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India-China कनेक्टिविटी में सुधार: बीजिंग और दिल्ली डायरेक्ट फ्लाइट दोबारा शुरू करेगा एअर चाइना

बीजिंग एअर चाइना फिर से बीजिंग और दिल्ली के बीच सीधी उड़ानें शुरू करेगा। यह जानकारी शनिवार को भारत में चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने दी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में यू जिंग ने लिखा, बीजिंग और दिल्ली के बीच एअर चाइना की सीधी उड़ानें फिर से शुरू होना केवल यात्रा तक सीमित नहीं है। यह व्यापार, पर्यटन और भरोसे को बढ़ावा देने वाला कदम है और संघाई सहयोग संगठन (एससीओ) और ब्रिक्स के सदस्य देशों के लोगों के बीच आपसी सहयोग के लिए एक बड़ा सकारात्मक संकेत है। पिछले साल करीब पांच साल के अंतराल के बाद भारत और चीन ने फिर से हवाई सेवाएं शुरू कीं, जिससे दोनों देशों के संबंधों में सुधार का संकेत मिला। एक फरवरी को एअर इंडिया ने शंघाई और दिल्ली के बीच सीधी उड़ान की घोषणा की। इस तरह दोनों शहरों के बीच छह साल बाद फिर से उड़ान सेवा शुरू हुई। इसके अलावा, चीनी एयरलाइन चाइना ईस्टर्न ने भी पिछले साल नवंबर में शंघाई से दिल्ली के लिए उड़ानें शुरू कीं। गलवां घाटी में खूनी झड़प के बाद संबंधों में तनाव साल 2020 में गलवां घाटी में हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के संबंध खराब हो गए थे। इस झड़प में 20 भारतीय सैनिकों का बलिदान हुआ। जबकि चीन ने चार सैनिकों की ही मौत की पुष्टि की थी। अगस्त 2023 में जोहान्सबर्ग में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने तनाव कम करने के लिए प्रयास तेज करने पर सहमति जताई। छह साल में पीएम मोदी ने की थी चीन की यात्रा अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री मोदी ने छह साल में पहली बार चीन का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने शी जिनपिंग से बातचीत की। यह बातचीत ऐसे समय में हुई, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों देशों पर कड़े टैरिफ लगाए थे। इसके बाद उसी महीने चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में कहा कि बीजिंग, अमेरिका की ओर से भारत पर लगाए गए भारी टैरिफ का विरोध करता है और भारत के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।

31 मार्च डेडलाइन! ये जरूरी प्रक्रिया न की तो बंद हो सकती है आपकी पेंशन

पटना बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का लाभ ले रहे लाखों लाभार्थियों के लिए प्रशासन ने सख्त चेतावनी जारी की है। सभी पेंशनधारियों को आगामी 31 मार्च 2026 तक अपना 'जीवन प्रमाणन' कराना अनिवार्य कर दिया गया है। निर्धारित समय सीमा के भीतर यह प्रक्रिया पूरी न करने वाले लाभार्थियों की पेंशन तत्काल प्रभाव से रोक दी जाएगी। बांका में 72 हजार से अधिक आवेदन लंबित प्रशासन का यह कदम सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाने और मृत व्यक्तियों के नाम पर हो रहे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए उठाया गया है। बांका जिला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल 2,52,911 पेंशनधारी पंजीकृत हैं। सेवा केंद्रों के माध्यम से 22 दिसंबर 2025 से निःशुल्क प्रमाणीकरण की प्रक्रिया चल रही है। अब तक 1,80,821 लाभार्थियों का सत्यापन पूरा हो चुका है, लेकिन अभी भी 72,390 पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण लंबित है। इसके अलावा, 2,638 ऐसे मामले हैं जहां आधार मैपिंग की समस्या आ रही है। इन 6 प्रमुख योजनाओं पर लागू होगा नियम जीवन प्रमाणन की यह प्रक्रिया निम्नलिखित योजनाओं के लाभार्थियों के लिए अनिवार्य है:     मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना     इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना     विधवा पेंशन योजना     निःशक्तता (दिव्यांग) पेंशन योजना     लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना     अन्य राजकीय सामाजिक सुरक्षा योजनाएं गलत जानकारी पर होगी कड़ी कार्रवाई जिलाधिकारी (DM) नवदीप शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी जीवित व्यक्ति को गलत तरीके से मृत घोषित कर उसकी पेंशन बंद की जाती है, तो इसकी उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होगी। वहीं, मृत पेंशनधारियों के मामले में परिजनों से लिखित पुष्टि अनिवार्य की गई है। पुष्टि न होने की स्थिति में पेंशन अस्थायी रूप से बंद कर इसकी सूचना पंचायत भवनों और सार्वजनिक स्थलों पर चस्पा की जाएगी।

