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राष्ट्रपति मुर्मु का बयान—राम मंदिर हमारी संस्कृति और आस्था का प्रतीक

अयोध्या  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नवरात्र के प्रथम दिन अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में आयोजित श्रीराम यंत्र प्रतिष्ठापना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राम मंदिर भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का पावन प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर हमें हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने संबोधन में कहा कि उन्हें यह जानकर अत्यंत प्रसन्नता है कि देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या धाम अब धार्मिक पर्यटन का एक प्रमुख वैश्विक केंद्र बन चुका है और यह मंदिर परिसर भारत की सनातन चेतना, ऊर्जा और पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारत का पुनर्जागरण केवल सांस्कृतिक ही नहीं, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक सभी आयामों में हो रहा है। राष्ट्रपति ने जोर देते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम का नमन करना और भारत माता का वंदन करना एक ही भाव है। देवभक्ति और देशभक्ति का मार्ग अलग नहीं, बल्कि एक ही है। राष्ट्रपति ने रामराज्य की अवधारणा को रेखांकित करते हुए कहा कि यह आर्थिक समृद्धि और सामाजिक समरसता के सर्वोच्च आदर्शों को प्रस्तुत करता है। उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास के रामायण में वर्णित आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रपति ने भगवान राम के जीवन से जुड़े प्रसंगों माता शबरी से भावपूर्ण मिलन, निषादराज से स्नेह, जटायु के प्रति सम्मान, वानर सेना का सहयोग, जामवंत और यहां तक कि गिलहरी के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि ये सभी उदाहरण एक सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी जीवन दर्शन को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, जो नवरात्र का प्रथम दिन है, इस पावन अवसर पर अयोध्या आकर वह स्वयं को कृतार्थ अनुभव कर रही हैं। साथ ही उन्होंने देशवासियों को रामनवमी के अवसर पर अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं। इस मौके पर आनंदीबेन पटेल ने कहा कि अयोध्या आस्था, संस्कार और विरासत की भूमि है और आज यह वैश्विक चेतना का केंद्र बन चुकी है। उन्होंने कहा कि ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के भारतीय संदेश के कारण आज विश्व भारत की ओर आशा भरी दृष्टि से देख रहा है। राज्यपाल ने कहा कि भारत वह भूमि है जहां शक्ति का अर्थ सृजन, आस्था का अर्थ करुणा और धर्म का सार समाज को जोड़ना है। उन्होंने इस ऐतिहासिक अवसर को देशवासियों के लिए सदैव स्मरणीय बताया।

सम्राट विक्रमादित्य के शौर्य और सनातन संस्कृति के नव-आरंभ का पर्व है नव संवत्सर

भोपाल  मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री नारायण सिंह पंवार ने गुरुवार को राजगढ़ में गुड़ी पड़वा और नव संवत्सर (विक्रम संवत 2083) के पावन अवसर पर आयोजित "विक्रमोत्सव" कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। जिला स्तरीय भव्य कोटि सूर्योपासना एवं सम्राट विक्रमादित्य केंद्रित नाट्य मंचन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री श्री पंवार ने उपस्थित नागरिकों को हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। राज्यमंत्री श्री पंवार ने अपने संबोधन में कहा कि गुड़ी पड़वा केवल एक पर्व नहीं है, बल्कि यह भारत की समृद्ध कालगणना, सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली इतिहास का प्रस्थान बिंदु है। उन्होंने शास्त्रों का उल्लेख करते हुए बताया कि इसी दिन सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना का शुभारंभ किया था, इसीलिए यह दिवस संपूर्ण सृष्टि के प्रथम दिन के रूप में भी पूजनीय है। उन्होंने कहा कि इसी कालखंड में महान सम्राट विक्रमादित्य ने विक्रम संवत का शुभारंभ किया था। यह संवत हमारे प्राचीन भारतीय ज्ञान, विज्ञान और समय की सटीक गणना की समृद्ध परंपरा का जीवंत प्रतीक है। राज्यमंत्री श्री पंवार ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य का शासन न्याय और लोक-कल्याण का आदर्श रहा है, जिससे प्रेरणा लेकर आज हम समृद्ध राष्ट्र के निर्माण की ओर अग्रसर हैं। राज्यमंत्री श्री पंवार ने कहा कि गुड़ी पड़वा विजय, आशा और नव-आरंभ का संदेश देता है। घरों पर स्थापित किया जाने वाला 'गुड़ी' यानी विजय ध्वज हमें सदैव यह प्रेरणा देता है कि सत्य और धर्म की ही अंततः विजय होती है। उन्होंने आह्वान किया कि इस पावन अवसर पर हम सभी अपनी समृद्ध परंपराओं को आगे बढ़ाने, समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लें। कार्यक्रम के दौरान सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित नाट्य का मंचन भी हुआ। राज्यमंत्री श्री पंवार ने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और गौरवशाली अतीत को समझने का अवसर मिलता है।  

