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सोम डिस्टलरीज की हाईकोर्ट में याचिका पर एमपी में नया अपडेट, मामला हुआ स्पष्ट

भोपाल   मध्यप्रदेश की शराब कंपनी सोम डिस्टलरीज की हाईकोर्ट में याचिका पर बड़ा अपडेट सामने आया है। केस में  जबलपुर हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी पर सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। इस पर मामला आगे बढ़ा दिया गया है। सोम डिस्टलरीज Som Distilleries के मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में ही सुनवाई से दो जजों ने खुद को अलग कर लिया था। ऐसे में कानूनी उलझन उत्पन्न हुई पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर यह केस जबलपुर हाईकोर्ट में ही चल रहा है। रायसेन जिले में स्थित सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज और सोम डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड प्रदेश की सबसे प्रमुख शराब निर्माता कंपनी है। इनका लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया था। 4 फरवरी को आबकारी आयुक्त ने इस संबंध में आदेश जारी किया था। तत्कालीन आयुक्त अभिजीत अग्रवाल ने अपने आदेश में कहा था कि सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज और सोम डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों के संचालक, प्रतिनिधि, अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता व कर्मियों पर देपालपुर (इंदौर) कोर्ट में एक प्रकरण में पारित निर्णय के आधार पर कार्रवाई की गई। इसमें कहा गया कि इंदौर हाईकोर्ट से संबंधित आपराधिक अपीलों में सजा के क्रियान्वयन पर रोक लगाई, पर दोषसिद्धि प्रभावी है। शराब निर्माता कंपनी सोम डिस्टलरीज Som Distilleries ने इसे चुनौती देते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की। मामले की सुनवाई से जबलपुर हाईकोर्ट के दो जज जस्टिस विशाल मिश्रा और संदीप एन भट्ट ने खुद को अलग कर लिया जिससे कानूनी उलझन हुई। बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में ही याचिका पर सुनवाई शुरु हुई।  हाईकोर्ट में जस्टिस विवेक अग्रवाल की सिंगल बेंच ने केस की सुनवाई की  हाईकोर्ट में जस्टिस विवेक अग्रवाल की सिंगल बेंच ने केस की सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सुनवाई में याचिकाकर्ता सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज और सोम डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों के अधिवक्ताओं ने अपनी दलीलें पेश कीं। इधर सरकार की ओर से भी शासकीय अधिवक्ता ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया। हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक अग्रवाल की सिंगल बेंच ने दोनों पक्षों को सुना पर समयाभाव के कारण सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। इसपर कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 मार्च की तारीख तय की।

