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पंजाब को मिलेगी विकास की रफ्तार: मुख्यमंत्री मान करेंगे 508 करोड़ के प्रोजेक्ट्स लॉन्च

फाजिल्का/जलालाबाद. पंजाब के जलालाबाद क्षेत्र में आज विकास की बड़ी पहल होने जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान कुछ ही देर में जलालाबाद की अनाज मंडी पहुंचेंगे, जहां वह करीब 508 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। सरकारी जानकारी के अनुसार, इन परियोजनाओं में लगभग 300 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण और 350 किलोमीटर पुराने मार्गों की मरम्मत शामिल है। इससे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था मजबूत होगी और ग्रामीण व शहरी इलाकों के बीच संपर्क बेहतर बनेगा। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने शनिवार से ही तैयारियां तेज कर दी थीं। अब अनाज मंडी को पूरी तरह कार्यक्रम के अनुरूप तैयार कर लिया गया है। मंच, टेंट, बैठने की व्यवस्था, ध्वनि व्यवस्था और बैरिकेडिंग समेत सभी प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग खंड बनाए गए हैं, ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके। अधिकारियों से सुरक्षा व इंतजामों का लिया जायदा डिप्टी कमिश्नर अमरप्रीत कौर संधू ने अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। उनके साथ अतिरिक्त उपायुक्त डाॅ. मनदीप कौर और उपमंडल अधिकारी कंवरजीत सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया और सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की समीक्षा की। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने पूरे क्षेत्र को कड़ी निगरानी में ले लिया है। अनाज मंडी की ओर आने वाले सभी रास्तों पर नाके लगाए गए हैं और हर आने-जाने वाले व्यक्ति की जांच की जा रही है। प्रवेश द्वारों पर धातु जांच उपकरण लगाए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। पैकेज इलाके के लिए बड़ी सौगात स्थानीय विधायक जगदीप कंबोज गोल्डी के अनुसार, यह पैकेज जलालाबाद के लिए अब तक की सबसे बड़ी सौगातों में से एक है। मुख्यमंत्री के पहुंचते ही कई परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया जाएगा, जिसके बाद वह लोगों को संबोधित भी करेंगे। सुबह से ही अनाज मंडी में लोगों की आवाजाही बढ़ती जा रही है और हर कोई मुख्यमंत्री के आगमन का इंतजार कर रहा है। कार्यक्रम को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह और उम्मीद का माहौल बना हुआ है।

तेज रफ्तार ट्रेन में नशे का खेल: वंदे भारत से 24 किलो गांजा बरामद, दो महिलाएं पकड़ी गईं