250 करोड़ का जेट विमान खरीदेगी मध्यप्रदेश सरकार, डिलीवरी की तैयारी तेज

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार को जल्द ही किराए के विमान से मुक्ति मिल जाएगी। राज्य सरकार ने 250 करोड़ का जेट विमान खरीदा है जिसकी जल्द डिलीवरी होगी। कनाडा में सरकार का नया विमान लगभग तैयार हो चुका है। भोपाल लाने के पहले इसका परीक्षण किया जाएगा। इसके लिए पायलट व दो इंजीनियर जून में कनाडा जाएंगे। विमान की जांच के ही इस काम में 50 लाख रुपए लगेंगे। अभी सरकार के पास खुद का विमान नहीं है। जरूरत के वक्त राज्य सरकार द्वारा किराए से विमान लिए जा रहे हैं। कनाडा में राज्य सरकार का नया जेट विमान (चैलेंजर 3500) लगभग तैयार हो गया है। इसे तैयार कर रही बाम्बार्डियर कंपनी जून 2026 के अंत तक सरकार को सौंपने जा रही है। डिलीवरी लेने से पहले विमान की तकनीकी जांच की जाएगी जिसके लिए सरकार ने समिति गठित कर दी है। विमान की तकनीकी जांच के लिए विशेषज्ञों की टीम चिह्नित की गई है। ये निजी विशेषज्ञ हैं, जो जांच के लिए 50 लाख रुपए ले रहे हैं। विमान की जांच टीम में विमानन विभाग में पदस्थ पायलट विश्वास राय, तकनीकी विशेषज्ञ जेपी शर्मा और रश्मि सिंह शामिल हैं।

युद्ध का असर रसोई तक: सोया तेल महंगा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी कीमतें

इंदौर ईरान-इजरायल के बीच जारी तनावपूर्ण संघर्ष के कारण केवल एलपीजी का संकट ही नहीं आया बल्कि अन्य खाद्य सामग्रियों पर भी इसका खासा असर पड़ रहा है। इंदौर Indore में खाद्य तेल महंगा हो गया है। युद्ध लंबा खिंचने से वैश्विक तेजी के कारण सोया तेल Soya Oil के दामों में उछाल आया है। ईरान अमेरिका-इजरायल युद्ध के कारण वैश्विक सप्लाई चेन बाधित हुई है, जिससे कच्चे तेल की कीमतें उच्चतम स्तर तक पहुंच गई हैं। इसके परिणामस्वरूप, भारत सहित दुनिया भर में माल ढुलाई महंगी होने से खाद्य पदार्थों, रसोई तेल और अन्य दैनिक उपभोग की वस्तुओं की कीमतों में भारी उछाल आया है। इंदौर के थोक बाजार में सोयाबीन और पाम तेल की कीमतों में जबर्दस्त इजाफा हुआ है। इसके साथ ही रिटेल में भी खाने का तेल महंगा हो गया है जिससे रसोई के बजट पर दबाव बढ़ गया है। ईरान और अमेरिका के बीच लड़ाई और लंबी खिंचने से भारत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं क्योंकि भारत अपनी जरूरत का 89 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है। इसका एक बड़ा हिस्सा होर्मुज की खाड़ी से आता है। कच्चे तेल की कीमत बढऩे से देश में महंगाई बढ़ सकती है। इंदौर में तेल के भाव लूज तेल (प्रति दस किलो) : इंदौर मूंगफली तेल 1740 से 1760 मुंबई मूंगफली तेल 1770 इंदौर सोयाबीन रिफाइंड 1505 से 1510 इंदौर सोयाबीन साल्वेंट 1450 से 1455 मुंबई सोया रिफाइंड 1500 मुंबई पाम तेल 1430 इंदौर पाम 1500 राजकोट तेलिया 2750 गुजरात लूज 1725 कपास्या तेल इंदौर 1400 रुपए  तिलहन : सरसों निमाड़ी (बारीक) 6300 से 6600, रायडा 5700 से 6000 सोयाबीन 3400 से 5575 रुपए क्विंटल असर सूखे मेवों पर भी सप्लाई प्रभावित का असर सूखे मेवों पर भी पड़ रहा है। इनकी कीमतों में भी लगातार वृद्धि हो रही है- सूखे मेवे : काजू डब्ल्यू 240 नंबर 925 से 975, काजू जेएच 820 से 835, टुकड़ी 770 से 795, बादाम इंडिपेंडेट 775 से 795, कैलिफोर्निया 835 से 850, मोटा दाना 880 से 920, टांच 750 से 770, किशमिश कंधारी 425 से 475, बेस्ट 500 से 550, इंडियन 375 से 400, बेस्ट 415 से 425, चारोली बेस्ट 1850 से 1950, अंजीर बेस्ट 850 से 1150, मखाना 5, बेस्ट 1150 से 1350, पिस्ता कंधारी 2575 से 2750, पिस्ता पिशोरी 3150 से 3200 रुपए।

