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सिविल सेवा नियम 1966 में हुआ बड़ा संशोधन, अधिकारी और कर्मचारी वीडियो कांफ्रेंसिंग से भी कर सकेंगे जांच

भोपाल  मध्य प्रदेश में लंबित विभागीय जांचों को तेजी से निपटाने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 में संशोधन कर जांच प्रक्रिया को डिजिटल और सरल बनाया गया है। अब आरोपित अधिकारी-कर्मचारियों को हर बार व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की बाध्यता नहीं रहेगी। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई संभव होगी और नोटिस ई-मेल के जरिए भेजे जाने पर भी मान्य होंगे। इस बदलाव से लंबे समय से लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे की उम्मीद जताई जा रही है। वीडियो कांफ्रेंसिंग से होगी सुनवाई नए संशोधन के तहत जांच अधिकारी अब आरोपित कर्मचारियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित होने की अनुमति दे सकेंगे। इससे बार-बार कार्यालय में पेश होने की जरूरत खत्म होगी और प्रक्रिया तेज होगी। ई-मेल से भेजे नोटिस भी होंगे मान्य अब नोटिस या सूचना अधिकृत ई-मेल पर भेजी जाएगी, जिसे विधिवत सूचना माना जाएगा। इससे नोटिस नहीं मिलने के बहाने से जांच टालने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी। लंबित मामलों से निपटने की पहल अब तक नियमों की जटिलता के कारण कई कर्मचारी जांच लंबित रखते थे और सेवानिवृत्ति तक मामला खिंच जाता था। इसके चलते पेंशन जैसे मामलों में भी देरी होती थी। पोर्टल आधारित निगरानी व्यवस्था जांच से जुड़ी पूरी प्रक्रिया अब ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित होगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और हर स्तर पर निगरानी आसान होगी। मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद फैसला मोहन यादव ने लंबित जांचों पर नाराजगी जताई थी, जिसके बाद यह संशोधन लागू किया गया। इससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली में तेजी आने की उम्मीद है।  

आंबेडकर जयंती पर भाजपा का घर-घर संपर्क अभियान, 13 से 19 अप्रैल तक विकास कार्यों का हिसाब देंगी

भोपाल संविधान निर्माता बाबा साहब डा. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर 13 से 19 अप्रैल तक भाजपा द्वारा दीप प्रज्ज्वलन, संगोष्ठी, स्वच्छता अभियान सहित विभिन्न कार्यक्रमों का प्रदेश भर में आयोजन किया जाएगा। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चा के पदाधिकारी से कहा कि वे प्रदेश भर में भ्रमण कर बूथ स्तर पर मोर्चा संगठन को बुलंदियों तक पहुंचाने का कार्य करें। गांव-गांव, घर-घर संपर्क अभियान चलाकर बताएं कि भाजपा संगठन और सरकार आपके लिए क्या कार्य कर रही है। आज से ही मोर्चा प्रदेश पदाधिकारी बाबा साहब आंबेडकर की जयंती कार्यक्रमों की तैयारियों में जुट जाएं। भारत को विश्व गुरु बनाने और वर्ष 2047 तक भारत को विकसित व आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथ मजबूत करने के लिए कार्य करें। यह बात खंडेलवाल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से प्रदेश कार्यालय भोपाल में अनुसूचित जाति मोर्चा की परिचयात्मक बैठक को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि भाजपा संगठन को और मजबूत करने में मोर्चा पदाधिकारी सक्रिय भूमिका निभाएं। बैठक को क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, मोर्चा प्रभारी मनोरंजन मिश्रा व मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भगवान सिंह परमार ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेंद्र बरूआ भी उपस्थित रहे। इससे पहले जामवाल की उपस्थिति में ही खंडेलवाल ने संभाग प्रभारियों, मोर्चा प्रभारी, प्रकोष्ठ प्रभारी एवं मोर्चा के प्रदेश अध्यक्षों की वर्चुअल बैठक कर संगठनात्मक विषयों पर विस्तृत चर्चा की। हर बूथ जीतने का लक्ष्य लेकर पार्टी संगठन के कार्यों को जन-जन तक पहुंचाएं : जामवाल क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल ने कहा कि अनुसूचित जाति मोर्चा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता हर बूथ को जीतने का लक्ष्य लेकर पार्टी संगठन के कार्यों को जन-जन तक पहुंचाएं। भाजपा संगठन और सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों को जनता तक पहुंचाएं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार अनुसूचित जाति मोर्चा के कल्याण व सर्वांगीण विकास के लिए कई योजनाएं चला रही है।  