रायपुर. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने रायपुर रेलवे स्टेशन पर रात घेराबंदी कर वंदे भारत एक्सप्रेस से दो युवतियों को पकड़ा। आरोपित युवतियों से 24 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है, जिसे वे सूटकेस में छिपाकर ले जा रही थीं। एनसीबी को पहले ही सूचना मिली थी कि विशाखापत्तनम की ओर से दो युवतियां मादक पदार्थ लेकर लौट रही हैं। सूचना के आधार पर टीम ने शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे रायपुर स्टेशन पर जाल बिछाया। बिलासपुर के तिफरा की रहने वाली हैं आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, जैसे ही संदिग्ध युवतियां वीआइपी गेट से बाहर निकल रही थीं, तभी टीम ने दबोच लिया। तलाशी में सूटकेस से गांजा बरामद हुआ। गिरफ्तार की गई आरोपित युवतियां बिलासपुर के तिफरा की रहने वाली हैं। इनमें नीलम राठौर (23) और रीना वर्मा (21) शामिल हैं। लग्जरी सफर का लिया सहारा जांच में यह बात सामने आई कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए तस्करों ने वंदे भारत एक्सप्रेस के सेकंड एसी कोच का सहारा लिया। सामान्यतः प्रीमियम ट्रेनों में कड़ी जांच की संभावना कम मानकर तस्कर इस तरह के लग्जरी कोच का उपयोग कर रहे हैं। रायगढ़ में दो करोड़ के पौधे व अफीम जब्त वहीं, आमाघाट में अफीम की खेती का राजफाश होने के बाद जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। फल में चीरा लगाकर 3.02 किलोग्राम अफीम तैयार कर ली गई थी, जिसे आरोपित के घर से बरामद किया गया है। इसके साथ ही खेत से 60,326 अफीम के पौधे जब्त किए गए हैं, जिनका कुल वजन 2,877 किलोग्राम है। अफीम और पौधों की कीमत करीब दो करोड़ रुपये है। 20 मार्च को अफीम की खेती का राजफाश किया था रिकॉर्ड के अनुसार, जिस भूमि पर खेती की जा रही थी, वह पांच खसरा भागों में 70 डिसमिल है। 20 मार्च को पुलिस-प्रशासन की टीम ने आमाघाट क्षेत्र में अफीम की खेती का राजफाश किया था। कार्रवाई के दौरान खेत में काम कर रहे दो व्यक्ति मौके से फरार हो गए, जबकि एक व्यक्ति मार्शल संगा को गिरफ्तार किया गया। वह झारखंड के खूंटी का निवासी है और आमाघाट में घर जमाई बनकर रह रहा था। मार्शल संगा ने घर में छिपा रखी थी 15 लाख की अफीम पूछताछ में मार्शल संगा ने बताया कि उसके पास इस खेती से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं हैं। उसने खूंटी से ही इमानवेल भेंगरा और सीप्रियन भेंगरा को अपने साथ लाने की बात भी स्वीकार की। राजस्व विभाग की टीम ने पुष्टि की कि फसल लगी जमीन पांच खसरा में विभाजित है। मार्शल संगा ने यह भी बताया कि उसने फसल से निकाली गई अफीम को अपने घर में छिपाकर रखा था। उसके निवास पर जाकर जांच करने पर एक प्लास्टिक में 3.02 किलोग्राम अफीम बरामद की गई, जिसकी कीमत 15 लाख 10 हजार रुपये है। पुलिस ने मार्शल संगा, इमानवेल भेंगरा और सीप्रियन भेंगरा के खिलाफ धारा 8 (बी) और 18 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस टीम फरार आरोपितों की तलाश में झारखंड और अन्य संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

ऊर्जा संकट के बीच खुशखबरी: अमेरिका से LPG लेकर मंगलुरु पहुंचा जहाज

न्यू मंगलौर. मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के चौथे सप्ताह में प्रवेश करने के बीच भारत के लिए राहत भरी खबरें सामने आई हैं। अमेरिका के टेक्सास से एलपीजी (LPG) लेकर चला एक बड़ा कार्गो जहाज कर्नाटक के न्यू मंगलौर पोर्ट पर सफलतापूर्वक पहुंच गया है। इसके साथ ही सरकार ने स्पष्ट किया है कि खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय जहाज और नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। न्यू मंगलौर पोर्ट पर अमेरिका से आए इस एलपीजी जहाज का आगमन ऐसे समय में हुआ है जब रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 'होर्मुज जलडमरूमध्य' में तनाव के कारण वैश्विक व्यापार मार्ग बाधित हैं। शिपिंग मंत्रालय ने इस संकट के दौरान ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 14 से 31 मार्च तक कच्चे तेल और एलपीजी के लिए कार्गो शुल्क माफ करने का भी एलान किया है। शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव, राजेश कुमार सिन्हा ने एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में देश को आश्वस्त करते हुए कहा, "पिछले 24 घंटों में किसी भी समुद्री अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। फारस की खाड़ी क्षेत्र में मौजूद हमारे सभी 22 जहाज और 611 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। हम लगातार उनकी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और वर्तमान में किसी भी बंदरगाह पर जाम की स्थिति नहीं है।" कम हुई रसोई गैस की पैनिक बुकिंग पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में एलपीजी संकट अब नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के बीच मची 'पैनिक बुकिंग' में भारी गिरावट आई है। गुरुवार को केवल 55 लाख बुकिंग दर्ज की गई, जो संकट के शुरुआती दिनों की तुलना में काफी कम है। उन्होंने साफ किया कि देश में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और कोई भी वितरण केंद्र खाली नहीं है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए लगातार जोखिम भरे रास्तों से भी सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा है। बुधवार को यह भारतीय कच्चा तेल टैंकर गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर सुरक्षित पहुंचा। लगभग 92,712 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर ये दो भारतीय जहाज 16 और 17 मार्च को होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत पहुंचे थे।

मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव: सऊदी अरब ने ईरानी अफसरों को निकाला बाहर

नई दिल्ली. अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद ईरान ने खाड़ी देशों में जिस तरह से हमले किए हैं उससे अरब के समीकरण ही बिगड़ गए हैं। सऊदी अरब ने ईरानी दूतावास के अधिकारियों को तत्काल देश छोड़ने का फरमान सुना दिया है। सऊदी अरब ने कहा है कि ईरान के सभी अधिकारी 24 घंटे के अंदर देश छोड़ दें। सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने रविवार सुबह यह आदेश जारी किया है। सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान ने सभी अंतरराष्ट्रीय समझौतों को उल्लंघन किया है। एक अच्छे पड़ोसी को अपने पड़ोसी की संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए। ईरान ने बीजिंग समझौते और यूएन सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 2817 का उल्लंघन किया है। सऊदी अरब ने कहा कि तेहरान ने जो कुछ भी किया है उससे इस्लामिक एकता खतरे में पड़ गई है। सऊदी अरब ने कहा कि बार-बार समझाने के बाद भी ईरान अपने पड़ोसी देशों को निशाना बना रहा है। आने वाले समय में उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। सऊदी अरब ने साफ कहा है कि अपनी सुरक्षा के लिए कोई भी कदम उठाने से परहेज नहीं किया जाएगा। इस आदेश के कुछ देर बाद ही सऊदी अरब प्रशासन ने ईरानी ड्रोन को मार गिराने की भी पुष्टि की है। इसके अलावा यह भी कहा गया कि रियाद की तरफ तीन बैलिस्टिक मिसाइल छोड़ी गई थीं जिन्हें असामान में ही ध्वस्त कर दिया गया।