4 विधायकों के निलंबन पर बवाल: आतिशी सरकार को मिली बड़ी चेतावनी

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा की नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने चेतावनी दी है कि यदि आम आदमी पार्टी के चार विधायकों संजीव झा, कुलदीप कुमार, सोमदत्त और जरनैल सिंह का निलंबन रद्द नहीं हुआ तो पार्टी आगामी बजट सत्र का पूर्ण बहिष्कार करेगी। उन्होंने सत्तारूढ़ भाजपा पर विशेषाधिकार हनन नोटिस और निलंबन के जरिए विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया है। आतिशी के अनुसार, विधायकों को आधिकारिक समूहों से हटाना और समिति की बैठकों में न बुलाना असंवैधानिक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सदन में लोकतांत्रिक मर्यादा का पालन नहीं हुआ और विधायकों का प्रवेश सुनिश्चित नहीं किया गया तो पार्टी जनता के साथ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी। आम आदमी पार्टी की आवाज दबाने का लगाया आरोप सोमवार से शुरू होने वाले सत्र से पहले आतिशी ने एक संवाददाता सम्मेलन में भाजपा पर विशेषाधिकार उल्लंघन के नोटिस और निलंबन के माध्यम से आम आदमी पार्टी की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि विधानसभा अध्यक्ष की ओर से आम आदमी पार्टी के चार विधायकों का निलंबन रद्द नहीं किया गया तो उनकी पार्टी बजट सत्र का बहिष्कार करेगी। विधायकों के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप से भी निकाला आतिशी ने बताया कि पिछले सत्र के दौरान AAP के चार विधायकों को निलंबित कर दिया गया था और उन्हें दिल्ली के विधायकों के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप से भी बाहर कर दिया गया था। दिल्ली विधानसभा की लोक लेखा समिति के सदस्य और आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार को न तो समिति की बैठकों में आमंत्रित किया गया और न ही उन्हें समिति की मसौदा रिपोर्ट भेजी गई। …तो AAP का कोई विधायक बजट सत्र में नहीं होगा शामिल आतिशी ने चेतावनी दी कि यदि संजीव झा, कुलदीप कुमार, सोमदत्त और जरनैल सिंह समेत आम आदमी पार्टी के चार विधायकों का असंवैधानिक निलंबन वापस नहीं लिया गया तो आम आदमी पार्टी का कोई भी विधायक अगले बजट सत्र में शामिल नहीं होगा। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उन्हें अकेले ही विशेषाधिकार उल्लंघन के चार नोटिस दिए गए हैं। आज  से शुरू होगा दिल्ली का बजट सत्र आतिशी ने कहा कि अगर स्पीकर उसके चार विधायकों का निलंबन वापस नहीं लेते हैं तो आम आदमी पार्टी बजट सत्र का बहिष्कार करेगी। यदि विपक्ष की आवाज दबाई गई तो आम आदम पार्टी लाखों लोगों के साथ उनके निर्वाचन क्षेत्रों की सड़कों पर उतरेगी। दिल्ली विधानसभा में सत्तारूढ़ भाजपा के 48 विधायक हैं, जबकि मुख्य विपक्षी दल AAP के 22 विधायक हैं। दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश होने के साथ शुरू होगा।

