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जनसुविधाओं को गति देने 90 लाख से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन : राज्यमंत्री गौर

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने शनिवार को गोविंदपुरा क्षेत्र में 90 लाख रुपए से अधिक लागत के विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास कार्य आमजन की सुविधा बढ़ाने और जीवन स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि साकेत नगर के 9ए से 9बी तक लगभग 40.23 लाख रुपए की लागत से सड़क डामरीकरण कार्य का भूमिपूजन किया गया, जिससे क्षेत्र की आधारभूत संरचना मजबूत होने के साथ आवागमन और अधिक सुगम होगा। उन्होंने कहा कि वार्ड क्रमांक 54 में लगभग 12.53 लाख रुपए की लागत से अमराई स्थित धनवंतरी पार्क के विकास कार्य का भी भूमिपूजन किया गया, जो नागरिकों को स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने में सहायक होगा। राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि सड़कों के निर्माण, जल निकासी व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, स्ट्रीट लाइट की स्थापना तथा पार्कों के सौंदर्यीकरण जैसे कार्यों से क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिल रही है। इन विकास कार्यों के परिणामस्वरूप जहां एक ओर यातायात व्यवस्था बेहतर हुई है, वहीं स्वच्छता और सुरक्षा के स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है। राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि यह केवल एक स्थान पर किए गए कार्य नहीं हैं, बल्कि पूरे वार्ड में लगभग 90 लाख 60 हजार रुपए की लागत से विभिन्न स्थानों पर सड़क, नाली, पार्क और अन्य निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह विकास कार्य सरकार की स्पष्ट नीति और नीयत का परिणाम हैं, जिसमें आमजन के विश्वास पर खरा उतरना सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्थानीय नागरिकों ने इन कार्यों पर खुशी जताते हुए कहा कि राज्यमंत्री  गौर के प्रयासों से समस्याओं का समाधान तेज गति से हो रहा है।