वनौषधि परंपरा के संरक्षण को सरकार प्रतिबद्ध: वन मंत्री केदार कश्यप का बयान जड़ी-बूटी विरासत बचाने पर

रायपुर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप आज छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के नवनियुक्त उपाध्यक्ष  अंजय शुक्ला के पदभार ग्रहण समारोह में शामिल हुए। यह कार्यक्रम राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर, जीरो प्वाइंट, रायपुर में आयोजित किया गया। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब, राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा , विधायक  किरण सिंह देव, विधायक  अनुज शर्मा और विधायक  इंद्रकुमार साहू अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।        वन मंत्री  कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक वन संपदा से समृद्ध राज्य है, जहां लगभग 44.21 प्रतिशत क्षेत्र में वन हैं। यहां के वनों में विभिन्न प्रकार की वनौषधियां पाई जाती हैं, जिनका उपयोग प्राचीन काल से उपचार के लिए किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करने और आमजन तक इसके लाभ पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 से 21 मार्च को विश्व वानिकी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन  अंजय शुक्ला द्वारा उपाध्यक्ष का पदभार ग्रहण करना एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके अनुभव से औषधि पादप बोर्ड को मजबूती मिलेगी और यह नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।          समारोह में तकनीकी शिक्षा मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि औषधि पादप बोर्ड द्वारा वैद्य सम्मेलन, वनौषधि प्रदर्शनी और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि  शुक्ला के मार्गदर्शन में बोर्ड और बेहतर कार्य करेगा। कार्यक्रम को विधायक  किरण सिंह देव ने भी संबोधित करते हुए कहा कि  शुक्ला के अनुभव का लाभ औषधि पादप बोर्ड को मिलेगा और बोर्ड नए आयाम स्थापित करेगा। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष  विकास मरकाम ने कि राज्य सरकार वन औषधीय के पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण और संवर्धन के लिए पादप बोर्ड का गठन किया है। जो लगातार बेहतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने  शुक्ला को बधाई देते हुए कहा पादप बोर्ड को उनके अनुभव का निश्चित ही लाभ मिलेगा और बोर्ड बेहतर नवाचार करेगा।      कार्यक्रम में  अपेक्स बैंक के अध्यक्ष  केदारनाथ गुप्ता, खाद्य आपूर्ति निगम के अध्यक्ष  संजय वास्तव, अध्यक्ष अल्प संख्यक आयोग  अमरजीत सिंह छाबड़ा, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम,  लोकेश कावड़िया, अध्यक्ष, रायपुर विकास प्राधिकरण  नंदकुमार साहू , जिला पंचायत अध्यक्ष  नवीन अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य मती स्वाती वर्मा, सतनामी समाज के धर्मगुरू गुरू बालदास,  रमेश सिंह ठाकुर,  अशोक पाण्डे,  श्याम नारंग सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  जे.ए.सी.एस. राव  सुरेन्द्र पाटनी,  अमित साहू,  आलोक साहू सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

