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IPL टीमों के लिए नई चिंता, ऑस्ट्रेलियाई पेस अटैक से बिगड़ा गेम प्लान

 नई दिल्ली 28 मार्च से इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 19वें सीजन की शुरुआत हो रही है. सीजन का ओपनर मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के बीच बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में होना है. आईपीएल के लिए सभी 10 टीमें तैयारियों में जुटी हैं, वहीं खिलाड़ियों की इंजरी से भी टीमों को दो चार होना पड़ा है। आईपीएल शुरू होने से ठीक पहले बड़ी टेंशन ऑस्ट्रेलिया के स्टार तेज गेंदबाजों ने बढ़ाई है. मिचेल स्टार्क, पैट कमिंस और जोश हेजलवुड टूर्नामेंट के शुरुआती चरण में उपलब्ध नहीं होंगे. वहीं सबसे बड़ा झटका चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) को लगा है क्योंकि फास्ट बॉलर नाथन एलिस हैमस्ट्रिंग इंजरी के चलते पूरी आईपीएल सीजन बाहर हो गए. रिपोर्ट्स के मुताबिक सीएसके अब उनके रिप्लेसमेंट की तलाश में है। जोखिम नहीं लेना चाहता बोर्ड क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) अपने प्रमुख तेज गेंदबाजों को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहता. आने वाले 12 महीनों में टीम को करीब 21 टेस्ट मैच खेलने हैं, जिसमें भारत, इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका के बड़े दौरे शामिल हैं. इसके अलावा 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी भी ध्यान में रखी जा रही है। सनराइजर्स हैदराबाद के नियमित कप्तान पैट कमिंस बैक इंजरी से परेशान हैं. उधर जोश हेजलवुड हैमस्ट्रिंग और अकिलिज टेंडिनाइटिस (एड़ी की नस में सूजन) से जूझ रहे हैं. मिचेल स्टार्क ने हालिया समय में काफी ज्यादा टेस्ट क्रिकेट खेला है. तीनों तेज गेंदबाजों को धीरे-धीरे वापसी के लिए तैयार किया जा रहा है। कप्तान पैट कमिंस की गैरमौजूदगी में सनराइजर्स हैदराबाद की गेंदबाजी थोड़ी कमजोर हो गई है. कमिंस की अनुपस्थिति में ईशान किशन इस टीम की कप्तानी करने जा रहे हैं. दूसरी तरफ रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को जोश हेजलवुड की अनुपस्थिति में गेंदबाजी कॉम्बिनेशन बदलना पड़ेगा. दिल्ली कैपिटल्स (DC) को निश्चित तौर पर शुरुआती मैचों में मिचेल स्टार्क की कमी खलेगी। एलिस का विकल्प खोज पाएगी CSK? नाथन एलिस के बाहर होने से सीएसके के पास डेथ ओवर्स स्पेशलिस्ट गेंदबाज की कमी हो गई है. एलिस के बाहर होने की वजह पुरानी हैमस्ट्रिंग इंजरी का दोबारा उभरना है, जो उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप से पहले झेली थी. हाल ही में होबार्ट में हुए वनडे कप फाइनल के दौरान यह चोट फिर से गंभीर हो गई। मिचेल स्टार्क, पैट कमिंस और जोश हेजलवुड की वापसी उनकी फिटनेस प्रगति पर निर्भर करेगी. अगर सब कुछ ठीक रहा, तो ये खिलाड़ी टूर्नामेंट के बीच में जुड़ सकते हैं. लेकिन शुरुआती मुकाबलों में इनकी गैरमौजूदगी ने आईपीएल टीम्स का संतुलन जरूर बिगाड़ दिया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, ‘चेटीचंड पर्व भारतीयों के हृदय में अखंड भारत का सपना जगाता है