चेहरे पर बार-बार मुंहासे? समझ लें शरीर दे रहा है इन गंभीर समस्याओं का अलर्ट

अक्सर लोग एक्ने को सिर्फ त्वचा से जुड़ी समस्या मानते हैं और गंदगी से जोड़कर देखते हैं। इसलिए इस समस्या को दूर करने के लिए फेस वॉश और क्रीम की मदद लेते हैं, लेकिन अगर सही स्किन केयर के बावजूद एक्ने बार-बार लौट रहा है, तो समस्या शरीर के अंदर छिपी हो सकती है। अगर शरीर में किसी पोषक तत्व की कमी हो या हार्मोनल बैलेंस बिगड़ जाए, तो भी इसका असर हमारी त्वचा पर एक्ने के रूप में नजर आ सकता है। आइए जानें बार-बार एक्ने होने के पीछे कौन-से कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। किन वजहों से हो बार-बार लौट आते हैं एक्ने?     हार्मोनल इंबैलेंस- हार्मोनल इंबैलेंस एक्ने होने का सबसे बड़ा कारण है। शरीर में एंड्रोजन हार्मोन का स्तर बढ़ने से ऑयल ग्लैंड ज्यादा एक्टिव हो जाते हैं, जिसके कारण पोर्स बंद हो जाते हैं। इसके कारण एक्ने होने की समस्या बढ़ जाती हैष     पीसीओएस- महिलाओं  में पीसीओएस या पीरियड्स के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलाव अक्सर ठुड्डी और जॉलाइन पर एक्ने का कारण बनते हैं।     डाइट- खाने में ज्यादा मीठे और डेयरी प्रोडक्ट्स भी एक्ने की वजह बन सकते हैं। इन फूड आइटम्स से इंसुलिन स्पाइक होता है, जो एक्ने को बढ़ावा देता है।     तनाव और मानसिक सेहत- जब हम तनाव में होते हैं, तो शरीर कोर्टिसोल हार्मोन रिलीज करता है। इस हार्मोन के कारण त्वचा ज्यादा ऑयल प्रोड्यूस करता है। साथ ही, तनाव के कारण नींद पूरी नहीं होती, जिससे त्वचा को रिपेयर होने का समय नहीं मिलता और एक्ने की समस्या गंभीर हो जाती है। बचाव के लिए क्या करें? एक्ने से छुटकारा पाने के लिए सिर्फ स्किन केयर पर ध्यान देना काफी नहीं है। आपको अपनी लाइफस्टाइल और डाइट में भी कुछ सुधार करने होंगे।     डाइट- अपने खाने में से चीनी, मैदा और ऑयली चीजों की मात्रा कम करें। अगर आपको डेयरी प्रोडक्ट्स से भी एक्ने होता है, तो डॉक्टर से इस बारे में बात करें। साथ ही, डाइट में ताजे फल और हरी सब्जियों को ज्यादा मात्रा में शामिल करें।     हाइड्रेशन- हर दिन कम से कम 3-4 लीटर पानी पिएं ताकि टॉक्सिन्स बाहर निकलें। स्किन को हाइड्रेटेड रखने के लिए भी भरपूर मात्रा में पानी पीना जरूरी है।       नींद- रोजाना 7-8 घंटे की गहरी नींद लें ताकि हार्मोन बैलेंस बना रहे और तनाव भी कम हो।     सफाई- दिन में दो बार माइल्ड क्लींजर का इस्तेमाल करें और तकिए का कवर नियमित बदलें।     डॉक्टर से सलाह- अगर आपको बहुत ज्यादा एक्ने की समस्या है, तो डॉक्टर से सलाह लें। वे पीसीओएस या हार्मोनल इंबैलेंस की जांच कर सकते हैं और एक्ने के लिए आपको मेडिकेटेड क्रीम भी दे सकते हैं।  

पानी की गुणवत्ता सुधारने के लिए 3000 करोड़ का प्लान, जल जीवन मिशन के दूसरे चरण को मिली मंजूरी

चंडीगढ़. हरियाणा में जल जीवन मिशन के दूसरे चरण को लागू करने के लिए शुक्रवार को वर्चुअल माध्यम से केंद्र सरकार व हरियाणा सरकार के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस मौके पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मौजूद रहे। हरियाणा सरकार की ओर से जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शाइन ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी और मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव यशपाल यादव चंडीगढ़ से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जल जीवन मिशन-2.0 के अंतर्गत राज्य सरकारों व केंद्र सरकार के बीच साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए यह एमओयू बहुत महत्वपूर्ण है। जल जीवन मिशन के दूसरे चरण में राज्य सरकार का ध्यान केवल जल आपूर्ति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उसकी गुणवत्ता, स्थिरता और दीर्घकालिक प्रबंधन पर भी केंद्रित होगा। इसके तहत जल भंडारण टैंकों का आधुनिकीकरण, शेष परिवारों को पाइप लाइन की जल आपूर्ति से जोड़ना और दक्षिण हरियाणा के जल संकटग्रस्त क्षेत्रों जैसे नूंह, पलवल और महेंद्रगढ़ में विशेष परियोजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा। इन सभी योजनाओं पर लगभग तीन हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के पहले चरण में हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक नल और पर्याप्त पेयजल की सतत आपूर्ति सुनिश्चित करने का राज्य सरकार ने जो संकल्प लिया, उसे साकार किया गया। वर्ष 2019 में जल जीवन मिशन की जब शुरुआत हुई थी तब हरियाणा में केवल 58 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों में नल का कनेक्शन था, लेकिन सरकार के सतत प्रयासों से छह अप्रैल 2022 को ही सरकार ने शत-प्रतिशत कवरेज हासिल कर देश के अग्रणी राज्यों में अपना स्थान बनाया है। जल की गुणवत्ता सरकार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए कहा कि जल जीवन मिशन के तहत हरियाणा राज्य ने उल्लेखनीय कार्य किया है और पहले चरण में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर उत्कृष्टता साबित की। पाटिल ने जल जीवन मिशन–2 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी राज्यों के साथ समन्वय और समझौते को आवश्यक बताते हुए कहा कि इस दिशा में निरंतर बैठकें आयोजित की जा रही हैं।