इस साल दिल्ली कैपिटल्स का होगा जलवा, पूर्व क्रिकेटर को टीम पर पूरा भरोसा

नई दिल्ली दिल्ली कैपिटल्स और पंजाब किंग्स इस सीजन के शुरू होने पर IPL टाइटल के लिए अपने 18 साल के इंतजार को खत्म करना चाहेंगे। जियोस्टार के ‘IPL टुडे लाइव‘ पर बात करते हुए जियोस्टार एक्सपर्ट इरफान पठान और आकाश चोपड़ा ने अपने विचार शेयर किए कि पहले डीसी और पंजाब टीम को किन चीजों से दिक्कत हुई और 2026 में कौन सी टीम कागज पर ज्यादा मजबूत दिखती है जो आखिरकार इस बुरी किस्मत को तोड़ देगी। आकाश चोपड़ा ने उन चुनौतियों के बारे में बताया जिनसे डीसी और पंजाब किंग्स जैसी टीमों को पहले भी परेशानी हुई है। उन्होंने कहा, 'जिसने भी कई ट्रॉफ़ी जीती हैं, यहाँ तक कि गुजरात टाइटन्स भी, जो दो बार फाइनल में पहुंची और अपने पहले दो सालों में ट्रॉफी जीती, आप पाएंगे कि कंसिस्टेंसी और स्टेबिलिटी ने उन्हें सफल होने में मदद की। जहां कोई सफलता नहीं मिलती, वहां टीमें उसे पाने के लिए काट-छांट और बदलाव करती रहती हैं, यह सोचकर कि एक बार सफल हो जाने पर, वे स्टेबल हो जाएंगी। फिर यह मुर्गी और अंडे वाली स्थिति बन जाती है। पंजाब और दिल्ली दोनों के साथ यही समस्या रही है। एक टीम के 15 कप्तान रहे हैं, दूसरी के 17। इसलिए, अगर आप अपना वर्तमान बदलना चाहते हैं, तो स्टेबिलिटी से कोई समझौता नहीं हो सकता। हमने अक्सर देखा है कि बेहतर टीमें पहले या दूसरे मैच में ही अपने सबसे अच्छे कॉम्बिनेशन पर पहुंच जाती हैं, जबकि जो टीमें 25 में से लगभग 22 खिलाड़ियों का इस्तेमाल करके काट-छांट और बदलाव करती रहती हैं, वे टॉप के बजाय सबसे नीचे खत्म करती हैं।' ऑक्शन में डीसी के बेहतर प्रदर्शन पर चोपड़ा ने कहा, 'आईपीएल को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि आपको रीबूट करने का मौका मिलता है। हर तीन साल बाद, एक बड़ा ऑक्शन होता है। दिल्ली को शाबाशी, क्योंकि 2019 से, वे लगातार वहीं या उसके आस-पास रहे हैं, और 2020 में फाइनल में पहुंचे। महिला टीम सभी चार WPL सीजन में फाइनल तक पहुंची है। उन्होंने अपने ऑक्शन सही किए हैं और इस साल, मुझे लगता है कि उनके पास एक बहुत मज़बूत यूनिट है। इसलिए, उम्मीद है कि यह उनका साल हो सकता है।' पंजाब