छिना था परिवार बसाने का हक, अब लौटी खुशियां: आत्मसमर्पित माओवादियों की नई शुरुआत

जगदलपुर कभी जंगलों में बंदूक उठाने को मजबूर और जिंदगी के हर फैसले पर संगठन का पहरा, लेकिन अब वही चेहरे मुख्यधारा में लौटकर अपनी जिंदगी खुद लिख रहे हैं. बस्तर में आत्मसमर्पित माओवादियों की कहानी अब सिर्फ सरेंडर तक सीमित नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत की कहानी बन चुकी है. जहां बंदिशें टूट रही हैं, और घर-परिवार के सपने पूरे हो रहे हैं. माओवादी संगठन में शामिल होने के बाद इन लोगों की जिंदगी पूरी तरह बदल जाती थी. हर कदम पर नियम हर फैसले पर पहरा. सबसे बड़ी बंदिश होती थी परिवार बसाने की मनाही. संगठन के भीतर रिश्ते बनाने और बच्चे पैदा करने पर सख्त रोक थी. यहां तक कि कई मामलों में जबरन नसबंदी तक कर दी जाती थी, यानि एक इंसान से उसकी सबसे बुनियादी इच्छाएं तक छीन ली जाती थी. न अपना घर… न अपने बच्चे… सिर्फ संगठन और उसकी विचारधारा. लेकिन अब तस्वीर तेजी से बदल रही है मुख्यधारा में लौटे इन आत्मसमर्पित माओवादियों के लिए सरकार की पुनर्वास नीति एक नई उम्मीद बनकर सामने आई है सिर्फ हथियार छोड़ने तक ही सीमित नहीं, बल्कि इन्हें एक सम्मानजनक और सामान्य जीवन जीने का मौका दिया जा रहा है. इसी कड़ी में सबसे संवेदनशील पहल वैसक्टोमी रिवर्सल अब इनकी जिंदगी में नई रोशनी ला रही है. पिछले साल 56 पुनर्वासित माओवादियों का सफल ऑपरेशन किया गया, जिससे वे फिर से सामान्य पारिवारिक जीवन की ओर लौट सकें. इस पहल का असर अब साफ दिखाई देने लगा है. इन 56 में से 23 दंपतियों के घर अब बच्चों की किलकारियां गूंज चुकी हैं. जो कभी जंगलों में हथियार लेकर घूमते थे, आज वही लोग अपने बच्चों को गोद में लेकर एक नई दुनिया बसा रहे हैं. यह सिर्फ एक व्यक्तिगत खुशी नहीं, बल्कि उस दर्दनाक अतीत से बाहर निकलने का संकेत है, जहां इंसान को उसकी इंसानियत से ही दूर कर दिया जाता था. बस्तर में यह बदलाव एक बड़ी सामाजिक कहानी भी कह रहा है. जहां पहले डर, हिंसा और बंदिशों का माहौल था वहां अब भरोसा, परिवार और भविष्य की बात हो रही है. और यही वजह है कि हाल ही में आत्मसमर्पण करने वाले कई अन्य माओवादियों ने भी नसबंदी रिवर्सल के लिए आवेदन दिया है. सरकार और स्वास्थ्य विभाग मिलकर यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि इनकी जिंदगी में भी खुशियों की वही शुरुआत हो जो अब कई घरों में दिखाई देने लगी है. आईजी बस्तर सुंदरराज पी. बताते हैं कि पुनर्वास के तहत हम हर संभव मदद दे रहे हैं कई माओवादियों ने वैसक्टोमी रिवर्सल के लिए आवेदन किया है स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर हम कोशिश कर रहे हैं कि वे सामान्य पारिवारिक जीवन जी सकें.

Haryana Board Update: त्रि-भाषाई फॉर्मूले के साथ 9वीं-10वीं में 7 विषय होंगे जरूरी

