कदम के तौर पर, सभी विधायकों को वहां से हटाकर पास के ही एक हॉल में बिठा दिया गया।” भाजपा विधायक दिनेश सिंह कुशवाह ने कहा, “धमकी झूठी निकली और कोई वास्तविक खतरा नहीं पाया गया। व्यवस्थाएं फिर से शुरू की गईं, और विधानसभा परिसर में लौटने से पहले सभी को द्वारका हॉल में बिठाया गया।”  

पुलिस ने हत्या के आरोपियो को किया गिरफतार

बिलासपुर मामूली विवाद के कारण दोस्त ने अपने भाई के साथ मिलकर की हत्याआरोपी बाहर भागने फिराक में थे बीट आरक्षको के मुस्तैदी एवं निगरानी के कारण आरोपियो के गिरफतारी में मिली सफलता आरोपी –1. राकेश कौशिक उर्फ़ छोटू पिता भागीरथी कौशिक उम्र 38 साल पता सम्बलपुर थाना सकरी जिला बिलासपुर2- गणेश कौशिक पिता भगीरथी कौशिक उम्र 36 साल पता सम्बलपुर थाना सकरी जिला बिलासपुर विवरण – दिनांक 14-03-2026 को प्रार्थी कृष्णा कौशिक पिता भीषम कौशिक उम्र 23 वर्ष निवासी संबलपुरी थाना सकरी थाना उपस्थित आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसके बडे भाई सतीश कौशिक की अज्ञात आरोपियो द्वारा मारपीट कर हत्या कर दिए है प्रार्थी की रिपोर्ट पर मर्ग क्र 22/2026 एवं अपराध क्रमांक 254/2026 धारा 103(1) बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध कर वरिष्ठ अधिकिारियो को अवगत कराया गया, मामले की गंभीरता को देखते हुए मान उमनि एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय  रजनेश सिंह द्वारा आरोपियो को तत्काल गिरफतार करने निर्देशित किया गया, जिसके परिपालन में मान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर)  पंकज कुमार पटेल, मान नगर पुलिस अधीक्षक (सिविल लाईन)  निमितेश सिंह परिहार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सकरी निरीक्षक विजय चौधरी द्वारा थाना स्तर पर टीम गठित कर एवं बीट आरक्षको को आरोपियो की पतासाजी निर्देशित किया गया। हत्या के संदेही राकेश कौशिक एवं गणेश कौशिक घटना दिनांक से फरार थे। दिनांक 16-03-2026 को बीट आरक्षको को सूचना मिली के हत्या के प्रकरण के संदही राकेश कौशिक एवं गणेश कौशिक ग्राम पांड में छिपे है। थाना सकरी पुलिस की सक्रियता एवं बीट आर पवन बंजारे, सज्जू अली,मनोज बघेल,रामचंद्र एवं अनुप नेताम की मुस्तैदी से हत्या के आरोपी राकेश कौशिक एवं गणेश कौशिक को ग्राम मेण्ड्रा से घेरा बंदी कर पकडा गया। आरोपियो से पूछताछ करने पर बताए कि दिनांक 14-03-2026 को आरोपी राकेश कौशिक, गणेश कौशिक एवं म़ृतक सतीश कौशिक तीनो शराब पीने सकरी शराब भट्टी गये थे जहां तीनो शराब पिए और अपने साथ 01 पाव देशी प्लेन एवं 02 पाव देशी मशाला शराब और 6 रोटी 2 फीस मछली पानी डिस्पोजल लेकर सम्बलपुर खेत पीपल पेड के पास गये और शराब पीना शुरू किये शराब के नशे में मृतक सतीश कौशिक द्वारा आरोपी गणेश कौशिक और उसके परिवार को गाली गलौच करने लगा मना करने पर नही मना तो आरोपी राकेश कौशिक एवं गणेश कौशिक दोनेा भाई मिलकर हाथ मुक्का से मारपीट कर पीपल के पेड के नीचे जड के पास गिरा दिए जिससे मृतक के मुंह एवं सिंर में गंभीर चोट लगने से मृत्यु हो गई।  दोनो आरोपी हत्या करने कर बाद मरही माता भाग गए थे वहा से आने के बाद आरोपी अपने ससुराल मेण्ड्रा में छिपे थे जहां से बाहर भागने के फिराक में थे जिन्हे बीट आरक्षको की मुस्तैदी से रात्रि में पकडा गया। उक्त कार्यवाही में निरीक्षक विजय चौधरी, उनि गणेशराम महिलांगे, सउनि सुरेंद्र तिवारी, प्रआर रवि कुमार लहरे, चोलाराम पटेल, पवन बंजारे, सज्जू अली,मनोज बघेल,रामचंद्र की भुमिका सराहनी रही।*