चेटीचंड पर्व अखंड भारत की याद दिलाकर भारतीयों के हृदय में जागृत रखता है अखंड भारत का सपना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बाबा महाकाल की नगरी से देश, प्रदेशवासियों को दी चेटीचंड महापर्व की मंगलकामनाएं भगवा ध्वज लहराकर चेटीचंड महापर्व पर सिंधी समाज के चल समरोह का किया शुभारंभ जनप्रतिनिधि और मशहूर हस्तियां भी शामिल हुई चल समारोह में भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि चेटीचंड का पर्व अखंड भारत की याद दिलाता है और भारतीयों के हृदय में अखंड भारत का सपना जागृत रखता है। सामाजिक उत्सवों से एक दूसरे के प्रति प्रेम और आत्मीयता बढ़ती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्राट विक्रमादित्य को उनकी वीरता, न्यायप्रियता और दानशीलता के लिए याद किया उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य से प्रेरित होकर शासन उन गुणों को आत्मसात कर सुशासन के नए आयाम स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन के टावर चौक पर चेटीचंड महापर्व पर आयोजित सिंधी समाज के चल समरोह का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रम संवत 2083 में बाबा महाकाल की नगरी से देश एवं प्रदेशवासियों को चेटीचंड के महापर्व की मंगलकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश, प्रदेश विकास के नवीन आयाम स्थापित कर रहा है। सिंहस्थ 2028 के लिए सरकार नवीन विकास के कार्य कर रही है। सभी गणमान्य नागरिक भी विकास कार्यों में अपना योगदान दे रहे है। आगामी सिंहस्थ के दिव्य आयोजन से प्रदेश और उज्जैन की वैश्विक पटल पर नवीन पहचान स्थापित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवा ध्वज लहराकर चल समारोह का शुभारंभ किया। रैली में विशिष्ट अतिथि राज्यसभा सांसद और एक्ट्रेस सुजयाप्रदा, मशहूर एक्टर आफताब शिवदासानी, तारक मेहता का उल्टा चश्मा फेम गोली उपस्थित रहे। इस अवसर पर सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, संजय अग्रवाल, महेश पारियानी, डॉ. जितेंद्र जेठवानी और बड़ी संख्या में सिंधी समाजगण उपस्थित रहे।  