मेडिकल कॉलेज में प्रदेश की प्रथम डिजिटल लाइब्रेरी का किया शुभारंभ

भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल की अध्यक्षता में श्यामशाह मेडिकल कॉलेज रीवा की सामान्य सभा की बैठक मेडिकल कॉलेज सभागार में संपन्न हुई। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि रीवा में चिकित्सा सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रीवा में 13 किडनी ट्रांसप्लांट और 36 ओपन हार्ट सर्जरी के सफल ऑपरेशन होना क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने निर्देश दिए कि संचालक चिकित्सा शिक्षा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में रिक्त पदों में भर्ती की प्रक्रिया तेज करें। जिससे यहाँ नये विभागों में कार्य शुरू हो सके। डीन सुपर स्पेशलिटी के डॉक्टरों को आयुष्मान योजना की शेष बची प्रोत्साहन राशि का तत्काल वितरण करायें। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों के लिए दो माह में आधुनिक आवास भी उपलब्ध हो जायेंगे। कैंसर यूनिट भवन का निर्माण पूरा होते ही दो माह में कैंसर के उपचार की आधुनिक सुविधा उपलब्ध हो जायेगी। कैंसर के उपचार के लिए लीनेक और पेट स्केन मशीन शीघ्र स्थापित हो जायेगी। कैंसर अस्पताल में 200 बेड में भर्ती की सुविधा मिलेगी। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रदेश की प्रथम डिजिटल लाइब्रोरी का शुभारंभ किया गया है। इसमें पाँच हजार किताबें डिजिटली उपलब्ध है। एक किताब को कई विद्यार्थी एक साथ पढ़ सकते हैं। इसके लॉगिन पासवर्ड से किताबों को डाउनलोड करने की भी सुविधा रहेगी। मेडिकल के विद्यार्थी घर से भी इसका लाभ उठा सकते हैं। इसमें 4 लाख प्रश्न और उत्तर भी उपलब्घ है। मेडिकल एजुकेशन के लिए यह रीवा की बड़ी उपलब्धि है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि स्वीकृत निर्माण कार्य तेजी से पूरा करायें। मेडिकल कॉलेज में 250 सीटों के अनुसार क्लासरूम छात्रावास तथा स्टाफ की व्यवस्था करें। रीवा में प्रदेश का दूसरा शासकीय डेंटल कॉलेज खुलने जा रहा है। इसके भवन निर्माण के लिए 36 करोड़ रूपये मंजूर हो गये हैं। डीन मेडिकल कॉलेज इस वर्ष विभिन्न कार्यों के लंबित बिलों का तत्काल भुगतान करायें। कार्यपालन यंत्री को ट्रांसफार्मर सुधार की राशि का भी तत्काल भुगतान करें। नगर निगम को भी 25 लाख रूपये के सेवा कर का भुगतान करायें। मेडिकल कॉलेज स्वशासी संस्थान है। इसे आवश्यक व्यवस्थाओं तथा अधोसंरचना के विकास एवं मेंटेनेन्स के लिए शासन स्तर से पृथक से राशि देने का प्रयास किया जायेगा। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने अधीक्षक संजय गांधी हॉस्पिटल को अस्पताल में साफ-सफाई, शौचालयों में सुधार और प्रवेश कक्ष को सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिए। बैठक में सांसद  जनार्दन मिश्र, विधायक मऊगंज  प्रदीप पटेल ने विभिन्न विषयों में विचार व्यक्त किए। बैठक में संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ अरूणा कुमार ने कहा कि सामान्य सभा में पारित प्रस्ताओं तथा दिए गये निर्देशों का एक माह में पूरी तरह से पालन कराया जायेगा। लंबित बिलों के भुगतान, भर्ती प्रक्रिया को अधिक सरल बनाने और मेडिकल कॉलेज के लिए वित्त पोषण के लिए आवश्यक व्यवस्थाऐं की जायेंगी। बैठक में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. सुनील अग्रवाल ने विभिन्न कार्यों, आय व्यय और गत बैठक के निर्णय पर कार्यवाही की विस्तृत जानकारी दी। बैठक में पूर्व डीन डॉ. एपी.एस. गहरवार, डॉ. आनंद सिंह, अधीक्षक संजय गांधी हॉस्पिटल डॉ. राहुल मिश्रा, अधीक्षक सुपर स्पेशलिटी डॉ. अक्षय वास्तव, डॉ. प्रियंक शर्मा सहित सामान्य सभा के सदस्य और संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।      