दिल्ली हाईकोर्ट में केजरीवाल की अपील मंजूर, जस्टिस शर्मा बोलीं- पहले जवाब आने दें

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट ने कथित शराब घोटाले से जुड़े केस में अरविंद केजरीवाल समेत अन्य आरोपियों की उस मांग को स्वीकार कर लिया है, जिसमें उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की याचिका के खिलाफ जवाब दाखिल करने की मांग की है। ईडी की ओर से इसका विरोध किया गया, लेकिन जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने आरोपियों को समय देते हुए कहा कि 2 अप्रैल तक जवाब आने दीजिए। दरअसल, ट्रायल कोर्ट ने कथित शराब घोटाले से जुड़े सीबीआई केस में पिछले दिनों अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया था। अदालत ने जांच को लेकर कई तीखी टिप्पणियां भी की थीं। इन टिप्पणियों पर रोक की मांग करते हुए सीबीआई के बाद ईडी ने भी हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में ईडी की तरफ से एएसजी एसवी राजू पेश हुए। आरोपियों की ओर से पेश हुए कुछ वकीलों ने जवाब दाखिल करने के लिए और समय की मांग की जबकि ईडी ने कहा कि इसकी आवश्यकता नहीं है। अदालत ने और क्या कहा? अदालत ने प्रतिवादियों के वकीलों से कहा, ‘मुझे समझ नहीं आ रहा है। यहां एक एजेंसी है जो कहती है कि जज ने क्षेत्राधिकार को पार किया। मैंने उन्हें कहा कि मैं भी इस तरह टिप्पणियां करती हूं। मेरा विचार था कि मुझे यह तय करना है कि उन्होंने क्षेत्राधिकार का उल्लंघन किया या नहीं। आप कह रहे हैं कि आप जवाब देंगे। अब आप कहते हैं कि आपको 600 पन्ने पढ़ने के लिए समय चाहिए। आपको एक सप्ताह और चाहिए, आप एक सप्ताह और लीजिए।’ 2 अप्रैल तक टल गई सुनवाई ईडी ने कहा कि वे केवल सुनवाई में देरी करना चाहते हैं। इस पर अदालत ने सभी को एक कॉपी देने का आदेश देकर लंच के बाद दोबारा सुनवाई की बात कही। बाद में जब दोबारा सुनवाई हुई तो एसवी राजू ने कहा कि उनकी प्रार्थना का प्रतिवादियों से कोई लेनादेना नहीं है। बेंच ने ईडी के विरोध को दरकिनार करते हुए कहा, 'हम 2 अप्रैल को इसकी सुनवाई करेंगे। यह बहुत कम समय है, उन्हें जवाब दाखिल करने दीजिए। 2 अप्रैल तक कुछ नहीं होगा, कोई बात नहीं जवाब आने दीजिए।'

UP Weather Update: प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी, इन इलाकों में गिर सकते हैं ओले