₹213 करोड़ की बड़ी योजना: भोपाल में 10 STP बनेंगे, जल स्रोतों की सेहत सुधरेगी

भोपाल. राजधानी के जल स्रोतों को प्रदूषण मुक्त करने और सीवेज प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए अमृत-2.0 योजना के तहत बड़ा प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। इसके तहत शहर के 10 प्रमुख नालों पर नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) लगाए जाएंगे। इस योजना पर कुल 213.75 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे शहर की सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। रोजाना 360 एमएलडी सीवेज, बड़ा हिस्सा बिना उपचार वर्तमान में भोपाल से प्रतिदिन करीब 360 एमएलडी सीवेज निकलता है। इसमें से लगभग 240 एमएलडी बिना उपचार के सीधे बड़े तालाब, छोटा तालाब, बेतवा नदी और अन्य जल स्रोतों में मिल रहा है। इससे जल स्रोतों का प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है, जो पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है। 171 एमएलडी क्षमता का होगा इजाफा नए एसटीपी प्रोजेक्ट से शहर की उपचार क्षमता में 171 एमएलडी का इजाफा होगा। इसके बाद कुल उपचारित सीवेज 119 एमएलडी से बढ़कर 290 एमएलडी तक पहुंच जाएगा। साथ ही शहर की कुल स्थापित क्षमता 204 एमएलडी से बढ़कर 375 एमएलडी हो जाएगी। भानपुर में बनेगा सबसे बड़ा प्लांट इस परियोजना में सबसे बड़ा एसटीपी भानपुर क्षेत्र में लगाया जाएगा, जिसकी क्षमता 60 एमएलडी होगी। पातरा नाला पर बनने वाले इस प्लांट का उपचारित पानी हलाली डैम में छोड़ा जाएगा। इसके अलावा बावड़िया कलां में 32 एमएलडी और खजूरी कलां में 20 एमएलडी क्षमता के प्लांट प्रस्तावित हैं। 10 स्थानों पर लगेंगे नए एसटीपी चार इमली, समरधा, माता मंदिर, बाणगंगा, अरहेड़ी, एकांत पार्क, कोटरा, खजूरी कलां, बावड़िया कलां और भानपुर सहित कुल 10 स्थानों पर नए एसटीपी स्थापित किए जाएंगे। इनकी कुल क्षमता 171 एमएलडी होगी। वर्तमान एसटीपी पूरी क्षमता से नहीं चल रहे नगर निगम वर्तमान में 17 एसटीपी संचालित कर रहा है, जिनकी कुल क्षमता 204 एमएलडी है। हालांकि, इनमें से केवल 119.63 एमएलडी सीवेज ही उपचारित हो पा रहा है। यह अंतर सिस्टम की कार्यक्षमता पर सवाल खड़े करता है, जिसे सुधारने की जरूरत है। जल स्रोतों को मिलेगा बड़ा लाभ नए प्लांट शुरू होने के बाद शहर के नालों से आने वाला दूषित पानी पहले साफ किया जाएगा, फिर जल स्रोतों में छोड़ा जाएगा। इससे बड़े तालाब, छोटे तालाब और बेतवा नदी के प्रदूषण में कमी आएगी और जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। 17 एसटीपी संचालित – अमृत-टू प्रोजेक्ट के तहत शहर में 10 नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जा रहे हैं। इनसे 171 एमएलडी पानी उपचारित करने के बाद ही विभिन्न जलस्त्रोतों में छोड़ा जाएगा। वर्तमान समय में शहर में 17 एसटीपी संचालित किए जा रहे हैं। – संस्कृति जैन, निगमायुक्त

पंजाब में बेअदबी मामलों पर बड़ा एक्शन, 13 अप्रैल को विशेष सत्र में कानून की तैयारी

अमृतसर. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की है कि पंजाब सरकार बेअदबी के मामलों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए 13 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएगी। इस दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम 2008 में संशोधन कर कठोर प्रविधान जोड़े जाएंगे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित कानून में कड़ी सजा, जुर्माना, दोषियों की संपत्ति जब्त करने और डिजिटल माध्यम से किए जाने वाले अपराधों को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कानून का मसौदा संत समाज और कानूनी विशेषज्ञों से परामर्श के बाद तैयार किया जा रहा है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। अमृतसर के सर्किट हाउस में संत समाज और धार्मिक नेताओं के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि खालसा साजना दिवस के पावन अवसर पर यह विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस घिनौने अपराध के दोषियों को मिसाल कायम करने वाली सजा दिलाने के लिए देश के प्रमुख वकीलों से भी राय ली जाएगी। कानून का उद्देश्य बेअदबी की घटनाओं को रोकना  मुख्यमंत्री ने बताया कि संशोधित कानून का उद्देश्य श्री गुरु ग्रंथ साहिब और अन्य धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी की घटनाओं को रोकना है। इसके लिए व्यापक और मजबूत कानूनी ढांचा तैयार किया जाएगा। उन्होंने संत समाज, विभिन्न संप्रदायों, टकसालों, निहंग समूहों, उदासी और निरमला संप्रदायों, कार सेवा जत्थों, रागियों और कथावाचकों को विशेष सत्र में शामिल होने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां और विधायक डा. इंदरबीर सिंह निज्जर जल्द ही समाना जाकर गुरजीत सिंह खालसा से बातचीत करेंगे और उन्हें अपना विरोध समाप्त कर विशेष सत्र में शामिल होने के लिए आमंत्रित करेंगे। डिजिटल सामग्री से की गई बेअदबी पर भी होगा एक्शन मुख्यमंत्री ने दोहराया कि कानून में सख्त सजा के साथ-साथ दोषियों की संपत्ति जब्त करने और डिजिटल सामग्री के जरिए की गई बेअदबी पर भी कार्रवाई का प्राविधान होगा। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों की धार्मिक भावनाओं का पूरा सम्मान करती है और किसी भी दोषी को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर भी इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए कहा कि अमृतसर में संत समाज के साथ हुई बैठक में इस कानून को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि “केयदि कोई बेअदबी के जरिए लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाने की कोशिश करता है, तो उसे कभी माफ नहीं किया जाएगा और सख्त से सख्त सजा दी जाएगी। बैठक के दौरान संत समाज और विभिन्न धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाने की मांग की। साथ ही उन्होंने गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित करने के लिए राज्य सरकार का धन्यवाद भी किया। बैठक का समापन सामूहिक अरदास के साथ हुआ।