और दिल्ली के बीच कागज़ पर बेहतर दिखने वाली टीम पर उन्होंने कहा, 'कागज पर, मुझे लगता है कि दिल्ली एक ज़्यादा पूरी यूनिट है, जिसमें दो स्पिनरों को छोड़कर लगभग हर स्लॉट के लिए काफी बैकअप हैं, लेकिन आपको पूरे देश में भी अक्षर पटेल और कुलदीप के लिए बैकअप नहीं मिलेंगे।' इरफान पठान ने 2010 की शुरुआत में डीसी के सामने टैलेंट पहचानने की चुनौती के बारे में बताया, 'मैं तीन-तीन साल पंजाब और दिल्ली के साथ था। जब मैं दिल्ली में था, तो एरिक सिमंस, जो अब सीएसके के बॉलिंग कोच हैं, कोच थे, और स्टेबिलिटी लाने की कोशिश की गई थी। लेकिन जब आप एबी डिविलियर्स जैसे खिलाड़यिों को छोड़ देते हैं और आपके पास आंद्रे रसेल होते हैं, तो शुरू से शुरू करना आसान नहीं होता। मैं रसेल के साथ एक ही ड्रेसिंग रूम में खेला था और उसे और मौके देने के बारे में बहुत चर्चा हुई थी, लेकिन वे लगातार ढ्ढ में उसके लिए जगह नहीं बना पाए। इसलिए, टैलेंट की पहचान बहुत ज़रूरी है, और मुझे लगता है कि दिल्ली उस मामले में पीछे रह जाती थी।' टाटा आईपीएल 2025 से पंजाब किंग्स के लिए लीडरशिप ने कैसे बड़ा बदलाव किया है, उन्होंने कहा, 'पंजाब के बदलाव में लीडरशिप का बहुत बड़ा रोल रहा है। आप ऑक्शन टेबल पर आधा आईपीएल जीतते हैं। बड़ी रकम का मतलब यह नहीं है कि आपको हमेशा वही मिलेगा जो आप चाहते हैं, लेकिन उन्हें मिला, और वे फाइनल में पहुंचे। मिनी-ऑक्शन में भी, उन्होंने बोल्ड लेकिन जरूरी फैसले लिए, जैसे ग्लेन मैक्सवेल जैसे खराब परफॉर्म करने वाले खिलाड़यिों को जाने देना। जोश इंगलिस की सिचुएशन में वे थोड़े अनलकी रहे, क्योंकि वह ज़्यादातर सीजन नहीं खेल पाएंगे, लेकिन फिर आप देखते हैं कि दूसरी टीम उन्हें बहुत ज़्यादा कीमत पर लेने की कोशिश कर रही है। इस मामले में, वे बहुत सारे सही फैसले ले रहे हैं। पहले, पंजाब को पूरी तरह से स्ट्रगल करना पड़ा था, लेकिन अब आप अजमतुल्लाह उमरजई और माकर्स स्टोइनिस जैसे ऑलराउंडर देखते हैं, इसके अलावा, उन्होंने श्रेयस अय्यर को कैप्टन बनाने का फैसला करने के बाद उन पर पूरी तरह से दांव लगाया। इसलिए, सोच में क्लैरिटी है, और मुझे लगता है कि पंजाब ने सही दिशा में आगे बढ़ना शुरू कर दिया है।'