इंदौर में गाइडलाइन पर घमासान: 500 आपत्तियां दर्ज, 24 मार्च को भेजा जाएगा भोपाल

इंदौर इंदौर में नई कलेक्टर गाइडलाइन को लेकर आमजन और वकीलों द्वारा आपत्तियां दर्ज कराई जा रही है। शनिवार को आपत्तियां दर्ज करने के आखिरी दिन तक 500 के करीब आपत्तियां दर्ज हो चुकी थी। इसमें जिले में विभिन्न प्रस्तावित सड़क मार्गों के आसपास के गांवों में गाइडलाइन दरों में बढ़ोतरी करने की आपत्तियां दर्ज हुई है। वहीं शहरी क्षेत्र में पुरानी मल्टी (अपार्टमेंट) के लिए दरें कम करने को लेकर आपत्तियां दर्ज हुई है। आपत्तिकर्ता का मानना है कि समय के साथ अपार्टमेंट की स्थिति और सुविधाएं बदल जाती है, इसलिए उनकी दरें कम होना चाहिए। 500 के करीब आपत्तियां प्राप्त हुई जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में जिले की 2606 लोकेशन पर गाइडलाइन बढ़ोतरी के प्रस्ताव को स्वीकृति मिली थी। इन लोकेशन पर 10 से 200 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। प्रस्ताव पर रियल एस्टेट से जुडे लोग, पंजीयन विशेषज्ञ और आमजन अपनी-अपनी आपत्तियां दर्ज करा रहे है। यह प्रक्रिया शनिवार को समाप्त हो गई। सभी पंजीयन कार्यालयों के साथ ही ईमेल और वाट्सएप पर भी आपत्तियां स्वीकार की गई। वरिष्ठ जिला पंजीयक मंजूला पटेल का कहना है कि 500 के करीब आपत्तियां प्राप्त हुई है। सभी प्राप्त आपत्तियों को संकलित कर जिला मूल्यांकन समिति की स्वीकृति से निराकरण किया जाएगा। इसके बाद प्रस्ताव केंद्रीय मूल्यांकन समिति को भेजा जाएगा। संभावना है कि 24 मार्च को प्रस्ताव भोपाल भेज दिया जाएगा। सड़क आधारित वृद्धि पर आपत्ति शहर में सड़क आधारित दर वृद्धि को लेकर भी आपत्ति जताई गई है। लोगों का कहना है कि सभी सड़कों को एक समान मानकर कीमत बढ़ाना सही नहीं है। खासतौर पर बायपास और रिंग रोड को राष्ट्रीय राजमार्ग मानकर 100 प्रतिशत बढ़ोतरी करना अनुचित बताया गया है। इसके बजाय, सड़क की वास्तविक उपयोगिता और लोकेशन के आधार पर दरें तय करने की मांग की गई है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव जयपुर में कर्पूरचन्द्र कुलिश जन्म शताब्दी वर्ष के की नोट कार्यक्रम में हुए शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लोकतंत्र में अखबार जनता के हितैषी की भूमिका निभाते हैं। राजस्थान पत्रिका ने भी विभिन्न संस्करणों के प्रकाशन के माध्यम से जनता के प्रति सरोकारों का निर्वहन किया है। एक निजी समूह द्वारा स्व. कुलिश जी की स्मृति में श्रेष्ठ पत्रकारिता के साथ अन्य श्रेणियों में भी पुरस्कार दिए जाएंगे जो सराहनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. कुलिश की भूमिका का स्मरण करते हुए कहा कि जीवन की एक अवस्था में सेवानिवृत्ति का निर्णय लेने और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने के भाव महत्वपूर्ण है। स्व. कुलिश जी ने सार्थक जीवन जिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को जयपुर में राजस्थान एक निजी समूह के पितृ पुरुष स्व. कर्पूर चंद्र कुलिश के जनशताब्दी समारोह में "अखबार और लोकतंत्र" विषय पर आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भारत की मूल सनातन संस्कृति और वेद संस्कृति को बचाने की आवश्यकता थी। गुजरात के सोमनाथ के दर्शन का सभी को अवसर मिला। एक हजार वर्ष पुराना गौरव लौटा और भारत फिर आकाश