नई दिल्ली देशभर में गर्मी का सीजन शुरू हो गया है और अभी से ही तापमान काफी बढ़ गया है। इस बीच, मौसम विभाग ने कई राज्यों में मौसम के बदलने और बारिश व ओलावृष्टि होने का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने बताया है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के इलाकों में कल यानी कि 20 मार्च को ओले गिरने का अलर्ट है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19 और 20 मार्च को ओले गिरेंगे। इसके अलावा, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, उत्तर पश्चिमी भारत के मैदानी इलाकों में 20 मार्च तक गरज, बिजली और तेज हवाएं चलने की संभावना है। जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश में 19 मार्च को, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19 व 20 मार्च को, राजस्थान में 19 मार्च को ओले और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा, मध्य और पूर्वी भारत में 22 मार्च तक छिटपुट गरज के साथ तेज हवाएं चलेंगी। मध्य प्रदेश, झारखंड में 19 और 20 मार्च को, छत्तीसगढ़ में 19 मार्च को, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, गंगा के मैदानी इलाकों और ओडिशा में 19 से 21 मार्च, बिहार में 20 मार्च को ओले गिरेंगे। मौसम विभाग के अनुसार, देश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ तूफान आने और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के लगातार आने की वजह से अगले हफ्तेभर तक दिन का तापमान सामान्य से कम रहने वाला है। एक राहत की बात यह है कि अगले एक सप्ताह तक किसी भी प्रकार की हीटवेव चलने की संभावना नहीं है। कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा हिमपात, मैदानी इलाकों में भारी बारिश जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग और सोनमर्ग के पर्यटक स्थलों के साथ-साथ ऊंचाई वाले इलाकों में कई स्थानों पर ताजा बर्फबारी हुई, जबकि मैदानी इलाके भारी बारिश से प्रभावित हुए। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में स्थित गुलमर्ग और मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में स्थित सोनमर्ग, दोनों जगहों पर ताजा बर्फबारी हुई, जो आखिरी रिपोर्ट मिलने तक रुक-रुक कर जारी रही। अधिकारियों ने बताया कि पिछले दिन से गुलमर्ग रिजॉर्ट में लगभग पांच से छह इंच ताजा बर्फ जमा हो चुकी है। शोपियां, बांदीपुरा, कुपवाड़ा में बर्फबारी शोपियां जिले में मुगल रोड तथा पीर की गली, बांदीपुरा में राजदान टॉप और गुरेज तथा कुपवाड़ा में साधना टॉप सहित अन्य अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी ताजा हिमपात हुआ। घाटी के अधिकांश ऊपरी क्षेत्रों में रविवार से रुक-रुक कर हिमपात हो रहा है। इसके विपरीत, श्रीनगर सहित घाटी के मैदानी इलाकों में भारी बारिश हुई। अधिकारियों ने बताया कि बारिश के कारण पूरे क्षेत्र में तापमान में गिरावट आई है। मौसम विभाग ने 20 मार्च तक मौसम में उतार-चढ़ाव की संभावना जताई है। विभाग ने संकेत दिया है कि शुक्रवार तक अधिकांश क्षेत्रों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी हो सकती है।

ऑडिटोरियम, मुक्तिधाम और सड़कों के निर्माण से शहरी-ग्रामीण ढांचे को मिलेगी मजबूती

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज जशपुरनगर में पुलिस लाइन हेलीपैड के समीप कुल 19 करोड़ 51 लाख 78 हजार रुपए की लागत से 6 महत्वपूर्ण विकास कार्यों का भूमिपूजन कर क्षेत्र को विकास की नई सौगात दी। इस अवसर पर उन्होंने शहरी एवं ग्रामीण बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। मुख्यमंत्री  साय ने नगर पालिका जशपुर के वार्ड क्रमांक 18 भागलपुर में 35.46 लाख रुपए की लागत से मुक्तिधाम निर्माण कार्य तथा वार्ड क्रमांक 16 में 6.76 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक ऑडिटोरियम निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इन परियोजनाओं से शहरवासियों को बेहतर सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।  मुख्यमंत्री  साय ने जशपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को सुगम एवं सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से चार प्रमुख सड़कों के निर्माण कार्यों का भी भूमिपूजन किया। इनमें 2.89 करोड़ रुपए लागत से चटकपुर-रेंगारबहार मार्ग, 3.01 करोड़ रुपए लागत से कुनकुरी-औंरीजोर-मतलूटोली-पटेल पारा मार्ग, 3.29 करोड़ रुपए लागत से रानीबंध-चिड़ाटांगर-उपरकछार मार्ग तथा 3.18 करोड़ रुपए लागत से धुरीअम्बा-कटुखोसा मार्ग का निर्माण शामिल है। इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार और ग्रामीण अंचलों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन विकास कार्यों के पूर्ण होने से क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को नई दिशा और गति मिलेगी। इस अवसर पर विधायक मती गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष  अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष  यश प्रताप सिंह जूदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