Mineral Transport Rules: बिहार सरकार का नया आदेश, VLD जरूरी और DTO से होगी जांच

पटना. राज्य में खनिज परिवहन से जुड़े वाहनों की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए खान एवं भूतत्व विभाग ने अहम निर्णय लिया है। विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अन्य सार्वजनिक वाहनों की तरह अब खनिज ढुलाई में उपयोग वाले सभी वाहनों में व्हीकल लोकेशन डिवाइस (वीएलडी) अनिवार्य होगा और इस डिवाइस की जांच और सत्यापन जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) के स्तर पर किया जाएगा। खान एवं भू-तत्व विभाग की एक समीक्षा बैठक में अधिकारियों को लघु खनिजों के अवैध खनन, परिवहन पर रोक लगाने के लिए वीएलडी प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी दी गई। बैठक में पूर्व में जारी निर्देश का हवाला देकर कहा गया कि सभी खनिज परिवहन वाहनों में प्रमाणित वीएलडी डिवाइस का होना अनिवार्य होगा। डीटीओ कार्यालय इन उपकरणों की तकनीकी जांच, सक्रियता और वास्तविक समय लोकेशन ट्रैकिंग की पुष्टि करेगा। यदि किसी वाहन में वीएलडी नहीं पाया जाता है या वह निष्क्रिय मिलता है, तो संबंधित वाहन मालिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। बैठक में यह भी कहा गया कि इस व्यवस्था से राजस्व की हानि रोकने के साथ-साथ परिवहन प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा सकेगा। विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराएं और नियमित रूप से इसकी समीक्षा करें। खनन क्षेत्र में नियमों के अनुपालन को लेकर सरकार की यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिससे अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के साथ-साथ प्रशासनिक नियंत्रण भी मजबूत होगा।

यात्रियों को बड़ी राहत: मध्य प्रदेश से बिहार-महाराष्ट्र के लिए ग्रीष्मकालीन स्पेशल ट्रेनें शुरू

भोपाल यात्रियों की बढ़ती संख्या और ग्रीष्मकालीन भीड़ को देखते हुए रेल प्रशासन ने बड़ी राहत दी है। भोपाल मंडल से होकर पुणे-दानापुर विशेष ट्रेन और लोकमान्य तिलक टर्मिनस-दानापुर विशेष ट्रेन का संचालन निर्धारित तिथियों में किया जाएगा। इससे मध्य प्रदेश सहित भोपाल के यात्रियों को सीधे कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। पुणे-दानापुर विशेष ट्रेन: समय-सारणी और रूट गाड़ी संख्या 01449 पुणे से प्रतिदिन 15:30 बजे रवाना होकर इटारसी, जबलपुर, कटनी, सतना होते हुए अगले दिन 02:45 बजे दानापुर पहुंचेगी। वापसी में 01450 दानापुर से 05:00 बजे चलकर शाम 18:15 बजे हडपसर पहुंचेगी। इन ट्रेनों में एसी, स्लीपर और सामान्य श्रेणी सहित पर्याप्त कोच लगाए गए हैं, जिससे यात्रियों को आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा। लोकमान्य तिलक टर्मिनस-दानापुर स्पेशल वहीं, गाड़ी संख्या 01143 लोकमान्य तिलक टर्मिनस से 10:30 बजे प्रस्थान कर प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव लेते हुए 18:45 बजे दानापुर पहुंचेगी। वापसी में 01144 दानापुर से 21:30 बजे चलकर अगले दिन 07:45 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुंचेगी। ये विशेष ट्रेनें एक अप्रैल से शुरू होकर 14 अप्रैल तक चलेंगी, जबकि ग्रीष्मकालीन विशेष सेवाएं 15 अप्रैल से 15 जुलाई 2026 तक संचालित होंगी। बिहार और महाराष्ट्र की यात्रा होगी आसान भोपाल के यात्रियों के लिए यह सुविधा खास है, क्योंकि इससे बिहार और महाराष्ट्र के बीच यात्रा आसान होगी। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले समय-सारणी और अन्य जानकारी एनटीईएस (NTES) या हेल्पलाइन 139 से जरूर जांच लें।  

ट्रैक्टर से टकराई स्कूल वैन पलटने से 10 से ज्यादा बच्चे – टीचर घायल अस्पताल में इलाज जारी