भिवानी. हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने राज्य के स्कूलों में त्रि-भाषाई फॉर्मूला लागू करने के साथ ही कक्षा 9वीं और 10वीं के लिए परीक्षा उत्तीर्णता यानी पास क्राइटेरिया के नए नियम तय कर दिए हैं। ये बदलाव कक्षा 9वीं में सत्र 2025-26 से और कक्षा 10वीं में सत्र 2026-27 से प्रभावी होंगे। अब सात विषय और बेस्ट सिक्स फार्मूला लागू बोर्ड के अनुसार, त्रि-भाषाई व्यवस्था लागू होने के बाद अब छात्रों को कुल सात विषय पढ़ने होंगे। पहले जहां बेस्ट फाइव फॉर्मूला लागू था, वहीं अब उसकी जगह बेस्ट सिक्स फॉर्मूला लागू होगा। विद्यार्थियों का परिणाम सात में से छह विषयों के आधार पर तैयार किया जाएगा। यह नया नियम नए बदलाव लेकर आ रहा है। संस्कृत, उर्दू, पंजाबी बनी अनिवार्य भाषा नई व्यवस्था के तहत छात्रों को संस्कृत, उर्दू या पंजाबी में से किसी एक भाषा का चयन करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही पहले लागू नियम, जिसमें संस्कृत के जरिए हिन्दी विषय में फेल होने की स्थिति को समायोजित किया जाता था, अब समाप्त कर दिया गया है। आईटीआई छात्रों के लिए भी नियम सख्त बोर्ड ने आठवीं के आधार पर आईटीआई करने वाले छात्रों के लिए भी नियमों में बदलाव किया है। अब कक्षा 10वीं के समकक्ष प्रमाणपत्र के लिए छात्रों को दो के बजाय तीन भाषाएं हिन्दी, अंग्रेजी और एक वैकल्पिक भाषा संस्कृत, उर्दू, पंजाबी उत्तीर्ण करनी होगी। मुक्त विद्यालय में भी लागू होंगे नियम यह नया त्रि-भाषाई फार्मूला केवल नियमित छात्रों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हरियाणा मुक्त विद्यालय के विद्यार्थियों पर भी समान रूप से लागू किया जाएगा। कम्पार्टमेंट नियम में कोई बदलाव नहीं हालांकि विषयों की संख्या बढ़कर सात हो गई है, फिर भी कम्पार्टमेंट, पूरक परीक्षा से संबंधित नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। एक या दो विषयों में असफल रहने वाले छात्र पहले की तरह कम्पार्टमेंट श्रेणी में ही रहेंगे। कौशल विषय का लाभ जारी रहेगा बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कौशल विषय का लाभ पहले की तरह जारी रहेगा। कोई छात्र गणित, विज्ञान या सामाजिक विज्ञान में अनुत्तीर्ण होता है, तो कौशल विषय के अंक से उसे समायोजित किया जा सकेगा। इन नए नियमों के लागू होने से शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव माना जा रहा है, जिससे छात्रों को बहुभाषी शिक्षा का लाभ मिलेगा, वहीं परीक्षा प्रणाली भी अधिक व्यापक और संतुलित हो सकेगी। दिव्यांग परीक्षार्थियों के लिए भाषा नियम में रहेगी छूट दिव्यांग परीक्षार्थियों के लिए भाषा छूट नियम में बदलाव किया गया है। अब त्रि-भाषा प्रणाली के तहत केवल एक भाषा में छूट मिलेगी। छात्रों को हिन्दी, अंग्रेजी और एक अन्य भाषा में से दो का चयन करना होगा। सभी विद्यालयों को निर्देश लागू करने के आदेश दिए गए हैं। सुधार के लिए भी कारगर साबित होगा – त्रिभाषा फार्मूला के तहत यह बदलाव किया गया है। यह हरियाणा मुक्त विद्यालय के विद्यार्थियों पर भी लागू होगा। यह बदलाव परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए भी कारगर साबित होगा। – डॉ. पवन कुमार, चेयरमैन, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड

भोपाल मंडल का बड़ा कदम: रेलवे स्टेशनों पर शुद्ध पानी और स्वच्छता अभियान की शुरुआत

भोपाल वेस्ट सेंट्रल रेलवे के भोपाल रेल मंडल ने जल गुणवत्ता सुधारने के लिए अहम कदम उठाया है। रेलवे परिसर और कालोनियों में स्थित पानी की टंकियों की अब मशीनों से नियमित सफाई कराई जाएगी। इस कार्य पर अगले दो वर्षों में करीब 34.60 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। आधुनिक मशीनों से होगी टंकियों की सफाई इस योजना के तहत फिल्टर प्लांट, विभिन्न रेलवे स्टेशनों, ईस्ट और वेस्ट कालोनी, भोपाल व निशातपुरा कालोनी में बने ओवरहेड टैंक और भूमिगत जल टंकियों की सफाई आधुनिक मशीनों से की जाएगी। मशीनों की मदद से टंकियों में जमी गाद, कचरा और अन्य अशुद्धियों को हटाया जाएगा, जिससे पानी की गुणवत्ता बेहतर बनी रहेगी। दूषित पानी और बीमारियों से मिलेगी राहत रेलवे अधिकारियों के अनुसार नियमित सफाई से पानी के दूषित होने की संभावना कम होगी और कर्मचारियों व रहवासियों को स्वच्छ पानी मिल सकेगा। हबीबगंज स्टेशन क्षेत्र में भी यह व्यवस्था लागू की जाएगी, जहां सभी जल भंडारण टंकियों की सफाई सुनिश्चित की जाएगी। जल आपूर्ति व्यवस्था होगी और मजबूत रेलवे का मानना है कि इस पहल से जल जनित बीमारियों के खतरे में कमी आएगी। आधुनिक तकनीक के उपयोग से कम समय में अधिक प्रभावी और सुरक्षित तरीके से सफाई संभव होगी, जिससे जल आपूर्ति व्यवस्था और मजबूत बनेगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकसभा अध्यक्ष बिरला से की भेंट