क्या शशि थरूर होंगे केरल के अगले मुख्यमंत्री? सांसद ने दिया सीधा जवाब

केरल केरल विधानसभा चुनाव से पहले तिरुवनंतपुरम सांसद शशि थरूर की मुख्यमंत्री उम्मीदवारी को लेकर अटकलें तेज हो गईं हैं। हालांकि, उन्होंने इससे इनकार कर दिया है और कहा है कि वह विधानसभा चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि वह व्यक्तिगत रूप से चुनाव से पहले संभावित मुख्यमंत्री चेहरे का ऐलान करने के पक्षधर हैं। पीटीआई भाषा से बातचीत में थरूर ने कहा कि चूंकि वे इस बार उम्मीदवार नहीं हैं, इसलिए उन्हें किसी एक विशेष निर्वाचन क्षेत्र की चिंता करने की जरूरत नहीं है और राज्य के चुनावों में उनकी भूमिका एक मिक्स्ड बैग या मिली-जुली है। उन्होंने आगे कहा कि वे चुनाव प्रचार के लिए राज्य के 'चप्पे-चप्पे और हर कोने' में जाने के लिए उत्सुक हैं। अपनी सीएम उम्मीदवारी को लेकर उन्होंने कहा, 'नहीं, और बिल्कुल नहीं हूं, और इसके पीछे कई अच्छे कारण हैं, जिनमें से एक यह भी है कि मैं चुनाव में उम्मीदवार नहीं हूं। मेरा मानना है कि आदर्श रूप से मुख्यमंत्री का चयन चुने हुए विधायकों में से ही किया जाना चाहिए।' कितनी सीटों का है लक्ष्य थरूर ने कहा कि वह 85 से 100 सीटें यानी कांग्रेस की बहुमत आने पर खुश हो जाएंगे। केरल में खुल 140 विधानसभा सीटें हैं। उन्होंने कहा कि UDF या यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट खासतौर से लेफ्ट गठबंधन को गुगली डाल रहा है, क्योंकि 'वो मुश्किल पिच पर खेल रहे हैं और हम उन्हें वहां हरा सकते हैं।' थरूर से पूछा गया कि क्या चुनाव प्रचार में कोई निश्चित चेहरा न होने से कांग्रेस की संभावनाओं पर असर पड़ सकता है। इसपर उन्होंने कहा व्यक्तिगत रूप से मैं आपकी बात से सहमत हूं कि हम उस रास्ते (चेहरा घोषित करने) पर जा सकते थे, लेकिन जैसा कि पार्टी नेतृत्व ने मुझे बताया, कांग्रेस ने पहले कभी ऐसा नहीं किया है। उम्मीदवारों के नाम के ऐलान की तैयारी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वी डी सतीशन ने गुरुवार को कहा कि राज्य में आगामी चुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवारों के चयन से जुड़े सभी मुद्दे सुलझा लिए गए हैं। सतीशन ने नई दिल्ली में सुबह संवाददाताओं से कहा कि पार्टी जिन शेष 40 सीट पर चुनाव लड़ रही है, उनके लिए उम्मीदवारों के नाम की सूची दिन में घोषित कर दी जाएगी। कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार को 55 उम्मीदवारों की सूची जारी की थी। केरल चुनाव आयोग ने रविवार को घोषणा की कि नौ अप्रैल को असम, केरल और पुडुचेरी में एक ही चरण में मतदान होगा जबकि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान होगा। वहीं पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान होगा। मतों की गिनती के लिए 4 मई की तारीख निर्धारित की गई है।  

Haryana IAS Transfer: 23 अफसरों का ट्रांसफर, वुंद्रू संभालेंगे परिवहन, अनुपमा को नागरिक उड्डयन