स्कूल हॉस्टल में बड़ा मामला: 10वीं की छात्रा प्रेग्नेंट, कलेक्टर का सख्त एक्शन

सुकमा. जिले के एक शासकीय विद्यालय में कक्षा 10वीं की छात्रा के गर्भवती पाए जाने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है. जांच में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद छात्रावास अधीक्षिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. दरअसल, 17 मार्च को विद्यालय में निवासरत छात्रा के स्वास्थ्य संबंधी सूचना मिलने पर मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया गया था. जांच दल ने 20 मार्च को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें अधीक्षिका द्वारा अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही की पुष्टि की गई. जांच में सामने आया कि छात्रा के गर्भवती होने की जानकारी अधीक्षिका को होने के बावजूद इसे उच्चाधिकारियों से साझा नहीं किया गया. साथ ही, छात्रावास के संचालन में भी खामियां पाई गईं और छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक उजागर हुई. मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर अमित कुमार ने माहेश्वरी निषाद (मूल पद: प्रधान पाठक, प्राथमिक शाला ओडडीन गुड़ा) को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत निलंबित कर दिया है. निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कोंटा निर्धारित किया गया है. विद्यालय के संचालन की जिम्मेदारी आगामी आदेश तक सहायक अधीक्षिका को सौंप दी गई है. जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा और अनुशासन से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी.

छत्तीसगढ़ में शिक्षकों को मिलेगा नया काम, SIR के बाद अब जनगणना की ड्यूटी

राजनांदगांव. एसआईआर की जटिल प्रक्रिया से गुजरने के बाद अब शिक्षको को जनगणना में ड्यूटी देनी होगी. जनगणना शाखा द्वारा इसके लिए जानकारी जुटाई जा रही हैं. अफसरों ने बताया कि, आगामी 31 मार्च तक मकानों की नंबरिंग किए जाने के बाद एक मई से पहले चरण की शुरूआत हो जाएगी. जिला प्रशासन द्वारा शिक्षक की जानकारी शिक्षा विभाग से भी जुटाई जा रही हैं. जनगणना-2027 को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है. जनगणना के प्रथम चरण यानी मकान सूचीकरण की तैयारियों पर विशेष जोर दिया गया. एक मई से शुरू होने वाले जनगणना के लिए प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की सूची जल्द तैयार कर प्रस्तुत करने की तैयारी है. जिसमें 10 प्रतिशत अतिरिक्त रिजर्व स्टाफ भी शामिल किए जाने की तैयारी है. बताया जा रहा है कि, इस कार्य के लिए शासकीय प्राथमिक एवं मिडिल स्कूलों, हेडमास्टरों तथा शासकीय कॉलेजों के स्टाफ की नगरीय ड्यूटी लगाने की तैयारी है. साथ ही सभी निकायों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित शासकीय प्राथमिक एवं मिडिल स्कूलों, हेडमास्टरों तथा शासकीय कॉलेजों के स्टाफ की ड्यूटी इस कार्य में लगाया प्रगणकों विभाग द्वारा जाएगा. जनगणना और पर्यवेक्षकों की विस्तार से ली जा रही है और नियुक्ति से जुड़ी जानकारी उनके पदनाम, मोबाइल नंबर, पता सहित सभी आवश्यक विवरण शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जा रहे हैं. अफसरों की माने तो इस प्रक्रिया में जिले का कोई भी व्यक्ति या परिवार गणना से वंचित नहीं रहना चाहिए. जनगणना-2027 दो चरणों में संपन्न होगी. पहले चरण में 1 मई से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण (हाउस लिस्टिंग) किया जाएगा, जिसमें सभी भवनों और मकानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार जनगणना-2027 का अगले किया जाएगा. इसके बाद दूसरे चरण में माह से पहला चरण होगा शुरू एकत्रित की जाएगी. विग जनसंख्या से संबंधित विस्तृत जानकारी नगरनिगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने मकान सूचीकरण ब्लॉक का कार्य 31 मार्च तक हर हाल में पूरा करने कहा गया था.