हर वक्त उदासी क्यों महसूस करती है आज की जनरेशन? रिसर्च में सामने आई सच्चाई

ऑस्ट्रेलिया की क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने यह पता लगाया है कि अवसाद के शिकार युवाओं के मस्तिष्क और रक्त कोशिकाएं एक असामान्य पैटर्न में काम करती हैं। शोधकर्ता रोजर वरेला के अनुसार, जब ये युवा आराम की स्थिति में होते हैं, तब उनकी कोशिकाएं बहुत अधिक मात्रा में ऊर्जा पैदा करती हैं। लेकिन, जब तनाव के समय या जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त ऊर्जा की मांग होती है, तो ये कोशिकाएं ऊर्जा का उत्पादन बढ़ाने में बुरी तरह संघर्ष करती हैं। इसी असंतुलन की वजह से अवसाद से ग्रसित युवाओं में लगातार थकान और प्रेरणा की कमी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। कैसे हुआ यह बड़ा शोध? यह दिलचस्प शोध 'जर्नल ट्रांसलेशनल सायकिएट्री' में प्रकाशित हुआ है। इस अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं की टीम ने 18 से 25 वर्ष की आयु के 18 ऐसे युवाओं के मस्तिष्क स्कैन और रक्त के नमूनों का गहराई से अध्ययन किया जो अवसाद से पीड़ित थे। इसके बाद, उनके डेटा की तुलना उन स्वस्थ व्यक्तियों से की गई जिन्हें अवसाद नहीं था। शोध की मुख्य लेखिका और एसोसिएट प्रोफेसर सुसान्ना टाय ने बताया कि यह इतिहास में पहली बार है जब वैज्ञानिकों ने अवसादग्रस्त युवाओं के मस्तिष्क और रक्तधारा में सीधे तौर पर थकान से जुड़े अणुओं के पैटर्न को ट्रैक किया है। लंबे समय की समस्याओं का मिलता है संकेत इस शोध से यह भी पता चलता है कि अवसाद की बीमारी के शुरुआती चरण में कोशिकाएं जरूरत से ज्यादा काम कर रही होती हैं। यही अत्यधिक दबाव आगे लंबे समय तक चलने वाली समस्याओं का मुख्य कारण बन सकता है। लेखिका ने स्पष्ट किया कि 'थकान' प्रमुख अवसाद विकार का एक ऐसा आम लक्षण है जिसका इलाज करना सबसे ज्यादा मुश्किल होता है। भविष्य के लिए एक नई उम्मीद इस अध्ययन ने चिकित्सा जगत में एक नई उम्मीद जगाई है। शोधकर्ताओं का मानना है कि इन नए निष्कर्षों की मदद से प्रमुख अवसाद विकार का पहले ही पता लगाया जा सकेगा। इसके अलावा, इससे संभावित रूप से अधिक लक्षित और हर मरीज की जरूरत के हिसाब से व्यक्तिगत उपचार तैयार करने के रास्ते खुलेंगे, जिससे लोगों को इस बीमारी से बाहर निकलने में सही मदद मिल सकेगी।  

दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण 2026 का ऐतिहासिक आगाज दिलीप जायसवाल