से बात करते हुए दिखाई दिया। विश्व भी इसका साक्षी बना। एक निजी समाचार पत्र द्वारा जयपुर में सोमनाथ के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की अनूठी पहल की गई, जो अभिनंदनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में फिल्म के माध्यम से प्रदर्शित एक निजी समूह की यात्रा की गंगा की धारा से तुलना करते हुए कहा कि जब गौमुख से गंगा जी निकलती हैं तो सिर्फ गंगा नहीं होती, अलकनंदा, भागीरथी भी होती है। यह यात्रा हरिद्वार, ऋषिकेश, पटना और बनारस होते हुए गंगासागर बंगाल की खाड़ी तक पहुंचती है। ऐसी ही यात्रा इस आयोजन में देखने को मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में स्व.कुलिश के चित्र पर माल्यार्पण कर आदरांजलि दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक निजी समूह को इस विशेष आयोजन के लिए बधाई देते हुए समूह के प्रधान संपादक के सार्थक योगदान का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। इस अवसर पर कुलिश जी की दो पुनर्प्रकाशित पुस्तकों- 'मैं देखता चला गया' और 'अमेरिका एक विहंगम दृष्टि' का लोकार्पण अतिथियों द्वारा किया गया। लोकसभा अध्यक्ष  ओम बिरला ने कहा कि भारतीय संस्कृति और मूल्यों को नष्ट करने के प्रयास होते रहे हैं, लेकिन भारत के लोकतंत्र को कोई समाप्त नहीं कर पाया है। एक निजी समूह ने अपनी छह दशक की यात्रा में अंतिम व्यक्ति की बात, शासन और प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया है।  बिरला ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कलमकारों द्वारा निभाई गई भूमिका का भी विशेष उल्लेख किया। राजस्थान के मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र की ताकत होती है। बदलते दौर में सरकारों को मीडिया के साथ कार्य करना होगा। मूल्यवान पत्रकारिता भविष्य की पीढ़ियों को दिशा देने का कार्य करती है। देश में आपातकाल के दौर में लोकतंत्र को कुचलने की कोशिश की गई, तब पत्रिका सहित अनेक समाचार पत्र समूह अभिव्यक्ति की आजादी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अडिग खड़े थे। एक निजी समूह के प्रधान संपादक ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में अलग-अलग भाषाओं में संवाद होते थे। शिक्षा में जीवन दर्शन, नैतिक मूल्य और भारतीय परंपराओं को शामिल करना आवश्यक हैं। दुर्भाग्य से पश्चिमी देशों के चलन का असर भारतीय युवा पीढ़ी पर दिखाई दे रहा है। देश में बहुत सी अच्छी परंपराएं आज भी जीवित हैं। नई शिक्षा नीति में आध्यात्म और संस्कारों के निर्माण का पहलु शामिल होने से सही संदेश युवाओं तक पहुंचेगा। इससे वे यह समझ सकेंगे कि आधुनिक रहते हुए भी परंपराओं के साथ मूल्य आधारित जीवन जिया जा सकता है। सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति  अजय रस्तोगी ने कहा कि श्रद्धेय कुलिश जी ने लोकतंत्र के तीनों स्तंभों को उनके कर्तव्यों का बोध करवाया। न्यायपालिका लोकतंत्र का मूल आधार है, यह संविधान के अभिभावक के रूप में कार्य करती है और नागरिकों के मूल अधिकारों की रक्षा करती है। कार्यक्रम में एक निजी समूह के प्रमुख  गुलाब कोठारी, समूह के निदेशक  बीआर सिंह और समूह के डिप्टी एडिटर  भुवनेश जैन, पत्रकारिता क्षेत्र के साथ ही अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्यजन उपस्थित थे।    

शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों में शुरू हुए जल संचय के कार्य

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जल संरक्षण और जल स्त्रोतों को नया जीवन देने के लिए प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा जल स्रोतों को संरक्षित करने और जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। विभिन्न विभागों के समन्वय से गांव-गांव में तालाब, कुएं, चेकडेम और अन्य जल संरचनाओं के संरक्षण एवं पुनर्जीवन का कार्य किया जा रहा है। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत कार्य आरंभ हो गये है। शासन के 18 विभाग की अभियान में सहभागिता हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अभियान’ को नोडल तथा नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग के सह-नोडल विभाग बनाया गया है। "जल गंगा संवर्धन अभियान" के अंतर्गत समाज की भागीदारी और विभिन्न सहभागी विभागों के माध्यम से नवीन जल संग्रहण संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। भूजल संवर्धन, जल संग्रहण संरचनाओं की साफ-सफाई व मरम्‍मत तथा नवीनीकरण, जल संग्रहण संरचनाओं के अतिक्रमण हटाने के कार्य अभियान में किये जायेंगे। स्कूलों में पेयजल गुणवत्‍ता परीक्षण, आंगनवाड़ि‍यों तथा औद्योगिक इकाईयों में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग के कार्य भी किये जायेंगे। जल स्‍त्रोतों में प्रदूषण के स्‍तर को कम करने, जल स्‍त्रोतों तथा जल वितरण प्रणालियों की साफ सफाई की जायेगी। राजस्‍व रिकार्ड में जल संग्रहण संरचनाओं व नहरों को अंकित करने और मानसून सत्र में किये जाने वाले पौधारोपण के लिए आवश्‍यक तैयारियों के कार्य किये जाएंगे। अठारह विभागों की है सहभागिता जल गंगा संवर्धन अभियान में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन एवं आवास, वन, जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, उद्यानिकी, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, पर्यावरण, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, राजस्व, संस्कृति, जन अभियान परिषद और जनसंपर्क विभाग शामिल हैं। नगरीय विकास विभाग द्वारा निकायों में अमृत 2.0 अंतर्गत जल संग्रहण संरचनाओं का जीर्णोद्धार, नदियों में मिलने नालों के शोधन की कार्य योजना बनाई गई है। तालाब, नदी, बावड़ी के संवर्धन एवं अतिक्रमण मुक्‍त करने का लक्ष्य रखा गया है। रेन वॉटर हार्वेस्टिंग प्रणाली स्थापित कराने के साथ हरित क्षेत्र विकसित किये जायेंगे। जल संरक्षण में युवाओं की भागीदारी के लिए अमृत मित्र बनाकर 'माय भारत' पोर्टल पर पंजीकरण किये जायेंगे। नगरीय निकायों के प्रमुख स्‍थलों पर गर्मियों में पेय जल सुविधा के लिए जनसहयोग से सार्वजनिक प्‍याऊ की व्‍यवस्‍था करना जैसे कार्य भी कि‍ए जाएंगे। अभियान में वन विभाग द्वारा जलग्रहण क्षेत्र उपचार योजना के तहत लगभग सवा लाख हेक्टेयर में भूजल संवर्धन के कार्य, कृषि विभाग द्वारा बलराम तालाब और लाइन फ़ार्म पोंड का निर्माण और पर्यावरण विभाग द्वारा विशेष तौर पर बेतवा, क्षिप्रा, कान्ह और गंभीर नदियों के उद्गम से अंतिम सीमा तक सर्वेक्षण कर दूषित जल के मिलने के स्थानों का चिन्हांकन किया जाएगा। स्कूल शिक्षा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के साथ सभी स्कूलों में पेयजल स्रोतों के जल की गुणवत्ता का परीक्षण करेगा। उच्च शिक्षा विभाग अपनी गतिविधियों के माध्यम से विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में जागरूकता आधारित गतिविधियां आयोजित करेगा। जल संसाधन विभाग एवं नर्मदा घाटी विकास विभाग द्वारा लघु सिंचाई योजनाओं के तालाबों की मरम्मत के साथ नहरों की सफ़ाई और स्टॉप डैम तथा बैराज की मरम्मत तथा नहर प्रणालियों के सुदृढ़ीकरण का कार्य किया जाएगा। उद्यानिकी विभाग सूक्ष्म सिंचाई क्षेत्र का विस्तार कार्य करेगा एवं विकासखंडों में पानी चौपाल का आयोजन कर लगभग 55 हज़ार हेक्टेयर में पौधरोपण का कार्य करेगा। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत राजस्व विभाग, पूर्व में बनाई गई ऐसी जल संरचनाएं जो राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है, उन्हें राजस्व अभिलेख में दर्ज करने का कार्य करेगा। राजस्व विभाग द्वारा समस्त विभागों द्वारा पूर्व में बनाए गए तालाबों, चेकडेम और स्टॉपडेम एवं अन्य जल संरचनाओं के साथ ही जल संसाधन विभाग की नहरों को राजस्व अभिलेखों में दर्ज किया जाएगा।  

नतांज परमाणु केंद्र पर हमले के बाद अमेरिका-इजरायल की विनाशकारी कार्रवाई

 तेहरान मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर चरम पर है. ईरान के सबसे सुरक्षित और संवेदनशील माने जाने वाले नतांज परमाणु केंद्र (Natanz Nuclear Facility) पर एक भीषण हमला हुआ है. खबर है कि अमेरिका-इजरायल ने मिलकर इस साइट पर जबरदस्त बमबारी की है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. हालांकि, इस भारी हमले के बीच राहत की एक बड़ी खबर भी सामने आई है।  ईरानी मीडिया के मुताबिक, इस ताजा हमले में नतांज संवर्धन केंद्र को निशाना बनाया गया है. हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसकी गूंज दूर-दराज के इलाकों तक सुनी गई. लेकिन शुरुआती जांच के बाद ईरानी अधिकारियों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि अब तक किसी भी तरह के रेडियोधर्मी पदार्थ (रेडिएशन) के रिसाव की पुष्टि नहीं हुई है. यानी, परमाणु कचरा फैलने जैसा जो सबसे बड़ा डर था, वह फिलहाल टल गया है।  ईरानी मीडिया का दावा है कि धमाके के बावजूद आसपास के रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं. सरकार ने इस सैन्य कार्रवाई को अमेरिका-इजरायल के उस निरंतर अभियान का हिस्सा बताया है, जिसका मकसद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकना है।  बार-बार निशाने पर नतांज, पर हर बार बचा पर्यावरण दरअसल, नतांज परमाणु केंद्र दुश्मनों के लिए हमेशा से टारगेट रहा है. साल 2025 से अब तक इस साइट को कई बार निशाना बनाया जा चुका है. हर बार यहां के ढांचे और मशीनों को नुकसान पहुंचता है, लेकिन गनीमत यह रही है कि अब तक पर्यावरण को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा है।  आपको बता दें कि पिछले साल जून में इजरायल और ईरान के बीच जो 12 दिनों का भीषण युद्ध चला था, उसमें भी नतांज ही मुख्य टारगेट था. उस समय अमेरिका भी सीधे तौर पर इस संघर्ष का हिस्सा बन गया था. अब एक बार फिर इसी जगह पर बमबारी होना यह संकेत दे रहा है कि आने वाले दिनों में मिडिल ईस्ट के हालात और भी ज्यादा विस्फोटक हो सकते हैं। 

राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन: CM भजनलाल ने केरल में भरी हुंकार, 4 उम्मीदवारों के नामांकन में पहुंचे

तिरुवनंतपुरम/जयपुर. केरलम विधानसभा चुनावों के मद्देनजर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को तिरुवनंतपुरम और आसपास के क्षेत्रों का सघन दौरा किया। उन्होंने भाजपा के दिग्गज प्रत्याशियों के नामांकन दाखिल करवाए। स्थानीय कार्यकर्ताओं द्वारा मिले आत्मीय स्वागत ने यह साफ कर दिया कि दक्षिण भारत में भी मुख्यमंत्री शर्मा की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। वी. मुरलीधरन के नामांकन में मौजूदगी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केरलम के कझाकुट्टम विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी और पूर्व केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन के नामांकन पत्र दाखिल करने के अवसर पर विशेष उपस्थिति दर्ज कराई। CM भजनलाल ने विश्वास जताया कि मुरलीधरन का अनुभव और पीएम मोदी का मार्गदर्शन क्षेत्र को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। मुख्यमंत्री ने यहाँ राजस्थान के विकास कार्यों का उदाहरण देते हुए जनता से 'डबल इंजन' सरकार चुनने की अपील की। पी. के. कृष्णदास और राजीव चंद्रशेखर के लिए हुंकार मुख्यमंत्री ने कट्टकडा विधानसभा क्षेत्र से पी. के. कृष्णदास और नेमम विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी राजीव चंद्रशेखर के नामांकन समारोह में भी भाग लिया। राजीव चंद्रशेखर के नामांकन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केरलम की जनता ने अब बदलाव का मन बना लिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस तरह राजस्थान में सुशासन और अंत्योदय का संकल्प सिद्ध हो रहा है, वैसी ही शुरुआत अब केरलम में होने वाली है। आर. श्रीलेखा के साथ 'विकसित केरलम' का रोडमैप वट्टियूरकावु विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी और पूर्व आईपीएस अधिकारी आर. श्रीलेखा के नामांकन में मुख्यमंत्री शर्मा की उपस्थिति विशेष रही। उन्होंने श्रीलेखा के प्रशासनिक अनुभव की सराहना करते हुए कहा कि 'विकसित भारत' के लिए 'विकसित केरलम' का होना अनिवार्य है, और श्रीलेखा जैसी सक्षम महिला नेतृत्व ही इसे संभव बना सकती है। श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर में दर्शन: सनातन संस्कृति का संगम अपने प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तिरुवनंतपुरम स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर में भगवान विष्णु के दर्शन किए। मुख्यमंत्री ने आदि शंकराचार्य की इस पावन भूमि पर राष्ट्र की समृद्धि और आध्यात्मिक उत्कर्ष की मंगलकामना की। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति ही उत्तर और दक्षिण को एक सूत्र में पिरोती है। राजस्थान का बढ़ता कद: भजनलाल शर्मा का 'केरल मॉडल' राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि भजनलाल शर्मा को केरल भेजने के पीछे पार्टी का उद्देश्य राजस्थान के सफल 'सोशल इंजीनियरिंग' और 'कल्याणकारी योजनाओं' के संदेश को दक्षिण तक पहुँचाना है। राजस्थान में पेपर लीक माफिया पर कार्रवाई और उज्ज्वला योजना में सब्सिडी जैसे फैसलों की गूँज केरल के चुनावी रैलियों में भी सुनाई दे रही है।