गैस की किल्लत में बड़ी राहत: झारखंड में पाइपलाइन गैस से चल रही रसोई और कारोबार

रामगढ़. जिले में पाइप लाइन से गैस आपूर्ति शुरू होने से कई घरों व होटलों में बड़ी परेशानी दूर हुई है। कई होटल संचालकों के लिए शुरू हुई यह सुविधा सहारा बनी है और लगातार पीएनजी कनेक्शन बढ़ रहे हैं, इसके लिए लोग रजिस्ट्रेशन में भी करवा रहे हैं। कई होटल संचालकों ने बेबाक कहा कि जब कॉमर्शियल गैस सिलिंडर मिलना बंद हुआ तो हमलोग अधिक विचलित नहीं हुए, क्योंकि उन्होंने पीएनजी कनेक्शन करीब डेढ़ माह पहले से ले रखा था। अगर यह कनेक्शन उनके होटल में न होता उन्हें होटल बंद करना पड़ता। यही नहीं होटल में काम कर रहे अपने कर्मचारियों को खाना कैसे खिलाते यह भी बड़ी समस्या सामने आती। वर्तमान में इंडियन आयल ने शहरी क्षेत्र में पाइप लाइन के माध्यम से गैस आपूर्ति कर रही है। करीब तीन सौ घरों व आधे दर्जन होटल में पीएनजी कनेक्शन से खाना तैयार हो रहा है। जानकार बताते हैं कि घरों में 40 प्रतिशत तक गैस का खर्च कम हुआ है। हालांकि, जिला प्रशासन की ओर से होटल संचालकों को पीएनजी की 20 प्रतिशत कटौती के आदेश से होटल संचालक सकते में हैं। यही नहीं कई होटलों में डीजे सेट यानी जेनरेटर भी पीएनजी से संचालित किए जा रहे हैं। इससे इनकी काफी समस्या दूर हुई है। वहीं, कई मोबाइल टावरों में जेनरेटर भी पीएनजी से ही चल रहे हैं। इससे डीजल ढोकर टावर तक लाने व जेनरेटर में डालने की परेशानी दूर हुई है। कॉमर्शियल सिलिंडर की कमी शहर के लगभग सभी होटल एवं रेस्टोरेंट संचालक इन दिनों कमर्शियल एलपीजी गैस की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं। पिछले एक पखवारे से कामर्शियल सिलिंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं, इससे शहर के रेस्टोरेंट व्यवसाय पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। कई रेस्टोरेंट संचालकों को मजबूरी में कोयला भट्टी का सहारा ले रहे हैं। कई होटल संचालक ब्लैक में सिलिंडर खरीद अपना काम चला रहे हैं। इससे मुनाफाखोरों की चांदी हैं। वे एक सिलिंडर पर पांच से सात सौ रुपये तक की अतिरिक्त वसूली होटल संचालकों से कर रहे हैं। पिछले 15 दिनों से कॉमर्शियल सिलिंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे है। इससे पूरे शहर के होटल व्यवसाय पर गंभीर प्रभाव पड़ा है और भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई होटल संचालकों को अपना होटल चलाने के लिए ऊंची कीमतों पर सिलिंडर खरीदना पड़ रहा है। – मुरारी अग्रवाल, चौपाटी होटल संचालक, रामगढ़। कुछ रेस्टोरेंट्स को हाल ही में पीएनजी गैस पाइपलाइन कनेक्शन मिला है, इससे उनपर एलपीजी संकट का सीधा असर नहीं पड़ा। हालांकि, भारत सरकार के गजट नोटिफिकेशन के अनुसार अब कॉमर्शियल उपयोगकर्ताओं के लिए पीएजी गैस की आपूर्ति भी 80 प्रतिशत तक सीमित कर दी गई है। इससे उनकी संचालन क्षमता पर भी असर पड़ेगा। – कमल शर्मा, मारवाड़ी होटल संचालक, रामगढ़। रामगढ़ के रेस्टोरेंट व्यवसायियों की मांग है कि गैस एजेंसियां कम से कम 80 प्रतिशत तक कामर्शियल एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि वे अपने व्यवसाय को सुचारू रूप से चला सकें और इस आर्थिक संकट से उबर सकें। वर्तमान में पीएनजी कनेक्शन ने उन्हें काफी राहत दी है। – सजल चड्ढ़ा, होटल वेव्स संचालक, रामगढ़। वर्तमान में शहरी क्षेत्र में पौने तीन सौ घरेलु कनेक्शन दिए गए हैं। इसके अलावा आधा दर्जन रेस्टोरेंट-होटलों में भी कनेक्शन दिए गए हैं। यही नहीं कई होटलों में जेनरेटर आदि भी पीएनजी से ही चलाए जा रहे हैं। इसके अलावा कई मोबाइल टावरों को भी डीजी सेट चलाने के लिए कनेक्शन दिए गए हैं। – राहुल साव, पीएनजी इंचार्ज रामगढ़।

कैलादेवी शक्तिपीठ में नवरात्रि महापर्व: 1100 वर्षों की आस्था और लक्खी मेले का अद्भुत संगम