हरियाणा चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक कार्यकुशलता को बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य के 23 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के विभागों में तत्काल प्रभाव से फेरबदल किया है। इस फेरबदल में अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) स्तर के अधिकारियों को नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। तबादला सूची देखने के लिए यहां क्लिक करिए। मुख्य सचिव कार्यालय से जारी आदेश के मुताबिक डॉ. राजा शेखर वुंद्रू (1990): अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) को परिवहन विभाग तथा अतिरिक्त मुख्य सचिव, मुद्रण एवं लेखन सामग्री विभाग। जी. अनुपमा (1991): ACS, सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण और अंत्योदय (SEWA) विभाग तथा ACS, नागरिक उड्डयन विभाग। अपूर्वा कुमार सिंह (1991): ACS, सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग तथा ACS, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में लगाया गया है। इसी तरह विजयेंद्र कुमार (1995): ACS, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग तथा ACS, बागवानी विभाग। टी.एल. सत्यप्रकाश (2002): प्रबंध निदेशक, हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड तथा मुख्य प्रशासक, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP)। संगीत तेतरवाल (2013): श्रम आयुक्त, हरियाणा तथा विशेष सचिव, श्रम विभाग। फूलचंद मीणा (2011): प्रबंध निदेशक, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) और साकेत कुमार (2005) को महानिदेशक, उद्योग एवं वाणिज्य तथा महानिदेशक, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME)। अमनीत पी. कुमार (2001): सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग। विजय सिंह दहिया (2001): आयुक्त एवं सचिव, पुरालेख विभाग। ए. श्रीनिवास (2004): सचिव, खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग। महेश्वर शर्मा (2007): विशेष सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में लगाया गया है। इनके साथ ही रेनू एस. फुलिया (2003): आयुक्त, अंबाला मंडल, अंबाला। मंदीप कौर (2013): निदेशक, कला एवं सांस्कृतिक मामले। प्रदीप कुमार (2011): प्रबंध निदेशक, हरियाणा लैंड रिक्लेमेशन एंड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन। मनोज कुमार-II (2014): विशेष सचिव, श्रम विभाग। मनीराम शर्मा (2009): विशेष सचिव, गृह-II विभाग तथा आयुक्त, गुरुद्वारा चुनाव। यशपाल (2011): निदेशक, शहरी स्थानीय निकाय तथा विशेष सचिव, शहरी स्थानीय निकाय विभाग। नरहरि सिंह बांगड़ (2011): निदेशक, कृषि एवं किसान कल्याण। डॉ. शालीन (2012): निदेशक, माध्यमिक शिक्षा एवं विशेष सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग। प्रशांत पंवार (2015): जिला उपायुक्त, नूंह तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मेवात विकास प्राधिकरण। अजय कुमार (2013): जिला उपायुक्त, रोहतक और धीरज कुमार (2016) को जिला उपायुक्त, कुरुक्षेत्र में लगाया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लोकतंत्र सेनानी स्वर्गीय महावीर प्रसाद जैन को दी श्रद्धांजलि

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज जशपुरनगर के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवं लोकतंत्र सेनानी स्वर्गीय  महावीर प्रसाद जैन के निवास पहुंचकर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने शोक संतप्त परिजनों से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय  महावीर प्रसाद जैन का जीवन समाज सेवा और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण रहा है। उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा और समाज को प्रेरणा देता रहेगा। इस अवसर पर विधायक मती गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष  यश प्रताप सिंह जूदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