बिजुरी  से संजय केसरवानी की रिपोर्ट भारतीय जनता पार्टी मंडल बिजुरी में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण 2026 का ऐतिहासिक आगाज हुआ।  जिसमें प्रमुख रूप से मध्य प्रदेश शासन के राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल की गरिमा में उपस्थिति में आयोजित प्रशिक्षण में दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया  .इसमें मुख्य रूप से नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सहबीन पनिका ,नगर पालिका उपाध्यक्ष श्रीमती प्रीति सतीश शर्मा, मंडल अध्यक्ष बिजुली रविंद्र रिंकू शर्मा, पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष सतीश शर्मा तथा प्रशिक्षण लेने आए हुए नगर पालिका के बूथ अध्यक्ष महामंत्री अन्य लोग उपस्थित रहे राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल जी ने 0 से लेकर शिखर तक का सफर मध्य प्रदेश राज्य के इन 13 वर्षों की उपलब्धियां तथा विभिन्न प्रकार की योजनाओं के बारे में सभी को बताया तथा दिलीप जायसवाल ने क्षेत्र में किए कामों की उपलब्धता को बताया तथा जन-जन के विकास के आधार तथा जन-जन को सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य पूरा किया आगे भी इसी तरह जन-जन की सुविधाओं को मुहैया कराने के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे जन सेवा ही उनका लक्ष्य हमेशा रहा है!

Asia Cup Hockey 2026: अक्टूबर में होगा बड़ा मुकाबला, जालंधर और मोहाली तैयार

चंडीगढ़. पंजाब एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की तैयारी में है। राज्य में एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट के आयोजन को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। सरकार के अनुसार जालंधर और मोहाली के खेल मैदानों का निरीक्षण पूरा कर लिया गया है और अब केवल औपचारिक घोषणा शेष है। जानकारी के मुताबिक यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट अक्टूबर माह में आयोजित किया जा सकता है। संभावना है कि राज्य में चलने वाले “खेड़ां” खेल महोत्सव के समापन के बाद 20 से 25 अक्टूबर के बीच प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में जापान, कोरिया, चीन, सिंगापुर, मलेशिया और पाकिस्तान जैसी मजबूत टीमें हिस्सा लेंगी, जिससे प्रदेश में उच्च स्तर की हॉकी का रोमांच देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह आयोजन केवल खेल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे पंजाब की वैश्विक छवि को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय में राज्य ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए हैं, जिससे प्रशासनिक क्षमता और सुरक्षा व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत हुआ है। पर्यटन और निवेश के अवसर भी बढ़ेंगे सरकार खेल गतिविधियों को लगातार बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। इसी क्रम में मार्च के अंत से बड़े स्तर पर प्रतियोगिताओं का दौर शुरू होने जा रहा है, जिससे खेलों का माहौल और सक्रिय होगा। इससे युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के बेहतर अवसर मिलेंगे और राज्य के खेल ढांचे को नई दिशा मिलेगी। सरकार का मानना है कि बेहतर कानून व्यवस्था के चलते ही पंजाब अब बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी के लिए तैयार हुआ है। एशिया कप हॉकी का सफल आयोजन राज्य को खेल के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के साथ-साथ पर्यटन और निवेश के अवसर भी बढ़ा सकता है।

इंदौर: करण औजला के शो से पहले नगर निगम ने जब्त किया सामान, एंटरटेनमेंट टैक्स न जमा करने पर कार्रवाई