पेट्रोलियम मंत्रालय का नया आदेश: 50% ज्यादा LPG मिलेगा, पर इन नियमों का रखना होगा ध्यान

नई दिल्ली सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वाणिज्यिक एलपीजी का अतिरिक्त 20 फीसदी आवंटन मंजूर किया है। इससे कुल आवंटन बढ़कर 50 फीसदी हो गया है। घरेलू उत्पादन में सुधार के कारण स्थिति सामान्य हो रही है। पश्चिम एशिया में तीन सप्ताह के युद्ध से भारत की ऊर्जा आपूर्ति बाधित हुई थी। वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को युद्ध के कारण पहले एलपीजी आपूर्ति में कटौती की गई थी। घरेलू रसोई को प्राथमिकता देने के लिए यह कदम उठाया गया था। बाद में उनकी आपूर्ति का एक पांचवां हिस्सा बहाल किया गया। सरकार ने राज्यों द्वारा पाइप गैस परियोजनाओं में तेजी लाने पर 10 फीसदी अतिरिक्त आपूर्ति की पेशकश की थी। सरकार ने शनिवार को रेस्तरां, होटल, औद्योगिक कैंटीन, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, सामुदायिक रसोई और रियायती खाद्य आउटलेट्स के लिए 20 फीसदी बढ़ी हुई आपूर्ति की घोषणा की। सरकार की ओर से एलपीजी के मामले में प्रवासी श्रमिकों को मदद पहुंचाने का भी भरोसा दिया गया है। सरकार की ओर से कहा गया है कि कमर्शियल सिलिंडर का अतिरिक्त आवंटन वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के तेल कंपनियों के साथ पंजीकरण और पाइप्ड प्राकृतिक गैस कनेक्शन के लिए आवेदन करने पर निर्भर करेगा। एक आधिकारिक बयान में यह भी बताया गया कि घरेलू एलपीजी आपूर्ति स्थिर है और फिलहाल कोई कमी नहीं है। पश्चिम एशिया संकट के बाद क्या बदलाव किया गया था, अब क्या बदला? पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव (ईरान-इस्राइल संघर्ष) के कारण पैदा हुई एलपीजी की किल्लत को कम करने के लिए, भारत सरकार ने कमर्शियल (19 किलो) एलपीजी सिलिंडर का कोटा बढ़ाकर 50% कर दिया है। यह कदम होटल, रेस्तरां, और छोटे व्यापारियों को राहत देने के लिए उठाया गया है, क्योंकि पश्चिम एशिया में जंग शुरू होने के बाद दिल्ली सहित कई राज्यों में कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई सामान्य खपत का केवल 20% (लगभग 1,800 सिलेंडर/दिन) ही सीमित कर दी गई थी, ताकि घरेलू रसोई गैस की प्राथमिकता सुनिश्चित की जा सके। अब केंद्र सरकार ने अतिरिक्त कोटा जारी करते हुए इसे बढ़ाकर 50% कर दिया है। आपूर्ति दबाव कम करने के उपाय सरकार आपूर्ति दबाव कम करने के लिए पाइप प्राकृतिक गैस (पीएनजी) की ओर बदलाव को बढ़ावा दे रही है। विशेष रूप से वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए पीएनजी को प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्यों से शहर गैस वितरण नेटवर्क के लिए अनुमोदन में तेजी लाने का आग्रह किया गया है। सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं। पर्याप्त कच्चे तेल का भंडार पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित कर रहा है। खुदरा दुकानों पर कोई ईंधन की कमी नहीं बताई गई है। प्राकृतिक गैस आपूर्ति और अन्य कदम घरेलू पीएनजी और संपीड़ित प्राकृतिक गैस (सीएनजी) परिवहन सहित प्राथमिकता वाले खंडों को प्राकृतिक गैस की पूरी आपूर्ति मिल रही है। औद्योगिक उपभोक्ताओं को उनकी सामान्य आपूर्ति का करीब 80 फीसदी प्राप्त हो रहा है। अतिरिक्त कदमों में घरेलू एलपीजी उत्पादन में वृद्धि शामिल है। बुकिंग अंतराल भी बढ़ाया गया है ताकि उपभोक्ताओं को सुविधा हो। राज्यों को वैकल्पिक ईंधन विकल्प प्रदान करने के लिए अतिरिक्त केरोसिन आपूर्ति भी की गई है। निगरानी और समुद्री क्षेत्र की स्थिति राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। देशभर में 3,500 से अधिक छापे मारे गए हैं। इन छापों के परिणामस्वरूप करीब 1,400 एलपीजी सिलिंडर जब्त किए गए हैं। अधिकांश राज्यों ने आपूर्ति और वितरण की निगरानी के लिए नियंत्रण कक्ष और जिला स्तरीय निगरानी समितियां स्थापित की हैं। समुद्री क्षेत्र में, सरकार ने बताया कि 22 भारतीय-ध्वज वाले जहाज और 611 नाविक पश्चिमी फारस की खाड़ी क्षेत्र में बने हुए हैं। पिछले 24 घंटों में कोई अप्रिय घटना रिपोर्ट नहीं हुई है।