कीमती धातुओं में भूचाल: चांदी में भारी गिरावट, सोने के दाम भी धड़ाम

नई दिल्ली सोने और चांदी के भाव में आज गुरुवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, आज 24 कैरेट के सोने का भाव 151,637 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर मिल रहा है। इससे पहले बीते बुधवार को यह 1,54,879 रुपये प्रति 10 ग्राम पर मिल रहा था। यानी आज यह 3242 रुपये सस्ता हुआ है। 22 कैरेट के गोल्ड के भाव की बात करें तो आज यह 1,51,030 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है और इसमें 3,229 रुपये की गिरावट देखी गई है। बता दें कि बुधवार को इसकी कीमत 1,54,259 रुपये थी। वहीं, 18 कैरेट वाला गोल्ड आज गुरुवार को 138,899 रुपये प्रति 10 गाम के भाव पर बिक रहा है। इसका पिछला बंद प्राइस 1,41,869 रुपये प्रति 10 ग्राम था। यानी आज यह 2,970 रुपये सस्ता हुआ है। वहीं, bullions.co.in के मुताबिक, आज 24 कैरेट के सोने के दाम में 4350 रुपये की गिरावट देखी गई है और यह 149,450 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है। आज का चांदी का भाव आईबीजेए के मुताबिक, अगर चांदी की कीमत की बात करें तो आज एक किलो चांदी की कीमत 2,36,809 रुपये है। इससे पहले बीते बुधवार को यह 2,49,907 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रही थी। यानी आज चांदी के दाम में 13,098 रुपये प्रति किलो की गिरावट देखी गई है। वहीं, बुलियंस.को पर चांदी 235,050 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रही है। इसमें 13120 रुपये की गिरावट आई है। बता दें कि आईबीजेए दिन में दो बार सोने- चांदी के रेट जारी करता है। MCX पर सोने-चांदी के रेट गुरुवार के कारोबारी सत्र में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के पीछे मुख्य वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति का ऐलान और वैश्विक निवेशकों की सतर्कता रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड की कीमत करीब 1.22% गिरकर 4,836 डॉलर प्रति औंस पर आ गई, जबकि चांदी की कीमत 2.25% से ज्यादा टूटकर 75.75 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। मार्च महीने में अब तक सोना करीब 4% कमजोर हुआ है, वहीं चांदी में लगभग 16% की बड़ी गिरावट देखी गई है। फेड के फैसले का असर अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने लगातार दूसरी बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। 18 मार्च को हुई फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक में यह फैसला लिया गया। फिलहाल फेडरल फंड्स रेट 3.5% से 3.75% के दायरे में बना हुआ है। यह फैसला बाजार की उम्मीदों के अनुरूप रहा, क्योंकि मध्य-पूर्व में जारी तनाव के चलते महंगाई बढ़ने का खतरा बना हुआ है। इससे पहले सितंबर, अक्टूबर और दिसंबर 2025 में फेड लगातार तीन बार 0.25% की दर से कटौती कर चुका था। निवेशकों की नजर फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल की टिप्पणियों पर भी टिकी रही, जिसने बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाई। मध्य-पूर्व तनाव और कच्चे तेल की कीमतें मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष भी बुलियन बाजार को प्रभावित कर रहा है। United States और Israel द्वारा Iran पर हमले और तेहरान की जवाबी कार्रवाई के चलते तनाव तीसरे हफ्ते में पहुंच गया है। इस कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं, जिससे महंगाई को लेकर चिंता बढ़ी है और निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। घरेलू बाजार का हाल भारतीय वायदा बाजार MCX पर सोना लगभग ₹1,55,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा था, जबकि चांदी ₹2,50,000 प्रति किलोग्राम के करीब बनी हुई थी। विशेषज्ञ की राय लेमोन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च एनालिस्ट Gaurav Garg के अनुसार, “कीमती धातुओं में हालिया उतार-चढ़ाव का मुख्य कारण फेड की नीति से पहले निवेशकों की सतर्कता और मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के चलते ऊंची तेल कीमतों से जुड़ी महंगाई की चिंता है।” फिलहाल बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है और निवेशक आगे फेड की नीति संकेतों और वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर बनाए हुए हैं।  