8वां वेतन आयोग: लागू होने की तारीख, एरियर भुगतान और कर्मचारियों की डिमांड

नई दिल्ली 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8वां सीपीसी) के शुरुआत के साथ ही केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनर्स उम्मीद कर रहे हैं कि आयोग नवंबर 2025 में टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) जारी होने के 18 महीने के भीतर अपनी रिकमंडेशन रिपोर्ट को पब्लिश करेगा। हालांकि, इस बात को लेकर संशय बना हुआ है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू होंगी या इसके बाद। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) की मांग है कि पे स्केल्स (वेतनमान), अलाउंसेज (भत्तों), पेंशन और दूसरे बेनेफिट्स में रिवीजन 1 जनवरी 2026 से होना चाहिए, ना कि किसी संभावित तारीख से। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस का कहना है कि पे रिवीजन पहले ही देय है। यह बात एक रिपोर्ट में कही गई है। 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए सरकार अगर कोई संभावित तारीख चुनती है तो कर्मचारियों और पेंशनर्स को ठीक-ठाक एरियर्स का नुकसान हो सकता है। 7वें वेतन आयोग का समय 31 दिसंबर 2025 को खत्म हो गया। क्या कहते हैं ट्रेंड? पिछली परिस्थितियों में सरकार ने हमेशा पिछले पे कमीशन (वेतन आयोग) के आखिरी दिन के बाद अगले दिन से एरियर दिए हैं। उदाहरण के लिए अगर हम 6वें वेतन आयोग की एरियर डेट की बात करें तो कमीशन ने अपनी रिपोर्ट मार्च 2008 में सबमिट की, लेकिन कर्मचारियों और पेंशनर्स को 1 जनवरी 2006 से एरियर मिला। पिछले पे कमीशंस की टाइमलाइन 7वां वेतन आयोग फरवरी 2014 में बना। कमीशन ने नवंबर 2015 में अपनी रिपोर्ट जमा की और यह जून 2016 में लागू हुआ, इसमें कुल करीब 2.5 साल लगे। सातवें वेतन आयोग में जनवरी 2016 से जून 2016 तक की अवधि का एरियर दिया गया। 6वां वेतन आयोग अक्टूबर 2006 में बना, आयोग ने अपनी रिपोर्ट मार्च 2008 में सबमिट की और यह अगस्त 2008 में लागू हुआ। इसमें 40 पर्सेंट एरियर का भुगतान 2008 में और 60% का पेमेंट साल 2009 में किया गया। 5वां वेतन आयोग अप्रैल 1994 में बना। पे कमीशन ने अपनी रिपोर्ट जनवरी 1997 में जमा की और यह अक्टूबर 1997 में लागू हुआ। इसमें करीब 3.5 साल लगे। पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) ने स्पष्ट रूप से कहा है कि कंट्रीब्यूटरी नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को वापस लिया जाना चाहिए और नॉन-कंट्रीब्यूटरी ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) को बहाल किया जाना चाहिए। AITUC ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8वें सीपीसी) से जोर दिया है कि पेंशनर्स के हितों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है और पेंशन रिवीजन के जरिए अपनी सिफारिशों में पेंशनर्स को कवर करना चाहिए। साथ ही, पेंशन रेस्टरैशन के कम्प्यूटेशन को मौजूदा 15 साल से घटाकर 11 से 12 साल किया जाना चाहिए। AITUC ने यह भी रिकमंड किया है कि पेंशन में इजाफा हर 5 साल के बाद होना चाहिए। 8वां वेतन आयोग और फिटमेंट फैक्टर 8वें पे कमीशन (8वें वेतन आयोग) ने काम्पन्सेशन रिवीजन्स पर केंद्र सरकार के कर्मचारियों, पेंशनर्स, एंप्लॉयीज यूनियंस और कई दूसरे स्टेकहोल्डर्स से फीडबैक मांगा है। कई एंप्लॉयीज यूनियंस ने अपनी डिमांड रखी हैं, जिसमें फिटमेंट फैक्टर्स भी शामिल है। द फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशंस ने 3.0 से 3.25 की रेंज में फिटमेंट फैक्टर्स रिकमंड किया है।

भारत ने होर्मुज के विकल्प में खोजा रास्ता, अब तेल का भंडार आ रहा है इस नई दिशा से