रिद्धि डोगरा डिप्लोमेटिक है, मैं उसे दोगली बोलूंगी, शाइनी का हैरान करने वाला बयान

मुंबई  'द 50' शो अब खत्म होने की कगार पर है. ऐसे में वहां से कई सेलेब्स अब धीरे-धीरे एलिमिनेट हो रहे हैं. हालिया एपिसोड में टीवी एक्ट्रेस शाइनी दोशी को बाहर का रास्ता दिखाया गया. करीब 40 दिनों तक उन्होंने दर्शकों को एंटरटेन करने की खूब कोशिश की, मगर वो शो जीतने की रेस में शामिल ना हो सकीं।  शाइनी दोशी ने 'द 50' से बाहर आने के बाद रिद्धि डोगरा को लेकर बयान दिए, जो सुनने में काफी शॉकिंग हैं. उन्होंने रिद्धि पर आरोप लगाए हैं कि वो शो के कंटेस्टेंट सिवेट तोमर संग उनकी दोस्ती से इनसिक्योर होती थीं. शाइनी ने ये तक कहा कि रिद्धि शो में लोगों को उनके खिलाफ भड़काती थीं।   रिद्धि के खिलाफ क्या-क्या बोल गईं शाइनी? जूम संग बातचीत में शाइनी ने कहा, 'रिद्धि डोगरा ने सिवेट तोमर के साथ अपनी नजदीकियों के बाद मुझे इनसिक्योर कहा. मैं वहां अटेंशन पाने नहीं गई थी. मैं द 50 शो में गई थी, ना कि बिग बॉस में जहां मुझे गेम में बने रहने के लिए किसी के साथ बातचीत बनाकर चलना था. मैं वहां ये सब करने नहीं गई थी. मैं उनसे बहुत ईमानदार और वफादार थी. मैंने कभी किसी के पीठ पीछे कोई गलत बात या गंदा कमेंट नहीं किया।  'मेरा गेम सिर्फ शो में जाकर परफॉर्म करना था और मेरे बने अलायंस को भरोसा दिलाना था. रिद्धि ने सिवेट और युविका को मेरे खिलाफ भड़काना शुरू किया. उसने वही सेम चीज कृष्णा श्रॉफ के साथ भी की. मैं अपनी शादी में बहुत खुश हूं, मैंने कभी किसी की जगह लेने की नहीं सोची।  क्यों शाइनी ने रिद्धि को कहा 'दोगली'? शाइनी ने आगे रिद्धि डोगरा की हरकतों पर उन्हें दोगली डोगरा बुलाया. उन्होंने कहा, 'मैं अपनी जिंदगी में काफी ऊपर की सोच रखती हूं. सिवेट एक अच्छा इंसान है. जब उसे मालूम हुआ कि मैं शादीशुदा हूं, तो रिद्धि मुझे बहन बुलाने लगी. रिद्धि डोगरा एक डिप्लोमेटिक इंसान है. मैं तो उसे दोगली डोगरा बुलाना चाहूंगी।  रिद्धि डोगरा और सिवेट तोमर शो के दौरान काफी करीब आ चुके हैं. शाइनी की दोस्ती सिवेट से भी काफी अच्छी थी. मगर रिद्धि को उनकी दोस्ती उतनी रास नहीं आती थी. यही वजह है कि शाइनी एक्ट्रेस के उनके साथ किए बर्ताव से खफा हैं और उनके खिलाफ ऐसी बातें कह रही हैं. बात करें 'द 50' के फिनाले की, तो 22 मार्च को शो का पहला विजेता हमारे सामने आएगा। 

जबलपुर की गन कैरिज फैक्ट्री को 300 धनुष तोपों का ऑर्डर, ऑपरेशन सिंदूर में थी इनकी अहम भूमिका