इंदौर  इंदौर में पंजाबी सिंगर करण औजला के शो से पहले नगर निगम की टीम ने कार्यक्रम की जगह पर पहुंचकर सामान जब्त कर लिया। जानकारी के मुताबिक शो से पहले निगम को मनोरंजन कर जमा नहीं करवाया गया है। इस पर यह कार्रवाई की गई। पंजाबी सिंगर का आज शाम ही शो होना है। शो के लिए 3 हजार से 6 लाख रुपये तक के टिकट की बेचे जाने की बात सामने आ रही है। मंच से सामान जब्त, आयोजकों की मिन्नतें नाकाम जब कॉन्सर्ट की अंतिम तैयारियां चल रही थीं, तभी नगर निगम के कर्मचारियों ने एक-एक करके स्टेज पर रखा कीमती साउंड सिस्टम और अन्य साजो-सामान गाड़ियों में भरना शुरू कर दिया। वहां मौजूद कर्मचारियों ने टीम को रोकने की कोशिश की, लेकिन निगम के अधिकारी मनोरंजन कर जमा न होने की बात पर अड़े रहे। यह कार्रवाई इतनी अचानक थी कि आयोजकों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। करोड़ों का कारोबार, पर टैक्स नहीं भरा खबर है कि इस शो के लिए टिकिटों की बिक्री धड़ल्ले से हुई है। 6 लाख रुपये तक के वीआईपी टेबल बुक होने की चर्चा है, लेकिन इस बड़े कारोबार के बीच सरकारी खजाने में जमा होने वाला मनोरंजन कर नहीं पहुंचा। इसी को आधार बनाकर निगम ने अपनी कार्रवाई को अंजाम दिया। आयोजकों ने नहीं सीखा सबक यह पहली बार नहीं है जब इंदौर में किसी बड़े सितारे के शो पर ग्रहण लगा हो। इससे पहले हनी सिंह के शो में भी एक करोड़ का सामान जब्त हुआ था। दिलजीत दोसांझ के मामले के बाद निगम ने स्पष्ट कर दिया था कि अब कार्यक्रम से पहले टैक्स चुकाना अनिवार्य होगा। बावजूद इसके, आयोजकों की इस लापरवाही ने अब हजारों प्रशंसकों के उत्साह को अनिश्चितता में डाल दिया है। कॉन्सर्ट की तैयारी में लगे कर्मचारी उस समय चौक गए जब नगर निगम की टीम वहां पहुंची और एक-एक करके स्टेज पर रखा साउंड सिस्टम और अन्य सामान उठाकर गाड़ी में रखने लगी। इस दौरान कुछ लोगों ने उन्हें ऐसा न करने के लिए कहा, लेकिन नगर निगम के कर्मचारियों ने कार्रवाई जारी रखी।

लिपुलेख दर्रे से भारत-चीन व्यापार शुरू होगा 6 साल बाद, गलवान झड़प के बाद था स्थगित

पिथौरागढ़  उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित लिपुलेख दर्रे के जरिए भारत और चीन के बीच बॉर्डर ट्रेड छह साल बाद फिर से शुरू होने जा रहा है। यह ट्रेड सेशन आमतौर पर जून से सितंबर तक चलता है। डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट आशीष भटगाई ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। विदेश मंत्रालय की ओर से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी होने के बाद यह प्रक्रिया आगे बढ़ी है। लिपुलेख दर्रे के जरिए तिब्बत के साथ बॉर्डर ट्रेड लंबे अंतराल के बाद 1992 में फिर शुरू हुआ था। हालांकि 2019 में COVID-19 महामारी और गलवान झड़प के कारण इसे बंद कर दिया गया था। पिछले साल 18-19 अगस्त को चीनी विदेश मंत्री वांग यी की भारत यात्रा के दौरान भारत-चीन ने रुपए और युआन में ट्रेड करने का फैसला किया था। अब तक यह ‘वस्तु विनिमय’ आधारित यानी सामान के बदले सामान का लेन-देने होता था। लिपुलेख दर्रा औपचारिक व्यापारिक मार्ग ब्रिटिश काल में भी लिपुलेख दर्रा व्यापार और तीर्थयात्रा का प्रमुख केंद्र था। तिब्बत से व्यापारी नमक, बोराक्स, पशु उत्पाद, जड़ी-बूटियां और स्थानीय सामान बेचने आते हैं, जबकि भारतीय व्यापारी बकरी, भेड़, अनाज, मसाले, गुड़, मिश्री, गेहूं वहां ले जाते हैं। भारत-चीन के बीच साल 2005 में 12 करोड़ रुपए का आयात और 39 लाख रुपए का निर्यात हुआ था। साल 2018 में 5.59 करोड़ रुपए का आयात और 96.5 लाख रुपए का निर्यात हुआ था। नेपाल ने समझौते पर आपत्ति जताई थी लिपुलेख के साथ शिपकी ला और नाथु ला दर्रों से भी कारोबार बहाल करने का फैसला लिया गया था। हिमालय के तीन दर्रों से शुरू होने जा रहा भारत-चीन व्यापार पहली बार पूरी तरह सड़क के जरिए होगा। यहां मनी एक्सचेंज भी खुलेगा। हालांकि नेपाल ने इस समझौते पर आपत्ति जताई थी। उसका कहना है कि लिम्पियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी उसके क्षेत्र का हिस्सा हैं। उसने भारत और चीन से इस इलाके में कोई एक्टिविटी न करने की अपील की है। केंद्र ने राज्य सरकार से व्यवस्था करने को कहा विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन को लेटर लिखकर हिमालयी दर्रे के जरिए व्यापार बहाल करने का अनुरोध किया है। लेटर में बताया गया है कि गृह मंत्रालय और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय से भी मंजूरी मिल चुकी है। प्रशासन ने ट्रेड पास जारी करने, करेंसी एक्सचेंज के लिए बैंकों की व्यवस्था, कस्टम विभाग की तैनाती और धारचूला प्रशासन को विस्तृत एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसमें व्यापारियों के लिए ट्रांजिट कैंप, संचार, बैंकिंग, सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाएं शामिल होंगी। व्यापारियों ने फैसले का स्वागत किया उत्तराखंड के पिथौरागढ़ सीमांत व्यापार संगठन के अध्यक्ष जीवन सिंह रोंकाली ने इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे व्यापारियों को 2019 से तकलाकोट (तिब्बत) के वेयरहाउस में रखे सामान को वापस लाने का अवसर मिलेगा।