नई दिल्‍ली मिडिल ईस्‍ट में जंग से तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है, क्‍योंकि खाड़ी देशो से एशिया और यूरोप के देशों में तेल-गैस की सप्‍लाई बाधित हुई है. इन्‍हीं जगहों पर खाड़ी देशों के तेल-गैस की खपत ज्‍यादा होती है. इस बीच, एक रिपोर्ट का दावा है कि भारत कुछ अन्‍य जगहों से भी तेल-गैस का आयात कर रहा है, जो यह संकेत देता है कि अब वह सिर्फ स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज या खाड़ी देशों पर निर्भर नहीं है।  रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की सरकारी कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने टेंडर के जरिए अंगोला से 20 लाख बैरल तेल खरीदा है, क्योंकि महंगे मिडिल ईस्‍ट तेल की उपलब्धता कम होने के कारण भारतीय रिफाइनर वेस्‍ट अफ्रीकी और एशिया-प्रशांत क्षेत्र के तेल की ओर रुख कर रहे हैं।  भारत पहले मिडिल ईस्‍ट पर तेल गैस आयात के लिए 45 फीसदी निर्भर था, लेकिन अब वह नए-नए रास्‍तों की तलाश में है. अमेर‍िका और ईरान के बीच जंग से भारत की एनर्जी सप्‍लाई प्रभावित हुई है. स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्‍ता बंद होने के कारण भारत में LPG की सप्‍लाई सबसे ज्‍यादा बाधित हुई है।  मिडिल ईस्‍ट का तेल दुनिया का सबसे महंगा तेल  ओमान और दुबई के बेंचमार्क में थोड़ी नरमी आई, लेकिन सप्ताह की शुरुआत में इनमें तेजी आई क्योंकि मिडिल ईस्‍ट देशों का कच्चा तेल दुनिया का सबसे महंगा तेल बन गया था. इस सप्ताह की शुरुआत में ब्रेंट फ्यूचर कीमतें 2008 में 147.50 डॉलर के पिछले रिकॉर्ड को पार कर गईं।  एशिया जाने वाले लाखों बैरल मिडिल ईस्‍ट कच्‍चे तेल की कीमत तय करने के लिए इस्‍तेमाल किए जाने वाले बेंचमार्क में अचानक हुई वृद्धि ने एशियाई रिफाइनरों के लिए लागत बढ़ा दी है, जिससे वे विकल्प तलाशने या उत्पादन कम करने के लिए मजबूर हो गए हैं।  कहां कितना तेल खरीद रहा भारत?  रॉयटर्स के अनुसार, एचपीसीएल ने एक्सॉन से क्लोव और कैबिंडा के दस लाख बैरल खरीदे हैं, जिनकी कीमत ब्रेंट क्रूड ऑयल की तुलना में लगभग 15 डॉलर अधिक है और जिनकी डिलीवरी मई 1-10 के बीच होनी है. इस रिफाइनरी ने राजस्थान के रेगिस्तानी राज्य में स्थित अपनी 180,000 बैरल प्रति दिन की क्षमता वाली बाड़मेर रिफाइनरी के लिए तेल खरीदा है।  इस सप्ताह की शुरुआत में, HPCL ने व्यापारी टोट्सा से फोरकाडोस और अगबामी के एक-एक मिलियन बैरल खरीदे. इसके अलावा, इंडियन ऑयल कॉर्प देश की सबसे बड़ी तेल रिफाइन कंपनी भी पश्चिम अफ्रीका से कच्चा तेल खरीदने की कोशिश कर रही थी। 

चार दिन की बारिश का अलर्ट: प्री-मानसून ने बढ़ाई रफ्तार, IMD ने जारी की चेतावनी

नई दिल्ली प्री-मानसून ने जब से देश में दस्तक दी है, मौसम ही बदल गया है। मानसून 2025 सीज़न में पूरे देश में शानदार बारिश देखने को मिली और सीज़न के बाद भी कई राज्यों में बारिश का सिलसिला बना रहा। अब 2026 में प्री-मानसून ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है, जिससे कई राज्यों में फिर से बारिश का दौर शुरू हो गया है। अब देश में प्री-मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। ऐसे में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department – IMD) ने कई राज्यों में 22, 23, 24 और 25 मार्च को भारी बारिश का अलर्ट (Heavy Rain Alert) जारी किया है। उत्तरपश्चिम भारत उत्तरपश्चिम भारत में प्री-मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। ऐसे में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि 22, 23, 24 और 25 मार्च को राजस्थान, दिल्ली, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कई जगह भारी बारिश होगी। इस दौरान कई जगह हल्की बारिश का भी अलर्ट है। साथ ही 40-70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवा चलने, बिजली गरजने और कुछ जगह ओलावृष्टि का भी अलर्ट है। पश्चिम भारत पश्चिम भारत में भी प्री-मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। ऐसे में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि 22, 23, 24 और 25 मार्च के दौरान मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में जमकर बादल बरसेंगे। इस दौरान बिजली गरजने और तेज़ हवा चलने की भी संभावना है। पूर्वी और मध्य भारत पूर्वी और मध्य भारत में भी प्री-मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। ऐसे में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि 22, 23, 24 और 25 मार्च को मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में तेज़ बारिश होगी और कई जगह रिमझिम बारिश भी होगी। इस दौरान कुछ जिलों में 50-80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवा चलने, धूल-भरी आंधी आने, बिजली गरजने और ओलावृष्टि का भी अलर्ट है। उत्तरीपूर्व भारत उत्तरीपूर्व भारत में भी प्री-मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। ऐसे में मौसम विभाग ने असम, मिज़ोरम, मेघालय, त्रिपुरा, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में 22, 23, 24 और 25 को जमकर बादल बरसने का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 30-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवा चलने और बिजली गरजने का भी अलर्ट है। दक्षिण भारत दक्षिण भारत में भी प्री-मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। ऐसे में मौसम विभाग ने कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, तटीय आंध्र प्रदेश, माहे, पुडुचेरी, यनम और कराईकल में 22, 23, 24 और 25 मार्च को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कई जगह 30-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवा चलने का भी अलर्ट है।