करौली उत्तर भारत के प्रमुख शक्तिपीठों में शामिल कैलादेवी धाम करौली जिला मुख्यालय से करीब 23 किलोमीटर दूर त्रिकूट पर्वत पर स्थित है। यह मंदिर देशभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है, जहां सालभर भक्तों का आना-जाना लगा रहता है। इतिहासकार वेणु गोपाल शर्मा के अनुसार कैलादेवी माता की मूर्ति की स्थापना वर्ष 1114 ई. में महात्मा केदार गिरि ने की थी। इसके बाद 1116 ई. में खींची राजा मुकुंद दास ने मंदिर का निर्माण कराया, जबकि 1153 ई. में रघुनाथ दास खींची ने इसका विस्तार किया। बाद में 1753 में राजा गोपाल सिंह ने मंदिर को भव्य स्वरूप दिया। करौली राजघराने ने माता को कुलदेवी के रूप में स्थापित किया, जिसके बाद से मंदिर का महत्व लगातार बढ़ता गया। अरावली पर्वतमाला के बीच स्थित इस धाम में माता कैलादेवी के साथ मां चामुंडा की प्रतिमा भी विराजमान है। मंदिर परिसर आज विशाल और भव्य स्वरूप में विकसित हो चुका है। कैलादेवी धाम में साल में दो बार मेला लगता है। चैत्र नवरात्रि के दौरान यहां लख्खी मेला भरता है, जो करीब 20 दिन तक चलता है। इस दौरान 50 लाख से अधिक श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जिससे यहां लघु कुंभ जैसा दृश्य देखने को मिलता है। शारदीय नवरात्रि में भी करीब 10 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। करौली राजपरिवार से जुड़े राजऋषि प्रकाश जती के अनुसार नवरात्रि में घट स्थापना के समय माता को धारण कराई गई पोशाक अष्टमी तक नहीं बदली जाती। इस दौरान माता के प्राचीन आभूषण भी धारण कराए जाते हैं। अष्टमी के बाद ही माता का विशेष शृंगार किया जाता है। मान्यता है कि विवाह, संतान प्राप्ति, नए वाहन पूजन या मनोकामना पूर्ण होने पर भक्त माता के दरबार में दर्शन के लिए अवश्य आते हैं। बच्चों का पहला मुंडन संस्कार भी यहां कराना शुभ माना जाता है। कैलादेवी धाम में भक्ति का अनोखा रंग लांगुरिया गीतों के रूप में देखने को मिलता है। ढोल-नगाड़ों की धुन पर श्रद्धालु नृत्य करते हैं। यहां भगवान कृष्ण को लांगुरिया के रूप में पूजा जाता है। माता के दर्शन के बाद बोहरा भगत के दर्शन करना अनिवार्य माना जाता है। श्रद्धालुओं के अनुसार इनके दर्शन के बिना कैलादेवी की यात्रा अधूरी मानी जाती है।

NZ vs SA: लैथम चमके, साउथ अफ्रीका पर भारी पड़ी न्यूजीलैंड की टीम

वेलिंग्टन न्यूजीलैंड ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ घरेलू पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-1 की बढ़त हासिल कर ली है। मेजबान न्यूजीलैंड ने शुक्रवार को तीसरे टी20 में 9 विकेट से दमदार जीत दर्ज की। न्यूजीलैंड ने 137 रनों का टारगेट 17.2 ओवर में दो विकेट के नुकसान पर आसानी से चेज कर लिया। ओपनर टॉम लैथम की फिफ्टी ने साउथ अफ्रीका का बेड़ा गर्क किया। वह 55 गेंदों में 63 रन बनाकर रहे, जिसमें सात चौके और दो छक्के हैं। लक्ष्य का पीछा करते हुए लैथम और डेवोन कॉनवे (26 गेंदों में 39) ने न्यूजीलैंड को शानदार शुरआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 96 रनों की साझेदारी की। कॉनवे को कार्यवाहक कप्तान केशव महाराज ने 12वें ओवर में पवेलियन भेजा। इसके बाद, लैथम और रॉबिन्स ने दूसरे विकेट के लिए 40 रनों की पार्टनरशिप की। रॉबिन्स 17वें ओवर में सिपामला का शिकार बने। उन्होंने 16 गेंदों में दो चौकों के जरिए 17 रन बटोरे। निक केली (नाबाद 1) ने विजयी रन बनाया। आज न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के बीच तीसरा टी20 मुकाबला ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेला जा रहा है। साउथ अफ्रीका ने मेजबान न्यूजीलैंड के सामने 137 रनों का टारगेट रखा है। साउथ अफ्रीका ने निर्धारित 20 ओवर में 9 विकेट पर 136 रन जुटाए। दसवें नंबर पर उतरे नकोबानी मोकोएना ने सर्वाधिक रन बनाए। उन्होंने 20 गेंदों में एक चौके और तीन छक्कों की मदद से नाबाद 26 रनों की पारी खेली।  उन्होंने जॉर्ज लिंडे ने 23, डियान फॉरेस्टर ने 17 और गेराल्ड कोएत्जी ने 16 रनों का योगदान दिया। टोनी डी जोरजी और कॉनर एस्टरहुइजन के बल्ले से 15-15 रन निकले। ओपनर वियान मुल्डर का खाता नहीं खुला। काइल जैमीसन, मिचेल सेंटनर और बेन सियर्स ने दो-दो शिकारिए। दोनों टीम पांच मैचों की सीरीज फिलहल 1-1 की बराबरी पर है। केशव महाराज की कप्तानी वाली साउथ अफ्रीकी टीम ने पहला मैच सात विकेट से अपने नाम किया जबकि मिचेल सेंटनर की अगुवाई वाली टीम ने दूसरे टी20 में 68 रनों से जीत दर्ज कर धमाकेदार वापसी की।