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जयपुर प्रवास के दौरान शनिवार को लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला से सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंग वस्त्रम् से  बिरला का स्वागत किया। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष श्री बिरला ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का उद्योग निवेश संवर्धन कार्यक्रम में जयपुर पधारने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने पत्रिका समूह के स्वर्गीय कर्पूर चंद कुलिश  के जन्म शताब्दी समापन समारोह में हिस्सा लेने के लिए मध्यप्रदेश से मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के जयपुर आगमन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनका भी स्वागत किया।

ठेकेदारों को निर्माण कार्य 1 वर्ष में पूरा करने दिए निर्देश

रायपुर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने आज भोरमदेव मंदिर परिसर में भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण से जुड़े विभागों और ठेकेदारों की मैराथन समीक्षा बैठक ली।उन्होंने प्रोजेक्ट में मुख्य मंदिर परिसर का उन्नयन, सरोवर का सौंदर्यीकरण, मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुवा, सरोदा, पार्किंग में अब तक हुए कार्यों की प्रगति की गहनता से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता और समय सीमा पर पूर्णता इन दो पैमानों पर सभी कामों की मॉनिटरिंग होगी। इसके लिए जिला स्तर पर निगरानी समिति गठित की गई है। उन्होंने सभी ठेकेदारों से कहा कि 15-15 दिन में किए जाने वाले कार्यों की टाइमलाइन दें। निगरानी समिति को हर सोमवार कार्यस्थल का मुआयना कर प्रगति की समीक्षा के निर्देश दिए। इस दौरान निर्माण कार्य में लगे सभी प्रोजेक्ट इंचार्ज और इंजीनियर्स को अनिवार्य रूप से मौजूद रहने के लिए कहा। काम में किसी भी प्रकार की लापरवाही होने पर कड़ी कार्रवाई की बात कही। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने समीक्षा के दौरान कहा कि मुख्य मंदिर परिसर में पेड़ों के इर्द गिर्द यहां दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बैठने के लिए चबूतरे बनवाये जाएं। मंदिर परिसर में जो भी प्रवेश द्वार और खंभे बनने का रहे हैं उनमें 'फनी नागवंशी' स्थापत्य की झलक दिखे, ऐसी संरचनाएं बनाई जाएं, लकड़ी के दरवाजों में इसी के अनुसार की नक्काशी की जाए। मुख्य प्रवेश द्वार सहित सभी द्वार भव्य रूप से बनाए जाएं।       उन्होंने कहा कि सरोवर स्थल में पिचिंग और लाइनिंग का काम तकनीकी उत्कृष्टता के साथ किया जाए। उन्होंने सरोवर तट पर सीढ़ियां तथा उसके ऊपर शेड का निर्माण व्यवस्थित रूप से करने के लिए कहा ताकि श्रद्धालु वहां आराम से बैठ सकें। सरोवर के किनारे लगने वाले स्ट्रीट लाइट के पोल भी आकर्षक रूप से तैयार करवाए जाएं जो पूरे मार्ग को भव्यता प्रदान करे। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने मंदिर परिसर में बनने वाले विश्राम स्थल में दरवाजे खिड़की इस प्रकार से लगाए जाएं जो पूरे भवन को भव्यता के साथ पर्याप्त हवा और रोशनी प्रदान करें। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में लगने वाली कलाकृतियों में स्थानीयता और लोक संस्कृति की छाप दिखनी चहिए। उन्होंने पार्किंग स्थल पर वाहनों के लिए पर्याप्त स्थान के साथ मजबूत फ्लोरिंग तैयार करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि पार्किंग में करीब बनने वाले दुकानों को इस प्रकार से बनाया जाए जिससे पार्किंग स्थल पर वाहनों का प्रवेश और निकासी व्यवस्थित और सुचारु रूप से संचालित हो। उन्होंने पूरे कॉरिडोर में पेयजल, शौचालय जैसे जनसुविधाओं का विशेष रूप से ध्यान रखने के निर्देश दिए।     मड़वा महल में प्रवेश द्वार, बाउंड्री वाल, कलाकृतियों की स्थापना, पर्यटकों की बैठक व्यवस्था का निर्माण पूरी गुणवत्ता के साथ करने के लिए निर्देशित किया। इसी प्रकार छेरकी महल, रामचुवा में होने वाले निर्माण और उन्नयन कार्यों की प्रगति के बारे में संबंधित ठेकेदार से जानकारी ली गई। सरोदा डैम में कैफेटेरिया, डैम तक सीढ़ियों और व्यू प्वाइंट का निर्माण, सौंदर्यीकरण जैसे कार्यों को लेकर कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, एमडी पर्यटन  विवेक आचार्य, कलेक्टर  गोपाल वर्मा,  नितेश अग्रवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  विदेशीराम धुर्वे, जिला पंचायत सदस्य  रामकुमार मेरावी,  राम किंकर वर्मा, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष बोड़ला  नन्द वास,  लोकचंद साहू,   आदित्य वास्तव,  दुर्गेश दुबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