रेलवे का बड़ा तोहफा: समर वेकेशन में दौड़ेंगी 18 से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें, जानें टाइमटेबल

भोपाल गर्मियों की छुट्टियां शुरू होते ही ट्रेनों में एक बार फिर भारी भीड़ उमडऩे लगी है। भोपाल रेल मंडल से अब तक 18 से ज्यादा समर स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया है। इसके बावजूद लंबी दूरी की ट्रेनों में ओवर वेटिंग की स्थिति बन रही है। भोपाल रेल मंडल के अनुसार, गोरखपुर, पुणे, मुंबई के लिए अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनों का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। रेलवे द्वारा संचालित समर स्पेशल ट्रेनों में नियमित ट्रेनों के मुकाबले 25 प्रतिशत तक ज्यादा किराया तय किया गया है। इन ट्रेनों का संचालन सीमित अवधि के लिए किया जाएगा। अप्रेल और मई में चलेंगी रेलगाडिय़ां ट्रेन संख्या 01415 पुणे- गोरखपुर स्पेशल ट्रेन यात्रा मांग पर 1 से 30 अप्रैल 2026 तक प्रतिदिन पुणे स्टेशन से सुबह 6:50 बजे प्रस्थान करेगी और दूसरे दिन सायं 4 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। यह स्पेशल ट्रेन मंडल के इटारसी, रानी कमलापति एवं बीना स्टेशनों से गुजरेगी। ट्रेन संख्या 01416 गोरखपुर-पुणे स्पेशल ट्रेन यात्रा मांग पर 2 अप्रैल से 1 मई 2026 तक प्रतिदिन सायं 5:30 बजे गोरखपुर से प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन रात 3:15 बजे पुणे पहुंचेगी।   यह स्पेशल ट्रेन मंडल के बीना, रानी कमलापति एवं इटारसी स्टेशनों से गुजरेगी। ट्रेन संख्या 01079 सीएसएमटी-गोरखपुर स्पेशल ट्रेन यात्रा मांग पर 1 से 30 अप्रैल 2026 तक प्रतिदिन सीएसएमटी स्टेशन से रात 10:30 बजे प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन सुबह 10:00 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। यह स्पेशल ट्रेन मंडल के इटारसी, भोपाल एवं बीना स्टेशनों से गुजरेगी। इसी प्रकार, ट्रेन संख्या 01080 गोरखपुर-सीएसएमटी स्पेशल ट्रेन यात्रा मांग पर 3 अप्रैल से 2 मई 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 2:30 बजे गोरखपुर से प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन मध्यरात्रि 12:40 बजे सीएसएमटी पहुंचेगी। यह स्पेशल ट्रेन मंडल के बीना, भोपाल एवं इटारसी स्टेशनों से गुजरेगी। ऐसे कराएं टिकट ट्रेन में टिकट लेने के लिए IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट (www.irctc.co.in) या 'IRCTC Rail Connect App' पर अकाउंट रजिस्टर करें। यहां पर आपको लॉगिन करना होगा, जिसके लिए यूजरनेम और पासवर्ड डालना होगा। इसके बाद 'From' (जहां से जाना है) और 'To' (जहां तक जाना है) स्टेशन भरें, यात्रा की तारीख चुनें और 'Search Trains' पर क्लिक करें। उपलब्ध ट्रेनों की सूची में से अपनी पसंद की ट्रेन और क्लास (जैसे- Sleeper, 3AC, 2AC) चुनें। यात्रियों का नाम, उम्र और सीट की प्राथमिकता दर्ज करें। क्रेडिट/डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग या UPI के जरिए टिकट का भुगतान करें। पेमेंट पूरा होने के बाद, आपका ई-टिकट (E-ticket) ईमेल और SMS पर आ जाएगा।