 जबलपुर  गन कैरिज फैक्ट्री (जीसीएफ) जबलपुर नए वित्त वर्ष 2026-27 के पहले आठ माह में सेना के लिए तीन सौ धनुष तोप का रक्षा उत्पादन लक्ष्य लेकर इस बार कार्य की शुरुआत करने जा रही है। महत्वपूर्ण है कि एक दशक से अधिक समय से धनुष पर कार्य कर रही निर्माणी की बनी तोप ने ऑपरेशन सिंदूर में एकदम सटीक प्रदर्शन किया था। जिसके बाद रक्षा उत्पादन लक्ष्य दोगुना हो गया है। पिछले साल निर्माणी को 150 तोप का वर्कआर्डर हासिल हुआ था। इस बार रिकार्ड उत्पादन की ओर बढ़ रही निर्माणी के पास एलएफजी भी है, जो 24 इस सत्र में तैयार होगी। जीसीएफ देश की एकमात्र निर्माणी है जहां धनुष तोप का उत्पादन होता है। श्रमिक सूत्रों के अनुसार जीसीएफ को भारतीय सेना से 300 'धनुष' हावित्जर तोपों का एक बड़ा आर्डर मिलने जा रहा है। बोफोर्स की तुलना में बेहतर यह 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत निर्मित स्वदेशी तोपें हैं, जो 155 मिमी, 45-कैलिबर क्षमता की हैं और 38-42 किमी तक सटीक मारक क्षमता रखती हैं, जो बोफोर्स की तुलना में बेहतर है। 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी कलपुर्जे के साथ इसे निर्मित किया जाएगा। यह तोपें ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी और रेगिस्तानी क्षेत्रों में बेहद कारगर हैं और 155 मिमी के सभी गोला-बारूद दाग सकती हैं। इन तोपों ने पोखरण और अन्य फायरिंग रेंज में कड़े परीक्षण सफलतापूर्वक पास किए हैं। एलएफजी भी जीसीएफ बनाएगी पिछले साल की तरह इस साल भी जीसीएफ सेना के लिए लाइट फील्ड गन का उत्पादन जारी रखेगी। पिछले वित्त वर्ष में निर्माणी को 18 एलएफजी उत्पादन का लक्ष्य हासिल हुआ था। जो कि इस बार संभावना है कि 24 गन का उत्पादन संभव होगा। क्योंकि सेना ने एक दशक बाद इस हल्की तोप में रुचि दिखाई है। 17-19 किमी की रेंज वाली ये तोपें 2014-15 के बाद निर्माणी में निर्मित होना शुरू हुई थीं।  

मुख्यमंत्री का कुदरगढ़ी माता मंदिर दौरा: पूजा कर प्रदेश की खुशहाली की प्रार्थना

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज चैत्र नवरात्रि की तृतीया तिथि के पावन अवसर पर कुदरगढ़ी माता के दर्शन करने सूरजपुर जिले स्थित कुदरगढ़ी माता मंदिर पहुंचे। कुदरगढ़ महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर उन्होंने मंदिर के नीचे प्रांगण स्थल पर ही हिंगुलाज माता एवं झगरा खाड़ देवता की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और  खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार चंदन लगाकर एवं चुनरी चढ़ाकर श्रद्धापूर्वक माता का नमन किया। इस दौरान स्थानीय बैगा  राम कुमार बंछोर ने पूजा-अर्चना संपन्न कराई। उनके परिवार की लगभग 10 पीढ़ियां कुदरगढ़ी माता की सेवा में निरंतर लगी हुई हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने उपस्थित श्रद्धालुओं का अभिवादन किया और सभी को कुदरगढ़ महोत्सव की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान कृषि मंत्री  रामविचार नेताम,  वन विकास निगम एवं कुदरगढ़ी मंदिर मां बागेश्वरी लोक न्यास ट्रस्ट के अध्यक्ष  रामसेवक पैंकरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि जनश्रुतियों के अनुसार कुदरगढ़ी माता मंदिर की मान्यता है कि यहां श्रद्धापूर्वक मांगी गई हर मन्नत पूरी होती है। इसी कारणवश जिले सहित प्रदेश एवं अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर माता के दर्शन कर आशीर्वाद लेते हैं।