उमा भारती ने किया सनसनीखेज बयान, जब तक जिंदा हूं राजनीति करूंगी, बहुत लंबा जीने का मन है

टीकमगढ़  मध्य प्रदेश की पूर्व सीएम और  BJP का फायर ब्रांड नेता उमा भारती  Uma Bharti Statement  के एक नए बयान से प्रदेश की राजनीति में हलचल है। टीमकमढ़ में उमा भारती ने ये बड़ा बयान दिया है। उमा भारती ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि वो अभी राजनीति से संन्यास नहीं लेनी वाली है, जब तक वह जिंदा रहेंगी, तब तक राजनीति के मैदान में डटी रहेंगी। इस दौरान उन्होंने लोगों से साथ देने की भी अपील की।दरअसल  टीकमगढ़ में वीरांगना अवंती बाई लोधी के बलिदान दिवस पर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने ये बड़ी अपील करते हुए हुंकार भरी है। सेहत का जिक्र करते हुए उमा भारती काफी भावुक नजर आई Uma Bharti  उमा भारती ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक वह जिंदा रहेंगी, तब तक राजनीति के मैदान में रहेंगी, लोगों से भावुक अपील करते हुए भारती न अपने लंबे जीवन और संघर्ष के लिए आशीर्वाद मांगा. इस मौके पर अपनी सेहत का जिक्र करते हुए उमा भारती काफी भावुक नजर आईं हैं। उन्होंने कहा कि उनका बहुत लंबा जीने का मन है और इसके लिए उन्हें समाज और  लोगो के समर्थन की जरूरत है। जब मैं चल न पाऊं तो लोग उठाकर कुर्सी पर बैठा दिया करें-उमा उमा भारती ने कहा कि कभी ऐसा समय आए और उम्र के साथ ऐसी स्थिति आ जाए कि वह खुद चल न पाएं, तो लोग उन्हें उठाकर कुर्सी पर बैठा दिया करें, लेकिन वह काम करना बंद नहीं करेंगी। उमा भारती ने वाणी, आंख और कान की सलामती पर जोर दिया।  उन्होंने कहा कि जब तक उन्हें दिखाई देगा, कानों से सुनाई देगा और बोलने योग्य रहेंगी तब तक वह जनता के हितों के लिए संघर्ष करती रहेंगी उमा बोलीं- जीवनभर राजनीति करना चाहती हैं भारती ने वीरांगना अवंती बाई लोधी के प्रति गहरी आस्था व्यक्त की. उन्होंने कहा कि वह वीरांगना के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए ही जीवनभर राजनीति करना चाहती हैं। पूर्व सीएम ने कहा कि उनकी सेहत ठीक नहीं रहती लेकिन जनता का प्यार और आशीर्वाद ही उन्हें लड़ने की ताकत देता है।