स्क्रैप से बनेगा स्टील, युवाओं को मिलेगा रोजगार: CM मान का बड़ा ऐलान

लुधियाना. पंजाब के औद्योगिक शहर लुधियाना में स्टील उद्योग के क्षेत्र में एक नई शुरुआत होने जा रही है। टाटा ने हाईटेक वैली में देश का पहला ग्रीन स्टील प्लांट तैयार कर लिया है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। आज पंजाब के मुख्यमंत्री द्वारा करीब 3,200 करोड़ रुपये की लागत से बने इस आधुनिक प्लांट का उद्घाटन किया जाएगा। करीब 115 एकड़ क्षेत्र में फैले इस प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता 0.75 मिलियन टन (लगभग 7 लाख 50 हजार टन) रखी गई है। स्क्रैप से बनेगा स्टील इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात इसकी अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस तकनीक है, जिसके माध्यम से स्क्रैप यानी पुराने लोहे को गलाकर नया स्टील तैयार किया जाएगा। यह तकनीक पारंपरिक स्टील उत्पादन की तुलना में काफी कम कार्बन उत्सर्जन करती है, जिससे पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव न्यूनतम रहेगा। यह प्लांट भारत में ग्रीन स्टील उत्पादन की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। यहां तैयार होने वाला स्टील मुख्य रूप से टाटा टिस्कॉन (रिबार) के रूप में उपयोग किया जाएगा, जो निर्माण कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कंपनी का दावा है कि इस प्रक्रिया में प्रदूषण लगभग शून्य के बराबर होगा और ऊर्जा की खपत को भी कम से कम रखने के लिए ग्रीन पावर का उपयोग किया जाएगा। 2500 नए रोजगार के अवसर  इस परियोजना के साथ-साथ लुधियाना में औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी। टाटा स्टील द्वारा यहां एक और बड़े स्टील प्लांट की आधारशिला भी रखी गई है, जिसकी लागत लगभग 3200 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस नए प्रोजेक्ट के जरिए करीब 2,500 लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाएगा, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। पंजाब के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि टाटा स्टील का यह ग्रीन प्लांट न केवल तकनीकी रूप से उन्नत है, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल औद्योगिक विकास का भी उदाहरण प्रस्तुत करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्क्रैप आधारित स्टील उत्पादन भविष्य की जरूरत है, क्योंकि इससे प्राकृतिक संसाधनों की बचत के साथ-साथ प्रदूषण में भी कमी आती है। टाटा स्टील का यह कदम देश में टिकाऊ औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगा और अन्य कंपनियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा। लुधियाना में स्थापित यह ग्रीन स्टील प्लांट न केवल पंजाब बल्कि पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो उद्योग और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक मजबूत पहल को दर्शाता है।

एसपी ने तरावली माता मंदिर में किया औचक निरीक्षण, नवरात्रि पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को दी प्राथमिकता