चेकिंग के दौरान बड़ा खुलासा: 50 लाख नकद जब्त, पुलिस कर रही जांच

दीनानगर. बटाला पुलिस ने बटाला के अलग-अलग इलाकों में नाकाबंदी की, जिसे बटाला पुलिस SP हेडक्वार्टर खुशबीर कौर लीड कर रही थीं। चेकिंग के दौरान बटाला पुलिस ने करीब 50 लाख रुपये कैश पकड़ा और यह कैश अब पास की पुलिस चौकी में भेज दिया गया है। यह किसका है, यह करीब 50 लाख का कैश कहां से आया और कौन ले जा रहा था और किसे देना था? कहा जा रहा है कि इसकी जांच चल रही है। एस.पी. हेडक्वार्टर कुशवीर कौर ने कहा कि वह अपने रूटीन के तहत रोजाना चेकिंग ऑपरेशन करते हैं। इस चेकिंग ऑपरेशन से उन्हें कई बड़ी सफलताएं मिली हैं, जिनमें से एक यह है कि आज करीब 50 लाख कैश मिला। अब वह जांच करेंगे कि यह कैश कहां से आ रहा था, कौन ले जा रहा था और कहां ले जाया जा रहा था। गाड़ी की चेकिंग के दौरान कई बार उन्हें गैर-कानूनी हथियार और ड्रग्स भी मिले हैं। इससे असामाजिक तत्वों में पुलिस का डर है और आम लोगों का पुलिस पर भरोसा है। 

रामलला के चरणों में ऋषभ पंत, Lucknow Super Giants टीम के साथ पहुंचे अयोध्या, बेहतर प्रदर्शन की प्रार्थना

अयोध्या एक बार फिर इंडिया का त्योहार यानी आईपीएल की शुरुआत होने वाली है. मैदान के खिलाड़ी चौके-छक्के उड़ाते दिखाई देंगे. ऐसे में टूर्नामेंट से पहले लखनऊ सुपर जायंट्स टीम के कप्तान ऋषभ पंत और उनकी टीम के अन्य सदस्य अयोध्या पहुंचे और रामलला के दर्शन कर आशीर्वाद लिया. इस दौरान खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रार्थना की. खिलाड़ियों के साथ टीम के मालिक संजीव गोयनका भी नजर आए. बता दें कि 28 मार्च से आईपीएल की शुरुआत होने वाली है. पहला मुकाबला आरसीबी और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला जाएगा. हालांकि, लखनऊ की टीम का मुकाबला दिल्ली कैपिटल्स के साथ 1 अप्रैल को खेला जाएगा. ऐसे में टूर्नामेंट की शुरुआत अच्छी हो, उसके लिए लखनऊ के सभी खिलाड़ी अयोध्या पहुंचे और रामलला के दर्शन किए. सभी खिलाड़ियों ने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की. वहीं मंदिर में दर्शन करने के बाद खिलाड़ियों में टूर्नामेंट को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला. इस दौरान सभी खिलाड़ियों ने भगवान का आशीर्वाद लेने के बाद बेहतर प्रदर्शन करने की बात कही. सभी का कहना था कि टूर्नामेंट से पहले भगवान का आशीर्वाद लेना अच्छा होगा. वहीं दर्शन के बाद पूरी टीम लखनऊ रवाना हो गई. अब खिलाड़ियों की फोटो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रही है.