इन 3 राशियों की बजेगी शहनाई! ब्रह्मांड दे रहा है शादी के संकेत

जब भी कोई जन्म लेता है तो कहा जाता है कि वह ईश्वर के यहां से जन्म, विवाह और मृत्यु लिखवाकर लाता है, जिसे कोई टाल नहीं सकता है. हालांकि लोगों को यह नहीं पता होता है कि उनके जीवन में कब किस तरह की घटनाएं घटित होने वाली हैं, लेकिन वैदिक ज्योतिष ग्रह-नक्षत्रों की चालों से जरूर इशारा करता है कि किस समय क्या योग बन रहे हैं. इस बीच ज्योतिष के अनुसार, ग्रहों की कुछ ऐसी चालें और बदलाव हो रहे हैं जो कुछ राशियों के लिए एक सकारात्मक वर्ष का संकेत दे रहे हैं. ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि इनमें से कुछ लोग 2026 में शादी के बंधन में बंध सकते हैं या उनकी सगाई हो सकती है. ऐसा माना जा रहा है कि बृहस्पति के शुभ भावों में गोचर और शुक्र के कृपापूर्ण प्रभाव से कुछ राशियों के लोगों को उनका लाइफ पार्टनर मिल सकता है और वे शादी के बंधन में बंध सकते हैं. ऐसा इसलिए होगा क्योंकि ग्रहों के ये बदलाव ‘साझेदारी के 7वें भाव’ के अनुकूल हो जाएंगे, जिससे बेहतर रिश्ते, विवाह के प्रस्ताव, सगाई और शादियों के योग बनेंगे. आइए जानते हैं कि इस साल कि राशि के लोगों के शादी में बंधने की संभावना ज्यादा है. वृषभ राशि वैदिक ज्योतिष के अनुसार, 2026 में भविष्यवाणी की गई है कि यह साल इस राशि में जन्मे लोगों के लिए अच्छा रहने वाला है. ऐसा माना जाता है कि वृषभ राशि के जातकों को जून तक शुक्र का प्रबल सहयोग और बृहस्पति की सातवें भाव पर दृष्टि का लाभ मिलेगा, जिससे परिवार की सहमति से विवाह के प्रस्ताव आने की संभावना बढ़ रही है. इस वर्ष विवाह या सगाई होने की संभावना 26-27 अप्रैल के आसपास शुभ मुहूर्तों के दौरान अपने चरम पर रहने वाली है. यह वर्ष भावनात्मक स्थिरता लेकर आएगा, जो रिश्तों की दीर्घकालिकता सुनिश्चित करती है. कर्क राशि ज्योतिष के मुताबिक, माना जाता है कि यह साल कर्क राशि वालों के लिए सकारात्मकता और बदलाव का साल होगा क्योंकि इस राशि में जन्मे लोगों पर ब्रह्मांड से कृपा बरसने वाली है. साल की शुरुआत से बृहस्पति के प्रभाव से कर्क राशि वाले अपने रिश्तों में ज्यादा तालमेल महसूस कर रहे हैं. यह समय भावनात्मक जुड़ाव और लंबे समय तक चलने वाले रिश्ते बनाने के लिए बहुत अच्छा रहने वाला है. इस राशि के लिए शुभ समय 3 फरवरी से शुरू हुआ है और 19 जून के आस-पास तक रहने वाला है. इस समय परिवार के बड़े-बुजुर्ग बेहतर रिश्ते तय करवाने में अहम भूमिका निभाने वाले हैं. इन लोगों के लिए सगाई के बाद प्रेम-संबंधों में सफलता मिलने की संभावना है. कन्या राशि इस साल शुक्र के गोचर के कारण कन्या राशि वालों को अपने रिश्तों में आखिरकार स्पष्टता का अनुभव होने वाला है. माना जा रहा है कि 2 जून तक विवाह के लिए एक प्रबल योग बन रहा है. भविष्यवा की जा रही है कि इस राशि के लोगों की मुलाकात 26 जून या 3 दिसंबर जैसी तारीखों के आसपास अपने जीवनसाथी से हो सकती है, जिससे राहु के कारण होने वाली देरी से बचते हुए उनके विवाह का मार्ग प्रशस्त हो सकता है. हालांकि, आपसी तालमेल से उनके दीर्घकालिक रिश्ते और भी गहरे होंगे.