जांजगीर-चांपा  जांजगीर-चांपा क्षेत्र में बुधवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया। यहां स्कूली वैन सड़क किनारे खड़े ट्रैक्टर से टकरा गई, जिससे वैन अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के समय वैन में सरस्वती ज्ञान मंदिर, कुथुर के 15 से अधिक बच्चे सवार थे, जो स्कूल जा रहे थे। हादसे में नर्सरी, पहली और छठवीं कक्षा के बच्चों समेत 10 से ज्यादा लोग घायल हो गए। कई बच्चों के सिर में चोट आई है, जबकि कुछ के हाथ-पैर में भी गंभीर चोटें आई हैं। एक महिला शिक्षिका के कंधे में गंभीर चोट बताई जा रही है। घटना के तुरंत बाद सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। जानकारी के मुताबिक बच्चे मुड़पार गांव से कुथुर स्थित स्कूल जा रहे थे। बच्चों ने बताया कि नियमित ड्राइवर के नहीं आने पर वैन को स्कूल के प्रिंसिपल खुद चला रहे थे। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है और हादसे के कारणों की पड़ताल की जा रही है।

Admission Rules Update: PSEB का बड़ा फैसला, अब UGC प्रमाण पत्र से होगा दाखिला

चंडीगढ़. विद्यार्थियों के लिए अहम खबर सामने आई है। दरअसल, पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने विदेश से पढ़ाई कर पंजाब में आगे दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है। बोर्ड ने फैसला लिया है कि अब ‘समकक्षता प्रमाण पत्र’ (Equivalence Certificate) जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। यह नया नियम अप्रैल 2026 से लागू होगा। इसके बाद छात्रों को दोहरी जांच और लंबी कागजी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। अब वे केवल यूजीसी (UGC) द्वारा जारी प्रमाण पत्र के आधार पर सीधे एडमिशन ले सकेंगे। पहले विद्यार्थियों को केंद्र स्तर से मान्यता मिलने के बाद राज्य स्तर पर भी अलग से समकक्षता प्रमाण पत्र लेना पड़ता था, जिससे समय और मेहनत दोनों अधिक लगते थे। नए फैसले से यह पूरी प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बन जाएगी। बोर्ड (PSEB) के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह ने बताया कि यह निर्णय फरवरी 2026 में हुई बैठक में लिया गया था, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को अनावश्यक परेशानियों से राहत देना है। "पहले विद्यार्थियों को एक ही काम के लिए लंबे प्रोसेस से गुजरना पड़ता था। डबल वेरिफिकेशन प्रोसेस खत्म होने से स्टूडेंट्स का समय बचेगा और एडमिशन प्रोसेस में ट्रांसपेरेंसी आएगी।" 

हार के बाद बदला राजनीतिक अंदाज़? तेजस्वी यादव को मिला नया नाम, नेताओं के बयान चर्चा में

 पटना राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन के हार को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव लगातार ट्रोल हो रहे हैं। सत्ता पक्ष के नेता तो उनपर हमला बोल ही रहे हैं, अब लिस्ट में महागठबंधन के नेता भी शामिल हो गए हैं। सत्ता पक्ष से कृषि मंत्री राम कृपाल यादव और राष्ट्रीय जनता दल के सूप्रीमो लालू प्रसाद के करीबी शिवांनद तिवारी ने भी तेजस्वी यादव पर तंज कसा है। दरअसल, तेजस्वी यादव राज्यसभा चुनाव के परिणाम के बाद बिहार से बाहर चले गए। इसके बाद रामकृपाल यादव और शिवानंद तिवारी ने उन्हें रणछोड़ कह दिया। वहीं पप्पू यादव ने कहा कि तेजस्वी यादव ने अपनी जिम्मेदारी ही ठीक से नहीं निभा पाए। पहले जानिए शिवानंद तिवारी ने क्या कहा? पूर्व सांसद शिवानंद तिवारी ने कहा कि पराजय से ज्यादा खराब है कि पराजय के बाद मैदान छोड़ देना। सुना है कि तेजस्वी यादव कोलकाता के लिए निकल गए हैं। इसके पहले भी वह बिहार से बाहर चले गए थे। परिवार के साथ यूरोप चले गए थे। पराजय के बाद रण छोड़ देने वाले नेताओं के साथ उनके समर्थक नहीं टिकते हैं। मंत्री रामकृपाल यादव ने क्या कहा? वहीं कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि तेजस्वी यादव जिस तरह से विधानसभा चुनाव में पटना छोड़कर चले गए थे, उसी तरह राज्यसभा चुनाव में भी हार के बाद पटना के बाहर चले गए। वह अब रणछोड़ बन गए हैं। यही कारण है कि तेजस्वी यादव की पार्टी के नेताओं को उनपर भरोसा नहीं है। सांसद पप्पू यादव ने उठाया सवाल वहीं सांसद पप्पू यादव ने तेजस्वी यादव के प्रतिनिधित्व पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव ने राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के बिहार प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष से बातचीत ही नहीं की। विपक्ष के नेता का दायित्व था कि वह सबसे बात करें। लेकिन, उन्होंने ऐसा नहीं किया। जिसका परिणाम हुआ कि कांग्रेस के तीन विधायक नाराज हो गए और वोट डालने नहीं गए।