UPTET 2026 का ऐलान: इस दिन से आवेदन, इस तारीख को होगी परीक्षा

लखनऊ उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। दरअसल, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने UPTET 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, 27 मार्च से ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे और 2 से 4 जुलाई तक परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इच्छुक उम्मीदवार उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 में शामिल होने के लिए आवेदन प्रक्रिया 27 मार्च से आवेदन कर सकते हैं। जबकि आवेदन की अंतिम तिथि 26 अप्रैल निर्धारित की गई है। ऐसे में अभ्यर्थियों को समय रहते आवेदन करने की सलाह दी गई है, ताकि अंतिम समय की परेशानी से बचा जा सके। इस परीक्षा के माध्यम से प्रदेश में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर शिक्षक बनने का सपना देखने वाले लाखों युवाओं को मौका मिलेगा। हर साल की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने की उम्मीद है। ऐसे में माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार UPTET के बाद बड़ी शिक्षक भर्ती का ऐलान कर सकती है। परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए इस बार डिजिटल सिस्टम पर विशेष जोर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, ऑनलाइन प्रक्रिया को मजबूत कर नकल और गड़बड़ी पर लगाम लगाने की तैयारी की गई है। परीक्षा से जुड़ी विस्तृत जानकारी जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से अपडेट्स चेक करते रहें। क्या है UP-TET परीक्षा? यूपी-टीईटी यानी उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा राज्य के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए अनिवार्य परीक्षा है। यह परीक्षा दो स्तरों पर होती है:- – प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5 तक) – उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8 तक) योग्यता क्या होनी चाहिए? – बी.एड, डी.एल.एड या संबंधित विषय में स्नातक डिग्री होना जरूरी है। परीक्षा में निम्नलिखित विषय पूछे जाते हैं: – बाल विकास और शिक्षाशास्त्र – हिंदी भाषा – गणित – पर्यावरण अध्ययन (प्राथमिक स्तर) – विज्ञान / सामाजिक विज्ञान (उच्च प्राथमिक स्तर)