बैरसिया  नवरात्रि पर्व के मद्देनज़र जिला भोपाल (देहात) पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रही है। थाना बैरसिया क्षेत्र के प्रसिद्ध तरावली माता मंदिर में 19 मार्च से 27 मार्च तक आयोजित होने वाले नवरात्रि महोत्सव के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री रामशरण प्रजापति ने मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों का औचक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान एसपी ने मंदिर परिसर, प्रवेश एवं निकास मार्ग, पार्किंग व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, बैरिकेडिंग और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन उपलब्ध कराना पुलिस की पहली जिम्मेदारी है। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. नीरज चौरसिया, एसडीओपी बैरसिया सुश्री वैशाली एवं थाना प्रभारी वीरेंद्र सेन सहित पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। एसपी के सख्त निर्देश— नवरात्रि के दौरान सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक न हो, इसके लिए पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को निम्न निर्देश दिए— मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में लगातार पुलिस पेट्रोलिंग की जाए। भीड़ नियंत्रण हेतु पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर प्रभावी बैरिकेडिंग सुनिश्चित की जाए। यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए डायवर्जन प्लान का सख्ती से पालन कराया जाए। वाहन पार्किंग केवल निर्धारित स्थलों पर ही कराई जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जूते-चप्पल रखने हेतु पृथक स्टैंड बनाए जाएं। महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था सुनिश्चित हो। संदिग्ध व्यक्तियों एवं गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। महिला सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस बल एवं हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएं। ड्यूटी में तैनात सभी अधिकारी-कर्मचारी पूरी मुस्तैदी और जिम्मेदारी से कार्य करें। एसपी श्री प्रजापति ने दो टूक कहा कि नवरात्रि पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जिला भोपाल (देहात) पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे प्रशासन का सहयोग करें और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए इस पावन पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सफल .

तेल बाजार में हलचल, ईरान संकट से पावर पेट्रोल के दाम उछले

नई दिल्ली पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के बाद बनी ईंधन संकट की स्थिति का पहली बार पेट्रोल की कीमतों पर असर पड़ा है। देश में प्रीमियम यानी पावर पेट्रोल की कीमतें बढ़ा दी गई हैं। जानकारी के मुताबिक, प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में 2.30 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, पेट्रोल डीलरों ने इस बात की पुष्टि की है। रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल यह कीमतें सिर्फ पावर पेट्रोल की कीमतों पर लागू होंगी और रेगुलर पेट्रोल की कीमत नहीं बढ़ाई गई है। इस बढ़ोतरी का असर मुख्य रूप से उन ग्राहकों पर पड़ेगा जो हाई-ऑक्टेन या प्रीमियम पेट्रोल का इस्तेमाल करते हैं। बता दें कि प्रीमियम पेट्रोल का इस्तेमाल आमतौर पर बेहतर इंजन परफॉर्मेंस और ज़्यादा माइलेज के लिए किया जाता है। फिलहाल तेल कंपनियों की ओर से कीमतों में बढ़ोतरी का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है। हालांकि जानकारों का मानना ​​है कि ईरान युद्ध के चलते ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और लॉजिस्टिक्स खर्च में बदलाव कीमत में बढ़ोतरी की मुख्य वजह हो सकती हैं।  