महिला सशक्तिकरण पर जोर: पंजाब सरकार की नई योजनाएं, आरक्षण से लेकर आर्थिक मदद तक

चंडीगढ़ पंजाब के गौरवशाली विकास के सफर में महिलाओं की अहम भूमिका का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सरकार की उपलब्धियां गिनाई हैं। CM मान ने गुरुवार को प्रशासन, अर्थव्यवस्था और समाज में महिलाओं के महत्व को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा है कि वास्तविक महिला सशक्तिकरण शिक्षा, उचित प्रतिनिधित्व और आर्थिक अवसरों के माध्यम से ही संभव है। जमीनी स्तर पर अपने कौशल से सफल हुई महिला उद्यमियों को सम्मानित करने के लिए आज मोहाली में आयोजित समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘आप’ सरकार की पहलों, नौकरियों में आरक्षण और वित्तीय सहायता सहित व्यापक आजीविका कार्यक्रमों की जानकारी दी और महिलाओं से निर्णय लेने वाले पदों तक पहुंचने और राज्य के भविष्य को संवारने की अपील की। महिला उद्यमियों को सम्मानित करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह बेहद जरूरी है कि लड़कियां आगे आएं और शिक्षा के माध्यम से खुद को सशक्त बनाएं। यह देश के लिए लाभदायक है क्योंकि घर और परिवार को बेहतर तरीके से संभालने वाली महिलाएं देश की व्यवस्था को भी बेहतर ढंग से चला सकती हैं। राज्य सरकार इस दिशा में पूरी तरह प्रतिबद्ध है और कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही।” वहीं राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा, “लड़कियों को आगे आकर राजनीति में कदम रखना चाहिए ताकि वे निर्णय लेने में सक्रिय भागीदार बन सकें और समाज में जरूरी बदलाव ला सकें। आज लड़कियां लगभग हर क्षेत्र में लड़कों से आगे हैं, लेकिन राजनीति में अभी भी पीछे हैं। इस क्षेत्र को लंबे समय से पुरुषों का गढ़ माना जाता रहा है, लेकिन अब समय आ गया है कि महिलाएं यहां भी अपनी पहचान बनाएं। समानता पर आधारित समाज और जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए महिलाओं की भागीदारी जरूरी है। महिलाओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे और उनके परिवार अपने वोट का इस्तेमाल पूरी समझदारी और जिम्मेदारी से करें, ताकि विधानसभा और संसद के लिए योग्य नेताओं का चयन हो सके।” राज्य के व्यापक दृष्टिकोण को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा, “यह पंजाब को प्रगतिशील और समृद्ध राज्य बनाने में मदद करेगा। यह गर्व की बात है कि आज लड़कियां हर क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं और राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। ‘आप’ सरकार ने कई महिलाओं को डिप्टी कमिश्नर और एसएसपी के पदों पर नियुक्त किया है, जो एक बड़ा बदलाव है। किसी भी सरकार की तुलना में ‘आप’ द्वारा इन पदों पर सबसे अधिक महिलाओं को नियुक्त किया गया है।” महिलाओं को प्रेरित करने के लिए वैश्विक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, “चीन में हर महिला किसी न किसी उत्पादन कार्य में लगी हुई है। यदि वे निर्यात करना बंद कर दें, तो विश्व की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो जाएगी। पंजाबी महिलाओं को माता गुजरी जी, माई भागो और अन्य महान हस्तियों से प्रेरणा लेनी चाहिए और विभिन्न क्षेत्रों में ऊंचाइयों को छूना चाहिए। हमारी सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार किए हैं, ताकि पूरे राज्य में विशेष रूप से लड़कियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा सके। शिक्षा कमजोर वर्गों के जीवन में बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाती है, लेकिन पिछली सरकारों द्वारा इसे पूरी तरह नजरअंदाज किया गया।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि कोई भी मुफ्त सुविधा या रियायत गरीबी या सामाजिक बुराइयों को समाप्त नहीं कर सकती। शिक्षा ही इस चक्र को तोड़ने और जीवन स्तर को बेहतर बनाने का एकमात्र तरीका है, और इसी कारण हमारी सरकार इसे मजबूत करने के लिए लगातार मेहनत कर रही है। महिलाओं को कड़ी मेहनत करनी चाहिए और हर क्षेत्र में समर्पण के साथ उत्कृष्टता हासिल करनी चाहिए। सरकार की ओर से पूरी सहायता दी जा रही है, लेकिन समय के साथ कदम मिलाकर चलने के लिए नए कौशल सीखना और खुद को लगातार अपडेट करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने आगे कहा, “आज पंजाब की महिलाओं के लिए ऐतिहासिक दिन है, जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन से अपनी पहचान बनाई है। महिला उद्यमियों को हमेशा अवसर मिलने चाहिए और हम उन्हें सम्मानित करके गर्व महसूस कर रहे हैं। किसी भी समाज का विकास महिलाओं के योगदान के बिना अधूरा है।” सांस्कृतिक और दार्शनिक पृष्ठभूमि का हवाला देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख सिद्धांतों में महिलाओं को हमेशा सम्मानजनक स्थान दिया गया है। आज पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (पीएसआरएलएम) के तहत 23 जिलों की 100 सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली महिला उद्यमियों को सम्मानित किया जा रहा है। प्रत्येक को 25,000 रुपये, एक प्रमाणपत्र और एक स्मृति चिन्ह दिया जाएगा। इससे पहले 117 विधानसभा क्षेत्रों में 11,700 महिलाओं को सम्मानित किया गया था। उन्होंने कहा, “जिला स्तर पर 23 जिलों में 2,300 महिलाओं को सम्मानित किया गया। कुल 58,303 स्वयं सहायता समूह बनाए गए हैं, जिनसे लगभग 5.89 लाख ग्रामीण परिवार जुड़े हैं और इन्हें मजबूत करने के लिए 147 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है।” हर महीने मिलेंगे 1000 रुपए उद्यमिता के क्षेत्र में पहल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पहल स्टार्टअप प्रोजेक्ट के तहत 2,000 से अधिक स्टार्टअप शुरू किए गए हैं, जिससे 7,560 लोगों को रोजगार मिला है और यह आर्थिक मजबूती की दिशा में बड़ा कदम है। इसके अलावा 19 जिलों में सखी शक्ति मेले आयोजित किए गए हैं, जिनसे महिलाओं को एक करोड़ रुपये से अधिक की आय हुई है।