खनिज-पुलिस की संयुक्त रेड: भारी मशीनरी के साथ 11 हाइवा पकड़े, मचा हड़कंप

आरंग/रायपुर. महानदी से रेत के अवैध दोहन का काला कारोबार करने वालों पर प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद रायपुर खनिज विभाग, राजस्व और आरंग पुलिस की संयुक्त टीम ने देर रात एक बड़ा ‘स्ट्राइक’ करते हुए करोड़ों की मशीनरी और वाहनों को अपने कब्जे में ले लिया है. प्रशासन को सूचना मिली थी कि आरंग के कुम्हारी, कुरूद और मोहमेला घाटों पर रात के अंधेरे में अवैध उत्खनन का खेल धड़ल्ले से चल रहा है. योजनाबद्ध तरीके से की गई इस छापेमारी में प्रशासन ने रेत के अवैध परिवहन में लगे 11 हाइवा वाहन, नदी के बीच से रेत निकालने के लिए इस्तेमाल में लाया जा रहा एक चैन माउंटेन मशीन और घाटों पर लोडिंग के लिए तैनात दो जेसीबी मशीन को जब्त किया है. इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए जिले के आला अधिकारियों ने मोर्चा संभाला. इसमें मुख्य रूप से एएसपी, रायपुर ग्रामीण अभिषेक झा, खनिज अधिकारी उमेश भार्गव, नायब तहसीलदार गजानंद सिदार, आरंग थाना प्रभारी हरीश साहू शामिल रहे. पकड़े गए सभी वाहनों और मशीनों को जब्त कर गिधपुरी, उपरवारा और आसपास के स्थानीय थानों की सुपुर्दगी में दे दिया गया है. इन सभी पर खनिज अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है. इस अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया है और कई लोग घाट छोड़कर भाग खड़े हुए. ग्रामीणों ने ली राहत की सांस आरंग महानदी से बेतहाशा रेत चोरी के कारण न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा था, बल्कि भारी वाहनों की आवाजाही से ग्रामीण सड़कें भी जर्जर हो रही थीं. प्रशासन की इस सख्ती के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि अब अवैध उत्खनन पर पूरी तरह से लगाम लगेगी.

सीएम मोहन यादव शनिवार को जयपुर में उद्योगपतियों से संवाद करेंगे, मध्यप्रदेश में निवेश के अवसर बताएंगे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्य प्रदेश को देश का भरोसेमंद और तेजी से उभरता निवेश गंतव्य बनाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय हैं। इसी कड़ी में वे विभिन्न राज्यों में रोड-शो और उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन संवाद कर राज्य की औद्योगिक संभावनाओं को साझा कर रहे हैं। 21 मार्च को जयपुर के आईटीसी राजपूताना में आयोजित इंटरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्यूनिटीज इन मध्य प्रदेश में वे उद्योग जगत से सीधे संवाद करेंगे और राज्य में निवेश के अवसरों, नई औद्योगिक नीतियों और बेहतर अधोसंरचना के बारे में जानकारी देंगे।  मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश अब संभावनाओं तक सीमित राज्य नहीं रहा। नीतिगत स्पष्टता, त्वरित निर्णय क्षमता और मजबूत औद्योगिक आधार के साथ राज्य निवेश को धरातल पर उतारने में अग्रणी बन गया है। उनका मानना है कि निवेश केवल पूंजी नहीं, बल्कि रोजगार सृजन, कौशल विकास, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और क्षेत्रीय विकास का माध्यम है। जयपुर सत्र में कृषि, फूड प्रोसेसिंग, डेयरी, टेक्सटाइल, गारमेंट्स, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, नवीकरणीय ऊर्जा, माइनिंग और पर्यटन क्षेत्रों के उद्योगपति और संगठन शामिल होंगे। वन-टू-वन बैठक और प्रत्यक्ष संवाद के माध्यम से सेक्टर-विशेष अवसर, परियोजना स्तर के सहयोग और समयबद्ध निवेश क्रियान्वयन पर चर्चा होगी। डॉ. यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश ने हाल ही में 18 नई औद्योगिक नीतियों को लागू किया और दो ‘जन विश्वास अधिनियमों’ के माध्यम से प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया। राज्य में औद्योगिक विकास को पूरे प्रदेश में संतुलित रूप से फैलाने की योजना भी है। इसके तहत उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क, नर्मदापुरम में पावर और रिन्यूएबल एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन, ग्वालियर में फुटवियर पार्क, जबलपुर में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब, रतलाम में मेगा इंडस्ट्रियल पार्क और धार में पीएम मित्रा पार्क जैसी पहलें शामिल हैं। इसके साथ ही भोपाल में संत रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क और इंदौर, भोपाल, उज्जैन, रीवा में विकसित हो रहे आईटी पार्क राज्य के नवाचार, कौशल और प्रतिभा विकास को गति दे रहे हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जयपुर और आसपास के उद्योगपतियों को मध्य प्रदेश के औद्योगिक अवसरों, निवेश प्रोत्साहनों और मजबूत अधोसंरचना से परिचित कर उन्हें निवेश के लिए प्रेरित करना है।